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                <title>scholarship - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>scholarship RSS Feed</description>
                
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                <title>'टुमॉरो मेकर्स' की शुरुआत: वंचित पृष्ठभूमि के प्रतिभावान छात्रों को मिलेंगे तरक्की के समान अवसर</title>
                                    <description><![CDATA[गोदरेज फाउंडेशन ने असमानता को दूर करने के लिए राष्ट्रीय मंच ‘टुमॉरो मेकर्स’ लॉन्च किया है। इसका उद्देश्य वंचित पृष्ठभूमि के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को मेंटर्स और संस्थानों से जोड़ना है। यह पहल स्टेम (STEM), कला और रक्षा क्षेत्र में भविष्य के नेतृत्वकर्ताओं की एक मजबूत पाइपलाइन तैयार करेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/godrej-foundations-tomorrow-makers-will-provide-equal-opportunities-to-underprivileged/article-155245"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1200-x-60-px)-(youtube-thumbnail)-(1)2.png" alt=""></a><br /><p>भारत की शिक्षा व्यवस्था में, खासकर छोटे शहरों और वंचित समुदायों के विद्यार्थियों के लिए किस कमी को टुमॉरो मेकर्स दूर करना चाहते हैं?</p>
<p>उमर मोमिन, गोदरेज फाउंडेशन हेड ने मीडिया को बताया कि भारत में प्रतिभा की कमी नहीं है। कमी है, तो एक समान अवसरों की। देश में सबसे अधिक आय वर्ग वाले परिवारों के 51 प्रतिशत युवा उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ते हैं, जबकि सबसे कम आय वर्ग वाले परिवारों के केवल 8 प्रतिशत युवा ही उच्च शिक्षण संस्थानों तक पहुँच पाते हैं। बिना सपोर्ट के कम आय वर्ग वाले परिवारों के प्रतिभाशाली विद्यार्थी अपनी क्षमताओं का विकास करने में असमर्थ हो जाते हैं। इस कमी को दूर करने के लिए गोदरेज इंडस्ट्रीज़ ग्रुप में 15 प्रतिशत हिस्सेदारी वाले समाजसेवी ट्रस्ट, गोदरेज फाउंडेशन ने टुमॉरो मेकर्स की शुरुआत की है। यह एक राष्ट्रीय प्लेटफॉर्म है, जो वंचित पृष्ठभूमि के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को पहचानने और उन्हें बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। यह इन विद्यार्थियों को एक मजबूत पार्टनर ईकोसिस्टम के माध्यम से मेंटर्स और संस्थानों से जोड़ता है तथा अवंति फैलोज़, दक्षणा, स्लैम आउट लाउड, मेकरघाट, और डेल्टा स्क्वैड फाउंडेशन जैसे संगठनों के सहयोग से उन्हें अवसर उपलब्ध कराता है। हमारा लक्ष्य उन्हें केवल शिक्षा प्राप्त करने में मदद करना ही नहीं है, बल्कि हम स्टेम (साईंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग, मैथ्स), इनोवेशन, कला और रक्षा सेवाओं में नेतृत्व का विकास भी करना चाहते हैं। हमारा मानना है कि अवसर प्रतिभा के आधार पर मिलने चाहिए, न कि बैकग्राउंड या पिन कोड के आधार पर।</p>
<p>टुमॉरो मेकर्स के अंतर्गत स्टेम के साथ कला और रक्षा को शामिल करना जरूरी क्यों था?</p>
<p>जैसा मैंने पहले बताया कि टुमॉरो मेकर्स की बुनियाद यह विश्वास है कि अवसर प्रतिभा के आधार पर मिलने चाहिए। लेकिन प्रतिभा कोई एक क्षेत्र में नहीं होती, इसलिए अवसर भी भिन्न-भिन्न क्षेत्रों में मिलने चाहिए। माता-पिता अक्सर इंजीनियरिंग या मेडिसीन की ओर झुकाव रखते हैं। लेकिन सच्चाई यह है कि हर बच्चे में कई क्षेत्रों में आगे बढ़ने की प्रतिभा होती है। स्टेम के लिए हमारा सहयोग अवंति फैलोज़, दक्षणा और जेनवाईज़ कर रहे हैं। कला के क्षेत्र में हमें स्लैम आउट लाउड की मदद मिल रही है। वहीं रक्षा क्षेत्र में डेल्टा स्क्वैड फाउंडेशन और युवातेजस हमें सहयोग दे रहे हैं। विभिन्न तरह की प्रतिभाओं को बढ़ावा देने में गहरी विशेषज्ञता के साथ ये पार्टनर जमीनी स्तर पर गहरी पकड़ और समुदाय का विश्वास भी रखते हैं। इससे हमें विभिन्न प्रतिभाओं और महत्वाकांक्षाओं वाले विद्यार्थियों को अनेक अवसर प्रदान करने में मदद मिलेगी। </p>
