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                <title>dhankhad - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>संसद में गतिरोध पर आत्मचिंतन करें जनप्रतिनिधि, यह लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने का स्थान : धनखड़</title>
                                    <description><![CDATA[हमें वहां जनता की पूजा करनी चाहिए, लेकिन हम ऐसे मंदिर की गरिमा नहीं रख पा रहे हैं। वहां विचार-विमर्श नहीं हो रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/there-is-not-discussion-in-the-parliament--says-dhankhad/article-96316"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/jagdeep-d-vicepresident.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा कि संसद में जारी गतिरोध पर जनप्रतिनिधियों को आत्मचिंतन करना चाहिए और संविधान की प्रस्तावना के अनुरूप शत-प्रतिशत कर्तव्य परायणता निभानी चाहिए। धनखड़ ने यहां विकसित भारत - विजन ऑफ न्यू इंडिया 3.0 कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि संसद हमारे प्रजातंत्र का मंदिर है और यह लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने का स्थान है। उन्होंने कहा कि हमें वहां जनता की पूजा करनी चाहिए, लेकिन हम ऐसे मंदिर की गरिमा नहीं रख पा रहे हैं। वहां विचार-विमर्श नहीं हो रहा है।</p>
<p>उप राष्ट्रपति ने कहा कि संसद बहस, संवाद, विचार विमर्श और चर्चा का स्थान है, लेकिन वहां बाधा और व्यवधान हो रहा है। उन्होंने कहा कि संसद के शीतकालीन सत्र का पहला सप्ताह व्यवधान में समाप्त हो गया। व्यवधान और बाधा को हथियार बना लिया गया है। उन्होंने कहा कि मैं पुरजोर अपील करूंगा कि जनप्रतिनिधि स्वयं को टटोले। अपनी शपथ को ध्यान में रखें, भारत के संविधान की  प्रस्तावना को सामने रखें और संसद को शत-प्रतिशत कर्तव्य परायण बनायें।</p>
<p>उन्होंने कहा कि राजनीति के अंदर परिवर्तन के बिना कुछ  नहीं होता है और देश में यह परिवर्तन हो रहा है। सर्वोच्च पद पर जनजाति की महिला और सबसे शक्तिशाली केंद्र सरकार में अन्य पिछड़ा वर्ग के व्यक्ति हैं।  इतिहास में छह दशक के पश्चात किसी प्रधानमंत्री को जनता ने तीसरी बार आशीर्वाद दिया है। धनखड़ ने कहा कि  विकसित भारत अब सपना नहीं है। यह भारत का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य है। उन्होंने विभिन्न विकास योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत के प्रति अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष, विश्व बैंक, विश्व आर्थिक मंच की सोच बदल रही है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत बनाने के लिए प्रति व्यक्ति की आय में आठ गुणा वृद्धि करनी होगी। सरकार की नीतियां सकारात्मक है और लोगों को इसका लाभ उठाना चाहिए। <br />उन्होंने कहा कि तीन दशक के बाद लाखों लोगों की राय लेने के बाद राष्ट्रीय शिक्षा नीति का निर्माण किया गया है। इसे सभी राज्यों को अंगीकार करना चाहिए। हर संस्था का प्रधानाचार्य, निदेशक, उप कुलपति और कुलपति को इस नीति का अध्ययन करना चाहिए क्योंकि नीति बहुत दूरदर्शिता प्रदर्शित करती है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Sat, 30 Nov 2024 17:45:03 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>सदन में नियम 267 को व्यवधान का बनाया जा रहा है हथियार, प्रश्नकाल नहीं होना आम जनता को बड़ा झटका : धनखड़</title>
