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                <title>PMLA - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>PMLA RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>क्रिप्टोकरेंसी मामला: कर्नाटक के कांग्रेस विधायक हारिस के परिवार पर ईडी की बड़ी कार्रवाई, कई अहम दस्तावेज जब्त</title>
                                    <description><![CDATA[बेंगलुरु में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने क्रिप्टोकरेंसी घोटाले से जुड़े धन शोधन मामले में कांग्रेस विधायक एनए हारिस के बेटों के ठिकानों पर छापेमारी की। करीब एक दर्जन परिसरों पर जारी इस तलाशी का संबंध 2017 के बिटकॉइन घोटाले और मास्टरमाइंड 'श्रीकी' से है। अधिकारियों ने आरोपियों पर अपराध की कमाई का लाभार्थी होने का आरोप लगाया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/cryptocurrency-case-eds-major-action-against-the-family-of-karnataka/article-151098"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/ed1.png" alt=""></a><br /><p>बेंगलुरु। कर्नाटक में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े धन शोधन मामले की जांच के सिलसिले में राज्य के कांग्रेस विधायक एनए हारिस के परिवार से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की। अधिकारियों के अनुसार, इन ठिकानों में उनके दो बेटों के परिसर भी शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत बेंगलुरु में लगभग एक दर्जन परिसरों की तलाशी ली जा रही है। इन छापों में हारिस के बेटे मोहम्मद हारिस नलपाद और उमर फारूक नलपाद से जुड़ी संपत्तियों के साथ-साथ क्रिप्टो-संबंधित अपराधी श्रीकृष्ण रमेश उर्फ श्रीकी से जुड़े ठिकानों की भी तलाशी ली गयी।</p>
<p>जांचकर्ताओं ने कहा कि यह मामला 2017 के क्रिप्टोकरेंसी मामले में कर्नाटक पुलिस के दर्ज एफआईआर और चार्जशीट से उपजा है, जिसमें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय वेबसाइटों में कथित सेंधमारी शामिल थी। इस मामले में श्रीकी और उसके सहयोगी आरोपी हैं। अधिकारियों ने आगे आरोप लगाया कि मोहम्मद हारिस और उमर फारूक उन अपराधों की कमाई के लाभार्थी हैं, जो जांच के घेरे में आये क्रिप्टो-अपराधों के माध्यम से अर्जित की गयी थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 15:30:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>निवेश धोखाधड़ी मामला: ईडी ने बैंकों को वापस लौटाई 20.21 करोड़ की संपत्ति, पीएमएलए के प्रावधानों के तहत कुर्क की गई थी संपत्ति</title>
                                    <description><![CDATA[ईडी ने धोखाधड़ी मामले में कुर्क की गई 20.21 करोड़ रुपये की छह अचल संपत्तियां स्टेट बैंक ऑफ पटियाला और कैथोलिक सीरियन बैंक को वापस कीं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/investment-fraud-case-ed-returned-assets-worth-rs-2021-crore/article-142667"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(12)7.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने स्टेट बैंक ऑफ पटियाला और कैथोलिक सीरियन बैंक को 20.21 करोड़ रुपये मूल्य की छह कुर्क की गई अचल संपत्तियां वापस कर दी हैं। ईडी के जालंधर जोनल कार्यालय ने मंगलवार को बताया कि ये संपत्तियां मेसर्स नेचर हाइट्स इंफ्रा लिमिटेड और उसके निदेशक नीरज थतई उर्फ नीरज अरोड़ा के खिलाफ निवेशकों से धोखाधड़ी से जुड़े धन शोधन जांच के मामले में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत कुर्क की गई थीं।</p>
<p>कुर्क की गई अचल संपत्तियों में पंजाब के फतेहगढ़ साहिब जिले में स्थित व्यावसायिक संपत्तियां शामिल हैं। इन संपत्तियों को अदालत ने वापस करने का आदेश दिया था। ईडी ने नीरज थतई उर्फ नीरज अरोड़ा, उनकी कंपनी नेचर हाइट्स इंफ्रा लिमिटेड और अन्य के खिलाफ निवेशकों से कथित धोखाधड़ी के लिए पंजाब पुलिस द्वारा दर्ज कई प्राथमिकी के आधार पर पीएमएलए जांच शुरू की थी।</p>
<p>जांच से पता चला कि नीरज अरोड़ा ने संपत्ति आवंटित करने के बहाने बड़ी संख्या में निर्दोष निवेशकों की गाढ़ी कमाई हड़प ली थी। यह पाया गया कि उसके द्वारा खरीदी गई संपत्तियां निवेशकों से एकत्र किए गए धन का उपयोग करके पंजीकृत की गई थीं, जबकि उन्हें न तो भूमि का आवंटन किया गया और न ही उनका पैसा वापस किया गया।</p>
