<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/lord-shiva/tag-330" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>Lord Shiva - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/330/rss</link>
                <description>Lord Shiva RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>काशी के हरिश्चंद्र घाट पर जलती चिताओं की राख से खेली होली, शोभा यात्रा में भगवान शिव के साथ शामिल हुए भूत प्रेत</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[वाराणसी के हरिश्चंद्र घाट पर विश्व प्रसिद्ध मसाने की होली खेली गई। बाबा कीनाराम स्थल से निकली शोभायात्रा में महादेव के भक्त, औघड़ और तांत्रिक भस्म व अबीर उड़ाते हुए शामिल हुए। जलती चिताओं के बीच देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं ने इस अलौकिक दृश्य का आनंद लिया, जो केवल शिव की नगरी काशी में ही संभव है।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/ghosts-and-ghosts-joined-lord-shiva-in-the-holi-procession/article-144837"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/masan-ki-holi.png" alt=""></a><br /><p>वाराणसी। देश भर में होली का महापर्व चार फरवरी को मनाया जाएगा लेकिन धार्मिक नगरी काशी में शुक्रवार को हरिश्चंद्र घाट पर बाबा गण प्रतीकात्मक पर भूत प्रेत और सैकड़ों लोगों के द्वारा मनाया गया। बाबा कीनाराम से उससे पहले शोभा यात्रा निकाली गई। विभिन्न रूपों में लोग बाबा की भक्ति और होली के रंग में रंगे नजर आए। शोभा यात्रा श्मशान घाट हरिश्चंद पहुंचा। इस होली के देखने और खेलने देश विदेश के कोने कोने से लोग आए है।</p>
<p>शोभा यात्रा में शामिल लोग एक दूसरे पर जमकर अबीर गुलाल उड़ाते नजर आए। आयोजन कमेटी में शामिल पंकज ने बताया कि मसाने की होली विश्व विख्यात है। पहले ये होली तांत्रिकों, औघड़ों द्वारा खेला जाता था। अब इस होली में काशीवासियों के साथ देश भर के लोग होली खेलते हैं।  </p>
<p>पश्चिम बंगाल से आए संजीव मैत्री ने बताया कि सोशल मीडिया पर हम लोगों ने इस उत्सव को देखा था। एक तरफ चिता जलती रही है, तो दूसरी ओर लोग होली खेलते हैं। ये अद्भुत दृश्य होता है। वहीं, हरियाणा से आए नवदीप सैनी ने बताया कि अनोखी होली होती हैं। महादेव और पार्वती स्वरूप धारण किए लोग मनमोहक दिखते हैं। ऐसी होली महादेव की नगरी काशी में ही संभव है। हमारे बच्चों की बहुत इच्छा थी कि काशी में इस होली में शामिल हुआ जाए।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/ghosts-and-ghosts-joined-lord-shiva-in-the-holi-procession/article-144837</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/ghosts-and-ghosts-joined-lord-shiva-in-the-holi-procession/article-144837</guid>
                <pubDate>Fri, 27 Feb 2026 15:54:09 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/masan-ki-holi.png"                         length="1019921"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर गुलाबी नगरी के शिवालयों में उमड़ी आस्था की लहर, सुबह से सुनाई देने लगी बोल बम की गुंज</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[गुलाबी नगरी के शिवालयों में सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। ताड़केश्वर महादेव सहित प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक कर "हर-हर महादेव" के जयघोष के साथ सुख-समृद्धि की कामना की।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/on-the-holy-festival-of-mahashivratri-a-wave-of-faith/article-143227"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/(12200-x-600-px)-(6)11.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर गुलाबी नगरी के शिव मंदिरों में रविवार तड़के सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मंदिर परिसर “बम-बम भोले” और “हर हर महादेव” के जयकारों से गूंजते रहे। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का विधि-विधान से जल, दूध, बेलपत्र, फल-फूल, माला, बेर और मोगरी अर्पित कर अभिषेक किया तथा परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।</p>
<p>प्रमुख शिवालय ताड़केश्वर महादेव मंदिर में सुबह मंगला आरती से ही भक्तों की लंबी कतारें लग गईं। वहीं शहर के अन्य मंदिरों सहित गढ़ गणेश मंदिर क्षेत्र के आसपास स्थित शिवालयों में भी दिनभर श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहा। कई स्थानों पर भक्तों के लिए प्रसाद और भंडारे की व्यवस्था की गई, जिससे श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ प्राप्त किया।</p>
