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                <title>highcourt - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही तय करने के लिए हाई लेवल कमेटी का गठन कर बनाएं एसओपी: हाईकोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान हाईकोर्ट ने परीक्षाओं में गलत प्रश्नों और त्रुटिपूर्ण उत्तर कुंजी को गंभीरता से लिया है। जस्टिस आनंद शर्मा ने मुख्य सचिव को वरिष्ठ आईएएस अफसरों की कमेटी बनाने और लापरवाह विशेषज्ञों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि बेरोजगारी के इस दौर में अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/high-court-should-form-sop-by-constituting-a-high-level/article-154094"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/court-22.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने भर्ती परीक्षाओं में त्रुटिपूर्ण प्रश्नों और गलत उत्तर कुंजी को लेकर बार-बार याचिकाएं आने को गंभीरता से लिया है। इसके साथ ही अदालत ने मुख्य सचिव को कहा है कि वे कार्मिक सचिव की अध्यक्षता में वरिष्ठ आईएएस अफसरों की एक हाई लेवल कमेटी का गठन करें। कमेटी इस विषय पर गहन परीक्षण कर भविष्य की भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और सुचिता सुनिश्चित करने के लिए एसओपी बनाने के साथ ही अन्य सुधारात्मक उपाय भी निर्धारित करे। अदालत ने कहा है कि कमेटी यह भी परीक्षण करेगी कि क्या ऐसे प्रश्न और उत्तर कुंजी तैयार करने वाले अधिकारियों और विशेषज्ञों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई आरंभ की जा सकती है। </p>
<p>जस्टिस आनंद शर्मा की एकलपीठ ने यह आदेश तृतीय श्रेणी अध्यापक भर्ती-2022 लेवल द्वितीय को लेकर दायर 45 याचिकाओं पर संयुक्त रूप से सुनवाई करते हुए दिए। अदालत ने आदेश में कहा कि वर्तमान में बेरोजगारी ने गंभीर रूप धारण कर लिया है और प्रतिस्पर्धा असाधारण स्तर पर पहुंच गई है। ऐसे में एक-एक प्रश्न भी अत्यधिक महत्व रखता है और सैकडों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित होता है। इसलिए प्रश्न पत्र तैयार करने और उत्तर कुंजी बनाने में अत्यधिक सावधानी, निष्पक्षता व सतर्कता जरूरी है। अदालत ने कहा कि भर्ती एजेंसियों को परीक्षा संचालन में लापरवाही करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। </p>
<p>उन पर संवैधानिक दायित्व है कि वे सक्षम विषय विशेषज्ञों के माध्यम से प्रश्न पत्र व उत्तर कुंजी पूर्ण शुचिता से तैयार करें, ताकि किसी भी गलती की संभावना नहीं हो। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता रामप्रताप सैनी ने बताया कि साल 2022 की तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती लेवल 2 के परिणाम के बाद नियुक्तियां हुई। वहीं बाद में कोर्ट के आदेश से संशोधित परिणाम जारी हुआ।  इसके याचिकाकर्ताओं के अंक पूर्व में नियुक्त अभ्यर्थियों से अधिक हो गए, लेकिन नई कट आॅफ में शामिल नहीं हो सके। ऐसे में उनसे कम अंक वालों को मिली नियुक्ति के चलते उन्हें भी नियुक्ति दी जाए। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 May 2026 09:29:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title> 2026 की पहली लोक अदालत : लाखों मुकदमों का होगा निस्तारण, 10 लाख से अधिक प्रकरण सूचीबद्ध</title>
