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                <title>nuclear war - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>nuclear war RSS Feed</description>
                
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                <title>'साढ़े 3 करोड़ लोग मरने वाले थे, मैंने रूकवाया भारत-पाक परमाणु युद्ध': अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का फिर वही राग</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का स्टेट ऑफ द यूनियन में दावा। भारत-पाकिस्तान के बीच संभावित परमाणु युद्ध को टालकर बचाई करोड़ों जानें। आर्थिक मोर्चे पर महंगाई दर 1.7%। रिकॉर्ड वैश्विक निवेश और सीमा सुरक्षा में सुधार को लेकिन गिनाई अपनी उपलब्धियां। अमेरिका का स्वर्ण युग घोषित। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/35-crore-people-were-about-to-die-i-stopped-india-pakistan/article-144582"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/trump-big-disi.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने स्टेट ऑफ द यूनियन संबोधन में एक बार फिर दोहराया कि उनके हस्तक्षेप के कारण भारत और पाकिस्तान के बीच संभावित परमाणु युद्ध टल गया, जिससे करोड़ों लोगों की जान बचाई जा सकी। ट्रंप ने कांग्रेस (संसद) को संबोधित करते हुए कहा कि आज अमेरिका जितना मजबूत है, उतना पहले कभी नहीं रहा। दूसरे कार्यकाल के पहले 10 महीनों में उन्होंने आठ युद्ध समाप्त रूकवाए हैं। दक्षिण एशिया का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि अगर वह बीच में नहीं आते तो भारत और पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध छिड़ गया होता। ट्रम्प ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के हवाले से कहा कि उनके दखल की वजह से 3.5 करोड़ लोगों को मरने से बचा लिया गया।</p>
<p>संभवतया उनका इशारा, भारत के ऑपरेशन सिंदूर के समय अपनाए गए कड़े रूख की ओर था। भारत ने लगातार इस बात से इंकार किया है कि इस ऑपरेशन को किसी तीसरी शक्ति के दबाव में रोका गया। ट्रम्प ने अपने संबोधन में उन देशों की लंबी सूची गिनाई, जहां उनके मुताबिक उन्होंने शांति स्थापित की है। उन्होंने  कंबोडिया और थाईलैंड, कोसोवो और सर्बिया, इजरायल और ईरान, मिस्र और इथियोपिया, आर्मेनिया और अजरबैजान युद्ध का नाम गिनाया। </p>
<p>राष्ट्रपति ने गाजा में जारी संघर्ष पर कहा कि वहां अब स्थिति बहुत निचले स्तर पर आ गई है और युद्ध लगभग समाप्ति की ओर है। इस दौरान उन्होंने अपने विशेष दूतों और करीबियों स्टीव विटकॉफ और अपने दामाद जैरेड कुशनर का नाम लेते हुए इन कूटनीतिक मिशनों में उनकी मदद के लिए सार्वजनिक रूप से आभार व्यक्त किया।</p>
<p>राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने भाषण का बड़ा हिस्सा आर्थिक उपलब्धियों पर केंद्रित रखा। उन्होंने कहा कि पिछले प्रशासन के समय की रिकॉर्ड महंगाई को घटाकर 1.7 प्रतिशत पर लाया गया है। पेट्रोल की कीमतें, जो 6 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई थीं, अब कई राज्यों में 2.30 डॉलर से नीचे और कुछ स्थानों पर 1.85 डॉलर तक आ गई हैं।</p>
<p>ट्रंप ने यह भी दावा किया कि उनके एक साल में 18 ट्रिलियन डॉलर का वैश्विक निवेश अमेरिका में आया है, जबकि पिछले प्रशासन के चार वर्षों में यह एक ट्रिलियन डॉलर से भी कम था। ट्रम्प ने सीमा नीति पर अपनी बात रखते हुए कहा कि पिछले नौ महीनों में एक भी अवैध विदेशी को अमेरिका में प्रवेश नहीं दिया गया है। सीमा पार से होने वाली नशीली दवाओं (फेंटानिल) की तस्करी में 56 प्रतिशत की कमी आई है। राष्ट्रपति ट्रम्प ने कई नयी सरकारी पहलों की घोषणा की और राजनीतिक तंज भी कसे। राष्ट्रपति ने अपने भाषण में यह भी कहा कि अमेरिका अपनी आजादी की 250वीं वर्षगांठ की ओर बढ़ रहा है और यह देश का स्वर्ण युग है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