<p>आज वंचित बैकग्राउंड के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को किन सबसे बड़ी बाधाओं का सामना करना पड़ता है?</p>
<p>इन विद्यार्थियों के लिए सबसे बड़ी बाधाएं पहुँच और एक्सपोज़र की हैं। उदाहरण के लिए, 27 से 37 प्रतिशत विद्यार्थी प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करने के लिए पेड कोचिंग सिस्टम पर निर्भर हैं, जिससे अवसर की उपलब्धता आर्थिक क्षमता पर निर्भर हो गई है। छोटे शहरों के विद्यार्थियों को कोचिंग उपलब्ध नहीं होती हैं। साथ ही, उन्हें मेंटरशिप, मिलकर तैयारी करने वाले साथी, प्रतियोगिताओं का एक्सपोज़र और उनके लिए मौजूद अवसरों का मार्गदर्शन भी नहीं मिल पाता है। नतीजा यह होता है कि इस सिस्टम द्वारा विद्यार्थी प्रतिभा नहीं बल्कि सुविधा की उपलब्धता के आधार पर आगे बढ़ जाते हैं। टुमॉरो मेकर्स के माध्यम से हम सभी विद्यार्थियों को समान अवसर उपलब्ध कराना चाहते हैं, ताकि प्रतिभाशाली विद्यार्थी, चाहे किसी भी स्थान से आए हों, उन्हें समान रूप से वो अवसर प्राप्त हो सकें।</p>
<p>भारत के युवाओं के लिए टुमॉरो मेकर्स का क्या दीर्घकालिक प्रभाव होगा?</p>
<p>हमारा लक्ष्य साफ है। हम वंचित बैकग्राउंड के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को अवसर उपलब्ध कराना चाहते हैं ताकि वो अपनी क्षमताओं का विकास कर सकें। पहले साल, हम संरचनाबद्ध तरीके से 5,000 से 10,000 विद्यार्थियों तक पहुँचेंगे। हमारी इस पहल में हमारे पार्टनर हमारी मदद करेंगे। इसके बाद हम क्वालिटी को बनाए रखते हुए अपनी इस पहल का विस्तार करेंगे। व्यापक स्तर पर यह हमारे देश के भविष्य से जुड़ा है। भारत का भविष्य केवल औसत सुधारों द्वारा तय नहीं होगा, बल्कि इस बात से तय होगा कि क्या विभिन्न आय, भौगोलिक क्षेत्रों और पहचान वाली असाधारण प्रतिभाओं को प्रभावशाली पदों और नेतृत्व तक पहुँचने का अवसर मिलेगा या नहीं। इसलिए हमारा दीर्घकालिक लक्ष्य विभिन्न स्थानों और सामाजिक आर्थिक बैकग्राउंड वाली प्रतिभाओं को आगे लाकर भविष्य के नेतृत्वकर्ताओं की एक पाईपलाईन तैयार करना है।<br />साथ ही, हम पहली जनरेशन के सफल लोगों का ज्यादा बड़ा समूह बनाना चाहते हैं। क्योंकि जब एक युवा सफल होता है, तो उसका सकारात्मक प्रभाव पूरे परिवार और समुदाय पर पड़ता है।</p>
<p>टुमॉरो मेकर्स को देशव्यापी प्लेटफॉर्म बनाने के लिए पार्टनर संगठनों और मेंटर्स के साथ सहयोग कितने महत्वपूर्ण हैं?</p>
<p>टुमॉरो मेकर्स का काम करने का तरीका पार्टनरशिप पर आधारित है। हम शुरू से ही हर काम अपने आप करना नहीं चाहते हैं। इसलिए हम उन संगठनों के साथ साझेदारी कर रहे हैं, जो प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने में गहरी विशेषज्ञता रखते हैं। उदाहरण के लिए अवंति फैलोज़ 7,000 से अधिक विद्यार्थियों तक पहुँच चुके हैं। स्लैम आउट लाउड ने 4.7 मिलियन से अधिक विद्यार्थियों को आगे बढ़ाया है और मेकरघाट 1.4 मिलियन से अधिक युवाओं से जुड़े हैं और 20,000 से अधिक एजुकेटर्स को प्रशिक्षित कर रहे हैं। इससे साफ हो जाता है कि इस ईकोसिस्टम के पास प्रमाणित और प्रभावशाली मॉडल है, पर वो सब टुकड़ों मंल काम कर रहे हैं। टुमॉरो मेकर्स इस प्रमाणित ईकोसिस्टम को उच्च क्षमता वाले विद्यार्थियों से जोड़ेंगे, जिन्हें पहचान से लेकर तैयार और करियर में आगे बढ़ने तक हर चरण में मार्गदर्शन उपलब्ध नहीं हो पाता है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 28 May 2026 13:05:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में अति पिछड़ा वर्ग के सशक्तीकरण का नया अध्याय: छात्रवृत्ति, आवासीय विद्यालय, गुरुकुल योजना से एमबीसी विद्यार्थियों के लिए खुले शिक्षा के नए द्वार</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में छात्रवृत्ति, कोचिंग और कौशल योजनाओं से एमबीसी वर्ग के हजारों विद्यार्थी शिक्षा, रोजगार और आत्मनिर्भरता की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/under-the-leadership-of-chief-minister-bhajan-lal-sharma-a/article-141822"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/bhajan-lal-sharma.