                                    <description><![CDATA[राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से 2026 की पहली राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित। हाईकोर्ट सहित अधीनस्थ अदालतों में 480 बेंच गठित की और 10.23 लाख प्रकरण सूचीबद्ध। जयपुर पीठ में उद्घाटन एक्टिंग सीजे एसपी शर्मा। जयपुर व जोधपुर हाईकोर्ट में तीन-तीन बेंच बैठेंगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/in-the-first-lok-adalat-of-the-year-lakhs-of/article-146377"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/court-hammer04.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से साल 2026 की पहली राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन शनिवार को किया जाएगा। लोक अदालत में मुकदमों का निस्तारण करने के लिए हाईकोर्ट सहित सभी अधीनस्थ अदालतों में कुल 480 बेंच गठित की गई हैं। वहीं, इनमें अभी तक 10.23 लाख प्रकरण सूचीबद्ध किए जा चुके हैं।</p>
<p>राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव हरिओम अत्री ने बताया कि लोक अदालत का शुभारंभ सुबह दस बजे जयपुर पीठ में प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष एक्टिंग सीजे एसपी शर्मा करेंगे। इसी तरह जोधपुर पीठ में लोक अदालत का शुभारंभ हाईकोर्ट विधिक सेवा समिति के अध्यक्ष जस्टिस पीएस भाटी करेंगे। लोक अदालत में मुकदमों का निस्तारण करने के लिए हाईकोर्ट की जोधपुर मुख्यपीठ और जयपुर पीठ में तीन-तीन बैंच स्थापित की गई हैं। जिसमें हाईकोर्ट के सिटिंग जज प्रकरण सुनेंगे। इसके लिए जोधपुर मुख्यपीठ में 2103 प्रकरण और जयपुर पीठ में 950 मुकदमों को सूचीबद्ध किया गया है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Mar 2026 16:51:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>करुर भगदड़ मामला: कड़ी सुरक्षा के बीच टीवीके प्रमुख विजय पहुंचे सीबीआई मुख्यालय, पूछताछ जारी</title>
                                    <description><![CDATA[करूर भगदड़ जांच में टीवीके प्रमुख अभिनेता विजय कड़ी सुरक्षा के बीच सीबीआई के सामने पेश हुए। एजेंसी रैली में सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और लापरवाही की भूमिका की जांच कर रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/karur-stampede-case-tvk-lead-actor-vijay-reaches-cbi-headquarters/article-139292"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/actor-vijay-on-karur-stampede.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। तमिलनाडु के राजनीतिक दल तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के प्रमुख और प्रसिद्ध तमिल अभिनेता विजय, कड़ी सुरक्षा के बीच सोमवार को 'करूर भगदड़' मामले में पूछताछ के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के समक्ष पेश हुए जहाँ जांच टीम ने उनसे पिछले साल हुई उस दुखद घटना के बारे में विस्तार से पूछताछ की। सीबीआई ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 179 के तहत नोटिस जारी कर अभिनेता विजय को जांच में शामिल होने के लिए राष्ट्रीय राजधानी बुलाया था। जांच एजेंसी इस बात की पड़ताल कर रही है कि रैली के दौरान सुरक्षा मानकों और भीड़ नियंत्रण के उपायों का पालन किया गया था अथवा नहीं।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि, पिछले साल 27 सितंबर को तमिलनाडु के करूर में अभिनेता विजय की एक बड़ी राजनीतिक रैली के दौरान अचानक भगदड़ मच गई थी। इस हादसे में 41 लोगों की मौत हो गई थी और 60 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसकी जांच सीबीआई को सौंपी गई थी।</p>
<p>तमिलनाडु पुलिस ने दावा किया कि अभिनेता विजय के करूर रैली में देरी से पहुंचने की वजह से भगदड़ मची। बहुत ज्यादा देरी के कारण भीड़ बेकाबू हो गई। पुलिस ने भगदड़ की वजह भीड़, अपर्याप्त व्यवस्थाओं जैसे भोजन, पीने के पानी और सैनिटरी सुविधाओं की कमी को भी बताया। लेकिन अभिनेता विजय ने इन आरोपों का जोरदार खंडन करते हुए इन्हें राजनीति से प्रेरित बताया और सत्ताधारी द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) पर बदनामी का अभियान चलाने का आरोप लगाया। </p>
