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                <title>ukraine war - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                            <item>
                <title>यूक्रेन की सेना में विदेशी भर्ती का खुलासा: पोलैंड सीमा पर कोलंबियाई नागरिकों की एंट्री, भर्ती प्रक्रिया पर उठे सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[यूक्रेन-पोलैंड सीमा पर कोलंबियाई नागरिकों को सीधे सेना में शामिल किया जा रहा है। भारी वेतन के लालच में आए इन लड़ाकों को अल्प प्रशिक्षण के बाद युद्ध के मैदान में भेजा जा रहा है। रूस ने यूक्रेन पर विदेशी नागरिकों को 'ढाल' बनाने का आरोप लगाया है, जबकि लापता सैनिकों के परिजन संपर्क टूटने से गहरे संकट में हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/foreign-recruitment-in-ukrainian-army-exposed-questions-raised-on-entry/article-150648"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/israel.png" alt=""></a><br /><p>कीव। यूक्रेन के सीमा रक्षक बल पोलैंड सीमा पर कोलंबियाई नागरिकों को अपनी सेना में भर्ती कर रहे हैं। यूक्रेन और मध्य पूर्व में भर्ती प्रक्रिया से जुड़े एक सूत्र ने 'स्पुतनिक' को यह जानकारी दी है। सूत्र के मुताबिक, कोलंबिया से आने वाले लड़ाके पोलैंड-यूक्रेन सीमा पर पहुँचते हैं, जहाँ से उन्हें सीधे सीमा सुरक्षा बलों में शामिल कर लिया जाता है। बताया जा रहा है कि ये लोग बिना किसी पहले के समझौते के ही यहाँ आते हैं, क्योंकि उन्हें पता होता है कि सीमा पर पहुँचते ही उन्हें सेना में भर्ती कर लिया जाएगा। लापता कोलंबियाई नागरिकों के परिजनों का कहना है कि उनके लोग सीमा पर पहुँचकर सेना में शामिल तो हो जाते हैं, लेकिन प्रशिक्षण के बाद उन्हें युद्ध के मैदान में भेज दिया जाता है। इसके बाद उनसे किसी भी तरह का संपर्क नहीं हो पाता।</p>
<p>इन मध्य अमेरिकी नागरिकों को भारी-भरकम वेतन और अच्छी सुविधाओं का लालच देकर यूक्रेन बुलाया जाता है। दूसरी ओर, रूसी रक्षा मंत्रालय ने यूक्रेन सरकार पर विदेशी लड़ाकों को 'ढाल' की तरह इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। रूस ने चेतावनी दी है कि उसकी सेना शत्रुओं को निशाना बनाना जारी रखेगी। वहीं, कुछ लड़ाकों ने यह शिकायत भी की है कि यूक्रेनी सेना में तालमेल की भारी कमी है, जिससे यहाँ के भीषण युद्ध में बचना अफगानिस्तान या पश्चिम एशिया के मुकाबले कहीं ज़्यादा मुश्किल है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Apr 2026 17:15:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>ईरान, तुर्की के बाद दुनिया में एक और ड्रोन सेना के सुपर पावर का जन्म: ड्रोन इंडस्ट्री में बहुत तेजी से पैर पसार रहा ताइवान, हर साल लाखों ड्रोन बनाने का लक्ष्य</title>
                                    <description><![CDATA[ईरानी ड्रोन की तबाही के बीच ताइवान चुपचाप दुनिया का नया ड्रोन हब बन रहा है। चीन के खतरे को देखते हुए ताइपे ने 1 लाख से अधिक स्वदेशी ड्रोन यूक्रेन भेजे हैं। 2030 तक सालाना 1.80 लाख ड्रोन बनाने का लक्ष्य रखने वाला ताइवान अब अमेरिका और भारत जैसे देशों के लिए सप्लाई चेन का सुरक्षित विकल्प बन गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/after-iran-and-turkey-the-birth-of-another-drone-army/article-147162"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/trukey.png" alt=""></a><br /><p>ताइपे। ईरान और अमेरिका की जंग में विस्फोटक ड्रोन विमानों की ताकत देखकर दुनिया हैरान है। ईरान सऊदी अरब से लेकर कतर तक में तबाही मचा रहा है और सुपरपावर अमेरिका तथा इजरायली सेना इसे पूरी तरह से रोकने में नाकाम साबित हो रही है। अमेरिका के थॉड और पेट्रियट तथा इजरायल के एयर डिफेंस सिस्टम ईरानी शाहेद ड्रोन के आगे फेल हो गए हैं। इससे खाड़ी देशों में भारी नुकसान पहुंचा है। दुनियाभर के सैन्य रणनीतिकार विस्फोटक ड्रोन को लेकर अब बड़ी चेतावनी दे रहे हैं। इससे पहले यूक्रेन युद्ध में भी रूस ने ईरानी शाहेद ड्रोन की मदद से यूक्रेन में भारी तबाही मचाई थी। </p>
<p>वहीं, यूक्रेन तुर्की के बायरकतार सीरिज के ड्रोन पर भरोसा करता है। तुर्की एवं ईरान के बाद अब एक और देश है जो अगला ड्रोन सुपरपावर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इस देश का नाम ताइवान है जिसे चीन अपना हिस्सा कहता है। दुनिया में ड्रोन सेना की बढ़ती मांग के बीच ताइवान बहुत चुपचाप तरीके से बहुत बड़े पैमाने पर स्वदेशी तकनीक की मदद से ड्रोन बना रहा है। यही नहीं ताइवान इन हमलावर ड्रोन को यूक्रेन को निर्यात कर रहा है जो रूस के साथ जंग लड़ रहा है। इससे अब ताइवान में यह ड्रोन इंडस्ट्री बहुत तेजी से पैर पसार रही है। ताइवान में ड्रोन निर्माण को एक प्रयोग के तौर पर शुरू किया गया था लेकिन ताइपे ने पिछले एक साल में ही 1 लाख ड्रोन का यूक्रेन को निर्यात किया है। यह बिक्री पोलैंड और चेक रिपब्लिक की मदद से की गई है।</p>
