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                <title>entrepreneurship - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>महिला दिवस 2026 के उपलक्ष्य में “एक्सीलेंसी अवार्ड्स 2026” का पोस्टर लॉन्च</title>
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                        <![CDATA[अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर राजस्थान सरकार के उद्योग विभाग द्वारा "एक्सीलेंसी अवार्ड्स 2026" का आयोजन किया जाएगा। गुरुवार को इसका पोस्टर जारी किया गया। 8 मार्च को संविधान क्लब में होने वाले इस कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित करेंगे। नामांकन हेतु ऑनलाइन आवेदन शुरू हो चुके हैं।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/poster-launch-of-%E2%80%9Cexcellence-awards-2026%E2%80%9D-on-the-occasion-of/article-145407"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/rajasthali.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च के अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित करने के उद्देश्य से उद्योग एवं वाणिज्य विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा राजस्थली एम्पोरियम, जयपुर के सहयोग से आयोजित किए जाने वाले प्रतिष्ठित “एक्सीलेंसी अवार्ड्स 2026” का पोस्टर गुरुवार को जारी किया गया।<br />इस अवसर पर राजस्थली एम्पोरियम की निदेशक माया ठाकुर ने जानकारी देते हुए बताया कि इस पहल का उद्देश्य उन प्रेरणादायी महिलाओं को सम्मानित करना है, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में उत्कृष्ट नेतृत्व, नवाचार और समर्पण के माध्यम से समाज में उल्लेखनीय योगदान दिया है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में उद्योग एवं उद्यमिता, हैंडलूम एवं हस्तशिल्प, खेल, रक्षा एवं सार्वजनिक सेवा, स्टार्टअप एवं नवाचार तथा सोशल मीडिया एवं क्रिएटिव लीडरशिप जैसे विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को “एक्सीलेंसी अवार्ड्स 2026” से सम्मानित किया जाएगा। श्रीमती माया ठाकुर ने बताया कि कार्यक्रम का आयोजन 8 मार्च 2026 को संविधान क्लब ऑफ राजस्थान, जयपुर में किया जाएगा, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में राज्यवर्धन सिंह राठौड़, कैबिनेट मंत्री, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग, राजस्थान सरकार उपस्थित रहेंगे।</p>
<p>उन्होंने प्रदेश की विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत महिलाओं से अपील की कि वे इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए अपनी या अन्य योग्य महिलाओं की नामांकन प्रविष्टि अवश्य भेजें। नामांकन के लिए ऑनलाइन फॉर्म उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन महिलाओं की उपलब्धियों को मंच प्रदान करने और समाज में उनके योगदान को सम्मानित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 05 Mar 2026 18:17:46 +0530</pubDate>
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                <title>केंद्र सरकार ने दी 10,000 करोड़ रूपए के स्टार्टअप इंडिया फंड 2.0 को मंजूरी, उद्यम पूंजी की सुविधा बढ़ेगी</title>
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                        <![CDATA[प्रधानमंत्री मोदी ने स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए ₹10,000 करोड़ के स्टार्टअप इंडिया फंड 2.0 को मंजूरी दी। यह कोष डीप-टेक और नवाचार-आधारित विनिर्माण क्षेत्रों में निवेश को प्राथमिकता देगा।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/central-government-approves-rs-10000-crore-startup-india-fund-20/article-143202"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/1200-x-600-px)-(17).png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। सरकार ने देश में बढ़ते स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूती प्रदान करने के लिए 10 हजार करोड़ रु. के स्टार्टअप इंडिया फंड 2.0 को मंजूरी प्रदान की है। इसका उद्देश्य स्टार्टअप इकाइयों के लिए उद्यम पूंजी कोष को अधिक सुलभ बनाना है।</p>