                                    <description><![CDATA[में शपथ का पालन करते हुए अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/rule-267-is-being-made-a-weapon-of-disruption-in-parliament--says-dhankhad/article-96250"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-11/6633-copy174.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने सदन के सामान्य कामकाज में जारी व्यवधान पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि नियम 267 को बाधा का हथियार बनाया जा रहा है। धनखड़ ने सदन में नियम 267 के अंतर्गत मिले नोटिस खारिज करने के बाद विपक्ष के हंगामे पर कहा कि ये मुद्दे सप्ताह के दौरान बार-बार उठाए गए हैं। जिसके परिणामस्वरूप पहले ही 3 कार्य दिवस में कोई कामकाज नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि ये वे दिन थे, जो हमें सार्वजनिक हित के लिए समर्पित करने चाहिए थे। हमें शपथ का पालन करते हुए अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए था।</p>
<p>उन्होंने कहा कि इस दौरान समय और अवसर का नुकसान हुआ। विशेष रूप से प्रश्नकाल का नहीं होना आम जनता को बहुत बड़ा झटका है। उन्होंने कहा कि नियम 267 को व्यवधान और सामान्य कामकाज से विचलित करने के एक उपकरण के रूप में हथियार बनाया जा रहा है। यह स्वीकार्य नहीं है। सभापति ने कहा कि हम एक बहुत ही बुरा उदाहरण पेश कर रहे हैं। हम इस देश के लोगों का अपमान कर रहे हैं। हम उनकी उम्मीदों पर खरे नहीं उतर रहे हैं। हमारे कार्य जन-केंद्रित नहीं हैं। हम अप्रासंगिक होते जा रहे हैं। हम व्यावहारिक रूप से हंसी का पात्र बन गए हैं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Fri, 29 Nov 2024 16:54:48 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>विकसित राष्ट्र की प्राप्ति के लिए शोध महत्वपूर्ण, नवाचार को बढ़ावा देने के लिए आए आगे : धनखड़</title>
                                    <description><![CDATA[शोध और नवाचार के क्षेत्र की ऊंचाई  वैश्विक समुदाय के लिए हमारी क्षमता को परिभाषित करेगी। यह हमारी सॉफ्ट डिप्लोमेसी को नयी धार देगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/research-is-important-for-becoming-developed-nation--says-dhankhad/article-94746"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/jagdeep-d-vicepresident.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने शोध और नवाचार को विकसित राष्ट्र के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि भारत सबसे पुराना, सबसे बड़ा तथा सक्रिय लोकतंत्र है। इसे दुनिया का सबसे शक्तिशाली लोकतंत्र भी बनना चाहिए। धनखड़ ने यहां राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान के दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि शोध और नवाचार के क्षेत्र की ऊंचाई  वैश्विक समुदाय के लिए हमारी क्षमता को परिभाषित करेगी। यह हमारी सॉफ्ट डिप्लोमेसी को नयी धार देगी।</p>
<p>उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों से नवाचार और अनुसंधान के लिए अपनी क्षमता का उपयोग  करने का आग्रह किया और कॉर्पोरेट संस्थाओं से पर्याप्त योगदान के माध्यम से इस मिशन का समर्थन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि व्यापार, उद्योग, व्यवसाय और वाणिज्य के संघों को वित्तीय योगदान के माध्यम से अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए आगे आना चाहिए।</p>
<p>उपराष्ट्रपति ने कहा कि विकसित राष्ट्र के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए अनुसंधान और नवाचार महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि शिक्षा कोई वाणिज्य नहीं है। शिक्षा समाज की सेवा है। शिक्षा दायित्व है। सेवा करनी चाहिए। समाज को कुछ देना कर्तव्य है। समाज को कुछ देने का सबसे अच्छा तरीका शिक्षा में निवेश करना है। उन्होंने कहा कि शिक्षा में निवेश मानव संसाधन में निवेश है, वर्तमान में निवेश है। हमारे भविष्य में निवेश है। शिक्षा के माध्यम से ही हम हजारों सदियों के अपने गौरवशाली अतीत को जान पाते हैं।</p>