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के संवेदनशील, दूरदर्शी और कुशल नेतृत्व में प्रदेश का अति पिछड़ा वर्ग (एमबीसी) आत्मनिर्भरता और स्वावलंबन की मजबूत राह पर अग्रसर है। राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं और ठोस नीतियों के परिणामस्वरूप अति पिछड़ा वर्ग के हजारों परिवार न केवल विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं, बल्कि शिक्षा, रोजगार, संबल और सम्मान के जरिए सामाजिक न्याय के नए आयाम भी स्थापित कर रहे हैं।</p>
<p><strong>छात्रवृत्ति योजनाओं से हजारों विद्यार्थियों को मिला संबल</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री के नेतृत्व में अति पिछड़ा वर्ग के शैक्षणिक उत्थान के लिए देवनारायण योजना के अंतर्गत संचालित कार्यक्रमों पर वर्ष 2025 में 248 करोड़ रुपए से अधिक की राशि व्यय की जा चुकी है। उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत कक्षा 11 से उच्च शिक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए इस वित्तीय वर्ष में 102.42 करोड़ रुपए से अधिक की राशि व्यय कर 37 हजार से ज्यादा विद्यार्थियों को लाभान्वित किया गया है। वहीं पूर्व मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना (कक्षा 6 से 10) में 7.10 करोड़ रुपए व्यय कर 69 हजार से अधिक विद्यार्थियों को सहायता दी गई है।</p>
<p><strong>देवनारायण छात्रावास योजना से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की नींव मजबूत</strong></p>
<p>देवनारायण गुरुकुल योजना के तहत निजी प्रतिष्ठित विद्यालयों में प्रवेश दिलाकर प्रतिभावान विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाई जा रही है। प्रतिवर्ष 500 विद्यार्थियों के प्रवेश के प्रावधान वाली इस योजना में चालू वित्तीय वर्ष में 10 करोड़ रुपए से अधिक व्यय किया जा चुका है। इसी तरह देवनारायण छात्रावास योजना के अंतर्गत स्वीकृत छात्रावासों में 3750 विद्यार्थी तथा देवनारायण आवासीय विद्यालय योजना के तहत स्वीकृत विद्यालयों में 5 हजार से अधिक विद्यार्थी लाभान्वित हो रहे हैं।</p>
<p><strong>बालिकाओं को शिक्षित करने के लिए विशेष पहल</strong></p>
<p>बालिका शिक्षा को बढ़ावा देते हुए एमबीसी छात्राओं के लिए करौली के नादौती एवं भरतपुर के बयाना में छात्रा महाविद्यालय मय हॉस्टल की स्थापना की गई है। नादौती कॉलेज में 74.80 लाख रुपए व्यय कर 177 छात्राओं को लाभान्वित किया गया है। इसी तरह बयाना कॉलेज में 155.29 लाख रुपए व्यय कर 543 छात्राओं को शिक्षा का अवसर उपलब्ध हुआ है।</p>
<p><strong>प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता का मार्ग हुआ प्रशस्त</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना के माध्यम से एमबीसी वर्ग के विद्यार्थियों को आईएएस, आरएएस, क्लैट, नीट, रीट जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए चयनित संस्थाओं में कोचिंग उपलब्ध करवाई जा रही है। इस योजना में 4 करोड़ रुपए व्यय कर विद्यार्थियों को भविष्य की तैयारी का सशक्त मंच दिया गया है।</p>
<p><strong>कौशल विकास से रोजगार की ओर कदम</strong></p>
<p>इसी तरह देवनारायण योजना के अंतर्गत स्वीकृत 6 आईटीआई संस्थानों में 365 लाख रुपए व्यय कर 500 से अधिक विद्यार्थियों को तकनीकी एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे युवा आत्मनिर्भर बन रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 03 Feb 2026 17:14:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>छात्रवृत्ति के लिए वन टाइम रजिस्ट्रेशन अनिवार्य, शिक्षा संस्थानों व विद्यार्थियों को सरकार के आदेश</title>
