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                <title>DMK - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>DMK RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>तमिलनाडु विधानसभा चुनाव परिणाम LIVE : अभिनेता विजय की टीवीके को भारी बढ़त, पार्टी का राज्य में बड़ा उलटफेर; अन्नाद्रमुक को दी कड़ी टक्कर</title>
                                    <description><![CDATA[तमिलनाडु की 234 सीटों पर मतगणना के शुरुआती रुझानों में अभिनेता विजय की पार्टी TVK और AIADMK के बीच कांटे की टक्कर दिख रही है। सत्तारूढ़ DMK फिलहाल तीसरे स्थान पर खिसकती नजर आ रही है। विजय की पार्टी ने कई प्रमुख सीटों पर बढ़त बनाकर राज्य की राजनीति में बड़ा उलटफेर करने के संकेत दिए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/tamil-nadu-assembly-election-result-admk-11-tvk-9-dmk/article-152575"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/tamilnadu-election-result.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">तमिलनाडु विधानभा चुनाव के परिणाम को लेकर मतगणना कड़ी सुरक्षा के बीच सुबह 8 बजे शुरू हुई। सबसे पहले पोस्टल बैलेट पेपर और उसके बाद ईवीएम की मतगणना की गई। तमिलानाडु विधानसभा चुनाव को लेकर वोटों की गिनती जारी है। अब तक के रूझानों में अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके को बढ़त मिली है। दूसरे नंबर पर AIADMK-BJP गठबंधन है। वहीं, मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की पार्टी DMK तीसरे नंबर पर प्रदर्शन कर रही है। स्टालिन को चुनावी मैदान में हार का सामना करना पड़ा है। राज्य में विजय की पार्टी ने मजबूती से चुनाव लड़ा और मजबूत विपक्ष के रूप में अपनी पहचान बनाई है। विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) ने मुकाबले को दिलचस्प बना दिया। </span></p>
<p><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">चुनाव आयोग के सूत्रों के अनुसार मतगणना के लिए सभी तैयारियां पहले ही पूरी कर ली गयी थी। सभी मतगणना केन्द्रों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गये थे। मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर राष्ट्रव्यापी बहस के बीच तमिलनाडु की विधानसभा के चुनावों में मतदाताओं ने मतदान में बढ़चढ़कर भाग लिया था। </span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में 23 अप्रैल को एक चरण में हुए मतदान में सभी 234 सीटों पर कुल 84.93 प्रतिशत वोट पड़े। राज्य में कुल 4023 उम्मीदवार अपनी चुनावी किस्मत आजमाया। राज्य में मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ द्रविण मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के नेतृत्व वाले गठबंधन और विपक्षी अन्ना द्रमुक- भाजपा गठबंधन के बीच रहा। इस बार अभिनय की दुनिया से तमिलनाडु की राजनीति के अखाड़े में उतरे सी जोसफ विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) ने कुछ सीटों पर मुकाबला त्रिकोणीय बनाया।</span></p>
<p>                                  <span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>कुल सीट: 234          </strong></span>                <span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>बहुमत : 118  </strong></span></p>
<table style="border-collapse:collapse;width:99.8837%;height:225px;" border="1"><colgroup><col style="width:25.0265%;" /><col style="width:25.0265%;" /><col style="width:25.0265%;" /><col style="width:25.0265%;" /></colgroup>
<tbody>
<tr>
<td><strong>पार्टी</strong></td>
<td><strong>आगे</strong></td>
<td><strong>जीते</strong></td>
<td><strong>कुल</strong></td>
</tr>
<tr>
<td><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>डीएमके+</strong></span></td>
<td><strong>59</strong></td>
<td><strong>4</strong></td>
<td><strong>63</strong></td>
</tr>
<tr>
<td><span style="color:rgb(45,194,107);"><strong>अन्नाद्रमुक+</strong></span></td>
<td><strong>52</strong></td>
<td><strong>0</strong></td>
<td><strong>52</strong></td>
</tr>
<tr>
<td><span style="color:rgb(241,196,15);"><strong>टीवीके</strong></span></td>
<td><strong>106</strong></td>
<td><strong>1</strong></td>
<td><strong>107</strong></td>
</tr>
<tr>
<td><span style="color:rgb(126,140,141);"><strong>अन्य</strong></span></td>
<td><strong>10</strong></td>
<td><strong>0</strong></td>
<td><strong>10 </strong></td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p> </p>
<ul>
<li><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>टीवीके को जोरदार बढ़त</strong></span></li>
</ul>
<p>तमिलनाडु विधानसभा के चुनावों की मतगणना में पूर्वाह्न 11 बजे तक के प्राप्त रूझानों में तमिलागा वेट्ट्री कषगम (टीवीके) ने बड़ा उलटफेर करते हुए 109 सीटों पर बढ़त बनायी है। चुनाव आयोग के अनुसार पूर्वाह्न 11 बजे तक 234 में से 233 सीटों के रूझान प्राप्त हुये है जिनमें टीवीके 109 सीटों पर आगे चल रही है। वहीं अन्नाद्रमुक 62 सीटों पर बढ़त बनाये हुये है। इस चुनाव में टीवीके ने अन्नाद्रमुक को कड़ी टक्कर दी है। द्रमुक 41 सीटों पर बढ़त बनाये हुये है। पीएमके छह सीटों पर, कांग्रेस पांच, भाजपा तीन, भाकपा दो, माकपा एक अन्य चार सीटों पर आगे चल रहे हैं।</p>
<p>तमिलनाडु में भी रूझानों में एग्जिट पोल के विपरीत भारी उलट फेर देखने को मिला है। राज्य में अभी तक रूझानों में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत के संकेत नहीं हैं लेकिन विधानसभा की 234 में से 224 सीटों के रूझानों में टी वी के अप्रत्याशित रूप से110 सीटों से साथ सबसे आगे है। अन्नाद्रमुक दूसरे स्थान पर 57 सीटों पर तथा सत्तारूढ द्रमुक 48 सीटों पर आगे रहते हुए तीसरे स्थान पर है। कांग्रेस 4 तथा पीएमके 5 सीट पर आगे है। पिछले चुनाव में द्रमुक गठबंधन को 158 जबकि अन्नाद्रमुक गठबंधन को 69 सीटें मिली थी।</p>
<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>टीवीके को 103 सीटों पर बढ़त</strong></span></p>
<p>तमिलनाडु विधानसभा चुनावों की मतगणना में अब तक घोषित नतीजों और रूझानों में अभिनेता विजय की पार्टी तमिलागा वेट्ट्री कषगम (टीवीके) बड़ा उलटफेर के साथ 234 में से एक सीट जीत ली है और 103 सीटों पर बढ़त बनाये हुये है। टीवीके पहली बार विधानसभा चुनाव में उतरी है और बड़ा उलटफेर करते हुये दिखाई दे रही है। चुनाव आयोग के अनुसार अपराह्न तीन बजे तक सभी 234 सीटों के रूझान एवं नतीजों में द्रमुक ने तीन जीत ली हैं और 56 सीटों पर उसके उम्मीदवार आगे चल रहे हैं। उसकी सहयोगी</p>
<p>कांग्रेस ने एक सीट जीत ली है और चार सीटों पर बढत बनाये हुये है। अन्नाद्रमुक 49 सीटों पर बढ़त बनाये हुये है। इसके अलावा पीएमके पांच सीटों पर, डीएमडीके, आईयूएमएल, भाजपा, वीकेसी, भाकपा दो-दो सीटों पर आगे चल रही है। माकपा और एक अन्य दल एक-एक सीट पर बढ़त बनाये हुये हैं। राज्य के काेलाथुर विधानसभा सीट में 22 मे से 16 राउंड की मतगणना के बाद द्रमुक अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री एम के स्टालिन अपने निकटतम प्रतिद्वंदी टीवीके के. वीएस बाबू से 7074 मतों से पीछे चल रहे हैं। एडापड्डी विधानसभा सीट पर 25 में से 20 राउंड की मतगणना पूरी होने तक अन्नाद्रमुक उम्मीदवार पूर्व मुख्यमंत्री और तमिलनाडु विधान सभा में विपक्ष के नेता ई पलानीस्वामी अपने निकटतम प्रतिद्वंदी निर्दलीय उम्मीदवार प्रेमकुमार के. से 78058 मतों से आगे चल रहे हैं। </p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 04 May 2026 10:32:43 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>तमिलनाडु विधानसभा चुनाव: मुख्यमंत्री स्टालिन और उप मुख्यमंत्री उदयनिधि ने किया मतदान, राज्यवासियों से की लोकतांत्रिक अधिकार का इस्तेमाल करने की अपील</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन और उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने चेन्नई में अपने मताधिकार का प्रयोग किया। रिकॉर्ड चौथी जीत की उम्मीद जताते हुए स्टालिन ने नारा दिया—"तमिलनाडु वेल्लुम" (तमिलनाडु जीतेगा)। अभिनेता विजय और पलानीस्वामी जैसे दिग्गजों ने भी वोट डाले, जिससे राज्य में चुनावी मुकाबला बेहद रोमांचक हो गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/tamil-nadu-assembly-elections-chief-minister-stalin-and-deputy-chief/article-151411"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/111200-x-600-px)45.png" alt=""></a><br /><p>चेन्नई। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एवं द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) अध्यक्ष एम. के. स्टालिन ने गुरुवार को पुत्र एवं उप मुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन एवं परिवार के अन्य सदस्यों के साथ शहर के एक मतदान केन्द्र पर वोट डाला। स्टालिन के साथ पत्नी दुर्गा स्टालिन भी थीं। श्री उदयनिधि स्टालिन चेपॉक-तिरुवल्लिकेनी सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। वह कतार में खड़े हुए और अपने अलवरपेट आवास के पास स्थित एसआईईटी कॉलेज के मतदान केन्द्र पर वोट डाला। यह बूथ मायलापुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है। इन सभी लोगों ने मुस्कुराते हुए मीडिया के सामने अपनी बायीं तर्जनी उंगली दिखाई, जिस पर अमिट स्याही का निशान लगा हुआ था। उन्होंने अपनी भी तस्वीरें खिंचवाईं।</p>
<p>इसके साथ ही मुख्यमंत्री पद के चारों उम्मीदवार स्टालिन, एडप्पादी के. पलानीस्वामी (अन्नाद्रमुक), टीवीके के संस्थापक और अभिनेता-राजनेता विजय और अभिनेता-निर्माता सीमान की पार्टी 'नाम तमिलर काची, ने अपने-अपने मतदान केन्द्रों पर अपने लोकतांत्रिक अधिकार का इस्तेमाल किया। सीएम स्टालिन ने वोट डालने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “जिस तरह मैंने अपने लोकतांत्रिक अधिकार का इस्तेमाल किया है, उसी तरह तमिलनाडु के सभी लोगों को भी अपने लोकतांत्रिक अधिकार का इस्तेमाल करना चाहिए।”</p>
<p>उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि चुनाव-पूर्व के अनुमान वास्तव में बहुत अच्छे हैं। "मैं एक ही शब्द में कह रहा हूं—'तमिलनाडु वेल्लुम' (तमिलनाडु जीतेगा)।" सीएम स्टालिन के नेतृत्व में बहु-दलीय 'धर्मनिरपेक्ष प्रगतिशील गठबंधन' (एसपीए) ने 2019 से लगातार हुए सभी चुनावों में शानदार जीत हासिल की है। वह शहर में अपने गढ़ माने जाने वाले कोलाथुर निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे हैं। यहां से वह रिकॉर्ड चौथी बार लगातार चुनाव जीतने की उम्मीद कर रहे हैं। उन्होंने 2011, 2016 और 2021 के चुनावों में जीत हासिल करके 'हैट्रिक' पूरी कर ली है, और इस बार वह लगातार चौथी जीत पर अपनी नज़र जमाये हुये हैं। दरअसल, 2011 में परिसीमन के बाद जब यह सीट अस्तित्व में आयी, तब से विधानसभा के लिए इस सीट से चुने जाने वाले वह एकमात्र विधायक हैं।</p>
<p>सीएम स्टालिन चुनावी राजनीति में अपने चौथे दशक में प्रवेश करते हुए अपना लगातार 10वां विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं और अपनी आठवीं जीत दर्ज करने के लिए उत्सुक हैं। वह पहले छह चुनाव 1984, 1989, 1991, 1996, 2001 और 2006 में शहर की 'थाउज़ेंड लाइट्स' सीट से लड़े थे। 1984 और 1991 को छोड़कर, वह बाकी चार चुनावों में विजयी रहे थे, इसके बाद उन्होंने 'कोलाथुर' सीट से चुनाव लड़ा और पिछले तीनों चुनाव जीते, और 2011, 2016 तथा 2021 में जीत की हैट्रिक लगायी, जिसमें हर चुनाव के साथ उनकी जीत का अंतर बढ़ता गया। सीएम स्टालिन के मुकाबले में टीवीके के उम्मीदवार और द्रमुक के जाने-पहचाने चेहरे तथा पूर्व विधायक वी.एस. बाबू थे, जबकि विपक्षी अन्नाद्रमुक ने पी. संथानकृष्णन को और एनटीके ने सौंदरापांडियन को मैदान में उतारा था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/tamil-nadu-assembly-elections-chief-minister-stalin-and-deputy-chief/article-151411</link>
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                <pubDate>Thu, 23 Apr 2026 12:46:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तमिलनाडु विधानसभा की सभी 234 सीटों के लिए मतदान शुरू : सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम ; अभिनेता विजय की साख दांव पर, शाम 5  बजे तक 82.24  प्रतिशत मतदान</title>
                                    <description><![CDATA[तमिलनाडु की सभी 234 सीटों पर कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान जारी है। 1.50 लाख सुरक्षाकर्मी और अर्धसैनिक बलों की तैनाती में 5.67 करोड़ मतदाता 4,023 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे। सत्तारूढ़ DMK और AIADMK-BJP गठबंधन के बीच मुख्य मुकाबला है, जबकि अभिनेता विजय की पार्टी ने मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/voting-begins-for-all-234-seats-of-tamil-nadu-assembly/article-151393"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/111200-x-600-px)-(4)16.png" alt=""></a><br /><p>चेन्नई। तमिलनाडु विधानसभा की सभी 234 सीटों पर गुरुवार सुबह सात बजे से मतदान शुरू हो गया और शाम छह बजे तक चलेगा। राज्य में सभी मतदान केन्द्रों पर सुबह से मतदाता अपने मताधिकार को इस्तेमाल करने के लिए पहुंचने शुरू हो गये हैं। चुनाव आयोग ने राज्य में चुनाव शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से सम्पन्न कराने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किये हैं। राज्य भर में कुल 75,032 मतदान केंद्र बनाए गये हैं। इनमें से 5,938 केंद्रों को संवेदनशील घोषित किया गया है। इन केंद्रों की विशेष निगरानी की जा रही है। मतदान को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। सुरक्षा के लिए केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की लगभग 300 कंपनियों को भी लगाया गया है और उन्हें पूरे राज्य भर में विभिन्न मतदान केंद्रों पर तैनात किया गया है। कुल मिलाकर सुरक्षा व्यवस्था के तहत राज्य के लगभग 1.50 लाख सुरक्षा कर्मी तैनात किए गये हैं। इनमें 1.18 लाख नियमित पुलिसकर्मी, तथा 20,000 कर्मी रैपिड एक्शन फोर्स, होम गार्ड, सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी शामिल हैं।</p>
<p>राज्य में कुल 4,023 उम्मीदवार चुनावी मैदान में अपनी किस्मत अजमाने उतरे हैं, जिनमें 443 महिला उम्मीदवार हैं। राज्य में 5.67 करोड़ मतदाताओं में से 2.70 करोड़ से अधिक पुरुष, 2.89 करोड़ महिलाएं और 7,728 उभयङ्क्षलगी मतदाता हैं। राज्य में 18-19 आयु वर्ग में कुल 12.51 लाख तथा 20-29 आयु वर्ग में 1.05 करोड़ मतदाता हैं। मतदान के बाद, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें सील करके मतगणना केंद्रों के 'स्ट्रॉन्ग रूमÓ में ले जाया जाएगा, जहाँ 24 घंटे सुरक्षाकर्मी तैनात रहेंगे।</p>
<p>तमिलनाडु में मुख्य मुकाबला सत्तारूढ द्रविड़ मनेत्र कषगम (द्रमुक) के नेतृत्व वाले गठबंधन और उसके मुख्य प्रतिद्वंदी अन्नाद्रमुक-भारतीय जनता पार्टी गठबंधन के बीच है। इस बार अभिनय की दुनिया से राजनीति के अखाड़े में उतरे अभिनेता सी जोसफ विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम ने कुछ सीटों पर मुकाबला त्रिकोणीय बना दिया है। मतगणना चार मई को होगी और उसी दिन परिणाम घोषित किये जायेंगे</p>
<p><strong>शाम पांच बजे तक 82.24 प्रतिशत हुआ मतदान</strong></p>
<p>तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में गुरूवार को शाम पांच बजे तक 82.24 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।</p>
<p><strong>दोपहर 3 बजे तक 70 प्रतिशत मतदान</strong></p>
<p>तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में गुरूवार को दोपहर तीन बजे तक 70 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। मतदान प्रतिशत को देखते हुए ऐसा माना जा रहा है कि मतदाताओं में इसको लेकर खासा उत्साह है।</p>
<p><strong>अपराह्न एक बजे तक 56.81 प्रतिशत मतदान</strong></p>
