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                <description>healthcare RSS Feed</description>
                
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                <title>जेएलएनएच में दवा वितरण हुआ डिजिटल: ऑनलाइन डिमांड व्यवस्था लागू, कंप्यूटर प्रशिक्षण के अभाव में नर्सिंगकर्मी चिंतितं</title>
                                    <description><![CDATA[अजमेर के जवाहर लाल नेहरू चिकित्सालय में दवा वितरण को पारदर्शी बनाने के लिए इनडोर वार्डों से दवाओं की मांग ऑनलाइन भेजने की व्यवस्था शुरू की गई है। इस डिजिटल कदम से दवाओं के स्टॉक और खपत का सटीक रिकॉर्ड रहेगा, हालांकि कंप्यूटर ज्ञान और प्रशिक्षण के अभाव के कारण नर्सिंगकर्मियों ने इस नई प्रणाली पर चिंता जताई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/medicines-distributed-in-jlnh-digital-online-demand-system-implemented-nursing/article-157772"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/hos.png" alt=""></a><br /><p>अजमेर। जेएलएनएच के इनडोर वार्डों में दवाओं की ऑनलाइन डिमांड व्यवस्था लागू, कंप्यूटर ज्ञान के अभाव में नर्सिंगकर्मियों की बढ़ी चिंता प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में शामिल जवाहर लाल नेहरू चिकित्सालय (जेएलएनएच) में दवा वितरण व्यवस्था को डिजिटल बनाने की दिशा में एक नया कदम उठाया गया है। अस्पताल प्रशासन ने इनडोर वार्डों से दवाओं की मांग (डिमांड) अब ऑनलाइन माध्यम से भेजने के निर्देश दिए हैं। इस नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक वार्ड की नर्सिंग स्टाफ को कंप्यूटर सिस्टम के जरिए दवाओं की मांग दर्ज कर अस्पताल की दवा भंडार शाखा को भेजनी होगी। </p>
<p>हालांकि, अस्पताल प्रशासन की यह पहल दवा वितरण प्रणाली को पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से की गई है, लेकिन कई नर्सिंगकर्मियों ने इस व्यवस्था को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि अस्पताल के अनेक नर्सिंगकर्मियों को कंप्यूटर संचालन का पर्याप्त प्रशिक्षण नहीं मिला है, जिससे उन्हें ऑनलाइन डिमांड प्रक्रिया में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। डिजिटल व्यवस्था से पारदर्शिता की उम्मीद अस्पताल प्रशासन का मानना है कि ऑनलाइन डिमांड प्रणाली लागू होने से वार्डों में दवाओं की उपलब्धता की वास्तविक स्थिति का रिकॉर्ड तैयार होगा।</p>
<p>किस वार्ड ने कब, कितनी और कौन-सी दवा मांगी, इसका पूरा ब्यौरा डिजिटल रूप से उपलब्ध रहेगा। इससे दवाओं की अनावश्यक मांग, स्टॉक में गड़बड़ी और रिकॉर्ड संधारण की समस्याओं पर अंकुश लगाया जा सकेगा। इसके अलावा दवा स्टोर में भी दवाओं के वितरण और स्टॉक प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी। भविष्य में दवाओं की खपत का आकलन करना भी आसान होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>अजमेर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 17:56:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>WHO की चेतावनी: कांगो-युगांडा में इबोला का आतंक, संक्रमण और मौतों ने बढ़ाई दुनिया की चिंता</title>
                                    <description><![CDATA[कांगो और युगांडा में इबोला वायरस का कहर जारी है, जहां अब तक 138 लोगों की मौत हो चुकी है और 695 मामले सामने आए हैं। डब्ल्यूएचओ ने कांगो में खतरे को 'बेहद उच्च' घोषित किया है। चमगादड़ों से फैलने वाली इस जानलेवा बीमारी के इलाज के लिए फिलहाल कोई स्वीकृत टीका उपलब्ध नहीं है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/ebola-outbreak-in-congo-and-uganda-death-toll-rises-to/article-156958"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/ibola.png" alt=""></a><br /><p>जिनेवा। कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (डीआरसी) और युगांडा में बुंडिबुग्यो वायरस के कारण फैली इबोला बीमारी का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। अभी तक इस जानलेवा वायरस से 138 लोगों की जान जा चुकी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की शनिवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार दोनों देशों में अब तक इस बीमारी से संक्रमित 695 मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें से 138 लोगों की मौत हो चुकी है। कांगो में स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक है, जहाँ संक्रमितों की संख्या बढ़कर 676 हो गई है और 136 लोगों की जान जा चुकी है। यहाँ मृत्यु दर 20.1 प्रतिशत दर्ज की गई है। कांगो के इतुरी प्रांत में इस बीमारी का सबसे ज्यादा असर देखा जा रहा है। राहत और बचाव कार्य में जुटे कम से कम 16 स्वास्थ्य कर्मी भी इस वायरस की चपेट में आ चुके हैं। कांगो में सुरक्षा से जुड़ी घटनाएं और आबादी का लगातार पलायन इस बीमारी को नियंत्रित करने में बड़ी बाधा बन रहा है।</p>