<p>मंदिर समितियों ने भीड़ को व्यवस्थित रखने के लिए विशेष प्रबंध किए थे। पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था भी तैनात रही, जिससे श्रद्धालुओं को दर्शन में किसी प्रकार की परेशानी न हो। महाशिवरात्रि के अवसर पर पूरा शहर भक्तिमय माहौल में डूबा नजर आया और देर रात तक पूजा-अर्चना का क्रम जारी रहा।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/on-the-holy-festival-of-mahashivratri-a-wave-of-faith/article-143227</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/on-the-holy-festival-of-mahashivratri-a-wave-of-faith/article-143227</guid>
                <pubDate>Sun, 15 Feb 2026 14:36:47 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/%2812200-x-600-px%29-%286%2911.png"                         length="748238"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महाशिवरात्रि पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किया जलाभिषेक, प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने महाशिवरात्रि पर मुख्यमंत्री निवास स्थित मंदिर में भगवान शिव की विशेष पूजा और जलाभिषेक किया। उन्होंने प्रदेश की सुख-शांति, समृद्धि और चहुंमुखी विकास की मंगल कामना की।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/on-mahashivratri-chief-minister-bhajan-lal-sharma-performed-jalabhishek-and/article-143254"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/(12200-x-600-px)-(16)1.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को सपत्नीक मुख्यमंत्री निवास स्थित मां राजराजेश्वरी मंदिर में भगवान शिव का विधिवत पूजन-अर्चन कर जलाभिषेक किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश की खुशहाली, समृद्धि और सुख-शांति की कामना की।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान शिव का अभिषेक किया और बिल्वपत्र, धतूरा तथा पुष्प अर्पित कर आराधना की। पूजा-अर्चना के पश्चात उन्होंने प्रदेशवासियों को महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व आध्यात्मिक ऊर्जा, आत्मचिंतन और संयम का संदेश देता है। भगवान शिव त्याग, तपस्या और करुणा के प्रतीक हैं, उनके आदर्शों को जीवन में अपनाकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है और सभी वर्गों के कल्याण हेतु निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कामना की कि महादेव की कृपा से राजस्थान निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर रहे और हर नागरिक का जीवन सुखमय बने।</p>
<p>इस अवसर पर मुख्यमंत्री निवास परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा। मंदिर में विशेष सजावट की गई थी और पूजा के दौरान धार्मिक भजनों की स्वर लहरियां गूंजती रहीं। आयोजन में परिवारजनों सहित संबंधित अधिकारी भी उपस्थित रहे।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/on-mahashivratri-chief-minister-bhajan-lal-sharma-performed-jalabhishek-and/article-143254</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/on-mahashivratri-chief-minister-bhajan-lal-sharma-performed-jalabhishek-and/article-143254</guid>
                <pubDate>Sun, 15 Feb 2026 13:23:33 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/%2812200-x-600-px%29-%2816%291.png"                         length="1247646"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पीएम मोदी ने दी देशवासियों को महाशिवरात्रि की बधाई, समृद्धि और शांति की प्रार्थना की</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाशिवरात्रि पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए सुख-शांति की कामना की। उन्होंने आदि देव महादेव से भारत को खुशहाली के शिखर पर ले जाने का आशीर्वाद मांगा।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/pm-modi-congratulated-the-countrymen-on-mahashivratri-and-prayed-for/article-143236"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/(12200-x-600-px)-(10)4.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को महाशिवरात्रि के मौके पर देश भर के लोगों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं और शांति, खुशहाली और सबके भले के लिए आदि देव महादेव का आशीर्वाद मांगा।</p>