<p>नीरज अरोड़ा, नेचर हाइट्स इंफ्रा लिमिटेड और इसकी समूह कंपनियों के कई बैंक खातों में निवेशकों का पैसा जमा पाया गया, जिसका उपयोग बाद में संपत्तियों की खरीद और व्यक्तिगत खर्चों के लिए किया गया।</p>
<p>जांच के दौरान, पंजाब, मध्य प्रदेश और राजस्थान में स्थित बैंक बैलेंस और कृषि एवं वाणिज्यिक भूमि सहित लगभग 46.02 करोड़ रुपये की संपत्ति की अस्थायी कुर्की की गई थी। पीएमएलए के तहत न्यायनिर्णायक प्राधिकरण ने बाद में इस कुर्की की पुष्टि कर दी थी। ईडी ने अरोड़ा को 2024 में गिरफ्तार किया था और वह वर्तमान में न्यायिक हिरासत में है। उसके खिलाफ दो अभियोजन शिकायत दाखिल की गयी हैं। इस मामले में आगे की जांच जारी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Feb 2026 18:31:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ईडी की बड़ी कार्रवाई, विशाखपटनम के पूर्व नगर नियोजक की करोड़ों की संपत्ति कुर्क</title>
                                    <description><![CDATA[प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए शहरी विकास प्राधिकरण के पूर्व अधिकारी पसूपार्थी प्रदीप कुमार की 1.09 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की है। कुर्क की गई संपत्तियों में आवासीय फ्लैट, प्लॉट और बैंक बैलेंस शामिल हैं, जो उनके और उनके परिजनों के नाम पर थे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/eds-big-action-property-worth-crores-of-former-city-planner/article-137102"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/ed-raid.png" alt=""></a><br /><p>आंध्र प्रदेश। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के विशाखपटनम उप-क्षेत्रीय कार्यालय ने विशाखपटनम शहरी विकास प्राधिकरण के पूर्व अतिरिक्त मुख्य नगर नियोजक पसुपार्थी प्रदीप कुमार की अर्जित आय से अधिक संपत्ति की जांच के सिलसिले में 1.09 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्ति कुर्क की है।</p>
<p>ईडी ने बुधवार को बताया कि कुर्क की गई संपत्तियों में आवासीय फ्लैट, भूखंड और बैंक खातों में जमा धन शामिल हैं। ये पसुपार्थी प्रदीप कुमार, उनकी पत्नी, उनके चाचा और एक बेनामी इकाई कोना सिम्हाद्री के नाम पर हैं। ईडी ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) विजयवाड़ा द्वारा दर्ज की गई एक प्राथमिकी और बाद में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की विभिन्न धाराओं के तहत आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति रखने के लिए पसुपार्थी के खिलाफ दायर आरोप पत्र के आधार पर अपनी जांच शुरू की थी।</p>
<p>प्राथमिकी और आरोप पत्र के अनुसार, पसुपार्थी 1984 में सरकारी सेवा में शामिल हुए थे और जनवरी 2018 में संयुक्त निदेशक के रूप में पदोन्नत होने और अतिरिक्त मुख्य नगर योजनाकार के रूप में तैनात होने से पहले विभिन्न पदों पर रहे। उन्होंने कथित तौर पर अपराध की अवधि (जुलाई 2005 - जनवरी 2018) के दौरान अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग किया और आय से अधिक अवैध धन अर्जित किया।</p>
<p>भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने आय से अधिक संपत्ति की राशि लगभग 1.85 करोड़ रुपये आंकी थी। ईडी की जांच में खुलासा हुआ कि पसुपार्थी ने अपने नाम या अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर रखे गए विभिन्न खातों में अवैध आय जमा करके उसे छिपाने का प्रयास किया। अनुसूचित अपराधों के माध्यम से प्राप्त धन को नकद में जमा किया गया था और बाद में संपत्ति अर्जित करने के लिए उपयोग किया गया था।</p>
<p>धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) जांच में मामले में अपराध की कुल आय लगभग 2.94 करोड़ रुपये निर्धारित की गई जो मूल एजेंसी द्वारा गणना की गई आय से अधिक संपत्ति की राशि से अधिक थी। इस अधिक राशि (1.09 करोड़ रुपये) की संपत्ति को पीएमएलए के तहत कुर्क किया गया है। मामले में आगे की जांच जारी है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 24 Dec 2025 18:58:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अवैध बेटिंग ऐप मामला : ईडी का बड़ा एक्शन, क्रिकेटर्स से लेकर कई बॉलीवुड हस्तियों की करोड़ों की संपत्ति अटैच, जानें किन किन पर चली ईडी की तलवार</title>