<p>धनखड़ ने कहा कि हमारे अभिजात वर्ग के लिए अभिजात वर्ग बनने का समय आ गया है। मैं उनसे अपील करता हूँ कि एक योग्य अभिजात वर्ग बनने के लिए आपको राष्ट्रवाद के जोश से प्रेरित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत, सबसे पुराना, सबसे बड़ा और क्रियाशील लोकतंत्र है, जिसे दुनिया का सबसे शक्तिशाली लोकतंत्र भी होना चाहिए। एक शक्तिशाली भारत वैश्विक सछ्वाव, शांति और खुशी का आश्वासन होगा। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Sat, 09 Nov 2024 18:03:20 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>गलत सूचना से राष्ट्र के ताने-बाने को नुकसान, लोकतांत्रिक मूल्यों की करनी चाहिए रक्षा : धनखड़</title>
                                    <description><![CDATA[ एक समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि गलत सूचना और सनसनीखेजता राष्ट्र के ताने-बाने को नुकसान पहुंचाती है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/misinformation-damages-of-nation--democratic-values-%E2%80%8B%E2%80%8Bshould-protect--says-dhankhad/article-92378"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/jagdeep-d-vicepresident.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने गलत सूचना, सनसनीखेज और राष्ट्रविरोधी बयानों से उत्पन्न खतरों पर चिंता व्यक्त करते हुए इन खतरों का मुकाबला करने के लिए प्रौद्योगिकी का प्रयोग करने का आह्वान किया है। धनखड़ ने एक समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि गलत सूचना और सनसनीखेजता राष्ट्र के ताने-बाने को नुकसान पहुंचाती है। उपराष्ट्रपति ने तेजी से बदलती तकनीकी उथल-पुथल के दौर में जिम्मेदार मीडिया की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने सार्वजनिक संवाद की शुचिता को बनाए रखने के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि जनता को सूचित और संवेदनशील बनाना चाहिए, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि मीडिया लोकतंत्र का प्रहरी बना रहे। उन्होंने कहा कि झूठे बयान और सनसनीखेज बातें भले ही रोचक हों, लेकिन वे राष्ट्र के ताने-बाने को नुकसान पहुंचाती हैं। मीडिया को इन ताकतों को बेअसर करना चाहिए और हमारे लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करनी चाहिए।</p>
<p>राष्ट्र निर्माण में मीडिया की भूमिका पर जोर देते हुए  धनखड़ ने मीडिया से पूर्वोत्तर के लिए राजदूत के रूप में काम करने और इसकी पर्यटन क्षमता और विकासात्मक प्रगति को बढ़ावा देने का आग्रह किया। उपराष्ट्रपति ने कहा कि  पूर्वोत्तर केवल एक भौगोलिक क्षेत्र नहीं है, बल्कि संस्कृतियों, परंपराओं और प्राकृतिक सुंदरता का एक जीवंत ²श्य  है। उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड, स्विटजरलैंड और स्कॉटलैंड को एक साथ रख दें, तो भी पूर्वोत्तर की समृद्धि से पीछे रह जाएंगे। क्षेत्र का प्रत्येक राज्य आगंतुकों, पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए स्वर्ग है। उन्होंने पूर्वोत्तर में कनेक्टिविटी में बदलाव के लिए किए गए महत्वपूर्ण कदमों पर बल दिया और इसे क्षेत्र के लिए एक बड़ा बदलाव बताया। </p>
<p>उपराष्ट्रपति ने कहा कि एक्ट ईस्ट नीति देश की सीमाओं तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि भारत से आगे पहुंचकर दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के साथ गहरे संबंधों को बढ़ावा देगी। उन्होंने कहा कि यह नीति एक गेम चेंजर साबित होगी। इस क्षेत्र के साथ गहरे सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों को बढ़ावा देगी।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Sat, 05 Oct 2024 16:48:24 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>अंगदान समाज की आवश्यकता, यह कार्य समाज की प्रतिभा को देता है बल : धनखड़</title>