<p>चीन की धमकियों का सामना कर रहे ताइवान के लिए हमलावर ड्रोन उसके अपने अस्तित्व को बचाए रखने के लिए भी बहुत ही जरूरी हैं। ताइवान ने ड्रोन बनाया है जो मध्यम ऊंचाई तक लंबे समय तक उड़ान भर सकता है। इसके अलावा ताइवान ने Chien Hsiang कामीकाजी ड्रोन बनाया है जो ईरान के शाहेद की तरह से ही निगरानी करने, इलेक्ट्रानिक हमले और हाई वैल्यू टारगेट पर लंबी दूरी तक हमला करने में सक्षम है। ताइवान न केवल खुद से ड्रोन बना रहा है, बल्कि अमेरिका से भी ड्रोन खरीद रहा है। ताइवान का इरादा साल 2030 तक हर साल 1 लाख 80 हजार ड्रोन बनाने का है। ताइवान अपने साथ राजनयिक संबंध रखने वाले देशों को ड्रोन की सप्लाई कर रहा है जिसका नागरिक और सैन्य दोनों ही तरह से इस्तेमाल किया जा सकता है। </p>
<p><strong>चीन के हमले का खतरा</strong></p>
<p>असल में ताइवान उन देशों को विकल्प मुहैया करा रहा है जो चीनी उपकरणों से मुक्त ड्रोन चाहते हैं। यह अमेरिका और उसके सहयोगी देशों जैसे जापान, भारत, यूरोपीय देशों के लिए मददगार है जो अपने सप्लाई चेन में विविधता लाना चाहते हैं। ताइवान पर चीन के हमले का खतरा मंडरा रहा है, इसी वजह से ताइपे बहुत तेजी से घरेलू ड्रोन उद्योग को खड़ा करना चाहता है। आज ताइवान में 260 कंपनियां ड्रोन के पूरे सिस्टम को खुद से बना रही हैं और एकीकृत कर रही हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Mar 2026 12:08:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>क्या सच में जल्द खत्म होने वाला युद्व? पश्चिम एशिया तनाव के बीच ट्रंप-पुतिन ने की टेलीफ़ोन पर बात, युद्ध सहित कई वैश्विक मुद्दों पर हुई चर्चा</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और व्लादिमीर पुतिन के बीच यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया संकट पर 'रचनात्मक' बातचीत हुई। पुतिन ने चेतावनी दी कि अस्थिरता से वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र ठप हो सकता है और तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं। रूस ने यूरोप को स्थिर आपूर्ति का भरोसा दिया है, बशर्ते क्षेत्र में शांति और सुरक्षा की गारंटी हो।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/is-the-war-really-going-to-end-soon-amidst-west/article-145930"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/iran-war.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ उनकी पश्चिम एशिया में तनाव एवं रुस-यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध सहित कई वैश्विक मुद्दों पर बहुत अच्छी बातचीत हुई। राष्ट्रपति ट्रंप ने सोमवार को कहा कि बातचीत में रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध समेत कई वैश्विक मुद्दों पर बात हुई।</p>
<p>उन्होंने कहा, राष्ट्रपति पुतिन के साथ मेरी बहुत अच्छी बातचीत हुई, हम यूक्रेन के बारे में बात कर रहे थे, जो एक कभी न खत्म होने वाली लड़ाई है। हमने जाहिर तौर पर पश्चिम एशिया के बारे में बात की और वह मदद करना चाहते हैं। मैंने कहा, आप यूक्रेन-रूस युद्ध खत्म करके ज्यादा मदद कर सकते हैं। यह ज्यादा मददगार होगा, लेकिन हमारी बहुत अच्छी बातचीत हुई और वह बहुत रचनात्मक होना चाहते हैं।</p>
<p>यह बातचीत व्हाइट हाउस के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर साझा की गई। इससे पहले दिन में पुतिन ने मॉस्को में वैश्विक तेल और गैस पर एक बैठक की अध्यक्षता की, जहाँ उन्होंने चेतावनी दी कि पश्चिम एशिया को अस्थिर करने की कोशिशों से वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र पर बुरा असर पड़ सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, पुतिन ने कहा कि ऐसे हालात से तेल और गैस की कीमतें बढ़ सकती हैं और वैश्विक आपूर्ति में रुकावट आ सकती है। </p>
<p>रूसी नेता ने कहा, पश्चिम एशिया में हालात को अस्थिर करने की कोशिशों से वैश्विक तेल और ऊर्जा क्षेत्र जरूर खतरे में पड़ जाएगा, तेल और गैस की कीमतें बढ़ेंगी, दुनिया भर में इन संसाधनों की आपूर्ति पर रोक लगेगी, और बेशक लंबे समय के निवेश योजना में रुकावट आएगी। </p>
<p>उन्होंने बताया कि 2025 में दुनिया का लगभग एक-तिहाई समुद्री तेल होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरेगा, जिससे यह इलाका वैश्विक ऊर्जा प्रवाह के लिए बहुत जरूरी हो जाएगा। पुतिन ने यह भी चेतावनी दी कि अगर अस्थिरता और बिगड़ी तो फारस की खाड़ी में तेल का उत्पादन एक महीने के अंदर पूरी तरह रुक सकता है, और कहा कि उत्पादन में पहले ही गिरावट शुरू हो गई है।      </p>
