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                <title>headache - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>तेज आवाज का डीजे साउण्ड, बढ़ा रहा सिरदर्द, परीक्षा की तैयारी में डीजे साउण्ड डाल रहे खलल </title>
                                    <description><![CDATA[प्रशासन द्वारा जल्द इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो बच्चों पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है।
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/loud-dj-sound--increasing-headache/article-103796"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/257rtrer-(7)8.png" alt=""></a><br /><p>खानपुर। प्रदेश में सीबीएसई एवं बोर्ड की परीक्षाएं जैसे जैसे नजदीक आती जा रही हैं, वैसे वैसे परीक्षार्थी दिन रात मेहनत करने में जुटे हुए है, लेकिन शादी ब्याह में बज रहे तेज आवाज में साउंड छात्रों की परेशानी बढ़ा रहे है। शादी ब्याह में लोग अपनी खुशी के लिए बच्चों के भविष्य से खेल रहे हैं, जगह जगह तेज आवाज में बज रहे लाउडस्पीकर और डीजे उनकी एकाग्रता को भंग कर रहे है। वही रात की नींद भी खराब कर रहे है । सरकार के आदेशानुसार तेज आवाज में लाउडस्पीकर बजाने पर रोक है, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हो रही है। खानपुर वासियों का कहना है कि ध्वनि प्रदूषण पर शासन प्रशासन के नियंत्रण के दावे की डीजे संचालन हवा निकाल रहे है। लाउडस्पीकर का शोर 55 डेसिबल होना चाहिए लेकिन डीजे संचालक 150 डेसिबल तक बजाया जा रहा है। इससे स्टूडेंट के साथ बुजुर्ग,हाट के मरीज परेशान हो चुके हैं, तेज शोर से लोगों के कान कमजोर हो रहे हैं। जबकि डीजे साउंड को कम आवाज में बजाने का समय रात के 10 बजे तक का ही है, लेकिन देर रात तक तेज आवाज में डीजे साउंड बज रहे हैं इससे बोर्ड परीक्षा,सीबीएसई सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों में जुट छात्र छात्राओं को तेज आवाज में बजने वाले डीजे से पढ़ाई कमजोर पड़ रही है, इससे उनका ध्यान भी भटक रहा है। शादी में खुशी के लिए लोग बच्चों के भविष्य से खेल रहे हैं, जिससे उन्हें परीक्षा परिणाम बिगड़ने का डर सा बना हुआ है । प्रशासन द्वारा जल्द इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो बच्चों पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है।</p>
<p><strong>अभिभावकों को बच्चों का परिणाम बिगड़ने का सता रहा डर</strong><br />कस्बे में बारात निकासी जुलूस में निर्धारित मापदंड से दोगुने साउंड सिस्टम के साथ गलियों में निकाले जा रहे है। परीक्षार्थियों की परीक्षाएं नजदीक है लेकिन डीजे बजाने वालो को न तो बच्चों की परीक्षा का ख्याल है ना ही अस्पताल के सामने से गुजरते हुए मरीजों की स्थिति का ध्यान तेज आवाज में बजने वाले साउंड सिस्टम से हार्ट मरीजों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है, इसके बावजूद किसी को कोई फिक्र नहीं है। देर रात तक तेज आवाज में उन्हें बजने वाले लाउड स्पीकर से बच्चे पढ़ नहीं पाते इससे अभिभावक चिंतित है, इससे उनके परिणाम बिगड़ने का डर सता रहा है। इसी के साथ स्कूलों के आसपास भी डीजे साउंड धीमी आवाज में निकलना चाहिए ताकि बच्चों की पढ़ाई खराब ना हो। </p>
<p><strong>शादी में डीजे पर नाचते वक्त युवक की हुई थी मौत</strong><br />मंगलवार रात को जरगा गांव निवासी राघवेंद्र 23 वर्ष पुत्र रामबिलास नागर गांव के ही पड़ौसी दोस्त की शादी में खानपुर गया हुआ था, जहां पर निकासी में नाच रहा था। इसी दौरान गश खाकर गिर पड़ा। जिसे परिजन तुरंत अस्पताल ले गए जहां पर चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। इस पर चिकित्सकों ने हार्ट अटैक की आशंका जताई थी। इससे पूर्व में भी लगभग 6 माह पूर्व मालनवासा गांव में भजन संध्या के दौरान पंचायत सहायक सचिव की अटैक आने से मौत हो गई थी।</p>
<p>उछल जाती है और दीवार पर टंकी तस्वीर भी हिल जाती है, डीजे का डेसीबल कम होना चाहिए। <br /><strong>- राजकुमार, छात्र  </strong></p>
<p>अभी शादी समारोह तेजी से चल रहे हैं इनको हम रोक नहीं सकते यह रीति रिवाज है लेकिन इससे बच्चों की पढ़ाई पर असर न पड़े इसलिए डीजे का डेसिबल कम होना चाहिए।<br /><strong>- सत्यनारायण मौर्य, ग्रामीण </strong></p>
<p>जब रोड से डीजे बजते हुए निकलते हैं तो बुजुर्ग व्यक्तियों के लिए बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता है उनका हार्ट कंपन करने लग जाता है। <br /><strong>- निर्मला लखारा, ग्रामीण  </strong></p>