<p>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को स्टार्टअप इंडिया फंड 2.0 की स्थापना के प्रस्ताव को मंजूरी दी। सूचना प्रसारण मंत्री अश्चिनी वैष्णव ने शनिवार को संवाददाता सम्मेलन में इसकी जानकारी देते हुए कहा कि यह योजना भारत के स्टार्टअप सफर के अगले चरण को तेज करने के लिए तैयार की गई है। </p>
<p>वर्ष 2016 में शुरू की गयी स्टार्टअप इंडिया पहल के तहत शुरू किये गये इस कोष के बारे में सरकार ने कहा है, इस कोष के गठन का उद्देश्य दीर्घकालिक घरेलू पूंजी को आकर्षित करना, वेंचर कैपिटल इकोसिस्टम को मजबूत बनाना और देशभर में नवाचार-आधारित उद्यमिता को बढ़ावा देना है। इसे देश में नवाचारों को अगले स्तर पर ले जाने के लिए तैयार किया गया है। यह डीप टेक और तकनीक-आधारित नवोन्मेषी विनिर्माण उच्च-तकनीकी क्षेत्रों में ऐसे नवाचारों को उद्यम पूंजी सहाता करने को प्राथमिकता देगा जिन्हें दीर्घकालिक और धैर्यपूर्ण पूंजी की आवश्यकता होती है।</p>
<p>देश में स्टार्टअप वातावरण का अभूतपूर्व रूप से विकास हुआ है। पिछले एक दशक में पंजीकृत एवं उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग से मान्यता प्राप्त स्टार्टअप इकाइयों की संख्या जो 500 से भी कम थी, बढ़ कर दो लाख से अधिक हो चुकी है। स्टार्टअप इंडिया फंड 2.0 का गठन स्टार्ट अप के लिए शुरू किये गये पहले फंड ऑफ फंड्स (एफएफएस 1.0) की मजबूत सफलता पर आधारित है। एफएफएस 1.0 के अंतर्गत 10,000 करोड़ रुपये की पूरी राशि से 145 वैकल्पिक निवेश कोषों(एआईएफ) की मदद की गयी। इन वैकल्पिक निवेश कोषों ने देशभर के 1,370 से अधिक स्टार्टअप्स में 25,500 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है। यह निवेश पाने वाली इकाइयों में कृषि, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, ऑटोमोबाइल, क्लीन टेक, उपभोक्ता वस्तुएं एवं सेवाएं, ई-कॉमर्स, शिक्षा, फिनटेक, खाद्य एवं पेय पदार्थ, स्वास्थ्य सेवा, विनिर्माण, स्पेस टेक और बायोटेक्नोलॉजी सहित अनेक क्षेत्रों में काम करने वाली स्टार्टअप इकाइयां शामिल हैं। </p>
<p>सरकार का कहना है कि एफएफएस 1.0 ने पहली बार उद्यम शुरू करने वाले संस्थापकों को समर्थन देने, निजी पूंजी को आकर्षित करने और भारत के वेंचर कैपिटल इकोसिस्टम की मजबूत नींव तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्टार्टअप इंडिया फंड 2.0 नवप्रवर्तनकारी विचारों के साथ शुरू की गयी इकाइयों को उनके काम के शुरुआती विकास चरण में उन्हें मजबूती प्रदान करने के लिए बनाया जा रहा है। ऐसी इकाइयों के लिए शुरुआती चरण में धन की कमी के कारण विफलता का जोखिम ज्यादा होता है।</p>
<p>इसमें बड़े महानगरों से दूर के इलाकों में भी निवेश को प्रोत्साहित कर देश के हर कोने में नवाचार को बढ़ावा देने, उद्यम पूंजी की बड़ी कमी का समाधान करने तथा आत्मनिर्भरता और आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में अधिक पूंजी का प्रवाह सुनिश्चित करना है। इससे घरेलू उद्यम पूंजी आधार मजबूत होने छोटे निवेश कोषों के लिए को काम का परिदृश्य मजबूत होने की उम्मीद है।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 14 Feb 2026 18:39:23 +0530</pubDate>
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                <title>भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने केंद्रीय बजट को विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने वाला विजन पत्र बताया, पायलट पर किया पलटवार</title>
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                        <![CDATA[उदयपुर में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने केंद्रीय बजट को गरीब, किसान, युवा और महिलाओं के सशक्तिकरण वाला विकसित भारत का मजबूत विजन बताया।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/udaipur/rathods-vision-letter-realizing-the-concept-of-budget-developed-india/article-141758"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/madan-rathore-22.jpg" alt=""></a><br /><p>उदयपुर। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष व राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ ने केंद्र सरकार की ओर से लोकसभा में प्रस्तुत बजट को विकसित भारत के संकल्प को ठोस आधार देने वाला बताते कहा कि यह बजट गरीब, किसान, युवा, महिला, मध्यम वर्ग और उद्यमी-सभी के सशक्तिकरण की स्पष्ट दिशा दिखाता है। इसे केवल बजट कहना न्यायसंगत नहीं होगा, बल्कि यह विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना को साकार करने वाला विजन पत्र है। </p>
