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                <title>solar energy - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>solar energy RSS Feed</description>
                
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                <title>राजस्थान में सौर ऊर्जा के प्रति उपभोक्ताओं का रुझान: रूफ टॉप सौर ऊर्जा में राजस्थान तीसरे स्थान पर, 1.44 लाख उपभोक्ताओं का बिजली बिल शून्य</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान रूफ टॉप सोलर के मामले में देश में तीसरे स्थान पर पहुँच गया है। पीएम सूर्यघर योजना के तहत प्रदेश में 2.45 लाख से अधिक संयंत्र लग चुके हैं, जिससे लाखों उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली मिल रही है। ₹78,000 तक की सब्सिडी और आसान ऋण सुविधाओं के कारण हर दिन लगभग 700 नए परिवार सौर ऊर्जा अपना रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/inclination-of-consumers-towards-solar-energy-in-rajasthan-rajasthan-ranks/article-151240"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/solar.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान में सौर ऊर्जा के प्रति उपभोक्ताओं का रुझान तेजी से बढ़ रहा है। राज्य में अब तक घरेलू, अघरेलू और औद्योगिक श्रेणी में 2.45 लाख से अधिक रूफ टॉप सौर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं, जिससे 1.43 लाख से अधिक उपभोक्ताओं का बिजली बिल शून्य हो गया है। कुल 2090 मेगावाट क्षमता के साथ राजस्थान देश में रूफ टॉप सोलर इंस्टॉलेशन के मामले में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। पीएम सूर्यघर योजना के तहत राज्य में अब तक 1.77 लाख संयंत्र लगाए जा चुके हैं, जिनकी कुल क्षमता 686 मेगावाट है। प्रतिदिन औसतन 675 से 700 नए उपभोक्ता सौर ऊर्जा अपना रहे हैं। मार्च माह में 20,343 संयंत्र स्थापित हुए, जबकि एक दिन में सर्वाधिक 910 संयंत्र लगाए जाने का रिकॉर्ड भी बना। योजना के तहत उपभोक्ताओं को 78 हजार रुपये तक की सब्सिडी मिल रही है, जबकि 150 यूनिट योजना में 17 हजार रुपये अतिरिक्त अनुदान दिया जा रहा है। अब तक 1.52 लाख उपभोक्ताओं को 1185 करोड़ रुपये की सब्सिडी हस्तांतरित की जा चुकी है। साथ ही, बैंकों से लगभग 5.75 प्रतिशत ब्याज दर पर आसान ऋण और सरल प्रक्रियाओं के कारण प्रदेश में सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना लगातार तेज़ी से बढ़ रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Apr 2026 18:16:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>पीएम मोदी का गुजरात दौरा: सम्राट संप्रति संग्रहालय के उद्घाटन से लेकर अन्य कार्यक्रमों तक..., 20,000 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की रखेंगे आधारशिला </title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मंगलवार को गुजरात में केयन्स सेमीकॉन प्लांट का उद्घाटन कर भारत को चिप निर्माण में आत्मनिर्भर बनाएंगे। वे गांधीनगर में सम्राट सम्प्रति संग्रहालय का लोकार्पण और ₹20,000 करोड़ की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। इसमें अहमदाबाद-धोलेरा एक्सप्रेसवे और नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाएं शामिल हैं, जो राज्य की प्रगति को नई गति देंगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/pm-modis-visit-to-gujarat-will-lay-the-foundation-stone/article-148430"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/pm-modi2.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मंगलवार को महावीर जयंती पर गुजरात के एक दिन के दौरे पर होंगे और गांधीनगर के कोबा तीर्थ में सम्राट सम्प्रति संग्रहालय का उद्घाटन करेंगे तथा विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय की सोमवार को जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार पीएम मोदी अहमदाबाद के सानंद जीआईडीसी में स्थित केयन्स सेमीकॉन प्लांट का भी उद्घाटन करेंगे। अशोक के पोते और जैन परंपरा में अहिंसा के प्रति समर्पण और जैन धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए प्रसिद्ध सम्राट सम्प्रति के नाम पर स्थापित यह संग्रहालय जैन धर्म की समृद्ध ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को प्रदर्शित करता है।</p>
<p>महावीर जैन आराधना केंद्र परिसर में स्थित इस संग्रहालय में सात अलग-अलग भाग हैं, जिनमें से प्रत्येक भारत की सभ्यतागत परंपराओं के अनूठे पहलुओं को समर्पित है। यह आगंतुकों को सदियों पुराने ज्ञान और विरासत की एक व्यापक यात्रा प्रदान करता है। संग्रहालय पारंपरिक प्रदर्शनों को आधुनिक डिजिटल और ऑडियो-विजुअल उपकरणों के साथ एकीकृत करता है, जिससे आगंतुकों, शोधकर्ताओं और विद्वानों के लिए एक गहन और आकर्षक अनुभव का निर्माण होता है।</p>
<p>यह संग्रहालय सदियों पुराने दुर्लभ अवशेषों, जैन कलाकृतियों और पारंपरिक विरासत संग्रहों का संरक्षण और प्रदर्शन करता है। इनमें जटिल रूप से गढ़ी गई पत्थर और धातु की मूर्तियाँ, विशाल तीर्थ पट्टा और यंत्र पट्टा, लघु चित्रकारी, चांदी के रथ, सिक्के और प्राचीन पांडुलिपियाँ शामिल हैं, जिन्हें सात भव्य दीर्घाओं में प्रदर्शित किया गया है। विशाल हॉलों में व्यवस्थित दो हजार से अधिक दुर्लभ खजानों से युक्त यह संग्रहालय आगंतुकों को जैन धर्म के विकास और इसके गहन सांस्कृतिक प्रभाव की कालानुक्रमिक समझ प्राप्त करने में सक्षम बनाता है।</p>
<p>प्रधानमंत्री अहमदाबाद के सानंद जीआईडीसी में स्थित केयन्स सेमीकॉन प्लांट का उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही इस संयंत्र में वाणिज्यिक उत्पादन की शुरुआत होगी, जो भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। सेमीकंडक्टर का विनिर्माण उन्नत इंटेलिजेंट पावर मॉड्यूल (आईपीएम) के निर्माण से होगी, जो ऑटोमोटिव और औद्योगिक अनुप्रयोगों के लिए महत्वपूर्ण घटक हैं और जिन्हें कॉम्पैक्ट, कुशल और विश्वसनीय पावर स्विचिंग सिस्टम की आवश्यकता होती है। प्रत्येक मॉड्यूल में 17 चिप्स होते हैं और इनकी आपूर्ति कैलिफोर्निया स्थित अल्फा एंड ओमेगा सेमीकंडक्टर (एओएस) को की जाएगी। संयंत्र के सभी चरण पूरे होने पर, इसकी उत्पादन क्षमता प्रतिदिन 63.3 लाख यूनिट होगी।</p>
