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                <title>Indira Gandhi - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>इंदिरा गांधी को दादी कहने पर सदन में हंगामा : विपक्ष ने वेल में आकर जताया विरोध, आसन तक पहुंचे विपक्षी विधायक; स्पीकर ने बुलाए मार्शल </title>
                                    <description><![CDATA[पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को दादी कहने पर विधानसभा में  विपक्ष ने हंगामा कर दिया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/on-calling-indira-gandhi-a-grandmother-the-opposition-came-to/article-105034"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/257r4trer.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को दादी कहने पर विधानसभा में  विपक्ष ने हंगामा कर दिया। सदन में शोरगुल और हंगामा के बीच विपक्षी विधायक विरोध जताने वेल में पहुंचकर आसन तक पहुंच गए। सत्ता पक्ष के विधायक भी वेल की तरफ जाने लगे, तो स्पीकर ने व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस सत्र में पहली बार मार्शल बुलाना पड़ा। हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही 2 बार स्थगित करनी पड़ी। हंगामे के बीच मार्शल से कांग्रेस के विधायक भिड़ गए। प्रश्नकाल में जिला मुख्यालय पर कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल सुविधा को लेकर विधायक अनीता भदेल ने सवाल उठाया था। </p>
<p>इस पर सामाजिक न्याय अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने कहा कामकाजी महिलाओं के लिए 11 जिला मुख्यालय पर कार्य प्रक्रिया जारी है। कामकाजी महिला के भवन निर्माण हेतु भारत सरकार की स्कीम में गाइडलाइन के अनुसार 135.65 करोड रुपए का डीपीआर के लिए प्रस्ताव 24 जनवरी को भिजवाए गए हैं। विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने कहा अजमेर और राजसमंद जिला मुख्यालय पर हॉस्टल को लेकर वर्ष 24-25 की घोषणाएं हैं। इस पर गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री ने कहा है कि पेइंग गेस्ट सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। संभाग मुख्यालय भवन निर्माण के लिए कार्रवाई हो चुकी है। 11 जिला मुख्यालय से आवेदन की कार्य प्रक्रियाधीन है।</p>
<p>शेष जिलों में इसी वित्तीय वर्ष में भूमि आवंटन का प्रयास कर रहे हैं। संभाग मुख्यालय पर 100 और जिला मुख्यालय पर 50 मुख्यालय पर इंदिरा गांधी वर्किंग वुमन स्टोर हॉस्टल की घोषणा की गई थी, लेकिन अफसोस के साथ कहना पड़ रहा है कि कांग्रेस सरकार एक भी रुपए का प्रावधान नहीं किया। एक भी हॉस्टल नहीं खोला। हमारी सरकार में मुख्यमंत्री ने 165 करोड रुपए की प्रस्ताव बनाकर भिजवा दिए। अजमेर में बालिका शहरी चयनित विद्यालय चालू करने में कुछ बाधाएं आ रही है।</p>
<p>सैनिक स्कूल शिक्षा विभाग का विषय है, वंहा 15 एकड़ है।अजमेर विकास प्राधिकरण के पास जमीन आवेदक के लिए लंबित है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा है कि बड़े-बड़े भाषण देने से होस्टल नहीं मिलेगा। हमने बजट मांग लिया, कहां से मांगा। आप तो डीपीआर बनाकर भारत सरकार को भेजो। एक पैसा भी खर्च किया तो बताएं। पिछली सरकार पर टालने से काम नहीं चलने वाला है। एक रुपया भी खर्च किया हो तो बता दीजिए। भूमि का आवंटन कब-कब हुआ सूची बता दीजिए। मंत्री ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष इसी विभाग के मंत्री रहे हैं। जिला मुख्यालय पर जिला कलेक्टर के माध्यम से जमीन आवंटित हुई है। सूची उपलब्ध है, 11 जिलों में बकाया है। उसकी प्रक्रिया महिला बाल विकास मंत्रालय ने देखा है। रामकाजी हॉस्टल का मामला नोडल एजेंसी सामाजिक अधिकारिता विभाग को बनाया गया। </p>
<p>आपने अपनी दादी इंदिरा गांधी के नाम रखा था। इंदिरा गांधी को दादी कहने पर विपक्षी नेताओं में टीकाराम जूली, रामकेश मीणा, गोविन्द डोटासरा सहित अन्य विधायकों ने खड़े होकर विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि ये आपकी दादी क्या है। मंत्री गहलोत ने कहा कि इंदिरा गांधी आपकी दादी नहीं हुई क्या। इस पर नाराज कांग्रेस विधायक वेल में  में आकर नारेबाजी करने लगे। विपक्षी विधायक आसन तक पहुंचकर नारेबाजी करने लगे तो सत्तापक्ष विधायक भी वेल की तरफ बढ़ने लगे। इस पर स्पीकर ने मार्शल बुलाकर व्यवस्था संभालने की कोशिश की। हंगामा बढ़ते देख स्पीकर ने सदन की कार्यवाही पहले आधे घंटे के लिए स्थगित की। बाद में कार्यवाही 2 बजे तक स्थगित कर दी।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 21 Feb 2025 12:19:40 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>जाने राजकाज में क्या है खास</title>
                                    <description><![CDATA[हार्ड कोर वर्कर्स की मन की बात समझने वाले समझ गए, ना समझे वो अनाड़ी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/know-what-is-special-in-governance/article-94029"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-11/rajkaj41.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>चर्चा में रीति-नीति</strong><br />सूबे में पिछले एक सप्ताह से रीति और नीति दोनों की चर्चा जोरों पर है। इससे सरदार पटेल मार्ग स्थित बंगला नंबर 51 में बने भगवा वालों के ठिकाने के साथ ही इंदिरा गांधी भवन में स्थित पीसीसी का ठिकाना भी अछूता नहीं है। उप चुनावों में कैंडिडेटस के सेलेक्शन को लेकर दोनों दलों के हार्ड कोर वर्कर अपने-अपने ठिकानों पर चटकारे लिए बिना नहीं रहते। राज का काज करने वाले भी लंच केबिनों में बतियाते हैं कि पिछले कुछ सालों से कैंडिडेटस के सेलेक्शन में रीति और नीति कोसों दूर है, तो हार्डकोर वर्कर्स भी रामभरोसे हैं। टॉप लीडर्स को लाल आंखें दिखाने का फॉर्मूला अपनाने वाले भाई लोगों की बीस अंगुलियां घी में रहती हैं। हार्ड कोर वर्कर्स की मन की बात समझने वाले समझ गए, ना समझे वो अनाड़ी है।</p>
<p><strong>मायने मुंह से निकली बात के</strong><br />किसी भी बड़े आदमी के मुंह से निकली बात का कोई न कोई मायने जरूर होता है। वो तो उसका अर्थ निकालने वाले पर निर्भर करता है कि वह क्या सोचता है। अब देखो न, भगवा वालों के ठिकाने पर गत दिनों एक खांटी भाई साहब के मुंह से राज की कुर्सी को लेकर जो बात निकली, उसके कई मायने निकाले जा रहे हैं। शेखावाटी की धरा पर पले-पढेÞ और प्योर किसान पुत्र का दावा करने वाले भाई साहब ने भी मौके की नजाकत को भांप कर अपनी जादूगरी दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। आखिरकार भाई साहब ने भी अपना मुंह खोल ही दिया कि मेरी जुबान से निकली बात सही भी हो सकती है। अब ठिकाने में ठाले बैठे भाई लोग अपने-अपने हिसाब से मायने निकाल रहे हैं।</p>
