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                <title>ranthambore national park - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>ranthambore national park RSS Feed</description>
                
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                <title>रणथंभौर में सख्ती : पर्यटकों और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए वन विभाग का बड़ा कदम, जीपीएस बंद और ओवरस्पीड पर गाड़ियों की रोकी जाएगी एंट्री</title>
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                        <![CDATA[रणथंभौर टाइगर रिजर्व में नियमों की अनदेखी करने वाले सफारी वाहनों पर वन विभाग ने सख्त रुख अपनाया। 29 जनवरी से 11 फरवरी तक की रिपोर्ट में जीपीएस निष्क्रिय रखने और प्रतिबंधित क्षेत्रों में यू-टर्न लेने के मामलों के बाद विभाग ने कई वाहनों को नोटिस जारी किए।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/strictness-in-ranthambore-forest-departments-big-step-for-the-safety/article-143397"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/741.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। रणथंभौर टाइगर रिजर्व में नियमों की अनदेखी करने वाले सफारी वाहनों पर वन विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। 29 जनवरी से 11 फरवरी तक की रिपोर्ट में जीपीएस निष्क्रिय (GPS-Inactive) रखने और प्रतिबंधित क्षेत्रों में यू-टर्न लेने के मामलों के बाद विभाग ने कई वाहनों को नोटिस जारी किए हैं।</p>
<p><strong>जीपीएस बंद मिला, प्रवेश पर रोक</strong><br />वन विभाग की ओर से जारी सूची के अनुसार कई सफारी वाहनों का जीपीएस निर्धारित समय पर निष्क्रिय पाया गया। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि पार्क भ्रमण के दौरान जीपीएस चालू रखना अनिवार्य है। जब तक संबंधित वाहन अपना जीपीएस सक्रिय नहीं करेंगे, तब तक उन्हें पार्क में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।</p>
<p><strong>यू-टर्न बैन ज़ोन में उल्लंघन</strong><br />29 जनवरी से 11 फरवरी 2026 के बीच कुछ वाहनों को यू-टर्न बैन ज़ोन में नियमों का उल्लंघन करते हुए पाया गया। यह कदम पर्यटकों और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिहाज से गंभीर माना गया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि भविष्य में दोहराव होने पर ब्लैकलिस्टिंग और पंजीकरण निरस्तीकरण जैसी कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p><strong>ओवरस्पीड पर भी कार्रवाई</strong><br />जीपीएस ओवरस्पीड रिपोर्ट में 40 किमी/घंटा से अधिक गति से वाहन चलाने के कई मामले सामने आए हैं। वन विभाग ने इसे सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बताते हुए संबंधित वाहन मालिकों और चालकों को सख्त चेतावनी दी है। उप वन संरक्षक (पर्यटन) संजीव शर्मा ने इस संबंध में सोमवार को आदेश भी जारी किए हैं ।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Feb 2026 17:01:03 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur PS]]>
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                <title>वन्य जीव प्रेमियों के लिए बुरी खबर: रणथंभोर केे छाण वन क्षेत्र में मृत अवस्था में मिला पैंथर, वन विभाग ने करवाया पोस्मार्टम</title>
