<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/jk-lon-hospital/tag-33382" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>jk lon hospital - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/33382/rss</link>
                <description>jk lon hospital RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>असर खबर का - एमबीएस एवं जे.के.लोन परिसर में ड्रेनेज समस्या का होगा समाधान, संभागीय आयुक्त की अध्यक्षता में दिए निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[दैनिक नवज्योति में पांच फरवरी को प्रमुखता से उठाया था मामला ।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news---drainage-problems-in-the-mbs-and-jk-lon-complexes-will-be-resolved/article-143016"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/(12200-x-600-px)-(6)8.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। संभागीय आयुक्त अनिल कुमार अग्रवाल की अध्यक्षता में गुरुवार को सीएडी सभागार में आयोजित बैठक में एमबीएस हास्पीटल एवं जे.के.लोन चिकित्सालय परिसर में वर्षा जल भराव की समस्या के समाधान के लिए ड्रेनेज सिस्टम के निर्माण तथा एक एमएलडी के एसटीपी के निर्माण के लिए आरयूआईडीपी से डिजाईन बनवाने के निर्देश दिए गए। बैठक में संभागीय आयुक्त ने निर्देश दिए कि एमबीएस एवं जेके लोन हॉस्पिटल परिसर की क्षतिग्रस्त दीवार का शीघ्र निर्माण कराया जाए। उन्होंने एमबीएस एवं जे.के.लोन चिकित्सालय परिसर में स्थित पुराने, अनुपयोगी, जर्जर एवं नकारा घोषित स्ट्रक्चर को नियमानुसार गिराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने नवीन आईपीडी के मॉड्यूलर आॅपरेशन थियेटर में पानी के लीकेज, सीपेज एवं टाइल्स उखडने से मरीजों एवं अस्पताल स्टाफ को हो रही समस्या के समाधान के लिए पीडब्ल्यूडी के अभियंताओं को मौका निरीक्षण करने एवं समस्या का स्थाई समाधान निकालने के निर्देश दिए।</p>
<p><strong>आरएमआरएस में उपलब्ध फंड की भी समीक्षा</strong><br />उन्होंने नवीन आईपीडी एवं पुराने भवन को जोड़ने के लिए कनेक्टिंग कोरिडोर का कार्य शीघ्र पूरा करने तथा चिकित्सालय परिसर में लगी हुई खराब लाइटों का ठीक करने के भी निर्देश दिए। बैठक में आरएमआरएस में उपलब्ध फंड एवं प्रगतिरत कार्यों के बारे में भी समीक्षा की गई। बैठक में जिला कलक्टर पीयूष समारिया, केडीए आयुक्त ममता तिवारी, केडीए सचिव मुकेश चौधरी, मेडिकल कॉलेज कोटा की प्राचार्य डॉ. संगीता सक्सेना,एमबीएस हॉस्पिटल अधीक्षक डॉ. धर्मराज मीणा, जेके लोन हॉस्पिटल की अधीक्षक निर्मला शर्मा, निदेशक अभियात्रिंकी केडीए रविन्द्र माथुर, अधिशाषी अभियंता पीडब्ल्यूडी अशोक सनाढय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि इस सम्बंध में दैनिक नवज्योति में गत पांच फरवरी को प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news---drainage-problems-in-the-mbs-and-jk-lon-complexes-will-be-resolved/article-143016</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news---drainage-problems-in-the-mbs-and-jk-lon-complexes-will-be-resolved/article-143016</guid>
                <pubDate>Fri, 13 Feb 2026 15:06:41 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/%2812200-x-600-px%29-%286%298.png"                         length="870350"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजस्थान बजट 2026-27 : दस्तावेज के अभाव में ईलाज से वंचित नहीं रहेगा आम आदमी, सभी को मिलेगी मुफ्त ईलाज की सुविधा; अस्पतालों में परिजनों के रुकने के लिए बनेगी धर्मशालाएं </title>
                                    <description><![CDATA[उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने 2026-27 बजट पेश करते हुए स्वास्थ्य क्षेत्र में कई अहम घोषणाएं कीं। दस्तावेज़ विहीनों को मुफ्त इलाज, जिला अस्पतालों में मेंटल हेल्थ सेंटर, हाईवे एंबुलेंस और नए आईपीडी टावर की घोषणा की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rajasthan-budget-2026-27-common-man-will-not-be-deprived-of/article-142733"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(11)9.png" alt=""></a><br /><p dir="ltr">जयपुर। राजस्थान विधानसभा में उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दिया कुमारी ने वित्त वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत किया। कुमारी ने राज्य की भजनलाल सरकार का यह तीसरा बजट प्रस्तुत किया। यह उनका लगातार तीसरा बजट भाषण है। उन्होंने पूर्वाह्न ग्यारह बजे सदन की कार्यवाही के शुरु होने के साथ ही अपना बजट भाषण शुरु किया और दो घंटे 54 मिनट तक बजट भाषण दिया, जिसमें उन्होंने विभिन्न घोषणाएं की। बजट भाषण में कहा कि संस्कृति हमारी उड़ान है, विकास हमारी पहचान है, दोनों को आगे लेकर बढ़ा रहा है राजस्थान। इस दौरान उन्होंने मेडिकल और हेल्थ को लेकर भी कई घोषणाएं की। </p>