<p><strong>राज वालों पर नहीं विश्वास</strong><br />राज का काज करने वालों का कोई सानी नहीं है। हर बात को घुमाने में माहिर इन भाई लोगों की एक बानगी ने राज करने वालों को भी जता दिया है कि ऐसा-वैसा चलने वाला नहीं है। दरबार के एक रत्न ने विदेश की हवा खाने का सपना देखा और पासपोर्ट के लिए अपने विभाग का काज करने वाले सचिव को सत्यापन प्रमाण पत्र बनाने का हुक्म दे डाला। आदिवासी इलाके से ताल्लुक रखने वाले रत्न को जवाब मिला कि ये काम जीएडी का है। वहां पहुंचे रत्न को यह कहकर टरका दिया कि यहां तो सिर्फ एनओसी मिलती हैं। राज करने वालों की लंच केबिन में चर्चा है कि बैठे ठाले कौन मुसीबत मोल ले, पता नहीं दफा 129 का ही मामला पेण्डिंग हो।</p>
<p><strong>पर्ची का कमाल</strong><br />दिल्ली दरबार की जंग में पांच सीटों पर बल्ले-बल्ले होने के बाद कांग्रेसी भाइयों की हौसलों की उड़ान थम नहीं रही है। किसी नेता की महत्वाकांक्षा कम होने का नाम ही नहीं ले रही। लक्ष्मणगढ वाले गोविन्द जी के उत्तराधिकारी के लिए भी जोड़ तोड़ करने वाले भाई लोग दिल्ली में मैडम के दरबार तक में मत्था टेक आए। कुछ भाई लोगों ने मैडम के सामने जातिगत नेतागीरी करने वाले भाई साहबों के नाम भी परोस दिए। मैडम कुछ फैसला करतीं, इससे पहले एक और पर्ची थमा दी गई। पर्ची का असर भी जोरदार रहा। पर्ची में केवल यह लिखा था कि यह कैसी कांग्रेस है कि राजस्थान में 70 साल के बाद भी दलित और अल्पसंख्यक तबके के लोग संगठन की कुर्सी तक नहीं पहुंच पाए।</p>
<p><strong>एक जुमला यह भी</strong><br />इन दिनों राजधानी के इंदिरा गांधी भवन में बने पीसीसी के ठिकाने पर एक चर्चा जोरों पर है। ठिकाने पर रोजाना आने वाले कार्यकर्ता आपसी संवाद में कबूल करते हैं कि बिना स्ट्रांग लीडरशिप के मतदाता वोट नहीं डालता है। दिल्ली की सरकार की जंग में भी मतदाता की मंशा तो पक्ष में थी, लेकिन लीडरशिप का मैसेज नहीं दिया जा सका। पार्टी भी विपक्ष की हैसियत से वोट नहीं लेना चाहती। सूबे की सरकार और दिल्ली सरकारों के चुनावों की हार का प्रमुख कारण भी लीडरशिप ही है।</p>
<p><strong> एल एल शर्मा</strong><br /><strong> (यह लेखक के अपने विचार हैं)</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 28 Oct 2024 11:59:51 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>Film 'Emergency' रिलीज केे पहले सेंसर बोर्ड में अटकी, कंगना रनौत ने किया व्यक्त दुख</title>
                                    <description><![CDATA[ ज़ी स्टूडियोज़ और मणिकर्णिका फ़ल्म्सि द्वारा निर्मित, 'इमरजेंसी' आपातकाल पर आधारित फिल्म है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/movie-fun/kangana-ranaut-stuck-in-censor-board-before-the-release-of/article-89786"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/emergency-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई। बॉलीवुड अभिनेत्री और फिल्मकार कंगना रनौत अपनी फिल्म इमरजेंसी की रिलीज डेट टलने पर बेहद दुखी हैं। कंगना रनौत की फिल्म 'इमरजेंसी' विवादों में फंसी हुई है। इसे सेंसर सर्टिफिकेट न मिलने पर फिल्म के मेकर्स बॉम्बे हाई कोर्ट पहुंचे थे। फिल्म की रिलीज लगभग दो हफ्ते के लिए अटक गई है। कंगना की इस फिल्म को 06 सितंबर को रिलीज होना था। कोर्ट ने सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन  को आदेश दिया है कि वह 18 सितंबर तक 'इमरजेंसी' के सर्टिफिकेट पर फैसला ले।</p>
<p>'इमरजेंसी' की रिलीज डेट टलने पर कंगना रनौत बेहद दुखी हैं। कंगना रनौत ने अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट में लिखा है कि भारी मन से मैं घोषणा करती हूं कि मेरी निर्देशित 'इमरजेंसी' को पोस्टपोन्ड कर दिया गया है, हम अभी भी सेंसर बोर्ड से सर्टिफिकेट का इंतजार कर रहे हैं, नई रिलीज की तारीख जल्द ही घोषित की जाएगी, आपकी अंडरस्टैंडिंग और पेशंस के लिए थैंक्स।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en" xml:lang="en">With a heavy heart I announce that my directorial Emergency has been postponed, we are still waiting for the certification from censor board, new release date will be announced soon, thanks for your understanding and patience 🙏</p>
— Kangana Ranaut (@KanganaTeam) <a href="https://twitter.com/KanganaTeam/status/1831927010823999759?ref_src=twsrc%5Etfw">September 6, 2024</a></blockquote>
<p>

</p>
<p>गौरतलब है कि ज़ी स्टूडियोज़ और मणिकर्णिका फ़ल्म्सि द्वारा निर्मित, 'इमरजेंसी' आपातकाल पर आधारित फिल्म है। इस फिल्म में कंगना, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के किरदार में नजर आयेंगी।फिल्म 'इमरजेंसी' में कंगना रनौत के अलावा अनुपम खेर, महिमा चौधरी, मिलिंद सोमन, श्रेयस तलपड़े,और दिवंगत सतीश कौशिक भी प्रमुख भूमिकाओं में हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मूवी-मस्ती</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 06 Sep 2024 15:20:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कंगना रनौत ने मीना कुमारी की तारीफ की</title>
                                    <description><![CDATA[रनौत की आगामी फिल्म 'इमरजेंसी' 06 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/movie-fun/kangana-ranaut-praised-meena-kumari/article-84151"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-09/emergency-kangana.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई। बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत ने ट्रेजडी क्वीन, दिवंगत अभिनेत्री मीना कुमारी की तारीफ की है।</p>
<p>कंगना रनौत ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर कमल अमरोही निर्देशित फिल्म पाकीजा से मीना कुमारी की एक क्लिप शेयर की है। इसके साथ कंगना ने लिखा कि मैंने मीना कुमारी के काम को ज्यादा नहीं देखा है, लेकिन मैंने बहुत कुछ पढ़ा है। वह अपने काम के लिए काफी मशहूर थीं। दुख से लेकर हंसी और फिर निराशा तक का यह रोंगटे खड़े कर देने वाला बदलाव सबसे बढ़कर है। उस दौर में दूसरी 'हीरोइंस' को 'एक्ट्रेस' कहने की हिम्मत कोई नहीं करता था, मीडिया और फिल्म इंडस्ट्री कहते थे कि वो सब हीरोइंस हैं, लेकिन एक्ट्रेस एक ही हैं- मीना कुमारी।</p>
<p>कंगना बहुत जल्द फिल्म 'इमरजेंसी' में नजर आने वाली हैं। इस फिल्म में कंगना, दिवंगत प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के किरदार में नजर आयेंगी। फिल्म इमरजेंसी में कंगना रनौत के अलावा महिमा चौधरी, अनुपम खेर,मिलिंद सोमन, श्रेयस तलपड़े समेत कई नामचीन कलाकार भी हैं। यह फिल्म 06 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मूवी-मस्ती</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Jul 2024 13:02:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title> आपातकाल की बरसी पर बोले जोशी, इस दिन लोकतंत्र को रौंदा गया </title>
