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                <title>cleaning staff - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>असर खबर का - सफाई कर्मचारियों के लिए बीट सिस्टम को प्रभावी बनाएं : कलक्टर</title>
                                    <description><![CDATA[दीवारों पर लगे पोस्टर बैनर हटवाएं, ताकि स्वच्छता सर्वेक्षण में जिले को मिले अच्छी रैंक।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news---make-the-beat-system-effective-for-the-cleaning-staff--collector/article-99964"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/asar-khabar-ka---safayi-karmchariyo-k-liye-beat-system-ko-prabhavi-bnaye---collector...kota-news-08-01-2025.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। जिला कलक्टर डॉ. रविन्द्र गोस्वामी ने नगर निगम उत्तर व दक्षिण के आयुक्तों को निर्देश दिए कि सफाई व्यवस्था सुचारू बनाने के लिए पुलिस विभाग की तर्ज पर बीट सिस्टम बनाकर संबंधित सफाई कर्मचारी का नाम चिन्हित जगह पर लिखे जाएं। जिला कलक्टर ने ये निर्देश मंगलवार को कलेक्ट्रेट में आयोजित समीक्षा बैठक में दिए। उन्होंने सफाई कर्मचारियों की उपस्थिति जीपीएस सिस्टम से मॉनिटर करने के भी निर्देश दिए। डॉ. गोस्वामी ने हैरिटेज वॉक के मार्ग में सौंदर्यकरण के कार्य कराने और किले की दीवार पर लगाए गए पोस्टर हटाकर सफाई कराने, हैरिटेज वॉक मार्ग पर यूनिफॉर्म कलर, फसाड़ लाईट्स व लटकते हुए तारों को हटाकर केंसिंग कराने के निर्देश दिए। कलक्टर ने शहर के प्रमुख मार्गों की प्रतिदिन सफाई, सार्वजनिक स्थलों पर लगाए गए पोस्टर, बैनर हटाने की कार्यवाही  और स्वच्छता सर्वेक्षण के विभिन्न बिन्दुओं पर निगम अधिकारियों से जानकारी मांगी। उन्होंने कहा कि स्वच्छता सर्वेक्षण में कोटा जिले को अच्छी रैंक मिले, इस दिशा में समस्त प्रयास किए जाएं। कलक्टर ने नगर निगम आयुक्तों  व उपखंड अधिकारियों को निर्देश दिए कि रेन बसेरों का नियमित निरीक्षण करें। वहां गद्दे, रजाई, पीने का पानी सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करें। उन्होंने निगम अधिकारियों व  उपखंड अधिकारियों को सर्वे कर खुले बोरवेल व निर्माणाधीन भवनों में सेप्टिक टेंक तुरंत ढकाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोई भी बोरवेल खुला नहीं रहे यह सुनिश्चित करें ताकि उससे जनहानि की आशंका नहीं रहे। ऐसा कोई हादसा होने पर संबंधित अधिकारी की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय की जाएगी। बैठक में आयुक्त अशोक त्यागी, अनुराग भार्गव,  केडीए सचिव कुशल कोठारी सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।</p>
<p><strong>दैनिक नवज्योति ने उठाया था मुद्दा</strong><br />गौरतलब है कि स्वच्छता सर्वेक्षण से संबंधित  और पोस्टर बैनर से शहर की सुंदरता बिगाड़ने के मुद्दे दैनिक नव’योति ने उठाए थे। समाचार पत्र में 7 जनवरी के अंक में पेज 6 पर फिर बिना तैयारी के होगा सिटीजन फीडबैक,15 जनवरी के बाद आ सकती है स्वच्छता सर्वेक्षण टीम’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें नगर निगम और सफाई से संबंधित शहर के हालातों की जानकारी दी थी। इसके बाद जिला कलक्टर ने मंगलवार को बैठक में निगम आयुक्तों को निर्देशित किया कि स्वच्छता सर्वेक्षण रैकिंग  में सुधार के आवश्यक कार्य किए जाएं।  वहीं दैनिक नवज्योति ने 29 दिसम्बर को पेज 4 पर समाचार प्रकाशित किया था। सार्वजनिक स्थानों की दशा पर  पोस्टर्स ने  लगाया ग्रहण’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। जिस पर भी उन्हें साफ करवाने के निर्देश जिला कलक्टर ने निगम अधिकारियों को दिए। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Jan 2025 15:44:42 +0530</pubDate>
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                <title>कोटा उत्तर में वार्ड कम फिर भी सफाईकर्मी अधिक </title>