<p>अभिनेता विजय ने उल्टे पुलिस पर अव्यवस्था का आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ने प्रवेश वाली जगहों पर भीड़ प्रबंधन में गंभीर गलतियाँ की, जिससे भगदड़ मची और लोगों की जान चली गयी। शुरुआत में, मद्रास उच्च न्यायालय ने त्रासदी से पहले की घटनाओं की जांच के लिए एक विशेष जांच दल का गठन किया था। बाद में उच्चतम न्यायालय ने इस मामले को अपने हाथ में ले लिया, और सीबीआई को एक सेवानिवृत्त उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली समिति की देखरेख में जांच करने का निर्देश दिया। </p>
<p>तमिलनाडु सरकार के पहले नियुक्त किए गए एकल-सदस्यीय जांच आयोग को भी शीर्ष अदालत ने पलट दिया, जिसने तय किया कि इस मामले में अधिक निष्पक्ष और विश्वसनीय जांच की आवश्यकता है। खास बात यह है कि विजय की पार्टी टीवीके ने भी इस घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 12 Jan 2026 13:24:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जयपुर कलेक्ट्रेट में बम की सूचना मिलने से अफरा-तफरी, सर्च ऑपरेशन में नहीं मिला कोई विस्फोटक</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर के कलेक्ट्रेट परिसर में बम की सूचना मिलने से अफरा-तफरी मच गई। कलेक्ट्रेट की आधिकारिक ईमेल आईडी पर एक संदिग्ध मेल प्राप्त हुआ, जिसमें दावा किया गया था कि परिसर में बम रखा गया है और वह दोपहर करीब 1 बजे विस्फोट कर सकता है। मेल मिलते ही प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गईं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/there-was-chaos-in-jaipur-collectorate-after-receiving-information-about/article-134536"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/1200-x-600-px)-(6)1.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जयपुर के कलेक्ट्रेट परिसर में गुरुवार को बम की सूचना मिलने से अफरा-तफरी मच गई। कलेक्ट्रेट की आधिकारिक ईमेल आईडी पर एक संदिग्ध मेल प्राप्त हुआ, जिसमें दावा किया गया था कि परिसर में बम रखा गया है और वह दोपहर करीब 1 बजे विस्फोट कर सकता है। मेल मिलते ही प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गईं।</p>
<p>सूचना मिलते ही डीसीपी पश्चिम हनुमान प्रसाद मीणा, एटीएस, बम डिस्पोज़ल स्क्वाड (BDS), सिविल डिफेंस, डॉग स्क्वाड और दमकल विभाग की टीमें तुरंत कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचीं। पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में लेकर सघन सर्च अभियान शुरू किया गया। सभी कमरों, कार्यालयों, पार्किंग क्षेत्र और आसपास की जगहों में बारीकी से जांच की गई।</p>
<p>कई घंटों तक चली तलाशी में किसी प्रकार की संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री नहीं मिली। सुरक्षा एजेंसियों ने प्रारंभिक जांच में इस मेल को फर्जी पाया और इसे बम थ्रेट की श्रेणी में रखा है। इससे पहले भी जयपुर शहर की कई संस्थाओं को इसी प्रकार के फर्जी बम अलर्ट मेल प्राप्त हो चुके हैं, जिसके चलते इसे एक बार फिर साइबर शरारत या धमकी की कोशिश माना जा रहा है।</p>
<p>डीसीपी पश्चिम हनुमान प्रसाद मीणा ने बताया कि कलेक्ट्रेट की मेल आईडी पर आए मेल में स्पष्ट रूप से लिखा था कि परिसर में बम लगाया गया है और वह निर्धारित समय पर विस्फोट हो सकता है। इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए तत्काल सभी सुरक्षा बलों को सक्रिय किया गया, लेकिन जांच में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला।</p>
<p>फिलहाल, पुलिस इस ईमेल की जांच साइबर टीम की मदद से कर रही है ताकि मेल भेजने वाले की पहचान की जा सके। पुलिस प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने की अपील की है।</p>