                                    <description><![CDATA[उन्होंने कहा कि लाल नेहरू , इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और सोनिया गांधी के समय संविधान को कितनी बार बदला गया, भाजपा ने हमेशा लोकतांत्रिक मूल्यों के आधार पर काम किया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/joshi-said-on-the-anniversary-of-emergency-democracy-was-trampled/article-82670"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/photo-size-(1)12.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी ने कहा है कि देश के लिए आपातकाल एक काला अध्याय है। मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि आज के दिन लोकतंत्र को रौंदा गया था। जनसंघ से लेकर भाजपा ने देशहित में आंदोलन किए, नीतियां बनाई, कांग्रेस ने विरोधियों को दबाने के लिए आपातकाल लगाया। लोकतंत्र और संविधान की दुहाई देने वालों को अपना इतिहास देखना चाहिए।</p>
<p>जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और सोनिया गांधी के समय संविधान को कितनी बार बदला गया, भाजपा ने हमेशा लोकतांत्रिक मूल्यों के आधार पर काम किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 25 Jun 2024 15:12:46 +0530</pubDate>
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                <title>पोकरण परमाणु परीक्षण के 50 साल पूरे</title>
                                    <description><![CDATA[बुद्व पूर्णिमा का वह दिन था 18 मई 1974 जब पश्चिमी राजस्थान की पोकरण फायरिंग रेंज में भारत ने पहला परमाणु परीक्षण किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/pokaran-nuclear-test-completes-50-years/article-78408"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/pokran.png" alt=""></a><br /><p>चास बरस पहले वह भी शनिवार का दिन था। रेत के समंदर से नई दिल्ली में किए गए फोन से केवल एक वाक्य कहा गया-बुद्धा इस्माइलिंग याने बुद्व मुस्कराए। इस फोन से कुछ देर पहले थार मरूस्थल की धरती कांपी थी और बाद की खबर से दुनिया धमक गई। बुद्व पूर्णिमा का वह दिन था 18 मई 1974 जब पश्चिमी राजस्थान की पोकरण फायरिंग रेंज में भारत ने पहला परमाणु परीक्षण किया। नया इतिहास रचने वाली तत्कालीन प्रधानमंत्री इन्दिरा गांधी का परमाणु परीक्षण स्थल का दौरा कभी ऊंघते हुए शहर के रूप में अभिषप्त जैसलमेर को विश्व पर्यटन मानचित्र पर अंकित कर दिया। संयोगवश अब 18 मई 2024 का दिन भी शनिवार है। जब पचास बरस पहले परमाणु परीक्षण का ऐतिहासिक पृष्ठ जुड़ा। अलबत्ता इस बार बुद्व पूर्णिमा 23 मई को होगी। इसी इतिहास में 24 वर्ष पश्चात 11 एवं 13 मई 1998 को तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के पांच परमाणु परीक्षण करके नया अध्याय जोड़ा गया। दोनों बार भारत पर लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों की परवाह नहीं की गई।<br />इन्दिरा गांधी की तरह तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी भी परमाणु परीक्षण स्थल का अवलोकन करने आये थे। वाजपेयी ने 1965 में भारत पाक युद्ध के समय तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के प्रसिद्ध नारे-जय जवान-जय किसान में जय विज्ञान शब्द जोड़ने की घोषणा की थी। वाजपेयी 21 मई 1998 को पोकरण आये थे। तत्कालीन रक्षामंत्री जॉर्ज फर्नाडीस, राजस्थान के तत्कालीन राज्यपाल दरबारा सिंह और मुख्यमंत्री भैरोंसिंह शेखावत एवं डॉ.ए.पी.जी. अब्दुल कलाम भी उनके साथ आए थे। संयोगवश यह लेखक न्यूज एजेंसी यूनीवार्ता, यूएनआई के प्रतिनिधि के नाते जयपुर से गई प्रेस पार्टी में सम्मिलित था। भूमिगत गहरे परीक्षण स्थल से बाहर आते समय लेखक के प्रश्न- इस धरती पर आकर आपको क्या अनुभूति हुई के उत्तर में वाजपेयी ने हथेली से ‘वी’ की मुद्रा बनाकर कहा-जय जवान-जय किसान और जय विज्ञान। फील्ड फायरिंग रेंज में सैनिक सम्मेलन तथा पोकरण की जनसभा में भी वाजपेयी ने इसी नारे का उद्घोष किया।<br />भारत के पहले परमाणु परीक्षण के अत्यंत गोपनीय अभियान में 1967 से 1974 के वर्षों में लगभग 75 वैज्ञानिक इंजीनियर प्राण-प्राण से जुटे रहे। भाभा परमाणु अनुसंधान केन्द्र के तत्कालीन निदेशक रामन्ना प्रोजेक्ट हैड तथा भौतिक विज्ञानी पी के आयंगर ने इसका डिजाइन तैयार किया था। इस टीम में भारत के राष्ट्रपति रहे डॉ.ए.पी.जे. अब्दुल कलाम भी शामिल थे। जिन्होने मिसाईल मैन के रूप में 1998 के पांच परमाणु परीक्षणों से अमेरिकी सेटेलाईट को भी धत्ता बताई।<br />पहले परमाणु परीक्षण पर निगाह रखने के लिए परीक्षण स्थल से लगभग पांच कि.मी. दूर बनाए गए मचान पर वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं सैन्य अधिकारी विराजमान थे। इस परमाणु बम का व्यास लगभग सवा मीटर और वजन 1400 किलो था। सेना इसे बालू रेत में छिपाकर परीक्षण स्थल पर लाई। परीक्षण की आखरी तैयारी देखने के लिए वैज्ञानिक वीरेन्द्र सेठी को साईट पर भेजा गया। लेकिन जीप स्टार्ट नहीं होने पर शनिवार 18 मई 1974 को सुबह 8 बजे निर्धारित समय के पांच मिनट बाद परीक्षण होते ही धूल का गुबार उठा तथा थार मरूस्थल में से 8 से 10 कि.मी. दूरी तक धरती कांप उठी। क्षेत्रीय जनता हतप्रभ थी। भारत सरकार की घोषणा से इस परीक्षण की जानकारी मिली। चूंकि भारत पीटीबीटी समझौता करने वाले देशों में शामिल था। लिहाजा ऐसे देश किसी वातावरण में परीक्षण नहीं कर सकते थे। वातावरण से अभिप्राय आसमान पर, पानी के अंदर, समुद्र शामिल थे। तब भारत ने कूटनीतिक दृष्टिकोण अपनाया और भूमिगत परीक्षण करके अपना लक्ष्य पूरा करने के साथ विश्व को चौंकाया। रमन्ना की आत्मकथा इयर्स ऑफ  पिलिग्रिमिज के अनुसार इस अत्यंत गोपनीय प्रोजेक्ट की जानकारी श्रीमती इन्दिरा गांधी, उनके मुख्य सचिव पी एम हकसर, पी एन धर वैज्ञानिक सलाहकार डॉ. नाग चौधरी, भाभा परमाणु अनुसंधान केन्द्र के निदेशक एच एन सेठना तथा खुद रमन्ना तक सीमित थी। ततकालीन रक्षामंत्री जगजीवन राम को भी परीक्षण के पश्चात् सूचित किया गया। पर्यटन दृष्टि से इस परमाणु परीक्षण का <br />अप्रत्यक्ष लाभ जैसलमेर को मिला। परमाणु परीक्षण स्थल का अवलोकन करके इन्दिरा गांधी अचानक जैसलमेर पहुंची और कलात्मक शिल्प सौंदर्य युक्त पटुवों की हवेली देखी। उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री हरिदेव जोशी को पत्र लिखाकर इस विरासत के सरंक्षण संवर्द्वन के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा। और तब से कदम दर कदम पीले पत्थरों से बना जैसाण दुर्ग तथा रेतीले समंदर से सना जैसलमेर देशी विदेशी सैलानियों के आकर्षण का केन्द्र बन गया। मरू मेले ने तो इसमें चार चांद लगा दिए है।                            </p>