<p>केयन्स सेमीकॉन प्लांट का उद्घाटन इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (आईएसएम) के तहत एक महत्वपूर्ण कदम है। यह कार्यक्रम के तहत स्वीकृत परियोजनाओं में से माइक्रोन टेक्नोलॉजी के बाद वाणिज्यिक उत्पादन शुरू करने वाली दूसरी सेमीकंडक्टर सुविधा होगी। यह परियोजना विशेष महत्व रखती है क्योंकि इसके तहत भारत की दूसरी ओएसएटी/एटीएमपी (आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट / असेंबली, टेस्टिंग, मार्किंग और पैकिंग) इकाई उत्पादन चरण में प्रवेश कर रही है। यह परियोजना सेमीकंडक्टर विनिर्माण क्षेत्र में भारतीय मूल की इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (ईएमएस) कंपनी के प्रवेश का भी प्रतीक है, जिससे घरेलू क्षमताओं को मजबूती मिलती है।</p>
<p>पीएम मोदी कल ही वाव-थारद में 20,000 करोड़ रुपये से अधिक की अनेक विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे, उनका उद्घाटन करेंगे और राष्ट्र को समर्पित करेंगे। ये परियोजनाएं बिजली, रेलवे, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग, स्वास्थ्य, शहरी विकास, जनजातीय विकास और ग्रामीण विकास सहित प्रमुख क्षेत्रों को कवर करती हैं। प्रधानमंत्री 5,100 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित अहमदाबाद-धोलेरा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे। यह एक्सप्रेसवे क्षेत्रीय संपर्क को बेहतर बनाएगा, धोलेरा विशेष निवेश क्षेत्र (डीएसआईआर) में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देगा और आर्थिक विकास को गति प्रदान करेगा। वह पक्की शोल्डर वाली चार लेन की इदर-बडोली बाईपास सड़क के निर्माण की आधारशिला रखेंगे। वे एनएच-754के के धोलावीरा-मौवाना-वाउवा-संतालपुर खंड (पैकेज-दो) को दो लेन की पक्की शोल्डर वाली सड़क में अपग्रेड करने की भी आधारशिला रखेंगे। </p>
<p>इन परियोजनाओं से राजमार्ग बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी, धोलावीरा जैसे पर्यटन स्थलों सहित प्रमुख क्षेत्रों से कनेक्टिविटी बेहतर होगी, लॉजिस्टिक्स दक्षता बढ़ेगी और सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। प्रधानमंत्री गांधीनगर-कोबा-एयरपोर्ट रोड पर भाईजीपुरा जंक्शन पर बनने वाले फ्लाईओवर सहित कई महत्वपूर्ण सड़क अवसंरचना परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। इस फ्लाईओवर से यातायात की भीड़ कम होगी और इसके नीचे व्यवस्थित पार्किंग की सुविधा उपलब्ध होगी। गांधीनगर-कोबा-आरोदराम रोड पर स्थित पीडीपीयू जंक्शन पर भी फ्लाईओवर का उद्घाटन किया जाएगा। गांधीनगर को एयरपोर्ट से जोड़ने वाली इस सड़क पर प्रतिदिन 140,000 से अधिक वाहन चलते हैं। यह फ्लाईओवर अहमदाबाद और गांधीनगर के बीच सीएच-0 जंक्शन से एयरपोर्ट तक सुचारू और निर्बाध यातायात सुनिश्चित करेगा।</p>
<p>पीएम मोदी खावड़ा पूलिंग स्टेशन-2 और उससे जुड़े 4.5 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा के परिवहन हेतु संबद्ध पारेषण प्रणालियों सहित प्रमुख विद्युत पारेषण परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे, जिनकी कुल लागत लगभग 3,650 करोड़ रुपये है। ये परियोजनाएं नवीकरणीय ऊर्जा के एकीकरण और पारेषण क्षमता को मजबूत करेंगी।</p>
<p>रेल क्षेत्र में, प्रधानमंत्री कनलस-जामनगर दोहरीकरण परियोजना (28 किमी), राजकोट-कनलस दोहरीकरण परियोजना का एक भाग (111.20 किमी), और गांधीधाम-आदिपुर खंड (10.69 किमी) के चौगुने विस्तार को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इन परियोजनाओं से रेल क्षमता में वृद्धि होगी, भीड़ कम होगी, परिचालन दक्षता में सुधार होगा और यात्रियों और माल की आवाजाही तेज होगी। प्रधानमंत्री हिम्मतनगर-खेड़ब्रह्मा गेज रूपांतरण परियोजना (54.83 किमी) का भी उद्घाटन करेंगे, जिससे क्षेत्र में रेल संपर्क और यात्री आवागमन में सुधार होगा। वे खेदब्रह्मा-हिम्मतनगर-असरवा ट्रेन सेवा को भी हरी झंडी दिखाएंगे।</p>
<p>पीएम मोदी गुजरात में शहरी बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने और जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने के उद्देश्य से शुरू की गई लगभग 5,300 करोड़ रुपये की 44 शहरी विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और आधारशिला रखेंगे। प्रधानमंत्री स्वास्थ्य और परिवार कल्याण से जुड़ी विभिन्न पहलों का भी उद्घाटन करेंगे, जिनमें अहमदाबाद के असरवा स्थित सिविल अस्पताल में 858 बिस्तरों वाले रेन बसेरा और गांधीनगर के सिविल अस्पताल और जीएमईआरएस मेडिकल कॉलेज में इसी तरह की सुविधाओं का उद्घाटन शामिल है। प्रधानमंत्री रानी की वाव, पाटन में लाइट एंड साउंड शो, शर्मिष्ठा झील, वडनगर में वाटर स्क्रीन प्रोजेक्शन शो सहित पर्यटन परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे और बनासकांठा में बलराम महादेव और विश्वेश्वर महादेव में पर्यटन अवसंरचना कार्यों की आधारशिला रखेंगे, जिनका उद्देश्य पर्यटन अनुभव को बढ़ाना और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देना है।</p>
<p>पीएम मोदी लगभग 1,780 करोड़ रुपये की लागत वाली दो प्रमुख जल पाइपलाइन परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे, जिनमें बनासकांठा में कसारा-दंतीवाड़ा पाइपलाइन और पाटन और बनासकांठा के बीच से गुजरने वाली दिंद्रोल-मुक्तेश्वर पाइपलाइन शामिल हैं। प्रधानमंत्री अंबाजी और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए जल आपूर्ति योजना की आधारशिला रखेंगे। इससे बनासकांठा जिले के दंता और अमीरगढ़ तालुकों के 34 गांवों और अंबाजी शहर को पेयजल उपलब्ध होगा, जिससे लगभग 1.5 लाख लोगों को लाभ होगा। प्रधानमंत्री गांधीनगर जिले में लगभग 1000 करोड़ रुपये के संयुक्त निवेश से निर्मित तीन साबरमती नदी तट विस्तार परियोजनाओं की आधारशिला भी रखेंगे। प्रधानमंत्री अहमदाबाद के वेजलपुर में लड़कों के सरकारी छात्रावास का उद्घाटन करेंगे। यह सुविधा उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे आदिवासी छात्रों के लिए बनाई गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 30 Mar 2026 16:56:44 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>कोरोना काल की तरह धैर्य के साथ करना होगा पश्चिम एशिया संकट का मुकाबला: बिजली-पेट्रोलियम समेत कई अहम मुद्दों पर हुई चर्चा, साढ़े तीन घंटे चली पीएम मोदी की हाईलेवल मीटिंग</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोकसभा में पश्चिम एशिया संकट को गंभीर बताते हुए भारतीयों की सुरक्षा का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति के लिए यह क्षेत्र महत्वपूर्ण है, इसलिए भारत कूटनीति और संवाद के जरिए शांति का पक्षधर है। पीएम ने ऊर्जा आत्मनिर्भरता हेतु सौर ऊर्जा और एथेनॉल मिश्रण जैसे घरेलू विकल्पों पर भी जोर दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/like-the-corona-period-the-west-asia-crisis-will-have/article-147560"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/pm-modi4.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पश्चिम एशिया संकट को गम्भीर चिंता का विषय बताते हुए सोमवार को कहा कि कच्चे तेल एवं गैस की जरुरतों का बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र से पूरा होता है इसलिए भारत पर इसका असर स्वभाविक है लेकिन इस चुनौती का मिलकर और एकजुटता के साथ मुक़ाबला करने की जरूरत है।</p>