<p>पड़ोसी देश युगांडा में अब तक इबोला के 19 पुष्ट मामले सामने आए हैं, जिनमें से दो मरीजों की मौत हुई है। इसके अलावा एक संभावित मरीज की भी जान गई है। युगांडा में राहत की बात यह है कि पिछले छह दिनों से कोई नया मामला सामने नहीं आया है। यहाँ के सभी मामले कांगो से आये संक्रमितों या उनके संपर्क में आये लोगों से जुड़े हैं और अभी तक स्थानीय स्तर पर आम जनता में इसके फैलने के संकेत नहीं मिले हैं।</p>
<p>बुंडिबुग्यो वायरस से होने वाली यह बीमारी इबोला का ही एक बेहद गंभीर रूप है। यह पशुओं से इंसानों में फैलने वाली बीमारी है, जिसके फैलने की शुरुआत चमगादड़ों या संक्रमित वन्यजीवों के संपर्क में आने से होती है। इसके बाद यह इंसानों के बीच खून या लार आदि के सीधे संपर्क में आने से फैलती है। इस बीमारी के शुरुआती लक्षणों में बुखार, थकान, मांसपेशियों में दर्द और गले में खराश शामिल हैं। अभी तक इस वायरस के इलाज के लिए कोई स्वीकृत टीका या विशेष दवा उपलब्ध नहीं है।</p>
<p>डब्ल्यूएचओ ने कांगो में इस बीमारी के खतरे के स्तर को 'बेहद उच्च' और युगांडा सहित सीमा साझा करने वाले पड़ोसी देशों में 'उच्च' श्रेणी में रखा है। वैश्विक स्तर पर इसका खतरा फिलहाल कम आंका गया है। डब्ल्यूएचओ, अफ्रीका स्वास्थ्य नियंत्रण केंद्र और दोनों देशों के स्वास्थ्य मंत्रालय मिलकर इस महामारी को रोकने के लिए बड़े पैमाने पर काम कर रहे हैं। इस संकट से निपटने के लिए कुछ संभावित दवाओं के चिकित्सीय परीक्षण (क्लिनिकल ट्रायल) की तैयारी भी की जा रही है। संगठन ने फिलहाल दोनों देशों के साथ यात्रा या व्यापार पर किसी भी तरह का प्रतिबंध न लगाने की सलाह दी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 14 Jun 2026 14:50:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>गलतियों को सुधारने की जगह विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश : गहलोत</title>
                                    <description><![CDATA[पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बीकानेर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि कोटा के बाद बीकानेर में प्रसूताओं की किडनी खराब होने और बिगड़ती स्वास्थ्य सेवाओं का मुद्दा उठाने पर घबराई भाजपा सरकार बल प्रयोग कर विपक्ष की आवाज दबा रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/instead-of-correcting-the-mistakes-gehlot-tried-to-suppress-the/article-156702"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/ashok-gehlot.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। बीकानेर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया है। गहलोत ने कहा है कि कोटा के बाद बीकानेर में सिजेरियन डिलीवरी के बाद प्रसूताओं की किडनी खराब होने पर राजस्थान की बिगड़ती स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर देहात कांग्रेस जिला अध्यक्ष बिशनाराम सियाग और शहर कांग्रेस जिला अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल के नेतृत्व में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज बेहद शर्मनाक और निंदनीय है।</p>
<p>कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं के साथ बल प्रयोग किया जाना बताता है कि भाजपा सरकार किस कदर घबराई हुई है। लोकतंत्र में मुद्दों को उठाना विपक्ष का कर्तव्य है, पर भाजपा सरकार गलतियों को दुरुस्त करने के बजाय विपक्ष की आवाज को दबाना चाहती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 17:55:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अस्पताल प्रशासन की लापरवाही हुई उजागर, वेंटिलेटर पर रेफर प्रसूता को 10 मिनट तक नहीं मिला ऑक्सीजन सपोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[8 माह की गर्भवती प्रसूता को वेंटिलेटर सपोर्ट पर SMS अस्पताल लाया गया, लेकिन इमरजेंसी गेट पर ऑक्सीजन सिलेंडर और वार्ड बॉय के इंतजार में करीब 10 मिनट तक जूझना पड़ा। रेजिडेंट डॉक्टर एम्बू बैग से सांसें चलाते रहे। घटना के बाद परिजनों ने हंगामा किया और अस्पतालों के बीच रेफरल सिस्टम व आपातकालीन समन्वय पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/hospital-administrations-negligence-exposed-pregnant-woman-referred-on-ventilator-did/article-156591"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/sms.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजधानी के सवाई मानसिंह अस्पताल की आपातकालीन व्यवस्थाओं पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। चांदपोल स्थित जनाना अस्पताल से गंभीर हालत में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रेफर होकर पहुंची आठ माह की गर्भवती प्रसूता को इमरजेंसी गेट पर करीब 10 मिनट तक ऑक्सीजन सिलेंडर और वार्ड बॉय का इंतजार करना पड़ा। इस दौरान साथ आए रेजिडेंट डॉक्टर एम्बू बैग के सहारे मरीज की सांसें चलाते रहे। समय पर व्यवस्था नहीं मिलने से परिजनों ने इमरजेंसी के बाहर हंगामा कर दिया। मरीज के पति किशन के अनुसार, अत्यधिक रक्तस्राव और हाई ब्लड प्रेशर के कारण उनकी पत्नी की हालत बिगड़ गई थी, जिसके बाद उसे तत्काल SMS अस्पताल रेफर किया गया। </p>