<p>पीएम मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, देश भर में मेरे परिवार के सदस्यों को महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं। मैं प्रार्थना करता हूं कि आदि देव महादेव हमेशा सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें। उनके आशीर्वाद से सभी का भला हो और हमारा भारत खुशहाली के शिखर पर पहुंचे। हर हर महादेव!</p>
<p>उल्लेखनीय है कि, महाशिवरात्रि हिंदू परंपरा के सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है और यह भगवान शिव को समर्पित है और इसे देश भर के मंदिरों में उपवास, रात भर की प्रार्थना और खास रस्मों के साथ मनाया जाता है। भक्त शिव मंदिरों में इकत्र होते हैं, शिवलिंग पर दूध और बिल्व पत्र चढ़ाते हैं, और भोलेनाथ भजन गाते हैं। </p>
<p>प्रधानमंत्री का संदेश सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। कई लोगों ने 'हर हर महादेव' लिख कर उनकी शुभकामनाओं का जवाब दिया और भारत के अलग-अलग हिस्सों से त्योहारों की तस्वीरें शेयर कीं। महाशिवरात्रि के मौके पर कई राज्यों में शानदार जुलूस और धार्मिक सभाएं होती हैं, जो भारत के अलग-अलग तरह के सामाजिक ताने-बाने में इस त्योहार की गहरी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक अहमियत को दर्शाता है। </p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/pm-modi-congratulated-the-countrymen-on-mahashivratri-and-prayed-for/article-143236</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/pm-modi-congratulated-the-countrymen-on-mahashivratri-and-prayed-for/article-143236</guid>
                <pubDate>Sun, 15 Feb 2026 11:34:45 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/%2812200-x-600-px%29-%2810%294.png"                         length="614269"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महाशिवरात्रि का पर्व आज: श्रद्धा, उत्साह, आस्था के साथ मनाया जाएगा, काशीनाथ की भक्ति में लीन रहेगी छोटीकाशी</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[जयपुर में महाशिवरात्रि का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। शिवालयों में विशेष योग के बीच भक्त जलाभिषेक और रुद्राभिषेक कर रहे हैं।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-festival-of-mahashivratri-will-be-celebrated-today-with-devotion/article-143219"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/(12200-x-600-px)-(1)18.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर रविवार को महाशिवरात्रि का पर्व श्रद्धा,उत्साह और आस्था के साथ मनाया जाएगा। महाशिवरात्रि पर बन रहे सर्वार्थ सिद्धि योग, बुधादित्य योग तथा चतुर्ग्रही योग का विशेष संयोग में श्रद्धालु शिवालयों में आदि देव महादेव की पूजा-अर्चना करेंगे। सुबह से देर रात तक शिवालयों में हर-हर महादेव का जयघोष सुनाई देगा। चौड़ा रास्ता के ताडकेश्वर, बनीपार्क के जंगलेश्वर महादेव, वैशालीनगर के झारखंड महादेव, छोटी चौपड़ के रोजगारेश्व, आमेर के भूतेश्वर महादेव सहित छोटीकाशी के सभी शिव मंदिरों में बाबा भोलेनाथ के भक्त जलाभिषेक किया जाएगा। दोपहर तक जहां जलाभिषेक का सिलसिला चलेगा,जबकि शाम को देसी-विदेशी फू लों से बाबा का श्रृंगार किया जाएगा। </p>
<p><strong>रूद्राभिषेक से संवरती हैं किस्मत</strong></p>
<p>भगवान शिव की उपासना में रुद्राभिषेक का विशेष महत्व है। शिव पुराण में वर्णित विधि के अनुसार विभिन्न द्रव्यों से अभिषेक करने पर अलग-अलग फ ल प्राप्त होते हैं। श्रद्धालु यदि अपनी मनोकामना के अनुरूप द्रव्य से रुद्राभिषेक कराएं तो उन्हें पूर्ण आध्यात्मिक और सांसारिक लाभ प्राप्त होता है। ज्योतिषाचार्य डॉ.महेन्द्र मिश्रा के अनुसार जल से रुद्राभिषेक करने पर वर्षा एवं शांति की प्राप्ति होती हैं। </p>
<p><strong>राज्यपाल, मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष की महाशिवरात्रि पर शुभकामनाएं</strong></p>
