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                <title>traffic rules - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>traffic rules RSS Feed</description>
                
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                <title>जयपुर रेंज पुलिस की अनोखी पहल: क्यूआर कोड से जान पाएंगे दुर्घटना संभावित ‘ब्लैक स्पॉट’, आईजी प्रकाश ने की आमजन से ब्लैक स्पॉट के पास वाहन की धीमी गति रखने की अपील</title>
                                    <description><![CDATA[सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जयपुर रेंज पुलिस ने QR कोड तकनीक पेश की है। वाहन चालक इसे स्कैन कर मार्ग के 'ब्लैक स्पॉट्स' और खतरनाक मोड़ों की सटीक जानकारी पा सकते हैं। आईजी राहुल प्रकाश ने सुरक्षित यात्रा के लिए गति धीमी रखने और यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/unique-initiative-of-jaipur-range-police-you-will-be-able/article-151871"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/jaipur-police1.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। सड़क सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए जयपुर रेंज पुलिस ने एक नई और उपयोगी पहल शुरू की है। अब वाहन चालक क्यूआर कोड स्कैन कर अपने रूट के उन स्थानों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं, जहां हादसों का खतरा अधिक रहता है। इस पहल का उद्देश्य लोगों को जागरूक बनाकर सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना है। समाचार: “सुरक्षित सफर, सुरक्षित परिवार” के संदेश के साथ शुरू की गई इस पहल के तहत पुलिस ने ऐसे ‘ब्लैक स्पॉट’ चिन्हित किए हैं, जहां दुर्घटनाएं होने की संभावना ज्यादा होती है। </p>
<p>आईजी राहुल प्रकाश ने बताया कि क्यूआर कोड के माध्यम से लोग इन स्थानों की जानकारी आसानी से पा सकते हैं और यात्रा के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरत सकते हैं। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि ब्लैक स्पॉट के पास गति धीमी रखें, यातायात संकेतों का पालन करें, हेल्मेट और सीटबेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें तथा वाहन चलाते समय मोबाइल फोन से दूरी बनाए रखें। साथ ही, इस क्यूआर कोड की जानकारी अपने परिवार और दोस्तों के साथ साझा कर सभी को सुरक्षित रखने में सहयोग करें। जयपुर रेंज पुलिस का मानना है कि जागरूकता ही सड़क दुर्घटनाओं को कम करने का सबसे प्रभावी तरीका है। इसलिए नागरिकों से सतर्क रहने और सुरक्षित चलने की अपील की गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 16:57:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पश्चिम अफ्रीका के आइवरी कोस्ट में भीषण सड़क हादसा: 14 लोगों की मौत 21 अन्य घायल</title>
                                    <description><![CDATA[आइवरी कोस्ट के कबाडूगू इलाके में अनाज से भरे ट्रक के पलटने से 14 लोगों की मौत, 21 घायल; ट्रक में अवैध रूप से 69 यात्री सवार थे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/horrific-road-accident-in-ivory-coast-west-africa-14-people/article-141621"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/road-accident2.jpg" alt=""></a><br /><p>अबिजान। आइवरी कोस्ट में शनिवार को एक सड़क हादसे में कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई और 21 अन्य घायल हो गए। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गयी है।</p>
<p>परिवहन मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि यह हादसा सुबह कबाडूगू इलाके में हुआ और इसमें एक ट्रक शामिल था जो अनाज ले जा रहा था और जिसमें अवैध रूप से 69 यात्री सवार थे।</p>
<p>परिवहन मंत्री अमादौ कोन ने कबाडूगू क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण के अधिकारियों को हादसे की शुरुआती जानकारी एकत्र करने के लिए तुरंत मौके पर जाने का निर्देश दिया है। उन्होंने गाड़ी चलाने वालों से सड़क पर उतरने से पहले सभी जरूरी तकनीकी जांच करने का आग्रह किया और सभी से यातायात नियमों का सख्ती से पालन करने को कहा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 01 Feb 2026 18:28:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>सड़क सुरक्षा सभी की जिम्मेदारी: प्रो. बी.के.एस. संजय</title>