<p>राठौड़ सोमवार को पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह हर नागरिक के सपनों और आकांक्षाओं की मजबूत नींव रखने वाला है। उन्होंने कहा कि सरकार की पहचान रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म रही है और इस रिफॉर्म एक्सप्रेस का सबसे मजबूत इंजन नारी शक्ति है। बजट में महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा और स्वावलंबन को केंद्र में रखा गया है। देशभर के प्रत्येक जिले में एक महिला छात्रावास की स्थापना का प्रस्ताव है, जिसके लिए लगभग 10,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है। </p>
<p>सफल लखपति दीदी योजना का विस्तार कर महिलाओं को उद्यमी बनाने पर जोर दिया जाएगा। युवाओं के सपनों को उड़ान देने के लिए, कौशल विकास और रोजगार के व्यापक अवसर सृजित किए गए हैं। इसमें 15,000 माध्यमिक विद्यालयों और 500 महाविद्यालयों में ए.वी.जी.सी. कंटेंट क्रिएटर लैब की स्थापना शामिल है। किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को आधुनिक बनाने के लिए भारत-विस्तार नामक बहुभाषीय ए.आई. टूल का उपयोग किया जाएगा।  </p>
<p>पायलट को क्या पता आटे-दाल का भाव</p>
<p>पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने केंद्रीय बजट को दिशाहीन एवं भ्रमित बताया था। राठौड़ ने पायलट पर पलटवार करते कहा कि सचिन पायलट को कभी कुछ खरीदने को मिला है क्या, वे स्व. राजेश पायलट के बेटे हैं। उनका आटे-दाल के भाव थोड़ी पता है। इससे एक दिन पूर्व पायलट ने कहा था कि महंगाई नियंत्रण के लिए कोई सशक्त और ठोस उपाय बजट में नहीं है। वहीं पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने केंद्रीय बजट को प्रदेश के साथ हो रहे सौतेलेपन की झलक बताया था। इस पर राठौड़ ने कहा कि गहलोत हमारे बजट की तारीफ करेंगे तो उनकी दुकान खाली हो जाएगी। </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>उदयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 03 Feb 2026 13:10:49 +0530</pubDate>
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                <title>मन की बात: स्टार्टअप्स में गुणवत्ता को बनाएं अपना 'बेंचमार्क', विकसित भारत के लिए 'जीरो डिफेक्ट-जीरो इफेक्ट' जरूरी </title>
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                        <![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात में युवाओं और उद्योग से गुणवत्ता को प्राथमिकता देने की अपील की। कहा, भारतीय उत्पादों की पहचान विश्वस्तरीय गुणवत्ता से होनी चाहिए।]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/mann-ki-baat-make-quality-your-benchmark-in-startups-zero/article-140779"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/modi1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को देश के युवाओं और उद्योग जगत से गुणवत्ता को अपना मूल मंत्र बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि होता है, चलता है का युग अब समाप्त हो चुका है और भारतीय उत्पादों की पहचान दुनिया में टॉप क्वालिटी के रूप में होनी चाहिए। वर्ष 2026 के अपने पहले मन की बात की 130वीं कड़ी में प्रधानमंत्री मोदी ने देश के स्टार्टअप इकोसिस्टम, जल संरक्षण और उभरते हुए भजन क्लबिंग जैसे सांस्कृतिक रुझानों पर विस्तार से चर्चा की।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। उन्होंने कहा, भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है और दुनिया की नजरें हम पर हैं। ऐसे में हमारी जिम्मेदारी है कि हम उत्कृष्टता को अपना बेंचमार्क बनाएं। हमारा संकल्प होना चाहिए कि गुणवत्ता में न कोई कमी होगी और न कोई समझौता। </p>
<p>प्रधानमंत्री ने वर्ष 2016 में शुरू हुई स्टार्टअप इंडिया की यात्रा को याद करते हुए इसे देश के भविष्य के लिए एक मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि आज हमारे स्टार्टअप एआई, स्पेस, न्यूक्लियर एनर्जी और सेमीकंडक्टर्स जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में काम कर रहे हैं, जिनकी कल्पना 10 साल पहले तक मुश्किल थी।</p>