<p>उन्होंने कहा कि पिछले हफ्ते वैश्विक तेल की कीमतों में 30 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है, पहले कीमतें 119 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थीं, फिर घटकर लगभग 107 डॉलर पर आ गईं, हालांकि उतार-चढ़ाव ज्यादा बना रहा। इसके आगे पुतिन ने कहा, अगर यूरोप के देश स्थिर हालात की गारंटी देने को तैयार हैं तो रूस तेल और गैस आपूर्ति पर उनके साथ सहयोग करेगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Mar 2026 18:29:08 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>यूक्रेन जेलेंस्की शांति: 'शांति संबंधी' समझौते के लिए तैयार यूक्रेन</title>
                                    <description><![CDATA[यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में कहा कि वे 'सम्मानजनक' शांति समझौते के लिए तैयार हैं। उन्होंने वार्ता में यूरोप की भागीदारी और अमेरिका से ठोस सुरक्षा गारंटी की मांग की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/ukraine-ready-for-zelensky-peace-deal/article-143270"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/(12200-x-600-px)-(24)1.png" alt=""></a><br /><p>कीव। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा है कि यूक्रेन एक ऐसे समझौते के लिए तैयार है जो वास्तविक रूप से शांति लाएगा। यूक्रिनफॉर्म न्यूज एजेंसी के अनुसार, जेलेंस्की ने जर्मनी में आयोजित म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस में एक भाषण के दौरान कहा, यूक्रेन एक ऐसे समझौते के लिए तैयार है जो हमारे लिए, यूक्रेन के लिए, यूरोप के लिए असली शांति लाएगा। </p>
<p>जेलेंस्की ने कहा, इस संकट को सबसे पहले अस्मिता के साथ खत्म किया जा सकता है। यह हमारे लिए सबसे जरूरी बात है। उनके मुताबिक, यूरोप असल में बातचीत के लिए मौजूद नहीं है, जो एक बड़ी गलती है। यूक्रेन बातचीत की प्रक्रिया में यूरोप को पूरी तरह से शामिल करने की कोशिश कर रहा है ताकि यूरोप के हितों और यूरोप की आवाज का ध्यान रखा जा सके।</p>
<p>उन्होंने कहा कि यूक्रेन बातचीत को सफल बनाने के लिए सब कुछ करेगा। वह अमेरिका के प्रतिनिधियों के साथ लगातार बातचीत कर रहा है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 15 Feb 2026 16:03:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>रूसी सैन्य खुफिया एजेंसी के डिप्टी चीफ जनरल व्लादिमीर अलेक्सेयेव पर मॉस्को में हुआ जानलेवा हमला; गंभीर रूप से घायल, अस्पताल में भर्ती</title>
                                    <description><![CDATA[जीआरयू के उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल व्लादिमीर अलेक्सेयेव को अज्ञात हमलावर ने गोली मारी। हालत गंभीर, रूस ने हत्या के प्रयास की जांच शुरू की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/deputy-chief-of-russian-military-intelligence-agency-general-vladimir-alekseyev/article-142180"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(9)5.png" alt=""></a><br /><p>मॉस्को। रूस की सैन्य खुफिया एजेंसी (जीआरयू) के उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल व्लादिमीर अलेक्सेयेव शुक्रवार को मॉस्को में एक अज्ञात हमलावर की गोलीबारी में गंभीर रूप से घायल हो गए। </p>
<p>राजधानी के उत्तर-पश्चिमी इलाके में स्थित एक आवासीय इमारत के पास घात लगाकर बैठे हमलावर ने जनरल अलेक्सेयेव पर कई गोलियां चलाईं और मौके से फरार हो गया। हमले के तुरंत बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनकी हालत नाजुक बनी हुयी है। रूसी जांच समिति ने इस घटना को हत्या के प्रयास का मामला मानते हुए आपराधिक जांच शुरू कर दी है। जनरल अलेक्सेयेव 2011 से जीआरयू में दूसरे सबसे शक्तिशाली अधिकारी के पद पर तैनात हैं और यूक्रेन युद्ध की रणनीतियों में उनकी भूमिका काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है।</p>
<p>अंतरराष्ट्रीय विवादों से उनका पुराना नाता भी रहा है। यूक्रेन उन्हें अंतरराष्ट्रीय अपराधी मानता है। ब्रिटेन और यूरोपीय संघ(ईयू) ने उन पर 2018 में सैलिसबरी (यूके) में रूसी डबल एजेंट सर्गेई स्क्रीपल और उनकी बेटी पर नोविचोक नर्व एजेंट से हमला कराने का मास्टरमाइंड होने का आरोप लगाया था। इस कारण वे ईयू के प्रतिबंधों का सामना कर रहे हैं। इसके अलावा साल 2016 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों के दौरान साइबर हमलों और हस्तक्षेप के आरोपों के चलते अमेरिका ने भी उन पर कड़े प्रतिबंध लगाए थे। </p>