                                    <description><![CDATA[एनईआईजीआरआईएचएमएस (NEIGRIHMS) में आयोजित एक सेमिनार में पद्मश्री डॉ. बी.के.एस. संजय ने सड़क दुर्घटनाओं को एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बताया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/road-safety-is-everyones-responsibility-prof-bks-sanjay/article-136983"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/today-news.png" alt=""></a><br /><p>देहरादून। उत्तर-पूर्वी इंदिरा गांधी स्वास्थ्य और सहयोगी विज्ञान संस्थान (एनईआईजीआरआईएचएमएस), शिलॉन्ग में रोड सेफ्टी सेमिनार का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना और इसे एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती के रूप में पेश करना था। </p>
<p>पद्मश्री प्रो. डॉ. बी. के. एस. संजय, अध्यक्ष, एम्स गुवाहाटी ने कहा कि भारत और विशेषकर मेघालय में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या चिंताजनक रूप से बढ़ रही है। लगभग 90 प्रतिशत दुर्घटनाएं वाहन चालकों की लापरवाही के कारण होती हैं और इन्हें रोकना संभव है। तेज गति और अनुशासनहीन ड्राइविंग मुख्य कारण हैं, जिन्हें जागरूकता, शिक्षा और नियमों के पालन से सुधारा जा सकता है। </p>
<p>प्रो. संजय ने मेघालय की सड़क दुर्घटना मृत्यु दर को राष्ट्रीय औसत से अधिक बताया और हाल की कई हताहत घटनाओं का हवाला देते हुए तत्काल निवारक कदमों की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने जनता से ट्रैफिक नियमों का पालन करने और जिम्मेदार ड्राइविंग अपनाने का आग्रह किया। रोड सेफ्टी एक्टिविस्ट और आर्थोपीडिक्स सर्जन डॉ. गौरव संजय ने कहा कि हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग दुर्घटनाओं में चोट की गंभीरता और संख्या दोनों को काफी हद तक कम कर सकता है।</p>
<p>प्रो. संजय ने  एनईआईजीआरआईएचएमएस प्रशासन, विशेषकर आर्थोपीडिक्स विभाग के प्रमुख प्रो. भास्कर बोरगोहैन का धन्यवाद किया और रोड सेफ्टी पर विचार साझा करने का अवसर देने के लिए आभार व्यक्त किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 24 Dec 2025 11:35:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ट्रैफिक नियम पालना की आदत डालें तो हादसों पर काफी हद तक होगा नियंत्रण : प्रेमचंद बैरवा</title>
                                    <description><![CDATA[डिप्टी सीएम और परिवहन मंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि यातायात नियमों के पालन से ही सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकता है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/if-you-get-used-to-traffic-rules-then-there-will/article-102594"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/78-(5)11.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। डिप्टी सीएम और परिवहन मंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि यातायात नियमों के पालन से ही सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकता है। हम यदि ट्रैफिक नियमों की पालना की आदत डाल लें तो हादसों पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जाना संभव है। बैरवा गुरुवार को कृषि प्रबंध संस्थान दुर्गापुरा में परवाह (केयर) की थीम पर आयोजित राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। बैरवा ने कहा कि खराब सड़क संरचना हमारे सामने बड़ी चुनौती है। गड्ढे, गलत स्पीड ब्रेकर गलत तरीके से बनाए चौराहे भी हादसों का कारण हैं। सरकार राजमार्गों पर ब्लैक स्पॉट्स के सुधार और रेस्ट एरिया के निर्माण से सड़क दुर्घटनाओं को कम करने पर काम कर रही है। सड़क सुरक्षा केवल सरकार की नहीं, बल्कि हम सबकी जिम्मेदारी है। परिवहन विभाग ने भी राज्य में दस वर्षीय कार्य योजना बनाई है। हादसों पर नियंत्रण के लिए सीएम भजनलाल शर्मा ने सभी विभागों की संयुक्त टीम बनाकर जिम्मेदारी तय की है। बैरवा ने इस दौरान सड़क सुरक्षा की शपथ भी दिलाई। </p>
<p><strong>राजस्थान में 11 हजार मौतें दुर्घटनाओं से होती :</strong></p>