                                    <description><![CDATA[ एक शरीर से आठ अंगों का दान किया जा सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वह अंगदान जैसे महत्वपूर्ण कार्य की प्रक्रिया से जुड़े और आवश्यकता होने पर अंगदान अवश्य करें।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/need-of-organ-donation-in-the-society-this-work-gives-force--says-dhankhad/article-88018"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/6633-copy1.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा कि अंगदान समाज की आवश्यकता है। यह कार्य समाज की प्रतिभा को बल देने वाला है। हमारी सांस्कृतिक ऐतिहासिक विरासत में बलिदानों का उल्लेख है। देहदानी अपनी आने वाली पीढ़ियों का सिर ऊंचा रखने वाला कार्य कर जाता है। उन्होंने कहा कि अंगदान में भारत विश्व के लिए एक मिसाल बनना चाहिए। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि अंगदान जीवन दान है। यह गौरवमयी और अद्भुत समारोह भारत की प्राचीन संस्कृति, आदर्श और मूल्यों से जुड़ा हुआ है। पहले लोगों में अंगदान के प्रति भ्रांति थी, लेकिन अब लोग अंगदान के महत्व को समझ रहे हैं और उसके लिए प्रेरित हो रहे हैं। एक शरीर से आठ अंगों का दान किया जा सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वह अंगदान जैसे महत्वपूर्ण कार्य की प्रक्रिया से जुड़े और आवश्यकता होने पर अंगदान अवश्य करें।</p>
<p>अंगदान के प्रति जागरूकता का समाज में प्रसार करने की जरूरत है। यह मानवता के लिए प्रेरणादायी कार्य है। प्रत्येक व्यक्ति दृढ़ निश्चय के साथ अंगदान करके और देहदान का प्रण लेकर समाज के लिए प्रेरणा बन सकता है। धनखड और देवनानी ने बिरला सभागार में देहदानियों के परिजनों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने स्मृति शर्मा भाटिया की नव प्रकाशित पुस्तक ऑर्गन एंड बॉडी डोनेशन का विमोचन भी किया। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा, उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा भी मौजूद थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 18 Aug 2024 18:09:36 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>जलवायु परिवर्तन पृथ्वी के अस्तित्व के लिए बड़ा संकट, वातावरण का संरक्षण करना है आवश्यक : धनखड़</title>
                                    <description><![CDATA[धनखड़ ने कहा कि मैंने राज्य सभा में आह्वान किया है कि हर संसद सदस्य साल में कम से कम 200 पेड़ लगाये और इसकी शुरुआत मैं खुद कर रहा हूं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/climate-change-is-big-threat-of-the-existence-of-earth--says-dhankhad/article-86048"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/6644-copy2.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और सुदेश धनखड़ ने दिल्ली में यमुना तट पर पौधारोपण किया। धनखड़ सुबह दिल्ली में यमुना तट पर असिता पहुंचे और एक पौधे का रोपण किया। पौधारोपण के उपरांत धनखड़ ने कहा कि जलवायु परिवर्तन पृथ्वी के अस्तित्व के लिए बहुत बड़ा संकट है। मानव जीवन के लिए पृथ्वी के पर्यावरण और वातावरण का संरक्षण करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भावी पीढ़ी को सुरक्षित पर्यावरणीय वातावरण देना मौजूदा पीढ़ी का कर्तव्य है। जलवायु परिवर्तन की समस्या सर्वव्यापी है और प्रत्येक व्यक्ति का यह कर्तव्य है कि इसके निवारण में अपना सहयोग दें।</p>
<p>धनखड़ ने कहा कि मैंने राज्य सभा में आह्वान किया है कि हर संसद सदस्य साल में कम से कम 200 पेड़ लगाये और इसकी शुरुआत मैं खुद कर रहा हूं। जहां भी जाता हूं वृक्षारोपण अवश्य करता हूं। कई बार देखा गया है कि जिस स्थान पर किसी कार्यक्रम में जाते हैं, वहां पेड़ नहीं लग सकता, तो मैं वहां गमले में पौधारोपण करता हूं, जिसे फिर बाद में उचित स्थान पर लगा दिया जाता है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 27 Jul 2024 17:31:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>राज्यसभा में नेता विपक्ष ने की संसदीय परंपरा की अवहेलना, इतिहास में कभी ऐसा नहीं हुआ : धनखड़</title>