<p>पीएम मोदी ने लोकसभा में पश्चिम एशिया की स्थिति पर वक्तव्य देते हुए कहा कि इस संकट के कारण भारत की चिंताएं स्वाभाविक है लेकिन भारत को एकजुट रहकर चुनौतियों का मुकाबला करना आता है। कोरोना संकट के समय की इसी तरह की चुनौती का हमने एकजुट रहकर सामना किया था और अब इस चुनौती का मुकाबला भी उसी तरह एकजुटता से करना होगा।</p>
<p>पश्चिमी एशिया के देशों में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा का आश्वासन देते हुए उन्होंने कहा, "इन देशों में हमारे मिशन भारतीयों की मदद में जुटे हैं। प्रभावित देशों में हमारे मिशन लगातार भारतीयों की मदद में लगे हुए हैं। चाहे वहां काम करने वाले भारतीय हों या वहां गए पर्यटक, सभी को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है। भारतीय मिशन नियमित रूप से इसको लेकर सलाह जारी कर रहे हैं। भारत और अन्य प्रभावित देशों में 24/7 सहायता कक्ष और आपातकालीन हेल्पलाइन स्थापित की गई हैं। इनके माध्यम से सभी प्रभावित लोगों को नवीनतम जानकारी दी जा रही है।"</p>
<p>उन्होंने कहा "संकट के समय में भारत और विदेश में भारतीयों की सुरक्षा सर्वोपरि है। इस युद्ध की शुरुआत से ही प्रभावित देशों में रहने वाले प्रत्येक भारतीय को सहायता प्रदान की गई है। मैंने पश्चिम एशियाई देशों के अधिकांश राष्ट्राध्यक्षों से दो बार फोन पर बात की है। सभी ने भारतीयों की सुरक्षा का आश्वासन दिया है। यह दुखद स्थिति है कि संघर्ष के दौरान कुछ लोगों ने अपनी जान गंवाई है और कुछ घायल हुए हैं।"</p>
<p>प्रधानमंत्री ने युद्धग्रस्त और संघर्ष से प्रभावित देशों के साथ भारत के व्यापक व्यापारिक संबंध का ज़िक्र करते हुए कहा, "जिस क्षेत्र में संघर्ष चल रहा है, वह विश्व के अन्य देशों के साथ हमारे व्यापार का एक महत्वपूर्ण मार्ग भी है। यह क्षेत्र विशेष रूप से कच्चे तेल और गैस की जरुरतों के लिए हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इसके अलावा यह क्षेत्र हमारे लिए इस कारण से भी महत्वपूर्ण है कि खाड़ी देशों में लगभग एक करोड़ भारतीय काम करते हैं। वहां वाणिज्यिक जहाज चलते हैं। भारतीय चालक दल के सदस्यों की संख्या भी बहुत अधिक है। इन विभिन्न कारणों से, भारत की चिंताएं स्वाभाविक रूप से अधिक हैं। इन सब स्थितियों को देखते हुए आवश्यक है कि संसद से इस संकट को लेकर हमारी एक आवाज और आम सहमति दुनिया तक पहुंचे।"</p>
<p>पीएम मोदी ने कहा कि उनकी सरकार पश्चिम एशिया की चिंताजनक स्थिति को लेकर लगातार संसद को अवगत करा रही है। उनका कहना था कि पिछले दो-तीन हफ्तों में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने सदन को स्थिति का विस्तृत विवरण दिया है। यह संघर्ष तीन सप्ताह से अधिक समय से चल रहा है। इसका वैश्विक अर्थव्यवस्था और लोगों के जीवन पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है और इसीलिए दुनिया इस संघर्ष के शीघ्र समाधान के लिए सभी पक्षों से आग्रह कर रही है।</p>
<p>संकट की स्थिति में भारतीय कूटनीति पर उन्होंने कहा "वर्तमान वैश्विक माहौल में भारत की भूमिका स्पष्ट है। शुरुआत से ही हमने इस संघर्ष पर गहरी चिंता व्यक्त की है। मैंने पश्चिम एशिया के सभी संबंधित नेताओं से व्यक्तिगत रूप से बात की है। मैंने सभी से तनाव कम करने और इस संघर्ष को समाप्त करने का आग्रह किया है। भारत ने नागरिकों, ऊर्जा और परिवहन अवसंरचना पर हमलों की निंदा की है। वाणिज्यिक जहाजों पर हमले और होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों को अवरुद्ध करना अस्वीकार्य है। भारत इस युद्ध जैसे माहौल में भी भारतीय जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए कूटनीति के माध्यम से निरंतर प्रयास कर रहा है। </p>
<p>भारत ने हमेशा मानवता के कल्याण और शांति का समर्थन किया है। मैं दोहराता हूं कि इस समस्या का एकमात्र समाधान संवाद और कूटनीति है। हमारे सभी प्रयास तनाव कम करने और इस संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में हैं। इस युद्ध में किसी के भी जीवन को खतरे में डालना मानवता के हित में नहीं है इसलिए हमारा प्रयास सभी पक्षों को जल्द से जल्द शांतिपूर्ण समाधान तक पहुंचने के लिए प्रोत्साहित करना है। जब ऐसे संकट उत्पन्न होते हैं, तो कुछ तत्व उनका फायदा उठाने की कोशिश करते हैं, इसलिए, सभी कानून और व्यवस्था एजेंसियों को सतर्क कर दिया गया है। तटीय सुरक्षा हो, सीमा सुरक्षा हो, साइबर सुरक्षा हो या रणनीतिक प्रतिष्ठान हों, सबकी सुरक्षा को और मजबूत किया जा रहा है।"</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने वैकल्पिक ऊर्जा बढाने के लिए भारत के प्रयासों की चर्चा करते हुए कहा कि पिछले 11 वर्षों में, देश ने अपनी सौर ऊर्जा क्षमता को लगभग 03 गीगावाट से बढ़ाकर 140 गीगावाट कर दिया है। पिछले एक वर्ष में, देश भर में लगभग 40 लाख रूफटॉप सोलर पैनल लगाए गए हैं। प्रधानमंत्री सूर्यगढ़ मुफ्त बिजली योजना ने भी इसमें महत्वपूर्ण योगदान दिया है। गोवर्धन योजना के तहत, देश में 200 संपीड़ित बायोगैस संयंत्र भी चालू हो गए हैं। ये सभी प्रयास देश के लिए बहुत उपयोगी साबित हो रहे हैं। सरकार ने शांति अधिनियम के माध्यम से देश में परमाणु ऊर्जा उत्पादन को प्रोत्साहित करके भविष्य की तैयारियों को और मजबूत किया है। हाल ही में, लघु जलविद्युत विकास योजना को भी मंजूरी दी गई है, जिससे अगले पांच वर्षों में 1500 मेगावाट की नई जलविद्युत क्षमता जुड़ेगी।</p>