<p>आरोप है कि मरीज के पहुंचने के बावजूद आवश्यक इंतजाम समय पर नहीं हो सके। घटना ने अस्पतालों के बीच रेफरल व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। इमरजेंसी विभाग के सूत्रों का कहना है कि गंभीर मरीजों को कई बार बिना पूर्व सूचना के भेज दिया जाता है, जबकि इमरजेंसी पहले से भारी दबाव में रहती है। वहीं, जनाना अस्पताल में ICU और वेंटिलेटर सुविधा उपलब्ध होने के बावजूद मरीज को SMS रेफर करने के निर्णय पर भी चर्चा तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर समन्वय से ऐसे गंभीर मरीजों को जोखिम भरे स्थानांतरण से बचाया जा सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 17:58:14 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>NHRC ने स्वास्थ्य सेवाओं पर सरकार को घेरा : 53 गर्भवती महिलाओं की मौत का लिया स्वतः संज्ञान, बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था पर मांगी विस्तृत रिपोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने मध्य प्रदेश के सीधी जिले में चिकित्सा के अभाव में एक वर्ष में 53 गर्भवती महिलाओं की मौत पर स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने इसे मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन बताते हुए राज्य के मुख्य सचिव को दो सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/nhrc-cornered-the-government-on-health-services-took-suo-motu/article-155715"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/nhrc.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने मध्य प्रदेश के सिधी जिले में चिकित्सा सुविधाओं और जागरूकता के अभाव के कारण एक वर्ष के भीतर 53 गर्भवती महिलाओं की मौत होने की खबर का स्वतः संज्ञान लिया है। एनएचआरसी ने मंगलवार को बताया कि आयोग ने मामले को मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन से जुड़ा बताते हुए मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि मीडिया रिपोर्टों के अनुसार अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच सिधी जिले में प्रसव पूर्व और प्रसव के बाद कुल 53 महिलाओं की मौत हुई। इनमें अधिकांश महिलाएं पहली या दूसरी बार मां बनने वाली थीं तथा मृतकों की औसत आयु 26 वर्ष बताई गई है। आयोग ने कहा कि यदि रिपोर्ट में बताए गए तथ्य सही हैं तो यह मातृ स्वास्थ्य सेवाओं की गंभीर स्थिति को दर्शाता है और नागरिकों के स्वास्थ्य संबंधी अधिकारों के हनन का मामला बनता है।</p>
<p>आयोग ने इस पूरे मामले पर चिंता व्यक्त करते हुए राज्य सरकार से मातृ मृत्यु के कारणों, स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता, चिकित्सा कर्मियों की स्थिति तथा सुधारात्मक कदमों के संबंध में विस्तृत जानकारी मांगी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 13:00:51 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>जनहित में बड़ा कदम: EHCC हॉस्पिटल से हुआ MoU, जरूरतमंदों को मिलेगा बेहतर उपचार</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर में विभिन्न समाजसेवी संस्थाओं द्वारा निःशुल्क हृदय एवं मस्तिष्क रोग परिचर्चा शिविर आयोजित किया गया। पूर्व राज्यमंत्री राजीव अरोड़ा के निर्देशन में EHCC हॉस्पिटल के साथ जनहित में एमओयू किया गया। विशेषज्ञों ने बदलती जीवनशैली में गंभीर बीमारियों से बचाव और समय पर जांच के महत्व की जानकारी दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/big-step-in-public-interest-needy-will-get-better-treatment/article-155636"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/jaipur.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। समाजसेवी संस्थान यूनिराज एल्युमिनी फेडरेशन, सद्भावना के सिपाही संगठन, एस टी टी फाउंडेशन और साईनाथ चैरिटेबल ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में एक स्वास्थ्य परिचर्चा शिविर का सफल आयोजन किया गया। जनहित को समर्पित इस शिविर का उद्देश्य आमजन को हृदय एवं मस्तिष्क संबंधी रोगों के प्रति जागरूक करना था। शिविर में प्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. अतुल कासलीवाल और मस्तिष्क रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुराग सिहाग ने व्याख्यान दिए। दोनों विशेषज्ञों ने बदलती जीवनशैली में बढ़ते रोगों के कारण, बचाव और समय पर जांच के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही उपस्थित लोगों को निःशुल्क परामर्श भी प्रदान किया गया। </p>