                                    <description><![CDATA[सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 से छात्रवृत्ति योजनाओं में OTR (वन टाइम रजिस्ट्रेशन) अनिवार्य कर दिया है। सभी विद्यार्थियों को नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर आधार आधारित e-KYC सहित OTR करना होगा। शिक्षा संस्थानों को नोडल अधिकारी नियुक्त कर DBT सक्षम बैंक खाता सुनिश्चित करना होगा। OTR बिना आवेदन स्वीकार नहीं होंगे।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/one-time-registration-mandatory-for-scholarship-government-orders-to-educational/article-135832"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/sscholarship.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने विभागीय छात्रवृत्ति योजनाओं के अंतर्गत शैक्षणिक सत्र 2025-26 से OTR (वन टाइम रजिस्ट्रेशन) को अनिवार्य कर दिया है। इस संबंध में विभाग ने प्रदेशभर के राजकीय एवं निजी शिक्षण संस्थानों के प्रमुखों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं, ताकि पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति भुगतान में किसी प्रकार की परेशानी न हो।</p>
<p>जारी आदेश के अनुसार, विभागीय छात्रवृत्ति योजनाओं में आवेदन करने वाले सभी विद्यार्थियों को नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर OTR कराना आवश्यक होगा। OTR प्रक्रिया एप के माध्यम से पूरी की जा सकेगी। OTR के दौरान विद्यार्थियों को आधार आधारित फेस ऑथेंटिकेशन (e-KYC) कराना अनिवार्य होगा, जिससे पात्रता की पुष्टि की जा सके।</p>
<p>विभाग ने शिक्षा संस्थानों को निर्देश दिए हैं कि वे एक नोडल अधिकारी नियुक्त कर विद्यार्थियों का आधार सीडेड एवं DBT इनेबल्ड बैंक खाता सुनिश्चित करें। साथ ही यह भी कहा गया है कि सभी पात्र विद्यार्थियों का समय पर OTR पंजीकरण कराया जाए, ताकि छात्रवृत्ति राशि के प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) में कोई विलंब न हो।</p>
<p>विद्यार्थियों के स्तर पर भी यह सुनिश्चित करना होगा कि उनका बैंक खाता आधार से लिंक हो और DBT सक्षम हो। विभाग ने स्पष्ट किया है कि OTR पूर्ण नहीं होने की स्थिति में छात्रवृत्ति आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। सभी शिक्षा संस्थानों और विद्यार्थियों से निर्देशों की पालना करते हुए OTR प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने का आह्वान किया गया है, जिससे छात्रवृत्ति भुगतान निर्बाध रूप से किया जा सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 13 Dec 2025 14:03:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सम्पन्न को स्कॉलरशिप देना जनता की गाढ़ी कमाई का दुरुपयोग : हाईकोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[स्वामी विवेकानंद स्कॉलरशिप स्कीम के तहत 25 लाख रुपए सालाना आय वाले परिवार के अभ्यर्थी को ई3 वर्ग में दी जा रही छात्रवृत्ति पर रोक]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/giving-scholarship-to-prosperity-is-misused-by-public-earnings-high/article-112474"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/court-hammer04.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने स्वामी विवेकानंद स्कॉलरशिप स्कीम के तहत 25 लाख रुपए सालाना आय वाले परिवार के अभ्यर्थी को ई3 वर्ग में दी जा रही छात्रवृत्ति पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही अदालत ने इस योजना के तहत अब तक लाभ लेने वाले अभ्यर्थियों और उनके माता-पिता की संपूर्ण जानकारी पेश करने को कहा है। अदालत ने कहा कि गत 17 अप्रैल को भी इस संबंध में जानकारी मांगी गई थी, लेकिन जानकारी पेश नहीं करना दर्शाता है कि सरकार उन परिवारों की पहचान छुपाना चाहती है। ऐसे में लगता है कि यह योजना ऐसे लोगों को लाभ देने के लिए ही तैयार की गई है, जिनकी सालाना आय 25 लाख रुपए से अधिक है। जस्टिस अनूप ढंड ने यह आदेश मनजीत देवड़ा की याचिका पर दिए। अदालत ने 9 मई तक राज्य सरकार को यह बताने को कहा है कि क्यों ना इस योजना को बंद कर दिया जाए।</p>