<p>परिवहन आयुक्त शुचि त्यागी ने कहा कि हम रोड सेफ्टी को किसी एक महीने में नहीं बांध सकते। देश में सालाना एक लाख 60 हजार मौतें होती हैं और राजस्थान में 11 हजार मौतें दुर्घटनाओं से होती हैं। इर्न्फोसमेंट हमारी प्राथमिकता नहीं बल्कि नियम पालन जरूरी है। ओवर स्पीडिंग और लापरवाही से वाहन चलाना हादसों का बड़ा कारण है। आरटीओ प्रथम राजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत 20 हजार से अधिक बच्चों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया है। समारोह में सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में श्रेष्ठ कार्य करने वाले सड़क सुरक्षा प्रहरियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, मीडिया कर्मियों, कार्मिकों तथा भांकरोटा सड़क हादसे में बचाव कार्य कर अदम्य साहस का परिचय देकर मिसाल कायम करने वाले आमजन को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।    </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 31 Jan 2025 10:48:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ट्रैफिक पार्क में ट्रैफिक नियम बताने वाले बोर्ड हुए बदरंग</title>
                                    <description><![CDATA[ जानकारों का कहना है कि इस तरह के बदरंग बोर्ड से बच्चे क्या सीखेंगे। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/boards-telling-traffic-rules-in-traffic-park-have-become-discoloured/article-96662"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/257rtrer-(3)2.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर में तेजीसे बढ़ रहे वाहनों व सिकुड़ती सड़कों के कारण तो आए दिन हादसे हो ही रहे है। उसके अलावा ट्रैफिक नियमों की पालना नहीं करना भी हादसों का बड़ा कारण बन रहे है। लेकिन हालत यह है कि स्कूल-कॉलेज के बच्चों को जिन बोर्ड के माध्यम से ट्रैफिक नियम बताए जा रहे है। वह बोर्ड ही बदरंग हो रहे है। यह हालत है नए कोटा क्षेत्र के ट्रेफिक पार्क की। शहर के वाहन चालकों को ट्रैफिक नियमों की जानकारी देने के मकसद से नगर निगम ने गांधी उद्यान के पास एक बड़ा गार्डन बनाया। जिसका नाम दिया ट्रैफिक पार्क। इस पार्क में मुख्य प्रवेश द्वार से प्रवेश करते ही बांयी तरफ ट्रैफिक नियमों से संबंधित जानकारी के बोर्ड लगाए गए हैं। उन बोर्ड पर वाहन चलाने संबंधी नियम लिखे हुए हैं। साथ ही ट्रैफिक से संबंधित संकेतक व राज्यों के जिलों के कोड की जानकारी दी गई है। लेकिन हालत यह है उन बोर्ड पर लिखे नियम सही ढंग से पढ़ने मेंभी नहीं आ रहे है। नगर निगम होया ट्रैफिक पुलिस। परिवहन विभाग हो या अन्य संबंधित विभाग। जिस भी विभाग की जिम्मेदारी है। वह उसे सही ढंग से नहीं निभा रहे है। यही कारण है कि नियम के बोर्ड ही बदरंग हो रहे है। करीब एक दर्जन से अधिक बोर्ड लगे हुए हैं। जिनमें से अधिकतर बोर्ड बदरंग होने से उन पर लिखे नियम व जानकारी स्पष्ट पढ़ाई में ही नहीं आ रहे है। </p>
<p><strong>हर साल जनवरी में मनाते सड़क सुरक्षा सप्ताह</strong><br />शहर में यातायात कोसुगम बनाने व वाहन चानलकोंको यातायात नियमों की जानकारी देने व नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए ट्रैफिक पुलिस द्वारा विभिन्न विभागों के सहयोग से हर साल सड़क सुरक्षा सप्ताह मनाया जाता है। हर साल जनवरी में मनाए जाने वाले इस सप्ताह के दौरान  विभिन्न स्कूल व कॉलेज के बच्चों को ट्रैफिक पार्क का भ्रमण कराया जाता है। यहां पार्क में ट्रैफिक पुलिस के अधिकारी बच्चों को नियमों की जानकारी इन बोर्ड के माध्यम  से ही दे रहे है। लेकिन उन बोर्ड पर क्या लिखा हुआ है यह न तो उन्हें समझ आ रहा होगा और न ही बच्चों को। उसके बाद भी पिछले कई सालों से किसी ने भी उन बोर्ड की दशा सुधारने पर किसी का ध्यान नहीं है।  एक महीने बाद जनवरी में फिर से सड़क सुरक्षा सप्ताह आयोजित किया जाएगा। फिर से उन्हीं बदरंग बोर्ड से बच्चों को जानकारी दी जाएगी। जानकारों का कहना है कि इस तरह के बदरंग बोर्ड से बच्चे क्या सीखेंगे। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />जनवरी में सड़क सुरक्षा सप्ताह लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए मनाया जाता है। ट्रैफिक पार्क में बच्चों को भ्रमण करवाकर नियमों की जानकारी दी जातीहै। हालांकि पार्क में बोर्ड व ट्रैफिक नियमों संबंधी देखरेख का काम परिवहन विभाग द्वारा किया जाता है। नियम बोर्ड बदरंग हो रहेहैं तो उन्हें आरटीओ से बात कर सही करवाया जाएगा।यदि करेंगे तो ठीक वरना यह काम तो ट्रैफिक पुलिस के माध्यम से भी करवा दिया जाएगा। <br /><strong>- पूरण सिंह, यातायात निरीक्षक</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 04 Dec 2024 15:50:46 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>मोबाइल पर बात करते हुए दौड़ाते हैं बाइक</title>