<p>संस्थाओं के मार्गदर्शक संरक्षक एवं पूर्व राज्यमंत्री राजीव अरोड़ा के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि भी जुड़ी। संस्थाओं के प्रतिनिधि नितिन शारदा भगेरिया, के. विक्रम रस्तोगी, कैलाश शर्मा और अक्षय जैन मोदी ने EHCC हॉस्पिटल के साथ जनहित में MoU पर हस्ताक्षर किए, जिससे भविष्य में जरूरतमंदों को बेहतर उपचार सुलभ होगा। इस अवसर पर राजीव अरोड़ा ने पूर्ववर्ती गहलोत सरकार द्वारा स्वास्थ्य क्षेत्र में किए गए कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की सुलभ उपलब्धता सरकार की प्राथमिकता रही है। ऐसे शिविर समाज और संस्थाओं के सहयोग से स्वस्थ राजस्थान की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 Jun 2026 17:30:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>शुभेन्दु सरकार का बड़ा फैसला: सर्वाइकल कैंसर से लड़ने के लिए मुफ्त टीकाकरण अभियान की शुरूआत, 14 वर्षीय लड़कियों को होगा लाभ</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी ने मुफ्त ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) टीकाकरण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। केंद्र सरकार द्वारा भेजी गई 7 लाख से अधिक खुराकों के जरिए 14 वर्ष की किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षा दी जाएगी। यह टीका सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर मुफ्त उपलब्ध होगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-decision-of-shubhendu-government-start-of-free-vaccination-campaign/article-155501"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/bengal-cm.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी ने शनिवार को सर्वाइकल कैंसर को "महिलाओं को प्रभावित करने वाली दूसरी सबसे खतरनाक बीमारी" बताते हुए राज्यव्यापी ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) टीकाकरण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। यह टीकाकरण राज्य भर की किशोरियों को मुफ्त उपलब्ध कराया जाएगा, जो इस बीमारी के खिलाफ सरकार के ऐहतियाती स्वास्थ्य अभियान में एक महत्वपूर्ण कदम है।</p>
<p>कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन सॉल्ट लेक स्थित बिधाननगर उपमंडल अस्पताल में किया गया, जहां अधिकारी ने कोलकाता के एसएसकेएम अस्पताल में 100 बिस्तरों वाले नए वार्ड का भी दूरस्थ रूप से उद्घाटन किया। उन्होंने उद्घाटन कार्यक्रम में कहा, "सर्वाइकल कैंसर महिलाओं को प्रभावित करने वाली दूसरी सबसे खतरनाक बीमारी है। इस पहल से बंगाल भर की 14 वर्षीय लड़कियों को लाभ होगा।" कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य और दो डॉक्टर विधायक - शरदवत मुखर्जी और इंद्रनील खान - के साथ-साथ राज्य प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के शीर्ष अधिकारी उपस्थित थे।</p>
<p>टीकाकरण अभियान की शुरुआत लगभग 14 वर्ष की आयु की लड़कियों को लक्ष्य में रख कर की जाएगी, जो राज्य की ऐहतियाती स्वास्थ्य रणनीति का एक केंद्रीय स्तंभ है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस अभियान को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र द्वारा एचपीवी वैक्सीन की सात लाख से अधिक खुराकें उपलब्ध कराई गई हैं, जिन्हें राज्य भर के सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से वितरित किया जाएगा। अधिकारी ने सार्वजनिक स्वास्थ्य लाभों के सर्वविदित होने के बावजूद टीके की शुरुआत में देरी करने के लिए पूर्व तृणमूल कांग्रेस सरकार की आलोचना की।</p>
<p>एचपीवी वैक्सीन ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) के कारण होने वाले संक्रमण से सुरक्षा प्रदान करती है, जो विश्व स्तर पर गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर के अधिकांश मामलों के लिए जिम्मेदार है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ किशोरावस्था के दौरान टीकाकरण को इस बीमारी की रोकथाम के सबसे प्रभावी उपायों में से एक मानते हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने इससे पहले अधिकारी की उपस्थिति में एक बैठक में राज्य स्तरीय एचपीवी कार्यक्रमों की तात्कालिकता पर जोर दिया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि बड़ी संख्या में युवा लड़कियां गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर और संबंधित जटिलताओं के प्रति संवेदनशील बनी हुई हैं।</p>