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                        <![CDATA[रणथंभौर नेशनल पार्क के छाण क्षेत्र में तीन वर्षीय नर पैंथर मृत पाया गया। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने शव का पोस्टमार्टम कर अंतिम संस्कार किया। पशु चिकित्सकों के अनुसार, प्राथमिक तौर पर मौत का कारण 'कोल्ड शॉक' हो सकता है, लेकिन सटीक कारण लैब रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगा।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/sawai-madhopur/bad-news-for-wildlife-lovers-panther-found-dead-in-chhan/article-137527"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/sawai-madhopur.png" alt=""></a><br /><p>सवाई माधोपुर। रणथंभौर नेशनल पार्क के छाण वन क्षेत्र में आज वन विभाग के कर्मचारियों को मृत अवस्था में एक पैंथर नजर आया। जिसके बाद वन विभाग के कर्मचारियों ने इसकी सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दी। सूचना के बाद वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम मौके पर पहुंची जहां छाण वन क्षेत्र ने एक पैंथर मृत अवस्था में पाया गया। जिसके बाद वन विभाग की टीम ने मृत पैंथर को सवाई माधोपुर राजबाग नाका चौकी पर पहुंचवाया, जहां मृत पैंथर का वन विभाग के चिकित्सक द्वारा पोस्मार्टम कर अंतिम संस्कार की कार्यवाही की गई। वन विभाग के रेंजर अश्विनी सिंह ने बताया कि आज सुबह सूचना मिली कि छाण वन क्षेत्र में एक पैंथर के मृत अवस्था में पड़े होने की सूचना मिली। वन विभाग के रेंजर ने बताया कि सूचना के बाद वन विभाग के अधिकारी कर्मचारी मौके पर पहुंचे और पैंथर के शव को लेकर राजबाग नाका वन विभाग की चौकी पर पहुंचे जहां मृत पैंथर का मेडिकल बोर्ड के द्वारा पोस्मार्टम किया गया। </p>
<p>वही, वन विभाग के पशु चिकित्सक डॉक्टर सी पी मीणा ने बताया कि यह एक मेल एडल्ट पैंथर है, जिसकी उम्र 3 साल से अधिक है। उसका शव आज छाण वन क्षेत्र में मिला हे । डॉक्टर सी पी मीणा ने बताया कि मृत पैंथर का मेडिकल बोर्ड टीम के द्वारा पोस्टमार्टम किया गया। डॉक्टर ने बताया कि पैंथर के शव का पोस्टमार्टम मेडिकल बोर्ड के द्वारा किया गया। डॉक्टर का कहना हे कि पोस्टमार्टम के दौरान पैंथर की मौत के कारण का पता नहीं चल सका है। पशुचिकित्सक ने बताया कि पैंथर की मौत का कारण लेब की रिपोर्ट आने के बाद चल सकेगा। हालांकि, प्राथमिक रूप से पैंथर की मौत का कारण कोल्ड शोक भी हो सकती है लेकिन रिपोर्ट आने के बाद मौत का कारण स्पष्ट होगा। उन्होंने कहा कि मृत पैंथर के शव का पोस्टमार्टम कर अंतिम संस्कार कर दिया गया हे।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>सवाई माधोपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 Dec 2025 16:47:22 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
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                <title>रणथंभौर में नाले में फंसा कैंटर, पर्यटकों की अटकी सांसे</title>
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                        <![CDATA[ गनीमत तो यह रही कि समय रहते वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई और पर्यटकों को सही सलामत निकाल लिया वरना कोई बड़ी दुर्घटना भी हो सकती थी।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/sawai-madhopur/canter-stuck-in-drain-in-ranthambore-tourists-breathless/article-90109"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/2rtrer-(18).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। सवाई माधोपुर स्थित रणथंभौर नेशनल पार्क में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। रणथंभौर नेशनल पार्क में अलग-अलग ज़ोन बने हुए है। इन ज़ोन में से ज़ोन नंबर 6 में शाम की पारी में रणथंभौर नेशनल पार्क में जंगल भ्रमण के लिए करीब 10 पर्यटक एक कैंटर में सवार होकर टाइगर सफारी के लिये गये थे।</p>