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                <pubDate>Wed, 25 Feb 2026 18:44:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>यूएस से असीम मुनीर ने दी परमाणु युद्ध की धमकी, कहा- हमें लगा कि हम डूब रहे हैं तो हम आधी दुनिया को साथ ले जाएंगे </title>
                                    <description><![CDATA[असीम मुनीर ने गीदड़ भभकी दी है कि अगर भविष्य में भारत के साथ युद्ध में उनके देश के अस्तित्व को खतरा हुआ तो वो इस पूरे क्षेत्र को परमाणु युद्ध में झोंक देंगे। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/asim-munir-from-the-us-threatened-the-nuclear-war-we/article-123228"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne1ws-(11)3.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। पाकिस्तान के फील्ड मार्शल असीम मुनीर ने गीदड़ भभकी दी है कि अगर भविष्य में भारत के साथ युद्ध में उनके देश के अस्तित्व को खतरा हुआ तो वो इस पूरे क्षेत्र को परमाणु युद्ध में झोंक देंगे। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि असीम मुनीर ने कहा कि हम एक परमाणु संपन्न राष्ट्र हैं और अगर हमें लगता है कि हम डूब रहे हैं, तो हम आधी दुनिया को अपने साथ ले जाएंगे। असीम मुनीर की ये टिप्पणी काफी सनसनीखेज और असाधारण है, क्योंकि ऐसा पहली बार हुआ है कि अमेरिका की धरती से किसी तीसरे देश को परमाणु युद्ध की धमकी दी गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि असीम मुनीर ने ये धमकी, टाम्पा स्थित ग्रैंड हयात होटल में पाकिस्तान मूल के कारोबारी अदनान असद की तरफ से रखे गये एक डिनर कार्यक्रम में दी है, जिसमें करीब 120 पाकिस्तानी डायस्पोरा के सदस्य मौजूद थे।</p>
<p><strong>सिंधु नदी भारतीयों की पारिवारिक संपत्ति नहीं :</strong></p>
<p>डिनर में मौजूद सूत्रों ने बताया है कि फील्ड मार्शल असीम मुनीर ने अपनी परमाणु धमकी के बाद सिंधु जल संधि पर टिप्पणी की और कहा कि भारत द्वारा इसे स्थगित करने के फैसले से 25 करोड़ लोग भुखमरी के खतरे में पड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि हम भारत द्वारा बांध बनाने का इंतजार करेंगे और जब वह ऐसा करेगा, तो हम उसे 10 मिसाइल हमले में नष्ट कर देंगे। असीम मुनीर ने कार्यक्रम में आगे कहा कि सिंधु नदी भारतीयों की पारिवारिक संपत्ति नहीं है। हमारे पास मिसाइलों की कमी नहीं है, अल-हम्दुलिल्लाह।</p>
<p><strong>दूसरी बार अमेरिका पहुंचे मुनीर :</strong></p>
<p>आपको बता दें कि पिछले दो महीने में ये दूसरी बार है जब असीम मुनीर अमेरिका पहुंचे हैं। अपने पहले दौरे में उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ डिनर किया था, जो करीब 2 घंटे तक चला था। इस मुलाकात ने पाकिस्तान में लोकतंत्र समर्थक ताकतों में बेचैनी पैदा कर रखी है, क्योंकि अभी तक डोनाल्ड ट्रंप ने ना तो पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की ही और ना ही राष्ट्रपति को ही एक फोन किया है। वहीं, डिनर कार्यक्रम के दौरान असीम मुनीर ने जहर उगलते हुए आगे कहा कि हम भारत के पूर्व से शुरूआत करेंगे, जहां उन्होंने अपने सबसे मूल्यवान संसाधन स्थापित किए हैं और फिर पश्चिम की ओर बढ़ेंगे।</p>
<p><strong>भारत को दी परमाणु युद्ध की धमकी :</strong></p>