<p>फर्जी बम सूचनाओं की यह श्रृंखला सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ प्रशासन के लिए भी चुनौती बनती जा रही है, जिसे रोकने के लिए पुलिस लगातार निगरानी बढ़ा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Dec 2025 14:46:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हाईकोर्ट ने नाहरगढ़ अभयारण्य की मौजूदा सीमाओं में परिवर्तन पर लगाई रोक, मांगा जवाब</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान हाईकोर्ट ने नाहरगढ़ वन्यजीव अभयारण्य की मौजूदा सीमाओं में परिवर्तन करने पर रोक लगा दी है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/high-court-demands-a-response-on-changes-in-the-existing/article-127936"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/court-hammer04.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने नाहरगढ़ वन्यजीव अभयारण्य की मौजूदा सीमाओं में परिवर्तन करने पर रोक लगा दी है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि इसमें ईको सेंसिटिव जोन और वर्णित क्षेत्र भी शामिल रहेगा। अदालत ने मामले में पर्यावरण मंत्रालय, राज्य के मुख्य सचिव, एसीएस वन, नेशनल वाइल्ड लाइफ बोर्ड और पीसीसीएफ सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। अदालत ने मामले में उठाए गए मुद्दे पर केन्द्र सरकार के एडिशनल सॉलिसिटर जनरल को शपथ पत्र पेश कर करने के आदेश देते हुए पीसीसीएफ का हलफनामा भी मांगा है।</p>
<p>जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस संजीत पुरोहित की खंडपीठ ने यह आदेश नाहरगढ वन एवं वन्यजीव सुरक्षा एवं सेवा समिति की जनहित याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में अधिवक्ता केसी शर्मा ने अदालत को बताया कि एनजीटी के 16 दिसंबर 2024 के आदेश की आड़ में नाहरगढ़ वन्यजीव अभयारण्य का संशोधित नक्शा तैयार किया जा रहा है। जिसमें मिलीभगत कर वर्णित क्षेत्र में शामिल होने वाले गांवों की भूमि को शामिल नहीं किया गया है। इस कार्रवाई में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के प्रावधानों की भी अवहेलना की जा रही है। इस दौरान राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की सिफारिश लिए बिना ही अभ्यारण्य की सीमाओं में बदलाव किया जा रहा है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि नाहरगढ़ अभयारण्य की सीमा पर चल रही गैर वानिकी गतिविधियों और व्यावसायिक गतिविधियों को फायदा पहुंचाने के लिए वन विभाग की ओर से यह कार्रवाई की जा रही है।</p>
<p>याचिका में यह भी कहा गया कि अभयारण्य की सीमाओं में संशोधन की कार्रवाई से अभयारण्य को नुकसान हो रहा है और ईको सेंसिटिव जोन भी प्रभावित हो रहा है। जिस पर सुनवाई करते हुए खंडपीठ ने अभयारण्य की मौजूदा सीमाओं में बदलाव करने पर रोक लगाते हुए संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया है और केन्द्र व राज्य सरकार के अफसरों से शपथ पत्र पेश करने को कहा है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 26 Sep 2025 11:41:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शरजील, उमर खालिद की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई स्थगित, याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट के आदेश को दी थी चुनौती</title>