<p>शादी समारोह में जो देर रात तक डीजे बजाते हैं उनसे बालकों को पढ़ाई में परेशानी का सामना तो करना पड़ता ही है उसी के साथ खानपुर 5दिन पहले एक बालक डांस करते हुए बेहोश हो गया, ऐसा नहीं होना चाहिए । <br /><strong>- प्रिंस नागर, छात्र</strong></p>
<p>मैं एक छात्र हूं और पूरे साल मैंने परीक्षा पास करने के लिए मेहनत की है और मुझे पढ़ाई का समय रात को ही मिलता है और रात में यदि डीजे साउंड बहुत तेज रहता है तो इससे मेरे को पढ़ाई में परेशानी उत्पन्न होती है अत: निवेदन है कि डीजे 10 बजे बाद ना बजाए जाए और इनका डेसीबल कम रखा जाए। <br /><strong>- विजय कुमार, छात्र </strong><br /> <br />सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार रात्रि को 10 बजे से 5 तक जो प्रतिबंध है उसे पुलिस के माध्यम से खानपुर थाना अधिकारी को निर्देशित कर प्रतिबंध लगाया जाएगा। <br /><strong>- रजत कुमार,विजय वर्गीय उपखंड अधिकारी खानपुर</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 10 Feb 2025 18:17:19 +0530</pubDate>
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                <title>वेट लॉस डाइट से हो रहा है सिरदर्द, तो यह नुस्खे आएंगे काम</title>
                                    <description><![CDATA[जो लोग अपने बढ़ते वजन से परेशान रहते हैं, वह सबसे पहले अपनी खान-पान की आदतों में ही बदलाव करते हैं। यहां तक कि कुछ लोग तो जल्द और बेहतर रिजल्ट पाने के लिए किसी खास तरह की डाइट को भी फॉलो करते हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/health/headache-is-happening-due-to-weight-loss-diet-then-these/article-25334"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-10/fo.jpg" alt=""></a><br /><p>वजन कम करने के लिए सबसे पहले अपनी डाइट पर ध्यान देना आवश्यक होता है। जो लोग अपने बढ़ते वजन से परेशान रहते हैं, वह सबसे पहले अपनी खान-पान की आदतों में ही बदलाव करते हैं। यहां तक कि कुछ लोग तो जल्द और बेहतर रिजल्ट पाने के लिए किसी खास तरह की डाइट को भी फॉलो करते हैं। सिरदर्द से छुटकारा पाने से पहले आपको यह जानना आवश्यक है कि वेट लॉस के दौरान व्यक्ति को सिरदर्द क्यों होता है। इसकी कई वजहें होती हैं। डाइटिंग करने से शरीर में कुछ विटामिन्स की कमी हो जाती है। इसके अलावा तनाव, शरीर में पानी की कमी,कैलोरी कम लेना आदि भी सिरदर्द की समस्या को बढ़ावा देता है। </p>
<p><strong>पहले करें एक्सरसाइज </strong><br />कुछ लोग वजन कम करने के लिए सीधा ही डाइटिंग करना शुरू कर देते हैं। लेकिन जब आप ऐसा करते हैं तो इससे व्यक्ति को बैचेनी होना, सिर में भारीपन या सिर में दर्द की शिकायत हो सकती है। ऐसे में जरूरी है कि आप पहले अपने शरीर को इस बदलाव के लिए तैयार करें।  </p>
<p><strong>एकदम से ना करें कम </strong><br />वेट लॉस के दौरान कुछ लोग कैलोरी का सेवन एकदम से कम कर देते हैं। लेकिन वास्तव में ऐसा करने से आपको सिर में भारीपन व दर्द की समस्या हो सकती है। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि बहुत कम कैलोरी का सेवन करने से बॉडी कैलोरी डेफिसिट मोड में चली जाती है। जिससे सिरदर्द हो सकता है। कुछ लोग जब वजन कम करना शुरू करते हैं, तो कैलोरी मेंटेन करने के लिए मील्स स्किप करना शुरू कर देते हैं। लेकिन इस तरह से वजन कम नहीं होता है और सिरदर्द की समस्या भी बढ़ती है। वजन कम करने के लिए खाना स्किप करना सही तरीका नहीं है।  आपको स्लो मेटाबॉलिज्म, लो एनर्जी और आपके शरीर में कैलोरी की कमी के कारण सिरदर्द हो सकता है। </p>
<p><strong>फाइबर की मात्रा पर दें ध्यान </strong><br />अगर आप हेल्दी तरीके से वजन कम करना चाहती है, तो ऐसे में लो फैट और हाई फाइबर फूड लेना अधिक विचार हो सकता है। जब आप इस तरह के आहार का सेवन करते हैं तो इससे सिरदर्द व माइग्रेन के लक्षणों से राहत मिलती है।  जब आप वेट लॉस कर रहे हैं, तो ऐसे में आपको कुछ खास तरह के फूड्स का सेवन करना चाहिए।  ऐसे कई फूड्स होते हैं,जो ना केवल वेट लॉस में मदद करते हैं, बल्कि सिरदर्द की समस्या को भी कम करते हैं। आपको अपनी डाइट में हरी पत्तेदार सब्जियां, मेवे, फैटी फिश, फल और सीड्स आदि को जरूर शामिल करना चाहिए। </p>
<p><strong>ना करें समझौता </strong><br />जब आप वेट लॉस डाइट पर हैं और आपको लगातार सिरदर्द की समस्या का सामना करना पड़ता है तो हो सकता है कि आप अपने वाटर इनटेक पर ध्यान ना देते हों। शरीर में पानी की कमी के कारण निर्जलीकरण हो सकता है और यह सिरदर्द के प्रमुख कारणों में से एक है।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 04 Oct 2022 13:21:18 +0530</pubDate>
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