<p>गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए प्रधानमंत्री ने आज 'राष्ट्रीय मतदाता दिवस' के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि 18 वर्ष की आयु पूरी करने पर मतदाता के रूप में पंजीकरण को एक उत्सव की तरह मनाएं। उन्होंने सुझाव दिया कि जब कोई युवा पहली बार वोटर बने, तो समाज को उसका अभिनंदन करना चाहिए ताकि लोकतांत्रिक भागीदारी के प्रति जागरूकता बढ़े।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में तमसा नदी के पुनरुद्धार और आंध्र प्रदेश के अनंतपुर में अनंत नीरू संरक्षणम प्रोजेक्ट की सराहना की। उन्होंने बताया कि कैसे स्थानीय लोगों ने एकजुट होकर प्रदूषित नदियों को साफ किया और सूखे प्रभावित क्षेत्रों में जलाशयों को नया जीवन दिया।</p>
<p>सांस्कृतिक विषयों पर चर्चा करते हुए पीएम मोदी ने जीजी के बीच लोकप्रिय हो रहे भजन क्लबिंग का जिक्र किया। उन्होंने कहा, युवा भक्ति को अपनी जीवन शैली में ढाल रहे हैं। मंच आधुनिक हो सकता है, लेकिन भजन की गरिमा और शुचिता अक्षुण्ण है। उन्होंने मलेशिया में भारतीय प्रवासियों द्वारा तमिल भाषा के संरक्षण और वहां आयोजित लाल पाड़ साड़ी वॉक की भी सराहना की।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने अरुणाचल प्रदेश के युवाओं के 11 लाख किलो कचरा साफ करने और मध्य प्रदेश के पन्ना में बीट-गार्ड जगदीश प्रसाद अहिरवार द्वारा औषधीय पौधों का डेटाबेस तैयार करने जैसे प्रयासों को सराहा। उन्होंने बताया कि एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत अब तक 200 करोड़ से ज्यादा पेड़ लगाए जा चुके हैं।</p>
<p>संबोधन के अंत में उन्होंने श्री अन्न के प्रति बढ़ते वैश्विक आकर्षण पर खुशी जताई। उन्होंने तमिलनाडु की महिला किसानों और राजस्थान के किसान उत्पादक संगठनों का उदाहरण दिया जो मोटे अनाज से रेडी टू ईट उत्पाद बना रहे हैं। प्रधानमंत्री ने आगामी फरवरी माह में होने वाले इंडिया एआई इंपैक्ट समित का उल्लेख करते हुए अपनी बात समाप्त की और देशवासियों को गणतंत्र दिवस की बधाई दी।</p>
<p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्योग और युवा स्टार्टअप से गुणवत्ता को प्राथमिकता देने और उत्कृष्टता को मानक बनाने की अपील करते हुए रविवार को कहा कि देश को विकसित बनाने के लिए यह बेहद जरूरी है। अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बात के 130वें संस्करण में पीएम मोदी ने 10 साल पहले जनवरी 2016 में शुरू हुए स्टार्टअप इंडिया का जिक्र करते हुए कहा कि इसके माध्यम से कई युवाओं ने बंधे-बंधाये सहज दायरे से बाहर निकलकर ऐसे नवाचार कर रहे हैं जो इतिहास में दर्ज हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि उस समय भी सरकार को एहसास था कि भले ही यह छोटी पहल क्यों ने हो लेकिन युवा-पीढ़ी और देश के भविष्य के लिए काफी अहम है।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा, मैं देशवासियों, विशेषकर इंडस्ट्री और स्टार्टअप से जुड़े युवाओं से एक आग्रह जरूर करना चाहता हूँ। देश की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है। भारत पर दुनिया की नजरें हैं। ऐसे समय में हम सब पर एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी भी है-गुणवत्ता पर जोर देने की। आइये इस वर्ष हम पूरी ताकत से गुणवत्ता को प्राथमिकता दें।</p>
<p>गुणवत्ता में निरंतर बेहतरी की जरूरत पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि चाहे हमारे वस्त्र हों या प्रौद्योगिकी, भारतीय उत्पादों की पहचान की उनकी गुणवत्ता से होनी चाहिये। उन्होंने युवा स्टार्टअप से उत्कृष्टता को हम अपना मानक बनाने की अपील की। उन्होंने कहा, हम संकल्प लें कि गुणवत्ता में न कोई कमी होगी, न गुणवत्ता से कोई समझौता होगा। ऐसा करके ही हम विकसित भारत की यात्रा को तेजी से आगे ले जा पाएंगे।</p>
<p>पीएम मोदी ने कहा कि स्टार्टअप इंडिया मिशन का परिणाम यह हुआ कि आज भारत स्टार्टअप के मामले में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा देश बन चुका है। ये स्टार्टअप लीक से हट कर हैं। वे ऐसे सेक्टरों में काम कर रहे हैं, जिनके बारे में 10 साल पहले तक कल्पना भी नहीं की जा सकती थी। एआई से लेकर अंतरिक्ष तक, परमाणु ऊर्जा से लेकर सेमीकंडक्टर तक, हर क्षेत्र में कोई न कोई भारतीय स्टार्टअप काम करते हुए दिख जाता है। </p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Sun, 25 Jan 2026 12:44:03 +0530</pubDate>