                                    <description><![CDATA[उच्चतम न्यायालय ने 2020 के दिल्ली दंगों के मामले में शरजील इमाम, उमर खालिद और अन्य की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई 22 सितंबर के लिए स्थगित कर दी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/hearing-on-the-bail-petitions-of-sharjil-omar-khalid-the/article-127317"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/supreme-court--3.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने 2020 के दिल्ली दंगों के मामले में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र शरजील इमाम, उमर खालिद और अन्य की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई 22 सितंबर के लिए स्थगित कर दी है।</p>
<p>न्यायमूर्ति अरविंद कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने याचिकाओं पर सुनवाई स्थगित कर दी। याचिकाकर्ताओं ने दिल्ली उच्च न्यायालय के दो सितंबर 2025 के संबंधित आदेश को चुनौती दी है, जिसमें जमानत मंजूर करने से इनकार कर दिया गया था।</p>
<p>न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति एन वी अंजारिया की पीठ ने 12 सितंबर को कहा था कि संबंधित मामले के दस्तावेज देर रात से प्राप्त होने के कारण वह उन्हें देख नहीं पाई है। इस वजह इस मामले की सुनवाई करना मुश्किल है।</p>
<p>इमाम, खालिद और अन्य को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया था। उन पर दिल्ली दंगों की एक बड़ी साजिश रचने के आरोप हैं।  </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Sep 2025 14:28:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बांग्लादेश : हाईकोर्ट ने यूनुस के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों को खारिज किया</title>
                                    <description><![CDATA[बांग्लादेश उच्चतम न्यायालय ने मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के खिलाफ भ्रष्टाचार के सभी आरोप खारिज कर दिए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/bangladesh-high-court-dismisses-allegations-of-corruption-against-younis/article-111972"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/rtrer-(7)2.png" alt=""></a><br /><p>ढाका। बांग्लादेश उच्चतम न्यायालय ने मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के खिलाफ भ्रष्टाचार के सभी आरोप खारिज कर दिए हैं, जो भ्रष्टाचार निरोधक आयोग की ओर से दायर किए गए थे। डेली स्टार के अनुसार, सर्वोच्च न्यायालय के अपीलीय प्रभाग ने यूनुस के विरुद्ध भ्रष्टाचार निरोधक आयोग (एसीसी) के मामले को खारिज कर दिया। उन पर ग्रामीण दूरसंचार श्रमिकों के लाभ भागीदारी कोष से 25.22 करोड़ टका की हेराफेरी करने तथा धन शोधन विरोधी कानूनों का उल्लंघन करते हुए अवैध रूप से धन हस्तांतरित करने का आरोप लगाया गया था। ढाका की एक विशेष अदालत में 12 जून 2023 को यूनुस और अन्य के खिलाफ औपचारिक आरोप दायर किए गए थे। </p>
<p>यूनुस के वकील बैरिस्टर अब्दुल्ला-अल-मामून ने कहा कि अपीलीय अदालत के फैसले के बाद सभी आरोप झूठे और बेबुनियाद साबित हुए। यह पहली बार नहीं है जब अंतरिम सरकार के प्रमुख बनने के बाद यूनुस पर लगे आरोप कानूनी रूप से खारिज किए गए हों। उन्होंने पिछले साल तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग सरकार को हटाने के बाद अंतरिम सरकार के प्रमुख के रूप में कार्यभार संभाला था। ग्रामीण दूरसंचार के प्रमुख के रूप में, यूनुस सहित कई अन्य लोगों पर वर्ष 2023 में एसीसी द्वारा धन शोधन और श्रम कानून उल्लंघन का आरोप लगाया गया था, हालांकि इन सभी आरोपों को अदालतों ने खारिज कर दिया है, जिससे यूनुस और उनके साथी आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया गया है। उल्लेखनीय है कि सात अगस्त 2024 को यूनुस के मुख्य सलाहकार के रूप में शपथ लेने से एक दिन पहले, श्रम अपीलीय न्यायाधिकरण ने जल्दबाजी में ढाका श्रम न्यायालय के फैसले को पलट दिया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 25 Apr 2025 12:18:30 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>गंगापुर सिटी को जिला खत्म करने के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका पेश</title>