<p>असीम मुनीर ने ये गीदड़भभकी तब दी है जब भारतीय नेतृत्व ने साफ कर दिया है कि अब पाकिस्तान के न्यूक्लियर ब्लैकमेल को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अगर पाकिस्तान से आतंकी हमले होते हैं तो फौरन हमले किए जाएंगे। रिपोर्ट के मुताबिक इस कार्यक्रम में गए लोगों को अपना मोबाइल अंदर ले जाने की इजाजत नहीं थी और असीम मुनीर ने जो कहा है इसका वीडियो नहीं बनाने दिया गया है। लेकिन कार्यक्रम में मौजूद कई लोगों ने कहा है कि असीम मुनीर ने अस्तित्व का खतरा होने पर परमाणु बम चलाने की धमकी दी है। आपको बता दें कि पाकिस्तान के फील्ड मार्शल असीम मुनीर, अमेरिका की मध्य कमान के निवर्तमान कमांडर जनरल माइकल कुरिल्ला के रिटायरमेंट समारोह में भाग लेने के लिए फ्लोरिडा में गये हैं।  </p>
<p><strong>मास्टर क्लास देना शुरू कर देना चाहिए :</strong></p>
<p>इसके अलावा असीम मुनीर ने भारत और अमेरिका के हालिया राजनयिक तनावों का जिक्र करते हुए मजाक में कहा कि पाकिस्तान को प्रतिद्वंद्वी शक्तियों के बीच संतुलन बनाने पर मास्टरक्लास देना शुरू कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारी सफलता का असली कारण यह है कि हम कंजूस नहीं हैं। अगर कोई अच्छा काम करता है, तो हम उसकी प्रशंसा और सराहना करते हैं। इसीलिए हमने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को नोबेल पुरस्कार के लिए नामांकित किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 Aug 2025 12:32:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>परमाणु युद्ध का असर भारत और पाकिस्तान तक सीमित नहीं रहेगा : बिलावल भुट्टो</title>
                                    <description><![CDATA[आतंकिस्तान बन चुके पाकिस्तान के नेता ने दावा किया, पाकिस्तान आतंकवाद के सबसे बड़े पीड़ितों में शामिल है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/the-impact-of-nuclear-war-will-not-be-limited-to/article-114953"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/rtroer-(6).png" alt=""></a><br /><p>इस्लामाबाद। ऑपरेशन सिंदूर के बाद दुनिया को पाकिस्तान का झूठ बताने निकले पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी ने विश्व समुदाय को परमाणु युद्ध के नाम से डराने की कोशिश की है। भारत के खिलाफ अक्सर जहर उगलने वाले बिलावल ने बुधवार को चेतावनी दी कि भारत और पाकिस्तान के बीच अगर परमाणु युद्ध होता है तो इसका विनाशकारी असर पूरे क्षेत्र और उसके बाहर भी होगा। भारत के शशि थरूर समेत कई नेताओं के दुनियाभर में प्रतिनिधिमंडल भेजने के ऐलान के बाद पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ ने भी बिलावल भुट्टो को दुनिया के प्रमुख देशों के दौरे पर रवाना किया है। अब बिलावल भुट्टो रवाना होने से ठीक पहले परमाणु बम की गीदड़भभकी देने में जुट गए हैं। बिलावल के साथ शेर रहमान और पूर्व विदेश राज्य मंत्री हिना रब्बानी खर भी उनके साथ मौजूद रहेंगी। पाकिस्तानी विशेषज्ञों का कहना है कि शशि थरूर के सामने बिलावल भुट्टो की पोल खुल जाएगी। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने उन्हें क्या झूठा दुष्प्रचार भारत के खिलाफ करना है, इसकी ट्रेनिंग दी है। बिलावल ने कहा कि उन्हें विदेश मंत्रालय की ओर से सीजफायर, कश्मीर, आतंकवाद और सिंधु जलसंधि पर हमले के बारे में जानकारी दी गई है। आतंकिस्तान बन चुके पाकिस्तान के नेता ने दावा किया, पाकिस्तान आतंकवाद के सबसे बड़े पीड़ितों में शामिल है।</p>
<p><strong>बिलावल का क्या है प्लान?</strong><br />बिलावल भुट्टो ने कहा कि हमने देखा है कि कैसे एक आतंकी हमले के बाद दोनों देश परमाणु युद्ध के करीब आ गए थे। उन्होंने कहा कि जब तक कश्मीर, आतंकवाद और पानी का मुद्दा सुलझ नहीं जाता शांति नहीं होगी। पीपीपी नेता ने आरोप लगाया कि भारत पानी को हथियार बना रहा है। उन्होंने कहा कि मैं दुनियाभर के देशों को बताऊंगा कि कैसे भारत और पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध का असर इस इलाके से आगे तक होगा। इससे पहले पाकिस्तान की सरकार ने सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर की भारत के साथ हालिया सैन्य संघर्ष में भूमिका के लिए उन्हें मंगलवार को पदोन्नत कर फील्ड मार्शल बनाने का फैसला किया था।</p>
