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                <title>kayan house - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>गायों को भी मिलेगी गर्मी से राहत, बीच-बीच में पानी का छिड़काव </title>
                                    <description><![CDATA[निगम की गौशाला व कायन हाउस में लगाए कूलर।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/cows--too--to-find-relief-from-the-heat/article-154048"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-(5)21.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा शहर में जिस तरह से तापमान बढ़ने पर भीषण गर्मी का दौर चल रहा है। उसमें लोगों को ही नहीं गायों को भी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में निगम की गौशाला व कायन हाउस में बंद गायों को गर्मी से राहत के लिए कूलर लगाए गए हैं। कोटा में पिछले काफी समय से तापमान 42 से 44 डिग्री के करीब बना हुआ है। साथ ही दिन के समय हीटवेव चल रही है। ऐसे में लोगों की हालत खराब हो रही है। लेकिन लोग तो एसी व कूलर में बैठकर गर्मी से राहत पा रहे हैं। जबकि मवेशियों को भी गर्मी लगने पर उनके लिए बहुत कम लोग सोच पा रहे हैं। शहर में निराश्रित हालत में घूमने वाले गौवंश तो धूप व गर्मी में ही खड़े व बैठे देखे जा सकते हैं। वहीं पीने के पानी के लिए कई जगह पर टंकी भी रखी गई है। नगर निगम ने इस दिशा में पहल करते हुए किशोरपुरा स्थित कायन हाउस व बंधा धर्मपुरा स्थित गौशाला में गौवंश को गर्मी से बचाने व राहत के इंतजाम किए हैं। करीब दो हजार से अधिक गौवंश वाली इस गौशाला में धूप से गायों को बचाने के लिए जहां बाड़ों में व खुले स्थान पर हरी नेट लगाई गई है। वहीं कई बाड़ों में जहां अधिक आवश्यकता है वहां कूलर भी लगाए गए हैं।</p>
<p>नगर निगम गौशाला समिति के पूर्व अध्यक्ष जितेन्द्र सिंह का कहना है कि गौशाला व कायन हाउस में शहर से निराश्रित हालत में घूमते पकड़े गए गौवंश है। जिनमें कई बीमार व कमजोर हालत में है। ऐसे में निगम की ओर से हर साल गर्मी में राहत के लिए ग्रीन नेट लगाई जाती है। लेकिन बरसात में या तेज हवा में कई बार वह फट भी जाती है। निगम की ओर से गौशाला व कायन हाउस में नेट के साथ ही हवा के लिए कूलर भी लगाए हैं। वहीं बीच-बीच में पानी का छिड़काव भी किया जाता है। पीने के पानी की भी बेहतर सुविधा की जा रही है।<br />सूत्रों के अनुसार गौशाला में शीघ्र ही कोटा दक्षिण के पूर्व महापौर की ओर से पानी के छिड़काव का सिस्टम लगवाने की संभावना है। नगर निगम आयुक्त ओम प्रकाश मेहरा ने बताया कि गायों को भी इंसानो की तरफ धूप व गर्मी लगती है। उनके लिए हरी नेट के साथ ही हवा का भी इंतजाम किया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 16 May 2026 15:03:44 +0530</pubDate>
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                <title>11 माह से समिति कर रही काम, अधिकारी दे रहे आश्वासन </title>