<p>पीएम मोदी ने एथेनॉल का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने इथेनॉल की मात्रा 20 प्रतिशत कर दी है जिसका लाभ देश को बड़े स्तर पर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी एशिया संकट के बावजूद सरकार ने पेट्रोल, डीजल और गैस की आपूर्ति पर गंभीर असर न पड़े, इसके लिए प्रयास किए हैं। देश अपनी एलपीजी की 60 प्रतिशत आवश्यकता आयात करता है। आपूर्ति में अनिश्चितता के कारण सरकार ने घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी है। इसके साथ ही एलपीजी का घरेलू उत्पादन भी बढ़ाया जा रहा है। देश भर में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति सुचारू रूप से जारी रहे, इसके लिए भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Mar 2026 16:02:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>Rajasthan Budget 2026 : सौर ऊर्जा में अग्रणी राजस्थान नए जीएसएस का होगा निर्माण, शहरों के बनेंगे कॉम्प्रेंशिव मॉबिलिटी प्लान</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सरकार ने अपने तीसरे बजट में प्रदेश की  जनता के लिए घोषणाओं का पिटारा खोल दिया। करीब 6 लाख 10 हजार 956 करोड़ रुपए का बजट पेश किया गया। बजट में सभी वर्गों का ख्याल रखा गया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rajasthan-budget-2026-rajasthan-is-a-leader-in-solar-energy/article-142874"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/(12200-x-600-px)-(11)2.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सरकार ने अपने तीसरे बजट में प्रदेश की  जनता के लिए घोषणाओं का पिटारा खोल दिया। करीब 6 लाख 10 हजार 956 करोड़ रुपए का बजट पेश किया गया। बजट में सभी वर्गों का ख्याल रखा गया है। उप मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री दिया कुमारी ने राजस्थान विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। दस स्तम्भों में बांट कर पेश किए गए करीब दो घंटे 54 मिनट के इस बजट भाषण में वित्त मंत्री ने कई अहम घोषणाएं की और दावा किया कि हमारी सरकार के विजन से राजस्थान बहुत तेजी से प्रगति करेगा। हमारी सरकार की दूरगामी सोच के साथ बनी नीतियां इस मरू प्रदेश की दशा और दिशा दोनों बदलेगी। वित्त मंत्री ने बजट में सौर ऊर्जा और जीएसएस से जुड़ी मुख्य घोषणाएं की। <br /><br /></p>
<p><strong>सौर ऊर्जा में अग्रणी राजस्थान नए जीएसएस का होगा निर्माण </strong><br />आज राजस्थान का अक्षय ऊर्जा एवं सौर ऊर्जा क्षमता में देश में अग्रणी प्रदेश बन गया है। राजस्थान को ऊर्जा प्रदेश बनाए जाने की दिशा में प्रदेश में विद्युत तंत्रा के और अधिक विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण के लिए 220 केवी के छह, 132 केवी के तेरह तथा 33 केवी के 110 जीएसएस का निर्माण किया जाएगा। इसमें 220 केवी जीएसएस निर्माण कार्य-मंडा (चौमूं)-जयपुर, मालपुरा-टोंक, सलारपुर (तिजारा)-खैरथल तिजारा एवं कालीबंगा (पीलीबंगा)-हनुमानगढ़, 220 केवी जीएसएस में क्रमोन्नयन-बूढ़ादीत (दीगोद)-कोटा; रसूलपुरा (निम्बाहेड़ा)-चित्तौड़गढ़, 132 केवी जीएसएस निर्माण कार्य- बगरू रवाण (सांगानेर)-जयपुर; खातोली (इटावा), सुभाष नगर-कोटा; चाखरी-सवाई माधोपुर; चांदपुरा-सीकर; भियाड (शिव)-बाड़मेर; 113 आरडी एसबीएस (मोहनगढ़)-जैसलमेर; बीकानेर शहर-बीकानेर, लालगढ़-श्रीगंगानगर; सोप (उनियारा), तहरोली (टोडारायसिंह) व नासिरदा (देवली)-टोंक, जोधपुर 33/11 केवी जीएसएस निर्माण कार्य- कायड़ (पुष्कर), खातौली (किशनगढ़)-अजमेर, अम्बेडकर नगर, नंगली मेछा (रामगढ़), खोह (कठूमर)-अलवर, फूंसरा (अंता)-बारां, सिणधरी ग्रामीण (सिवाना)-बालोतरा, रीछौली (बयाना)-भरतपुर, महमदपुर -दिदावली (नगर)-डीग, बरोदा तलोदा (जहाजपुर), आटूण (माण्डल), सांगव्(सुवाणा)-भीलवाड़ा, हनुमाननगर (खाजूवाला)-बीकानेर, लसाडिया कलां (कपासन), पिपलवास (भदेसर)-चित्तौड़गढ़, बिरमी खालसा (तारानगर)-चूरू, लाखनपुर (लालसोट), मुनापुरा खौंचपुरी (महवा)-दौसा, खुड़ी पावा-डीडवाना कुचामन, वरसिंहपुर (सागवाड़ा)-डूंगरपुर, बिलोचिया (रायसिंहनगर)-श्रीगंगानगर, पूरबसर (नोहर)-हनुमानगढ़, रिंग रोड मुहाना (बगरू), सामोद (चौमूं), साली (दूदू)-जयपुर, टोरडा गुजरान, लाडाकावास (विराटनगर), बहराम का बास (बानसूर)-कोटपूतली बहरोड़, कपूरिया (फतेहगढ़)-जैसलमेर, उनडी (सायला)-जालोर, जगदीशपुरा, बनी (डग), टोडरी जगन्नाथ (मनोहरथाना), रोशनबाड़ी, दोबड़ा, माधोपुर (झालरापाटन), नूरजी गाडरवाजी पनवाड (खानपुर)-झालावाड़, देवीपुरा बनी (नवलगढ़)-झुंझुनूं, चैनपुर (सपोटरा), जमूरा-मासलपुर-करौली, खुलवाना (सुमेरपुर)-पाली, सुहागपुरा-प्रतापगढ़, नन्दावट (भीम)-राजसमंद, कांसरडा (खंडेला)-सीकर, आमली रोड (पिंडवाड़ा-आबू), सरतरा बागसीन-सिरोही, कातनवाड़ा-सलम्बूर, गेनाणा-नागौर सहित 110 जीएसएस का निर्माण बीकानेर में मेहरासर-दीनसर-बराला व सवाईसर-करणीसर भाटियान-बिकोलोई तथा जैसलमेर में राघवा-सेहुआ क्षेत्रा में लगभग 4 हजार 830 (चार हजार आठ सौ तीस) मेगावॉट क्षमता के सौर पाकोंर् का विकास ज्वाइंट वेंचर के माध्यम से किया जाएगा। इस पर लगभग 2 हजार 900 करोड़ (दो हजार नौ सौ करोड़) का व्यय किया जाएगा। प्रदेश के विद्युत प्रसारण तंत्र को संचालित करने वाले स्टेट लॉड डिस्पेच सेंटर की साइबर एवं नेटवर्क सुरक्षा के लिए सिक्यूरिटी ऑपरेशन सेंटर तथा नेटवर्क ऑपरेशन सेंटर स्थापित किए जाने के लिए 21 करोड़ का व्यय किया जाएगा। विद्युत तंत्र के आधुनिकीकरण तथा विद्युत सेवाओं को अधिक पारदर्शी व सुलभ बनाए जाने की दृष्टि से- निर्बाध विद्युत आपूर्ति के साथ-साथ विद्युत तंत्रा के ट्रांसफार्मर, फीडर और सबस्टेशन की लॉट सेंसर द्वारा रियल टाइम मॉनिटरिंग विद्युत फॉल्ट के पूर्व अनुमान तथा पारदर्शी मीटर बिलिंग के लिए अजमेर डिस्कॉम के अन्तर्गत ग्रिड को एआई एनेबल किया जाएगा। इमरजेंसी अलर्ट व डिजिटल भुगतान प्रक्रिया तथा कृषि उपभोक्ताओं को विद्युत सेवाओं, कल्याणकारी योजनाओं एवं विद्युत आपूर्ति की रियल टाइम जानकारी उपलब्ध कराने के लिए एआई आधारित डिजिटल प्लेटफार्म विकसित किया जाएगा।</p>
<p><strong>शहरों के बनेंगे कॉम्प्रेंशिव मॉबिलिटी प्लान</strong><br />गत वर्ष बजट में की गई घोषणा के तहत बनाए गए कॉम्प्रेशिव मॉबिलिटी प्लान को लागू करते हुए समस्त संभागीय मुख्यालयों पर चिह्नित सड़कों पर आईटीएम, अर्बन मॉबिलिटी एप, सड़क व चौराहा सुधार, फ्लाईओवर, अंडरपास, ट्राफिक सॉल्यूशन, सिग्नल फ्री ट्रैफिक, पार्किंग सम्बन्धी कार्य कराए जाएंगे। इसके तहत जयपुर के लिए एक हजार करोड़ को शामिल करते हुए कुल 2 हजार 325 करोड़ का व्यय किया जाना प्रस्तावित है। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में सौन्दर्यीकरण, पुनरूद्धार एवं उन्नयन सम्बन्धी विविध कार्य लगभग 3 हजार करोड़ की लागत से कराए जाएंगे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 12 Feb 2026 13:00:55 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>1 लाख सरकारी पदों की भर्ती परीक्षा का कैलेण्डर किया जारी: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री ने युवाओं को 4 लाख सरकारी नौकरियों का भरोसा दिया और बांसवाड़ा को मॉडल जिला बनाने हेतु नवाचार अपनाने की अपील की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/chief-minister-bhajanlal-sharma-released-the-calendar-of-recruitment-examination/article-139710"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/banswara.