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                <title>1 लाख सरकारी पदों की भर्ती परीक्षा का कैलेण्डर किया जारी: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा</title>
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                        <![CDATA[मुख्यमंत्री ने युवाओं को 4 लाख सरकारी नौकरियों का भरोसा दिया और बांसवाड़ा को मॉडल जिला बनाने हेतु नवाचार अपनाने की अपील की।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/chief-minister-bhajanlal-sharma-released-the-calendar-of-recruitment-examination/article-139710"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/banswara.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री  भजनलाल शर्मा ने कहा कि वागड़ की धरती की असली ताकत हमारे युवा हैं। विकसित राजस्थान बनाने में भी इनकी भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार अपनी नीतियों और निर्णयों से युवाओं के लिए रोजगार के साथ ही स्वरोजगार के भरपूर अवसर उपलब्ध करवा रही है। उन्होंने कहा कि बांसवाड़ा के सर्वांगीण विकास के लिए भी राज्य सरकार कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। <br />    <br /> शर्मा गुरुवार को मुख्यमंत्री आवास पर बांसवाड़ा जिले के युवाओं के साथ संवाद कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने पांच साल में 4 लाख सरकारी नौकरी तथा 6 लाख रोजगार निजी क्षेत्र में देने का लक्ष्य रखा है। इस कड़ी में 1 लाख से अधिक पदों पर नियुक्तियां दे दी गई हैं। उन्होंने कहा कि दो साल में एक भी पेपरलीक नहीं हुआ है। साथ ही, हमारी सरकार हर वर्ष का भर्ती कैलेण्डर जारी कर रही है। इस वर्ष भी 1 लाख सरकारी पदों की भर्ती परीक्षा का कैलेण्डर जारी किया है। उन्होंने कहा कि करीब 2 लाख युवाओं को इंटर्नशिप करवाई है और मुख्यमंत्री युवा संबल योजना में 4 लाख से ज्यादा युवाओं को 1150 करोड़ रुपये का भत्ता मिला है। <br />    <br />मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट का आयोजन किया, जिसके तहत हुए कुल एमओयू में से 8 लाख करोड़ रुपये के एमओयू की ग्राउण्ड ब्रेकिंग हो चुकी है। इससे युवाओं को रोजगार के अवसर मिल रहे है। उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए नवीन युवा नीति भी जारी की गई है। जिससे उन्हें उद्यमशीलता, स्टार्टअप्स सहित विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर मिल सकेंगे। बांसवाड़ा में औद्योगिक क्षेत्रों के विकास से उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है। साथ ही, आधारभूत संरचनाओं का निरंतर विकास भी हो रहा है।<br />    <br /> शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार वर्ष 2027 तक किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराने के लिए काम कर रही है। इसी क्रम में, अभी 22 जिलों में दिन में बिजली दी जा रही है। साथ ही, पेयजल परियोजनाओं पर भी निरंतर कार्य हो रहा है। उन्होंने कहा कि बांसवाड़ा के किसानों को केन्द्र व राज्य सरकार की कृषि योजनाओं से लाभान्वित कर रहे हैं। किसानों को पर्याप्त मात्रा में बीज मिनीकिट और उर्वरक भी उपलब्ध कराया जा रहा है।  <br />    <br />मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बांसवाड़ा और डूंगरपुर को प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए कार्ययोजना बनाकर काम कर रही है। यहां के युवा नवाचार को अपनाकर आगे बढ़े। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को मुख्य धारा में लाने के लिए तेजी से काम कर रही है। <br />    <br /> शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास-सबका प्रयास के दिखाए मार्ग पर चलकर विकसित राजस्थान के लिए हमारी डबल इंजन की सरकार काम कर रही है। उन्होंने युवाओं से नवाचार अपनाने और सामाजिक एकता को मजबूत बनाकर बांसवाड़ा को मॉडल जिला बनाने की अपील की। संवाद में युवाओं ने पेपरलीक पर लगाम लगाने, 1 लाख से अधिक पदों पर नियुक्ति देने और वर्ष 2026 के भर्ती परीक्षा का कैलेण्डर जारी करने के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद ज्ञापित किया। <br />    <br />संवाद में युवाओं ने बांसवाड़ा में शिक्षा, कृषि, सहकारिता, आधारभूत संरचना, धार्मिक पर्यटन, उद्योग और आदिवासी कल्याण सहित विभिन्न विषयों पर अपने सुझाव साझा किए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने युवाओं के साथ बेणेश्वर धाम व आस-पास के क्षेत्र के सौंदर्यीकरण से संबंधित कार्ययोजना की पीपीटी देखी।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 15 Jan 2026 17:27:56 +0530</pubDate>
