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                <title>iit bombay - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>भारत जेन एआई के तहत सभी 22 भाषाओं के टेक्सट के मॉडल इस माह कर लिये जाएंगे तैयार: सरकार</title>
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                        <![CDATA[भारत जेन एआई के तहत 15 भारतीय भाषाओं के टेक्स्ट मॉडल पूरे, शेष भाषाओं का काम माह के अंत तक पूरा होगा, सरकार ने राज्यसभा में बताया।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/under-bharat-gen-ai-text-models-of-all-22-languages/article-142088"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(13)4.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। सरकार ने गुरुवार को राज्य सभा में बताया कि भारत जेन एआई माडल के तहत अब तक 15 भारतीय भाषाओं के लिए सृजनशील कृत्रिम मेधा के मॉडल में भाषाओं के टेक्स (भाषा-पाठ) संबंधी काम पूरे कर लिये गये हैं और बाकी भाषाओं के टेक्सट का काम इस माह के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा।</p>
<p>विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ जितेन्द्र सिंह ने सदन में भारत जेन और एआई के क्षेत्र में सरकार की पहलों से संबंधित भाजपा के भुवनेश्वर कलिता, आम आदमी पार्टी (आप) के राघव चड्ढा और बीजद के डॉ सस्मित पात्रा आदि के अनुपूरक प्रश्नों के उत्तर में कहा कि भारत जेन सरकार के स्वामित्व में विकसित की जा रही पहल है जो अपने आप में संप्रभु भी है। इसके लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, बांबे और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मद्रास को हब बनाया गया है।</p>
<p>डॉ सिंह ने कहा, भारत जेन प्रधानमंत्री द्वारा मार्च 2024 में शुरू की गयी इंडिया एआई मिशन की ही एक उत्पत्ति है यह सरकार के स्वामित्व में एक सावरेन (संप्रभु) संस्थान है। उन्होंने एक सवाल पर स्पष्ट किया कि यह सरकारी पहल जरूर है लेकिन यह अपने मामलों में स्वायत्त होने के कारण संप्रभु है। इसका डाटा इंडिया नियम और शर्तों के साथ दूसरों के साथ भी साझा किया जा सकता है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि भारत जेन के अंतर्गत भारतीय भाषाओं और भारतीय समाज के संदर्भों के आधार पर मल्टी लार्ज लैंग्वेज मॉडलों का विकास किया जा रहा है। इसमें आठवीं अनुसूची के अंतर्गत आनेवाली सभी भाषाओं के टेक्सट, स्पीच और विजन ( लिखित पाठ, वाणी और छवियां) पर केंद्रित जनरेटिव (सृजनशील) एमएलएल एआई मॉडल के विकास पर काम चल रहा है जिसके आधार पर उपयोग आगे आयुर्वेद, कृषि और अन्य क्षेत्रों में भारतीय भाषाओं में एआई के लोगों के उपयोग के लिए तरह तरह के एआई मॉडल विकसित किये जाएंगे।</p>
<p>उन्होंने कहा कि आगे इसमें अन्य क्षेत्रीय भाषाओं और बोलियों को भी शामिल करने की बात है। डॉ सिंह ने कहा,' इसमें टेक्सट, स्पीच और विजन शामिल हैं। हमने 15 भाषाओं के टेक्सट के मॉडल पर काम कर लिया है। बाकी के टेक्स का काम इस माह  कर लिया जाएगा । इस माह में 15 का स्पीज और विजन के मॉडल भी तैयार हो जएंगे।</p>
<p>उन्होंने कहा कि भारत जेन का मॉडल विश्व में अनूठा है। एशिया में चीन, जापान, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया सहित छह देशों में भी मल्टी लार्ज लैंग्वेज आधारित एआई मॉडल है पर भारत जितनी भाषायी विविधता वहां नहीं है। इस मामले में भारत का मॉडल अनूठा है। उन्होंने कहा कि भारत जेन सभी हितधारकों के लिए पासा पलटने वाली प्रगति होगी।  </p>