<p dir="ltr">कुमारी ने बजट में चिकित्सा क्षेत्र में विभिन्न घोषणाएं की। उन्होंने किहा कि जो लोग दस्तावेजों के अभाव में इलाज से वंचित रह जाते है। उन लोगों को भी अब मुफ्त में ईलाज दिया जाएगा। मुख्यमंत्री चिकित्सा आरोग्य योजना एवं निरोगी राज्य योजना के तहत उन्हें निःशुल्क चिकित्सा सुविधा का लाभ दिलाया जाएगा। </p>
<p dir="ltr"><strong>हेल्थ को लेकर प्रमुख घोषणाएं : </strong></p>
<p dir="ltr">जिला अस्पतालों में मेंटल हेल्थ केयर सेंटर खोलने की घोषणा। </p>
<p dir="ltr">जयपुर के जेके लोन अस्पताल में 75 करोड़ की लागत से नया आईपीडी टावर बनेगा। </p>
<p dir="ltr">गंभीर मरीजों और एक्सीडेंट के मामलों में तत्काल इलाज मिलेगा। इसके लिए नई योजना शुरू होगी। </p>
<p dir="ltr">अस्पतालों में फायर सेफ्टी उपकरणाों के लिए 300 करोड़ खर्च करने की घोषणा। </p>
<p dir="ltr">अस्पतालों में मरीजों और परिजनों के रुकने के लिए धर्मशालाएं बनाई जाएगी। </p>
<p dir="ltr">हाईवे पर एंबुलेंस तैनात होगी। </p>
<p dir="ltr">जिला अस्पतालों में मेंटल हेल्थ केयर सेंटर खोलने की घोषणा। </p>
<p dir="ltr">आत्महत्याएं रोकने और मानसिक स्वास्थ्य पर राज ममता के नाम से नया प्रोग्राम शुरू करेंगे। </p>
<p dir="ltr">जिन मरीजों के पास दस्तावेज नहीं है, उन्हें भी मुफ्त ईलाज का लाभ दिया जाएगा। </p>
<p dir="ltr">कॉलेजों में मेंटल हेल्थ और काउंसलिंग के लिए काउंसलर भेजे जाएंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rajasthan-budget-2026-27-common-man-will-not-be-deprived-of/article-142733</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rajasthan-budget-2026-27-common-man-will-not-be-deprived-of/article-142733</guid>
                <pubDate>Wed, 11 Feb 2026 17:55:10 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/11-%28700-x-400-px%29-%28630-x-400-px%29-%2811%299.png"                         length="1032515"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जेके लोन अस्पताल की व्यवस्थाएं जानने प्रमुख सचिव पहुंची, सुधार के दिए निर्देश </title>
                                    <description><![CDATA[चिकित्सा विभाग की प्रमुख सचिव गायत्री राठौड़ अस्पतालों की व्यवस्थाओं का ताबड़तोड़ निरीक्षण कर रही हैं। हाल ही में उन्होंने एसएमएस गणगौरी महिला अस्पताल का जायजा लिया था और आज वे जे के लोन अस्पताल पहुंची। हॉस्पिटलों में बिगड़ती व्यवस्थाओं को सुधारने के उदेश्य से आज प्रिंसिपल सेक्रेटरी हेल्थ गायत्री ए. राठौड़ ने आज जयपुर के जे.के. लोन हॉस्पिटल का निरीक्षण किया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p>जयपुर। चिकित्सा विभाग की प्रमुख सचिव गायत्री राठौड़ अस्पतालों की व्यवस्थाओं का ताबड़तोड़ निरीक्षण कर रही हैं। हाल ही में उन्होंने एसएमएस गणगौरी महिला अस्पताल का जायजा लिया था और आज वे जे के लोन अस्पताल पहुंची। हॉस्पिटलों में बिगड़ती व्यवस्थाओं को सुधारने के उदेश्य से आज प्रिंसिपल सेक्रेटरी हेल्थ गायत्री ए. राठौड़ ने आज जयपुर के जे.के. लोन हॉस्पिटल का निरीक्षण किया। यहां वे वार्डो में गई और भर्ती मरीजों से फीडबैक लिया। इस दौरान कुछ मरीजों से जब उन्होंने दवाईयां, जांचों के बारे में पूछा तो सामने आया कि कई मरीजों को कुछ दवाईयां और जांचों के लिए बाहर भेजा रहा है। इस पर उन्होंने डॉक्टरों को किसी भी सूरत में बाहर से जांच करवाने और दवाईयां लाने के लिए पर्ची नहीं लिखने के निर्देश दिए। इससे पहले जब वह हॉस्पिटल के अलग-अलग सेक्शन में गई तो उन्हें कुछ स्टाफ बैठा दिखा। जिनसे पूछा तो पता चला कि वह ट्रेनिंग के लिए यहां आया है। ट्रेनिंग के दौरान स्टाफ से काम न करवाने पर राठौड़ ने नाराजगी जताई और स्टाफ को ट्रेनिंग करवाने और उनसे काम करवाने के लिए कहा। इस दौरान प्रिंसिपल सेक्रेटरी के साथ एसएमएस मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. दीपक माहेश्वरी, हॉस्पिटल अधीक्षक डॉ. आर. एन सेहरा समेत अन्य डॉक्टर और प्रशासनिक अधिकारी भी साथ रहे।</p>