<p>जंगल भ्रमण के दौरान अचन मौसम बदला और तेज बारिश का दौर शुरू हो गया और देखते ही देखते रणथंभौर के पहाड़ी क्षेत्र के बरसाती नालों में उफान आ गया। रणथंभौर के नाले तेज पानी के उफान के साथ बहने लगे। बारिश के दौरान रणथंभौर के रास्तों में भी पानी भर गया। इसी दौरान रास्तों में पानी भरने से टैंकर चालक रणथंभौर के जोन नम्बर 6 के कुंडाल वन क्षेत्र में सही रास्ते को लेकर भटक गया और उसने पर्यटकों से भरे कैंटर को गलती से दूसरे रास्ते पर डाल दिया, जहाँ बरसाती नाला था, जिससे पर्यटकों से भरा कैंटर बरसाती नाले में फस गया।</p>
<p>बरसात के चलते नाले में पानी तेज प्रवाह के साथ पानी बढ़ता देख एक बारगी तो पर्यटकों की सांसें थम गई , कैंटर में मौजूद गाइड ने घटना की सूचना वन विभाग के अधिकारियों सहित अन्य गाइडों को दी ,सूचना पर वन कर्मियों की टीम मौके पर पहुंचे और बड़ेही सूझबूझ के साथ पानी के बीच फसे कैंटर से पर्यटकों को सकुशल बाहर निकाला और दूसरे कैंटर से सभी पर्यटकों को जंगल से बाहर निकाला गया। वनकर्मियों ने पर्यटकों को तो सकुशल निकाल लिया मगर कैंटर नाले में फसा रहा । रणथंभौर के पर्यटन डीएफओ प्रमोद धाकड़ का कहना है कि नाले में फंसे कैंटर को अंधेरा होने की वजह से नही निकाला जा सकता। उनका कहना है कि कैंटर को आज ट्रैक्टर की सहायता से नाले से निकाल लिया जायेगा। सोमवार शाम को हुई घटना को लेकर वनअधिकारियों ने आगामी दो दिनों के लिए रणथंभौर के जोन नम्बर 6 से 10 में टाईगर सफारी पर रोक लगा दी है और दो दिन बाद मौसम और परिस्तिथियों को देखकर ही टाईगर सफारी को लेकर निर्णय लिया जायेगा। रणथंभौर में एक से जोन नम्बर पांच में पहले से ही टाईगर सफारी बंद है। गनीमत तो यह रही कि समय रहते वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई और पर्यटकों को सही सलामत निकाल लिया वरना कोई बड़ी दुर्घटना भी हो सकती थी।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>सवाई माधोपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Sep 2024 11:15:55 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur ]]>
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            <item>
                <title>रणथंभौर में बढ़ा बाघों का कुनबा, बाघिन T-125 सिद्धि ने दिया तीन शावकों को जन्म</title>
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                        <![CDATA[वन विभाग की द्वारा बाघिन व शावकों की मॉनिटरिंग और ट्रेकिंग शुरु कर दी गई है। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/sawai-madhopur/the-clan-of-tigers-increased-in-ranthambore-tigress-125-siddhi/article-90070"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/1rtrer-(2)11.png" alt=""></a><br /><p>सवाई माधोपुर। रणथम्भौर नेशनल पार्क से एक बार फिर खुशखबरी आई है और रणथम्भौर में बाघ बाघिन के कुनबे में एक बार फिर से बढ़ोतरी हुई है। इस बार रणथंभौर की बाघिन सिद्धि से यह खुशखबरी मिली है ,रणथंभौर में  बाघिन सिद्धि टी-125 ने तीन शावकों को जन्म दिया है। जिनकी तस्वीर वन विभाग के फोटो ट्रैप कैमरे में कैद हुई है।</p>