<p>जयपुर। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने महाशिवरात्रि के पावन पर्व की बधाई और शुभकामनाएं दी है। राज्यपाल बागडे ने कहा कि महाशिवरात्रि भारतीय संस्कृति का अनूठा उत्सव है। उन्होंने भगवान शिव और माता पार्वती से सभी के कल्याण और मंगल की कामना की है। सीएम ने कहा कि महाशिवरात्रि भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और आस्था का महत्वपूर्ण पर्व है। उन्होंने इस अवसर पर प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे सदैव सत्य के रास्ते पर चलते हुए लोककल्याण और प्राणीसेवा के प्रति समर्पित रहें। वहीं विधानसभा अध्यक्ष देवनानी ने कहा कि महाशिवरात्रि भगवान शिव की आराधना का महान पर्व है, जो हमें आत्मसंयम, तप, त्याग और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-festival-of-mahashivratri-will-be-celebrated-today-with-devotion/article-143219</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-festival-of-mahashivratri-will-be-celebrated-today-with-devotion/article-143219</guid>
                <pubDate>Sun, 15 Feb 2026 09:51:54 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/%2812200-x-600-px%29-%281%2918.png"                         length="1002759"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सेंट्रल पार्क में गूंजे भोले बाबा के जयकारे, अनाथ आश्रम की बालिकाओं ने निकाली शिव रैली</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[सेंट्रल पार्क में महाशिवरात्रि से पूर्व श्री पुरुषोत्तम मेमोरियल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा संचालित लाडो परियां बालिका गृह की 51 बालिकाओं ने प्रातः शिव रैली निकाली। सुरेश पाटोदिया के नेतृत्व में बालिकाएं बम-बम भोले और हर-हर महादेव के जयकारों के साथ 4-5 किमी का ट्रैक तय कर शिव मंदिरों में दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की।
]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/bhole-babas-cheers-echoed-in-central-park-girls-of-orphanage/article-143186"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/hh.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। महाशिवरात्रि से पूर्व शुक्रवार सुबह सेंट्रल पार्क में भोले बाबा के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। श्री पुरुषोत्तम मेमोरियल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा संचालित लाडो परियां बालिका गृह अनाथ आश्रम की बालिकाओं ने प्रातः शिव रैली निकालकर धार्मिक आस्था का संदेश दिया। रैली का नेतृत्व आश्रम के संस्थापक समाजसेवी सुरेश पाटोदिया ने किया।</p>
<p>रैली में शामिल बालिकाएं बम-बम भोले और हर-हर महादेव के जयकारों के साथ पूरे पार्क परिसर में घूमीं। सुबह सैर के लिए आए लोगों ने रैली को देखकर तालियां बजाकर उनका उत्साहवर्धन किया। करीब 4-5 किलोमीटर लंबे ट्रैक पर निकाली गई इस रैली के दौरान बच्चों के हाथों में भगवान शिव के जयकारों से लिखी तख्तियां भी थीं।</p>
<p>बालक-बालिकाओं ने पार्क परिसर स्थित शिव मंदिरों में दर्शन कर सभी के सुख-समृद्धि की कामना की। केन्द्र संचालिका राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी सन्नूसूईया बहन के निर्देशन में 51 बालिकाएं रैली में शामिल रहीं।</p>
<p>आयोजकों ने बताया कि जहां आज के समय में युवा वर्ग पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव में वैलेंटाइन डे मनाने में व्यस्त रहता है, वहीं इन बच्चों ने सुबह से ही भगवान भोलेनाथ के जयकारों से पार्क परिसर को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/bhole-babas-cheers-echoed-in-central-park-girls-of-orphanage/article-143186</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/bhole-babas-cheers-echoed-in-central-park-girls-of-orphanage/article-143186</guid>
                <pubDate>Sat, 14 Feb 2026 17:59:00 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/hh.jpg"                         length="759596"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur KD]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुख्यमंत्री ने की भगवान शिव की पूजा, राज्य में शांति और सद्भाव बने रहने की कामना की </title>
                                    <description>