<p>साल 2023 में वैगनर ग्रुप के प्रमुख येवगेनी प्रिगोझिन के विद्रोह के दौरान, अलेक्सेयेव उन प्रमुख अधिकारियों में शामिल थे जिन्होंने विद्रोहियों के साथ बातचीत की थी। रूस में पिछले कुछ समय में कई हाई-प्रोफाइल सैन्य अधिकारियों को निशाना बनाया गया है। इस ताजा हमले ने मॉस्को की आंतरिक सुरक्षा और खुफिया तंत्र पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 06 Feb 2026 17:36:47 +0530</pubDate>
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                <title>भारत से रूसी तेल की खरीद बंद करने का हमें कोई संदेश नहीं: क्रेमलिन</title>
                                    <description><![CDATA[क्रेमलिन ने कहा कि अमेरिका-भारत व्यापार समझौते के बाद भी भारत से रूसी तेल आयात बंद करने या घटाने का कोई आधिकारिक संदेश नई दिल्ली से नहीं मिला है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/we-have-no-message-from-kremlin-to-stop-buying-russian/article-141864"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)3.png" alt=""></a><br /><p>मॉस्को। रूसी सत्ता केन्द्र क्रेमलिन ने मंगलवार को एक आधिकारिक बयान में साफ किया है कि अभी तक उसे भारत से तेल आयात खत्म करने या उसमें कटौती करने का कोई संदेश नहीं मिला है। उल्लेखनीय है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के साथ व्यापार समझौते का एलान कर दिया है। इसके साथ ही अमेरिका ने टैरिफ घटाकर 18 फीसदी कर दिया है। इस मामले पर अब रूस का बयान भी सामने आ गया है। क्रेमलिन ने मंगलवार को कहा कि उसे भारत से ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है कि अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ व्यापार समझौते की घोषणा के बाद वह रूसी तेल खरीदना बंद कर देगा। </p>
<p>डोनाल्ड ट्रंप ने व्यापार समझौते के एलान के अवसर पर कहा था कि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टैरिफ में ढील देने के समझौते के तहत रूसी तेल खरीदना बंद करने का वादा किया है। हालांकि भारत की ओर से इसमें कुछ नहीं कहा गया था और अधिकतर भारतीयों ने इसे ट्रंप की पुरानी आदत के तहत नजरअंदाज कर दिया था। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने  कहा, अभी तक हमें इस मामले पर नई दिल्ली से कोई बयान नहीं मिला है। दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि रूस भारत के साथ संबंधों पर ट्रंप की टिप्पणियों का सावधानीपूर्वक विश्लेषण कर रहा है। पेस्कोव ने कहा, हम अमेरिका-भारत के द्विपक्षीय संबंधों का सम्मान करते हैं। लेकिन हम रूस और भारत के बीच एक उन्नत रणनीतिक साझेदारी के विकास को भी उतना ही महत्व देते हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा, यह हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण बात है और हम दिल्ली के साथ अपने द्विपक्षीय संबंधों को और विकसित करने का इरादा रखते हैं। गौरतलब है कि 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद भारत रियायती कीमत पर रूसी समुद्री मार्ग से आने वाले कच्चे तेल का सबसे बड़ा खरीदार बन गया था। </p>
<p>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर रूस से तेल की खरीदने की वजह से 25 फीसदी टैरिफ लगाया था। यह उस पारस्परिक शुल्क से अलग था, जिसे ट्रंप ने भारत के लिए 25 फीसदी कर दिया था। ट्रंप ने सोमवार को रूसी तेल खरीद बंद करने और व्यापार बाधाओं को कम करने के बदले में भारतीय वस्तुओं पर अमेरिकी टैरिफ को 50 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी कर दिया है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 04 Feb 2026 11:27:11 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम का दावा: कहा भारत ने टैरिफ में कटौती पूरी तरह से हासिल की; मजबूत मूल्य निर्धारण शक्ति को समर्थन मिलने की उम्मीद</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली में अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने कहा भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में आयात शुल्क कटौती भारत के संतुलित रवैये का परिणाम है, इससे द्विपक्षीय व्यापार को नई गति मिलेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/us-senator-lindsey-graham-claims-india-has-fully-achieved-tariff/article-141769"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(2)2.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने सोमवार को कहा कि भारत ने भारत-अमेरिका के नए व्यापार समझौते के तहत घोषित आयात शुल्क में कटौती पूरी तरह से हासिल की है। उन्होंने इस कटौती को यूक्रेन युद्ध के मद्देनजर रूस से तेल खरीद को लेकर भारत द्वारा किए गए पुनर्संतुलन से जोड़ा। यूक्रेन युद्ध 24 फरवरी, 2026 को अपने पाँचवें वर्ष में प्रवेश करेगा।</p>