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री  भजनलाल शर्मा ने कहा कि वागड़ की धरती की असली ताकत हमारे युवा हैं। विकसित राजस्थान बनाने में भी इनकी भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार अपनी नीतियों और निर्णयों से युवाओं के लिए रोजगार के साथ ही स्वरोजगार के भरपूर अवसर उपलब्ध करवा रही है। उन्होंने कहा कि बांसवाड़ा के सर्वांगीण विकास के लिए भी राज्य सरकार कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। <br />    <br /> शर्मा गुरुवार को मुख्यमंत्री आवास पर बांसवाड़ा जिले के युवाओं के साथ संवाद कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने पांच साल में 4 लाख सरकारी नौकरी तथा 6 लाख रोजगार निजी क्षेत्र में देने का लक्ष्य रखा है। इस कड़ी में 1 लाख से अधिक पदों पर नियुक्तियां दे दी गई हैं। उन्होंने कहा कि दो साल में एक भी पेपरलीक नहीं हुआ है। साथ ही, हमारी सरकार हर वर्ष का भर्ती कैलेण्डर जारी कर रही है। इस वर्ष भी 1 लाख सरकारी पदों की भर्ती परीक्षा का कैलेण्डर जारी किया है। उन्होंने कहा कि करीब 2 लाख युवाओं को इंटर्नशिप करवाई है और मुख्यमंत्री युवा संबल योजना में 4 लाख से ज्यादा युवाओं को 1150 करोड़ रुपये का भत्ता मिला है। <br />    <br />मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट का आयोजन किया, जिसके तहत हुए कुल एमओयू में से 8 लाख करोड़ रुपये के एमओयू की ग्राउण्ड ब्रेकिंग हो चुकी है। इससे युवाओं को रोजगार के अवसर मिल रहे है। उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए नवीन युवा नीति भी जारी की गई है। जिससे उन्हें उद्यमशीलता, स्टार्टअप्स सहित विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर मिल सकेंगे। बांसवाड़ा में औद्योगिक क्षेत्रों के विकास से उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है। साथ ही, आधारभूत संरचनाओं का निरंतर विकास भी हो रहा है।<br />    <br /> शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार वर्ष 2027 तक किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराने के लिए काम कर रही है। इसी क्रम में, अभी 22 जिलों में दिन में बिजली दी जा रही है। साथ ही, पेयजल परियोजनाओं पर भी निरंतर कार्य हो रहा है। उन्होंने कहा कि बांसवाड़ा के किसानों को केन्द्र व राज्य सरकार की कृषि योजनाओं से लाभान्वित कर रहे हैं। किसानों को पर्याप्त मात्रा में बीज मिनीकिट और उर्वरक भी उपलब्ध कराया जा रहा है।  <br />    <br />मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बांसवाड़ा और डूंगरपुर को प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए कार्ययोजना बनाकर काम कर रही है। यहां के युवा नवाचार को अपनाकर आगे बढ़े। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को मुख्य धारा में लाने के लिए तेजी से काम कर रही है। <br />    <br /> शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास-सबका प्रयास के दिखाए मार्ग पर चलकर विकसित राजस्थान के लिए हमारी डबल इंजन की सरकार काम कर रही है। उन्होंने युवाओं से नवाचार अपनाने और सामाजिक एकता को मजबूत बनाकर बांसवाड़ा को मॉडल जिला बनाने की अपील की। संवाद में युवाओं ने पेपरलीक पर लगाम लगाने, 1 लाख से अधिक पदों पर नियुक्ति देने और वर्ष 2026 के भर्ती परीक्षा का कैलेण्डर जारी करने के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद ज्ञापित किया। <br />    <br />संवाद में युवाओं ने बांसवाड़ा में शिक्षा, कृषि, सहकारिता, आधारभूत संरचना, धार्मिक पर्यटन, उद्योग और आदिवासी कल्याण सहित विभिन्न विषयों पर अपने सुझाव साझा किए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने युवाओं के साथ बेणेश्वर धाम व आस-पास के क्षेत्र के सौंदर्यीकरण से संबंधित कार्ययोजना की पीपीटी देखी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 15 Jan 2026 17:27:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>दौसा रेलवे स्टेशन का कायाकल्प, यात्रियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं</title>
                                    <description><![CDATA[अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 15.17 करोड़ रुपये की लागत से दौसा रेलवे स्टेशन को आधुनिक बनाया गया है। स्टेशन पर भव्य प्रवेश द्वार, नया एफओबी, दिव्यांग अनुकूल सुविधाएं और राजस्थानी कला के भित्ति चित्र विकसित किए गए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/dausa/rejuvenation-of-dausa-railway-station-passengers-will-get-modern-facilities/article-137087"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/dausa-railwaystarion.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान के दौसा जिले में स्थित दौसा रेलवे स्टेशन ऐतिहासिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि परिवहन के लिहाज से भी एक महत्वपूर्ण केंद्र है। दिल्ली–अहमदाबाद रेल मार्ग पर स्थित यह स्टेशन जयपुर से लगभग 60 किलोमीटर दूर है। ब्रिटिश शासनकाल में विकसित यह स्टेशन व्यापार, शिक्षा और सैन्य आवश्यकताओं की पूर्ति में अहम भूमिका निभाता रहा है।</p>
<p>अब अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत करीब 15.17 करोड़ रुपये की लागत से दौसा रेलवे स्टेशन को आधुनिक और यात्री-अनुकूल रूप में विकसित किया गया है। स्टेशन भवन का पूर्ण रूप से नवीनीकरण किया गया है। सर्कुलेटिंग एरिया में सुविधा क्षेत्र विकसित कर अलग-अलग प्रवेश और निकास द्वार बनाए गए हैं, साथ ही स्टेशन भवन में पोर्च का निर्माण भी किया गया है।</p>
<p>स्टेशन के अंदर और वेटिंग हॉल में भारतीय कला, विरासत और संस्कृति को दर्शाते भित्ति चित्र बनाए गए हैं। दोपहिया और चौपहिया वाहनों के लिए पृथक पार्किंग की सुविधा दी गई है। 4.10 करोड़ रुपये की लागत से रैंप और कवरिंग शेड सहित नया ऊपरी पैदल पुल (एफओबी) बनाया गया है। नए प्रतीक्षा कक्ष और आधुनिक फिटिंग के साथ शौचालयों का नवीनीकरण किया गया है।</p>
<p>दिव्यांगजनों के लिए हेल्प बूथ, विशेष शौचालय, रैंप, लिफ्ट, साइनेंज और पार्किंग जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। स्टेशन पर ट्रेन सूचना बोर्ड, कोच इंडिकेशन बोर्ड, सीसीटीवी कैमरे, महिला एवं बाल सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। साथ ही जल संरक्षण हेतु रेन वाटर हार्वेस्टिंग और ऊर्जा संरक्षण के लिए सोलर पावर से जुड़े कार्य भी किए गए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>दौसा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 24 Dec 2025 17:52:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>सौर ऊर्जा संचालित भारत का पहला जिला</title>