                                    <description><![CDATA[प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बड़े अवैध ऑनलाइन बेटिंग और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए कई चर्चित हस्तियों की संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/eds-big-action-confiscation-of-properties-worth-crores-from-cricketers/article-136560"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/sonu-sood-ed.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बड़े अवैध ऑनलाइन बेटिंग और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए कई चर्चित हस्तियों की संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, इस मामले में पूर्व भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह और रॉबिन उथप्पा, पूर्व टीएमसी सांसद व अभिनेत्री मिमी चक्रवर्ती, अभिनेता सोनू सूद सहित कई अन्य सेलेब्रिटीज की संपत्तियां प्रवर्तन निदेशालय द्वारा प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत अटैच की गई हैं। ED ने बताया है कि 1xBet और इसके सरोगेट ब्रांड 1xBat और 1xBat Sporting Lines भारत में अवैध ऑनलाइन बेटिंग और जुए को बढ़ावा देने और संचालित करने में शामिल थे। इन प्लेटफॉर्म्स के प्रमोशन से जुड़े लेन-देन जांच के दायरे में हैं। इसके आगे एजेंसी ने जानकारी देते हुए बताया है कि इससे पहले इसी मामले में पूर्व क्रिकेटरों शिखर धवन और सुरेश रैना की करीब 11.14 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की जा चुकी है। सभी संबंधित सेलेब्रिटीज से पूछताछ पहले ही की जा चुकी है और जांच आगे भी जारी है।</p>
<p>सूत्रों के अनुसार, यह मामला एक कथित अवैध ऑफशोर बेटिंग ऐप 1xBet और उससे जुड़े सरोगेट प्लेटफॉर्म्स से संबंधित है, जिसमें 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की मनी लॉन्ड्रिंग होने का अनुमान है। ED ने अलग-अलग राज्यों की पुलिस द्वारा दर्ज कई एफआईआर के आधार पर इस मामले में जांच शुरू की थी। ईडी की जांच के दौरान जारी प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर के तहत अभिनेत्री नेहा शर्मा, उर्वशी रौतेला की मां और बंगाली अभिनेत्री अंकुश हाजरा की संपत्तियों को भी अटैच किया गया है। एजेंसी का कहना है कि ये संपत्तियां कथित तौर पर अवैध बेटिंग गतिविधियों से अर्जित “अपराध की कमाई” हैं।</p>
<p><strong>किनकी कितनी संपत्ति हुई अटैच</strong></p>
<p>सोनू सूद की लगभग 1 करोड़</p>
<p>मिमी चक्रवर्ती की 59 लाख रुपये</p>
<p>युवराज सिंह की 2.5 करोड़ रुपये,</p>
<p>नेहा शर्मा की 1.26 करोड़ रुपये</p>
<p>रॉबिन उथप्पा की 8.26 लाख रुपये</p>
<p>अंकुश हाजरा की 47 लाख रुपये</p>
<p>उर्वशी रौतेला की मां की 2.02 करोड़ रुपये</p>
<p><strong>जानिए क्या है पूरा मामला</strong></p>
<p>प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच में खुलासा हुआ है कि 1xBet, इसके सहयोगी ब्रांड 1xBat और Sporting Lines भारत में बिना वैध अनुमति के ऑनलाइन बेटिंग और जुए का संचालन कर रहे थे। एजेंसी के अनुसार, इन प्लेटफॉर्म्स का बड़े पैमाने पर अवैध प्रचार किया गया। जांच में यह भी सामने आया कि कई सेलिब्रिटीज ने विदेशी कंपनियों से एंडोर्समेंट डील कर सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो के माध्यम से इन ऐप्स को प्रमोट किया, जिससे अवैध गतिविधियों को बढ़ावा मिला।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Dec 2025 19:18:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अनिल अंबानी मामले में यस बैंक के पूर्व सीईओ राणा कपूर से ईडी ने की पूछताछ, 11 हजार करोड़ के मिसयूज का आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[पीएमएलए मामले की जांच में सोमवार को यस बैंक के पूर्व सीईओ राणा कपूर ईडी मुख्यालय पहुंचे। ईडी ने अनिल अंबानी समूह के साथ क्विड प्रो क्वो सौदे का आरोप लगाया है, जिससे बैंक को करीब 3,300 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/ed-interrogates-former-yes-bank-ceo-rana-kapoor-in-anil/article-136050"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/anil-ambani-yes-bank-case.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। मशहूर उद्योगपति अनिल अंबानी से जुड़े पीएमएलए (धनशोधन निवारण अधिनियम) मामले की चल रही जांच में सोमवार को यस बैंक के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी राणा कपूर सोमवार को यहां प्रवर्तन निदेशालय मुख्यालय में पेश हुए। ईडी का आरोप है कि कपूर और अंबानी के बीच एक क्विड प्रो क्वो समझौता हुआ था, जिससे यस बैंक को खासा वित्तीय नुकसान हुआ। ईडी के अनुसार जब राणा कपूर यस बैंक के प्रमुख थे, तब 31 मार्च 2017 तक रिलायंस अनिल अंबानी समूह में बैंक का जोखिम लगभग 6,000 करोड़ रूपये का था।  यह जोखिम 31 मार्च 2018 तक दोगुना होकर 13,000 करोड़ रूपये का हो गया। इसी अवधि के दौरान, बैंक ने समूह की कंपनियों  रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड में 5,000 करोड़ रूपये से अधिक का निवेश किया।</p>