<p>तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में गुरूवार को अपराह्न एक बजे तक 56.81 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। मतदान प्रतिशत को देखते हुए ऐसा लग रहा है कि मतदाताओं में खासा उत्साह है। </p>
<p><strong>11.00 बजे तक 37.56 प्रतिशत मतदान</strong></p>
<p>तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में पूर्वाह्न 11 बजे तक 37.56 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाले। राज्य की सभी 234 सीटों के लिए मतदान गुरुवार सुबह सात बजे शुरू हुआ और शाम पांच बजे तक चलेगा। सभी मतदान केन्द्रों पर सुबह से ही मतदाता कतार में देखे गये और दिन चढ़ने के साथ साथ मतदान प्रतिशत लगा।</p>
<p><strong>9 बजे तक 17.69 प्रतिशत मतदान</strong></p>
<p>तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में मतदान के शुरुआती दो घंटों में (नौ बजे तक) 17.69 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। राज्य की सभी 234 सीटों के लिए मतदान आज सुबह सात बजे शुरू हुआ और शाम पांच बजे तक चलेगा। सभी मतदान केन्द्रों पर सुबह से ही मतदाता कतार में देखे गये और दिन चढ़ने के साथ साथ मतदान प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है।</p>
<p><strong>पीएम मोदी ने की मतदाताओं से वोट डालने की अपील</strong></p>
<p>प्रधानमंत्री ने तमिलनाडु के मतदाताओं को संबोधित करते हुए एक अलग पोस्ट में कहा, "जैसे ही तमिलनाडु के लोग विधानसभा चुनावों में मतदान करने की तैयारी कर रहे हैं, मैं सभी मतदाताओं से आग्रह करता हूं कि वे इस पवित्र लोकतांत्रिक कर्तव्य को बड़े उत्साह के साथ पूरा करें। विशेष रूप से, मैं तमिलनाडु के युवाओं और महिलाओं से बड़ी संख्या में बाहर निकलने और रिकॉर्ड मतदान का मार्ग प्रशस्त करने का आह्वान करता हूं।"</p>
<p><strong>चिदंबरम ने की वोट डालने की अपील</strong></p>
<p>कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने गुरुवार को एक स्थिर सरकार के लिए वोट देने की ज़रूरत पर ज़ोर देते हुए सत्तारूढ़ द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) के नेतृत्व वाले बहु-दलीय सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस (एसपीए) के लगातार दूसरी बार सत्ता में लौटने का भरोसा जताया। उन्होंने शिवगंगा ज़िले में अपने गृह नगर कराईकुडी के एक मतदान केन्द्र पर वोट डालने के बाद मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में युवा मतदाताओं से स्थिरता, विकास और कल्याण का समर्थन करने का आग्रह किया। यहां से वह रिकॉर्ड आठ बार लोकसभा के लिए चुने गये थे।</p>
<p>उन्होंने युवा मतदाताओं के उत्साह की सराहना भी की, साथ ही उन्हें मनगढ़ंत विचारों से सावधान रहने की चेतावनी भी दी। उन्होंने एक स्थिर सरकार के लिए वोट देने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया, जो नतीजे दे। चिदंबरम ने भरोसा जताया कि एसपीए सत्ता में लौटेगा और इस दौरान उन्होंने पिछले पांच वर्षों में लागू किये गये शासन और कल्याणकारी उपायों पर प्रकाश डाला।</p>
<p><strong>सभी मतदाताओं को अपने लोकतांत्रिक कर्तव्य का पालन करना चाहिये: पलानीस्वामी</strong></p>
<p>भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), पीएमके, एएमएमके और टी.एम.सी. वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का नेतृत्व कर रहे अन्नाद्रमुक महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने गुरुवार को चुनाव के बारे में कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया और कहा कि सभी मतदाताओं को अपने मतदान केंद्र पर जाकर अपने लोकतांत्रिक अधिकार का इस्तेमाल करना चाहिये। पलानीस्वामी ने अपने पैतृक सलेम जिले के एडप्पादी निर्वाचन क्षेत्र के एक मतदान केंद्र पर अपना वोट डालने के बाद संवाददाताओं से संक्षिप्त बातचीत में यह कहते हुए चुनाव पर कोई भी टिप्पणी करने से मना कर दिया कि आदर्श आचार संहिता लागू है।</p>
<p>वह अपने परिवार के सदस्यों के साथ एडप्पादी विधानसभा क्षेत्र के सिलुवमपालयम स्थित नेदुनकुलम पंचायत स्कूल के मतदान केंद्र तक पैदल गये, जो उनके निवास से कुछ ही दूरी पर स्थित है, और अपना वोट डाला।मतदान के बाद श्री पलानीस्वामी ने संवाददाताओं से कहा कि सभी मतदाताओं को अपने मतदान केंद्रों पर जाना चाहिये और अपने लोकतांत्रिक कर्तव्य का पालन करना चाहिये। उनसे जब पूरे तमिलनाडु में और कोयंबटूर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में, जहां से द्रमुक के कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री वी. सेंथिल बालाजी चुनाव लड़ रहे हैं, द्रमुक द्वारा कथित तौर पर वोट के लिए नकद़ी बांटे जाने के बारे में पूछा गया, तो श्री पलानीस्वामी ने उत्तर देने से इनकार करते हुए कहा कि चुनाव आदर्श आचार संहिता लागू है।श्री पलानीस्वामी ने मतदान की व्यवस्थाओं के बारे में पूछे जाने पर कहा कि मतदान अभी शुरू हुआ है और लोग वोट डालना शुरू कर रहे हैं।</p>
<p><strong>प्रमुख हस्तियों ने सुबह ही डाले वोट</strong></p>
<p>मतदान केन्द्रों पर सुबह से मतदाताओं की काफी संख्या देखी जा रही है। प्रमुख हस्तियां सबसे पहले वोट डालने वालों में शामिल रहीं। तमिल सुपरस्टार रजनीकांत ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जिन लोगों के पास भी मताधिकार है, उन्हें अनिवार्य रूप से अपने लोकतांत्रिक अधिकार का इस्तेमाल करना चाहिए। कुछ केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों में मामूली तकनीकी खराबी के कारण मतदान प्रक्रिया शुरू होने में थोड़ी देरी हुई, जिन्हें बाद में ठीक कर दिया गया या बदल दिया गया। लोग, विशेष रूप से महिलाएं, अपने लोकतांत्रिक अधिकार का इस्तेमाल करने के लिए बड़ी संख्या में कतारों में खड़ी देखी गयीं।</p>
<p>सबसे पहले मतदान करने वालों में अन्नाद्रमुक के महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी शामिल थे, जो राज्य में राजग का नेतृत्व कर रहे हैं और गठबंधन के मुख्यमंत्री पद का चेहरा भी हैं। इनके अलावा भाजपा की मायलापुर से उम्मीदवार और पुड्डुचेरी एवं तेलंगाना की पूर्व उपराज्यपाल सुश्री तमिलिसाई सौंदरराजन, प्रसिद्ध फिल्म युगल सुंदर सी. (जो न्यू जस्टिस पार्टी के उम्मीदवार के रूप में मदुरै सेंट्रल से अन्नाद्रमुक के चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ रहे हैं), उनकी पत्नी और भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष सुश्री खुशबू सुंदर, केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन, नाम तमिलर काची के संस्थापक और अभिनेता-निर्देशक सीमान, पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता पी. चिदंबरम, मक्कल निधि मय्यम के संस्थापक और राज्यसभा सांसद कमल हासन एवं उनकी पुत्री अभिनेत्री श्रुति हासन, तमिलगा वेत्री कज़गम के संस्थापक और अभिनेता-राजनेता विजय ( जिनकी पार्टी पहली बार अकेले सभी 234 सीटों पर चुनाव लड़ रही है), देमुद्रक की महासचिव सुश्री प्रेमलता विजयकांत, सत्तारूढ़ द्रमुक के मंत्री और पूर्व मंत्री तथा सुपरस्टार रजनीकांत, अभिनेता अजीत कुमार, शिवकार्तिकेयन, निर्देशक मणिरत्नम और उनकी पत्नी अभिनेत्री सुहासिनी मणिरत्नम जैसी फिल्मी हस्तियां मतदान करने वालों में शामिल थीं।</p>
<p>शहर में थाउजेंड लाइट्स निर्वाचन क्षेत्र के एक मतदान केंद्र पर अपना वोट डालने के लिए अपने पोएस गार्डन निवास से निकलते समय संचार माध्यमों के साथ संक्षिप्त बातचीत में रजनीकांत ने कहा, “ जिनके पास भी मताधिकार है, उन्हें अनिवार्य रूप से अपना वोट डालना चाहिए।” पलानीस्वामी ने अपने पैतृक क्षेत्र सलेम जिले के एडप्पादी में आठवीं बार चुनाव लड़ते हुये अपने परिवार के साथ घर के पास स्थित केंद्र पर पैदल जाकर मतदान किया, सुश्री तमिलिसाई ने विरुगंबाक्कम में, सुंदर सी. और खुशबू ने शहर के मंदावेली क्षेत्र में, एल. मुरुगन ने कोयम्बेडु में, सीमान ने नीलांकरई में, चिदंबरम ने कराइकुडी में, कमल और उनकी पुत्री ने अलवरपेट में, विजय ने नीलांकरई के शोलिंगनल्लूर में और प्रेमलता ने विरुगंबाक्कम में आम मतदाताओं के साथ कतार में लगकर अपना वोट डाला।</p>