                                    <description><![CDATA[हाल ही में भारत के छोटे से द्वीपीय जिले दीव ने दिन में अपनी बिजली की पूरी जरूरत सौर ऊर्जा से पूरी करके ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/solar-energy-powered-district-of-india/article-116222"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/rtroer10.png" alt=""></a><br /><p>हाल ही में भारत के छोटे से द्वीपीय जिले दीव ने दिन में अपनी बिजली की पूरी जरूरत सौर ऊर्जा से पूरी करके ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। यह उपलब्धि न केवल तकनीकी दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भारत की ऊर्जा नीति, पर्यावरण दृष्टिकोण और स्थानीय शासन की क्षमता का भी प्रतीक है। ऐसे समय में जब जीवाश्म ईंधन पर निर्भरताए ऊर्जा असमानता और जलवायु परिवर्तन के खतरों को लेकर दुनिया भर में चिंताएं जताई जा रही हैं, सीमित संसाधनों वाले दीव जैसे जिले का यह कदम एक बड़ी और आशाजनक प्रेरणा के रूप में देखा जाना चाहिए। पहले दीव अपनी बिजली की जरूरतों का 73 प्रतिशत से अधिक हिस्सा गुजरात से आयात करता था, जिससे बिजली महंगी होती थी और आपूर्ति में अनिश्चितता रहती थी। अब 11.88 मेगावाट की स्थापित सौर क्षमता के साथ दीव दिन में 100प्रतिशत स्थानीय सौर ऊर्जा पर निर्भर है। इसमें से 9 मेगावाट फुदम क्षेत्र में जमीन पर स्थापित सौर पार्क है और शेष 2.88 मेगावाट क्षमता के सौर पैनल 79 सरकारी भवनों की छतों पर लगाए गए हैं। इस बुनियादी ढांचे के माध्यम से दीव ने दिन के समय अपनी सभी घरेलू, वाणिज्यिक और सरकारी बिजली खपत को पूरी तरह से स्थानीय सौर ऊर्जा के माध्यम से पूरा करना शुरू कर दिया है। इस बदलाव का सबसे सीधा असर स्थानीय उपभोक्ताओं पर पड़ा है।</p>
<p>बिजली की दरों में करीब 12 फीसदी की कमी आई है। पहले जहां 0 से 50 यूनिट तक बिजली 1.20 रुपए प्रति यूनिट मिलती थी, वहीं अब 1 से 100 यूनिट तक की दर 1.01 रुपए प्रति यूनिट तय की गई है। ये सस्ती दरें सिर्फ सब्सिडी का नतीजा नहीं हैं, बल्कि यह एक कुशल ऊर्जा संरचना का नतीजा है जिसमें सौर ऊर्जा उत्पादन, ग्रिड वितरण और नीतिगत समर्थन के बीच संतुलन है। साथ ही हर साल करीब 13000 टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आ रही है, जो पर्यावरण के लिहाज से एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। सौर ऊर्जा पर सबसे बड़ी आपत्ति इसकी सीमित समय अवधि है। इसे सिर्फ दिन में ही बनाया जाता है और इसकी भूमिका रात के समय की जरूरतों तक ही सीमित है। दीव ने इस चुनौती का समाधान इस तरह किया कि सौर ऊर्जा उत्पादन को दिन के समय की पीक डिमांड के साथ जोड़ दिया गया और बाकी समय के लिए पारंपरिक ग्रिड सपोर्ट को रखा गया। इसका मतलब यह है कि दीव पूरी तरह से ग्रिड से कटा हुआ नहीं है, बल्कि अपनी जरूरतों का एक बड़ा और निर्णायक हिस्सा टिकाऊ और नवीकरणीय स्रोतों से जोड़ चुका है।</p>
<p>यह मॉडल एक हाइब्रिड सिस्टम की ओर इशारा करता है, जो भारत जैसे विविधतापूर्ण जलवायु और सामाजिक संरचना वाले देश के लिए एक व्यावहारिक तरीका है। 2024 के अंतरिम बजट में घोषित और फरवरी में औपचारिक रूप से शुरू की गई केंद्र सरकार की पीएम-सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना दीव के इस प्रयास में एक महत्वपूर्ण आधार रही। इस योजना के तहत 3 किलोवाट तक के रूफटॉप सोलर पैनल लगाने पर केंद्र सरकार की ओर से वित्तीय सहायता दी जाती है। इसके अलावा बैंकों से बिना जमानत के लोन की सुविधा और ब्याज दर रेपो रेट से केवल 0.5प्रतिशत अधिक रखने की नीति ने इसे व्यवहार्य और जनोन्मुखी बना दिया है। यह ऊर्जा का लोकतंत्रीकरण है, जिसमें उपभोक्ता अब उत्पादक की भूमिका भी निभाता है। दीव का यह मॉडल हमें ऊर्जा नीति से जुड़े कई बुनियादी सवालों से जोड़ता है। भारत के बाकी जिले, खासकर शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्र दीव की राह पर चल सकते हैं, लेकिन कुछ शर्तों के साथ।</p>
<p>पहली जरूरत है स्थानीय परिस्थितियों के हिसाब से अनुकूल योजना बनाना। हर क्षेत्र में खुली जमीन, साफ धूप या प्रशासनिक एकजुटता नहीं है जो दीव में है। सौर ऊर्जा उत्पादन में एक बड़ी बाधा भूमि की उपलब्धता और सामाजिक स्वीकृति है। जमीन पर लगाए जाने वाले संयंत्रों के लिए बहुत ज्यादा जगह की जरूरत होती है, जिससे कृषि या पर्यावरण के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्रों में संघर्ष हो सकता है। यही कारण है कि छत पर सौर ऊर्जा का महत्व लगातार बढ़ रहा है, लेकिन इसके लिए धन, तकनीकी सहायता और जागरूकता की भी जरूरत है। इस संदर्भ में दीव की एक और उपलब्धि उल्लेखनीय है सरकारी भवनों की छतों का उपयोग। यह मॉडल नगर पालिकाओं, पंचायतों और विकास प्राधिकरणों को सशक्त बनाने का अवसर प्रदान करता है।</p>
<p>जब राज्य के संसाधनों का उपयोग जनहित में किया जाता है और ऊर्जा जैसी बुनियादी सेवा को स्वच्छ, किफायती और टिकाऊ रूप में प्रस्तुत किया जाता है, तो विकास का एक नया आदर्श स्थापित होता है। यह ऊर्जा न्याय की दिशा में एक मजबूत कदम है। भारत ने 2070 तक नेट जीरो का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने में अक्षय ऊर्जा का बड़ा योगदान अपेक्षित है। दीव का उदाहरण इस दिशा में एक ठोस और सफल प्रयोग है।</p>
<p><strong>-देवेन्द्रराज सुथार</strong><br /><strong>यह लेखक के अपने विचार हैं।</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 03 Jun 2025 11:49:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ऊर्जा क्षेत्र में तीसरे नम्बर पर पहुंचा भारत, राज्य सरकार के माध्यम से होगा सोलर निवेशकों की समस्याओं का समाधान : जोशी</title>
                                    <description><![CDATA[ केंद्रीय ऊर्जा मंत्री प्रहलाद जोशी ने कहा कि भारत ऊर्जा क्षेत्र में 5वें से तीसरे नम्बर पर पहुंच गया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/india-reaches-third-position-in-energy-sector-problems-of-solar/article-101546"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/22.jpeg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री प्रहलाद जोशी ने कहा कि भारत ऊर्जा क्षेत्र में 5वें से तीसरे नम्बर पर पहुंच गया है। हम पहले नम्बर पर आने के लिए प्रयासरत हैं। जोशी नवीकरणीय ऊर्जा समीक्षा बैठक में शामिल होने के बाद मीडिया से बातचीत कर रहे थे। जोशी ने कहा कि सोलर एनर्जी की पहुंच आम लोगों तक पहुंचाने के लिए सब्सिडी भी दे रहे हैं। किसानों के लिए सोलर एनर्जी बहुत काम की है। राजस्थान में सोलर एनर्जी में बहुत ज्यादा सम्भावनायें हैं और यहां डिमांड को इससे पूरा किया जा सकता है। </p>