<p><strong>-गुलाब बत्रा</strong><br /><strong>(ये लेखक के अपने विचार है)</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 18 May 2024 10:17:53 +0530</pubDate>
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                <title>सैम बहादुर में इंदिरा गांधी की भूमिका निभाने को लेकर नर्वस थी फातिमा सना शेख</title>
                                    <description><![CDATA[बॉलीवुड अभिनेत्री फातिमा सना शेख का कहना है कि वह फिल्म सैम बहादुर में इंदिरा गांधी की भूमिका निभाने को लेकर नर्वस थी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/movie-fun/fatima-sana-shaikh-was-nervous-about-playing-the-role-of/article-63019"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-11/fatima-sana-shaikh.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। बॉलीवुड अभिनेत्री फातिमा सना शेख का कहना है कि वह फिल्म सैम बहादुर में इंदिरा गांधी की भूमिका निभाने को लेकर नर्वस थी।</p>
<p>देश के पहले फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ पर फिल्म सैम बहादुर बनायी गयी है। इस फिल्म में सैम मानेकशॉ का किरदार विक्की कौशल निभा रहे है।</p>
<p>फातिमा सना शेख फिल्म सैम बहादुर में इंदिरा गांधी की भूमिका में नजर आएंगी। फातिमा सना शेख ने कहा कि जब मुझे इंदिरा गांधी का रोल मिला तो मैं नर्वस थी। मुझे नहीं पता था कि मैं इसे कर भी पाऊंगी या नहीं। इंदिरा गांधी का व्यक्तित्व मेरे लिए बहुत बड़ा था। जब मैंने मेघना को इस बारे में बताया तो उन्होंने कहा कि मुझ पर भरोसा रखो। मुझे खुद पर भरोसा नहीं था, लेकिन उन्होंने किया। उन्होंने इंदिरा गांधी से जुड़ी सारी शोध सामग्री मुझे दे दी। इस फिल्म में इंदिरा गांधी का लुक लेने के लिए मेकअप आर्टिस्ट ने मेरे चेहरे की स्वाभाविक चीजों को ही आवश्यकतानुसार ढाला है।</p>
<p>सैम बहादुर फिल्म का निर्देशन मेघना गुलजार ने किया है। इस फिल्म को रॉनी स्क्रूवाला ने प्रोड्यूस किया है। यह फिल्म एक दिसंबर 2023 को रिलीज होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मूवी-मस्ती</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Nov 2023 18:27:35 +0530</pubDate>
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                <title>पिता और दादी ने देश के लिए खून बहाया, जनता ही प्यारी थी उनके लिए - प्रियंका</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस नेता ने कहा कि जब तक आप लोग नेताओं को सबक और उनकी असलियत नहीं समझाओगे तो काम कैसे चलेगा। उन्होंने कहा कि जब घर में एक बच्चा बिगड़ता है, चोरी करता है, तो उसके माता पिता उसको डाटते मारते है, ताकि वह सुधर जाए। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/father-and-grandmother-shed-blood-for-the-country-people-were/article-61751"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-11/anas-mosque(9).png" alt=""></a><br /><p> </p>
<p>सतन। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने आज अपनी दादी पूर्व प्रधानमंत्री मती इंदिरा गांधी और प्रधानमंत्री रहे अपने पिता राजीव गांधी का स्मरण करते हुए कहा कि देश और जनता की सेवा ही उनके लिए सर्वोपरि थी और दोनों ने देश के लिए अपना खून भी बहा दिया</p>
<p>वाड्रा ने उत्तरप्रदेश की सीमा से सटे मध्यप्रदेश के विंध्य अंचल के सतना जिले के चित्रकूट में राज्य विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पार्टी प्रत्याशी के पक्ष में चुनावी सभा को संबोधित किया। उन्होंने भगवान राम और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का भी जिक्र किया और कहा कि यह देश भगवान राम की परंपराओं पर चलने वाला है और महात्मा गांधी ने राम के आदर्शों को अपनाया।</p>
<p>यही वजह है कि जब महात्मा गांधी को गोली मारी गयी, तो उनके मुख से ''हे राम निकला और कांग्रेस पार्टी महात्मा गांधी की परंपरा पर ही चलने वाली है। उन्होंने कहा कि इसी तरह उनकी दादी और पिता ने भी देश के लिए खून बहा दिया। वे हमेशा इस देश की जनता के प्रति जवाबदेह रहे, जबकि आज का भाजपा का नेतृत्व ऐसा नहीं है। </p>
<p>कांग्रेस महासचिव ने केंद्र और राज्य में सत्तारूढ़ दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के शीर्ष नेतृत्व पर जमकर हमला किया और कहा कि अपने आप को ''फकीर और ''मामा  कहने वाले बड़ी बड़ी बातें करते हैं, लेकिन गरीबों, किसानों, महिलाओं और बेरोजगार युवाओं के लिए कुछ नहीं करते।</p>
<p>उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिवराज सिंह चौहान का नाम लिए बगैर कहा कि फकीर कहने वाले नेता ने उत्तरप्रदेश के गन्ना किसानों को 15 हजार करोड़ रुपयों की राहत प्रदान नहीं की और सरकारी पैसे से 16 हजार करोड़ रुपयों के दो विमान अपने लिए खरीद लिए। इसी तरह राज्य में खाद, बीज और अन्य समस्याओं के उठने पर प्रदेश के मुखिया कहते हैं कि ''मामा है ना। लेकिन वे करते कुछ नहीं हैं। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि मामा तो ''कंश भी था।</p>
<p>मती वाड्रा ने आरोप लगाते हुए कहा कि देश में मौजूदा सरकार के मुखिया अपने मित्र ''अंबानी और अडानी को सरकारी संपत्तियां बेच रहे हैं। ये संपत्तियां काफी मेहनत के बाद पूर्ववर्ती सरकारों ने बनायी थीं। ये लोग किसानों, गरीबों, महिलाओं और युवाओं के हित में कार्य नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन सब बातों के मद्देनजर जनता को इन सबको सबक सिखाना चाहिए। चुनाव में वोट के जरिए यह काम किया जा सकता है।</p>
<p>लोकतांत्रिक व्यवस्था में यह शक्ति जनता को मिली हुयी है। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में हम (कांग्रेस) भी अपनी बात रख रहे हैं। आप लोग उनकी (भाजपा) बातें भी सुन रहे हैं। दोनों की बातों पर अच्छे से विचार करिए और फिर जागरुकता के साथ वोट करिए। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि तब आप (जनता) कांग्रेस को ही वोट करने की स्थिति में रहेंगे। </p>
<p>कांग्रेस नेता ने कहा कि जब तक आप लोग नेताओं को सबक और उनकी असलियत नहीं समझाओगे तो काम कैसे चलेगा। उन्होंने कहा कि जब घर में एक बच्चा बिगड़ता है, चोरी करता है, तो उसके माता पिता उसको डाटते मारते है, ताकि वह सुधर जाए। ऐसे ही आप लोगों को ''चोर को ठीक करने के लिए करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो लोग देश की संपत्ति सस्ते दामों में बेच रहे हैं, उनको सबक सिखाना जरूरी है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि देश के समक्ष आज महंगायी, बेरोजगारी, आदिवासी, महिलाओं और किसानों पर अत्याचार बड़े मुद्दे हैं, लेकिन सत्तारूढ़ दल के नेता इन बातों पर ध्यान नहीं देते हैं। इधर उधर की बात कर लोगों को भटकाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि वे ऐसी बातों में नहीं आएं और सही जगह वोट करें। उन्होंने वादा किया कि कांग्रेस ने जो भी वचन दिए हैं, सत्ता में आने पर उन्हें पूरा किया जाएगा। उन्होंने राज्य में पंद्रह माह तक सत्ता में रही कमलनाथ सरकार की ओर से उठाए गए कदमों का जिक्र किया और कहा कि इन कामों को और आगे बढ़ाने के साथ ही वचनपत्र में दिए गए सभी वचनों को पूरा किया जाएगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Nov 2023 18:59:13 +0530</pubDate>