<p>विजय, जो अपनी पहली चुनावी पारी में दो सीटों- पेरम्बूर और त्रिची ईस्ट से चुनाव लड़ रहे हैं, उन्होंने पिछले चुनावों में एक अभिनेता और साधारण मतदाता के रूप में वोट डालने के बाद पहली बार एक उम्मीदवार के रूप में मतदान किया। मतदान केंद्र की ओर जाते समय उन्होंने सड़क पर गिरा हुआ एक मोबाइल फोन उठाकर संबंधित व्यक्ति को सौंपा। जल्दी मतदान करने वाले वर्तमान मंत्रियों में द्रमुक के अनबिल महेश पोय्यामोझी, के. एन. नेहरू, पी. के. शेखर बाबू, सुश्री गीता जीवन शामिल थे। अन्नाद्रमुक के पूर्व मंत्री डी. जयकुमार ने भी सुबह ही अपना वोट डाला। दिन भर चलने वाले मतदान के दौरान 443 महिलाओं सहित कुल 4,023 उम्मीदवारों की किस्मत वोटिंग मशीनों में लॉक हो जाएगी और मतगणना चार मई को होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Apr 2026 11:30:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>Assembly Election: तमिलनाडु में अमित शाह और राजनाथ सिंह का रोड शो, चुनावी हलचल तेज, सत्तारूढ़ द्रमुक पर लगाया परिवारवाद की राजनीति का आरोप </title>
                                    <description><![CDATA[केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तमिलनाडु में रोड शो के दौरान द्रमुक पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री स्टालिन का एकमात्र लक्ष्य अपने बेटे उदयनिधि को सत्ता सौंपना है। शाह ने वादा किया कि राजग (NDA) की जीत के साथ ही राज्य का गौरव बहाल होगा और भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/assembly-election-road-show-of-amit-shah-and-rajnath-singh/article-151000"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/tamilnadu.png" alt=""></a><br /><p>चेन्नई। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सत्तारूढ़ द्रमुक पर परिवारवाद की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और द्रमुक अध्यक्ष एम.के. स्टालिन का मुख्य लक्ष्य अपने बेटे और उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन को मुख्यमंत्री बनाना है। इसी दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी दक्षिणी जिले तेनकासी के वासुदेवनल्लूर (आरक्षित) चुनाव क्षेत्र में रोड शो किया और भाजपा उम्मीदवार अनंतन अय्यासामी के लिए प्रचार किया ।</p>
<p>अमित शाह ने रविवार को इरोड जिले के मोदाकुरिची चुनाव क्षेत्र में भाजपा उम्मीदवार सुश्री कृतिका के पक्ष में एक रोड शो में उन्होंने कहा कि 23 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए अन्नाद्रमुक के साथ एक विजयी गठबंधन बनाया गया है। द्रमुक शासन पर भ्रष्टाचार में शामिल होने का इल्जाम लगाते हुए उन्होंने कहा कि इस चुनाव के बाद राज्य में राजग सरकार के सत्ता में आते ही द्रमुक शासन के तमाम भ्रष्ट कारनामों पर लगाम लगा दी जायेगी और तमिलनाडु का खोया गौरव बहाल किया जायेगा। उन्होंने यह भी कहा कि द्रमुक शासन के तहत जो कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब हुई है, उसे फिर से दुरुस्त किया जायेगा।</p>
<p>अमित शाह ने द्रमुक दौर में परिवारवाद की राजनीति जारी रहने की बात कहते हुए कहा कि दिवंगत नेता एम. करुणानिधि के बाद उनके बेटे स्टालिन मुख्यमंत्री बने। अब स्टालिन के बेटे श्री उदयनिधि ने चुनावी राजनीति में कदम रखा है और उन्हें उपमुख्यमंत्री के पद पर पदोन्नत किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया, "स्टालिन का एकमात्र मकसद अपने बेटे को मुख्यमंत्री बनाना है और वे इसी लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में काम कर रहे हैं।" अमित शाह ने संसद और राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने वाले महिला आरक्षण विधेयक पर द्रमुक और उसकी सहयोगी कांग्रेस, दोनों की आलोचना की और कहा कि ये दोनों पार्टियां इस विधेयक के खिलाफ थीं, जो संसद में महिलाओं की बढ़ी हुई भागीदारी सुनिश्चित करने</p>
<p>इससे पहले, बीती रात कोयंबटूर पहुंचे शाह तिरुपुर जिले के अविनाशी पहुंचे, जहां से वे हेलीकॉप्टर से मोदाकुरिची के शिवगिरी पहुंचे और शिवगिरी सरकारी अस्पताल से धीरन चिन्नामलाई प्रतिमा जंक्शन तक खुली जीप में रोड शो किया। सड़क के दोनों ओर भाजपा कार्यकर्ताओं और राज्य में राजग का नेतृत्व कर रहे अन्नाद्रमुक सहित पीएमके, एएमएमके, टीएमसी और अन्य गठबंधन दलों के सदस्यों की भारी भीड़ जमा थी।</p>
<p>बाद में अमित शाह कोयंबटूर लौटे और चेन्नई के लिए रवाना हो गये, जहां वे आज शाम मायलापुर चुनाव क्षेत्र में भाजपा उम्मीदवार और पार्टी की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष तमिलिसाई सुंदरराजन के समर्थन में और रोड शो करेंगे। सुश्री सुंदरराजन पुड्डुचेरी की पूर्व उपराज्यपाल और तेलंगाना की पूर्व राज्यपाल भी रही हैं। शाह मायलापुर के प्रसिद्ध कपालेश्वर मंदिर में दर्शन करने के बाद अपना रोड शो शुरू करेंगे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दक्षिणी जिले तेनकासी के वासुदेवनल्लूर (आरक्षित) चुनाव क्षेत्र में रोड शो किया और भाजपा उम्मीदवार अनंतन अय्यासामी के लिए प्रचार किया। चिंतामणि जंक्शन से कामराज प्रतिमा जंक्शन तक रोड शो के पूरे रास्ते में भारी संख्या में लोग सड़कों के दोनों ओर कतारबद्ध थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Apr 2026 15:02:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>पीएम मोदी का दावा : तमिलनाडु की राजनीति में लिखा जा रहा है नया अध्याय, राजग इन द्रमुक आउट</title>
                                    <description><![CDATA[कोयंबटूर में प्रधानमंत्री नेंद्र मोदी ने द्रमुक पर परिवारवाद और भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि तमिलनाडु में राजग (NDA) की लहर है। उन्होंने केंद्र की योजनाओं से 25 करोड़ लोगों के गरीबी से निकलने और कर राहत का जिक्र किया। पीएम ने 'डबल-इंजन सरकार' का वादा करते हुए राज्य के विकास का संकल्प दोहराया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/pm-modi-claims-new-chapter-is-being-written-in-tamil/article-150991"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/pm-modi5.png" alt=""></a><br /><p>कोयंबटूर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तमिलनाडु की सत्ताधारी पार्टी द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम पर परिवार की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए दावा किया है कि द्रमुक राज्य की सत्ता बाहर हो रही है और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) प्रवेश कर रहा है। पीएम मोदी ने शनिवार को यहां चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि तमिलनाडु की राजनीति में एक नया अध्याय लिखा जा रहा है। राज्य की जनता एक साफ़ संदेश दे रही है कि राजग अंदर आ रहा है और द्रमुक बाहर जा रही है। उन्होंने कहा, "अभी कुछ ही दिन पहले, हमारे तमिल भाई-बहनों ने पूरी दुनिया में पुथांडु मनाया। इस मौके पर मैं आप सभी के अच्छे स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना करता हूँ।"</p>
<p>उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में तमिलनाडु में दो चीजें रिकॉर्ड स्तर पर बढ़ी हैं, एक सत्ताधारी परिवार की संपत्ति और दूसरा राज्य पर कर्ज का बोझ। उन्होंने मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के परिवार के भीतर 'बेटे और दामाद' के बीच लूट की प्रतिस्पर्धा होने का दावा करते हुए कहा कि राज्य का पैसा जनहित के बजाय एक परिवार की तिजोरी में जा रहा है, जिससे तमिलनाडु के प्रत्येक नागरिक पर कर्ज का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है।</p>
<p>उन्होंने द्रमुक और भाजपा के बीच फर्क समझाते हुए कहा कि द्रमुक के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और दिल्ली में मौजूद उनके प्रमुख सांसद ये सभी एक ही परिवार से आते हैं। यहाँ तक कि फ़िल्म उद्योग, मीडिया और पार्टी के वरिष्ठ नेता भी एक ही परिवार के नियंत्रण में हैं। उन्होंने कहा, "श्री सी. पी. राधाकृष्णन का कोई राजनीतिक वंश नहीं था। उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत के दम पर यह मुकाम हासिल किया। आज, कोयंबटूर का यह बेटा हमारे उपराष्ट्रपति के रूप में देश की सेवा कर रहा है।"</p>