                                    <description><![CDATA[राज्य सरकार द्वारा गौशाला के लिए 16 करोड़ का बजट देने के बावजूद गौशाला में दवाईयों के लिए दानदाताओं के हाथ जोड़ने पड़ रहे हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/committee-is-doing-work-for-11-months--officers-are-giving-assurance/article-49774"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-06/630-400-size-(4)25.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम कोटा दक्षिण की गौशाला समिति ने गुरुवार को कार्यवाहक आयुक्त को ज्ञापन दिया। जिसमें कहा कि समिति का गठन हुए 11 माह हो गए। समिति गौवंश को बचाने के लिए काम कर रही है जबकि निगम प्रशासन ने  सिर्फ आश्वासन देने के अलावा कोई ठोस प्रयास तक नहीं किया। गौशाला समिति के अध्यक्ष जितेन्द्र सिंह ने बताया कि गौशाला समिति का गठन होने व उन्हें अध्यक्ष बनाए जाने के बाद से उन्होंने गौशाला में सुधार और गौवंश को बचाने के हर संभव प्रयास किए। समिति के सदस्य रोजाना 5 से 8 घंटे किशोरपुरा स्थित कायन हाउस और बंधा धर्मपुरा स्थित गौशाला में सेवाएं दे रहे हैं। साथ ही गौशाला में सुधार के लिए अधिकारियों को सुझाव भी दिए गए। सिंह ने बताया कि 11 महीने से निगम अधिकारी सिर्फ आश्वासन दे रहे हैं। एक भी काम गौवंश को  बचाने के लिए नहीं किया गया। </p>
<p><strong>बरसात आने वाली है, नहीं हुआ निर्माण कार्य</strong><br />सिन्ह ने कार्यवाहक आयुक्त राजेश डागा को बताया कि कुछ दिन बाद बरसात शुरू होने वाली है। लेकिन निगम प्रशासन ने गौशाला में अभी तक भी निर्माण का कोई काम शुरू नहीं किया गया है। गौशाला में करीब दो करोड़ रुपए के निर्माण कार्य करवाए जाने है। बरसात शुरू होने के बाद काम में परेशानी होगी। उन्होंने बताया कि  गौशाला में सीसी की वजह से फिसलन होती है। जिससे गिरने पर गौवंश की मौत तक हो रही है। टीनशेड के अभाव  में बरसात के समय गौवंश को भीगना पड़ता है। जिससे भी उनकी अकाल मौतें होती है। भूसा गोदाम से लेकर पानी व भूसे के खेल तक का निर्माण नहीं हुआ। चार दीवारी की मरम्मत नहीं हुई। </p>
<p><strong>चिकित्सा व्यवस्था खाना पूर्ति</strong><br />सिंह ने बताया कि कायन हाउस और गौशाला में गौवंश की चिकित्सा व्यवस्था सिवाय खाना पूर्ति के कुछ भी नहीं है। गौशाला  में तीन डॉक्टरों पशु चिकित्सकों को अभी तक नहीं लगाया गया है। सुपर वाइजर व कम्पाउंडरों का नया ठेका किया जाए। 5 हजार रुपए में तीस किलोमूटर दूर कोई सुपर वाइजर व कम्पाउंडर नहीं जाना चाहते। इस पर भी कोई ध्यान नहीं दिया गया। राज्य सरकार द्वारा गौशाला के लिए 16 करोड़ का बजट देने के बावजूद गौशाला में दवाईयों के लिए दानदाताओं के हाथ जोड़ने पड़ रहे हैं। मौसमी चापड़, चना चूरी व गुड़ कीे एक साल में भी व्यवस्था नहीं की गई है। सिंह ने ज्ञापन में आयुक्त को कहा कि समिति पिछले 11 महीने से गौशाला में सुधार के लिए काम कर रही है और निगम प्रशासन को समय-समय पर सुधार के लिए आवश्यक काम करवाने के लिए सुझाव भी दे रही है। लेकिन निगम प्रशासन की ओर से सिर्फ आश्वासन मिले हैं। गौवंश को बचाने व उन्हें सुरक्षित रखने के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किए गए।  सिंह ने बताया कि ज्ञापन के माध्यम से कार्यवाहक आयुक्त से मांग की गई है कि बरसात से पहले निर्माण कार्य शुरू करवाए जाएं। जिससे गौवंश को अकाल मौत से बचाया जा सके। </p>
