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                <title>nature beauty - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>बह निकली बाणगंगा और रोड़ा नदी, झरने देखने उमड़े लोग</title>
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                        <![CDATA[रामगढ़ बांध में पानी लाने वाली मुख्य बाणगंगा नदी बह निकली। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/people-gathered-to-see-banganga-and-roda-river-waterfalls/article-122153"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/1ne1ws-(6).png" alt=""></a><br /><p>जमवारामगढ़। रामगढ़ बांध में पानी लाने वाली मुख्य बाणगंगा नदी बह निकली, लेकिन पानी की रफ्तार कम होने के कारण ताला गांव के पास ही पानी रुक गया। इसके अलावा रामगढ़ बांध की सहायता रोड़ा नदी का पानी भी रामगढ़ बांध तक नहीं पहुंच सका।</p>
<p>रात से हो रही बरसात से वन्य जीव अभयारण्य क्षेत्र में स्थित पहाड़ों से झरनें बहने की जानकारी मिलते ही भीड़ उमड़ पड़ी। भाजपा नेता एचएस परिडवाल ने बताया कि इस क्षेत्र में टाइगर एसटी-24 का भी मूवमेंट रहता है, लेकिन लोग बिना जान की परवाह किए हुए पहाड़ों पर पहुंच गए। </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 31 Jul 2025 11:40:50 +0530</pubDate>
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                <title>शाहाबाद की प्राकृतिक सुंदरता बनी आकर्षण का केन्द्र </title>
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                        <![CDATA[शाहाबाद कुंडा खो जलप्रपात बरसात के समय में सबसे अधिक आकर्षण का केंद्र बना हुआ है, लगभग 400 फीट ऊंचाई से झरना गिरता है एवं जंगल के बीचो बीच होने के कारण लोगों के लिए काफी आकर्षण दिखाई देता है। कुंडा को जलप्रपात पर रोजाना आसपास क्षेत्र के लोग देखने को पहुंच रहे हैं। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/the-natural-beauty-of-shahabad-became-the-center-of-attraction/article-23972"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-09/shabad-ke-prakrtik-sundarata-bane-aakarshan-ka-kendr...shabad-baran-news-22-09-2022.jpg" alt=""></a><br /><p> शाहाबाद।  उपखंड मुख्यालय शाहाबाद जो कि बारां जिले में अपनी प्राकृतिक बनावट पहाड़ियों, झरनों, किले, बावड़ी, मस्जिद, मंदिर आदि प्राचीन धरोहरों के लिए प्रसिद्ध है। बरसात के समय में शाहाबाद कस्बे में के दर्शनीय स्थलों को देखने के लिए लोगों में काफी उत्साह नजर आता है। आसपास के लगभग 300 से 400 किलोमीटर इलाके के लोग शाहाबाद के प्राकृतिक झरने किला और मंदिर मस्जिद देखने को आते हैं। इसकी सुंदरता तीनों तरह पहाड़ियां घिरी होने से लोगों का आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। साथ ही जलप्रपात झड़ने जो कि जगह-जगह पहाड़ियों से निकलते हुई नजर आते हैं हाईवे जो की पहाड़ियों को चीरते हुए निकला है। उस हाईवे 27 पर लोग कैमरो में प्राकृतिक छटा को कैद करते हुए नजर आते हैं वही पहाड़ी झरने को देखकर लोग आकर्षित होते हैं। </p>
<p><strong>400 फीट ऊंचाई से गिरता है झरना</strong><br />साथ ही शाहाबाद कुंडा खो जलप्रपात बरसात के समय में सबसे अधिक आकर्षण का केंद्र बना हुआ है, क्योंकि लगभग 400 फीट ऊंचाई से झरना गिरता है एवं जंगल के बीचो बीच होने के कारण लोगों के लिए काफी आकर्षण दिखाई देता है। कुंडा को जलप्रपात पर रोजाना आसपास क्षेत्र के लोग देखने को पहुंच रहे हैं। जिसमें किल्ले आदि  लोग पहुंचकर इस प्राकृतिक चीजों का अवलोकन कर रहे हैं। पिंडसल में विशाल शिवलिंग तथा चारों पहाड़ियों पर लगभग 500 से अधिक साल पुरानी छतरियां बनी हुई है, जो मुख्य आकर्षण का केंद्र बन जाती हैं। जब इन पहाड़ियों पर चढ़कर जगह का अवलोकन किया जाता है तो लोगों के मन में असीम शांति मिलती है। बाहर से आए कैलाश कुमार, जितेंद्र सिंह, आशा कुमारी, जया कुमारी आदि ने बताया कि प्रतिवर्ष बरसात के समय में शाहाबाद के प्राकृतिक झरने कुंडा को किला आदि को देखने के लिए वह कोटा से हर बरसात में आते हैं और पिकनिक मनाते हैं। शाहाबाद कस्बे की हरियाली लोगों को अत्यधिक आकर्षित कर रही है। साथ ही कुंडा को जलप्रपात पर रोजाना लोग पहुंच रहे हैं। रामचरण माली, हरि ओम सोनी, मनोज सोनी, अजीत जैन राजकुमार चौरसिया आदि ने बताया कि इस समय कुंडा को जलप्रपात सबसे अधिक आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यदि सरकार द्वारा नीचे तक उतरने के लिए सीढ़ियां लगवाई जाए तो और अधिक लोग देखने आ सकेंगे तथा नीचे पहुंचकर गुफा आदि को भी देख सकेंगे, क्योंकि अभी तक कुंडा को के नीचे उतरने के लिए कोई भी रास्ता बना हुआ नहीं है। लोग प्राकृतिक रास्ते से गुजरने की कोशिश करते हैं जिसमें की फिसलन का आदि का डर लगा रहता है, इसलिए नीचे तक उतरने के लिए सीढ़ियां बनवाई जाए और रेलिंग लगाई जाए। जिससे कि आने वाले लोग इस प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद ले सकें। जिससे शाहाबाद कस्बे के दर्शनीय स्थलों का लाभ लोग अधिक से अधिक ले सकें।</p>
<p>मैं कई बार अपने परिवार सहित यहां आता हूं और यहां के मनोरम दृश्यों का आनंद लेता हूं। प्रकृति की गोद में बसे शाहाबाद कस्बा घूमने के लिए उपयुक्त स्थान है। छोटे बच्चे भी यहां आकर खुश हो जाते हैं। <br /><strong>- मनीष कुमार, निवासी, कोटा </strong></p>
<p>बरसात के दिनों में कुंडा खोह, जलप्रपात ,किला आदि को देखने के लिए आते हैं एवं जब भी कोई घर मेहमान कोई आते हैं तो ने इन शाहबाद के दर्शनीय स्थलों को दिखाते हैं और वह जब भी आते हैं। हर बार इन प्राचीन स्थानों पर जाने के लिए कहते हैं। <br /><strong>-  योगेश शर्मा, दीनदयाल गर्ग, बृजमोहन सोनी, निवासी शाहाबाद</strong></p>]]>
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                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 22 Sep 2022 16:09:30 +0530</pubDate>
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