<p><strong>क्या कहा कोर्ट ने</strong><br />अदालत ने कहा कि ऐसी स्कॉलरशिप के नाम पर करोड़ों रुपए ऐसे लोगों को दिए जाते हैं, जिनके माता-पिता धनी है। सरकार स्कॉलरशिप के नाम सरकारी खजाने का दुरुपयोग कर रही है। ऐसे में अदालत सरकार की ऐसी कार्यप्रणाली पर अपनी आंख मूंदकर नहीं बैठ सकती है। अदालत ने कहा कि अपात्र अभ्यर्थियों को योजना का लाभ इसलिए मिल रहा है कि उनके माता-पिता प्रभावशाली पदों पर हैं। स्कॉलरशिप का वास्तविक लाभ जरूरतमंद व गरीबों को नहीं दिया जा रहा है। जबकि वे वास्तव में उत्कृष्ट हैं, लेकिन योजना का लाभ लेने के लिए प्रभावशाली स्थिति में नहीं है। </p>
<p><strong>यह कहा याचिका में </strong><br />याचिकाकर्ता ने स्वामी विवेकानंद स्कॉलरशिप स्कीम में आवेदन किया था। उसका विदेश के विश्वविद्यालय में अध्ययन के लिए चयन किया गया और उसने फरवरी, 2024 को वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया विश्वविद्यालय से विज्ञान स्रातक की पढ़ाई आरंभ कर दी। इसके बावजूद उसे स्कॉलरशिप की राशि जारी नहीं की गई। इसके जवाब में राज्य के अतिरिक्त महाधिवक्ता विज्ञान शाह ने कहा कि साल 2021-22 में याचिकाकर्ता के परिवार की वार्षिक आय 13.35 लाख और 2022-23 में 13.55 लाख थी, लेकिन ई1 कैटेगरी में स्कॉलरशिप लेने के लिए याचिकाकर्ता के परिवार की साल 2023-24 की वार्षिक आय 6.96 लाख रुपए दर्शाई गई। इस पर सीए से विशेषज्ञ राय ली गई। जिसमें सामने आया कि याचिकाकर्ता के परिवार की कुल आय 11.32 लाख रुपए थी। ऐसे में उसे स्कॉलरशिप नहीं दी गई। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 30 Apr 2025 09:23:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>छात्रवृति के लिए दो सरकारी विभागों के बीच 5 माह से पिस रहे हजारों विद्यार्थी, सामाजिक अधिकारिता विभाग ने रोकी छात्रवृति </title>
                                    <description><![CDATA[स्कोलरशिप नहीं मिलने से हजारों विद्यार्थियों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी बीएड कॉलेज के अभ्यर्थियों को हो रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/thousands-of-students-are-being-torn-between-two-government-departments-for-scholarship-for-the-last-5-months/article-106618"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/2557rtrer1.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। हाड़ौती के हजारों विद्यार्थी इन दिनों दो सरकारी विभागों के बीच पिस रहा है। इधर, कोटा विश्वविद्यालय बीए, बीएससी व बीकॉम फर्स्ट और सैकंड सेमेस्टर के परिणाम जारी होने के 5 माह बाद भी मार्कशीट जारी नहीं कर रहा। उधर, अंकतालिका के अभाव में सामाजिक अधिकारिता विभाग ने छात्रवृति नहीं दे रहा। पिछले पांच महीने से विद्यार्थी दोनों विभागों के बीच चक्कर काट रहा लेकिन  उन्हें न तो अपना हक मिल रहा और नहीं उच्च शिक्षा में प्रोत्साहन। सेमेस्टर एग्जाम व एडमिशन फीस तक भरना मुश्किल हो गया। जबकि, अधिकांश स्टूडेंट्स की पढ़ाई छात्रवृत्ति पर निर्भर रहती है। ऐसे में विद्यार्थी कॉलेज से लेकर सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग के चक्कर काट-काट चक्कर घन्नी हो गए। दरअसल, सरकार की ओर से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को प्रोत्साहन देने के लिए उत्तर मैट्रिक छात्रवृति योजना चलाई जा रही है। जिसके तहत इन वर्गों के विद्यार्थियों को हर साल छात्रवृति दी जाती है। लेकिन, पिछले 5 माह से इन्हें स्कोलरशिप नहीं दी गई। ऐसे में विद्यार्थी कर्जा लेकर फीस जमा करवाने को मजबूर हो रहे हैं। </p>
<p><strong>अधिकारिता विभाग ने रिजेक्ट की नेट की मार्कशीट</strong><br />छात्रों का कहना है, बीए, बीएससी व बीकॉम प्रथम ईयर के दोनों समेस्टर एग्जाम पहले ही हो चुके हैं, जिनके परिणाम आए 5 माह बीत गए, इसके बावजूद कोटा यूनिवर्सिटी ने मार्कशीट जारी नहीं की। जबकि, छात्रवृति के फॉर्म के साथ आॅरिजनल मार्कशीट की आवश्यकता होती है। जब यूनिवर्सिटी जाते हैं तो वहां इंटरनेट की अस्थाई अंकतालिका पर सील लगाकर दे देते हैं, जिसे सामाजिक अधिकारिता विभाग रिजेक्ट कर देता है।  </p>