                        <![CDATA[मुख्यमंत्री का यह धार्मिक आयोजन प्रदेश की संस्कृति और परंपराओं से जुड़ाव का प्रतीक रहा।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/chief-minister-worshiped-lord-shiva-wished-for-peace-and-harmony/article-121883"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/news-(1)55.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने श्रावण मास के तृतीय सोमवार के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री निवास स्थित राज राजेश्वरी मंदिर में भगवान शिव का अभिषेक कर विधिवत पूजा-अर्चना की। पूजा के दौरान मंत्रोच्चार के बीच मुख्यमंत्री ने सपत्नीक रुद्राभिषेक किया और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।</p>
<p>उन्होंने श्रद्धा और आस्था के साथ भगवान शिव से प्रार्थना की है कि राज्य में शांति और सद्भाव बना रहे। श्रावण मास में भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। मुख्यमंत्री का यह धार्मिक आयोजन प्रदेश की संस्कृति और परंपराओं से जुड़ाव का प्रतीक रहा।</p>
<p> </p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/chief-minister-worshiped-lord-shiva-wished-for-peace-and-harmony/article-121883</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/chief-minister-worshiped-lord-shiva-wished-for-peace-and-harmony/article-121883</guid>
                <pubDate>Mon, 28 Jul 2025 15:53:00 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-07/news-%281%2955.png"                         length="631606"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur PS]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शिव भक्ति में लीन रहते हैं अक्षय कुमार, ‘महाकाल चलो’ के साथ एक अनोखा ऑडियो-विजुअल अनुभव किया प्रस्तुत </title>
                                    <description>
                        <![CDATA[बॉलीवुड के खिलाड़ी कुमार अक्षय कुमार की आस्था भगवान शिव में गहरी है। ]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/movie-fun/akshay-kumar-who-is-absorbed-in-shiva-devotion-presented-a/article-105655"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/257rtrer102.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। बॉलीवुड के खिलाड़ी कुमार अक्षय कुमार की आस्था भगवान शिव में गहरी है। वर्ष 2024 में, अक्षय कुमार ने अपने भक्ति गीत ‘शंभू’ के साथ गायन में डेब्यू किया, जो पूरी तरह से भगवान शिव को समर्पित था। इस गीत की रिलीज के एक साल से अधिक समय बीत जाने के बाद, ‘शंभू’ ने यूट्यूब पर 50 मिलियन से अधिक व्यूज का आंकड़ा पार कर लिया है और यह संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन सिर्फ ‘शंभू’ ही नहीं, अक्षय कुमार की भगवान महादेव के प्रति भक्ति को दर्शाने वाले और भी कई उदाहरण हैं।  </p>
<p>फिल्म ‘लक्ष्मी’ का गीत ‘बम भोले’ भी उसी ऊर्जा से भरा हुआ था, जो अक्षय की भगवान शिव के प्रति आस्था को प्रकट करता है। भारतीय पॉप बीट्स, दमदार संगीत और आध्यात्मिकता से सराबोर इस गाने ने खासकर जेन-ज़ी पीढ़ी के बीच खासा लोकप्रियता हासिल की। अक्षय कुमार ने पूरी शक्ति के साथ नृत्य किया, मानो भगवान शिव को प्रसन्न कर रहे हों। उनके जबरदस्त अवतार ने इस गीत की ऊर्जा को और अधिक प्रबल बना दिया, जिससे यह ट्रैक बेहद प्रभावशाली बन गया।  </p>
<p>अब ‘महाकाल चलो’ को इस तरह तैयार किया गया है कि यह दिव्य महाकाल की गर्जना को समाहित करता है। अक्षय कुमार ने इस गीत को पालाश सेन और विक्रम मोंट्रोस के साथ गाया है। यह सिर्फ एक संक्रामक ट्रैक ही नहीं, बल्कि अक्षय कुमार की भगवान शिव के प्रति अपार श्रद्धा का भी शक्तिशाली प्रदर्शन है। इस गीत में अक्षय, शिव की ऊर्जा में पूरी तरह डूबकर शक्ति और भक्ति का अछ्वुत संचार करते हैं। उन्होंने कई बार अपनी आस्था के बारे में बात की है और कहा है कि वह लंबे समय से शिव भक्त हैं और समय के साथ उनकी भक्ति और गहरी होती गई है। अब ‘महाकाल चलो’ के साथ, अक्षय कुमार ने एक अनोखा ऑडियो-विजुअल अनुभव प्रस्तुत किया है।  </p>
<p>अक्षय कुमार की भगवान शिव के प्रति भक्ति सिर्फ संगीत तक सीमित नहीं है। फिल्म ‘ओएमजी 2’में उनके किरदार की गंभीरता और संयम को दर्शकों ने खूब सराहा। अब वह अपने तेलुगु डेब्यू ‘कन्नप्पा’ में भी आध्यात्मिक क्षेत्र में कदम रखने के लिए तैयार हैं। फिल्म को लेकर जबरदस्त उत्साह है और यह 25 अप्रैल 2025 को रिलीज होने वाली है। वहीं, ‘महाकाल चलो’ में अक्षय की अभिव्यक्ति और भगवान शिव के प्रति उनकी श्रद्धा को उनके प्रशंसकों द्वारा खूब सराहा जा रहा है, और यह गीत दर्शकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया प्राप्त कर रहा है।</p>
<p> </p>
<p> </p>