                                    <description><![CDATA[विपक्षी दलों के सदस्य मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश से संबंधित परीक्षा नीट के पेपर लीक होने के मुद्दे पर चर्चा नहीं कराये जाने के विरोध में  आसन के निकट आकर शोर शराबा कर रहे थे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p>नई दिल्ली। राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने कहा कि सदन में विपक्ष के नेता ने कार्यवाही में व्यवधान डालने वाले सदस्यों के साथ आसन के निकट आकर संसदीय परंपराओं की घोर अवेहलना की है और संसद के इतिहास में पहले कभी ऐसा नहीं हुआ। राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर जब चर्चा हो रही थी और भारतीय जनता पार्टी के सुधांशु त्रिवेदी अपनी बात रख रहे थे तो करीब करीब सभी विपक्षी दलों के सदस्य मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश से संबंधित परीक्षा नीट के पेपर लीक होने के मुद्दे पर चर्चा नहीं कराये जाने के विरोध में  आसन के निकट आकर शोर शराबा कर रहे थे।</p>
<p>सभापति ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष स्वयं भी आसन के निकट आ गये हैं और मुझे अफसोस के साथ कहना पड़ रहा है कि संसद के इतिहास में संसदीय परंपरा इससे पहले कभी इतनी नीचे नहीं गिरी कि स्वयं नेता प्रतिपक्ष और उप नेता भी शोर शराबा करने वाले विपक्षी सदस्यों के साथ आसन के निकट आ गये। इससे पहले नेता सदन जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि कांग्रेस राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा को लेकर कतई गंभीर नहीं है और उसका मकसद केवल सदन की कार्यवाही में व्यवधान डालना है। उन्होंने कहा कि बृहस्पतिवार को कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में विपक्षी दलों के नेताओं की मौजूदगी में हुई बैठक में यह तय हुआ था कि धन्यवाद प्रस्ताव पर 21 घंटे की चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि इससे पहले इसके लिए कभी इतना समय आवंटित नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस चर्चा को लेकर गंभीर नहीं है और इस बारे में इस बात से पता चलता है कि उसके किसी भी नेता ने चर्चा में शामिल होने के लिए नाम नहीं दिया है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि विपक्ष ने कार्य मंत्रणा  समिति की बैठक में नीट का मुद्दा नहीं उठाया और अब नीट के बहाने से सदन की कार्यवाही नहीं चलने देना चाहती। उन्होंंने कहा कि सरकार इस मामले में जवाब देगी तथा नीट के मुद्दे का समाधान करने के लिए  तत्पर है। उल्लेखनीय है कि कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी सदस्यों ने सदन में अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान जमकर शोर शराबा किया और नीट के मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग की। सभापति ने नेता विपक्ष के बारे में अपनी टिप्पणी के बाद सदन की कार्यवाही भोजनावकाश के लिए स्थगित कर दी।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 28 Jun 2024 14:20:02 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>सीमा सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीक का करे प्रयोग, जवानों के कारण भारतवासी सुरक्षित : धनखड़ </title>
                                    <description><![CDATA[ तस्करी आदि अपराधों के जरिये सीमावर्ती इलाकों में अस्थिरता लाने के प्रयासों को प्रभावी रूप से निष्फल करने की उपराष्ट्रपति ने प्रशंसा की। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/use-of-modern-technology-for-border-security-indians-are-safe--says-jagdeep/article-81530"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/uu11rer-(2)4.