<p>इसके आगे ईडी का दावा है कि इन निवेशों का एक बड़ा हिस्सा बाद में गैर-निष्पादित निवेश में बदल गया, जिसके परिणामस्वरूप बैंक को लगभग 3,300 करोड़ रूपये का भारी नुकसान हुआ। जांच एजेंसी ने आगे आरोप लगाया है कि ये लेनदेन सामान्य बैंकिंग परिचालन का हिस्सा नहीं था बल्कि इसका इस्तेमाल क्विड प्रो क्वो के रूप में किया गया। ईडी के अनुसार यस बैंक के इन बड़े निवेशों के बदले में, इस समूह की संस्थाओं ने कथित तौर पर कपूर के परिवार के सदस्यों की कंपनियों को कर्ज बांट दिया।</p>
<p>ईडी ने यह भी कहा कि इन कथित समझौतों को अंतिम रूप देने के लिए राणा कपूर और अनिल अंबानी ने निजी व्यापार बैठकें की, जिनमें अक्सर यस बैंक के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद नहीं होते थे। फिलहाल, ईडी इस मामले में आगे की जांच कर रही है ताकि इन लेनदेन की प्रकृति और वित्तीय नुकसान की सीमा को पूरी तरह से स्थापित किया जा सके।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Mon, 15 Dec 2025 18:01:04 +0530</pubDate>
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                <title>ED ने शक्ति भोग फूड्स लिमिटेड के CMD को किया गिरफ्तार, 3270 करोड़ के घोटाले में आया था नाम</title>
                                    <description><![CDATA[प्रवर्तन निदेशालय ने शक्ति भोग फूड्स लिमिटेड के मुख्य प्रबंध निदेशक केवल कृष्ण कुमार को धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद कुमार को विशेष अदालत के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें 9 जुलाई तक ईडी की हिरासत में भेज दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/ed-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%B6%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BF-%E0%A4%AD%E0%A5%8B%E0%A4%97-%E0%A4%AB%E0%A5%82%E0%A4%A1%E0%A5%8D%E0%A4%B8-%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%9F%E0%A5%87%E0%A4%A1-%E0%A4%95%E0%A5%87-cmd-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%97%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A4%AB%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%B0--3270-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%A1%E0%A4%BC-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%98%E0%A5%8B%E0%A4%9F%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%86%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%A5%E0%A4%BE-%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%AE/article-1008"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-07/enforcement_directorate.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शक्ति भोग फूड्स लिमिटेड के मुख्य प्रबंध निदेशक केवल कृष्ण कुमार को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद कुमार को विशेष अदालत के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें 9 जुलाई तक ईडी की हिरासत में भेज दिया। अधिकारियों ने मामले की निष्पक्ष और संपूर्ण जांच का हवाला देते हुए रिमांड पर जोर दिया था। गिरफ्तारी से पहले कृष्ण कुमार के कुछ ठिकानों पर ईडी ने छापेमारी भी की थी। ईडी के अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली और हरियाणा में 9 ठिकानों पर छापे मारे जाने के दौरान विभिन्न आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए थे। उसके बाद शक्ति भोग के सीएमडी को गिरफ्तार किया गया। <br /> <br /> बता दें कि केवल कृष्ण कुमार और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और आपराधिक कदाचार के मामले में प्राथमिकी दर्ज की थी। सीबीआई ने भारतीय स्टेट बैंक के नेतृत्व वाले 10 बैंकों के एक समूह से धोखाधड़ी मामले में शक्ति भोग फूड्स लिमिटेड के खिलाफ शिकायत दर्ज की थी। ईडी ने इसी प्राथमिकी के आधार पर धन शोधन की जांच शुरू की थी। यह सब शक्ति भोग फूड्स लिमिटेड पर लगे 3270 करोड़ रुपए के बैंक घोटाले के आरोपों के बाद शुरू हुआ था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 05 Jul 2021 16:42:27 +0530</pubDate>