<p>बाघिन के शावकों को जन्म देने की खबर के बाद वन्यजीव प्रेमियों में खुशी का माहौल है। जानकारी के मुताबिक रणथंभौर की बाघिन सिद्धि टी 125 की तीन नये शावकों के साथ फोटो रणथम्भौर की कुण्डेरा रेंज में लगे वन विभाग के फोटो ट्रैप कैमरे में कैद हुई है। बाघिन व शावकों की यह तस्वीर राजस्थान के वन‌ मंत्री संजय शर्मा ने भी अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर की है।</p>
<p>वन विभाग के मुताबिक बाघिन सिद्धी ने रणथम्भौर के जोन नंबर पांच के अणतपुरा वन क्षेत्र में शावकों को जन्म दिया है। फिलहाल वन विभाग की द्वारा बाघिन व शावकों की मॉनिटरिंग और ट्रेकिंग शुरु कर दी गई है। बाघिन सिद्धी की उम्र करीब साढ़े छह साल है। यह बाघिन सिद्धि टी 125 रणथम्भौर की मशहूर बाघिन एरोहेड टी-84 की बेटी है और बाघिन टी-124 रिद्धी की बहन है। बाघिन टी 125 सिद्धि के तीन शावकों को जन्म देने के बाद अब रणथम्भौर में बाघ बाघिन और शावकों की संख्या 81 पहुंच हो गई है। बाघिन के शावकों के जन्म देने की खबर को लेकर वन्यजीव प्रेमियों में खुशी की लहर है।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
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                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Sep 2024 16:27:43 +0530</pubDate>
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                <title>रणथंभौर नेशनल पार्क की सीमा के पास एनीकट पर गाय-भैंस चरा रहे दो लोगों पर बाघिन ने किया हमला</title>
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                        <![CDATA[जिले के रणथंभौर नेशनल पार्क से सटे गोपालपुरा गांव के नजदीक आज अचानक से एक टाइगर ने हमला कर दो लोगों को गंभीर रूप से घायल कर दिया।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/sawai-madhopur/tigress-attacked-two-people-grazing-cows-and-buffaloes-at-anicut/article-89058"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/pze15.png" alt=""></a><br /><p>सवाई माधोपुर। जिले के रणथंभौर नेशनल पार्क से सटे गोपालपुरा गांव के नजदीक आज अचानक से एक टाइगर ने हमला कर दो लोगों को गंभीर रूप से घायल कर दिया। बताया जा रहा है कि मुकेश योगी तथा नरेंद्र योगी जोकि रिश्ते में दोनों सगे भाई है, गोपालपुरा गांव के पास रणथंभौर नेशनल पार्क की सीमा पर बने एनीकट के समीप भैंस चरा रहे थे। तभी अचानक से झाड़ियां की ओट में छिपे हुए एक टाइगर ने मुकेश योगी पर हमला कर दिया। अपने भाई को बचाने के लिए नरेंद्र योगी जब टाइगर के निकट पहुंचा तो टाइगर ने नरेंद्र योगी पर भी हमला कर दिया। हमले में दोनों भाई गंभीर रूप से घायल हो गए। आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। तब टाइगर छोड़कर जंगल की ओर भाग गया। दोनों गंभीर घायलों को चिकित्सालय में भर्ती करवाया गया है । जहां उनका उपचार चल रहा है। दोनों घायलों में से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है।</p>
<p>वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार वन्यजीव का हमला बताया जा रहा है। हालांकि कौन से वन्य जीव ने हमला किया है वन विभाग इसकी अभी तक पुष्टि नहीं कर रहा है। लेकिन घायलों के मुताबिक हमला टाईगर ने किया है। फिलहाल घायलों का उपचार जारी है। </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>सवाई माधोपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 30 Aug 2024 13:00:50 +0530</pubDate>
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                <title>रणथंभौर के जंगल में लग्जरी गाड़ियों की घुसपैठ</title>