<p><strong> फीडबैक फार्म रखवाने के निर्देश : </strong>प्रिंसिपल सेक्रेटरी विजीट के दौरान कुछ जनरल और आईसीयू वार्ड में भी गई। यहां उन्होंने जब मरीजों से यहां की व्यवस्था, इलाज के बारे में फीडबैक लिया तो उन्हें कई मरीजों की तरफ से कई असुविधाओं के बारे में जानकारी दी गई। इसके बाद उन्होंने हॉस्पिटल अधीक्षक को वार्डों और हॉस्पिटल में अलग-अलग स्थानों पर फीडबैक फार्म और उसे जमा करने की पेटी रखने के निर्देश दिए, ताकि आमजन अपनी शिकायतों और यहां होने वाली समस्याओं को लिखकर प्रशासन और सरकार तक पहुंचा सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/chief-secretary-arrived-to-know-the-arrangements-of-jk-lon/article-134414</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/chief-secretary-arrived-to-know-the-arrangements-of-jk-lon/article-134414</guid>
                <pubDate>Tue, 02 Dec 2025 16:23:02 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का - कुपोषित व बिन मां के बच्चों को अब मिलेगा मां का अमृत</title>
                                    <description><![CDATA[पहले दिन पांच माताओं ने किया मिल्क डोनेट।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-news---malnourished-and-motherless-children-will-now-get-mother-s-nectar/article-106433"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/6622-copy63.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। पौने तीन साल के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार जेकेलोन अस्पताल परिसर में बहुप्रतीक्षित मदर मिल्क बैंक मंगलवार को शुरू हो ही गया। नवज्योति मदर मिल्क बैंक शुरू करने को लेकर लगातार खबरे प्रकाशित करता रहा उसकी यह परिणाम है कि 34 माह के बाद मंगलवार को पहली बार कोटा के मदर मिल्क बैंक में पांच माताओं ने दुध का दान करने के साथ ही मदर मिल्क बैंक शुुरुआत हो गई। दैनिक नवज्योति के 4 मार्च के अंक में पेज दो पर आखिरकार 34 माह बाद मदर मिल्क बैंक के ताले खूले शीर्षक से खबर प्रकाशित होने के बाद जेकेलोन प्रशासन ने आनन फानन में मदर मिल्क मंगलवार को शुरू कर दिया। मदर मिल्क बैंक शुरू होने से। मदर मिल्क बैंक के शुरू होने से कोटा संभाग के कुपोषित बच्चों व बिन मां के बच्चों को मां का दूध मिलेगा। उल्लेखनीय है कि बूंदी और बारां की मदर मिल्क के सफल संचालन के बाद अब संभाग के सबसे बड़े जेकेलोन अस्पताल में भी अब मदर मिल्क बैंक की शुरुआत हो गई है। </p>
<p><strong>नवजात बच्चों को कुपोषण से बचाने में मददगार होगा</strong><br />बालपोषण संस्थाओं के अनुसार जन्म के आधे घंटे के भीतर मां का पहला दूध बच्चे के लिए पीना जरूरी है, लेकिन किसी कारणवश देश में 95 प्रतिशत बच्चों को यह दूध नहीं मिल पाता। यही वजह है कि भारत में हर दूसरा बच्चा कुपोषित है। इसी बात को ध्यान में रखते नौ साल पहले राजस्थान के उदयपुर में दिव्य मदर मिल्क बैंक की स्थापना की गई। इसके पीछे सिर्फ एक वजह थी कि नवजात (0-1 साल) बच्चों को कुपोषित होने और दूध के अभाव में मौत के मुंह में समाने से रोकना। उदयपुर के मदर मिल्क की सफलता के बाद प्रदेश में जयपुर, बूंदी, बारां में मदर मिल्क बैंक खोले गए। अब कोटा में खुलने से बढ़ राहत मिलेगी।</p>
<p><strong>प्रदेश में बढ़ रहा मदर मिल्क बैंक का ट्रेंड</strong><br />मदर मिल्क बैंक के नोडल अधिकारी व प्रभारी डॉ. मोहित अजमेरा ने बताया कि यह एक नॉन-प्रॉफिट बैंक है । यहां नवजात शिशुओं के लिए मां का सुरक्षित दूध स्टोर किया जाएगा। इसकी मदद से उन नवजात शिशुओं को मां का दूध उपलब्ध कराया जाएगा जिनकी अपनी मां किसी कारणवश स्तनपान करा पाने में असमर्थ हैं। इस केंद्र में दो तरह की महिलाएं दूध दान कर सकती हैं। पहली स्वैच्छा से और दूसरी वे माताएं जो अपने बच्चों को दूध नहीं पिला सकतीं। जिनके बच्चे दूध नहीं पीते। अगर उनका दूध नहीं निकाला जाए तो मां के रोगी होने की आशंका बढ़ जाती है। उनके लिए दूध दान करना अच्छा विकल्प है। नर्स रुकसाना, ऋतु, आरती शर्मा ने मंगलवार दुध संग्रह किया। </p>
<p><strong>ऐसे लेते है दूध का दान</strong><br />मदर मिल्क बैंक में  दूध दान करने आई मां की पहले एचआईवी, एचबीएसएजी, डब्लूबीआरएल जांच की जाएगी । जांच रिपोर्ट सही आने के बाद महिला से लिखित अनुमति ली जाती है । उसके बाद मदर मिल्क लिया जाएगा।  मदर मिल्क बैंक वो बैंक है जो महिलाओं से न सिर्फ दूध इकट्ठा करती है, बल्कि जरुरतमंद बच्चों तक वो दूध पहुंचाने का काम भी करती है। उत्तर भारत में सबसे पहली मदर मिल्क बैंक 2013 में बनाई गई थी।  राजस्थान में उदयपुर में यह पहली बैंक बनी थी। उसके बाद जयपुर, बूंदी बारां और अब कोटा में बनी है।</p>