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                <title>अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर मुंडियारामसर में कौशल रोजगार एवं उद्यमिता शिविर, राठौड़ ने कहा- हिम्मत और हुनर के दम पर युवा हासिल करें मुकाम </title>
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                        <![CDATA[कौशल, नियोजन एवं उद्यमिता विभाग के कैबिनेट मंत्री राज्यवर्द्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि युवा देश का भविष्य हैं]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rathore-skill-employment-and-entrepreneurship-camp-at-mundiyamsar-on-international/article-106916"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/news-(4).png" alt=""></a><br /><p> जयपुर। कौशल, नियोजन एवं उद्यमिता विभाग के कैबिनेट मंत्री राज्यवर्द्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि युवा देश का भविष्य हैं, युवा जीवन में असफलताओं से हताश होने के बजाय असफलतओं को सफलता की सीढ़ी बनाएं और हिम्मत एवं हुनर के दम पर अपना मुकाम हासिल करें। राजस्थान सरकार युवाओं की प्रतिभा तलाशने एवं तराशने का काम कर रही है। राठौड़ ने अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर उपक्षेत्रीय रोजगार कार्यालय जयपुर की ओर से राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, मुंडियारामसर में शनिवार को आयोजित विशाल कौशल रोजगार एवं उद्यमिता शिविर को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर उनके जीवन को खुशहाल बनाने का प्रयास कर रही है। राजस्थान सरकार आगामी वर्ष में 1 लाख 25 हजार सरकारी नौकरियां एवं करीब 1 लाख 50 हजार निजी क्षेत्र में रोजगार प्रदान करेगी।  राज्य मंत्री के. के. विश्नोई ने भी आशार्थियों एवं नियोजकों को मार्गदर्शन दिया। कौशल,रोजगार एवं उद्यमिता विभाग के आयुक्त गौरव सैनी ने मेले का अवलोकन कर सभी आगन्तुक नियोजकों के मेले में उपस्थित होने पर आभार व्यक्त किया।</p>
<p> रोजगार विभाग के निदेशक धर्मपाल मीणा ने बताया कि विभाग की ओर से मुख्यमंत्री युवा संबल योजना के तहत 577 करोड़ की राशि वितरित की है। उप प्रादेशिक रोजगार कार्यालय की उपनिदेशक नवरेखा ने बताया कि इस मौके पर अतिथियों द्वारा 20 नवनियुक्त कार्मिकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए तथा रोजगार के अवसर प्रदान करने वाले 10 निजी नियोजकों को सम्मानित किया गया। मेगा रोजगार मेले में 3893 आशार्थियों ने भाग लिया।  </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 09 Mar 2025 10:54:59 +0530</pubDate>
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                <title>उद्यमिता में भी भारतीय महिलाओं का परचम</title>
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                        <![CDATA[ग्रामीण महिलाओं की ओर देखें तो वे कृषि, पशुपालन, सिलाई, कशीदाकारी आदि का व्यवसाय कर अपने परिवारों को समृद्ध बनाने के साथ-साथ रोजगार सृजन और वित्तीय आधार को मजबूत करके ग्रामीण अर्थव्यवस्था और बुनियादी ढांचे के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/indian-women-also-excel-in-entrepreneurship/article-60949"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/sizte--(2)14.png" alt=""></a><br /><p>पहले यह धारणा परंपरागत रूप से बनी हुई थी कि महिलाएं उद्यमिता में जाने से कतराती हैं। इस सोच को आज के दौर की महिलाओं ने बदल कर रख दिया है। चाहे उद्यमिता का क्षेत्र हो या फिर कोई अन्य, महिलाओं ने अपने पैरों पर खड़े होकर न सिर्फ स्वयं को आत्मनिर्भर बनाया है, बल्कि वे परिवार का सहारा भी बनी है। पिछले कुछ वर्षों में वास्तव में देश में उद्यमियों के रूप में उद्यम करने और सफल होने