<p>उन्होंने कहा कि भारत जेन के लिए मद्रास और बांबे आईआईटी को प्रौद्योगिकी नवाचार केंद्र की भूमिका दी गयी है। इसके अलावा इसमें कानपुर, इंदौर, धनबाद के आईआईटी और भारतीय विज्ञान संस्थान बेंगलूरू सहित सात संस्थानों को अलग अलग क्षेत्रों के प्रौद्योगिकी समाधान के लिए जोड़ा गया है। इसमें आईआईटी गुवाहाटी समेत अन्य संस्थानों को भी जोड़ा जा सकता है।  </p>
<p>डॉ सिंह ने कहा ,'हम पूरी सरकार, पूरे देश को जोड़ कर चलने की सोच के साथ काम कर रहे हैं, अभी आईआईटी मद्रास और बांबे तथा सात संस्थानों को इसमें जोड़ा गया है। इसका मतलब यह नहीं है कि हमने दूसरों को छोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने 25 प्रौद्योगिकी नवाचार केंद्र बनाने का प्रस्ताव किया है। इसमें से चार को प्रौद्योगिकी हस्तांतरण सर्च पार्क के रूप में विकसित किया जा रहा है जिसमें उद्योगों को भी शामिल किया जा रहा है।</p>
<p>डॉ सिंह ने कहा कि एआई के विकास में उच्च क्षमता के प्रोसेसिंग यूनिटों की पर्याप्त आपूर्ति और उनकी मुनासिब दर पर उपलब्धता की जरूरत सरकार समझती है। इसीलिए इंडिया एआई मिशन में सात स्तम्भों में गणना सुविधा का एक एक अलग स्तम्भ शामिल किया गया है। उन्होंने माना कि 30 अरब, 65 अरब के मानकों  के लिए हजारों जीपीयू की जरूरत होगी। उन्होंने कहा,'हम अभी इस दिशा में काम कर रहे  हैं पर सभी चुनौतियां हमारे ध्यान में है।हमने इसे निजी क्षेत्र के लिए खोला है।'</p>
<p>उन्होंने इसी संदर्भ में अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (एएनआरएफ) के अनुसंधान, विकास एवं  नवाचार (आरडीआई) फंड के तहत प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड की कल की बैठक में लिये गये फैसलों का जिक्र किया । इसका उद्देश्य संरचित, दीर्घकालिक वित्तपोषण के माध्यम से स्वदेशी प्रौद्योगिकियों के व्यावसायीकरण का समर्थन कर भारत के नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना है। आरडीआई कोष एक लाख करोड़ रुपये का है। उन्होंने बताया कि इस कोष के अंतर्गत कल टीडीबी ने टेक्नोलॉजी रेडीनेस लेवल (टीआरएल) 4 और उससे ऊपर की परियोजनाओं की मदद करने का फैसला किया है ताकि डेवलपर अपनी प्रौद्योगिकी को व्यावहारिक स्तर पर पहुंचा सकें।</p>
<p> </p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Thu, 05 Feb 2026 18:35:50 +0530</pubDate>
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                <title>आईआईटी बॉम्बे में छात्र ने की आत्महत्या, छत से लगाई छलांग</title>
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                        <![CDATA[आईआईटी बॉम्बे में पढ़ाई कर रहे विद्यार्थी ने आत्महत्या कर ली। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/student-jumped-from-roof-in-iit-bombay/article-122424"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/suicide.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। महाराष्ट्र में पवई स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) बॉम्बे के एक छात्र ने छात्रावास की इमारत से कूदकर आत्महत्या कर ली है। पुलिस अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि ये घटना शुक्रवार देर रात हुई है।</p>
<p>पुलिस ने एक बयान में कहा कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार छात्र आईआईटी बॉम्बे में पढ़ाई करता था और आशंका है कि उसने पढ़ाई के तनाव के कारण यह कदम उठाया। पुलिस ने कहा कि छात्र ने देर रात छात्रावास की इमारत से कूदकर जान दे दी। पुलिस के मुताबिक "पवई पुलिस घटनास्थल पर पहुँच गई और इस मामले में जाँच शुरू कर दी।"</p>