<p><strong>स्तनपान प्रबंधन पर रहेगा जोर</strong><br />मदर मिल्क बैंक के साथ स्तनपान प्रबंधन पर मुख्य रूप से फोकस रहेगा। महिलाओं को स्तनपान कराने में आने वाली समस्याओं का समाधान मदर मिल्क बैंक में किया जाएगा। माताओं को मेडिकल व इमोशन प्रॉब्लम का समाधान किया जाएगा। स्तनपान प्रबंधन के तहत दूसरा मुख्य कार्य यह किया जाएगा जिन माताओं के पास अतिरिक्त दूध है वह स्वैच्छा से दान करेंगी। उसका संग्रहण कर कुपोषित व समय से पूर्व हुए बच्चों को दिया जाएगा। यह दूध दवाई के रूप में कार्य करेंगा। माता दूर होने पर उन बच्चों को यह दूध दिया जाएगा। <br /><strong>- डॉ. मोहित अजमेरा, नोडल अधिकारी कोटा</strong></p>
<p>मदर मिल्क बैंक का सात दिन से व्यवस्थाओं का अवलोकन करने के बाद मेडिकल कॉलेज की प्रधानाचार्य के निर्देशन में मंगलवार को इसका संचालन शुरू किया। पहले दिन पांच महिलाओं ने मिल्क डोनेट किया। मदर मिल्क का संचालन के लिए नोडल अधिकारी मोहित अजमेरा को नियुक्त किया गया है। मिल्क बैंक में चार एसी भी लगाए है। <br /><strong>- डॉ. निर्मला शर्मा, अधीक्षक जेकेलोन अस्पताल कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-news---malnourished-and-motherless-children-will-now-get-mother-s-nectar/article-106433</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-news---malnourished-and-motherless-children-will-now-get-mother-s-nectar/article-106433</guid>
                <pubDate>Wed, 05 Mar 2025 14:46:58 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-03/6622-copy63.jpg"                         length="417188"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का - 34 माह बाद आखिर मदर मिल्क बैंक का खुला ताला, मदर मिल्क बैंक शुरू करने की कवायद हुई शुरू </title>
                                    <description><![CDATA[बैंक से प्रतिदिन एक दर्जन से अधिक नवजात शिशुओं को लाभ मिलेगा और उन्हें पोषक मां का दूध उपलब्ध कराया जा सकेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-the-news---mother-milk-bank-finally-opened-after-34-months/article-106300"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/257rtrer-(1)15.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार मदर मिल्क बैंक शुरू करने की प्रक्रिया शुरू हो गई। सोमवार को जेकेलोन अधीक्षक डॉ. निर्मला शर्मा ने बैंक की साफ सफाई से लेकर मशीनों की जांच कराकर व्यवस्थाएं जांची और इसको शुरू करने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश शिशुरोग विभाग डॉक्टरों को दिए। उल्लेखनीय है कि दैनिक नवज्योति  2 मार्च के अंक में ये कैसा इंतजाम ! बनने के 34 माह बाद भी मदर मिल्क बैंक नहीं हो पा रहा शुरू शीर्षक से खबर प्रकाशित की। उसके बाद सोमवार को अस्पताल प्रशासन हरकत में आया और उसने बंद पड़े मदर मिल्क बैंक सूद ली और उसको चालू करने की कवायद शुरू की। डॉ. निर्मला शर्मा ने बताया कि सभी मशीनों की जांच कर उपकरणों की जांच की है। शीघ्र इसको चालू करने के निर्देश जारी कर दिए है। </p>
<p><strong>कुपोषित बच्चों को मिलेगा लाभ</strong><br />जेकेलोन अस्पताल की अधीक्षक डॉ. निर्मला शर्मा ने बताया कि मदर मिल्क शुरू होने से कुपोषित बच्चों को मां का दूध मिल सकेंगा। प्रसूताएं एक दिन में तीन बार दूध दान कर सकेंगी। यह मिल्क बैंक उन नवजात शिशुओं के लिए वरदान साबित होगा, जिनकी मां नहीं हैं या जिन्हें मां का दूध नहीं मिल पा रहा है। इस बैंक से प्रतिदिन एक दर्जन से अधिक नवजात शिशुओं को लाभ मिलेगा और उन्हें पोषक मां का दूध उपलब्ध कराया जा सकेगा। मदर्स मिल्क बैंक बनने के बाद कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़ ही नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश तक के नवजात शिशुओं और उनके परिजनों को फायदा मिलेगा। हालांकि, दूध दान करने वाली महिलाओं के स्वास्थ्य की पूरी जांच की जाएगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उन्हें कोई बीमारी न हो। मदर्स मिल्क बैंक नवजात शिशुओं के लिए मां का दूध स्टोर करने और वितरित करने वाली एक नॉन-प्रॉफिट संस्था है। इन बैंकों में स्वेच्छा से दूध दान किया जाता है, जिससे जरूरतमंद नवजात शिशुओं को मां का दूध उपलब्ध कराया जा सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-the-news---mother-milk-bank-finally-opened-after-34-months/article-106300</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-the-news---mother-milk-bank-finally-opened-after-34-months/article-106300</guid>