<p>बॉर्डर जिलों के कई गांव में आज भी अंधेरा होने के सवाल पर कहा, कि बिजली से वंचित क्षेत्रों में बिजली उपलब्धता के लिए हम राज्यों को सहयोग कर रहे हैं। वंचित सभी गांव में बिजली पहुंचाने का काम पूरा किया जाएगा। सोलर निवेशकों को भूमि अवाप्ति से जुड़ी परेशानियों पर कहा कि कई बार भूमि अवाप्ति में परेशानी आती है। राज्य सरकार इस मामले में उचित कार्यवाही करेगी। सोलर निवेशकों से बात करके राज्य सरकार जल्दी ही उचित समाधान निकालेगी।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Jan 2025 17:44:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> बिजली का बिल मार रहा करंट, सौर ऊर्जा से रोशन होंगी शहर की रोड लाइटें</title>
                                    <description><![CDATA[सूत्रों के अनुसार वर्तमान में कोटा शहर में संचालित रोड लाइटों से सालाना करीब 20 करोड़ रुपए का बिजली का बिल आ रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/city-s-road-lights-will-be-lit-by-solar-energy/article-98188"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/bijli-ka-bill-mar-rha-current,-saur-urja-s-roshan-hogi-sheher-ki-road-lighte...kota-news-20-12-2024.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर में एक ओर जहां सरकारी व निजी भवनों पर सोलर सिस्टम लगाकर सौर उर्जा से बिजली का उपयोग किया जा रहा है। वहीं अब आने वाले समय में शीघ्र ही शहर की रोड लाइटें भी सौर ऊर्जा से रोशन होंगी। जिसकी शुरुआत नगर निगम कोटा उत्तर क्षेत्र से की जाएगी। शहर में वर्तमान में नगर निगम कोटा उत्तर, कोटा दक्षिण और कोटा विकास प्राधिकरण की ओर से रोड लाइटों का संचालन किया जा रहा है। डिवाइडर साइड की लाइटें केडीए द्वारा संचालित की जा रही है। जबकि वार्डों में रोड लाइटों का संचालन नगर निगम के माध्यम से किया जा रहा है। शहर में नगर निगम व केडीए की करीब 80 हजार रोड लाइटें लगी हुई है। जिनमें से केडीए की अधिकतर लाइटें  डेकोरेटिव हैं। जिन्हें पिछली कांग्रेस सरकार के समय में तत्कालीन नगर विकास न्यास के माध्यम से लगाया गया था। हालांकि वे सभी लाइटें काफी महंगी है। शहर में रोड लाइटों को सौर ऊर्जा से चलाने का प्रयोग सबसे पहले नगर निगम कोटा उत्तर द्वारा किया जाएगा। नगर निगम कोटा उत्तर के एक्सईएन(विद्युत) सचिन यादव ने बताया कि  वर्तमान में जो रोड लाइटें लगी हुई है। उनसे बिजली का बिल काफी अधिक आ रही है। साथ ही उनके आए दिन खराब व बंद होने समेत कई समस्याएं रहती है। ऐसे में बिजली काबिल कम करने व सौर ऊर्जा का अधिक से अधिक उपयोग करने के लिए नगर निगम कोटा उत्तर द्वारा अपने क्षेत्र में सोलर लाइटें लगाने की योजना है।</p>
<p><strong>200 लाइटों से होगी पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत</strong><br />एक्सईन यादव ने बताया कि योजना की शुरुआत  पायलट प्रजोक्ट के तौर पर 200 लाइटों से की जाएगी। यदि यह योजना सफल हो गई तो उसे शेष सभी जगह पर उपयोग में किया जाएगा। इसके लिए टेंडर की प्रक्रिया चल रही है। </p>
<p><strong>फिलहाल केडीए की ऐसी योजना नहीं</strong><br />इधर केडीए के सहायक अभियंता(विद्युत) ललित कुमार ने बताया कि केडीए की फिलहाल ऐसी कोई योजना नहीं है। जिसमें रोड लाइटों को सौर ऊर्जा से संचालित किया जाए। केडीए ने कुछ समय पहले ही शहर में डेकोरेटिव लाइटें लगाई है। </p>
<p><strong>कोटा दक्षिण में भी किया जाएगा प्रयोग</strong><br />यादव ने बताया कि सौर ऊर्जा से रोड लाइटों के संचालन का प्रयोग कोटा दक्षिण निगम में भी किया जाएगा। हालांकि अभी इसकी कार्ययोजना तैयार की जा रही है। कोटा उत्तर में यह सफल होने के बाद उसे पूरे निगम क्षेत्र में लागू किया जाएगा। इस प्रयोग से बिजली का बिल तो कम होगा ही। साथ ही इसके लिए न तो नए खम्बे लगाने की जरूरत रहेगी और न ही तार बिछाने की।  वर्तमान में खम्बों पर जो लाइटें लगी हुई हैं उन्हेंहटाकर सौर ऊर्जा से संचालित होने वाली लाइटों को लगा दिया जाएगा। सूत्रों के अनुसार वर्तमान में कोटा शहर में संचालित रोड लाइटों से सालाना करीब 20करोड़ रुपए का बिजली का बिल आ रहा है। सौर ऊर्जा की लाइटों का उपयोग होने के बाद इसमें काफी कमी आएगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Dec 2024 14:16:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आदिवासी क्षेत्रों के गरीबों को सौर ऊर्जा की योजनाएं उपलब्ध, प्रधानमंत्री सूर्य मुफ्त बिजली योजना का लाभ लें लोग : जोशी </title>
                                    <description><![CDATA[इस योजना से गरीब बिजली पैदा कर सकता है और उसमें जो बिजली बचे, उस ऊर्जा को वह सरकार को बेच कर लाभ कमा सकता है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/solar-energy-schemes-are-available-to-the-poor-in-tribal/article-96684"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/23.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। सरकार नें कहा है कि गरीबों और आदिवासी क्षेत्रों के अत्यधिक गरीब लोगों को सौर ऊर्जा जैसी कई योजनाएं उपलब्ध हैं और ऐसे लोगों को प्रधानमंत्री सूर्य मुफ्त बिजली जैसी योजना का लाभ लेना चाहिए। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने लोकसभा में एक पूरक प्रश्न के जवाब में यह जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने गरीब से गरीब व्यक्ति को बिजली उपलब्ध कराने के लिए पीएम सौर ऊर्जा योजना बनाई हैं, और इनका निशुल्क लाभ देश के आदिवासी तथा दूसरे क्षेत्र के सभी गरीबों को दिया जा रहा है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लोगों को पक्के घर दिए जा रहे हैं, और उसके तहत हर घर के ऊपर एक किलोवाट अक्षय ऊर्जा पैदा कराने की सुविधा भी दी जा रही हैं। इस योजना से गरीब बिजली पैदा कर सकता है और उसमें जो बिजली बचे, उस ऊर्जा को वह सरकार को बेच कर लाभ कमा सकता है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आदिवासी क्षेत्र में ग्राम उत्कर्ष अभियोजना चलाई जा रही है। इसके साथ ही सबको बिजली देने की और भी कई योजनाएं हैं, जिसका लाभ आदिवासी क्षेत्र के गरीबों को लेना चाहिए। इसके अलावा पीएम सूर्य बिजली मुक्ति योजना भी है, जिसका लाभ आदिवासियों को लेना चाहिए। इस योजना का उपयोग कर गरीब को फ्री में बिजली उपलब्ध हो सकेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 04 Dec 2024 15:49:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पिछली सरकार में दिवालिया हो गई बिजली कम्पनियां, हमने सुधारी हालत : भजनलाल शर्मा </title>