<p>इसी के साथ जनरल मुनीर देश के इतिहास में इस पद पर पदोन्नत होने वाले दूसरे शीर्ष सैन्य अधिकारी बन जाएंगे। आधिकारिक बयान के मुताबिक, मुनीर को पदोन्नत करने का फैसला प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया। जनरल अयूब खान के बाद मुनीर पाकिस्तान में सर्वोच्च सैन्य पद पर पदोन्नत होने वाले पहले जनरल हैं। जनरल खान को 1959 में फील्ड मार्शल का पद दिया गया था। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने कहा, पाकिस्तान सरकार ने देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उच्च रणनीति एवं साहसी नेतृत्व के आधार पर दुश्मन को हराने के लिए जनरल आसिम मुनीर (निशान-ए-इम्तियाज मिलिट्री) को फील्ड मार्शल के पद पर पदोन्नत करने को मंजूरी दे दी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 22 May 2025 10:51:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>रूस से परमाणु युद्ध की तैयारी में फ्रांस, बनाएगा नया एयरबेस हाइपरसोनिक मिसाइल से लैस 40 सुपर राफेल होंगे तैनात</title>
                                    <description><![CDATA[ अमेरिका के हाथ खींचने के डर से खौफ में चल रहे यूरोप के लिए अच्छी खबर है, फ्रांस ने ऐलान किया है कि वह एक और परमाणु हमला करने में सक्षम नया एयर बेस बनाने जा रहा है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/france-to-prepare-for-nuclear-war-from-russia-will-create/article-108027"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/news32.png" alt=""></a><br /><p>पेरिस। अमेरिका के हाथ खींचने के डर से खौफ में चल रहे यूरोप के लिए अच्छी खबर है। फ्रांस ने ऐलान किया है कि वह एक और परमाणु हमला करने में सक्षम नया एयर बेस बनाने जा रहा है। यही नहीं इस एयरबेस पर 40 नए राफेल फाइटर जेट को तैनात किया जाएगा जो सबसे आधुनिक एफ5 मानक वाले होंगे। यही नहीं इसमें हाइपरसोनिक मिसाइल भी लगाई जाएगी। नया एयरबेस लूक्सेइल में बनाया जा रहा है। फ्रांस ने यह ऐलान ऐसे समय पर किया है जब डोनाल्ड ट्रंप नाटो देशों की सुरक्षा से अपने हाथ खींच रहे हैं और रूस के परमाणु हमले के डर में यूरोपीय देश जी रहे हैं। इसी वजह से अब यूरोपीय देश अमेरिका से अलग अपनी परमाणु प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करना चाहते हैं।<br />फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने मंगलवार को इस नए परमाणु एयरबेस को बनाने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि साल 2035 तक एएसएन4जी नई हाइपरसोनिक मिसाइल भी बनकर तैयार हो जाएगी। फ्रांस की सरकार ने ऐलान किया है कि वह इस नए एयरबेस के लिए 1.6 अरब डॉलर का निवेश किया जाएगा। इस एयरबेस के इलाके के सीनेटर सेड्रिक पेरिन ने कहा कि यूक्रेन युद्ध ने हालात को बदल दिया है। फ्रांस साल 2032 में इस एयरबेस पर राफेल फाइटर जेट का पहला स्क्वाड्रन तैनात कर देगा। वहीं दूसरा स्क्वाड्रन साल 2036 तक पहुंच जाएगा।</p>