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सीमा सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीक का प्रयोग करने का आह्वान करते हुए कहा कि सीमा पर जवानों की तैनाती के कारण भारतवासी एक सुरक्षित वातावरण में सो पाते हैं। धनखड़ ने राजस्थान के जैसलमेर में सीमा सुरक्षा बल बीएसएफ के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि सीमा पर जवानों की तैनाती के कारण भारतवासी एक सुरक्षित वातावरण में सो पाते हैं। उन्होंने कहा कि देश की प्रथम रक्षा पंक्ति के रुप में सीमा सुरक्षा बल उत्कृष्ट रूप से कर्तव्य निर्वहन कर रहा है। यह कार्य अत्यंत प्रशंसनीय और वंदनीय है। देश के दुश्मनों की घुसपैठ, तस्करी आदि अपराधों के जरिये सीमावर्ती इलाकों में अस्थिरता लाने के प्रयासों को प्रभावी रूप से निष्फल करने की उपराष्ट्रपति ने प्रशंसा की। उन्होंने इन चुनौतियों से निपटने में आधुनिक तकनीक के प्रयोग का भी आह्वान किया। </p>
<p>उराष्ट्रपति दो दिन के जैसलमेर की यात्रा पर हैं। उपराष्ट्रपति ने जैसलमेर में बीएसएफ की बावलियांवाला सीमा चौकी का दौरा किया था और जवानों से मुलाकात की थी। इस अवसर पर उन्होंने तनोट विजय स्तंभ पर अमर शहीदों को कृतज्ञ राष्ट्र की ओर से श्रद्धांजलि भी अर्पित की। उन्होंने कहा कि हिमालय की ऊंची पहाडिय़ाँ, थार का तपता हुआ रेगिस्तान, पूर्वोत्तर के घने जंगल, दल-दल से भरे रण-क्रीक में सीमा सुरक्षा बल के जवानों की जो मुस्तैदी बेमिसाल है। सीमा सुरक्षा बल के जवान हर पल आप अपने नारे जीवन पर्यन्त कर्तव्य को चरितार्थ कर रहें हैं। रक्षा क्षेत्र में भारत की बढ़ती आत्मनिर्भरता का उल्लेख करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि अब रक्षा उपकरणों का निर्यात किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि   विमानवाहक पोत विक्रांत देश में बना, फ्रिगेट देश में बने, तेजस बना, मिसाइलें बनी और यह मुमकिन इसलिए हुआ क्योंकि सीमाओं पर अमन-चैन आप कायम करते हो।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 14 Jun 2024 16:31:08 +0530</pubDate>
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                <title>भारत की सांस्कृतिक विरासत दुनिया में है बेमिसाल : धनखड़</title>
                                    <description><![CDATA[दर्शन के उपरांत उन्होंने कहा की इस पवित्र जगह पर आकर मन में एक नई ऊर्जा का संचार हुआ है और  राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना में बढ़ोतरी हुई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/india-cultural-heritage-is-unmatched-in-the-world--says-dhankhad/article-79905"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/t221rer3.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा कि भारत की 5 हजार साल की सांस्कृतिक विरासत दुनिया में बेमिसाल है और अब की वैश्विक समस्याओं के समाधान में भारतीय संस्कृति एक महत्वपूर्ण स्थान रखती है। उत्तराखंड के दौरे पर गये धनखड़ ने नैनीताल जिले में कैंची धाम में बाबा नीब करौरी महाराज के दर्शन किए और आश्रमवासियों के साथ समय व्यतीत किया। दर्शन के उपरांत उन्होंने कहा की इस पवित्र जगह पर आकर मन में एक नई ऊर्जा का संचार हुआ है और  राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना में बढ़ोतरी हुई है।</p>
<p>कैंची धाम में महाराज के दर्शन कर धनखड़ ने कहा कि इस जगह आकर उन्हें धार्मिकता, उदात्तता और आध्यात्मिकता के संगम का आभास हुआ है। उन्होंने कहा कि ये वो जगह है, जहां ऐसे महापुरुष हुए है, जिनके द्वारा निर्धारित उच्चतम सिद्धांत सभी के लिए अनुकरणीय हैं। भारत की उत्कृष्ट सांस्कृतिक विरासत की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत की पांच हजार साल की सांस्कृतिक विरासत दुनिया में बेमिसाल है और अब की वैश्विक समस्याओं के समाधान में भारतीय संस्कृति एक महत्वपूर्ण स्थान रखती है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 May 2024 17:47:13 +0530</pubDate>
