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                <title>political party - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>कलवकुंतला कविता ने की तिरुमाला में भगवान वेंकटेश्वर स्वामी की पूजा-अर्चना: नई राजनीतिक पार्टी बनाने का दिया संकेत, दिल्ली आबकारी नीति के मामले में मिली क्लीन चीट</title>
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                        <![CDATA[दिल्ली आबकारी मामले में बरी होने के बाद कलवकुंतला कविता ने तिरुमाला मंदिर में भगवान वेंकटेश्वर की पूजा की। उन्होंने अपनी मन्नत पूरी होने पर पैदल यात्रा की और क्लीन चिट मिलने पर खुशी जताई। कविता ने जल्द ही तेलंगाना के लोगों के लिए एक नई क्षेत्रीय राजनीतिक पार्टी बनाने का संकेत दिया है, जो राज्य के हितों के लिए कार्य करेगी।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/kalvakuntla-kavita-worshiped-lord-venkateswara-swamy-in-tirumala-hinted-at/article-145462"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/k.-kavita.png" alt=""></a><br /><p>तिरुमाला। तेलंगाना जागृति की अध्यक्ष कलवकुंतला कविता ने शुक्रवार सुबह तिरुमाला मंदिर में भगवान वेंकटेश्वर स्वामी की पूजा-अर्जना की। कविता अपने पति अनिल के साथ सुबह मंदिर गईं और भगवान के दर्शन किए। वह गुरुवार शाम को अलीपिरी की सीढिय़ों से पैदल तिरुमाला पहुंची थीं, ताकि एक मन्नत पूरी कर सकें। दर्शन के बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले चार सालों से वह जिस मानसिक पीड़ा का सामना कर रही थीं, वह भगवान वेंकटेश्वर की कृपा से खत्म हो गई। </p>
<p>उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा कहा है कि सच्चाई, न्याय और नेकी उनके साथ हैं और उन्होंने खुशी जताई कि अदालत ने उन्हें दिल्ली आबकारी नीति के मामले में पूरी तरह से बरी कर दिया  है। उन्होंने कहा, भगवान के आशीर्वाद से, मुझे क्लीन चिट मिल गई है। इसीलिए मैं पैदल तिरुमाला आई और अपनी मन्नत पूरी होने पर भगवान वेंकटेश्वर की पूजा-अर्चना की।</p>
<p>कविता ने संकेत दिया कि वह जल्द ही तेलंगाना के लोगों की उम्मीदों को पूरा करने के लिए एक नयी राजनीति पार्टी बनाएंगी। उन्होंने कहा, हम आने वाले दिनों में एक राजनीतिक पार्टी बनाने की योजना बना रही हूं जो राज्य के लोगों के लिए तेलंगाना की गृह पार्टी के तौर पर काम करेगी। मैंने भगवान से प्रार्थना की है कि नयी पार्टी को उनका आशीर्वाद और कृपा मिले। उन्होंने कहा कि हालांकि तेलंगाना और आंध्र प्रदेश अलग-अलग राज्य हैं, लेकिन दोनों इलाकों के लोगों को मिलजुलकर रहना चाहिए। कविता ने कहा कि उन्होंने तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के लोगों की भलाई और खुशहाली के लिए प्रार्थना की।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 06 Mar 2026 12:53:16 +0530</pubDate>
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                <title>हम कोई आदेश किसी राजनीतिक दल से सलाह लेकर पारित नहीं करते: Supreme Court</title>
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                        <![CDATA[ सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि तीनों अंगों के बीच आपसी सम्मान की भावना होनी चाहिए। क्या कोई इस तरह अदावत करेगा। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/we-do-not-pass-any-order-after-taking-advice-from/article-89026"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/supreme-court--3.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बीआरएस नेता के कविता को मिली जमानत पर तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के बयानों पर कड़ी आपत्ति जताई है। सुप्रीम कोर्ट जब रेवंत रेड्डी के खिलाफ 2015 के कैश फॉर वोट मामले की सुनवाई तेलंगाना से बाहर ट्रांसफर करने की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी तो उसने कहा कि वो लंच के बाद आदेश पारित करेगा। जब दोपहर के बाद कोर्ट बैठी तो जस्टिस बीआर गवई ने तेलंगाना सरकार की ओर से पेश वकील मुकुल रोहतगी से कहा कि देखिए उन्होंने क्या बयान दिया है। क्या एक जिम्मेदार मुख्यमंत्री से ऐसी अपेक्षा की जा सकती है। क्या हम कोई आदेश किसी राजनीतिक दल से सलाह लेकर पारित करते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि क्या एक जिम्मेदार मुख्यमंत्री से ऐसी अपेक्षा की जा सकती है?</p>