<p>नड्डा ने कहा था कि निवारक स्वास्थ्य देखभाल और प्रारंभिक हस्तक्षेप केंद्र सरकार की सार्वजनिक स्वास्थ्य नीति के प्रमुख स्तंभ बने हुए हैं, और टीकाकरण कार्यक्रम दीर्घकालिक रूप से गंभीर बीमारियों के बोझ को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। राज्य सरकार ने कहा कि टीकाकरण अभियान राज्य भर के सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से चलाया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 30 May 2026 18:16:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>स्वास्थ्य विभाग में अनियमितता बर्दाश्त नहीं, जल्द होगी सिविल सर्जनों और डीपीएम की समीक्षा बैठक : निशांत कुमार</title>
                                    <description><![CDATA[बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने जदयू मुख्यालय में जनसुनवाई के दौरान अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल्द ही सिविल सर्जनों के साथ समीक्षा बैठक कर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जाएगा। मंत्री ने स्पष्ट किया कि विभाग में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/irregularities-will-not-be-tolerated-in-the-health-department-review/article-155226"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/nishant-kumar.png" alt=""></a><br /><p>पटना। बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने बुधवार को कहा कि जल्द ही सभी जिलों के सिविल सर्जनों और डीपीएम के साथ समीक्षा बैठक कर स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति की समीक्षा की जाएगी। जनता दल यूनाइटेड (जदयू)मुख्यालय में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने आम लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि बहुत जल्द राज्य के सभी जिलों के सिविल सर्जन एवं डीपीएम के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़, प्रभावी एवं मानकों के अनुरूप बनाने पर विस्तार से चर्चा होगी। </p>
<p>उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि स्वास्थ्य विभाग में किसी भी प्रकार की अनियमितता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। इस अवसर पर पटना के वरिष्ठ चिकित्सकों की एक टीम ने स्वास्थ्य मंत्री से शिष्टाचार मुलाकात भी की। बैठक में आम लोगों को बेहतर, सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। मुलाकात करने वालों में पद्मश्री डॉ .आर.एन.सिंह , डॉ. अब्दुल हई, डॉ. सहजानंद, डॉ. अखिलेश, डॉ. दिनेश एवं डॉ. रमेश प्रसाद सिंह सहित अन्य चिकित्सक शामिल थे। जनसुनवाई कार्यक्रम में परिवहन मंत्री दामोदर रावत ने भी लोगों की विभागीय समस्याएं सुनकर उनके समाधान के लिए आवश्यक पहल की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 28 May 2026 11:48:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार बनने से राज्य के नागरिकों को मिलेगा आयुष्मान भारत का लाभ: पीएम मोदी</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार के गठन के बाद आयुष्मान भारत योजना लागू होने का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि 'डबल-इंजन' सरकार अब बंगाल के लोगों को ₹5 लाख तक का मुफ्त इलाज और सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करेगी। सत्ता परिवर्तन के साथ ही केंद्रीय कल्याणकारी योजनाओं का मार्ग प्रशस्त हो गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/with-the-formation-of-bjp-government-in-west-bengal-the/article-153503"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/modi1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार बनने के बाद अब राज्य के लोगों को आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ मिलेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि नयी 'डबल-इंजन सरकार' प्रमुख केंद्रीय कल्याणकारी कार्यक्रमों का सुचारू क्रियान्वयन सुनिश्चित करेगी। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "पश्चिम बंगाल के मेरे भाइयों और बहनों का कल्याण सर्वोपरि है। मुझे बहुत खुशी है कि राज्य के लोगों को आयुष्मान भारत तक पहुंच मिलेगी, जो दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य देखभाल योजना है और शीर्ष गुणवत्ता वाली तथा सस्ती स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करती है। साथ ही, डबल-इंजन सरकार प्रमुख केंद्रीय योजनाओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करेगी।"</p>