                <pubDate>Tue, 04 Mar 2025 13:18:53 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-03/257rtrer-%281%2915.png"                         length="352942"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ये कैसे इंतजाम! बनने के 34 माह बाद भी मदर मिल्क बैंक नहीं हो पाया शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[कुपोषित व बिन मां के बच्चों की मां के दूध के इंतजार में पथराई आंखें।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/what-kind-of-arrangement-is-this--mother-milk-bank-could-not-be-started-even-after-34-months-of-its-construction/article-106202"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/257rtrer-(5)4.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। संभाग के सबसे बड़े जेकेलोन अस्पताल में पौने तीन साल से मदर मिल्क बैंक बनकर तैयार पड़ा है। सरी मशीने लग गई स्टाफ को प्रशिक्षण भी दिया जा चुका उसके बावजूद अभी तक शुरू नहीं होने से 84 लाख से अधिक से तैयार भवन का उपयोग नहीं हो रहा । इसका खामीयाजा कुपोषित बच्चों को उठाना पड़ रहा है। जेकेलोन अस्पताल प्रशासन के ढीली कार्य शैली कारण कुपोषित व बिन मां के बच्चों को दूध के लिए आंख पथरा गई है। मदर मिल्क बैंक भवन बनकर तैयार हुए 34 माह से अधिक हो गए उसके बावजूद अभी शुरू नहीं हो का। इस दौरान तीन अधीक्षक तक बदल गए लेकिन मदर मिल्क बैंक ताले अभी तक खूले नहीं है।</p>
<p><strong>धूल फांक रहे उपकरण </strong><br />मदर मिल्क बैंक के भवन को हस्तांतरित किए करीब 24 माह से अधिक हो गया है, जिसका कोई उपयोग नहीं हो रहा है । इधर बंद पड़ा भवन मरीजों के परिजनों के कपड़े सुखाने के काम आ रहा है।  वहीं उपकरण अंदर पड़े पडे धूल फांक रहे है। उल्लेखनीय है कि 84 लाख की लागत से तैयार भवन में एसी से लेकर बाकी सभी सुविधाएं लग गई लेकिन इसको शुरू नहीं किया जा रहा है। पौने तीन साल से बेसब्री से इसके शुरू होने इंतजार कर रहे नौनिहालों इंतजार कब खत्म होगा ये यक्ष प्रश्न बना हुआ है।</p>
<p><strong>अस्थाई मदर मिल्क बैंक मूर्तरूप लेता तो आज उसे चले तीन साल हो जाते</strong><br />जेके लोन मातृ एवं शिशु अस्पताल में मार्च 2021 में अस्पताल के दो कमरों में अस्थाई मदर मिल्क बैंक शुरू करने की कवायद शुरू की थी। अप्रैल 2021 में दो कमरे और किचन बनकर तैयार भी हो गया था।  इसकी शुरुआत अप्रैल 2021 में करनी थी, लेकिन कोरोना संक्रमण से अंतरराष्टÑीय विमान सेवाएं बंद होने से मदर मिल्क के लिए आवश्यक मशीनें कोटा नहीं पहुंच सकी। जिससे  मदर मिल्क बैंक मूर्तरूप नहीं ले सका । अगर उस समय ये अस्थाई मदर मिल्क मूर्तरूप ले लेता तो 34 माह का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ता 22 अप्रैल 2022 को भवन बन गया था उसमें यह मशीन शिफ्ट हो जाती और बच्चों को मां के दूध से वंचित नहीं रहना पड़ा। </p>
<p><strong>नवजात बच्चों को कुपोषण से बचाने का लंबा हो रहा इंतजार</strong><br />बालपोषण संस्थाओं के अनुसार जन्म के आधे घंटे के भीतर मां का पहला दूध बच्चे के लिए पीना जरूरी है, लेकिन किसी कारणवश देश में 95 प्रतिशत बच्चों को यह दूध नहीं मिल पाता। यही वजह है कि भारत में हर दूसरा बच्चा कुपोषित है। इस बात को ध्यान में रखते हुए कोटा में मदर मिल्क बैंक तैयार करने की कवायद की लेकिन अस्पताल प्रशासन इसको लेकर अभी तक गंभीर नजर नहीं आ रहा है। इसका खामियाजा नवजात शिशुओं को उठाना पड़ रहा है। ये मदर मिल्क बैंक शुरू हो जाता तो नवजात (0-1 साल) बच्चों को कुपोषित होने और दूध के अभाव में मौत के मुंह में समाने से रोका जा सकता है। </p>