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                <title>अब के समय बेहतर शिक्षा की है जरुरत : धनखड़</title>
                                    <description><![CDATA[प्रत्येक विद्यार्थी के लिए शिक्षा, एकता और असीमित क्षमता का उत्सव होगा। स्कूल में पारंपरिक योग आसनों के साथ-साथ विभिन्न खेल गतिविधियों को शामिल किया गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/there-is-a-need-for-better-education-now-a-days--says-dhankhad/article-76268"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/6633-copy78.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने जगतपुरा स्थित द कुलिश स्कूल का उद्घाटन किया। इससे पहले उपराष्ट्रपति ने स्कूल परिसर का भ्रमण भी किया और मूर्ति का अनावरण भी किया। समारोह को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा कि अब के समय बेहतर शिक्षा की जरुरत है, जिससे की पढ़ाई के साथ ही युवाओं को रोजगार मिल सके। स्कूल में फिलहाल चौथी कक्षा तक प्रवेश जा रहे हैं, जिसमें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों पाठ्यक्रम शामिल हैं। यहां शिक्षा केवल एक प्रक्रिया से नहीं होगी, बल्कि प्रत्येक विद्यार्थी के लिए शिक्षा, एकता और असीमित क्षमता का उत्सव होगा। स्कूल में पारंपरिक योग आसनों के साथ-साथ विभिन्न खेल गतिविधियों को शामिल किया गया है।</p>
<p>कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, सुदेश धनखड़, उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी, विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, जयपुर नगर निगम ग्रेटर मेयर डॉ. सौम्या, जयपुर नगर निगम हेरिटेज मुनेश गुर्जर, ज्योति खंडेलवाल सहित कई लोग मौजूद रहे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Apr 2024 14:15:11 +0530</pubDate>
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                            </item>
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                <title>धनखड़ में किसान और सैनिक समाहित, नेतृत्व में राज्य सभा बनेगी प्रभावी मंच : मोदी</title>
                                    <description><![CDATA[मोदी ने कहा कि धनखड़ में किसान और सैनिक समाहित है। आप तो झुंझुनू से आते हैं, झुंझुनू वीरों की भूमि है। शायद ही कोई परिवार ऐसा होगा, जिसने देश की सेवा में अग्रिम भूमिका न निभाई हो। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/modi-will-become-an-effective-platform-under-the-leadership-of/article-31721"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-12/modi-rajyasabha-(1).jpg1.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा के नए सभापति जगदीप धनखड़ का स्वागत करते हुए कहा  कि उनके नेतृत्व में उच्च सदन को सक्षम नेतृत्व मिलेगा और सदन देश के संकल्पों को पूरा करने का प्रभावी मंच बनेगा। मोदी ने राज्यसभा में धनखड़ के स्वागत वक्तव्य ने कहा कि आज संसद का ये उच्च सदन एक ऐसे समय में आपका स्वागत कर रहा है, जब देश दो महत्वपूर्ण अवसरों का साक्षी बना है। कुछ ही दिन पहले दुनिया ने भारत को जी-20 समूह की मेजबानी का दायित्व सौंपा है। साथ ही, ये समय अमृतकाल के आरंभ का समय है। ये अमृतकाल एक नए विकसित भारत के निर्माण का कालखंड तो होगा ही, साथ ही भारत इस दौरान विश्व के भविष्य की दिशा तय करने पर भी बहुत अहम भूमिका निभाएगा।</p>