<p><strong>उधार लेकर भर रहे टयूशन व एग्जाम फीस  </strong><br />स्कोलरशिप नहीं मिलने से हजारों विद्यार्थियों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी बीएड कॉलेज के अभ्यर्थियों को हो रही है। कई अभ्यर्थियों को बीएड प्रथम तो किसी को द्वितीय वर्ष की फीस भरने के लिए छात्रवृति का इंतजार है। वहीं, साल में दो बार होने वाले सेमेस्टर एग्जाम की फीस भरने के लिए भी दूसरों से कर्जा मांगना पड़ रहा है।  </p>
<p><strong>क्या कहते हैं विद्यार्थी </strong><br />मैंने पिछले साल सत्र 2023-24 में बीए फाइनल इटावा कॉलेज से किया था। रिजल्ट में सप्लीमेंट्री थी, जब रिवेल करवाया तो नंबर बड़े और पास हो गई। अब मैंने वर्तमान में कोटा विश्वविद्यालय के चित्रकला विभाग में एमए में एडमिशन है और छात्रवृत्ति का फॉर्म भर रखा है, जिसमें मूल  अंकतालिका मांग रहे हैं लेकिन अभी तक मेरे रिवेल की मार्कशीट नहीं आई है। <br /><strong>-कृष्णा मीणा, छात्रा एमए </strong></p>
<p>राजकीय कला महाविद्यालय कोटा में एमए समाजशात्र में एडमिशन लिया है। अभी तक फोर्थ सेमेस्टर पास हो चुकी हूं लेकिन थर्ड व फोर्थ सेमेस्टर की मार्कशीट नहीं आने से मुझे दूसरी शैक्षणिक संस्था में एडमिशन नहीं मिल पा रहा। जिसकी वजह से काफी परेशानी हो रही है।  <br /><strong>-शिल्पा चौधरी, छात्रा एमए </strong></p>
<p>कोटा यूनिवर्सिटी न तो परीक्षा समय पर करवा रही और न ही मार्कशीट जारी कर रही। इधर, छात्रवृत्ति के आवेदन में सामाजिक अधिकारिता विभाग मार्कशीट के अभाव में आॅब्जेक्शन लगा रहा है, उधर विश्वविद्यालय  नेट की अस्थाई अंकतालिका पर सील लगाकर दे रहा है, जिसे अधिकारिता विभाग निरस्त कर रहा है। यदि, छात्रवृति का आॅब्जेक्शन क्लियर नहीं करवाया तो फॉर्म आॅटो रिजेक्ट हो जाएगा। <br /><strong>-रोहिताश मीणा, महानगर सहमंत्री एबीवीपी कोटा महानगर </strong></p>
<p>मैं कोटा विवि में एमए भूगोल का छात्र हूं। थर्ड सेमेस्टर चल रहा है लेकिन अभी तक 1 व 2 सेमेस्टर की मार्कशीट नहीं आई। छात्रवृत्ति फॉर्म में मार्कशीट का आॅब्जेक्शन आया है। जब विवि में 101 रूम पर पूछा तो कार्मिकों ने नेट की मार्कशीट को सील लगाकर दे दी, जिसे सामाजिक अधिकारिता विभाग ने अमान्य कर दिया।  <br /><strong>-दीपक कुमार, छात्र  </strong></p>
<p>मेरा एमए फोर्थ सेमेस्टर पूरा हो चुका है, लेकिन अभी तक यूनिवर्सिटी द्वारा मार्कशीट नहीं दी जा रही। ऐसे में कॉलेज प्रशासन ने टीसी देने से माना कर दिया। जिसकी वजह से मुझे दूसरी जगह एडमिशन नहीं मिल पा रहा।  <br /><strong>-भुनेश सुमन, छात्र पीजी कॉलेज झालावाड़ </strong></p>
<p>पिछले पांच महीने से विवि के चक्कर काट रही हूं, मार्कशीट नहीं आने से छात्रवृति का फॉर्म नहीं भर पा रही। साथियों के फॉर्म आॅब्जेक्शन की वजह से रिजेक्ट हो गए। छात्रवृति नहीं मिलने से ट्यूशन फीस देना मुश्किल हो रहा है।  <br /><strong>-खुशी मीणा, जेडीबी आर्ट्स </strong></p>
<p>मैं एम इतिहास का थर्ड सेमेस्टर का छात्र हूं। छात्रवृत्ति के फॉर्म में अंकतालिका के अभाव में आॅब्जेक्शन आया है, यूनिवर्सिटी गया तो वहां से मार्कशीट प्रिंट होने की प्रोसेज चलने की बात कहीं गई। जिसमें कितना समय लगेगा, यह भी नहीं बताया जा रहा। अब बिना मार्कशीट के आॅब्जेक्शन कैसे क्लियर करवाऊं। <br /><strong>-अशोक मीणा, छात्र एमए  </strong></p>
<p>समय पर मार्कशीट जारी नहीं हुई तो विद्यार्थियों का फॉर्म रिजेक्ट हो जाएगा। वहीं, लेट लतीफी के कारण  छात्रवृति का बजट खत्म हो गया तो उन्हें आगे की पढ़ाई  में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। अधिकतर विद्यार्थियों की पढ़ाई स्कोलरशिप पर निर्भर होती है। <br /><strong>-देवकी नंदन, छात्रनेता कोटा विवि </strong></p>