<p>उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार कई महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजनाएँ चला रही है। करोड़ों बैंक खाते, पक्के घर, पानी के कनेक्शन और मुद्रा ऋण इन सभी का लोगों के जीवन पर गहरा और सकारात्मक असर पड़ा है। उन्होंने कहा, "25 करोड़ लोगों को गरीबी के दलदल से बाहर निकाला गया है। हमें आपकी बचत की परवाह है। आज आपको 12 लाख तक की आय पर कोई इनकम टैक्स नहीं देना पड़ता। यह एक सीधी बचत है।" प्रधानमंत्री ने कहा, "हमने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की दरें कम करके राहत की एक और परत जोड़ी है, ताकि लोगों को कम पैसे देने पड़ें। ज़रा सोचिए कि हमारे मध्यम वर्ग को इससे कितना फ़ायदा होता है।"</p>
<p>उन्होंने कहा कि जन औषधि स्टोर पर दवाएँ 80 प्रतिशत तक सस्ती मिलती हैं। अनुमान बताते हैं कि इन जन औषधि केंद्रों के ज़रिए हर परिवार ने लगभग 12 हज़ार रुपये बचाए हैं। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस योजना के तहत गरीबों को मुफ़्त डायलिसिस की सुविधा मिलती है। मोदी ने कहा, "पिछले साल नवंबर में मैं प्राकृतिक खेती पर एक शिखर सम्मेलन के लिए कोयंबटूर में था। यह एक ऐसा अनुभव था जिसे मैं कभी नहीं भूलूँगा। तमिलनाडु के मेहनती किसानों ने अपनी नई सोच और हुनर का प्रदर्शन किया।" उन्होंने कहा, "मैं उन्हें भरोसा दिलाता हूँ कि तमिलनाडु में 'डबल-इंजन सरकार' उनके जीवन को बेहतर बनाएगी।"</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "पिछले 11 वर्षों में केंद्र सरकार ने तमिलनाडु को 14 लाख करोड़ रुपये से ज़्यादा दिए हैं। यह पैसा कर में हिस्सेदारी, राजमार्ग, हवाई अड्डा , रेलवे और जन-कल्याणकारी योजनाओं के रूप में मिला है। यह उस रकम से कहीं ज़्यादा है जो तमिलनाडु को तब मिली थी, जब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी।" उन्होंने राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि आज तमिलनाडु में महिलाएँ और यहाँ तक कि छोटी बच्चियाँ भी अपराधियों से सुरक्षित नहीं हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Apr 2026 12:04:14 +0530</pubDate>
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                <title>पुडुचेरी चुनाव: कांग्रेस और द्रमुक के बीच सीट बंटवारे पर फंसा पेंच, किन​-किन ने दाखिल किया नामांकन  </title>
                                    <description><![CDATA[पुडुचेरी विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन की अंतिम तिथि करीब है, लेकिन कांग्रेस और द्रमुक (DMK) के बीच सीट शेयरिंग पर सहमति नहीं बन पाई है। कांग्रेस 17 सीटों पर अड़ी है, जबकि द्रमुक पिछले प्रदर्शन के आधार पर अधिक हिस्सेदारी मांग रही है। गठबंधन में खींचतान के बीच कुछ उम्मीदवारों ने पर्चा दाखिल कर दिया है, जिससे राजनीतिक पारा गरमा गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/puducherry-elections-stuck-on-seat-sharing-between-congress-and-dmk/article-147149"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/poducherry.png" alt=""></a><br /><p>पुडुचेरी। पुडुचेरी में नौ अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 23 मार्च में अब केवल कुछ ही दिन बचे हैं, लेकिन इंडिया गठबंधन के दो प्रमुख घटक दलों कांग्रेस और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के बीच सीट बंटवारे को लेकर अभी तक कोई समझौता नहीं हो सका है। दोनों पार्टियां अधिक सीटों पर चुनाव लड़ने की अपनी मांग पर अड़ी हुई हैं। कांग्रेस का कहना है कि केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में पार्टी को कुल 30 सीटों में से कम से कम 17 पर चुनाव लड़ना चाहिए। उसका बाकी 13 सीटें द्रमुक और अन्य सहयोगियों के लिए छोड़ने का प्रस्ताव है। द्रमुक 2021 के चुनावों में कांग्रेस से बेहतर प्रदर्शन और हालिया राजनीतिक समीकरणों के आधार पर अधिक सीटों की मांग कर रही है। द्रमुक की एक टीम राज्य संयोजक आर. शिवा के नेतृत्व में बातचीत के लिए चेन्नई रवाना हो गई है।</p>
<p><strong>कुछ नामांकन पत्र दाखिल हुए:</strong> सीट बंटवारा फाइनल न होने के बावजूद, बुधवार को द्रमुक उम्मीदवार अनिबल केनेडी, संपत और डॉ. नीतीश के साथ-साथ कांग्रेस के पूर्व विधायक अनंत रमन ने अपने नामांकन पत्र दाखिल कर दिए हैं। हालांकि, उन्होंने अभी तक आधिकारिक पार्टी फॉर्म (ए और बी) जमा नहीं किए हैं। अगर द्रमुक कांग्रेस को 17 सीटें देने पर सहमत हो जाती है, तो गठबंधन फौरन ही उम्मीदवारों की घोषणा कर सकता है। समझौता न होने की स्थिति में दोनों दल अकेले चुनाव लड़ने पर भी विचार कर रहे हैं। दूसरी ओर, सत्ताधारी  एनडीए ने अपना फॉर्मूला तय कर लिया है, जिसके तहत सत्तारूढ़ ऑल इंडिया एन आर कांग्रेस (एआईएनआरसी) 16 और भारतीय जनता पार्टी 14 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Mar 2026 10:39:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के एक दिन बाद पुडुचेरी में नामांकन प्रक्रिया शुरू, जानिए कब होगा मतदान और कब आएगा रिजल्ट</title>
                                    <description><![CDATA[पुडुचेरी की 30 सीटों पर 9 अप्रैल को होने वाले चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है। चुनाव आयोग द्वारा त्वरित कार्यक्रम घोषित करने से गठबंधन और टिकट बंटवारे के लिए दलों के पास मात्र एक सप्ताह का समय है। इस बार एनआर कांग्रेस-भाजपा गठबंधन, कांग्रेस-द्रमुक, और विजय की टीवीके के बीच कड़ा मुकाबला होने की उम्मीद है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/nomination-process-starts-in-puducherry-a-day-after-the-announcement/article-146774"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/pondichary.png" alt=""></a><br /><p>पुडुचेरी। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के एक दिन बाद पुडुचेरी विधानसभा की 30 सीटों पर नौ अप्रैल को होने वाले एकल चरण के चुनावों के लिए नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया सोमवार से शुरू हो गयी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 23 मार्च है और अगले दिन दस्तावेजों की जांच की जायेगी। नाम वापसी की अंतिम तिथि 26 मार्च है और मतदान 9 अप्रैल को होगा। मतगणना 4 मई को होगी और पूरी चुनाव प्रक्रिया 6 मई को संपन्न हो जाएगी। यह शायद राजनीतिक दलों को दिया गया अब तक का सबसे कम समय वाला कार्यक्रम है। गठबंधन को अंतिम रूप देने और उम्मीदवारों की घोषणा करने के लिए प्रत्येक पक्ष के पास महज एक हफ्ते का समय है।</p>
<p>चुनाव आयोग ने निगरानी बढ़ाई केंद्र शासित प्रदेश में चुनाव के लिए आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू होने के साथ ही चुनाव आयोग ने निगरानी बढ़ा दी है और धन की आवाजाही पर नजर रख रहा है। अधिकारियों ने कहा कि संबंधित वैध दस्तावेजों के साथ कितनी भी राशि ले जाने पर कोई रोक नहीं है। यदि पैसे के स्रोत की पहचान करने के लिए कोई वैध दस्तावेज नहीं मिलता है, तो उसे जब्त कर लिया जाएगा। पुडुचेरी विधानसभा चुनावों के इतिहास में यह पहली बार है कि चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के ठीक एक दिन बाद नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू हुई है। </p>
<p>आम तौर पर राजनीतिक दलों को अपनी गठबंधन रणनीति और सीट बंटवारे को अंतिम रूप देने, चुनाव क्षेत्रों की पहचान करने और उम्मीदवारों की घोषणा करने के लिए कम से कम एक सप्ताह या 10 दिन का समय दिया जाता है। लेकिन इस बार कोई अतिरिक्त समय नहीं दिया गया और पहली बार नामांकन प्रक्रिया तुरंत शुरू हो गयी, जिससे राजनीतिक दलों को तेजी से काम करने और कमर कसने को मजबूर होना पड़ा है।</p>