<p> </p>
<p> </p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>मूवी-मस्ती</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/movie-fun/akshay-kumar-who-is-absorbed-in-shiva-devotion-presented-a/article-105655</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/movie-fun/akshay-kumar-who-is-absorbed-in-shiva-devotion-presented-a/article-105655</guid>
                <pubDate>Wed, 26 Feb 2025 16:06:43 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-02/257rtrer102.png"                         length="421577"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur ]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण है महाशिवरात्रि</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[हिंदू धर्म में सबसे बड़ा पर्व महाशिवरात्रि है।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/mahashivaratri-is-spiritually-important/article-105588"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/257rtrer-(4).png-67890.png" alt=""></a><br /><p>हिंदू धर्म में सबसे बड़ा पर्व महाशिवरात्रि है। इस दिन सभी शिव मंदिरों में भीड़-भाड़ का माहौल रहता है। महाशिवरात्रि के दिन सभी भक्त महादेव की कृपा पाने के लिए विधिवत पूजा-पाठ करते हैं। पंचांग के अनुसार शिवरात्रि फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है। महाशिवरात्रि का पर्व भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है। महाशिवरात्रि भगवान शिव का त्यौहार है। भारत के सभी प्रदेशों में महाशिव रात्रि का पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। भारत के साथ नेपाल, मारिशस सहित दुनिया के कई अन्य देशों में भी महाशिवरात्रि मनाते है। हर साल फाल्गुन मास में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को महाशिव रात्रि का व्रत किया जाता है। हिन्दू पुराणों के अनुसार इसी दिन सृष्टि के आरंभ में मध्यरात्रि मे भगवान शिव ब्रह्मा से रुद्र के रूप में प्रकट हुए थे। इसीलिए इस दिन को महाशिवरात्रि कहा जाता है। योगिक परम्परा में इस दिन और रात को इतना महत्व इसलिए दिया जाता है क्योंकि यह आध्यात्मिक साधक के लिए जबर्दस्त संभावनाएं प्रस्तुत करते हैं। आधुनिक विज्ञान कई चरणों से गुजरने के बाद आज उस बिंदु पर पहुंच गया है। जहां वह प्रमाणित करता है कि हर वह चीज जिसे आप जीवन के रूप में जानते हैं। पदार्थ और अस्तित्व के रूप में जानते हैं। जिसे आप ब्रह्मांड और आकाशगंगाओं के रूप में जानते हैं। वह सिर्फ  एक ही ऊर्जा है। जो लाखों रूपों में खुद को अभिव्यक्त करती है। </p>
<p>माना जाता है की इस दिन भगवान शंकर और माता पार्वती का विवाह हुआ था। इस दिन लोग व्रत रखते हैं और भगवान शिव की पूजा करते है। महाशिवरात्रि का व्रत रखना सबसे आसान माना जाता है। इसलिए बच्चों से लेकर बूढ़ो तक सभी इस दिन व्रत रखते हैं। महाशिवरात्रि के व्रत रखने वालों के लिए अन्न खाना मना होता है। लोग मन्दिरों में भगवान शिव की पूजा करते हैं व उन्हे आक, धतूरा चढ़ाते हैं। भगवान शिव को विशेष रूप से भांग का प्रसाद लगता है। इस कारण इस दिन काफी जगह शिवभक्त भांग घोट कर पीते हैं। पुराणों में कहा जाता है कि एक समय शिव पार्वती जी कैलाश पर्वत पर बैठे थी। उसी समय पार्वती ने प्रश्न किया कि इस तरह का कोई व्रत है जिसके करने से मनुष्य आपके धाम को प्राप्त कर सके तब उन्होंने यह कथा सुनाई थी कि प्रत्यना नामक देश में एक व्यक्ति रहता था, जो जीवों को बेचकर अपना भरण पोषण करता था। उसने सेठ से धन उधार ले रखा था। समय पर कर्ज न चुकाने के कारण सेठ ने उसको शिवमठ में बन्द कर दिया। </p>
<p>संयोग से उस दिन फाल्गुन चतुर्दशी थी। वहां रातभर कथा, पूजा होती रही जिसे उसने भी सुना। उसने पास के बील वृक्ष पर बैठने का स्थान बना लिया। उस बील के नीचे एक शिवलिंग था। जब वह पेड़ पर अपने छिपने का स्थान बना रहा था उस समय बील के पत्तों को तोड़कर फेंकता जाता था जो शिवलिंग पर ही गिरते थे। वह दो दिन का भूखा था। इस तरह से वह अनजाने में ही शिवरात्रि का व्रत कर ही चुका था। शिवरात्रि के प्रसंग को हमारे वेद, पुराणों में बताया गया है कि जब समुद्र मन्थन हो रहा था उस समय समुद्र में चौदह रत्न प्राप्त हुए। उन रत्नों में हलाहल भी था। जिसकी गर्मी से सभी देव दानव त्रस्त होने लगे। तब भगवान शिव ने उसका पान किया। उन्होंने लोक कल्याण की भावना से अपने को उत्सर्ग कर दिया। इसलिए उनको महादेव कहा जाता है। जब हलाहल को उन्होंने अपने कंठ के पास रख लिया तो उसकी गर्मी से कंठ नीला हो गया। तभी से भगवान शिव को नीलकंठ भी कहते हैं। शिव का अर्थ कल्याण होता है। जब संसार में पापियों की संख्या बढ़ जाती है तो शिव उनका संहार कर लोगों की रक्षा करते हैं। इसीलिए उन्हें शिव कहा जाता है। </p>