<p><strong>रोज मिलेगा एक दर्जन बच्चों को लाभ</strong><br />जेकेलोन अस्पताल अधीक्षक डॉ. निर्मला शर्मा ने बताया कि प्रसूताएं एक दिन में तीन बार दूध दान कर सकेंगी। यह मिल्क बैंक उन नवजात शिशुओं के लिए वरदान साबित होगा, जिनकी मां नहीं हैं या जिन्हें मां का दूध नहीं मिल पा रहा है।  इस बैंक से प्रतिदिन एक दर्जन से अधिक नवजात शिशुओं को लाभ मिलेगा और उन्हें पोषक मां का दूध उपलब्ध कराया जा सकेगा। मदर्स मिल्क बैंक बनने के बाद कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़ ही नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश तक के नवजात शिशुओं और उनके परिजनों को फायदा मिलेगा। हालांकि, दूध दान करने वाली महिलाओं के स्वास्थ्य की पूरी जांच की जाएगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उन्हें कोई बीमारी न हो। मदर्स मिल्क बैंक नवजात शिशुओं के लिए मां का दूध स्टोर करने और वितरित करने वाली एक नॉन-प्रॉफिट संस्था है। इन बैंकों में स्वेच्छा से दूध दान किया जाता है, जिससे जरूरतमंद नवजात शिशुओं को मां का दूध उपलब्ध कराया जा सके।</p>
<p><strong>34 माह में कभी उपकरण तो कभी स्टॉफ की कमी की बताई समस्या</strong><br />जेकेलोन अस्पताल पिछले 34 माह से कभी उपकरण तो कभी स्टॉफ नहीं होने तो कभी प्रशिक्षण के नाम पर मदर मिल्क बैंक के संचालन को टाल रहा जिससे कपोषित बच्चों को मां का दूध नहीं मिल पा रहा है। 84 लाख लागत से भवन बनकर तैयार हो गया। कई भामाशाहों ने मशीने भी लगवाई। भवन में कुर्सी, एसी और अन्य उपकरण लगाए भी एक साल से अधिक हो गया। लेकिन हर बार शुरू करने का आश्वासन ही मिलता है। मदर मिल्क चालू नहीं होने से  मासूमों का इंतजार लंबा हो रहा है। 22 अप्रैल 2022 को भवन बनकर तैयार हो गया।  पौने साल इसके शुरू होने का  इंतजार इंतजार ही किया जा रहा है।  <br /><strong>- अब्दूल हामीद गौड़, सर्वोदय नेता </strong></p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />जेकेलोन अस्पताल में मदर मिल्क बैंक में सारे आवश्यक उपकरण लग गए है। शिशुरोग विभाग के स्टॉफ को इसके संचालन का प्रशिक्षण व मशीने चलाने बारे प्रशिक्षण दिया जा चुका है। शिशुरोग विभाध्यक्ष को इसको शुरू करने के लिए निर्देश दिए है। 4 मार्च को इसको शुरू करने के लिए कहा है। <br /><strong>- डॉ. निर्मला शर्मा,  अधीक्षक जेकेलोन अस्पताल कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/what-kind-of-arrangement-is-this--mother-milk-bank-could-not-be-started-even-after-34-months-of-its-construction/article-106202</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/what-kind-of-arrangement-is-this--mother-milk-bank-could-not-be-started-even-after-34-months-of-its-construction/article-106202</guid>
                <pubDate>Mon, 03 Mar 2025 15:52:34 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-03/257rtrer-%285%294.png"                         length="518544"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>खाली पार्किंग बनी नशेड़ियों का अड्डा</title>
                                    <description><![CDATA[पार्किंग चालू नहीं होने से इस शौचालय का उपयोग तो नहीं हुआ लेकिन दुर्दशा जरूर हो रही है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/empty-parking-became-a-den-of-drug-addicts/article-55540"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/khali-parking-bni-nshediyo-ka-adda...kota-news-26-08-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर विकास न्यास की ओर से आमजन के साथ ही मरीजों के परिजनों की सुविधा के लिए लाखों रुपए खर्च कर पार्किंग बनाई थी। लेकिन देखरेख अभी तक उसका उपयोग नहीं होने से वह नशेडियों का अड्डा बनी हुई है। साथ ही वहां बने शौचालय की दुर्दशा हो रही है।  जे.के. लोन अस्पताल के सामने सड़क के पार न्यास ने 27 दुकानें बनाई है। उन दुकानों के पीछे काफी लम्बी-चौड़ी जगह पर पार्किंग बनाई गई है। जिससे अस्पताल आने वाले मरीजों के तीमारदार व आमजन यहां अपने वाहन खड़े कर सकें। लेकिन इस पार्किंग को बनने के बाद से अभी तक इसका उपयोग नहीं हो सका है। जिससे यहां रात के समय अंधेरा होते ही नशेडियों का जमघट लग जाता है। स्थानीय लोगों ने बताया कि इस जगह पर पार्किंग की सुविधा तो नहीं मिली लेकिन नशेड़ियों के कारण परेशानी हो गई है। अंधेरा होते ही यहां कई लोग नशा करने आ जाते हैं। स्मैक का नशा और इंजेक्शन तक का नशा करते हैं। जिसका अंदाजा वहां पड़े इंजेक्शन की निडिल से लगया जा सकता है। </p>
<p><strong>हो रही दुर्दशा</strong><br />पार्किंग स्थल पर शौचालय का निर्माण भी किया गया है। जिससे वहां काम करने वाले कर्मचारियों के अलावा आमजन भी उनका उपयोग कर सके। लेकिन पार्किंग चालू नहीं होने से इस शौचालय का उपयोग तो नहीं हुआ लेकिन दुर्दशा जरूर हो रही है। स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि लोग यहां से शौचालय की  सीट तोड़ दी। पाइप व अन्य सामान चोरी कर ले गए। बिजली का बोर्ड तक तोड़ दिया। यहां तक कि दरवाजों तक को तोड़ दिया है। जिससे रात के समय यहां असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है। </p>