<p>लिंडसे ग्राहम ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रणनीति की तारीफ करते हुए कहा कि रूसी ऊर्जा खरीदने वाले देशों पर आर्थिक दबाव काम करता दिख रहा है। उन्होंने भारत के साथ हालिया व्यापार समझौते की ओर इशारा किया, जिसके तहत अमेरिका ने भारतीय सामानों पर आपसी आयात शुलक को घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है। </p>
<p>उन्होंने कहा, राष्ट्रपति ट्रम्प, बहुत बढिय़ा। मुझे लगता है कि इस युद्ध को खत्म करने के बारे में आपका संदेश-पुतिन के उन ग्राहकों से जो उनकी युद्ध मशीन को मदद देने का काम कर रहे थे उन्हें सोचने पर मजबूर होना पड़ेगा।</p>
<p>सीनेटर ग्राहम ने दावा किया कि भारत के आचरण ने आयात शुल्क में कटौती को पूरी तरह जायज ठहराया है और उन्होंने उम्मीद जताई कि अन्य देश भी इसी राह पर चलेंगे। उन्होंने कहा, अपने व्यवहार के जरिए भारत ने इस कटौती का हक़ उससे कहीं ज्यादा साबित किया है। मुझे उम्मीद है कि रूसी तेल खरीदने वाले अन्य बड़े देश भी भारत की दिशा का अनुसरण करेंगे।</p>
<p>उन्होंने व्यापार निर्णय को व्यापक भू-राजनीतिक उद्देश्यों से जोड़ते हुए कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन तभी बातचीत की मेज पर आएंगे जब दबाव बढ़ेगा। लिंडसे ग्राहम की यह टिप्पणी राष्ट्रपति ट्रम्प द्वारा दिन में पहले यह घोषणा करने के बाद आई है कि अमेरिका और भारत एक व्यापार समझौते पर सहमत हुए हैं, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति दोस्ती और सम्मान के कारण आपसी आयात शुल्क को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है।   </p>
<p>इस घोषणा ने लगभग 11 महीने की अनिश्चितता को खत्म कर दिया, जिसने द्विपक्षीय व्यापार संबंधों को दो दशकों से अधिक समय में सबसे निचले स्तर पर पहुंचा दिया था। इस ऐतिहासिक समझौते के तहत, अमेरिका भारतीय सामानों पर आयात शुल्क को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर देगा। भारत और अमेरिका ने कहा कि यह समझौता भारतीय निर्यातकों को तत्काल राहत प्रदान करेगा। </p>
<p>राष्ट्रपति ट्रम्प ने इस समझौते की पुष्टि करते हुए कहा, हमने अमेरिका और भारत के बीच एक व्यापारिक समझौते पर सहमति जताई है, जिसके तहत अमेरिका कम आयात शुल्क लगाएगा, इसे 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत किया जाएगा। इसी तरह वे भी अमेरिका के खिलाफ अपने आयात शुल्क और नॉन-टैरिफ बाधाओं को कम करके शून्य करेंगे।</p>
<p>आयात शुल्क में कमी से होने से अमेरिकी बाजार में भारतीय सामानों की प्रतिस्पर्धात्मकता बेहतर होने, मांग बढऩे, मार्जिन का दबाव कम होने और निर्यात-उन्मुख क्षेत्र के लिए मजबूत मूल्य निर्धारण शक्ति को समर्थन मिलने की उम्मीद है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 03 Feb 2026 13:26:21 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>राष्ट्रपति ट्रंप ने की जेलेंस्की से मुलाकात, कहा-यूक्रेन में प्रगति हुई, लेकिन अभी भी कुछ जटिल मुद्दे बाकी</title>
                                    <description><![CDATA[मार-ए-लागो में राष्ट्रपति ट्रंप और जेलेंस्की की मुलाकात के बाद शांति वार्ता में 95% प्रगति का दावा किया गया। हालांकि, डोनबास जैसे विवादित क्षेत्रों और विसैन्यीकरण पर 'जटिल मुद्दे' अब भी अनसुलझे हैं। ट्रंप ने सुरक्षा गारंटी पर प्रतिबद्धता दोहराई, जबकि जनवरी में पेरिस और व्हाइट हाउस में अगली महत्वपूर्ण बैठकें प्रस्तावित हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/us-president-trump-met-president-zelensky-and-said-progress/article-137669"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/zelenskyy-meets-with-trump.png" alt=""></a><br /><p>फ्लोरिडा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लोदिमिर जेलेंस्की के साथ बैठक के बाद कहा कि फ्लोरिडा के दौरान यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने की दिशा में प्रगति हुई है, लेकिन 'एक या दो बहुत जटिल मुद्दे' अभी भी बाकी हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि मुख्य सवाल टकराव वाले क्षेत्रों (जमीन) को लेकर था। रूस ने पहले मांग की है कि यूक्रेन उसे और अधिक जमीन सौंप दे।</p>
<p>राष्ट्रपति जेलेंस्की ने फ्लोरिडा के मार-ए-लागो में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि वे 20-सूत्रीय शांति योजना के 90 प्रतिशत हिस्से पर समझौते पर पहुँच गए हैं, वहीं राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा कि यूक्रेन के लिए सुरक्षा गारंटी का काम लगभग 95 प्रतिशत पूरा हो गया है। राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि अमेरिका और यूक्रेन के दल चार साल से चल रहे युद्ध को समाप्त करने के उद्धेश्य से बातचीत करने के लिए अगले सप्ताह यूक्रेन में मिलेंगे।</p>