<p><strong>फ्रांस ने ट्रंप और पुतिन दोनों को दिया कड़ा संदेश</strong><br />फ्रांस ने इससे पहले 42 अतिरिक्त राफेल फाइटर जेट का ऑर्डर दिया था। ये सभी एएसएन 4जी हाइपरसोनिक मिसाइल दागने में सक्षम होंगे और लॉयल विंगमैन की तरह के ड्रोन के साथ मिलकर दुश्मन पर हमला करने में सक्षम होंगे। विश्लेषकों का कहना है कि फ्रांस का नया परमाणु हमला करने में सक्षम एयरबेस बनाने का फैसला फ्रांसीसी वायुसेना और स्पेस फोर्स के लिए बेहद अहम है। अभी फ्रांस के तीन एयरबेस पर परमाणु बम रखे गए हैं जिनमें सेंट डिजिएर, इस्तरेस और अवोर्ड है। इन एयरबेस पर 50 दो सीटों वाले राफेल विमान तैनात हैं। इन राफेल विमानों में एएसएमपी-ए सुपरसोनिक मिसाइल लगी हुई है और इनकी मदद के लिए एयरबस ए330 एमआरटीटी हवाई तेल टैंकर भी मौजूद हैं जो हवा में ईंधन भरने में सक्षम हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक 40 परमाणु बम से लैस नए राफेल की तैनाती फ्रांसीसी परमाणु प्रतिरोधक क्षमता के लिए बहुत बड़ा विस्तार है। इससे फ्रांस के हमले के लिए तैनात कुल वारहेड की संख्या भी काफी ज्यादा बढ़ जाएगी। इससे पहले साल 2015 में फ्रांस के पास कुल 54 ऑपरेशनल एएसएमपी-ए मिसाइलें थीं। फ्रांस ने यह ऐलान ठीक उसी दिन किया जब डोनाल्ड ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति पुतिन से बात की। माना जा रहा है कि इस ऐलान से फ्रांस ने ट्रंप और पुतिन दोनों को ही संदेश दिया है। यह भी दिखाने की कोशिश की है कि उसे परमाणु प्रतिरोधक क्षमता के लिए अमेरिका की जरूरत नहीं है। फ्रांस के पास अभी करीब 290 परमाणु बम हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 20 Mar 2025 16:40:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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                <title>परमाणु युद्ध की आशंकाओं से बढ़ी चिन्ताएं</title>
                                    <description><![CDATA[यदि परमाणु हथियारों का उपयोग होता है तो यह मानवता के मूलभूत सिद्धांतों के खिलाफ  होगा एवं दुनिया को अशांति की ओर अग्रसर करने वाला होगा। इस मसले का हल कूटनीति और आपसी बातचीत से ही निकालने के प्रयास किए जाने की आवश्यकता भारत लगातार व्यक्त करता रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/concerns-raised-over-fears-of-nuclear-war/article-29004"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-11/q-95.jpg" alt=""></a><br /><p>रुस एवं यूक्रेन के बीच लम्बे समय से चल रहा युद्ध भीषणतम तबाही एवं सर्वनाश का कारण बनता दिख रहा है। रूस द्वारा परमाणु हथियारों के इस्तेमाल किए जाने एवं यूक्रेन के द्वारा ‘डर्टी बम’ का इस्तेमाल किए जाने की धमकियां, दुनिया के लिए डर का कारण बन रही है। भयंकर विनाश की आशंकाओं के बीच समूची दुनिया सहमी हुई है। यदि परमाणु हथियारों का उपयोग होता है तो यह मानवता के मूलभूत सिद्धांतों के खिलाफ  होगा एवं दुनिया को अशांति की ओर अग्रसर करने वाला होगा। इस मसले का हल कूटनीति और आपसी बातचीत से ही निकालने के प्रयास किए जाने की आवश्यकता भारत लगातार व्यक्त करता रहा है। शांति का उजला एवं अहिंसा-सहजीवन की कामना ही भारत का लक्ष्य रहा है। इसीलिए भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लगातार युद्ध विराम की कोशिश करते हुए दोनों ही देशों को दिशा-दर्शन देते रहे हैं। परमाणु युद्ध न हो, इसके लिए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने यह अपील अपने रूसी समकक्ष सर्गेई शोइगु से बातचीत के दौरान की। यह बातचीत रूस की पहल पर ही आयोजित हुई थी। हालांकि कहना मुश्किल है कि रूस भारत की इस अपील को कितनी गंभीरता से लेगा। जब युद्ध शुरू हुआ तब से लेकर अब तक भारत कई बार यह बात दोहरा चुका है, मगर दोनों में से किसी भी देश ने अपने रुख में लचीलापन लाने का प्रयास नहीं किया।