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                <title>आयरन लेडी के सिद्धांत और कार्य शैली को आत्मसात करने की है जरूरत- शांति धारीवाल </title>
                                    <description><![CDATA[व्यापार संघ ने यूडीएच मंत्री  धारीवाल का माला पहनकर स्वागत किया और सौगातों के लिए उनका आभार जताया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/there-is-a-need-to-imbibe-the-principles-and-working-style-of-iron-lady-%E2%80%93-shanti-dhariwal/article-58102"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-09/dhariwal.png" alt=""></a><br /><p>कोटा।शहरवासियों के लिए मंगलवार का दिन सौगातों भरा रहा।  यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल ने एक के बाद एक सात करोड़ से अधिक रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण किया।  निवास पर आम जनता से मुलाकात के बाद धारीवाल सबसे पहले सुभाष चौक पहुंचे जहां पर ढाई सौ दुपहिया वाहन की क्षमता वाला  तीन करोड़ रुपए की लागत से नवनिर्मित पार्किंग स्टैंड का लोकार्पण किया। इससे सब्जी मंडी, इंदिरा मार्केट, बजाज खाना सहित आसपास के दुकानदारों को राहत मिलेगी। व्यस्तम बाजार के व्यापारियों को पार्किंग की सौगात मिलने के बाद उन्होंने मंत्री धारीवाल का स्वागत कर आभार व्यक्त किया । इसके बाद उन्होंने सब्जी मंडी से बजाज खाना तक एक करोड़ की लागत से बनी नई सड़क का लोकार्पण किया।  व्यापार संघ ने यूडीएच मंत्री  धारीवाल का माला पहनकर स्वागत किया और सौगातों के लिए उनका आभार जताया। इसके बाद मंत्री शांति धारीवाल गुमानपुरा पहुंचे जहां उन्होंने 3 करोड़ की लागत से गन मेटल से बनी 11 मीटर ऊंची पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की विशाल प्रतिमा का अनवारण कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गांधीवादी विचारक नरेश विजयवर्गीय से करवाया । इस दौरान वरिष्ठ कांग्रेस नेता नरेश विजयवर्गीय ने कोटा में करवाए गए विकास कार्यों के बारे में सरहाना की ।  </p>
<p>इंदिरा गांधी की प्रतिमा के अनावरण के मौके पर यूडीएच मंत्री  धारीवाल ने संबोधित करते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश में गरीबी हटाओ का नारा देकर जो 20 सूत्री कार्यक्रम शुरू किया था उसकी दुनिया भर में सराहना की गई थी । उनके सिद्धांत और उनकी कार्यशैली को आत्मसात करने की जरूरत है। भारत रत्न इंदिरा गांधी को देश हमेशा याद रखेगा। इस दौरान पीसीसी महासचिव अमित धारीवाल ,जिला अध्यक्ष रविंद्र त्यागी, महापौर मंजू मेहरा ,उपमहापौर सोनू कुरैशी ,यूआईटी ओएसडी आर डी मीना ,यूआईटी सचिव मानसिंह मीणा, मुख्य अभियंता ओपी वर्मा  सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 26 Sep 2023 16:20:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>असम CM हिमंता बिस्वा सरमा ने राहुल से गांधी सरनेम छोड़ने को कहा, कांग्रेस बोली- आप बहुत गिरे हुए हैं</title>
                                    <description><![CDATA[सरमा ने गांधी परिवार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि उन्होंने गांधी सरनेम को हड़पा है। मैंने कई दिन तक इस बारें में रिसर्च किया कि इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी सभी गांधी कैसे बने।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/assam-cm-himanta-biswa-sarma-asked-rahul-to-drop-gandhi-surname-congress-spokesperson-supriya-shrinate-reply-sonia-gandhi-rajiv-gandhi-indira-gandhi/article-56814"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-09/himanta-bisva-sarma-supriya-shrinate.png" alt=""></a><br /><p>असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा अक्सर अपने विवादित बयानों को लेकर चर्चा में रहते है। इस बार उन्होंने राहुल गांधी को गांधी सरनेम छोड़ने के लिए कहा है। सरमा ने गांधी परिवार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि उन्होंने गांधी सरनेम को हड़पा है। मैंने कई दिन तक इस बारें में रिसर्च किया कि इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी सभी गांधी कैसे बने। उन्होंने कांग्रेस की बीजेपी के इंडिया नाम से डरने वाली बात पर कहा कि अगर कल को कोई डकैत अपना नाम गांधी रख लेगा तो क्या वह साधु बन जाएगा। सरमा ने ये बात 10 सितंबर को गुवाहाटी में बीजेपी मुख्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कही थी। </p>
<p>सीएम हिमंता के बयान पर कांग्रेस की ओर से सुप्रिया श्रीनेत ने करारा जवाब देते हुए कहा कि आपका नाम आपके पिता श्री कैलाश नाथ सरमा जी से ही पड़ा ना? वैसे ही राजीव जी का अपने पिता फ़िरोज़ गांधी से पड़ा और वही उनके पोते का भी हुआ। उन्होंने सरमा के लिए कहा कि आप बहुत गिरे हुए हैं।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="hi" xml:lang="hi">आपका नाम आपके पिता श्री कैलाश नाथ सरमा जी से ही पड़ा ना????<br /><br />वैसे ही राजीव जी का अपने पिता फ़िरोज़ गांधी से पड़ा और वही उनके पोते का भी हुआ<br /><br />गिरे हुए तो आप बहुत हैं - सड़ हुए भी काफ़ी हैं <a href="https://twitter.com/himantabiswa?ref_src=twsrc%5Etfw">@himantabiswa</a> <br /><br /><a href="https://t.co/oOKbTs3v6F">pic.twitter.com/oOKbTs3v6F</a></p>
— Supriya Shrinate (@SupriyaShrinate) <a href="https://twitter.com/SupriyaShrinate/status/1700916350095630802?ref_src=twsrc%5Etfw">September 10, 2023</a></blockquote>
<p>

</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 Sep 2023 14:45:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जानिए क्या होता है अविश्वास प्रस्ताव और इससे जुड़ा इतिहास, सदन में लाने की क्या है शर्ते और नियम</title>