<p>यूक्रेनी राष्ट्रपति ने अपने सोशल मीडिया ऐप टेलीग्राम पर बयान जारी करते हुए कहा, हमने सभी मुद्दों पर सार्थक बातचीत की और हम पिछले हफ्तों में यूक्रेनी और अमेरिकी दलों द्वारा की गई प्रगति को बहुत महत्व देते हैं। रूस ने फरवरी 2022 में यूक्रेन पर आक्रमण शुरू किया था और रूस ने इस समय यूक्रेनी क्षेत्र के लगभग 20 प्रतिशत हिस्से को अपने कब्जे में ले लिया है।</p>
<p>राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, पूर्वी यूक्रेन के डोनबास क्षेत्र, जिस पर रूस का काफी हद तक नियंत्रण है, उसे विसैन्यीकृत क्षेत्र में बदलने का प्रस्ताव 'अनसुलझा' बना हुआ है। उन्होंने पत्रकारों से कहा, उस जमीन का कुछ हिस्सा ले लिया गया है। उस जमीन का कुछ हिस्सा शायद हासिल किया जा सकता है, लेकिन इस पर अगले कुछ महीनों की अवधि में कब्जा भी किया जा सकता है। रूस ने इस समय डोनेत्स्क क्षेत्र के लगभग 75 प्रतिशत और पड़ोसी लुहान्स्क के लगभग 99 प्रतिशत हिस्से को अपने कब्जे में ले लिया है। इन क्षेत्रों को सामूहिक रूप से डोनबास के रूप में जाना जाता है।</p>
<p>रूस चाहता है कि यूक्रेन डोनबास के उस छोटे से हिस्से से पीछे हट जाए जो अभी उसके कब्जे में है, जबकि यूक्रेन ने जोर देकर कहा है कि यह क्षेत्र एक मुक्त आर्थिक क्षेत्र बन सकता है जिसकी निगरानी यूक्रेनी बल करेंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति ने खोए हुए यूक्रेनी क्षेत्रों पर बार-बार अपना रुख बदला है। उन्होंने सितंबर में यह सुझाव देकर पर्यवेक्षकों को चौंका दिया था कि यूक्रेन इसे वापस लेने में सक्षम हो सकता है। बाद में उन्होंने अपना रुख बदल लिया।</p>
<p>राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, यह एक बहुत ही कठिन मुद्दा है, जो हल हो जाएगा। उन्होंने कहा कि यूक्रेन के लिए सुरक्षा गारंटी 95 प्रतिशत पूरी हो चुकी है। उन्होंने भविष्य के हमलों से यूक्रेन की रक्षा में मदद करने के लिए प्रतिबद्धता दोहरायी। उन्होंने अमेरिका, रूस और यूक्रेन के बीच त्रिपक्षीय की संभावना जताई और कहा कि यह सही समय पर हो सकती है। इससे पहले ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से फोन पर बात की थी। हालांकि, उन्होंने फोन पर हुई बातचीत का ज्यादा विवरण नहीं दिया। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि रूस को ऐसी किसी युद्धविराम में बहुत कम दिलचस्पी है जो यूक्रेन को जनमत संग्रह कराने की अनुमति दे।</p>
<p>रूसी विदेश नीति सलाहकार यूरी उशाकोव ने कहा कि कॉल राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा शुरू की गई थी और दोनों नेताओं ने युद्ध को समाप्त करने के लिए यूरोपीय संघ और यूक्रेन के नवीनतम प्रस्तावों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि दोनों नेता फोन पर चर्चा के बाद इस निष्कर्ष पर पहुँचे कि यूरोपीय संघ और यूक्रेन द्वारा प्रस्तावित अस्थायी युद्धविराम संघर्ष को और लंबा खींच देगा। राष्ट्रपति जेलेंस्की ने सुझाव दिया कि अमेरिकी और यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडलों द्वारा आगे की बातचीत की योजना को अंतिम रूप देने के दौरान यूक्रेनी अधिकारी जनवरी में व्हाइट हाउस में संभावित रूप से यूरोपीय नेताओं के साथ मिल सकते हैं।</p>
<p>यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने फ्लोरिडा (एजेंसी) में अच्छी प्रगति का स्वागत किया और यूक्रेन को पहले दिन से ही पक्की सुरक्षा गारंटी मिलने की आवश्यकता पर बल दिया। फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने यह भी कहा कि यूक्रेन के सहयोगी सुरक्षा गारंटी पर चर्चा करने के लिए अगले महीने पेरिस में मिलेंगे। मैक्रों ने राष्ट्रपति जेलेंस्की और ट्रंप के साथ बात करने के बाद एक्स पर कहा, हम प्रत्येक के ठोस योगदान को अंतिम रूप देने के लिए जनवरी की शुरुआत में पेरिस में 'कोलिशन ऑफ द विलिंग' के देशों को एक साथ लाएंगे।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Dec 2025 17:35:12 +0530</pubDate>
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                <title>यूक्रेन के कई क्षेत्रों में हवाई हमले की चेतावनी जारी</title>
                                    <description><![CDATA[मंत्रालय के ऑनलाइन मानचित्र से पता चलता है कि आधी रात के आसपास निप्रॉपेट्रोस और मायकोलाइव के यूक्रेनी क्षेत्रों के साथ-साथ जापोरिजिया और खेरसॉन क्षेत्रों के कीव-नियंत्रित हिस्सों में हवाई हमले की चेतावनी प्रभावी थी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/air-raid-warning-issued-in-many-regions-of-ukraine/article-50693"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-07/rj-(1)1.png" alt=""></a><br /><p>कीव। यूक्रेन के कई क्षेत्रों में हवाई हमले की चेतावनी जारी की गई और रविवार रात हवाई हमले के सायरन बज उठे। देश के डिजिटल परिवर्तन मंत्रालय के हवाई हमले के आंकड़ों के अनुसार यह जानकारी दी गई है। </p>