<p>यूनिवर्सिटी में सैंकड़ों विद्यार्थियों से मूल अंकतालिका  जारी नहीं होने की शिकायत मिलती है। ग्रामीण अंचल के विद्यार्थी शहर में रूम लेकर कॉलेजों में पढ़ाई करते हैं। जिन्हें छात्रवृति नहीं मिलने से आर्थिक परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। <br /><strong>-जितेश मीणा, छात्र नेता कोटा यूनिवर्सिटी </strong></p>
<p>छात्रवृति के आवेदन में विद्यार्थियों को ओरिजनल  मार्कशीट ही लगानी होगी। नेट की मार्कशीट मान्य नहीं है। इस संबंध में विभाग के  की स्पष्ट गाइड लाइन है। <br /><strong>-सविता कृष्णैया, संयुक्त निदेशक सामाजिक अधिकारिता विभाग </strong></p>
<p>नए फोर्मेट के अनुरूप मार्कशीट तैयार करने में थोड़ा समय लगा है। शीघ्र ही संबंधित महाविद्यालयों को अंकतालिकाएं प्रेषित कर दी जाएगी। विद्यार्थियों को किसी भी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए कार्य प्रगति से किया जा रहा है। <br /><strong>-प्रवीण भार्गव, परीक्षा नियंत्रक, कोटा विवि </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 06 Mar 2025 16:25:21 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>आदिवासी क्षेत्रों में छात्रवृति अटकने का मामला सदन में गूंजा : उमेश मीणा ने किया सवाल, जवाब में बोले अविनाश- कम बजट के कारण समय पर नहीं मिली छात्रवृति </title>
                                    <description><![CDATA[सीएम के प्रयासों से ढाई सौ करोड़ की राशि मिली है जो वर्ष 2017 से 2021 तक की बकाया  मार्च के फर्स्ट वीक तक भुगतान करेंगे। केंद्र सरकार ने कहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/avinash-in-the-question-answer-scholarship-not-received-on/article-105860"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/6622-copy142.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान विधानसभा में विधायक उमेश मीणा ने आदिवासी क्षेत्रों में अनुसूचित जनजाति के बच्चों के लिए छात्रवृति अटकने का सवाल उठाया। प्रश्नकाल में उठे सवाल पर मंत्री अविनाश गहलोत ने कहा कि अनुसूचित जनजाति क्षेत्र में छात्रों को छात्रवृत्ति समय पर नहीं मिल पाई, क्योंकि 2017 से 2021 तक बजट कम था। इस वजह से छात्रवृति वितरण नहीं हो पाई। वर्ष 2021 से 2024 की छात्रवृति के लिए मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार को चिट्ठी लिखी इसमें 75 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार की आती है 25 प्रतिशत राशि राज्य सरकार की आती है। </p>
<p>सीएम के प्रयासों से ढाई सौ करोड़ की राशि मिली है जो वर्ष 2017 से 2021 तक की बकाया  मार्च के फर्स्ट वीक तक भुगतान करेंगे। केंद्र सरकार ने कहा है। पहले पुरानी बकाया छात्रवृति की राशि 31 मार्च तक कंप्लीट करने के बाद 2021 से 2024 तक की राशि भुगतान करेंगे। आदिवासी क्षेत्र में भाई-बहनों को छात्रवृत्ति के लाभ नहीं मिलता, इसकी सीएम से खुद मिलकर बात की है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 28 Feb 2025 15:27:19 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>हिंदू शरणार्थियों के बच्चों को छात्रवृत्ति देगी राज्य सरकार</title>
                                    <description><![CDATA[राज्य सरकार ने हिन्दू शरणार्थियों के बच्चों को छात्रवृत्ति देने की तैयारी शुरू कर दी है। शिक्षा विभाग हिंदू शरणार्थी बच्चों की जानकारी जुटा रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/state-government-will-give-scholarship-to-children-of-hindu-refugees/article-80038"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-03/bhajanlal-sharma.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राज्य सरकार ने हिन्दू शरणार्थियों के बच्चों को छात्रवृत्ति देने की तैयारी शुरू कर दी है। शिक्षा विभाग हिंदू शरणार्थी बच्चों की जानकारी जुटा रहा है। विभाग ने सभी जिला कलेक्टर को पत्र लिखकर ऐसे बच्चों की जानकारी मांगते हुए एक प्रारूप पत्र भी जारी किया है। जिसमें सभी बच्चों की जानकारी मिलने के बाद इनकी छात्रवृत्ति शुरू करने की कवायद शुरू की जाएगी।</p>