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                        <![CDATA[ सवाई माधोपुर स्थित रणथंभौर नेशनल पार्क में अवैध रूप से एक दर्जन लग्ज़री गाड़ियों की घुसपैठ करने का बड़ा मामला सामने आया है। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/sawai-madhopur/infiltration-of-luxury-vehicles-in-ranthambore-forest/article-87858"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/photo-size-(2)15.png" alt=""></a><br /><p>सवाई माधोपुर। सवाई माधोपुर स्थित रणथंभौर नेशनल पार्क में अवैध रूप से एक दर्जन लग्ज़री गाड़ियों की घुसपैठ करने का बड़ा मामला सामने आया है। इससे भी अधिक हैरत की बात यह है कि जंगल में अनुबंधित जिप्सी अथवा कैंटर में नहीं बल्कि स्कोर्पियो तथा थार जैसी गाड़ियां लेकर कुछ प्रभावशाली लोग रणथंभौर नेशनल पार्क के जॉन नंबर 8 में सफारी करने के लिए घुस गए। जिसका वीडियो भी वायरल हो रहा है। यही नहीं वायरल वीडियो में रणथंभौर के जंगल के भीतर गाड़ियों से उतरकर लोग चलते-फिरते भी नजर आ रहे हैं। जहाँ टाइगर का पूरा मूवमेंट रहता है। कोई बड़ी घटना भी इस दौरान घटित हो सकती थी। इस संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता। इस जगह बिना वन विभाग की इजाजत के जाना मुमकिन नहीं है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिरकार एक दर्जन लग्जरी गाड़ियों में सवार होकर नेशनल पार्क के जॉन नंबर आठ में यह गाड़ियां सफारी करने कैसे पहुंच गई। रणथंभौर नेशनल पार्क बारिश काल में तीन महीने के लिए बंद है। हालांकि जॉन नंबर 6 से 10 के बीच केवल अनुबंधित वाहनों को ही वन विभाग की इजाजत से पार्क भ्रमण पर भेजा जा सकता है। लेकिन वीडियो में दिख रही स्कॉर्पियो थार जैसी गाड़ियों को जंगल में जाने की बिल्कुल भी इजाजत नहीं है। तब अपने प्रभाव का उपयोग करके यह लोग नेशनल पार्क के भीतर घुस गए। वन विभाग के अधिकारियों की मिली भगत के बिना रणथंभौर के जंगल मे इन गाड़ियों का घुसपैठ करना संभव नही है। क्योंकि रणथंभौर में सर्विलांस सिस्टम और एंटी पोचिंग सिस्टम लगा हुवा है। जिसके माध्यम से पूरे रणथंभौर पर वन विभाग की पैनी नजर रहती है और जंगल मे घटित होने वाले हर मूवमेंट पर नजर रहती है। ऐसे में यह बिल्कुल भी संभव नही है कि अधिकारियों की मेहरवानी के बिना एक भी गाड़ी जंगल में अवैध रूप से घुसपैठ कर सके। इन गाड़ियों के जंगल मे घुसने के पीछे वन विभाग के अधिकारियों की ही मिलीभगत हो सकती है। इस मामले में वन विभाग के अधिकारी कुछ भी कहने से पूरी तरह कन्नी काट रहे हैं। गाड़ियां किसी एडवेंचर ग्रुप की बताई जा रही है। सभी गाड़ियों पर एडवेंचर लिखा हुआ है। ऐसे में मिली भगत और भ्रष्टाचार का कितना बड़ा खेल रणथंभौर नेशनल पार्क में चल रहा है, इन तस्वीरों से साफ देखने को मिल रहा है। यह वीडियो 15 अगस्त की शाम का बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार सभी गाड़ियां बालास चौकी से नेशनल पार्क में प्रवेश हुई तथा हिंदवाड के रास्ते होते हुए जंगल से बाहर निकली। जबकि यह पूरा इलाका क्रिटिकल टाइगर हैबिटेट के अंतर्गत आता है। इस जगह किसी भी सूरत में किसी को भी आने जाने की इजाजत नहीं है। हालांकि वन विभाग इस मामले में कोई पुष्टि नहीं कर रहा है पर वायरल वीडियो अपने आप मे सब कुछ बयां कर रहा है।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>सवाई माधोपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 16 Aug 2024 12:51:42 +0530</pubDate>
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                <title>रणथंभौर नेशनल पार्क में बाघिन टी-60 की मौत</title>