                                    <description><![CDATA[ राजस्थान राइजिंग एनर्जी सेक्टर प्री समिट में निवेशकों को राज्य सरकार की तरफ से सभी सुविधाएं देने का भरोसा ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/bhajanlal-sharma-electricity-companies-went-bankrupt-during-the-previous-government/article-95419"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-11/6633-copy131.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:16pt;line-height:115%;font-family:Aparajita, 'sans-serif';" xml:lang="hi">जयपुर। सीएम भजनलाल शर्मा ने राजस्थान राइजिंग एनर्जी सेक्टर प्री समिट में निवेशकों को राज्य सरकार की तरफ से सभी सुविधाएं देने का भरोसा देते हुए पिछली सरकार पर भी निशाना साधा। </span><span lang="hi" style="font-size:16pt;line-height:115%;font-family:Aparajita, 'sans-serif';" xml:lang="hi">राजस्थान राइजिंग एनर्जी सेक्टर प्री समिट में सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि हमने सरकार में आते ही यह देखा कि राजस्थान में एनर्जी सेक्टर में अथाह संभावना है और इसको कैसे और बढ़ाया जा सकता है। </span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:16pt;line-height:115%;font-family:Aparajita, 'sans-serif';" xml:lang="hi">निवेशकों के रुझान देखते हुए हम उन्हें जमीन</span><span style="font-size:16pt;line-height:115%;font-family:Aparajita, 'sans-serif';">, <span lang="hi" xml:lang="hi">सड़क</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बिजली</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पानी जैसी सुविधाएं मुहैया कराएंगे। यह एक साझा प्रयास है। पिछली सरकार में बिजली कम्पनिया दिवालिया हो गयी। हमने फिर से व्यवस्था सुधारने का काम किया है। हमने करीब 4 लाख करोड़ के कुल एमओयू किए हैं। अफसरों को कहा है कि एमओयू कागजी साबित नहीं होने चाहिए और सभी जल्दी धरातल पर नजर आए। निवेशकों से लगातार सामंजस्य बनाकर रखें</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि प्रोजेक्ट में देरी से लागत बढ़ती है। </span></span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:16pt;line-height:115%;font-family:Aparajita, 'sans-serif';"><span lang="hi" xml:lang="hi">शर्मा ने कहा कि राजस्थान में लगभग 30 हजार गीगावाट क्षमता का बिजली उत्पादन मौजूद है। सोलर एनर्जी सेक्टर में हमारा विशेष रूप से फोकस है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि सूर्य देवता की हमारे ऊपर कृपा ज्यादा है। पीएम मोदी ने सोलर एनर्जी के लिए देश भर में जो पहल की है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसका पूरे विश्व में परचम लहरा रहा है। </span></span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:16pt;line-height:115%;font-family:Aparajita, 'sans-serif';"><span lang="hi" xml:lang="hi">हमने प्रदेश में निवेश के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया है। आज इस प्री समिट में सोलर स्प्रिंगलर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बैटरी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सोलर पम्प आदि निर्माण क्षेत्र में बड़े स्तर पर निवेश हुआ है। इससे यंहा के लाखों युवाओं को रोजगार </span></span><span style="font-family:Aparajita, 'sans-serif';font-size:21.3333px;">मिलेगा।आज</span><span style="font-family:Aparajita, 'sans-serif';font-size:21.3333px;"> आए </span><span style="font-family:Aparajita, 'sans-serif';font-size:16pt;">सभी निवेशकों को 9 से 11 दिसम्बर तक राजस्थान राइजिंग समिट में आने का निमंत्रण देता हूं।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 20 Nov 2024 17:39:56 +0530</pubDate>
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                <title>राजस्थान में सौर ऊर्जा उत्पादन की अपार संभावनाएं: ऊर्जा मंत्री</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान में आज 22000 मेगावाट सोलर एनर्जी का उत्पादन हो रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/energy-minister-there-is-immense-potential-for-solar-energy-production/article-92272"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-10/4427rtrer-(4)1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। राजस्थान क्षेत्रफल की दृष्टि से देश का सबसे बड़ा भू-भाग वाला राज्य है। प्रदेश के पश्चिमी क्षेत्र में सोलर ऊर्जा उत्पादन के प्रोजेक्ट लगाने की असीम संभावनाएं हैं। यह बात राज्य के ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने ग्रेटर नोएडा में आयोजित रिन्यूअल एनर्जी इंडिया एक्सपो के शुभारंभ के अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेते हुए कही। नागर ने एक्सपो में राजस्थान सोलर एसोसिएशन द्वारा आयोजित अग्रणी राजस्थान प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया। उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए नागर ने कहा कि पूरे देश में राजस्थान पहली पसंद है। </p>
<p>राजस्थान के पास अतिरिक्त रेडिएशन है और हजारों किलोमीटर सीमावर्ती इलाका है। जहां सोलर प्रोजेक्ट लगाने की बेहतरीन दशाएं मौजूद हैं। नागर ने कहा कि किसी भी देश की जीडीपी को बढ़ाने के लिए उर्जा क्षेत्र महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। नागर ने बताया कि राजस्थान में आज 22000 मेगावाट सोलर एनर्जी का उत्पादन हो रहा है।</p>
<p>लेकिन राजस्थान में जो उपयोग हो रहा है, वह लगभग 5000 मेगावाट है। बाकी सरप्लस सोलर एनर्जी हम अन्य राज्यों को दे रहे हैं। नागर ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि राजस्थान में सोलर ऊर्जा के साथ-साथ रिन्यूएबल एनर्जी क्षेत्र को और अधिक मजबूत बनाना है। ताकि राजस्थान के साथ देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा किया जा सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 04 Oct 2024 13:31:01 +0530</pubDate>
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