<p><strong>क्या कहा था रेड्डी ने</strong><br />दरअसल के कविता को सुप्रीम कोर्ट की ओर से जमानत मिलने के बाद रेवंत रेड्डी ने कहा था कि जमानत बीआरएस और बीजेपी कि मिलीभगत का नतीजा है। </p>
<p><strong>हम हमेशा कहते हैं कि हम कार्यपालिका या विधायिका के काम में दखल नहीं देंगे</strong><br />सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि तीनों अंगों के बीच आपसी सम्मान की भावना होनी चाहिए। क्या कोई इस तरह अदावत करेगा। हम हमेशा कहते हैं कि हम कार्यपालिका या विधायिका के काम में दखल नहीं देंगे। लेकिन ऐसी ही उम्मीद आपसे भी है। उसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने रेवंत रेड्डी के खिलाफ 2015 के कैश फॉर वोट मामले की सुनवाई तेलंगाना से बाहर ट्रांसफर करने की मांग करने वाली याचिका पर 2 सितंबर को सुनवाई करने का आदेश दिया।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/we-do-not-pass-any-order-after-taking-advice-from/article-89026</link>
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                <pubDate>Fri, 30 Aug 2024 14:12:18 +0530</pubDate>
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                <title>राष्ट्रीय दल बनते ही टीआरएस का बदला नाम, हुआ भारतीय राष्ट्र समिति</title>
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                        <![CDATA[तेलंगाना भवन में हुई बैठक में टीआरएस के 283 पार्टी सदस्य उपस्थित हुए, इनमें पार्टी के वरिष्ठ नेता भी शामिल थे। इसी बैठक में टीआरएस को नये दल में शामिल करने का प्रस्ताव भी पारित किया गया।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/trs-changed-its-name-as-soon-as-it-became-a/article-25512"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-10/66.jpg" alt=""></a><br /><p>हैदराबाद। 21 वर्ष पहले अलग राज्य की मांग को लेकर गठित की गयी तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) राष्ट्रीय पार्टी बन गयी और वह 'भारतीय राष्ट्र समिति'  के रूप तब्दील हो गयी। टीआरएस के अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने राष्ट्रीय पार्टी की घोषणा करते हुए कहा कि पार्टी कार्यालय में दल की आम सभा हुई जिसमें टीआरएस का नाम बदलकर बीआरएस करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। तेलंगाना भवन में हुई बैठक में टीआरएस के 283 पार्टी सदस्य उपस्थित हुए, इनमें पार्टी के वरिष्ठ नेता भी शामिल थे। इसी बैठक में टीआरएस को नये दल में शामिल करने का प्रस्ताव भी पारित किया गया।</p>
<p><strong>जल्द ही चुनाव आयोग को भेजा जायेगा प्रस्ताव</strong>                                                                                                                                                         बीआरएस के गठन की घोषणा जनता दल (सेकुलर) के नेता एवं कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी की मौजूदगी में की गयी। कुमारस्वामी के साथ उनके दल के 20 विधायक भी उपस्थित थे। इस मौके पर तमिलनाडु की विदुथलाई चिरुथैगल काचि (वीकेसी) के दो सांसद और दलित नेता तिरुमावालावन अपने समूह के प्रतिनिधियों के साथ मौजूद थे।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 05 Oct 2022 16:04:41 +0530</pubDate>
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