<p>महाशिवरात्रि का पर्व हमारे जीवन में ईश्वरीय शक्ति के महत्व को दिखलाता है। हमें भगवान शिव के द्वारा मानव जाति तथा सृष्टि के कल्याण के लिए विषपान जैसे असीम त्याग को प्रदर्शित करता है। यह दिन हमें इस बात की याद दिलाता है कि यदि हम अच्छे कर्म करेंगे और ईश्वर के प्रति श्रद्धा रखेंगे तो ईश्वर भी हमारी रक्षा अवश्य केरेंगे। लोगों का मानना है कि महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव हमारे निकट होते हैं और इस दिन पूजा अर्चना तथा रात्रि जागरण करने वालों को उनकी विशेष कृपा प्राप्त होती है। कई लोग इस दिन दान धर्म करते है तथा गरीबों को खाना खिलाकर भगवान शिवजी से अपनी सुखी जीवन के लिए प्राथना करते है। महाशिवरात्रि आध्यात्मिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण है। इस रात धरती के उत्तरी गोलार्ध की स्थिति ऐसी होती है कि इंसान के शरीर में ऊर्जा कुदरती रूप से ऊपर की ओर बढ़ती है। इस दिन प्रकृति इंसान को अपने आध्यात्मिक चरम पर पहुंचने के लिए प्रेरित करती है। गृहस्थ जीवन में रहने वाले लोग महाशिवरात्रि को शिव की विवाह वर्षगांठ के रूप में मनाते हैं। </p>
<p><strong>-रमेश सर्राफ  धमोरा</strong><br /><strong>(ये लेखक के अपने विचार हैं)</strong></p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/opinion/mahashivaratri-is-spiritually-important/article-105588</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/opinion/mahashivaratri-is-spiritually-important/article-105588</guid>
                <pubDate>Wed, 26 Feb 2025 11:19:57 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-02/257rtrer-%284%29.png-67890.png"                         length="601799"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur ]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुझे सांप कहलाना स्वीकार है, क्योंकि यह भगवान शिव का शृंगार है : मोदी</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[ उन्होंने कहा, भगवान शंकर के गले का शृंगार नाग है और मेरे लिए देश की जनता भगवान का रूप है। इसलिए, मैं सांप बनना स्वीकार करता हूं जो कि एक शृंगार है। ]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/i-accept-being-called-a-snake-because-it-is-an/article-44293"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-05/manoj-(630-×-400-px)-(3).jpg" alt=""></a><br /><p>कोलार। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के सांप वाली टिप्पणी पर जवाब देते हुए रविवार को कोलार में एक चुनावी जनसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि वह सांप कहलाना स्वीकार करते हैं क्योंकि यह भगवान शिव का शृंगार है। प्रधानमंत्री ने कहा कि अब कर्नाटक चुनाव में उनका सबसे बड़ा मुद्दा क्या है? चुनाव में सांप अब कांग्रेस के लिए लिए सबसे बड़ा मुद्दा बन गया है। ये लोग मेरी तुलना सांप से कर रहे हैं और जनता से वोट मांग रहे हैं। मोदी ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए जमकर साधा निशाना। उन्होंने कहा, भगवान शंकर के गले का शृंगार नाग है और मेरे लिए देश की जनता भगवान का रूप है। इसलिए, मैं सांप बनना स्वीकार करता हूं जो कि एक शृंगार है। मैं जानता हूं कि संतों और कर्मकांडों की भूमि कर्नाटक की जनता कांग्रेस के इस अपमान का अपने मतों से मुंहतोड़ जवाब देगी और उसके सारे मंसूबों को धराशायी कर देगी।</p>
<p><strong>कमीशन सरकार के बयान पर भी किया पलटवार</strong><br />मोदी ने 40 प्रतिशत कमीशन कर्नाटक सरकार वाले कांग्रेस के बयान के खिलाफ पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस 85 प्रतिशत कमीशन वाली पार्टी है, इस तथ्य को उसके वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने स्वीकार किया था। कांग्रेस हमेशा से 85 फीसदी कमीशन की पार्टी के रूप में जानी जाती रही है। कांग्रेस के तत्कालीन प्रधानमंत्री (राजीव गांधी) ने कहा था कि एक रुपए में से 15 पैसे ही लाभार्थी के पास पहुंचते हैं। यह उनके पीएम की स्वीकृति है और इसलिए कांग्रेस सरकार कभी भी कर्नाटक का विकास नहीं कर सकती है।</p>