<p>मंत्रालय के ऑनलाइन मानचित्र से पता चलता है कि आधी रात के आसपास निप्रॉपेट्रोस और मायकोलाइव के यूक्रेनी क्षेत्रों के साथ-साथ जापोरिजिया और खेरसॉन क्षेत्रों के कीव-नियंत्रित हिस्सों में हवाई हमले की चेतावनी प्रभावी थी। <br /><br />शनिवार से रविवार की रात यूक्रेनी मीडिया ने बताया कि मायकोलाइव क्षेत्र में विस्फोटों की आवाज सुनी गई। स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि यूक्रेन के नियंत्रण वाले जापोरिजिया शहर में भी धमाके सुने गए।</p>
<p>रूस द्वारा 10 अक्टूबर को क्रीमियन पुल पर आतंकवादी हमले के दो दिन बाद से यूक्रेनी बुनियादी ढांचे के खिलाफ सटीक हमले किए गए।</p>
<p>यूक्रेनी पावर ग्रिड ऑपरेटर उक्रनेर्गो के प्रमुख ने फरवरी में कहा कि रूसी हमलों के कारण यूक्रेन के ऊर्जा बुनियादी ढांचे को सीधे नुकसान की राशि सैकड़ों मिलियन डॉलर हो सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>यूक्रेन-रूस युद्ध</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 03 Jul 2023 16:01:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>शत्रुता नहीं अपनत्व की भावना से होगा रूस यूक्रेन टकराव का अंत : मोदी</title>
                                    <description><![CDATA[पीएम मोदी ने कहा, ''भगवान बुद्ध ने कहा है: नहि वेरेन् वेरानी, सम्मन तीध उदासन्, अवेरेन च सम्मन्ति, एस धम्मो सन्नतन। यानी, शत्रुता से शत्रुता शांत नहीं होती। अपनत्व से शत्रुता शांत होती है। इसी भाव से हमें सबके साथ मिलकर आगे बढऩा चाहिए।"]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/russia-ukraine-conflict-will-end-with-a-sense-of-belonging-not-enmity-modi/article-46182"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-05/modi-g71.jpg" alt=""></a><br /><p>हिरोशिमा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रूस यूक्रेन के बीच टकराव को समाप्त करने के लिए विश्व के सर्वाधिक समृद्ध एवं शक्तिशाली सात देशों को भगवान बुद्ध के संदेश पर चलने का आह्वान किया जिसके अनुसार, ''शत्रुता से शत्रुता शांत नहीं होती। अपनत्व से शत्रुता शांत होती है।" </p>
<p>पीएम मोदी ने जी-7 शिखर सम्मेलन के दूसरे दिन नौवें सत्र में अपने आरंभिक वक्तव्य में यह आह्वान किया। नौवें सत्र में वैश्विक शांति, स्थिरता एवं समृद्धि के विषय पर चर्चा में रूस यूक्रेन का विषय छाया रहा। मोदी ने रूस यूक्रेन संघर्ष को टालने में संयुक्त राष्ट्र एवं सुरक्षा परिषद की विफलता का हवाला देते हुए वैश्विक निकायों में सुधार की मांग को पुरजोर तरीके से रखा। इस मौके पर अमेरिका के राष्ट्रपति जोसेफ आर बिडेन, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, जर्मनी के चांसलर ओलोफ शोल्•ा, जापान के प्रधानमंत्री फूमियो किशिदा और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज भी मौजूद थे।</p>
<p>यूक्रेन के राष्ट्रपति वोल्दोमिर ज़ेलेन्स्की के बयान का हवाला देते हुए मोदी ने कहा, ''आज हमने राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की को सुना। कल मेरी उनसे मुलाकात भी हुई थी। मैं वर्तमान परिस्थिति को राजनीति या अर्थव्यवस्था का मुद्दा नहीं मानता। मेरा मानना है कि यह मानवता का मुद्दा है, मानवीय मूल्यों का मुद्दा है। हमने शुरू से कहा है कि संवाद और कूटनीति ही एकमात्र रास्ता है और इस परिस्थिति के समाधान के लिए, भारत से जो कुछ भी बन पड़ेगा, हम यथासंभव प्रयास करेंगे।"</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक शांति, स्थिरता और समृद्धि हम सब का साझा उद्देश्य है। आज के अंतरनिर्भर विश्व में, किसी भी एक क्षेत्र में तनाव सभी देशों को प्रभावित करता है और विकासशील देश, जिनके पास सीमित संसाधन हैं, सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। वर्तमान वैश्विक स्थिति के चलते, भोजन, ईंधन और उर्वरक संकट का अधिकतम और सबसे गहरा प्रभाव इन्हीं देशों को भुगतना पड़ रहा है।</p>
<p>उन्होंने वैश्विक निकायों की विफलता का संकेत करते हुए कहा, ''यह सोचने की बात है, कि भला हमें शांति और स्थिरता की बातें अलग-अलग मंचों में क्यों करनी पड़ रही हैं? संयुक्त राष्ट्र जिसकी शुरुआत ही शांति स्थापित करने की कल्पना से की गयी थी, भला आज संघर्षों को रोकने में सफल क्यों नहीं होता?आखिर क्यों, संयुक्त राष्ट्र में आतंकवाद की परिभाषा तक मान्य नहीं हो पाई है?"</p>