                                    <description><![CDATA[अगर सरकार कोई बिल लोकसभा में लेकर आती है और वो अगर वह बिल लोकसभा में गिर जाता है तो भी यह माना जाएगा कि सरकार ने विश्वास मत खो दिया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/know-what-is-no-confidence-motion-and-the-history-related-to-it--what-are-the-conditions-and-rules-for-bringing-it-in-the-house/article-52916"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-07/lock.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारत एक लोकतांत्रिक देश है जिसमें संसदीय व्यवस्था है जो कि यूके से संविधान से हमने अपनाई है। इसके तहत संसद के तीन अंग होंगे जिसमें लोकसभा, राज्यसभा और राष्ट्रपति होंगे। लोकसभा में जिस राजनीतिक दल या गठबंधन के पास बहुमत होगा वो राजनीतिक दल या गठबंधन एक नेता का चुनाव करेगा। राष्ट्रपति उसे प्रधानमंत्री पद की शपथ दिलाएगा। कोई भी नेता तब तक प्रधानमंत्री पद पर बना रहेगा जब तक उसके पास लोकसभा में बहुमत रहेगा। यहां तक की अगर सरकार कोई बिल लोकसभा में लेकर आती है और वो अगर वह बिल लोकसभा में गिर जाता है तो भी यह माना जाएगा कि सरकार ने विश्वास मत खो दिया है। <br /><br /><strong>अभी क्यों लाया जा रहा है अविश्वास प्रस्ताव</strong><br />विपक्ष लगातार सरकार पर मणिपुर हिंसा पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की चुप्पी को लेकर हमलावर है और हाल ही में विपक्षी दलों ने अपने गठबंधन INDIA की घोषणा की है तो सब मिलकर अपनी विपक्षी एकता भी दिखाना चाहते है। <br /><br /><strong>क्या है अविश्वास प्रस्ताव का इतिहास</strong><br />सरकार समय-समय पर विभिन्न मुद्दों पर और सरकार गिराने के दावों के साथ सदन में अविश्वास प्रस्ताव लाती है। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद जब 1951-52 में पहली बार लोकसभा चुनाव हुआ था और सरकार का गठन हुआ तब से ही विपक्ष कोशिश करता आया है कि सरकार को किसी भी तरह गिराया जाए।</p>
<p>1963 के बाद कुल 27 बार अविश्वास प्रस्ताव लाया जा चुका है जिसमें सर्वाधिक 15 बार इन्दिरा गाँधी के खिलाफ लाया गया है। <br /><br /><strong>सरकार के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव इस प्रकार है-</strong></p>
<table style="border-collapse:collapse;width:100.054%;height:1285.6px;" border="1"><colgroup><col style="width:24.9595%;" /><col style="width:24.9595%;" /><col style="width:26.0389%;" /><col style="width:23.8802%;" /></colgroup>
<tbody>
<tr style="height:49px;">
<td style="height:49px;"><span style="font-family:'arial black', sans-serif;font-size:12pt;"><strong><span lang="hi" style="line-height:115%;" xml:lang="hi">प्रधानमंत्री<span>              </span></span></strong></span></td>
<td style="height:49px;"><span style="font-size:12pt;"><strong><span lang="hi" style="line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">वोटिंग डेट<span>            </span></span></strong></span></td>
<td style="height:49px;"><span style="font-size:12pt;"><strong><span lang="hi" style="line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">समर्थन में मत<span>          </span></span></strong></span></td>
<td style="height:49px;"><span style="font-size:12pt;"><strong><span lang="hi" style="line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">विपक्ष में मत</span></strong></span></td>
</tr>
<tr style="height:45.8px;">
<td style="height:45.8px;">
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जवाहर लाल नेहरू<span>       </span></span></p>
</td>
<td style="height:45.8px;"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">22/08/1963<span>              </span></span></td>
<td style="height:45.8px;"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"><span><span style="font-family:'andale mono', monospace;">62</span>              </span></span></td>
<td style="height:45.8px;"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">347</span></td>
</tr>
<tr style="height:45.8px;">
<td style="height:45.8px;"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">लाल बहादुर शास्त्री<span>       </span></span></td>
<td style="height:45.8px;"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">18/09/1964<span>             </span></span></td>
<td style="height:45.8px;"><span style="font-family:'andale mono', monospace;">50</span></td>
<td style="height:45.8px;">307</td>
</tr>
<tr style="height:45.8px;">
<td style="height:45.8px;"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">लाल बहादुर शास्त्री<span>       </span></span></td>
<td style="height:45.8px;"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">16/03/1965<span>             </span></span></td>
<td style="height:45.8px;"><span style="font-family:'andale mono', monospace;">44</span></td>
<td style="height:45.8px;">315</td>
</tr>
<tr style="height:45.8px;">
<td style="height:45.8px;"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">लाल बहादुर शास्त्री<span>       </span></span></td>
<td style="height:45.8px;"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">26/08/1965<span>             </span></span></td>
<td style="height:45.8px;"><span style="font-family:'times new roman', times, serif;">66</span></td>
<td style="height:45.8px;">318</td>
</tr>
<tr style="height:45.8px;">
<td style="height:45.8px;"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इन्दिरा गाँधी<span>            </span></span></td>
<td style="height:45.8px;"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">04/08/1966<span>             </span></span></td>
<td style="height:45.8px;">61</td>
<td style="height:45.8px;">270</td>
</tr>
<tr style="height:45.8px;">
<td style="height:45.8px;"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इन्दिरा गाँधी<span>            </span></span></td>
<td style="height:45.8px;"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">07/11/1966<span>   </span><span>          </span></span></td>
<td style="height:45.8px;">36</td>
<td style="height:45.8px;">235</td>
</tr>
<tr style="height:45.8px;">
<td style="height:45.8px;"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इन्दिरा गाँधी<span>            </span></span></td>
<td style="height:45.8px;"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">20/03/1967<span>   </span><span>          </span></span></td>
<td style="height:45.8px;">162</td>
<td style="height:45.8px;">257</td>
</tr>
<tr style="height:45.8px;">