<p><strong>कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व जमानत पर</strong><br />मोदी ने कहा कि अगर कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व ही जमानत पर बाहर है तो लोग भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कार्रवाई की उम्मीद नहीं कर सकते। आज भी, शाही परिवार और उनके करीबी सहयोगी जमानत पर बाहर हैं। मोदी ने मैसूर में रोड शो किया। इस दौरान एक भाजपा महिला कार्यकर्ता ने उन्माद में पीएम मोदी पर मोबाइल फेंका था। जैसे ही मोबाइल उनके सामने आया, मोदी ने इसके बारे में उनके साथ चल रहे विशेष सुरक्षा समूह को इशारा किया।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/i-accept-being-called-a-snake-because-it-is-an/article-44293</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/i-accept-being-called-a-snake-because-it-is-an/article-44293</guid>
                <pubDate>Mon, 01 May 2023 09:52:57 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-05/manoj-%28630-%C3%97-400-px%29-%283%29.jpg"                         length="197454"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शिवालयों पर उमड़ी भीड़, भोले का किया अभिषेक</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[बारां शहर समेत जिले भर में महाशिवरात्रि का पर्व गुरुवार को श्रद्धा के साथ मनाया गया। शिवालयों में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। दर्शनार्थियों की शिवालयों में भीड़ उमड़ी।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%89%E0%A4%AE%E0%A5%9C%E0%A5%80-%E0%A4%AD%E0%A5%80%E0%A5%9C--%E0%A4%AD%E0%A5%8B%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%85%E0%A4%AD%E0%A4%BF%E0%A4%B7%E0%A5%87%E0%A4%95/article-86"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-04/2021-03-11~ld5wz_nl.jpg" alt=""></a><br /><p>बारां। बारां शहर समेत जिले भर में महाशिवरात्रि का पर्व गुरुवार को श्रद्धा के साथ मनाया गया। शिवालयों में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। दर्शनार्थियों की शिवालयों में भीड़ उमड़ी। शहर के मनिहारा महादेव मंदिर, अटरू रोड स्थित भूतेश्वर महादेव मंदिर, कोटा रोड स्थित द्वार्दश ज्योतिर्लिंग मंदिर, पंचवटी कॉलोनी स्थित पशुपतिनाथ मंदिर, मांगरोल रोड स्थित दुर्गा भूतेश्वर मंदिर समेत कई शिवालयों में श्रद्धालु सुबह से पूजा के लिए पहुंचना शुरू हो गए थे। महादेव को दूध दही शहद घी शक्कर के पंचामृत से स्नान कराकर आंक, धतूरा, बेलपत्र व पुष्प भोले बाबा को चढ़ा कर खुशाली की कामना की। शिवालयों में घंटा घड़ियाल झालर शंख की ध्वनि के साथ पूजा अर्चना की।<br /><br /><strong>महाशिवरात्रि पर्व पर भाया दम्पती ने किया अभिषेक</strong><br />महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर राज्य के खान एवं गोपालन मंत्री प्रमोद जैन भाया द्वारा पत्नी समाजसेविका उर्मिला जैन भाया के साथ शिव अभिषेक किया। गौवंश को गुड तथा पक्षियों को चुग्गा डाला। महाशिवरात्रि पर्व पर सुबह भाया दम्पती द्वारा जयपुर लालकोठी स्थित ताड़केश्वर महादेव पर जाकर भगवान शिव की पूजा की। वीर पाताली हनुमान मंदिर स्थित शिवालय में आचार्यों की उपस्थिति में रूद्राभिषेक किया। सुख समृद्धि की ईश्वर से कामना की। गौवंश को गौशाला में अपने हाथों से गुड तथा पक्षियों को चुग्गा दाना डाला।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%89%E0%A4%AE%E0%A5%9C%E0%A5%80-%E0%A4%AD%E0%A5%80%E0%A5%9C--%E0%A4%AD%E0%A5%8B%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%85%E0%A4%AD%E0%A4%BF%E0%A4%B7%E0%A5%87%E0%A4%95/article-86</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%89%E0%A4%AE%E0%A5%9C%E0%A5%80-%E0%A4%AD%E0%A5%80%E0%A5%9C--%E0%A4%AD%E0%A5%8B%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%85%E0%A4%AD%E0%A4%BF%E0%A4%B7%E0%A5%87%E0%A4%95/article-86</guid>
                <pubDate>Mon, 05 Apr 2021 17:20:18 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2021-04/2021-03-11~ld5wz_nl.jpg"                         length="307396"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Administrator]]>
                    </dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        