<p><strong>गौशाला विस्तार के लिए जमीन की दरकार</strong><br />गौशाला समिति के अध्यक्ष जितेन्द्र सिंह ने बताया कि शहर को कैटल फ्री बनाने के लिए पशुओं को पकड़े जाने से गौशाला में करीब 4 हजार से अधिक गौवंश हो गया है। जिससे उन्हें रखने में परेशानी आ रही है। इसके लिए गौशाला विस्तार करने की आवश्यकता है। जिसके लिए गौशाला के पास ही करीब 25 बीघा जमीन चाहिए। वह जमीन नगर विकास न्यास की है। नगर निगम की ओर से न्यास प्रशासन को इस संबंध में कई पत्र लिखे जा चुके हैं। लेकिन वह जमीन भी अभी तक निगम को नहीं मिली है। जमीन मिल जाए तो गौशाला का विस्तार किया जा सकेगा। जिससे गौवंश को रखने और उन्हें घूमने के लिए पर्याप्त जगह भी मिल सकेगी। वर्तमान में भी गायों को अलग-अलग बाड़ों में रखा गया है लेकिन जगह कम होने से परेशानी हो रही है। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br /> गौशाला विस्तार के लिए 25 बीघा जमीन का पत्र नगर विकास न्यास को लिखा था। न्यास प्रशासन ने जमीन देने के लिए स्वीकृति का पत्र नगरीय विकास विभाग के प्रमुख शासन सचिव को भेजा है। इसकी जानकारी न्यास प्रशासन ने उन्हें दी है। वहां से स्वीकृति के बाद जमीन शीघ्र मिलने की संभावना है। गौशाला समिति के अध्यक्ष व समिति सदस्यों के सुझाव पर अमल किया जा रहा है। रिटायर्ड डॉक्टरों को गौशाला के लिए लेने का प्रयास किया जा रहा है। गौशाला समिति अध्यक्ष ने ज्ञापन दिया है। उन विषयों पर काम किया जा रहा है। <br /><strong>- राजेश डागा, कार्यवाहक आयुक्त नगर निगम कोटा दक्षिण</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 23 Jun 2023 14:16:51 +0530</pubDate>
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                <title>कायन हाउस में दान का हरा चारा खा रही गाय</title>
                                    <description><![CDATA[ गौशाला में 37 सौ से अधिक गौवंश हो गया है। यहां गायों को भूसा तो काफी समय से खिलाया जा रहा है। लकिन हरा चारा महीनों से नहीं पहुंच रहा था। जिससे गायों को खाने के लिए हरा चारा नहीं मिल रहा था। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/cow-eating-donated-green-fodder-in-kayan-house/article-35020"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-01/kaayan-house-me-daan-ka-hara-chaara-kha-rahi-gaaya..kota-news..16.1.2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । शहर में सड़क किनारे तो हरा चारा बेचा जा रहा है। लेकिन निगम के कायन हाउन में चारा नहीं पहुंच रहा है। जिससे वहां गायों को दान का चारा खिलाया जा रहा है। वहीं जिला कलक्टर ने शनिवार को गौशाला का निरीक्षण किया तो उस दौरान उन्हें गौशाला की समस्याओं से अवगत कराया गया। नगर निगम कीओर से बंधा धर्मपुरा में गौशाला और किशोरपुरा में कायन हाउस संचालत किया जा रहा है। हालत यह है कि गौशाला में 37 सौ से अधिक गौवंश हो गया है। यहां गायों को भूसा तो काफी समय से खिलाया जा रहा है। लकिन हरा चारा महीनों से नहीं पहुंच रहा था। जिससे गायों को खाने के लिए हरा चारा नहीं मिल रहा था। यही हालत किशोरपुरा स्थित कायन हाउस की है। यहां भूसा तो नगर निगम  द्वारा सवेदक के माध्म से गायों को खिलाया जा रहा है। लेकिन हरा चारा नहीं मिल रहा है। जिससे यहां दान दाताओं द्वारा ही गायों को हरा चारा  खिलाया जा रहा है। जबकि शहर में सड़क किनारे जगह-जगह पर हरा चारा बेचा जा रहा है। लेकिन नगर निगम को नहीं मिल रहा है। </p>