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                        <![CDATA[राजस्थान में सवाईमाधोपुर के विश्वविख्यात रणथंभौर नेशनल पार्क में बाघिन टी-60 की मौत हो जाने की खबर के बाद वन्य जीव प्रेमियों में शोक की लहर दौड़ गई है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/sawai-madhopur/tigress-t-60-dies-in-ranthambore-national-park/article-69163"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-02/t60.png" alt=""></a><br /><p>सवाईमाधोपुर। सवाईमाधोपुर के रणथंभौर नेशनल पार्क में बाघिन टी-60 की मौत हो जाने की खबर के बाद वन्य जीव प्रेमियों में शोक की लहर दौड़ गई है।</p>
<p>वन विभाग के सूत्रों ने बाघिन टी-60 की मौत की पुष्टि करते बताया कि नेशनल पार्क के जोन नंबर-2 में गुढा चैकी के पास से आज बाघिन के शव को वन विभाग की टीम ने बरामद किया। </p>
<p>पोस्टमार्टम के दौरान पता चला कि बाघिन के पेट में भ्रूण के फंस जाने के कारण इसकी मृत्यु हुई है। सम्भवत: यह भ्रूण लगभग 3-4 दिन से फँसा हुआ था। जिसे देखा जाना सम्भव नहीं था। अत: मौत का कारण प्राकृतिक प्रतीत होता है। फिर भी प्रोटोकॉल के तहत समस्त प्रकार के सैम्बल जाँच के लिए भिजवाए जा रहे हैं।</p>
<p>गौरतलब है बाघिन टी-31 इंदु की बेटी होने की बजह से बाघिन टी-60 को जूनियर इंदु के नाम से भी जाना जाता था।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>सवाई माधोपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 04 Feb 2024 18:51:53 +0530</pubDate>
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                <title>बाघिन टी-79 के एक और शावक की मौत</title>
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                        <![CDATA[वन विभाग के सूत्रों ने बताया कि माँ बाघिन टी-79 का कोई सुराग नही लग पाने से अब उसके शिकार कर लिए जाने की सम्भावनाओ से इंकार नही किया जा सकता है।]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bharatpur/another-cub-of-tigress-t-79-dies/article-56577"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-09/t79.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान में भरतपुर सम्भाग के विश्व प्रसिद्ध रणथम्भौर नेशनल पार्क में जन्मे बाघिन टी-79 के एक और शावक की मौत के बाद वन विभाग में हड़कंप की स्थिति की जानकारी प्राप्त हुई है।</p>
<p>प्राप्त जानकारी के अनुसार रणथम्भौर नेशनल पार्क से लापता हुई बाघिन टी-79 की तलाश के दौरान कुछ दिन पहले वन विभाग की सर्च टीम को बाघिन का एक शावक मृत मिला था। बताया गया है कि इसी सर्च ऑपरेशन में वन विभाग की टीम को दो दिन पहले बाघिन टी-79 के दो और नन्हे शावक मिले जिन्हें गुरुवार को रेस्क्यू कर फलोदी रेंज में रखा गया था लेकिन उसमें से एक शावक की शुक्रवार को मौत हो गई। बाकी बचे एक शावक के इलाज की भी जानकारी मिली है।</p>
<p>वन विभाग के सूत्रों ने बताया कि माँ बाघिन टी-79 का कोई सुराग नही लग पाने से अब उसके शिकार कर लिए जाने की सम्भावनाओ से इंकार नही किया जा सकता है।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>भरतपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bharatpur/another-cub-of-tigress-t-79-dies/article-56577</link>
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                <pubDate>Fri, 08 Sep 2023 12:31:05 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur]]>
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                <title>अपने प्रेमी की तलाश में रणथम्भौर के जंगलों में भटक रही टाइग्रेस टी-59</title>