<p>उन्होंने कहा, ''अगर आत्मचिंतन किया जाये, तो एक बात साफ है कि पिछली सदी में बनाये गए संस्थान, 21वीं सदी की व्यवस्था के अनुरूप नहीं हैं। वर्तमान की वास्तविकताओं को प्रतिबिंबित नहीं करते। इसलिए जरूरी है कि संयुक्त राष्ट्र जैसे बड़े संस्थानों में सुधारों को मूर्त रूप दिया जाये। इनको ग्लोबल साउथ की आवाज भी बनना होगा। वरना हम संघर्षो को खत्म करने पर सिर्फ चर्चा ही करते रह जाएंगे। संयुक्त राष्ट्र और सुरक्षा परिषद मात्र एक टॉक शॉप बन कर रह जायेंगे।"<br /><br />पीएम मोदी ने कहा कि यह जरूरी है कि सभी देश संयुक्त राष्ट्र घोषणापत्र, अंतर्राष्ट्रीय कानून और सभी देशों की संप्रभुता और प्रादेशिक अखंडता का सम्मान करें। यथास्थिति को बदलने की एकतरफा कोशिशों के खिलाफ मिलकर आवाज उठायें। भारत का हमेशा यह मत रहा है कि किसी भी तनाव, किसी भी विवाद का समाधान शांतिपूर्ण तरीके से, बातचीत के जरिये, किया जाना चाहिए। और अगर कानून से कोई हल निकलता है, तो उसको मानना चाहिए। और इसी भावना से भारत ने बंगलादेश के साथ अपने भूमिसीमा एवं जलीय सीमा विवाद का समाधान किया था।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में और यहाँ जापान में भी, हजारों वर्षों से भगवान बुद्ध का अनुसरण किया जाता है। आधुनिक युग में ऐसी कोई समस्या नहीं है, जिसका समाधान हम बुद्ध की शिक्षाओं में न खोज पाएं। दुनिया आज जिस युद्ध, अशांति और अस्थिरता को झेल रही है, उसका समाधान बुद्ध ने सदियों पहले ही दे दिया था।</p>
<p>पीएम मोदी ने कहा, ''भगवान बुद्ध ने कहा है: नहि वेरेन् वेरानी, सम्मन तीध उदासन्, अवेरेन च सम्मन्ति, एस धम्मो सन्नतन। यानी, शत्रुता से शत्रुता शांत नहीं होती। अपनत्व से शत्रुता शांत होती है। इसी भाव से हमें सबके साथ मिलकर आगे बढऩा चाहिए।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 May 2023 12:51:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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                <title>ज़ेलेंस्की ने यूक्रेन की संयुक्त सेना के कमांडर को किया बर्खास्त</title>
                                    <description><![CDATA[मोस्कलेव को पिछले साल मार्च में जेएफओ डिप्टी कमांडर से संयुक्त बलों के प्रमुख के रूप में पदोन्नत किया गया था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/zelensky-sacked-the-commander-of-the-united-forces-of-ukraine/article-38439"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-02/zelensky1.jpg" alt=""></a><br /><p>कीव। यूक्रेन के संयुक्त बल अभियान (जेएफओ) के कमांडर एडुआर्ड मोस्कलेव को पद से बर्खास्त कर दिया गया है। यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की के कार्यालय की वेबसाइट पर इस आशय की डिक्री प्रकाशित की गई थी। बर्खास्तगी के लिए कोई कारण नहीं बताया गया। मोस्कलेव को पिछले साल मार्च में जेएफओ डिप्टी कमांडर से संयुक्त बलों के प्रमुख के रूप में पदोन्नत किया गया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>यूक्रेन-रूस युद्ध</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Feb 2023 12:18:24 +0530</pubDate>
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                <title>रूस ने यूक्रेन में दागीं 75 मिसाइलें</title>
                                    <description><![CDATA[ यूक्रेन के दक्षिणी शहर जापोरिज्जिया और निप्रॉपेट्रोस क्षेत्र में रात भर हुए हमले के बाद यहां की राजधानी कीव में विस्फोटों की आवाज सुनाई दी। कई महीने बाद यूक्रेन की राजधानी कीव पर हमले हुए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/russia-fired-75-missiles-at-ukraine/article-26130"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-10/q-55.jpg" alt=""></a><br /><p>कीव। रूस व यूक्रेन के बीच जारी युद्ध 229वें दिन में प्रवेश कर गया। इस बीच रूस ने यूक्रेन में कई मिसाइल दागीं। यूक्रेन के सैन्य प्रमुख जनरल वेलेरी जालुज्नी ने बताया कि रूस की ओर से अब तक 75 मिसाइलें दागीं गई हैं। इनमें से 41 मिसाइलों को यूक्रेन के वायु रक्षा विभाग ने मार गिराया है। यूक्रेन के दक्षिणी शहर जापोरिज्जिया और निप्रॉपेट्रोस क्षेत्र में रात भर हुए हमले के बाद यहां की राजधानी कीव में विस्फोटों की आवाज सुनाई दी। कई महीने बाद यूक्रेन की राजधानी कीव पर  हमले हुए। यूक्रेन के गृहमंत्री ने कहा कि रूस की ओर से कीव पर किए गए मिसाइल हमलों में 10 नागरिक मारे गए तथा 24 अन्य घायल हो गए। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने कहा कि वे हमारा नामो-निशानमिटा देने की कोशिश कर रहे हैं। पूरे यूक्रेन में हुए हमलों से पता चलता है कि रूस हमें नष्ट करने और हमें पृथ्वी पर से मिटा देने की कोशिश कर रहा है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>यूक्रेन-रूस युद्ध</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 11 Oct 2022 11:20:53 +0530</pubDate>
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