<p>मुख्य रूप से चार पक्ष आमने-सामने पुडुचेरी के इस चुनावी रण में मुख्य रूप से चार पक्ष आमने-सामने हैं। एक तरफ मुख्यमंत्री एन रंगासामी के नेतृत्व वाली ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस (एआईएनआरसी), भारतीय जनता पार्टीऔर एआईएडीएमके(अन्नाद्रमुक) का राजग गठबंधन है, जिसमें इस बार जोस चार्ल्स मार्टिन की नयी पार्टी लक्ष्य जननायक कच्छी (एलजेके) भी शामिल हुई है।</p>
<p>दूसरी ओर कांग्रेस और द्रमुक का गठबंधन है, जहां दोनों दल नेतृत्व और सीटों के बंटवारे को लेकर आपस में उलझे हुए हैं। इन पारंपरिक गठबंधनों के अलावा, अभिनेता से नेता बने विजय की नयी पार्टी तमिझगा वेत्री कड़गम (टीवीके) पहली बार चुनावी मैदान में उतरकर चर्चा का केंद्र बनी हुई है, जबकि अभिनेता-निर्देशक सीमन की नाम तमिझर कच्छी (एनटीके) हमेशा की तरह अकेले चुनाव लड़ रही है। इनके साथ ही मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी भी तीन सीटों पर अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही है। इससे राज्य का चुनावी मुकाबला काफी दिलचस्प और कड़ा हो गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Mar 2026 12:14:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>संसद की कार्रवाई से पहले विपक्षी दलों के नेताओं ने की संसद भवन परिसर में महत्वपूर्ण बैठक, इन मुद्दों पर सरकार को घेरने की तेयारी, जानें कौन कौन रहा मौजूद?</title>
                                    <description><![CDATA[संसद सत्र से पहले इंडिया गठबंधन नेताओं की खड़गे के कार्यालय में बैठक हुई। राहुल गांधी समेत नेताओं ने सदन की रणनीति पर चर्चा की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/before-the-proceedings-of-parliament-leaders-of-opposition-parties-held/article-142411"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(4)7.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्षी इंडिया गठबंधन के नेताओं की सोमवार को यहां संसद भवन परिसर में राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के ऑफिस में बैठक हुई।</p>
<p>खड़गे की अध्यक्षता में हुई बैठक में इंडिया गठबंधन की विभिन्न पार्टियों के संसदीय दल के नेताओं ने हिस्सा लिया और संसद में अपनी रणनीति को लेकर विचार विमर्श किया। </p>
<p>बैठक में खड़गे के अलावा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, द्रमुक के टीआर बालू, समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव तथा रामगोपाल यादव, आरएसपी के एन के प्रेमचंद्रन, शिवसेना उद्धव गुट के संजय राउत सहित कई दलों के नेता उपस्थित थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Feb 2026 13:03:52 +0530</pubDate>
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                <title>करुर भगदड़ मामला: कड़ी सुरक्षा के बीच टीवीके प्रमुख विजय पहुंचे सीबीआई मुख्यालय, पूछताछ जारी</title>
                                    <description><![CDATA[करूर भगदड़ जांच में टीवीके प्रमुख अभिनेता विजय कड़ी सुरक्षा के बीच सीबीआई के सामने पेश हुए। एजेंसी रैली में सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और लापरवाही की भूमिका की जांच कर रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/karur-stampede-case-tvk-lead-actor-vijay-reaches-cbi-headquarters/article-139292"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/actor-vijay-on-karur-stampede.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। तमिलनाडु के राजनीतिक दल तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के प्रमुख और प्रसिद्ध तमिल अभिनेता विजय, कड़ी सुरक्षा के बीच सोमवार को 'करूर भगदड़' मामले में पूछताछ के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के समक्ष पेश हुए जहाँ जांच टीम ने उनसे पिछले साल हुई उस दुखद घटना के बारे में विस्तार से पूछताछ की। सीबीआई ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 179 के तहत नोटिस जारी कर अभिनेता विजय को जांच में शामिल होने के लिए राष्ट्रीय राजधानी बुलाया था। जांच एजेंसी इस बात की पड़ताल कर रही है कि रैली के दौरान सुरक्षा मानकों और भीड़ नियंत्रण के उपायों का पालन किया गया था अथवा नहीं।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि, पिछले साल 27 सितंबर को तमिलनाडु के करूर में अभिनेता विजय की एक बड़ी राजनीतिक रैली के दौरान अचानक भगदड़ मच गई थी। इस हादसे में 41 लोगों की मौत हो गई थी और 60 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसकी जांच सीबीआई को सौंपी गई थी।</p>
<p>तमिलनाडु पुलिस ने दावा किया कि अभिनेता विजय के करूर रैली में देरी से पहुंचने की वजह से भगदड़ मची। बहुत ज्यादा देरी के कारण भीड़ बेकाबू हो गई। पुलिस ने भगदड़ की वजह भीड़, अपर्याप्त व्यवस्थाओं जैसे भोजन, पीने के पानी और सैनिटरी सुविधाओं की कमी को भी बताया। लेकिन अभिनेता विजय ने इन आरोपों का जोरदार खंडन करते हुए इन्हें राजनीति से प्रेरित बताया और सत्ताधारी द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) पर बदनामी का अभियान चलाने का आरोप लगाया। </p>
<p>अभिनेता विजय ने उल्टे पुलिस पर अव्यवस्था का आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ने प्रवेश वाली जगहों पर भीड़ प्रबंधन में गंभीर गलतियाँ की, जिससे भगदड़ मची और लोगों की जान चली गयी। शुरुआत में, मद्रास उच्च न्यायालय ने त्रासदी से पहले की घटनाओं की जांच के लिए एक विशेष जांच दल का गठन किया था। बाद में उच्चतम न्यायालय ने इस मामले को अपने हाथ में ले लिया, और सीबीआई को एक सेवानिवृत्त उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली समिति की देखरेख में जांच करने का निर्देश दिया। </p>
<p>तमिलनाडु सरकार के पहले नियुक्त किए गए एकल-सदस्यीय जांच आयोग को भी शीर्ष अदालत ने पलट दिया, जिसने तय किया कि इस मामले में अधिक निष्पक्ष और विश्वसनीय जांच की आवश्यकता है। खास बात यह है कि विजय की पार्टी टीवीके ने भी इस घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 12 Jan 2026 13:24:08 +0530</pubDate>
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                <title>करुणानिधि पर स्मारक सिक्का जारी करने पर स्टालिन ने केंद्र को दिया धन्यवाद </title>
                                    <description><![CDATA[स्टालिन ने कहा कि करुणानिधि ने अपने 95 साल लंबे करियर और 81 साल के सार्वजनिक जीवन में राजनीतिक, प्रशासनिक, कला, साहित्य, फिल्म उद्योग और पत्रकारिता के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर प्रभाव डाला है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/stalin-thanks-center-for-releasing-commemorative-coin-on-karunanidhi/article-87863"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/photo-size-(3)15.png" alt=""></a><br /><p>चेन्नई। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एवं सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कडग़म (द्रमुक) के अध्यक्ष एम के स्टालिन ने पांच बार राज्य के मुख्यमंत्री रहे द्रमुक संरक्षक एम करुणानिधि की जयंती के उपलक्ष्य में सिक्का जारी करने की घोषणा के लिए केंद्र को धन्यवाद दिया।</p>
<p>स्टालिन ने यहां एक बयान में कहा कि करुणानिधि के पुत्र के रूप में और आप लोगों में से एक मैं उनकी छवि वाला सिक्का जारी करने के लिए भारत की केंद्र सरकार के प्रति अपना आभार व्यक्त करता हूं। यह सिक्का भावी पीढ़ियों के लिए प्रकाश स्तंभ, हमारे अमर कलाकार के प्रसिद्धि रूपी ताज में एक और हीरा है।</p>
<p>स्टालिन ने कहा कि करुणानिधि की जन्म शताब्दी के उपलक्ष्य में जारी किये गये 100 रुपये के सिक्का पर मुथामिझारिंगर (इस नाम से करुणानिधि को प्यार से बुलाया जाता था) का चित्र और उनकी लिखावट में 'तमिल वेल्लम' (तमिल जीतेगा) अंकित है।</p>
<p>गौरतलब है कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शहर में आयोजित एक कार्यक्रम में 100 रुपये का सिक्का जारी करेंगे। स्टालिन ने कहा कि यह सभी के लिए खुशी और गर्व का क्षण होगा।</p>