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                        <![CDATA[टाइग्रेस टी-59 हाल ही में रणथम्भौर नेशनल पार्क से मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में शिफ्ट किए टाइगर टी-110 की प्रेमिका है। दोनों फलौदी रेंज में एक साथ विचरण किया करते थे। लेकिन, बाघ टी-110 की शिफ्टिंग के बाद से वह अकेली रह गई। पिछले कुछ दिनों से बाघिन टी-59 अपने प्यार टी-110 की तलाश में लगातार फलौंदी रेंज में भटक रही है।   ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/tigress-t-59-wandering-in-the-jungles-of-ranthambore-in-search-of-her-lover/article-29585"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-11/website-photo-630400-(1)4.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। ए अनजबी तू भी कभी आवाज दे ना कहीं से...., मैं यहां टुकड़ों में जी रही, तू वहां टुकड़ों में जी रहा..., मैं अधूरी..., तू अधूरा.... जी रहे यहां-वहां...बॉलीवुड फिल्म दिल-से के गीत की यह पंक्तियां इन दिनों रणथम्भौर के जंगलों में अपने प्रेमी की तलाश में भटक रही टाइग्रेस टी-59 पर सटीक बैठ रही हैं। । कहते हैं, प्यार खूबसूरत अहसास है, जिसे इंसान ही नहीं खूंखार जानवर भी महसूस करते हैं। बाघों की अधूरी प्रेम कहानी रणथम्भौर टाइगर रिजर्व में देखने व सुनने को मिल रही है। दरअसल, टाइग्रेस टी-59 हाल ही में रणथम्भौर नेशनल पार्क से मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में शिफ्ट किए टाइगर टी-110 की प्रेमिका है। दोनों फलौदी रेंज में एक साथ विचरण किया करते थे। लेकिन, बाघ टी-110 की शिफ्टिंग के बाद से वह अकेली रह गई। पिछले कुछ दिनों से बाघिन टी-59 अपने प्यार टी-110 की तलाश में लगातार फलौंदी रेंज में भटक रही है।   </p>
<p><strong>अपने प्यार एमटी-2 की तलाश में रणथम्भौर से मुकुंदरा पहुंचा था बाघ एमटी-3</strong><br />आमतौर पर बाघों को ट्रेंकूलाइज करके दूसरी जगहों पर शिफ्ट किया जाता है लेकिन एमटी 3 ऐसा बाघ था जो 150 किमी से ज्यादा का सफर तय कर रणथम्भौर से मुकंदरा में पहुंचा था। उसके मुकंदरा आने की कहानी और भी ज्यादा दिलचस्प है। इस बात में कोई दो राय नहीं है कि इंसानो की तरह वन्यजीवों में भी आपस में प्रेम होता है। रणथम्भौर और मुकुंदरा टाइगर रिजर्व से जुड़े वन अधिकारी बताते हैं कि बाघ एमटी-3 बाघिन एमटी 2 की तलाश में रणथम्भौर से चलकर मुकुंदरा पहुंचा था। दरअसल ये दोनों बाघ-बाघिन एमटी-2 और एमटी-3 रणथंभौर में टी -106 और टी-98 के नाम से जाने जाते थे। दोनों एक साथ रहते थे। दोनों के बीच केमिस्ट्री भी अच्छी थी। 18 दिसम्बर 2018 को बाघिन एमटी-2 को मुकुंदरा शिफ्ट कर दिया गया था। इसके बाद बाघिन की तलाश करता हुआ बाध एमटी-4 मुकुन्दरा और रणथम्भौर के बीच प्राकृतिक बाघ गलियारे से होते हुए 10 फरवरी 2019 को अपने आप मुकुंदरा पहुंचा था। इस दौरान वह कई दिनों तक सुल्तानपुर के जंगलों में रहा था। </p>
<p><strong>नूर के साथ छूट गया था उस्ताद का साथ  </strong><br />वन विभाग की ओर से 2015 में रणथम्भौर के जोन एक से उस्ताद नामक बाघ टी-24 को उदयपुर के सज्जनगढ़ बॉयोलोजिकल पार्क में शिफ्ट कर दिया गया था। इसके बाद कई दिनों तक बाघिन टी-39 यानि नूर अपने दो शावकों के साथ उस्ताद को रणथम्भौर के जंगल में खोजती रही थी। गौरतलब है कि रणथम्भौर से विदाई से पहले बाघ उस्ताद ही बाघिन नूर के साथ विचरण करता था। उस्ताद के जाने के बाद उसकी टेरेटरी में सुल्तान नामक बाघ टी-72 का भी मूवमेंट रहने लगा। उस्ताद के बाद से नूरी व उसके शावकों को बाघ 72 से खतरा उत्पन्न हो गया था। हालांकि संभावित खतरों को भांपते हुए वन विभाग ने मुस्तैदी के साथ निगरानी रखी थी। </p>