                                    <description><![CDATA[चौराहों पर तैनात ट्रैफिक पुलिस कर्मी यातायात नियमों का उल्लंघन करते पकड़े जाने वालों पर तो चालान बनाकर कार्रवाई कर रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/ride-bike-while-talking-on-mobile/article-68142"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/untitled-design-(10).jpg" alt=""></a><br /><p>गुडली। कस्बे में कोटा लालसोट मेगा हाईवे पाटन से कोटा के बीच में एक तरफ तो सड़क सुरक्षा माह का आयोजन किया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ पुलिस की नाक के नीचे यातायात नियमों की धज्जियां उड़ रही है। पुलिस के सामने ही ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाते वाहन चालक बिना हेलमेट, तीन सवारी और मोबाइल पर बात करते हुए फरार्टें से निकल रहे हैं। जनता को भी अपनी जान की परवाह नहीं है तो पुलिस की आंखों के सामने यातायात नियम तोड़े जा रहे है फिर भी वे जान कर अनजान बने हुए है। वाहन चालकों में यातायात नियमों को पालना करने के लिए जागरुकता लाने के मकसद से  सरकार द्वारा सड़क सुरक्षा माह का आयोजन किया जा रहा है। पहले सड़क सुरक्षा सप्ताह मनाया जाता था। जिसमें सप्ताह भर तक वाहन चालकों को अलग-अलग माध्यमों से यातायात नियमों के प्रति जागरुक किया जाता था। बरसों से सप्ताह मनाने के बाद भी वाहन चालकों पर उसका कोई असर नहीं दिखा। इस बार सरकार के आदेश पर परिवहन विभाग व ट्रैफिक पुलिस द्वारा पूरे महीने जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। हालत यह है कि एक तरफ तो इस अभियान के तहत ट्रैफिक पुलिस के जवान जगह-जगह चौराहों पर खड़े हैं। वहीं दूसरी तरफ उसके बावजूद भी कई वाहन चालक विशेष रूप से दो पहिया वाहन चालक नियमों को ताक पर रखकर बेखौफ हो धज्जियां उड़ा रहे हैं।</p>
<p><strong>शरारती युवा बेखौफ रफ्तार से भगा ले जाते है बाइक</strong><br />चौराहों पर तैनात ट्रैफिक पुलिस कर्मी यातायात नियमों का उल्लंघन करते पकड़े जाने वालों पर तो चालान बनाकर कार्रवाई कर रहे हैं। हालांकि अधिकतर पकड़े गए लोग या तो परिवार के साथ जाते हुए या सभ्य परिवार के ही होते हैं। जबकि शरारती तत्व व युवा वर्ग पुलिस को देखकर वाहन इतनी तेजी से भगाते हैं कि पुलिस वाले उन्हें पकड़ ही नहीं पाते और वे बेखौफ होकर सड़कों पर दौड़ रहे हैं। जिससे ये खुद के लिए तो खतरनाक हैं। उससे अधिक अन्य वाहन चालकों व लोगों के लिए भी हादसों का कारण बन रहे हैं। इधर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह महीना यातायात नियमों की जानकारी देने व जागरूकता के लिए चलाया जाता है। इसमें कार्रवाई कम और समझाइश अधिक होती है। वैसे यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ बिना हैलमेट, सीट बेल्ट, गेंग साइड, शराब पीकर वाहन चलाने समेत अन्य सभी धाराओं में नियमित चालान चनाए जा रहे हैं।</p>
<p><strong>चलते वाहन पर मोबाइल से बात</strong><br />सबसे ज्यादा हद तो उस समय हो रही है जब कई वाहन चालक विशेष रूप से युवा वर्ग बाइक चलाते  मोबाइल पर बात करते हुए चल रहे हैं। चलते वाहन पर मोबाइल से बात करने पर उनका आधा ध्यान मोबाइल पर और आधा वाहन चलाने पर रहता है। जिससे हादसे होने का खतरा रहता है। मोबाइल पर बात करने के दौरान पीछे से आने वाले वाहनों के हॉर्न तक सुनाई नहीं देते। यहां तक कि अब तो लोग कान में इयरफोन और ब्लू टूथ तक लगाकर चलने लगे हैं। ये यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाने के साथ ही हादसों का कारण व खतरनाक भी हैं।</p>