<p><strong>सुविधा है तो उपयोग हो</strong><br />स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि लाखों रुपए खर्च कर सुविधा की गई है तो उसका उपयोग भी होना चाहिए। लम्बे समय तक उपयोग नहीं होने से वह पूरी तरह से जर्जर हो जाएगी। जिससे फिर से उपयोग करने के समय उसे सही करने पर खर्चा किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार दुकानों के आवंटन में विवाद की स्थिति बनने के कारण न तो उनका उपयोग हो रहा है और न ही पार्किंग का। इधर नगर विकास न्यास के अधिकारियों का कहना है कि पार्किंग व शौचालय आमजन की सुविधा के लिए बनाए गए हैं। उन्हें नुकसान पहुंचाकर लोग ही उसे बिगाड़ रहे हैं। यदि ऐसा हो रहा है तो उसे दिखवाया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/empty-parking-became-a-den-of-drug-addicts/article-55540</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/empty-parking-became-a-den-of-drug-addicts/article-55540</guid>
                <pubDate>Sat, 26 Aug 2023 17:08:50 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-08/khali-parking-bni-nshediyo-ka-adda...kota-news-26-08-2023.jpg"                         length="426203"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अज्ञात ने नवजात को पालना गृह में छोड़ा</title>
                                    <description><![CDATA[अस्पताल प्रशासन ने नवजात शिशु को आईसीयू में भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया है। डॉक्टरों का कहना है नवजात की हालत स्थिर है और 24 घंटे ऑब्जरवेशन में रखा गया है । 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/unknown-left-the-newborn-in-the-cradle/article-33748"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-12/agyat-nei-navjaat-ko-palana-grah-mei-chhora..kota-news-live-30.12.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के जेके लोन अस्पताल में शुक्रवार को सुबह 11:30 बजे अज्ञात व्यक्तियों द्वारा जेकेलोन के पालना गृह में एक नवजात शिशु को छोड़ कर गए। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष कनीज फातिमा ने बताया कि शुक्रवार सुबह जेके लोन अस्पताल से सूचना मिली कि पालना गृह में एक दिन का नवजात बच्चा आया है ।इस पर तुरंत कार्रवाई करते हुए करणी नगर विकास समिति स्थित बाल शिशु गृह के  अधीक्षक भंडारी  को सूचित किया और बच्चे को कस्टडी में लेने की कार्रवाई शुरू की गई । अस्पताल प्रशासन ने नवजात शिशु को आईसीयू में भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया है। डॉक्टरों का कहना है नवजात की हालत स्थिर है और 24 घंटे ऑब्जरवेशन में रखा गया है । बाल कल्याण समिति की ओर से बालक का नाम शिव रखा गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/unknown-left-the-newborn-in-the-cradle/article-33748</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/unknown-left-the-newborn-in-the-cradle/article-33748</guid>
                <pubDate>Fri, 30 Dec 2022 17:40:13 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-12/agyat-nei-navjaat-ko-palana-grah-mei-chhora..kota-news-live-30.12.2022.jpg"                         length="46987"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हेरिटेज अस्पताल की सुंदरता में गंदगी का ग्रहण</title>
                                    <description><![CDATA[न्यास द्वारा करोड़ों रुपए खर्च कर अस्पताल व प्रवेश द्वार को तो हैरीटेज लुक दिया गया है। लेकिन उस सुंदरता को नगर निगम का कचरा पाइंट ग्रहण की तरह बदसूरत कर रहा है। यह कचरा पाइंट मुख्य प्रवेश द्वार के नजदीक हो गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-eclipse-of-the-dirt-in-the-beauty-of-the-heritage-hospital/article-28213"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-10/hrtitage-asptal-ki-sunderta-mei-gandagi-ka-grahan-..kota-news-31.10.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर विकास न्यास ने करोड़ों रुपए खर्च कर संभाग के सबसे बड़े एमबीएस व जे.के. लोन अस्पताल के नए ओपीडी ब्लॉक को हैरीटेज लुक दिया है।  