<p><strong>पाण्डूखोह में बना है टाइग्रेस का मूवमेंट</strong><br />सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वर्तमान में बाघिन टी-59 का मूवमेंट फलौदी रेंज के पाण्डूखोह वन क्षेत्र में बना हुआ है। इस इलाके में पूर्व में बाघ टी-110 का भी मूवमेंट रहता था। अक्सर दोनों एक साथ इस इलाके में विचरण करते थे। इसके अलावा बाघिन टी-59 का मूवमेंट बाघ टी-110 के साथ गाजीपुर, क्वांलजी, चाखन बांध गजलर आदि वन क्षेत्रों में भी रहता था। बाघिन पिछले कुछ दिनों से इन इलाकों का चक्कर लगा रही है। जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि बाघिन बाघ टी-110 को जंगल में खोज रही है।</p>
<p><strong>कौन है टाइग्रेस टी-59  </strong><br />वन अधिकारियों ने बताया कि टाइग्रेस टी-59 बाघिन टी-31 की बेटी है। इसका जन्म फलौदी रेंज के जोन नम्बर 9 में हुआ था। मई 2014 में सबसे पहले बाघिन टी-59 को बाघ टी-42 फतह के साथ विचरण करते देखा गया था। लेकिन बाद में फतह अचानक से गायब हो गया। इसके बाद जोन 9 में बाघ टी-110 की एंट्री होने के साथ ही उसकी बाघिन टी-59 के साथ नजदीकियां बढ़ गई। इसके बाद से ही दोनों के बीच प्रेम पनपा और फलौदी रेंज में एक साथ विचरण करने लगे। लेकिन, हाल ही में बाघ टी-110 को मुकुंदरा शिफट किए जाने के बाद से वह फिर से अकेली रह गई।  </p>
<p><strong>बाघ और बाघिन दोनों साथ घुमा करते थे</strong><br />बाघिन टी-59 का मूवमेंट फिलहाल पाण्डूखोह वन क्षेत्र में है। इसके अलावा हनुमान चौक, क्वालजी, गाजीपुर, मन्नापुर गेट, माताजी चौक, माला के भैरूजी, व्यू पाइंट सहित कई जगहों पर बाघिन का मूवमेंट रहता है। यहां पर पहले टी-110 का मूवमेंट रहता था। पूर्व में यह बाघ-बाघिन दोनों एक साथ विचरण किया करते थे। फलौदी रेंज में दोनों एक साथ रहते थे। <br /><strong>- राजबहादुर मीणा, क्षेत्रीय वन अधिकारी, फलौदी रैंज रणथम्भौर टाइगर रिजर्व</strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 14 Nov 2022 15:28:16 +0530</pubDate>
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                <title>टाइगर टी-113 को रणथंभौर  से सरिस्का किया शिफ्ट</title>
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                        <![CDATA[टाइगर टी-113 बाघिन कृष्णा का बेटा है। मेडिकल चेकअप के बाद टाइगर को सड़क मार्ग से रणथंभौर से सरिस्का के लिए शाम को रवाना किया गया। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/sawai-madhopur/tiger-t-113-shifted-from-ranthambore-to-sariska/article-26833"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-10/q-127.jpg" alt=""></a><br /><p>सवाई माधोपुर। रणथंभौर टाइगर रिजर्व से सरिस्का के लिए टाइगर शिफ्टिंग की गई। दोपहर करीब 2.30 बजे वन विभाग की टीम ने टाइगर टी-113 को तालड़ा रेंज में ट्रेंकुलाईज किया। मेडिकल चेकअप के बाद टाइगर को सड़क मार्ग से रणथंभौर से सरिस्का के लिए शाम को रवाना किया गया। </p>
<p><strong>बाघिन कृष्णा का बेटा है टी-113</strong></p>
<p>वन विभाग से मिली जानकारी के टाइगर टी-113 बाघिन कृष्णा का बेटा है। उम्र करीब 5 साल है। उसका मूवमेंट रणथंभौर की पेरीफेरी में था।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>सवाई माधोपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 17 Oct 2022 10:54:56 +0530</pubDate>
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