<p><strong>जान जोखिम में डाल  चला रहे बाइक</strong><br />यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाने वाहन चालक न तो हैलमेट लगा रहे हैं और न ही सीट बेल्ट लगा रहे है। वाहन पकड़े जाने पर चालान काटा जाता है लेकिन इसके बाद फिर से बेखौफ नियमों की पालना किए बिना वाहन दौड़ाते है। जो पुलिस के डर से हेलमेट लेकर चल भी रहे हैं तो उन्होंने उसे वाहन के हैंडल पर लटका रखा है या फिर पीछे बैठे व्यक्ति या महिला को पकड़ा रखा है। जैसे ही चौराहे पर ट्रैफिक पुलिस वाले नजर आते हैं वैसे ही हेलमेट सिर पर रख लेते हैं और फिर उतार लेते हैं। ऐसे नजारे दिन भर देखने को मिल रह हैं और हर क्षेत्र में देखे जा सकते हैं। इतना ही नहीं दो पहिया वाहन पर दो सवारी से अधिक बैठना बना है। उसके बाद भी तीन या उससे अधिक लोग दो पहिया वाहनों परव बिना हेलमेट वाहन दौड़ा रहे हैं।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />अभियान के तहत लोगों को समझाइस की जा रही है और ट्रैफिक  नियम  पालन करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। हर साल अभियान चलाकर लोगों को यातायात नियमों की पालना के लिए जागरूक किया जाता है फिर भी कई लोग पालना नहीं करते है। इस पर समय-समय पर कार्रवाई भी की जाती है। <br /><strong>- विमल प्रकाश, ट्रैफिक इंचार्ज केशरायपाटन</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 25 Jan 2024 19:45:03 +0530</pubDate>
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                <title>शहर आपका, जान आपकी, फिर क्यों जोखिम </title>
                                    <description><![CDATA[चालकों की जागरूकता के बिना ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार आना मुश्किल है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/your-city--your-life--then-why-risk-it/article-65670"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/shahar-aoka.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर आपका अपना है, जान भी आपकी है। फिर क्यों बेतरतीब ढंग से वाहन चलाकर अपनी और अपनों की जान जोखिम में डालते हो। वाहन चालक यातायात नियमों की अंनदेखी कर न केवल ट्रैफिक व्यवस्था बिगाड़ रहे बल्कि खुद की जान भी जोखिम में डाल रहे हैं। अधिकतर वाहन चालकोें में ट्रैफिक सेंस नहीं है, इसकी गवाही शहर के व्यस्तम चौराहों पर रोंग साइड जाते वाहन चालकों की तस्वीर खुद बयां कर रही है। वहीं, आंकड़ों की बात करें तो वर्ष 2023 नवम्बर तक यातयात नियमों के उल्लंघन करने पर पुलिस ने कुल 70 हजार 102 लोगों के चालान किए हैं। इसके  बावजूद लोग नियमों के उल्लंघन से बाज नहीं आए हैं। हालांकि, पिछले तीन साल के रिकॉर्ड देखें तो चालान की दर में कमी आई है। वर्ष 2021 में कुल चालान 1 लाख 38 हजार 976 था। वहीं, वर्ष 2022 में चालानों की संख्या घटकर 70 हजार 217 रह गई। </p>
<p><strong>40 फीसदी लोग नहीं करते नियमों का पालन</strong><br />शहर के चौराहों पर यातायात व्यवस्थित करने वाले ट्रैफिक पुलिसकर्मी अपने अनुभव के आधार पर बताते हैं कि शहर में अभी भी 40 से 45 फीसदी वाहन चलाने वाले चालक ट्रैफिक नियमों की परवाह नहीं करते हैं। चालकों की जागरूकता के बिना ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार आना मुश्किल है।</p>
<p><strong>चालक निभाएं जिम्मेदार नागरिक का कर्तव्य  </strong><br />पुलिस अपनी ओर से ट्रैफिक व्यवस्था दुरूस्त करने की पूरी कोशिश करती है, लेकिन जिम्मेदारी तो वाहन चलाने वालों की भी बनती है कि वो यातायात नियमों का पालन कर जागरूक नागरिक का कर्तव्य निभाएं। हालांकि ट्रैफिक पुलिस नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई में ढिलाई भी बरती है। जिसकी वजह से ऐसे लापरवाह चालकों के हौसले बढ़ जाते हैं। </p>
<p><strong>सख्ती बरतने पर जनता करती है नियमों का पालन</strong><br />यातायात व्यवस्थित करने की जिम्मेदारी ट्रैफिक पुलिस पर है, लेकिन वह अपनी इच्छानुसार ही कार्रवाई करती है। सड़क सुरक्षा सप्ताह के दौरान ही अभियान चलाती है और सात दिन बाद ही अभियान बंद हो जाता है। विशेषज्ञ कहते हैं कि जनता सख्ती बरतने पर नियम का पालन करती है। ऐसे में पुलिस को समय समय पर अभियान चलाकर नियमों का उल्लंघन करने वाले लापरवाहों के खिलाफ सख्ती बरतना चाहिए। </p>