                                    <description><![CDATA[पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की ओर से बनाए जिले गंगापुर सिटी के जिले का दर्जा रद्द करने के खिलाफ हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/petition-filed-in-high-court-against-abolition-of-gangapur-city/article-99892"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-04/court-hammer013.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की ओर से बनाए जिले गंगापुर सिटी के जिले का दर्जा रद्द करने के खिलाफ हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। जिस पर हाईकोर्ट की खंडपीठ 10 जनवरी को सुनवाई करेगी। कांग्रेस के नेता रामकेश मीणा और अन्य की ओर से दायर इस जनहित याचिका में मुख्य सचिव सहित अन्य को पक्षकार बनाया गया है। याचिका में कहा गया है कि गंगापुर सिटी को जिले का दर्जा निर्धारित मापदंड के तहत दिया गया था। प्रदेश में सरकार बदलने के बाद जिलों को लेकर राजनीति शुरु हुई और अब राजनीतिक द्वेषता के चलते ही कुछ जिलों का दर्जा समाप्त कर दिया गया है। गंगापुर सिटी से जिला का दर्जा समाप्त करने के पीछे भी सरकार की राजनीतिक द्वेषता ही है।</p>
<p>याचिका में कहा गया कि सरकार ने करीब डेढ़ साल पहले गंगापुर सिटी को जिला बनाया था और उसके बाद यहां कई प्रशासनिक नियुक्तियां हो चुकी हैं। विभाग भी बतौर जिला स्तर पर काम कर रहे हैं। कमेटी ने लोगों से आपत्तियां मांगने के बाद इसे जिला घोषित किया था। ऐसे में अब महज राजनीतिक द्वेषता के चलते इसे जिला निरस्त करना गलत है। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने अगस्त, 2023 में 3 नए संभाग और 19 जिलों का गठन किया था। गत माह सरकार ने तीनों संभागों के साथ ही 9 जिलों को निरस्त करते हुए 8 जिलों को यथावत रखा था। राज्य सरकार ने भी मामले में हाईकोर्ट में कैविएट दायर कर रखी है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Jan 2025 14:28:36 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>एसआई भर्ती को लेकर स्थिति स्पष्ट करे राज्य सरकार: हाईकोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[अदालत ने राज्य सरकार को दो दिन का समय देते हुए सुनवाई 9 जनवरी को तय की है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/state-government-should-clarify-the-situation-regarding-si-recruitment-high/article-99887"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/court-hammer04.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने एसआई भर्ती-2021 पेपर लीक से जुडे मामले में राज्य सरकार को जवाब पेश करने के लिए दो दिन का समय देते हुए भर्ती को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। अदालत ने कहा कि गत 18 नवंबर को भर्ती पर दिए यथास्थिति के आदेश की पालना होनी चाहिए और यदि ट्रेनी एसआई को फील्ड पोस्टिंग दी गई तो वह अवमानना की श्रेणी में माना जाएगा। अदालत ने राज्य सरकार को हिदायत दी है कि वह यथास्थिति आदेश को बरकरार रखें और भर्ती को लेकर कुछ भी नहीं करें, वरना अदालत इसे गंभीरता से लेगी।  जस्टिस समीर जैन ने यह आदेश कैलाश चन्द्र शर्मा व अन्य की ओर से दायर याचिका और डीजीपी की ओर से गत 31 दिसंबर को आदेश जारी कर ट्रेनी एसआई को प्रैक्टिकल ट्रेनिंग के लिए जिले आवंटित करने के आदेश के खिलाफ पेश प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए दिए। सुनवाई के दौरान अदालत ने महाधिवक्ता राजेन्द्र प्रसाद से कहा कि जब 18 नवंबर को भर्ती पर यथास्थिति दी गई तो फिर ट्रेनी एसआई को फील्ड पोस्टिंग कैसे दी जा सकती है। </p>