<p>उन्होंने कहा कि पांच बार मुख्यमंत्री रहने के दौरान आधुनिक तमिलनाडु का निर्माण करने वाले वास्तुकार की जन्म शताब्दी पर तमिलनाडु सरकार की ओर से हर जिले में कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने मदुरै में मल्टी-स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, सेंटेनरी लाइब्रेरी, चेन्नई के पास किलांबक्कम बस टर्मिनल के निर्माण की ओर भी इशारा किया, जिसका नाम करुणानिधि के नाम पर रखा गया है।</p>
<p>स्टालिन ने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से करुणानिधि  के सम्मान में शहर के कलैवनार आरंगम में एक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि संसद में किसी नेता की मृत्यु पर शोक प्रस्ताव केवल करुणानिधि के लिए पारित किया गया था, जबकि वह संसद के किसी भी सदन के सदस्य नहीं थे।</p>
<p>स्टालिन ने कहा कि करुणानिधि ने अपने 95 साल लंबे करियर और 81 साल के सार्वजनिक जीवन में राजनीतिक, प्रशासनिक, कला, साहित्य, फिल्म उद्योग और पत्रकारिता के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर प्रभाव डाला है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 16 Aug 2024 14:13:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>सतरंगी सियासत</title>
                                    <description><![CDATA[ जब यह तय हो गया कि कांग्रेसनीत आईएनडीआइए के घटक दल केन्द्र में सत्ता की दावेदारी फिलहाल नहीं करेंगे। और सही समय का इंतजार करेंगे। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/india-gate/colorful-politics/article-81018"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/india-gate031.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>असर...</strong><br />आम चुनाव- 2024 के परिणाम का असर एक अलग तरीके का भी। जिन क्षेत्रीय दलों की कभी अपने प्रदेशों में कभी तूती बोलती थी। इस बार उनका एक भी सांसद लोकसभा में नहीं होगा। इसमें ओडिशा की बीजद, तेलंगाना की बीआरएस, तमिलनाडु की एआईएडीएमके और जम्मू-कश्मीर की पीडीपी इस बार गायब हो गई। कभी पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कहा था। अनुच्छेद- 370 खत्म किया। तो घाटी में कोई तिरंगा उठाने वाला नहीं मिलेगा। लेकिन आज उनकी पार्टी को ढोने वाला कोई नहीं बचा। हां, इस बार खालिस्तानी अमृतपाल सिंह पंजाब की खडूर साहिब से सांसद चुना गया। तो फरीदकोट से सरबजीत सिंह भी जीत गया। जो पूर्व पीएम इंदिरा गांधी की हत्या करने वाले बेअंत सिंह का बेटा। और एक अलगाववादी नेता राशिद इंजीनियर भी। जो जम्मू-कश्मीर की बारामूला सीट से सफल रहा। राशिद पर टेरर फंडिंग का आरोप और आजकल तिहाड़ जेल में।</p>
<p><strong>दक्षिण में एंट्री...</strong><br />केन्द्र में लगातार तीसरी बार सत्तारूढ़ हुई भाजपा केरल में एक, आंध्रप्रदेश में तीन, तेलंगाना में आठ और कर्नाटक में 17 सीटें जीतकर दक्षिण में प्रभावशानी मौजूदगी दर्ज करवागी। हां, तमिलनाडु में कोई सीट नहीं जीत सकी। लेकिन अपना मत 16 फीसदी तक बढ़ा लिया। जो सत्ताधारी डीएमके लिए के लिए 2026 में होने वाले विधानसभा चुनाव में परेशानी का सबब होगा। अब कहा जा रहा। भाजपा ने यदि एआईएडीएमके के ओपीएस गुट के साथ ही ईपीएस गुट से मिलकर चुनाव लड़ा होता। तो शायद तस्वीर आंध्रप्रदेश जैसी बन सकती थी। खैर, अब जो होना था। वह हो गया। लेकिन भाजपा की दक्षिण में मानी जानी वाली कमजोर कड़ी अब लगातार मजबूत हो रही। क्योंकि तेलंगाना में वह प्रमुख विपक्षी दल बनने की राह पर। तो आंध्रप्रदेश में अब सत्ता में भागीदार भी। वहीं, केरल में अब भाजपा के तीसरी ताकत होकर उभरने की उम्मीद।  </p>
<p><strong>गतिरोध का इंतजाम</strong><br />जब यह तय हो गया कि कांग्रेसनीत आईएनडीआइए के घटक दल केन्द्र में सत्ता की दावेदारी फिलहाल नहीं करेंगे। और सही समय का इंतजार करेंगे। तो राहुल गांधी एवं उनके रणनीतिकार मुंबई शेयर बाजार में हुए उतार-चढाव का मामले ले आए। मतलब जैसे ही 18 वीं लेकसभा की कार्यवाही शुरू होगी। विपक्ष का हंगामे के लिए मुद्दा तैयार। यानी कांग्रेस ने शेयर बाजार के बहाने संसद में गतिरोध का इंतजाम कर लिया। सो, 18वीं लोकसभा का पहला ही सत्र हंगामेदार होने के आसार। इससे पहले पेगासस, हिंडनबर्ग रिपोर्ट और मणिपुर हिंसा जैसे मामलों में विपक्ष जेपीसी की मांग कर चुका। सो, इस मामले में भी जेपीसी से जांच की मांग। वैसे सरकार मानेगी नहीं। लेकिन पीएम मोदी को यह अहसास करवाने की तरकीब कि इस बार विपक्ष मजबूत। और उन्हें पूरे समय घेरे रहेगा। हालांकि इसके लिए पीएम मोदी और उनके साथी तैयार होंगे ही।</p>
<p><strong>पेंच बाकी</strong><br />भले ही आइएनडीआए में सब कुछ सामान्य लग रहा। लेकिन पेंच अभी बाकी। नेता प्रतिपक्ष और संयोजक की जिम्मेदारियां कांग्रेस के पास रहने वाली। लेकिन शरद पवार जैसे नेता इतनी आसानी से कहां मानने वाले? सपा, टीएमसी, डीएमके, शिवसेना-यूबीटी गठबंधन में आखिर कुछ तो चाहेंगी। इस बार गैर भाजपा और गैर कांग्रेस दलों के करीब 200 सांसद। और इनमें से कई सांसद ऐसे। जो कभी भाजपा और कांग्रेस के साथ गठबंधन में रह चुके। सो, वह इनकी कार्यप्रणाली से परिचित। यह भी सही कि ज्यादातर दल या नेता वहीं जाते। जहां ज्यादा राजनीतिक लाभ हो। ऐसे में आशंका। क्या भाजपा और कांग्रेस इनको पांच साल बांधीे रख पाएंगी? इसीलिए मल्लिकार्जुन खडगे सही समय पर सही कदम उठाने की बात कह गए। वहीं, भाजपा ने भी एनडीए की क्षमता 293 से 300 से ज्यादा संख्या यूं ही नहीं कर ली। मतलब घर को भी साधना होगा।</p>
<p><strong>उलझन बाकी...</strong><br />उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र एवं पश्चिम बंगाल ऐसे राज्य। जहां क्षेत्रीय दल मजबूत। सो, आइएनडीआइए में अब एक नई उलझन! कांग्रेस और क्षेत्रीय दलों को एक दूसरे का साथ तो चाहिए। लेकिन इतना भी नहीं कि कांग्रेस क्षेत्रीय दलों से हक मांगने लगे। क्योंकि महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव। जबकि पश्चिम बंगाल में दो साल बाद। ऐसे में क्षत्रप कतई नहीं चाहेंगे कि कांग्रेस उनसे अधिक सीटों की मांग करे। सो, फिलहाल आइएनडीआइए गठबंधन के घटक दल खुश हों। लेकिन कांग्रेस की बढती राजनीतिक जमीन। उनके लिए भी खतरा पैदा कर रही। सत्ता चलाना और उसमें बने रहना। कांग्रेस को खूब आता। महाराष्ट्र में अब कांग्रेस ज्यादा हिस्सा मांगेगी। जो शरद पवार और उद्धव ठाकरे के लिए मुश्किल का सबब। जबकि यूपी में तो मानो घमासान की संभावना रहेगी। कांग्रेस, सपा से ज्यादा सीटें चाहेगी। जबकि सपा इससे बचेगी। तो कैसे बात आगे बढे़गी? यह देखना दिलचस्प!</p>
<p><strong>नई सरकार...</strong><br />नरेन्द्र मोदी की अगुवाई में एनडीए गठबंधन सरकार का शपथग्रहण समारोह हो चुका। अब बारी काम करने की। इस बार पीएम मोदी क्षत्रपों पर निर्भर। उन पर दबाव होने का अंदेशा जताया जा रहा। क्योंकि मोदीजी ने कभी गठबंधन सरकार नहीं चलाई। जबकि भाजपा की ओर से लगातार कहा जा रहा। गठबंधन सरकार भी आसानी से चलेगी और मोदीजी भी उसी गति एवं दिशा से काम करेंगे। जैसा पिछले दस साल से करते आ रहे। लेकिन जानकार विश्वास नहीं कर पा रहे। तो सबसे पहली परीक्षा मंत्रिपरिषद का गठन। जिसमें जो नाम शामिल हुए। वह अपने आप में संकेत और संदेश। हां, सरकार की विदेश नीति में बहुत बदलाव नहीं आएगा। ऐसे ही रक्षा क्षेत्र एवं आंतरिक सुरक्षा की नीति भी वैसे ही चलेगी। फिर यह भी कोई नहीं चाहेगा कि देश के ढांचागत विस्तार ने जो गति पकड़ी हुई। उसमें कोई बाधा उत्पन्न हो।</p>
<p><strong>अब आगे...</strong><br />अगले छह माह नरेन्द्र मोदी की अगुवाई वाली एनडीए सरकार के लिए महत्वपूर्ण। जिसमें खुद मोदीजी सहज रहेंगे या उनकी चुनौतियां बढ़ेंगी। यह तय हो जाएगा। असल में, इसी साल अक्टूबर-नवंबर में महाराष्ट्र, झारखंड एवं हरियाणा जैसे राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले। इसी के साथ केन्द्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में भी विधानसभा चुनाव की संभावनाएं। चुनाव आयोग ने इसकी तैयारियां भी शुरू कर दीं। ऐसे में, खासकर महाराष्ट्र एवं हरियाणा में भाजपा सफल रही। तो पीएम मोदी मजबूत होंगे। नहीं तो माना जा रहा। सहयोगी दलों के उन पर हावी होने की संभावना। फिर तो केन्द्र की सरकार भी पूरे रूआब से चला पाना मुश्किल होगा। वहीं, एक बार निचले सदन में बहुमत साबित कर देने के बाद अविश्वास प्रस्ताव लाने की मियाद भी पूरी हो जाती। ऐसे में, इस साल के अंत तक मोदी सरकार की मजबूती कितनी? यह भी तय हो जाएगा!    </p>