<p>उन्होंने कहा कि आपको इस सदन की तरफ से और पूरे देश की तरफ से बहुत-बहुत बधाई देता हूं। आपने एक सामान्य परिवार से आ करके संघर्षों के बीच जीवन यात्रा को आगे बढ़ाते हुए आप जिस स्थान पर पहुंचे हैं, वो देश के कई लोगों के लिए अपने-आप में एक प्रेरणा का कारण है। मोदी ने कहा कि धनखड़ में किसान और सैनिक समाहित है। आप तो झुंझुनू से आते हैं, झुंझुनू वीरों की भूमि है। शायद ही कोई परिवार ऐसा होगा, जिसने देश की सेवा में अग्रिम भूमिका न निभाई हो। और ये भी सोने में सुहागा है कि आप स्वयं भी सैनिक स्कूल के विद्यार्थी रहे हैं। तो किसान के पुत्र और सैनिक स्कूल के विद्यार्थी के रूप में मैं देखता हूं कि आप में किसान और जवान, दोनों समाहित हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि भारत की इस यात्रा में हमारा लोकतंत्र, हमारी संसद, हमारी संसदीय व्यवस्था, उसकी भी एक बहुत महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। इस महत्वपूर्ण कालखंड में उच्च सदन को आपके जैसा सक्षम और प्रभावी नेतृत्व मिला है। आपके मार्गदर्शन में हमारे सभी सदस्यगण अपने कर्तव्यों का प्रभावी पालन करेंगे, ये सदन देश के संकल्पों को पूरा करने का प्रभावी मंच बनेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस उच्च सदन के कंधों पर भी जो जिम्मेदारी है, उसका भी सबसे पहला सरोकार देश के सबसे निचले पायदान पर खड़े सामान्य मानवी के हितों से ही जुड़ा है। इस कालखंड में देश अपने इस दायित्व को समझ रहा है और उसका पूरी जिम्मेदारी से पालन कर रहा है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 07 Dec 2022 15:49:03 +0530</pubDate>
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                <title>एशिया प्रशांत क्षेत्र में आसियान की भूमिका को समर्थन देता है भारत : धनखड़</title>
                                    <description><![CDATA[ धनकड़ यहां भारत आसियान 19वीं शिखर बैठक संबोधित कर रहे थे। इस शिखर बैठक को भारत आसियान संबंध के 30 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में स्मृति शिखर सम्मेलन के रूप में देखा जा रहा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/dhankhad-addressed-of-meeting/article-29374"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-11/46546546516.jpg" alt=""></a><br /><p>नामपेन्ह। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने भारत और दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के संघ (आसियान) के बीच रणनीतिक विश्वास तथा सहयोग को मजबूत और विस्तृत बनाने पर बल दिया। धनखड़ ने कहा कि एशिया प्रशांत क्षेत्र में आसियान की केंद्रीय भूमिका को भारत समर्थन देता है। धनखड़ यहां भारत आसियान 19वीं शिखर बैठक संबोधित कर रहे थे। इस शिखर बैठक को भारत आसियान संबंध के 30 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में स्मृति शिखर सम्मेलन के रूप में देखा जा रहा है। इसका आयोजन आसियान की 40 और 41 में शिखर बैठक के साथ हो रहा है। इस बैठक में भाग लेने के लिए धनखड़ के नेतृत्व में भारत का प्रतिनिधिमंडल कल यहां पहुंचा। धनखड़ ने कहा कि हम भविष्य की ओर देखते है, तो इस क्षेत्र का राजनीतिक परिदृश्य निश्चित दिखता है। इस स्थिति से निकलने के लिए भारत -आसियान सहयोग का विस्तार होना चाहिए। रणनीतिक विश्वास होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत-आसियान सहयोग का विस्तार होना चाहिए। रणनीतिक विश्वास होना चाहिए। इस विषय में भारत आसियान के बीच की रणनीतिक भागीदारी का भूमिका का महत्व और बढ़ गया है। </p>
<p>भारत आसियान के साथ अपने संबंधों को महत्व देता है। भारत आसियान को क्षेत्रीय और वैश्विक व्यवस्था के एक महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में देखता है। धड़कड़ ने कहा कि भारत एशिया-प्रशांत क्षेत्र में उभर रही नई व्यवस्था और समीकरणों के बीच आसियान के केंद्रीय अस्थान का समर्थन करता है। आसियान देश भारत की एक्ट ईस्ट नीति में केंद्रीय स्तंभ हैं। सांस्कृतिक आर्थिक और सभ्यता के क्षेत्र में आसियान देशों के साथ भारत के संबंध आदिकाल से चले आ रहे है। इससे हमें आधुनिक युग में आसियान के साथ अपने संबंध विकसित करने का मजबूत आधार मिला है। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 12 Nov 2022 12:00:36 +0530</pubDate>
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