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                <title>महाराष्ट्र: ईडी के सामने पेश नहीं हुए पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख, वकील ने पेशी के लिए मांगी नई तारीख</title>
                                    <description><![CDATA[100 करोड़ की वसूली के आरोपों में घिरे महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख की मुश्किलें बढ़ गईं हैं। शनिवार को प्रवर्तन निदेशालय ने उन्हें पूछताछ के लिए मुंबई स्थित ऑफिस में समन किया था। हालांकि उनकी जगह उनके वकील ईडी ऑफिस पहुंचे और निजी कारणों हवाला देते हुए पेशी के लिए कोई नई तारीख देने की अपील की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B0--%E0%A4%88%E0%A4%A1%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A5%87%E0%A4%B6-%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%82-%E0%A4%B9%E0%A5%81%E0%A4%8F-%E0%A4%AA%E0%A5%82%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B5-%E0%A4%97%E0%A5%83%E0%A4%B9-%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%85%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%B2-%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%96--%E0%A4%B5%E0%A4%95%E0%A5%80%E0%A4%B2-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A5%87%E0%A4%B6%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%8F-%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%A8%E0%A4%88-%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%96/article-899"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-06/anil_deshkmukh.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। 100 करोड़ की वसूली के आरोपों में घिरे महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख की मुश्किलें बढ़ गईं हैं। शनिवार को प्रवर्तन निदेशालय ने उन्हें पूछताछ के लिए मुंबई स्थित ऑफिस में समन किया था। हालांकि उनकी जगह उनके वकील ईडी ऑफिस पहुंचे और पेशी के लिए कोई नई तारीख देने की अपील की। देशमुख के वकील ने कहा कि ईडी को केस के बारे में जो जानकारी चाहिए थी वो डॉक्यूमेंट हमें अभी तक नहीं दी गई है, इसके लिए हमने उन्हें एक पत्र लिखा है और डॉक्यूमेंट देने की मांग की ताकि हम उसके हिसाब से लिखित जानकारी जमा कर सकें। इससे पहले शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय की 6 टीमों ने उनके 6 ठिकानों पर रेड की थी और देर रात उनके पर्सनल सेक्रेट्री संजीव पलांडे और पर्सनल असिस्टेंट कुंदन शिंदे गिरफ्तार कर लिया था। दोनों को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत गिरफ्तार किया गया है।<br /> <br /> यह मामला मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह द्वारा अनिल देशमुख के खिलाफ लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़ा है। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लिखे पत्र में सिंह ने राज्य के पूर्व मंत्री के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट के समक्ष एक याचिका भी दायर की थी, जिसमें कहा गया था कि देशमुख ने पूर्व सहायक निरीक्षक सचिन वजे को मुंबई में बार, रेस्तरां और अन्य प्रतिष्ठानों से प्रति माह लगभग 100 करोड़ रुपए की वसूली करने के लिए कहा था। सिंह ने पत्र में वजे और सहायक पुलिस आयुक्त संजय पाटिल के नाम का भी उल्लेख किया था, जिन्हें कथित तौर पर देशमुख ने पैसों की वसूली के लिए कहा था। इस केस में ईडी की टीम ने करीब 10 से 12 बार मालिकों के भी बयान दर्ज किए हैं।<br /> <br /> उधर ईडी की छापेमारी के बाद अनिल देशमुख ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि परमबीर सिंह जब मुंबई पुलिस कमिश्नर के पद पर थे, तब उन्होंने आरोप क्यों नहीं लगाए। पद से हटाने के बाद उन्होंने मुझ पर झूठा आरोप लगाया। एंटीलिया मामले में जितने पुलिस अधिकारियों को एनआईए ने गिरफ्तार किया, वो सब परमबीर को सीधा रिपोर्ट करते थे। परमबीर को मुंबई पुलिस आयुक्त के पद से इसलिए हटाया गया, क्योंकि उनकी भूमिका संदिग्ध थी।</p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Sat, 26 Jun 2021 16:56:21 +0530</pubDate>
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