<p>मकर संक्रांति पर शनिवार को ह्यूमन हैलप लाइन के अध्यक्ष मनोज जैन आदनिाथ के साथ जिला कलक्टर ओ.पी. बुनकर भी गौशाला पहुंचे थे। यहां उन्होंने गायों को हरा चारा खिलाया। इस दौरान कोटा दक्षिण निगम की गौशाला समिति के अध्यक्ष जितेन्द्र सिंह ने जिला कलक्टर को गौशाला की समस्याओं से अवगत करवाते हुए उनका समाधान करवाने की मांग की है। जितेन्द्र सिंह ने बताया कि उन्होंने कलक्टर से कहा कि वे नियमित समय अंतराल पर गौशाला का निरीक्षण करते रहें जिससे यहां सुधार हो सके। गौशाला में गायों की संख्या बहुत अधिक हो गई है। लेकिन उनके घूमने के लिए जगह कम है। </p>
<p>नगर विकास न्यास गौशाला विस्तार के लिए जमीन देने को सहमत है लेकिन निगम अधिकारी प्रयास नहीं कर रहे हैं। सिंह ने बताया कि निगम के पास दो ही कैटल वाहन हैं और दो ही एम्बृलेंस। जिससे गायों को लान-ले जाने में परेशानी होती है। इन दोनों की संख्या दो गुनी कर 4-4 करने की जरूरत है।  सिंह ने बताया कि जिला कलक्टर ने गौशाला की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए निगम अधिकारियों को निर्देशित करने का आश्वासन दिया है। गौशाला समिति के अध्यक्ष जितेन्द्र सिंह का कहना है कि कायन हाउस में क्षमता से अधिक गाय हो गई हैं। वहां उन्हें रखने की जगह तक नहीं है। जिससे गायों को ठूस कर रखा हुआ है। ऐसे में गायों की मौत का खतरा अधिक बना हुआ है। गायों को कायन हाउस से गौशाला भेजने के लिए वाहनों की संख्या तक पर्याप्त नहीं है। जिससे परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। </p>
<p><strong>गौशाला व कायन हाउस में सुधार जारी</strong><br />नगर निगम कोटा दक्षिण के आयुक्त राजपाल सिंह का कहना है कि गौशाला व कायन हाउस की व्यवस्थाओं में लगातार सुधार किया जा रहा है। जो भी कमियां हैं उन्हें दूर किया जा रहा है। हरा चारे के भी टेंडर किए जा चुके हैं। गौशाला में पहुंच रहा है तो कायन हाउस में भी शीघ्र ही हरा चारा पहुंचा दिया जाएगा। कैटल फ्री शहर के लिए न्यास व निगम द्वारा मवेशियों को पकड़ने के कारण कायन हाउस में क्षमता से अधिक गौवंश हो रहा है। </p>
<p><strong>गौशाला में मिलने लगा चारा, कायन हाउस में नहीं</strong><br />गौशाला समिति के अध्यक्ष सिंह का कहना है कि गौशाला में पिछले कई महीनों तक हरा चारा नहीं मिल रहा था। निगम ने इसके टेंडर किए।  जिससे पिछले कुछ समय से गौशाला में तो हरा चारा पहुचने लगा है। लेकिन कायन हाउस में हरा चारा नहीं मिल रहा है। जिससे यहां अभी दान दाताओं द्वारा हरा चारा खिलाया जा रहा है। सिंह का कहना है कि अधिकारियों ने शीघ्र ही कायन हाउस में भी हरा चारा पहुंचाने  का आश्वासन दिया है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Jan 2023 15:30:11 +0530</pubDate>
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