<p><strong>दिल्ली डेस्क</strong><br /><strong>(ये लेखक के अपने विचार हैं)</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>इंडिया गेट</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 10 Jun 2024 12:20:15 +0530</pubDate>
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                <title>सतरंगी  सियासत</title>
                                    <description><![CDATA[देश का सबसे बड़ा सूबा उत्तर प्रदेश। उसमें भी प्रमुख विपक्षी सपा और उसके अध्यक्ष अखिलेश यादव का मानो सब कुछ दांव पर।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/india-gate/colorful-politics/article-78641"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/india-gate.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>सब कुछ दांव पर</strong><br />आम चुनाव- 2024 का परिणाम बहत कुछ संकेत और संदेश छोड़कर जाएगा। देश का सबसे बड़ा सूबा उत्तर प्रदेश। उसमें भी प्रमुख विपक्षी सपा और उसके अध्यक्ष अखिलेश यादव का मानो सब कुछ दांव पर। देश के दिग्गज समाजवादी नेता रहे मुलायम सिंह यादव के पुत्र अखिलेश यूपी का सीएम पद संभालने के बाद से लगातार चार बार चुनाव हार चुके। विधानसभा चुनाव 2017 और 2022 एवं लोकसभा चुनाव 2014 और 2019 में भी पिछड़ चुके। इनमें अखिलेश प्रभावशाली प्रदर्शन नहीं कर पाए। अब पांचवें चुनाव में भी कोई बहुत अवसर नजर नहीं आ रहा। कांग्रेस से गठजोड़ इसकी बानगी। फिर उनकी चाचा शिवपाल यादव से पटरी बैठती नहीं। जबकि वह सपा की मुलायम सिंह के जाने के बाद मानो रीढ़। लेकिन अखिलेश ने उन्हें पूरे समय साइड में रखा। ऐसे में यदि अखिलेश यादव लगातार पांचवां चुनाव हारे। तो क्या होगा? यह समय बताएगा।</p>
<p><strong>किस किसकी बारी?</strong><br />आम चुनाव- 2024 कई क्षेत्रीय दलों या क्षत्रपों के लिए अवसान का अवसर भी संभव। कई दल लगातार निचले पायदान पर जाते जा रहे। सो, इनकी वंशवादी, परिवारवादी एवं व्यक्तिवादी राजनीति पर खतरा। हां, राजद के तेजस्वी यादव ऐसे नेता। जिन्होंने लालू यादव की राजनीतिक विरासत को ठीक से संभाला हुआ। बाकी कई नए राजनीतिक माहौल में संघर्ष कर रहे। बात चाहे बीआरएस के केसीआर की हो या बीजेडी के नवीन पटनायक। जदयू के नीतीश कुमार, एनसीपी के शरद पवार और शिवसेना (यूबीटी) के उद्धव ठाकरे इसी संभावना से जूझ रहे। फिर जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद- 370 हटने के बाद एनसी के उमर अब्दुल्ला और पीडीपी की महबूबा मुफ्ती महबूबा के राजनीतिक भविष्य का क्या होगा? वहीं, दक्षिण के तमिलनाडु में राजनीति तेजी से करवट ले रही। जयललिता की एआईडीएमके आंतरिक झगड़े से जूझ रही। तो डीएमके को नंबर एक राजनीतिक दुश्मन भाजपा नजर आ रही।</p>
<p><strong>अपनी राह</strong><br />बसपा की अपनी राजनीति और गति। मायावती से आगे दूर तक देख रहीं। भले ही आज राजनीतिक जानकार उनका घाटा बता रहे हों। लेकिन मायावती की नजर भविष्य पर। इसीलिए भतीजे आकाश आनंद को आगे भी किया। लेकिन कुछ मामला गड़बड़ा गया। इसीलिए उन्हें फिलहाल फ्री भी कर दिया। बसपा प्रमुख मायावती की राजनीति टर्निंग पाइंट पर। यूपी में उनकी नजर कांग्रेस के दलित और सपा का मुस्लिम वोट पर। यानी त्रिकोणिय मुकाबले में भाजपा की जीत की संभावना ज्यादा। इसीलिए सपा और कांग्रेस, मायावती की बसपा पर हमलावर भी। लेकिन उनकी अपनी रणनीति और राजनीतिक गुणा भाग। जब यूपी में सपा और कांग्रेस कमजोर होंगी। तो भाजपा के सामने बसपा ही होगी। और इसी में मायावती अगली पीढ़ी के लिए अवसर देख रहीं। आकाश आनंद को उसी के लिए तैयार किया जा रहा। लेकिन प्रदेश की जनता का मूड इस चुनाव में मालूम पड़ेगा।</p>
<p><strong>संकेत और संदेश</strong><br />श्रीनगर संसदीय क्षेत्र में इस बार मतदान का 28 साल पुराना रिकार्ड टूट गया। साल 1996 में 41 तो इस बार 38 फीसदी मतदान हुआ। भाजपा इसे अनुच्छेद- 370 खत्म होने का असर बता रही। जिसे शांतिपूर्ण माहौल और अच्छी कानून व्यवस्था से भी जोड़कर देखा जा रहा। लेकिन सीमा पार गुलाम कश्मीर में हालात इसके एकदम उलट। वहां पाक फौज के खिलाफ बगावत जैसे हालात। धरना-प्रदर्शन एवं नारेबाजी भी ठीक उसी दिन। जिस दिन श्रीनगर में मतदान हो रहा था। इसकी जानकारी पूरी दुनियां तक पहंच रही। याद रहे, भारत के रक्षा और विदेश मंत्री कश्मीर को भारत में मिलाए जाने की बात एकदम स्पष्ट कह चुके। अब यह घटनाक्रम महज संयोग या फिर कुछ और? लेकिन गुलाम कश्मीर ने दुनियाभर का ध्यान जरुर खींच लिया। आनन-फानन में पाक सरकार द्वारा 700 करोड़ की मदद की घोषणा की गई। मतलब हालात काबू से बाहर।</p>
<p><strong>रूस की एंट्री</strong><br />देश के आम चुनाव में पाक का जिक्र न हो। तो चुनाव ही क्या? लेकिन अब रूस की भी एंट्री। इसका जिक्र किया अरविंद केजरीवाल ने। जो इन दिनों सुप्रीम कोर्ट की जमानत पर। उन्होंने रूसी राष्ट्रपति पुतिन का जिक्र करके चुनावी तड़का तो लगा ही दिया। इससे पहले अमरीका पर आरोप। वह भारतीय चुनाव प्रक्रिया में दखलंदाजी कर रहा। इसके बाद अमरीका बैक फुट पर। वैसे बात पाक तक तो ठीक। लेकिन रूस के जिक्र से विदेशी संबंधों पर भी असर संभव। लेकिन विपक्षी नेता जिस तरह से पीएम मोदी पर हमला कर रहे। इसे क्या कहा जाए? चुनावी रस्म या अगला संदेश? और वह क्या? पीएम मोदी सभी पर भारी पड़ रहे? लेकिन एक बात। इस बार का चुनाव। कई नेताओं एवं दलों के लिए राजनीतिक अस्तित्व का सवाल। हारे तो वह मानकर चल रहे। राजनीति की रिंग से बाहर जाने का खतरा!</p>
<p><strong>विपक्ष का नजरिया!</strong><br />आम चुनाव का पांचवां चरण कल। लेकिन विपक्ष अभी भी यही दावा कर रहा कि एनडीए 400 पार नहीं करेगा। साथ में विपक्ष जोड़ रहा। यदि 400 सीटें पार हुईं। तो देश का संविधान और आरक्षण व्यवस्था को खत्म कर दिया जाएगा। इसी की काट में पीएम मोदी ने बोला। यदि कांग्रेस सत्ता में आई। तो ओबीसी का आरक्षण काटकर मुस्लिम समाज को दे दिया जाएगा। कर्नाटक इसका उदाहरण। रही सही कसर सलमान खुर्शीद की भतीजी ने वोट जेहाद का जिक्र करके कर दिया। इसके बाद कांग्रेस बैकफुट पर। इसके बावजूद विपक्ष और कांग्रेस यह नहीं बता रहे कि खुद उनकी कितनी सीटे आएंगी। अब तो ममता बनर्जी भी बोल गईं। इंडिया गठबंधन सत्ता में आया। तो टीएमसी उसे बाहर से समर्थन देगी। इसी, बीच पीओजेके में महंगाई को लेकर प्रदर्शन। तो इधर, देश में सीएए के तहत नागरिकता देने का कार्यक्रम शुरू हो गया।</p>
<p><strong>केजरीवाल मौन!</strong><br />अरविंद केजरीवाल राजनीतिक और कानूनी भंवर में। स्वाति मालीवाल के साथ सीएम आवास में मारपीट क्या हुई। केजरीवाल एकदम मौन हो गए। बाद में आप सांसद संजय सिंह नमूदार हुए। कहा, मालीवाल के साथ अभद्रता हुई। दोषी के खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने मालीवाल के घर जाकर उनका हालचाल जाना। लेकिन सवाल केजरीवाल का। उनसे न उगलते बन रहा और न निगलते। फिर उनके खास सिपहसालार विभव कुमार जेल पहुंच चुके। इधर, माहौल आम चुनाव का। अभी दिल्ली और पंजाब में मतदान बाकी। कहीं, यह सब आम आदमी पार्टी में अंदरखाने की ही तो कोई खदबदाहट तो नहीं? क्योंकि केजरीवाल को वापस जेल भी जाना। उससे पहले राजनीतिक घटनाक्रम तेजी से आगे बढ़ रहा। आप सांसद राघव चढ्ढा की लंदन से अचानक स्वदेश वापसी। इसकी स्पष्ट बानगी। फिर सर्वोच्च न्यायालय भी कह चुका। अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री पद पर रहेंगे या नहीं। यह उप-राज्यपाल को तय करना।</p>
<p><strong>-दिल्ली डेस्क</strong><br /><strong>(ये लेखक के अपने विचार है)</strong><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>इंडिया गेट</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 May 2024 12:18:21 +0530</pubDate>
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