<td style="height:45.8px;"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इन्दिरा गाँधी<span>            </span></span></td>
<td style="height:45.8px;"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">24/11/1967 <span>           </span><span> </span></span></td>
<td style="height:45.8px;">88</td>
<td style="height:45.8px;">215</td>
</tr>
<tr style="height:45.8px;">
<td style="height:45.8px;"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इन्दिरा गाँधी<span>            </span></span></td>
<td style="height:45.8px;"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">28/02/1968<span>    </span><span>          </span></span></td>
<td style="height:45.8px;">75</td>
<td style="height:45.8px;">205</td>
</tr>
<tr style="height:45.8px;">
<td style="height:45.8px;"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इन्दिरा गाँधी<span>            </span></span></td>
<td style="height:45.8px;"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">13/11/1968<span>  </span><span>            </span></span></td>
<td style="height:45.8px;">90</td>
<td style="height:45.8px;">222</td>
</tr>
<tr style="height:45.8px;">
<td style="height:45.8px;"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इन्दिरा गाँधी<span>            </span></span></td>
<td style="height:45.8px;"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">20/02/1969<span>    </span><span>          </span></span></td>
<td style="height:45.8px;">86</td>
<td style="height:45.8px;">215</td>
</tr>
<tr style="height:45.8px;">
<td style="height:45.8px;"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इन्दिरा गाँधी<span>            </span></span></td>
<td style="height:45.8px;"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">29/07/1970<span>   </span><span>         </span><span> </span></span></td>
<td style="height:45.8px;">137</td>
<td style="height:45.8px;">243</td>
</tr>
<tr style="height:45.8px;">
<td style="height:45.8px;"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इन्दिरा गाँधी<span>            </span></span></td>
<td style="height:45.8px;"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">22/11/1973 <span>            </span></span></td>
<td style="height:45.8px;">54</td>
<td style="height:45.8px;">251</td>
</tr>
<tr style="height:45.8px;">
<td style="height:45.8px;"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इन्दिरा गाँधी<span>            </span></span></td>
<td style="height:45.8px;"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">10/05/1974<span>    </span><span>          </span><span> </span></span></td>
<td style="height:45.8px;"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">ध्वनिमत से खारिज</span></td>
<td style="height:45.8px;"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">ध्वनिमत से खारिज</span></td>
</tr>
<tr style="height:45.8px;">
<td style="height:45.8px;"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इन्दिरा गाँधी<span>            </span></span></td>
<td style="height:45.8px;"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">25/07/1974<span>    </span><span>         </span></span></td>
<td style="height:45.8px;">63</td>
<td style="height:45.8px;">297</td>
</tr>
<tr style="height:45.8px;">
<td style="height:45.8px;"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इन्दिरा गाँधी<span>            </span></span></td>
<td style="height:45.8px;"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">09/05/1975<span>    </span><span>          </span><span> </span></span></td>
<td style="height:45.8px;"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">ध्वनिमत से खारिज</span></td>
<td style="height:45.8px;"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">ध्वनिमत से खारिज</span></td>
</tr>
<tr style="height:45.8px;">
<td style="height:45.8px;"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मोराररजी देसाई<span>  </span><span>     </span></span></td>
<td style="height:45.8px;"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">11/05/1978<span>  </span><span>     </span><span>       </span><span> </span></span></td>
<td style="height:45.8px;"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">ध्वनिमत से खारिज</span></td>
<td style="height:45.8px;"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">ध्वनिमत से खारिज</span></td>
</tr>
<tr style="height:45.8px;">
<td style="height:45.8px;"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मोराररजी देसाई<span>  </span><span>     </span></span></td>
<td style="height:45.8px;"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">12/07/1979<span>   </span><span>           </span></span></td>
<td style="height:45.8px;"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">पीएम ने इस्तीफा दिया</span></td>
<td style="height:45.8px;"> </td>
</tr>
<tr style="height:45.8px;">
<td style="height:45.8px;"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इन्दिरा गाँधी<span>            </span></span></td>
<td style="height:45.8px;"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">09/05/1981<span>    </span><span>        </span></span></td>
<td style="height:45.8px;">92</td>
<td style="height:45.8px;">278</td>
</tr>
<tr style="height:45.8px;">
<td style="height:45.8px;"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इन्दिरा गाँधी<span>            </span></span></td>
<td style="height:45.8px;"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">17/09/1981<span>     </span><span>       </span></span></td>
<td style="height:45.8px;">86</td>
<td style="height:45.8px;">297</td>
</tr>
<tr style="height:45.8px;">
<td style="height:45.8px;"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इन्दिरा गाँधी<span>            </span></span></td>
<td style="height:45.8px;"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">16/08/1982<span>    </span><span>       </span></span></td>