<p><strong>देखिए, लोग ऐसे तोड़ रहे नियम</strong><br /><strong>सीन-1 </strong>शनिवार सुबह 11 बजे : सब्जीमंडी रोड पर बाइक पर छावनी निवासी प्रेम सिंह (परिवर्तित नाम ) किराने का सामान लेकर रांग साइड से आ रहे थे। उन्हें रोकर बात तो उन्होंने कहा वे हमेशा ही ट्रैफिक नियमों का पालन करते हैं। लेकिन, आज थोड़ी जल्दी में था इसलिए इधर से निकल गया। </p>
<p><strong>सीन-2</strong> दोपहर 2.30 बजे : रावतभाटा रोड स्थित गुमानपुरा फ्लाईओवर से ठीक पहले एक कार चालक कार रोंग साइड से शोपिंग सेंटर की तरफ जाने लगा। जबकि, सब्जीमंडी से घोड़ा सर्किल की ओर फ्लाईओवर से तेजी से आ रहे लोडिंग वाहन को देख कार चालक हड़बड़ाहट में संतुलन खो बैठा और कार बीच रोड पर बंद हो गई। ऐसे में लोडिंग वाहन चालक तुरंत ब्रेक न लगाने पर हादसा हो सकता था। </p>
<p><strong>सीन-3 </strong>दोपहर 3 बजे छावनी फ्लाईओवर से गुमानपुरा की ओर बाइक पर दो युवक रोंग साइड से जा रहे थे। इसी बीच छावनी चौराहे से एयरोड्रम सर्किल की ओर गुजर रहे वाहनों के बीच में बाइक आने से कुछ देर के लिए जाम लग गया। जिससे वाहन चालकों को परेशान होना पड़ा। </p>
<p><strong>सीन-4</strong> दोपहर 3.25 बजे : एयरोड्रम सर्किल स्थित अंडरपास पर घोड़ा सर्किल की ओर एक बाइक सवार बिना हेलमेट और क्षमता से अधिक सवारी बिठाकर गुजर रहा था। बाइक पर चार सवारी थी, छोटे बच्चे को टंकी पर बिठा रखा था। ऐसे में चालक के साथ परिवार की जान भी जोखिम में थी। </p>
<p><strong>सीन-5</strong> शाम 4 बजे : नयापुरा स्थित जेडीबी कॉलेज रोड पर से स्कूटर सवार अपने दो बच्चों को लेकर गुजरा। चालक ने हेलमेट भी नहीं लगा रखा और तीन सवारी बिठाकर वाहन चला रहा था। स्कूटर पर दो स्कूली बच्चे थे। चालक की एक गलती से बच्चों की जान संकट में पड़ सकती थी। </p>
<p><strong>सीन-6 </strong>शाम 4.12 बजे : नयापुरा रोड पर एक बाइक सवार घर से हेलमेट लेकर तो निकला लेकिन ट्रैफिक पुलिस से बचने के लिए। उसने हेलमेट सिर पर लगाने के बजाए बाइक पर लगे साइड ग्लास पर टांक रखा था। वहीं, 5 बजे  छावनी से गुमानपुरा की ओर जा रहा आॅटो चालक ने मल्टीपरपज स्कूल के पास रावतभाटा लिंक रोड पर अचानक ब्रेक लगा दिए। जिससे पीछे से आ रहे बाइक सवार आॅटो से टकराते बाल-बाल बचा। आॅटो चालक ने मुड़ने से पहले न तो एंडीगेटर दिया और न ही स्पीड धीमी की। </p>
<p>यातायात नियमों का पालन करना वाहन चालक व उसके परिवार के हित में है। शहरवासियों की सुरक्षा के लिए ही ट्रैफिक पुलिस सर्दी-गर्मी हो या बरसात हर मौसम में सड़कों पर खड़ी रहती है। चालान बनाने के साथ समझाइश भी करती है। लेकिन, जिम्मेदारी तो वाहन चलाने वालों की भी बनती है कि वो नियमों का पालन कर जागरूक नागरिक का कर्तव्य निभाएं।  वहीं, न्यू ईयर पर यातायात व्यवस्था को लेकर पुलिस ने 34 स्थानों पर 90 से ज्यादा जवान तैनात किए हैं। <br /><strong>- राजेश ढाका, पुलिस उपाधीक्षक, यातायात</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 Jan 2024 19:34:39 +0530</pubDate>
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                <title>सड़कों पर मौत बनकर बेखौफ वाहन दौड़ा रहे नाबालिग</title>
                                    <description><![CDATA[नाबालिग किसकी अनुमति से सड़क पर वाहन दौड़ा रहे हैं, इस प्रश्न पर पुलिस, परिवहन अधिकारी, यातायात विभाग सभी चुप्पी साधे हैं, ट्रैफिक पुलिस को बच्चों के भविष्य की कोई चिंता नहीं है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/minors-are-fearlessly-driving-as-death-on-the-roads/article-64547"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-12/सड़कों-पर-मौत-बनकर-बेखौफ-वाहन-दौड़ा-रहे-नाबालिग.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के प्रमुख चौराहों पर नाबालिग खुलेआम यातायात नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। ट्रैफिक पुलिस की आंखों के सामने न केवल वाहन दौड़ा रहे बल्कि मोटरयान नियमों का भी मखौल उड़ा रहे हैं। जिम्मेदारों की घोर लापरवाही के कारण नाबालिग खुद के साथ अन्य वाहन चालकों की जान भी खतरे में डाल रहे हैं। जबकि, कुछ माह पहले ही गुमानपुरा फ्लाईओवर से गिरकर नाबालिग बाइक चालक की दर्दनाक मौत हो चुकी है। इसके बावजूद न ट्रैफिक पुलिस और न ही अभिभावकों ने सबक लिया। नतीजन, चौराहों पर हर दिन हादसे हो रहे हैं। इसका ताजा उदारहण हाल ही में नाबालिग वाहन चालक द्वारा कार को टक्कर मारने के बाद कार सवार युवकों द्वारा अपहरण कर पिता से पैसे मांगने का मामला भी सामने आ चुका है। फिर भी पुलिस प्रशासन मूक दर्शक बना हुआ है।  शहरवासियों की लगातार मिल रही शिकायतों पर दैनिक नवज्योति ने सोमवार को शहर के व्यस्तम चौराहों का जायजा लिया तो चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई। पेश हैं खबर के प्रमुख अंश...</p>