<p>प्रधानमंत्री की यह टिप्पणी पश्चिम बंगाल में भाजपा द्वारा औपचारिक रूप से कार्यभार संभालने के बाद आई है। राज्य में तृणमूल कांग्रेस का 15 साल का शासन समाप्त हो गया और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार सत्ता से बाहर हो गई। भाजपा ने आयुष्मान भारत के क्रियान्वयन और केंद्र के साथ बेहतर समन्वय को अपने चुनावी अभियान का मुख्य मुद्दा बनाया था और पिछली तृणमूल सरकार पर राजनीतिक कारणों से कई केंद्र प्रायोजित योजनाओं को रोकने का आरोप लगाया था।</p>
<p>आयुष्मान भारत, जिसे आधिकारिक तौर पर प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के रूप में जाना जाता है, आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को माध्यमिक और तृतीयक अस्पतालों में भर्ती होने के लिए प्रति परिवार पांच लाख रुपये तक का वार्षिक स्वास्थ्य बीमा कवरेज प्रदान करती है। तृणमूल शासन के दौरान, पश्चिम बंगाल इस योजना से बाहर रहा था और इसके बजाय अपनी स्वास्थ्य बीमा योजना 'स्वास्थ्य साथी' चला रहा था, जिसे बनर्जी सरकार ने एक अधिक समावेशी विकल्प के रूप में पेश किया था।</p>
<p>भाजपा ने बार-बार तर्क दिया था कि आयुष्मान भारत से बाहर रहने से बंगाल के निवासी देश भर के सूचीबद्ध अस्पतालों के विस्तृत नेटवर्क के लाभ से वंचित रह गए। हालांकि, तृणमूल का मानना था कि स्वास्थ्य साथी व्यापक कवरेज प्रदान करती है और उसने केंद्र पर कल्याणकारी योजनाओं के वितरण का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया था। सत्ता परिवर्तन के साथ ही, नयी भाजपा सरकार से राज्य में आयुष्मान भारत को तेजी से लागू करने और अन्य कल्याणकारी पहलों को केंद्रीय योजनाओं के अनुरूप बनाने की उम्मीद है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/with-the-formation-of-bjp-government-in-west-bengal-the/article-153503</link>
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                <pubDate>Tue, 12 May 2026 13:09:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>पश्चिम बंगाल सरकार का बड़ा फैसला: कैबिनेट की पहली बैठक में बीएसएफ भूमि हस्तांतरण, आयुष्मान भारत को मंजूरी</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की पहली कैबिनेट बैठक में ऐतिहासिक निर्णय लिए गए। घुसपैठ रोकने के लिए BSF को जमीन हस्तांतरण, आयुष्मान भारत योजना लागू करने और सरकारी नौकरियों में 5 साल की छूट का ऐलान हुआ। साथ ही, रुकी हुई जनगणना शुरू करने और पारदर्शी विकास सुनिश्चित करने का संकल्प लिया गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/big-decision-of-west-bengal-government-bsf-land-transfer-to/article-153435"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/cm.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। पश्चिम बंगाल की नवगठित सरकार ने सोमवार को राज्य सचिवालय 'नबन्ना' में अपनी पहली कैबिनेट बैठक की। बैठक के बाद सरकार ने प्रशासनिक, सुरक्षा एवं कल्याण संबंधी उपायों की एक विस्तृत रुपरेखा तैयार की जिसमें भारत-बंगलादेश सीमा पर बाड़ लगाने के लिए सीमा सुरक्षा बल को भूमि हस्तांतरित करना और राज्य में आयुष्मान भारत स्वास्थ्य योजना सहित केंद्र की विभिन्न सामाजिक कल्याण योजनाओं को शुरू करना शामिल है।</p>
<p>मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कैबिनेट बैठक से बाहर निकलने के बाद कहा, "आज हमारी पहली कैबिनेट बैठक में हमने बीएसएफ को जमीन हस्तांतरित करने का निर्णय लिया है। यह हस्तांतरण प्रक्रिया आज से शुरू हो रही है और इसे अगले 45 दिनों के भीतर गृह मंत्रालय को हस्तांतरित कर दिया जाएगा। एक बार यह पूरा हो जाने के बाद, बीएसएफ सीमा पर बाड़ लगाने का काम पूरा कर लेगी और अवैध घुसपैठ के मुद्दे का समाधान थोड़े समय में कर लिया जाएगा।"</p>
<p>पश्चिम बंगाल में चुनाव अभियान के दौरान सीमा पर बाड़ लगाना एवं घुसपैठ की समस्या से निपटने के लिए बीएसएफ को भारत-बंगलादेश सीमा पर भूमि आवंटित करना भारतीय जनता पार्टी द्वारा उठाए गए मुख्य मुद्दों में शामिल था। भाजपा ने राज्य में पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार पर जानबूझकर अवसंरचना निर्माण के लिए बीएसएफ को जमीन नहीं देने का आरोप लगाया था। भाजपा का आरोप था कि तृणमूल कांग्रेस सक्रिय रूप से सीमा पार घुसपैठियों का समर्थन करती है जो बदले में नौ सीमावर्ती जिलों में उनके वोट बैंक बने हुए हैं। बंगलादेश के साथ राज्य की 2216.7 किमी लंबी भूमि सीमा लगती है जिसके एक बड़े हिस्से पर बाड़ नहीं लगी हुई है।</p>
<p>सीएम अधिकारी ने राज्य में बेरोजगारी की समस्या का समाधान करने के लिए सरकारी नौकरियों में आयु सीमा में छूट देने की भी घोषणा की। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि हमने राज्य में सरकारी नौकरियों में आवेदन करने के लिए ऊपरी सीमा में पांच साल की छूट देने का निर्णय लिया है। बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य को केंद्र की कई प्रमुख योजनाओं के साथ ज्यादा निकटता से जोड़ते हुए सुशासन, सुरक्षा एवं विकास को प्राथमिकता दी जाएगी।</p>