<p>गौरतलब है कि भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में ऐसे बच्चों को छात्रवृत्ति देने का वादा किया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 31 May 2024 19:54:38 +0530</pubDate>
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                <title>साढ़े तीन लाख से ज्यादा छात्रों की स्कॉलरशिप अटकी</title>
                                    <description><![CDATA[केन्द्र से नहीं आया पैसा, एसटी व ओबीसी वर्ग के छात्रों को मंजूर हुई थी छात्रवृति]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/scholarship-of-more-than-three-and-a-half-lakh-students/article-78406"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/scholarship.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से उत्तर मेट्रिक छात्रवृति मंजूर होने के बावजूद अभी तक उन्हें इसकी राशि नहीं मिली है। प्रदेश में ऐसे 3 लाख 60 हजार छात्र हैं जिनकी छात्रवृति नहीं मिली है। इनमें अनुसूचित जनजाति वर्ग के 3 लाख और अन्य पिछड़ा वर्ग के 60 हजार छात्र शामिल हैं। जानकारी के अनुसार केन्द्र सरकार के हिस्से के दिए जाने वाली राशि का भुगतान नहीं होने के कारण छात्रों को छात्रवृति नहीं मिल पाई है। प्रदेश में वर्ष 2023-24 के सत्र में पात्र मिले इन छात्रों को छात्रवृति मंजूर की गई थी। इनमें अनुसूचित जनजाति के छात्रों के पेटे कुल 65880.56 लाख रुपए और अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों के पेटे 107 करोड़ रुपए की राशि मंजूर हुई थी। लेकिन अनूसूचित जनजाति के छात्रों के पेटे केन्द्र सरकार के जनजाति मंत्रालय को भिजवा दिए गए थे, लेकिन इनमें से करीब 43880.56 लाख रुपए अभी तक नहीं मिले हैं। वहीं अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों की छात्रवृति के पेटे केन्द्रीय हिस्से का भुगतान नहीं हो सका है।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 18 May 2024 09:50:21 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>विशेष पिछड़ा वर्ग उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति योजनाः 40 करोड़ अतिरिक्त बजट का प्रावधान</title>
                                    <description><![CDATA[योजनांतर्गत चालू वित्तीय वर्ष में पात्र विद्यार्थियों को 88 करोड़ रूपए से अधिक की छात्रवृत्तियां पहले ही दी जा चुकी हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/additional-budget-provision-of-40-crores-for-special-backward-classes/article-24497"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-09/ashok_gehlot_file_630x400.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने देवनारायण योजना के तहत संचालित विशेष पिछड़ा वर्ग उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के लिए 40 करोड़ रूपए के अतिरिक्त बजट प्रावधान के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। योजनांतर्गत चालू वित्तीय वर्ष में पात्र विद्यार्थियों को 88 करोड़ रूपए से अधिक की छात्रवृत्तियां पहले ही दी जा चुकी हैं।</p>
<p>गहलोत द्वारा योजना हेतु 40 करोड़ रूपए की अतिरिक्त स्वीकृति से विशेष पिछड़ा वर्ग के उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे अधिक से अधिक विद्यार्थियों को फीस का पुनर्भरण एवं एस्कोर्ट भत्ता मिल सकेगा तथा उनके अभिभावकों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ कम होगा। विशेष पिछड़ा वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के उच्च शिक्षा प्राप्त करने में आने वाले खर्च को वहन करने में सहायता करने तथा उनकी आर्थिक रूप से सहायता करने के लिए उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना लाई गई है। गत वर्ष उक्त योजनांतर्गत लगभग 87 करोड़ रूपए की छात्रवृत्ति दी गई थी।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 26 Sep 2022 17:39:47 +0530</pubDate>
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