<p><strong>स्कूटी-बाइक से स्कूल जा रहे नाबालिग</strong><br />शहर के स्कूलों में नाबालिग छात्र बाइक और छात्राएं स्कूटी लेकर स्कूल पहुंच रहे हैं। दोपहर को छुट्टी होने के बाद मुख्य चौराहों पर बेखौफ फर्राटे भर रहे हैं। जबकि, नाबालिगों का वाहन चलाना कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है, फिर भी न तो अभिभावकों को परवाह है और न ही शिक्षकों को। यही वजह है शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी नाबालिग वाहन चालकों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। </p>
<p><strong>जिम्मेदारों की चुप्पी बर्बाद कर रही भविष्य</strong><br />नाबालिगों के वाहन चलाने के कारण दुर्घटना का खतरा बना रहता है।  किशोर बगैर हेलमेट के तेज गति से बाइक चलाते सड़कों पर दिख रहे हैं लेकिन इन्हें रोकने वाला कोई नहीं है। ये नाबालिग किसकी अनुमति से सड़क पर वाहन दौड़ा रहे हैं, इस प्रश्न पर पुलिस, परिवहन अधिकारी, यातायात विभाग सभी चुप्पी साधे हैं। ट्रैफिक पुलिस को बच्चों के भविष्य की कोई चिंता नहीं है।</p>
<p><strong>हादसों का कारण बन रहे नाबालिग</strong><br />शहर के विभिन्न इलाकों नाबालिग छात्र पावर बाइक स्पीड से दौड़ा रहे हैं। आगे चल रहे वाहनों को ओवरटेक कर रोंग साइड आ जाते हैं। ऐसे में अपनी लेन में चल रहे वाहनों से टकरा जाते हैं। सड़कों पर आए दिन हादसे हो रहे हैं। अधिकतर मामले समझाइश के कारण थाने तक नहीं पहुंचते। हालात यह है कि अभिभावकों ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के हाथों में बाइक व रेसिंग स्कूटर थमा दिए हैं। पिछले 9 माह पहले ही गुमानपुरा पुलिया से 40 फीट नीचे गिरने से 9वीं कक्षा के छात्र अंशु की दर्दनाक मौत हो चुकी है। इसके बावजूद जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी, अभिभावक व स्कूल संचालक बेपरवाह बने हुए हैं। </p>
<p><strong>सीएडी से घोड़ा सर्किल तक बाइक दौड़ा रहे छात्र</strong><br />नवज्योति टीम दोपहर डेढ़ बजे सीएडी व घोड़ा सर्किल पर पहुंची। जहां कॉन्वेंट स्कूलों की छुट्टी होने के बाद बड़ी संख्या में नाबालिग वाहन चालक सीएडी से घोड़ा सर्किल तक बाइक दौड़ाते हुए नजर आए। जबकि,  यहां सर्किल पर ट्रैफिक पुलिस के जवान मौजूद थे। इसके बावजूद न तो उन्हें पाबंद किया और न ही स्कूल संचालकों से समझाइश की। </p>
<p><strong>स्कूल प्रबंधन भी लापरवाह </strong><br />शहर के अधिकतर निजी स्कूलों में बाइक व स्कूटी से छात्र-छात्राओं के स्कूल पहुंचने के नजारे आम है। निजी और सरकारी सभी स्कूल के साइकिल स्टैंड पर छात्र-छात्राओं की बाइक व स्कूटी खड़ी रहती हैं। हायर सेकेंडरी तक में पढ़ने वाले सभी बच्चे 18 से कम उम्र के रहते हैं। स्कूल प्रबंधन को यह भी पता होता है कि जो बच्चे बाइक या स्कूटी से आ रहे हैं, वे नाबालिग हैं इसके बावजूद एक्शन नहीं लिया जाता। </p>
<p><strong>समझाइश के बाद भी नहीं माने तो कार्रवाई</strong><br />नाबालिग बच्चों को स्कूल जाने के लिए बाइक का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। अभिभावकों को भी इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि बच्चे बाइक लेकर बाहन न जाएं। अभियान चलाकर नियमों का उल्लंघन करने वालों की समझाइश करेंगे। साथ ही स्कूलों में जाकर जागरूक करेंगे, संचालकोें को नाबालिग छात्रों को बाइक लेकर स्कूल न आने देने के लिए पाबंद करेंगे। इसके बावजूद नाबालिग वाहन चलाते मिले तो उनके अभिभावकों के खिलाफ उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। <br /><strong>- राजेश ढाका, पुलिस उपाधीक्षक, यातायात </strong></p>