<p>शुभेंदु अधिकारी ने कहा, "राज्य में स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण चुनाव हुआ है। मैं पश्चिम बंगाल के लोगों को सरकार बनाने के लिए हम पर भरोसा करने के लिए आभार व्यक्त करता हूं।" मुख्यमंत्री द्वारा की गई प्रमुख घोषणाओं में राज्य में औपचारिक रूप से आयुष्मान भारत योजना लागू करने का निर्णय शामिल है। शुभेंदु अधिकारी के साथ उनके कैबिनेट मंत्री दिलीप घोष, निशीथ प्रमाणिक, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया और खुदीराम टुडू भी मौजूद थे। सीएम अधिकारी ने कहा कि हमने स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय में अपने समकक्षों से संपर्क करने और जल्द से जल्द सारी औपचारिकताएं पूरी करने का निर्देश दिया है। श्री अधिकारी ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के अलावा राज्य में जन आरोग्य योजना, फसल बीमा और उजाला योजना सहित केंद्र सरकार की अन्य कल्याणकारी योजनाओं को भी लागू किया जाएगा।</p>
<p>मुख्यमंत्री अधिकारी ने राज्य की प्रशासनिक संरचना में सुधारों की भी घोषणा की जिसमें आईएएस अधिकारियों को केंद्रीकृत प्रशिक्षण तंत्र से जोड़ने की योजना भी शामिल है। शुभेंदु अधिकारी ने जनगणना प्रक्रियाओं से संबंधित केंद्रीय गृह मंत्रालय के कुछ निर्देशों के कार्यान्वयन में कथित देरी के लिए पिछली तृणमूल सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि हमने आज जनगणना कार्य शुरू होने की पुष्टि करते हुए एक प्रशासनिक निर्देश जारी किया है और लंबे समय से लंबित यह अभ्यास आखिरकार 11 महीने की देरी के बाद शुरू हो रहा है।</p>
<p>उन्होंने कहा, "16 जून 2025 को, गृह मंत्रालय ने भारत के रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त कार्यालय के माध्यम से आधिकारिक अधिसूचना जारी की थी। इस बात को अब लगभग एक वर्ष हो चुका है लेकिन सत्ता में बैठे लोगों ने जानबूझकर जनगणना प्रक्रिया में देरी की। उनका उद्देश्य परिसीमन करने और महिलाओं, विशेषकर हमारी माताओं एवं बहनों के लिए आरक्षण का लाभ सुरक्षित करने की प्रधानमंत्री की पहल में बाधा उत्पन्न करना था। इस पर गौर करने के लिए हमारे पास एक तथ्याें की जांच करने वाली समिति होगी।"</p>
<p>मुख्यमंत्री अधिकारी ने लोगों को यह भी आश्वासन दिया कि मौजूदा सामाजिक कल्याण योजनाएं जारी रहेंगी। उन्होंने बल देकर कहा कि पारदर्शिता में सुधार लाने एवं लाभों के दुरुपयोग को रोकने के लिए सख्त सत्यापन प्रणाली शुरू की जाएगी। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि हम बेईमान लोगों को पिछले दरवाजे से एवं खामियों के माध्यम से इन योजनाओं का लाभ नहीं उठाने देंगे और सब कुछ पारदर्शी होगा। पश्चिम बंगाल की नवगठित सरकार ने प्रभावित परिवारों और भाजपा के मारे गये कार्यकर्ताओं के परिवारों एवं प्रियजनों को समर्थन देने का भी वादा किया। श्री अधिकारी ने यह भी कहा कि राजनीतिक हत्याओं में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि छह मई को श्री अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की उस समय गोली मारकर हत्या कर दी गई जब वह उत्तर 24 परगना में अपने घर लौट रहे थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 May 2026 16:15:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>20 हफ्ते प्रेग्नेंट नाबालिग को अबॉर्शन की इजाजत : सुप्रीम कोर्ट बोला-बलात्कार पीड़िताओं के लिए पुनर्विचार की जरूरत, डिलीवरी के लिए नहीं कर सकते मजबूर</title>
                                    <description><![CDATA[सुप्रीम कोर्ट ने बलात्कार पीड़िताओं के गर्भपात कानून में बदलाव की वकालत की है। अदालत ने कहा कि नाबालिगों के लिए 20 सप्ताह की सीमा न्याय में बाधा नहीं बननी चाहिए। पीड़िता के मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अनचाहा गर्भ किसी पर थोपा नहीं जा सकता और अंतिम निर्णय पीड़िता का होना चाहिए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/abortion-allowed-to-20-weeks-pregnant-minor-supreme-court-said/article-152185"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-11/supreme_court__1_1.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने गुरुवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें एक 15 वर्षीय नाबालिग के 30 सप्ताह के गर्भ को समाप्त करने की अनुमति देने वाले दो न्यायाधीशों की पीठ के एक आदेश को चुनौती दी गयी थी। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जोयमाल्य बागची की पीठ ने गर्भपात की अनुमति देते हुए एम्स को प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया। न्यायालय ने स्पष्ट रूप से कहा कि एम्स अपना निर्णय (कि गर्भपात नहीं किया जाना चाहिए) मां पर नहीं थोप सकता और महिला के पास निर्णय लेने का विकल्प होना चाहिए। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने टिप्पणी की, "अवांछित गर्भ का बोझ महिला पर नहीं डाला जा सकता।"</p>