साथ ही भव्य प्रवेश द्वार भी बनाया गया है। लेकिन उसके मुख्य द्वार पर नगर निगम का कचरा पाइंट ग्रहण की तरह नजर आ रहा है। जे.के. लोन अस्पताल रोड पर अस्पताल की चार दीवारी के सहारे नगर निगम का कचरा पाइंट काफी समय से बना हुआ है। मेन रोड पर होने से उस कचरा पाइंट का पहले से ही विरोध होता रहा है। एक तो अस्पताल के पास और दूसरा मेडिकल की दुकानों के सामने होने से वहां डलने वाला कचरा पूरी सड़क पर बिखरा रहता है। जिससे वहां सूअर व अन्य मवेशियों का जमावड़ा लगा होने से वह कचरे को और अधिक फेला देते हैं। कुछ समय पहले तक उस कचरा पाइंट का असर इतना अधिक नहीं था। इसका कारण अस्पताल का मुख्य प्रवेश द्वार उस कचरा पाइंट से दूर वोकेशनल स्कूल गेट के सामने था। लेकिन नगर विकास न्यास द्वारा एमबीएस व जे.के. लोन अस्पताल के नए ओपीडी ब्लॉक बनाए हैं। जिनहें हैरीटेज लुक दिया गया। करीब 40 करोड़ रुपए का एमबीएस व 30 करोड़ रुपए का जे.के. लोन अस्पताल बनाया है। इसके साथ ही जे.के. लोन अस्पताल के पहले वाले प्रवेश द्वार को बंद कर दिया है। उसके स्थान पर मेडिकल की दुकानों के सामने और कचरा पाइंट के नजदीक ही भावय प्रवेश द्वार बनाया है। यह प्रवेश द्वार बड़ा होने के साथ ही इसमें आने और जाने के दो अलग-अलग गेट बनाए हैं। जिससे एम्बूलेंस से लेकर बड़े वाहन तक आसानी से निकल सकें और पहले जहां अस्पताल में जाने के लिए अंदर मोड़ आता था उसे खत्म कर दिया है। अब नए प्रवेश  द्वार से वाहन सीधे ही आने-जाने लगे हैं। जिससे लोगों को सुविधा तो हुई है। </p>
<p>न्यास द्वारा करोड़ों रुपए खर्च कर अस्पताल व प्रवेश द्वार को तो हैरीटेज लुक दिया गया है। लेकिन उस सुंदरता को नगर निगम का कचरा पाइंट ग्रहण की तरह बदसूरत कर रहा है। यह कचरा पाइंट मुख्य प्रवेश द्वार के नजदीक हो गया है। जिससे उस कचरा पाइंट में डलने वाला आस-पास का कचरा गेट तक फेल रहा है। ऐसे में वहां अस्पताल आने-जाने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही आॅटो समेत कई सवारी वाहन गेट के बाहर सवारी लेने के लिए खड़े भी हो रहे हैं तो उन्हें भी गंदगी व दुर्गंध का सामना करना पड़ रहा है। जिससे करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद भी अस्पताल की सुंदरता पर गंदगी का ग्रहण लगा हुआ है। अस्पताल के सामने मेडिकल की दुकानें लगाने वाले दुकानदारों का कहना है कि अस्पताल में लोग उपचार के लिए आते हैं। ऐसे में जब अस्पताल का लुक बदला है तो इस कचरा पाइंट को भी यहां से हटाया जाना चाहिए। जिससे यहां की सुंदरता बनी रहने के साथ ही बीमारियों के खतरे से भी बचा जा सकेगा। वहीं अस्पताल रोड पर चाय का ठेला लगाने वाले भोला लोधा का कहना है कि कचरा पाइंट से दुर्गंध फेल रही है। इसे हटाया जाना चाहिए। </p>
<p><strong>एक ही गेट का उपयोग</strong><br />अस्पताल में भव्य प्रवेश द्वार के दो गेट होने के बावजूद वर्तमान में एक ही गेट का उपयोग किया जा रहा है। दूसरा गेट बंद है। इसका कारण वहां वाहन स्टैंड संचालित हो रहा है। जिसके वाहन खड़े होने के कारण उस गेट को नहीं खोला गया है। जबकि वाहन स्टैंड अस्पताल के सामने व मेडिकल की दुकानों के पीछे की तरफ बनाया गया है। दोनों गेट खुलने से आने-जाने का रास्ता अलग-अलग होने से आवागमन में और अधिक सुविधा हो जाएगी। </p>
<p>नगर निगम का कचरा पाइंट काफी पुराना है। जहां नयापुरा क्षेत्र के आस-पास के वार्डों का कचरा डल रहा है। हालांकि यहां से रोजाना कचरा उठ रहा है। लेकिन अब अस्पताल को नया व हैरीटेज लुक दिया गया है। प्रवेश द्वार भी कचरा पाइंट के पास आ गया है। ऐसे में समस्या तो है। इसके समाधान के लिए कचरा पाइंट को यहां से शिफ्ट किया जाएगा। इसके लिए वैकल्पिक जगह की तलाश की जा रही है। जैसे ही दूसरी जगह मिलती है। वैसे ही इस कचरा पाइंट को यहां से समाप्त कर इसे बंद कर दिया जाएगा। <br /><strong>- कुलदीप प्रेमी, स्वास्थ्य अधिकारी नगर निगम कोटा उत्तर </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-eclipse-of-the-dirt-in-the-beauty-of-the-heritage-hospital/article-28213</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-eclipse-of-the-dirt-in-the-beauty-of-the-heritage-hospital/article-28213</guid>
                <pubDate>Mon, 31 Oct 2022 15:12:08 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-10/hrtitage-asptal-ki-sunderta-mei-gandagi-ka-grahan-..kota-news-31.10.2022.jpg"                         length="83490"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        