<p>इस पर महाधिवक्ता ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया पूर्व में ही पूरी हो चुकी है और अब ट्रेनी एसआई को आरपीए ट्रेनिंग के बाद फील्ड ट्रेनिंग के लिए भेजा जा रहा है। यह भी मूल ट्रेनिंग का ही हिस्सा है। एजी ने कहा कि करीब 800 ट्रेनी हैं, इसमें से कुछ गलत हो सकते हैं, लेकिन इस आधार पर सभी को ट्रेनिंग से नहीं रोक सकते। इस पर अदालत ने कहा कि 22 नवंबर को उन्हें भर्ती के संबंध में निर्णय लेने के लिए दो सप्ताह का समय दिया था, लेकिन अब छह सप्ताह बाद भी राज्य सरकार का जवाब नहीं आया है। इसके जवाब में महाधिवक्ता ने कहा कि भर्ती को लेकर बड़े स्तर पर विचार विमर्श चल रहा है और जवाब के लिए समय दिया जाए। </p>
<p>अदालत ने राज्य सरकार को दो दिन का समय देते हुए सुनवाई 9 जनवरी को तय की है। सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी कहा कि महाधिवक्ता जब भर्ती को रद्द करने की राय दे चुके हैं, तो मामले में पैरवी कैसे कर सकते हैं। वहीं  प्रार्थियों के अधिवक्ता हरेन्द्र नील ने कहा कि पुलिस विभाग ने भर्ती पर यथास्थिति आदेश के बाद भी 31 दिसंबर को आदेश जारी कर ट्रेनी एसआई को प्रैक्टिकल ट्रेनिंग के लिए जिला आवंटित करने के लिए कहा है। यह आदेश अदालती अवमानना है। मूल याचिका में पूरी भर्ती को ही रद्द करने का आग्रह किया है। सरकार ने अदालत के समय देने के बाद भी भर्ती को लेकर अपनी स्थिति नहीं बताई और ट्रेनी एसआई को फील्ड पोस्टिंग में भेज रहे हैं, जो गलत है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Jan 2025 12:26:52 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>शिष्या से दुष्कर्म को लेकर सजा काट रहे फलाहारी को हाईकोर्ट से मिली राहत </title>
                                    <description><![CDATA[फलाहारी ने ओपन जेल में शिफ्ट करने को अदालत में याचिका दायर की थी, जिस पर सुनवाई करते हुए जस्टिस नरेंद्र सिंह ने आदेश दिए। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/falahari-who-was-serving-a-sentence-for-raping-a-student/article-98933"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/court-hammer04.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। शिष्या से दुष्कर्म को लेकर आजीवन कारावास की सजा काट रहे कौशलेंद्र प्रपन्नाचार्य को हाईकोर्ट से राहत मिली है। कोर्ट ने अभियुक्त फलाहारी को ओपन जेल में शिफ्ट करने के आदेश दिए हैं। फलाहारी ने ओपन जेल में शिफ्ट करने को अदालत में याचिका दायर की थी, जिस पर सुनवाई करते हुए जस्टिस नरेंद्र सिंह ने आदेश दिए। </p>
<p>कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि ओपन जेल की स्थापना का उद्देश्य कौशल सीखकर सजा के बाद समाज में खुद को स्थापित करना है। ऐसे में अभियुक्त को खुली जेल में शिफ्ट किया जाए। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने ओपन एयर कैंप समिति के आदेश को भी रद्द कर दिया।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 28 Dec 2024 14:57:10 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>अतिक्रमण हटाने की रिपोर्ट करें पेश, वरना कलक्टर हाजिर होकर दें जवाब : हाईकोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[अदालत ने इस बात पर भी आश्चर्य जताया कि ग्राम पंचायत की ओर से अतिक्रमियों का संरक्षण किया जा रहा है, जबकि यह पंचायत का काम नहीं है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/present-the-report-on-removal-of-encroachment-otherwise-the-collector/article-98882"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/257rtrer-(2)40.