वाली महिलाओं की संख्या में काफी इजाफा हुआ है, जिससे देश की सामाजिक और आर्थिक जनसांख्यिकी प्रभावित हुई है। आज देश में 20 प्रतिशत से अधिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों का स्वामित्व महिलाओं के पास है। यह कुल श्रम शक्ति का 23.3 प्रतिशत है। यह देखना दिलचस्प है कि देश का लगभग 50 प्रतिशत स्टार्ट-अप इकोसिस्टम वर्तमान में महिलाओं द्वारा सशक्त है। महिला बल की इस बढ़ती भागीदारी से रोजगार का सृजन हुआ है। हजारों परिवारों को गरीबी से बाहर निकालने में मदद मिली है। महिलाएं जो हमेशा अपने नेतृत्व कौशल के लिए जानी जाती हैं, आज बाधाओं को तोड़ रही हैं और इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण जैसे नए युग के उद्योगों पर हावी हो रही हैं, जहां 50 प्रतिशत से अधिक कर्मचारी महिलाएं हैं।<br /><br />इसके अलावा कृषि क्षेत्र में जहां मुख्य रूप से पुरुष प्रधान क्षेत्र नियोजित महिलाओं का प्रतिशत पुरुषों की तुलना में अधिक है। यह देखते हुए कि भारत की महिला साक्षरता दर अब 68 प्रतिशत बढ़ गई है, जो आजादी के समय 9 प्रतिशत से बढ़कर वर्तमान में 77 प्रतिशत हो गई है। महिला साक्षरता की बढ़ती दर के अलावा देश में महिला उद्यमिता की निरंतर वृद्धि में योगदान देने वाले कई अन्य कारक हैं, जो भारत को अगले पांच वर्षों में महिला उद्यमियों के लिए एक केंद्र बना सकता है। सरकार और समाज के साझा प्रयासों के कारण आज भारतीय महिलाएं फुटकर व्यापार, रेस्टोरेंट, होटल, ब्यूटी पार्लर, फैशन डिजाइन, ऑटोमोबाइल, टूर एंड ट्रेवल्स, फूड प्रोसेसिंग, कंप्यूटर सॉफ्टवेयर, हस्तशिल्प, कृषि, कुटीर उद्योग आदि क्षेत्रों में अनवरत रूप से सफलता के नवीन कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं।<br /><br />ग्रामीण महिलाओं की ओर देखें तो वे कृषि, पशुपालन, सिलाई, कशीदाकारी आदि का व्यवसाय कर अपने परिवारों को समृद्ध बनाने के साथ-साथ रोजगार सृजन और वित्तीय आधार को मजबूत करके ग्रामीण अर्थव्यवस्था और बुनियादी ढांचे के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इन ग्रामीण महिलाओं के लघु और कुटीर उद्योग आधारित व्यावसायिक बुनियादी ढांचे के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका है। सरकारी योजनाओं के अलावा विलेज फाइनेंशियल सर्विसेस जैसी माइक्राफाइनांस कंपनियों ने लघु ऋण प्रदान के माध्यम से नकद आपूर्ति कर अपना हाथ बंटाया है। भारत में महिला उद्यमियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन अभी भी ऐसे कई कारण हैं, जिनकी वजह से महिलाएं उद्यमशीलता का रास्ता अपनाने से कतराती हैं। हाल के अध्ययनों से पता चलता है कि उद्यमिता पर अभी भी पुरुष संस्थापकों का वर्चस्व है। हाल के वर्षों में कार्यस्थल समानता की दिशा में की गई प्रगति के बावजूद व्यवसायों में महिलाएं अभी भी बड़े पैमाने पर कम प्रतिनिधित्व और कम वेतन पर काम कर रही हैं।<br /><br />अधिकांश महिलाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने से रोकने वाली नंबर एक बाधा उनकी फंडिंग तक पहुंच है। वास्तव में पुरुषों की तुलना में लगभग दोगुनी महिलाओं ने इसे व्यवसाय शुरू न करने का मुख्य कारण बताया, जो एक महत्वपूर्ण लिंग अंतर को दर्शाता है। सबसे बड़ी लिंग विसंगति परिवार और देखभाल की जिम्मेदारियों से संबंधित है, जो पुरुषों की तुलना में महिलाओं को अधिक प्रभावित करती है। भारत में महिला उद्यमियों को सीमित वित्तीय संसाधनों और पूंजी तक पहुंचने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। सीमित आर्थिक सुरक्षा, सम्पत्ति के स्वामित्व की कमी और सामाजिक बाधाओं के कारण पारंपरिक ऋणदाता महिलाओं को ऋण देने से झिझकते रहे हैं। ये ऋणदाता अक्सर गारंटी के साथ-साथ अन्य सख्त शर्तों की मांग करते हैं, जिससे महिलाओं के लिए ऋण प्राप्त करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।<br />एक अध्ययन के अनुसार, भारत में महिलाओं की अगुवाई वाले कारोबार के लिए करीब 20.5 अरब डॉलर की पूंजी का अभाव है। पुरुषों की तुलना में महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यमों में ज्यादा मुनाफा 19 फीसदी की तुलना में 31 प्रतिशत होने के बाद भी उनके कर्ज मांगने के खारिज होने का अनुपात कहीं ज्यादा यानी पुरुषों के 8 प्रतिशत की तुलना में 19 फीसदी है और वे सूक्ष्म छोटे और मध्यम उद्योगों को सरकारी बैंकों द्वारा दिए जाने वाले कुल कर्ज का केवल 5 प्रतिशत हिस्सा हासिल कर पाती हैं। भारत में महिलाओं की उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय तकनीक के जरिए कर्ज देने में लैंगिक बराबरी को बढ़ावा देने की जरूरत है। हालांकि हाल के वर्षों में डिजिटल ऋण देने वाले प्लेटफार्मों के बढ़ने से महिलाओं के लिए न्यूनतम प्रतीक्षा समय के साथ व्यावसायिक ऋण प्राप्त करना आसान हो गया है और यही कारण है कि पहले की तुलना में महिला उद्यमियों की संख्या भी बढ़ी है।  <br /><br />-गीता यादव<br />(ये लेखक के अपने विचार हैं)</p>]]>