<td style="height:45.8px;">112</td>
<td style="height:45.8px;">233</td>
</tr>
<tr style="height:45.8px;">
<td style="height:45.8px;"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">राजीव गाँधी<span>     </span><span>      </span></span></td>
<td style="height:45.8px;"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">11/12/1987<span>      </span><span>       </span></span></td>
<td style="height:45.8px;"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">ध्वनिमत से खारिज</span></td>
<td style="height:45.8px;"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">ध्वनिमत से खारिज</span></td>
</tr>
<tr style="height:45.8px;">
<td style="height:45.8px;"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">पीवी नरसिंहा राव<span>   </span><span>    </span></span></td>
<td style="height:45.8px;"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">17/07/1992<span>     </span><span>     </span></span></td>
<td style="height:45.8px;">225</td>
<td style="height:45.8px;">271</td>
</tr>
<tr style="height:45.8px;">
<td style="height:45.8px;"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">पीवी नरसिंहा राव<span>   </span><span>    </span></span></td>
<td style="height:45.8px;"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">21/12/1992<span>    </span><span>     </span></span></td>
<td style="height:45.8px;">111</td>
<td style="height:45.8px;">336</td>
</tr>
<tr style="height:45.8px;">
<td style="height:45.8px;"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">पीवी नरसिंहा राव<span>   </span><span>    </span></span></td>
<td style="height:45.8px;"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">28/07/1993<span>     </span><span>   </span><span> </span></span></td>
<td style="height:45.8px;">251</td>
<td style="height:45.8px;">262</td>
</tr>
<tr style="height:45.8px;">
<td style="height:45.8px;"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अटल बिहारी वाजपेयी<span>   </span></span></td>
<td style="height:45.8px;"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">19/08/2003<span>      </span><span>   </span></span></td>
<td style="height:45.8px;">189</td>
<td style="height:45.8px;">314</td>
</tr>
<tr style="height:45.8px;">
<td style="height:45.8px;"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">नरेन्द्र मोदी<span>            </span></span></td>
<td style="height:45.8px;"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">20/07/2018<span>        </span></span></td>
<td style="height:45.8px;">135</td>
<td style="height:45.8px;">330</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p><br /><strong>अविश्वास प्रस्ताव लाने की शर्तें-</strong><br />अविश्वास प्रस्ताव को सदन में लाने के लिए निम्नतम 50 सदस्यों का समर्थन जरूरी होता है। 50 सदस्यों के समर्थन के बाद  विपक्ष द्वारा प्रस्ताव को सदन के पटल पर रखा जाता है और जब लोकसभा अध्यक्ष इसे मंजूर कर लेता है तो फिर इस पर चर्चा होती है जिसके बाद लोकसभा में वोटिंग होती है और सरकार अपना बहुमत सिद्द नहीं कर पाती है तो प्रधानमंत्री समेत पूरी केबिनेट को इस्तीफा देना पड़ता है। <br /><br /><strong>सरकार अपने शक्ति प्रदर्शन के लिए भी लेकर आती है विश्वास मत </strong><br />लोकसभा में बहुमत प्राप्त दल सरकार में रहता है लेकिन कभी-कभी सरकार पर अगर विपक्ष द्वारा विश्वास खोने का आरोप लगाया जाता है तो सरकार शक्ति प्रदर्शन के लिए भी लोकसभा में विश्वास मत लेकर आती है जब सरकार पूरी तरह आश्वस्त हो।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 27 Jul 2023 15:18:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>कांग्रेस ने मुझे भी 16 महीने जेल में डाला था :राजनाथ</title>
                                    <description><![CDATA[राजनाथ ने फतेहपुरसीकरी लोकसभा क्षेत्र के कागारौल में कहा कि आज 25 जून का दिन है। इसी दिन 1975 में आपातकाल लगाया गया था और लोकतंत्र का गला घोंट दिया गया था। मैंने भी 16 महीने जेल में बिताए थे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/congress-also-put-me-in-jail-for-16-months--rajnath/article-49981"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-06/rajnath-singh.png" alt=""></a><br /><p>आगरा। रक्षा मंत्री राजनाथ ङ्क्षसह ने उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में कागारौल ग्रामीण क्षेत्र में रविवार को जनसभा में  कांग्रेस को जमकर आड़े हाथों लेते हुए कहा कि  आज ही के दिन कांग्रेस ने देश में आपातकाल लगाते हुए लोकतंत्र की हत्या की थी, यह काला अध्याय सदैव याद रखा जाएगा।</p>
<p>केंद्र सरकार के नौ वर्ष पूरे होने पर भाजपा महा जनसंपर्क अभियान चला रही है। इस अभियान को और गति देने के लिए रविवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह यहां आए। उन्होंने अपनी पहली जनसभा फतेहपुरसीकरी लोकसभा क्षेत्र के कागारौल में करते हुए कहा कि आज 25 जून का दिन है। इसी दिन 1975 में आपातकाल लगाया गया था और लोकतंत्र का गला घोंट दिया गया था। मैंने भी 16 महीने जेल में बिताए थे।</p>
<p>सिंह ने कहा कि कांग्रेस पटना में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को हटाने के लिए बैठक कर रही है। कहती है देश में लोकतंत्र नहीं तो हिमाचल, राजस्थान, कर्नाटक में उनकी सरकार कैसे बनी। प्रधानमंत्री मोदी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का मान बढ़ाया है। देश को आर्थिक रूप से भी सशक्त बनाया है। वर्ष 2014 में अर्थव्यवस्था में 11वें स्थान पर रहा देश आज पांचवें स्थान पर आ चुका है।</p>
<p>रक्षामंत्री ने कहा कि देश की सीमाएं सुरक्षित है। पाकिस्तान ने उरी में कायराना हरकत की थी तो हमने सीमा के अंदर घुस के आतंकवाद का सफाया किया। गांव, गरीब, किसान के लिए काम हो रहा है मुफ्त राशन मिल रहा है कुछ लोग तो बेच भी ले रहे हैं। उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुरुस्त बनाया है। किसी भी राज्य के विकास के लिए यह सबसे जरूरी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/congress-also-put-me-in-jail-for-16-months--rajnath/article-49981</link>
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                <pubDate>Sun, 25 Jun 2023 17:06:30 +0530</pubDate>
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