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने दौसा जिले की लोटवाडा ग्राम पंचायत में चारागाह जमीन पर अतिक्रमण के मामले में जिला कलक्टर को शपथ पत्र पेश कर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का ब्यौरा देने को कहा है। अदालत ने 10 जनवरी को कलक्टर को हाजिर होकर इस संबंध में अपना जवाब देने को कहा है। सीजे एमएम श्रीवास्तव और जस्टिस उमाशंकर व्यास की खंडपीठ ने यह आदेश कैलाश चन्द की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि साल 2021 में इस भूमि से अतिक्रमियों को बेदखल करने के आदेश दिए गए थे, लेकिन अधिकारियों ने उसे ठंडे बस्ते में डाल दिया। वहीं अदालत की ओर से रिपोर्ट मांगने पर 9 दुकानों को सील कर 2 दुकानों के अतिक्रमण को हटाया गया। अदालत ने इस बात पर भी आश्चर्य जताया कि ग्राम पंचायत की ओर से अतिक्रमियों का संरक्षण किया जा रहा है, जबकि यह पंचायत का काम नहीं है।</p>
<p>याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता प्रेमचंद देवंदा ने अदालत को बताया कि गांव की करीब छह बीघा भूमि पर भूमाफियाओं ने अतिक्रमण कर दुकाने बना ली हैं। अदालत ने अतिक्रमण हटाने के संबंध में पिछली सुनवाई पर तहसीलदार बैजूपाड़ा से रिपोर्ट मांगी थी, लेकिन तहसीलदार व एसडीएम ने अभी तक अतिक्रमण हटाने की कोई भी कार्रवाई नहीं की है। अधिकारियों की ओर से अतिक्रमियों को नोटिस जारी कर पुलिस जाब्ता नहीं मिलने का बहाना बनाकर कार्रवाई नहीं की जा रही है। जिस पर सुनवाई करते हुए खंडपीठ ने स्थानीय कलक्टर को शपथ पत्र पेश कर अतिक्रमण हटाने की रिपोर्ट पेश करने को कहा है और ऐसा नहीं करने पर उन्हें व्यक्तिगत रूप से हाजिर होकर अपना जवाब देने को कहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 28 Dec 2024 10:33:06 +0530</pubDate>
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                <title>आज से हाथी सवारी के लिए देने होंगे 2500 रुपए</title>
                                    <description><![CDATA[ इसके साथ ही अदालत ने समिति के पक्ष को सुनकर विभाग को नए सिरे से दरे तय करने का के निर्देश दिए थे। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/from-today-onwards-you-will-have-to-pay-rs-2500/article-98064"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/5554-(20).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। हाईकोर्ट के आदेश के बाद आमेर महल में हाथी सवारी के लिए पूर्व में तय की गई 2500 रुपए की दर लागू होंगी। राजस्थान हाईकोर्ट ने हाथी गांव विकास समिति की याचिका पर सुनवाई करते हुए पुरातत्व विभाग के गत आठ नवंबर के उस आदेश को रद्द कर दिया था, जिसके तहत विभाग ने आमेर महल में हाथी सवारी की दर 2500 रुपए से घटाकर 1500 रुपए कर दी थी। इसके साथ ही अदालत ने समिति के पक्ष को सुनकर विभाग को नए सिरे से दरे तय करने का के निर्देश दिए थे । विभाग की ओर से तय की गई सवारी की नई दर का आदेश रद्द होने के चलते अब पुरानी दर लागू हो गई है। ऐसे में अब पर्यटकों को यहां हाथी सवारी के लिए 1500 की बजाय 2500 रुपए देने होंगे। </p>
<p>पुरातत्व विभाग के निदेशक डॉ. पंकज धरेन्द्र ने बताया कि अग्रिम आदेशों तक आमेर महल में हाथी सवारी की दर 2500 रुपए रहेगी। डॉ. धरेन्द्र ने बताया कि आगामी दिनों में पर्यटन विभाग, पुरातत्व विभाग, वन विभाग के अधिकारियों के साथ ही महावत संगठन के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की जाएगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 19 Dec 2024 11:41:06 +0530</pubDate>
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