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                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 31 Oct 2023 11:47:34 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur]]>
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                <title>बेरोजगारी दूर करने के लिए स्वरोजगार व उद्यमिता जरूरी : अर्चना मीना</title>
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                        <![CDATA[आदर्श विद्या मंदिर पिपलाई, बामनवास एवं बौंली में स्वावलंबी भारत अभियान के अंतर्गत क्षेत्र के पत्रकारों को आमंत्रित कर एक संगोष्ठी व दीपावली स्रेह मिलन समारोह का आयोजन कर स्वावलंबी भारत अभियान को सफल बनाने में सभी से सहयोग की अपील की।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/sawai-madhopur/self-employment-and-entrepreneurship-necessary-to-remove-unemployment-archana-meena/article-27403"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-10/87.jpg" alt=""></a><br /><p>बौंली। जिले की प्रमुख समाज सेविका एवं स्वावलंबी भारत अभियान की राष्ट्रिय सह.समन्वयक व स्वदेशी जागरण मंच की महिला प्रांत प्रमुख, दौसा सांसद जसकौर मीना की पुत्री अर्चना मीना द्वारा अपने जिले सवाई माधोपुर के युवाओं एवं महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में गत कई वर्षों से विभिन्न नवाचार किये जा रहे हैं। इसी कड़ी में उन्होंने आदर्श विद्या मंदिर पिपलाई, बामनवास एवं बौंली में स्वावलंबी भारत अभियान के अंतर्गत क्षेत्र के पत्रकारों को आमंत्रित कर एक संगोष्ठी व दीपावली स्रेह मिलन समारोह का आयोजन कर स्वावलंबी भारत अभियान को सफल बनाने में सभी से सहयोग की अपील की। इस अवसर पर अर्चना मीना ने कहा कि भारत में युवाओं के सपनों को साकार करने के मध्य खड़ी सबसे बड़ी चुनौती बेरोजगारी है। किंतु किसी भी देश का विकास उसके देशवासियों की इच्छा शक्ति और विपरीत परिस्थितियों को अपने प्रयासों से अनुकूल बनाने की बौद्धिक सामर्थ्य पर निर्भर है।</p>
<p>इसी अवधारणा के साथ हमारे देश में स्वदेशी जागरण मंच एवं अन्य विभिन्न आर्थिकए सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों ने मिल कर स्वावलंबी भारत अभियान को प्रारंभ किया हैए जिसमें युवाओं को स्वरोजगार, कौशल विकास एवं उद्यमिता के लिए प्रेरित कर रोजगार मांगने वाला नहीं बल्कि रोजगार देने वाला बनाने का लक्ष्य है। अर्चना मीना ने स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण आत्मनिर्भर सवाई माधोपुर की ओर एक कदम मिशन की शुरुआत भी की है जिसमें स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा निर्मित खाद्य पदार्थ जैसे आचार, पापड़, मसाले, मुखवास, हस्तशिल्प एवं होटल में काम आने वाली अन्य उपयोगी वस्तुओं को होटल व्यवसायियों द्वारा स्थानीय स्वयं सहायता समूहों से ही खरीदने का अनुबंध किया गया था। इस अवसर पर अर्चना मीना ने बताया की स्वयं सहायता समूहों का निर्माण जितना आवश्यक है उससे भी एक कदम आगे बढ़ कर स्वयं सहायता समूहों का सशक्तिकरण महत्वपूर्ण है। इन समूहों की परिकल्पना महिलाओं की आत्मनिर्भरता के धरातल पर टिकी है।</p>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>सवाई माधोपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/sawai-madhopur/self-employment-and-entrepreneurship-necessary-to-remove-unemployment-archana-meena/article-27403</link>
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                <pubDate>Fri, 21 Oct 2022 13:15:09 +0530</pubDate>
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