<p>न्यायालय ने एम्स के डॉक्टरों को नाबालिग और उसके परिवार की काउंसलिंग करने तथा उन्हें प्रासंगिक मेडिकल रिपोर्ट और जानकारी साझा करने की स्वतंत्रता दी है, ताकि वे यह तय कर सकें कि गर्भावस्था को जारी रखना है या गर्भपात का विकल्प चुनना है।</p>
<p>इससे पहले 24 अप्रैल को न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना और न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां की पीठ ने गर्भपात की अनुमति दी थी। कल बुधवार को इसी पीठ ने एम्स की समीक्षा याचिका को खारिज करते हुए कहा था, "यह अजीब है कि याचिकाकर्ता एम्स उच्चतम न्यायालय के आदेश को मानने को तैयार नहीं है और इसके बजाय नाबालिग के संवैधानिक अधिकारों को विफल करने के लिए अदालत के आदेश को ही चुनौती दे रहा है।"</p>
<p>उच्चतम न्यायालय की डांट खाने के बावजूद एम्स ने अपने कदम पीछे नहीं खींचे और मामले में उपचारात्मक याचिका दायर कर दी। इसे मुख्य न्यायाधीश की पीठ के समक्ष तत्काल रखा गया। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि डॉक्टर अजन्मे बच्चे पर बहुत अधिक ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जबकि उस मां पर ध्यान नहीं दे रहे जो एक दर्द से गुजर रही है। उन्होंने कहा, "बच्चे पर बहुत अधिक ध्यान दिया जा रहा है और उस मां पर नहीं जिसने इतना कष्ट झेला है।"</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 14:08:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>महात्मा गांधी अस्पताल की पहल : टोंक में लगा निशुल्क कैंसर स्क्रीनिंग शिविर, सैकड़ों मरीजों ने उठाया लाभ</title>
                                    <description><![CDATA[महात्मा गांधी अस्पताल और रोटरी क्लब के सहयोग से टोंक में भव्य निशुल्क चिकित्सा शिविर आयोजित हुआ। मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. लोकेन्द्र शर्मा की मौजूदगी में कैंसर स्क्रीनिंग, मैमोग्राफी और विशेषज्ञ परामर्श सेवाएं दी गईं। बड़ी संख्या में मरीजों ने मुफ्त दवाइयों और आधुनिक जांचों का लाभ उठाकर अपनी सेहत सुनिश्चित की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/hundreds-of-patients-took-advantage-of-the-free-cancer-screening/article-151840"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/mahatam-gandhi.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। महात्मा गांधी अस्पताल, जयपुर के श्री राम कैंसर एंड सुपर स्पेशियलिटी सेंटर के तत्वावधान में रोटरी क्लब, टोंक एवं इनरव्हील क्लब, टोंक के संयुक्त सहयोग से अग्रवाल धर्मशाला, टोंक में निशुल्क चिकित्सा परामर्श एवं कैंसर स्क्रीनिंग शिविर का सफल आयोजन किया गया। शिविर के मुख्य अतिथि टोंक मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. लोकेन्द्र शर्मा रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार के शिविर ग्रामीण एवं  अर्धशहरी क्षेत्रों में कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान और उपचार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। </p>
<p>शिविर में पेट रोग विशेषज्ञ डॉ सुमित यादव, डॉ सुनील जानी, विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम द्वारा मरीजों को परामर्श एवं जांच सेवाएं प्रदान की गईं। इसमें न्यूरोलॉजी, गैस्ट्रोलॉजी, जनरल मेडिसिन, ऑर्थोपेडिक्स, कार्डियोलॉजी, कैंसर रोग, ईएनटी, यूरोलॉजी तथा स्त्री एवं प्रसूति रोगों से संबंधित परामर्श एवं उपचार शामिल रहे। शिविर में उपलब्ध प्रमुख सेवाओं में चेस्ट एक्स-रे, मेमोग्राफी, पैप स्मियर टेस्ट, मुंह के कैंसर की स्क्रीनिंग, ईसीजी, ब्लड शुगर एवं ब्लड प्रेशर जांच आदि शामिल रहीं। साथ ही, मरीजों को निःशुल्क दवाइयों का वितरण भी किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में मरीजों ने भाग लेकर विशेषज्ञ चिकित्सकों से लाभ प्राप्त किया। महात्मा गांधी अस्पताल के डायरेक्टर जनसंपर्क वीरेंद्र पारीक ने बताया कि इस आयोजन में रोटरी क्लब, टोंक एवं इनरव्हील क्लब, टोंक का विशेष सहयोग रहा। आयोजन को सफल बनाने में क्लब पदाधिकारियों एवं समाजसेवियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>टोंक</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 18:02:58 +0530</pubDate>
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