<p><strong>बैठक में उठाएंगे मामला</strong><br />स्कूली छात्रों का वाहन चलाना चिंताजनक है। स्कूल एसोसिएशन की बैठक में यह मामला उठाएंगे। शाला संचालकों के साथ मिलकर प्रार्थना सभा में बच्चों को मोटर यान नियमों की जानकारी देकर जागरूक करने की पहल करेंगे। वहीं, पीटीएम में अभिभावकों की भी समझाइश करेंग कि वे अपने बच्चों को बाइक-स्कूटी देकर स्कूल न भेजे। <br /><strong>- जमना शंकर प्रजापति, जिलाध्यक्ष, निजी स्कूल संचालक संघ कोटा </strong></p>
<p><strong>एक्सपर्ट व्यू वाहन स्वामी पर 25 हजार तक का जुर्माना</strong><br />किसी भी सार्वजनिक स्थान पर 16 वर्ष की उम्र पूरी कर चुका किशोर 50सीसी  क्षमता तक का वाहन चला सकता है लेकिन इस सीसी के वाहन अब बंद हो चुके वहीं, 18 वर्ष से अधिक के युवक वाहन चलाने के लिए अनुज्ञा पत्र प्राप्त करके अधिकृत हो जाता है। यदि, इस उम्र के व्यक्ति के पास अनुज्ञा पत्र नहीं है तो उसे 3 माह तक का कारावास या 5000 तक का जुर्माना या दोनों से दंडित किया जा सकेगा। लेकिन कोई भी किशोर मोटरयान अधिनियम के किसी भी प्रावधान का उल्लंघन करता है तो ऐसी स्थिति में अपराध की गंभीरता बढ़ जाती है और वाहन स्वामी को 3 वर्ष तक का कारावास या 25000 तक का जुर्माना या दोनों से दंडित किया जा सकेगा। साथ ही ऐसा किशोर 25 वर्ष की उम्र से पहले लाइसेंस प्राप्त करने का अधिकार खो देगा और 12 माह की अवधि के लिए वाहन की आरसी भी रदद की जा सकती है। ट्रांसपोर्ट व्हीकल के लिए न्यूनतम उग्र 20 वर्ष है। <br /><strong>- विवेक नंदवाना, वरिष्ठ अधिवक्ता</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 Dec 2023 18:05:46 +0530</pubDate>
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                <title>कारों में सिक्स एयरबैग का फैसला टला </title>
                                    <description><![CDATA[ऑटो उद्योग में वैश्विक आपूर्ति चेन में बाधाओं और आर्थिक की कमी के कारण नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। कच्चे सामानों की आपूर्ति कराने में लगातार कमी आ रही है, ऐसे में सिक्स एयरबैग को अनिवार्य करने वाले प्रस्ताव को लागू के प्रस्ताव को अब एक अक्टूबर 2023 से प्रभावी माना जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/the-decision-to-have-six-airbags-in-cars-postponed/article-24895"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-09/nitin-gadkari.jpg" alt=""></a><br /><p>दिल्ली। मोदी सरकार ने 8 सीट तक वाली एम1 कैटेगरी की कारों में सिक्स एयरबैग जरूरी करने के फैसले को एक साल के लिए टाल दिया है। यह फैसला एक अक्टूबर से लागू होना था, लेकिन अब यह फैसला एक अक्टूबर, 2023 से लागू होगा। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने ट्विट किया कि ऑटो इंडस्ट्री फिलहाल ग्लोबल सप्लाई चेन से जुड़ी दिक्कतों का सामना कर रही है, इसी को ध्यान में रखते हुए इसे टाला गया है। नितिन गडकरी ने लिखा कि ऑटो उद्योग में वैश्विक आपूर्ति चेन में बाधाओं और आर्थिक की कमी के कारण नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। कच्चे सामानों की आपूर्ति कराने में लगातार कमी आ रही है, ऐसे में सिक्स एयरबैग को अनिवार्य करने वाले प्रस्ताव को लागू के प्रस्ताव को अब एक अक्टूबर 2023 से प्रभावी माना जाएगा।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि गडकरी ने कार में सिक्स एयरबैग्स देने की योजना पर पिछले साल से ही काम करना शुरू कर दिया था। इससे पहले मंत्रालय ने एक जुलाई 2019 से ड्राइवर एयरबैग और एक जनवरी 2022 से फ्रंट पैसेंजर एयरबैग को मैंडेटरी किया था। अभी किसी भी कार के बेस वैरिएंट में दो एयरबैग्स मिलते हैं, इसमें एक ड्राइवर और दूसरा फंट्र् पैसेंजर के लिए होता है।</p>
<p><strong>कुछ कारों में ही सिक्स एयरबैग्स की सुविधा</strong></p>
<p>कारों में एयरबैग को सबसे जरूरी सेफ्टी फीचर्स माना जाता है, लेकिन, वाहन निर्माता कंपनियां कुछ महंगी कारों में ही सिक्स एयरबैग्स देती हैं। ऐसी कारों की अनुमानित संख्या देश की सड़कों पर दौड़ने वाली कुल कारों में दस फीसदी से भी कम है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 30 Sep 2022 10:32:46 +0530</pubDate>
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