<br /><br />रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पूतिन के यूक्रेन की ओर से यूरेनियम जैसा रेडियोएक्टिव एलीमेंट से जुड़े ‘डर्टी बम’ के इस्तेमाल की आशंका जताए जाने के बाद जहां समूची दुनिया अनर्थ होने की आशंका से भयभीत एवं डरी हुई है, वहीं इस युद्ध के कहीं घातक दौर में प्रवेश करने का डर बढ़ गया है। यूक्रेन और उसके सहयोगी अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन जैसे देशों ने भले ही इस आरोप को बेबुनियाद एवं बेतुका बताया हो या पश्चिमी देशों द्वारा रूस द्वारा परमाणु हथियारों का प्रयोग की संभावनाएं जताया जाना, इन दोनों ही स्थितियों ने एक ऐसा अंधेरा परिव्याप्त किया है, जिससे मानवता का भविष्य धुंधलाते हुए दिख रहा है। अब परमाणु हथियारों के इस्तेमाल का खतरा इसलिए बढ़ गया है कि यूक्रेन को इतने लंबे समय से झुकता न देख रूस का अहं चोट खा रहा है। हालांकि परमाणु हथियारों के दुष्परिणामों से दोनों देश अनजान नहीं हैं। इस युद्ध को चलते लंबा वक्त हो गया। इस तरह युद्धरत बने रहना खुद में एक असाधारण और अति-संवेदनशील मामला है, जो समूची दुनिया को विनाश एवं विध्वंस की ओर धकेलने जैसा है। ऐसे युद्ध का होना विजेता एवं विजित दोनों ही राष्टÑों को सदियों तक पीछे धकेल देगा, इससे भौतिक हानि के अतिरिक्त मानवता के अपाहिज और विकलांग होने का भी बड़ा कारण बनेगा। भारत इस समस्या का समाधान कूटनीति के रास्ते से देखना चाहता है। वह युद्ध का अंधेरा नहीं, शांति का उजाला चाहता है।<br /><br />एक डर्टी बम शॉर्टहैंड है। इसे परमाणु-सुरक्षा अधिकारी रेडियोलॉजिकल डिस्पर्सल डिवाइस कहते हैं। यानी एक ऐसा उपकरण जो रेडियोधर्मी पदार्थों को फैलाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसमें आमतौर पर डायनामाइट जैसे अक्सर इस्तेमाल किए जाने वाले विस्फोटकों के साथ किसी भी तरह के रेडियोधर्मी कचरे का इस्तेमाल किया जाता है। ये विस्फोट करने पर मलिनता या गंदगी फैलाते हैं। इन्हें आतंक फैलाने के हथियार के तौर पर भी देखा जाता है। इस तरह से ये आतंक फैलाने के साथ ही आर्थिक नुकसान करने के लिए जाने जाते हैं। इसमें परमाणु हथियारों की ऊर्जा या विनाशकारी क्षमता दूर-दूर तक नहीं होती। यह संभावना भी नहीं है कि एक डर्टी बम के विकिरण की पर्याप्त मात्रा सेहत पर तत्काल असर डाले या बड़ी संख्या में लोगों की मौत की वजह बने। फिर भी विनाश के तीक्ष्ण वार के रूप में इसका इस्तेमाल घातक हैं।  <br /><br />विगत लम्बे दौर से दोनों देशों के बीच घातक एवं विनाशक हथियारों का लगातार प्रयोग होने से न केवल पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है, बल्कि दुनिया में आर्थिक असंतुलन बढ़ रहा है, महंगाई बढ़ रही है। करीब दो हफ्ते पहले यूक्रेन की ओर से किए गए एक बड़े हमले के जवाब में रूस जिस तरह यूक्रेन के शहरों को निशाना बना कर हमले कर रहा है, उससे भारी तबाही की आशंका गहरी होती गई है। इन अशांत एवं युद्ध की स्थितियों से निजात दिलाने के लिए भारत लगातार प्रयासरत बना हुआ है। रूस ने जब यूक्रेनी शहरों पर, खासकर नागरिक ठिकानों को निशाना बनाते हुए क्रूज मिसाइलें छोड़ीं तो भारत ने लड़ाई फैलने को लेकर गंभीर चिंता जाहिर की थी। इससे पहले खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बातचीत में कहा था कि यह युद्ध का दौर नहीं है। लेकिन इन सबके बावजूद तथ्य यह है कि शांति स्थापना के अब तक के सभी प्रयास नाकाम रहे हैं। आज यूक्रेन और रूस के बीच जारी युद्ध की कीमत कमोबेश पूरी दुनिया चुका रही है। इसलिए युद्ध बंद करने की कोई राह जल्द से जल्द निकालने की कोशिशों को सभी संबद्ध पक्षों द्वारा पूरी गंभीरता से आगे बढ़ाए जाने की जरूरत है। मोदी दोनों देशों के नेताओं से बातचीत करके आपसी संवाद के जरिए समाधान निकालने की सलाह दे चुके हैं।<br /><br />-ललित गर्ग<br />(ये लेखक के अपने विचार हैं)</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 09 Nov 2022 10:50:38 +0530</pubDate>
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