                                    <description><![CDATA[दो साल पहले कोटा में दो नगर निगम कोटा उत्तर व कोटा दक्षिण बना दिए।  दोनों निगमों के हिसाब से सफाई कर्मचारियों से लेकर सभी व्यवस्थाओं का बंटवारा किया गया। लेकिन बंटवारे में समानता का ध्यान नहीं रखा  गया। इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति व टिपर संचालन। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/wards-less-in-kota-north-yet-more-sweepers/article-29584"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-11/kota-utter-mei-ward-kum-fir-bhi-safaikarmi-adhik...kota-news..14.11.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा में दो नगर निगम तो बना दिए जिससे शहर की सफाई अधिक बेहतर हो सके। लेकिन दोनों निगमों में सफाई  संसाधनों के मामले में भेदभाव बरता जा रहा है। कोटा उत्तर निगम में वार्ड कम होने के बाद भी स्थायी सफाई कर्मचारी अधिक हैं। यहां तक कि घर-घर कचरा संग्रहण में लगे टिपर भी उत्तर में अधिक हैं। कोटा में पहले जहां एक ही निगम था उस समय वार्डों की संख्या कुल 65 थी। उस समय हर वार्ड में दो दो टिपर घर-घर कचरा संग्रहण कर रहे थे। लेकिन दो साल पहले कोटा में दो नगर निगम कोटा उत्तर व कोटा दक्षिण बना दिए। वार्डों की संख्या भी करीब ढाई गुना अधिक 150 कर दी गई। परिसीमन के बाद कोटा उत्तर में 70 व कोटा दक्षिण में 80 वार्ड बनाए गए हैं। दोनों निगमों के हिसाब से सफाई कर्मचारियों से लेकर सभी व्यवस्थाओं का बंटवारा किया गया। लेकिन बंटवारे में समानता का ध्यान नहीं रखा  गया। इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति व टिपर संचालन। </p>
<p><strong>उत्तर के 70 वार्ड, सफाई कर्मचारी 14 सौ</strong><br />नगर निगम कोटा उत्तर में वार्ड तो 70 हैं जबकि यहां स्थायी सफाई कर्मचारियों की संख्या 14 सौ है। इसके अलावा 400 बीट श्रमिक है जो  संविदा पर विभिन्न स्थान व मुख्य मार्गों की सफाई में लगे हुए हैं।  इसी तरह से घर-घर कचरा संग्रहण कार्य के लिए हर वार्ड में 3-3 टिपर लगे हुए हैं। वहीं हर दो वार्ड के बीच एक ट्रेक्टर ट्रॉली लगाई गई है। इस तरह से 70 वार्ड में कुल 35 ट्रेक्टर ट्रॉली लगी हुई हैं। जिसके माध्यम से कचरा पाइंट से नियमित कचरा उठाया जा रहा है। निगम द्वारा नयापुरा स्थित बृज टॉकीज परिसर के अस्थायी कचरा ट्रांसफर स्टेशन को शिफ्ट करने के साथ ही मेन रोड व वार्डों के 39 कचरा पाइंट को बंद कर उन्हें कचरा मुक्त किया गया है। </p>
<p><strong>दक्षिण में वार्ड 80, सफाई कर्मचारी 1250</strong><br />नगर निगम कोटा दक्षिण  में परिसेीमन के बद 80 वार्ड बनाए गए हैं। यह क्षेत्र बड़ा होने व वार्ड अधिक होने के बाद भी यहां सफाई कर्मचारी कोटा उत्तर से कम 1250 हैं। वहीं हर वार्ड में 5 संविदा ठेका श्रमिकों समेत कुल 450 श्रमिक मुख्य मार्गों की सफाई में लगे हैं।  इसके साथ ही यहां 39 वार्ड में 23 व 41 वार्ड में 27 समेत कुल 50 ट्रेक्ट्रर ट्रॉलियों से कचरा पाइंट से कचरा उठाया जा रहा है। यहां घर-घर कचरा संग्रहण के लिए हर वार्ड में मात्र 2-2 टिपर ही संचालित किए जा रहे हैं। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />दो निगम बनने के बाद निगम के सफाई कर्मचारियों का समान रूप से बंटवारा किया गया है। व्यवस्था की दृष्टि से कहीं अधिक व कम कर्मचारी हो सकते हैं। लेकिन सफाई व्यवस्था में इससे कोई फर्क नहीं पड़ रहा। सफाई पहले से बेहतर हुई है। <br /><strong>- मंजू मेहरा, महापौर, नगर निगम कोटा उत्तर </strong></p>
<p>कोटा दक्षिण का क्षेत्र और वार्ड बड़े होने के बावजूद भी सफाई में कोई कमी नहीं है। सभी पार्षद नियमित रूप से वार्ड में घूमकर सफाई कार्य की मॉनिटरिंग करते हैं। टिपरों से दो समय कचरा संग्रहण कराया जा रहा है। जहां कचरा नहीं उठने की शिकायत आती है वहां तुरंत कार्रवाई की जा रही है। स्थायी के अलावा अस्थायी व संविदा पर भी सफाई कर्मचारी लगाए हुए हैं। <br /><strong>- राजीव अग्रवाल, महापौर, नगर निगम कोटा दक्षिण</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 14 Nov 2022 15:26:22 +0530</pubDate>
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