<p>इस बीच शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। छात्र की पहचान अभी तक उजागर नहीं की गई है। आत्महत्या के कारणों को जानने के लिए पुलिस छात्र के मोबाइल फोन, उसके कमरे में मिले नोट्स और अन्य निजी सामानों की जांच कर रही है।</p>]]>
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                <pubDate>Sat, 02 Aug 2025 18:28:13 +0530</pubDate>
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                <title>जेईई टॉपर्स और प्रदेश के छात्रों की आईआईटी बॉम्बे पहली व दिल्ली दूसरी पसंद</title>
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                        <![CDATA[इस वर्ष टॉप-50 रैंकर्स विद्यार्थियों में से 46 ने आईआईटी बॉम्बे में, एक-एक ने आईआईटी मद्रास व दिल्ली में प्रवेश लिया। इसके साथ ही आल इंडिया टॉपर ने आईआईएससी बैंगलुरू की मैथ्स एण्ड कम्प्यूटिंग ब्रांच ज्वाइन की। टॉप-100 में से 68 विद्यार्थियों ने आईआईटी बॉम्बे, 28 विद्यार्थियों ने आईआईटी दिल्ली, 2 ने आईआईटी मद्रास को चुना। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world-of-education/iit-bombay-first-and-delhi-second-choice-of-jee-toppers/article-29631"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-11/q-34.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। देश के शीर्ष इंजीनियरिंग शिक्षण संस्थान आईआईटीज में प्रवेश के उपरान्त आईआईटी बॉम्बे द्वारा जारी की गई रिपोर्ट कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। इस वर्ष भी आईआईटी बॉम्बे टॉपर्स की पहली पसंद रही। इसके उपरान्त आईआईटी दिल्ली को प्राथमिकता दी गई। साथ ही प्रदेश के छात्रों की भी बॉम्बे पहली और दिल्ली दूसरी पसंद है। जारी रिपोर्ट के अनुसार इस वर्ष जेईई-एडवांस्ड क्वालीफाइ 38296 विद्यार्थियों ने काउंसलिंग में भाग लिया। इन विद्यार्थियों में से 23359 ऐसे थे, जिनकी च्वाइस फिलिंग में पहली प्राथमिकता आईआईटी बॉम्बे कम्प्यूटर साइंस रही।</p>
<p><strong>कौनसे टॉपर्स, किस आईआईटी में</strong></p>
<p>इस वर्ष टॉप-50 रैंकर्स विद्यार्थियों में से 46 ने आईआईटी बॉम्बे में, एक-एक ने आईआईटी मद्रास व दिल्ली में प्रवेश लिया। इसके साथ ही आल इंडिया टॉपर ने आईआईएससी बैंगलुरू की मैथ्स एण्ड कम्प्यूटिंग ब्रांच ज्वाइन की। टॉप-100 में से 68 विद्यार्थियों ने आईआईटी बॉम्बे, 28 विद्यार्थियों ने आईआईटी दिल्ली, 2 ने आईआईटी मद्रास को चुना। इसी तरह टॉप-1000 में से 246 विद्यार्थियों ने आईआईटी बॉम्बे, 210 विद्यार्थियों ने आईआईटी दिल्ली, 110 विद्यार्थियों ने आईआईटी मद्रास, 107 विद्यार्थियों ने आईआईटी कानपुर, 93 विद्यार्थियों ने आईआईटी खडगपुर, 66 विद्यार्थियों ने आईआईटी गुवाहाटी, 60 विद्यार्थियों ने आईआईटी रूडकी, 40 ने आईआईटी हैदराबाद, 31 ने आईआईटी बीएचयू, 7 विद्यार्थियों ने आईआईटी इंदौर व 1 विद्यार्थी ने आईआईटी रोपड़ में प्रवेश लिया।</p>
<p><strong>आईआईटी की 29 सीटों पर कोई आवंटन नहीं</strong></p>
<p>इस वर्ष आईआईटी में प्रवेश के लिए 6 राउण्ड में जोसा काउंसलिंग संपन्न हुई। छठे राउण्ड के फाइनल आवंटन के जारी किए आंकड़ों के अनुसार आईआईटी की कुल 29 सीटें ऐसी रही, जिन पर किसी विद्यार्थी को आवंटन नहीं हुआ, यानी इन आईआईटी की ये ब्रांचें ऐसी रहीं, जिन्हें किसी भी विद्यार्थी ने काउंसलिंग च्वाइस में भरा ही नहीं। इनमें आईआईटी जोधपुर की 6, आईआईटी धनबाद और बीएचयू की 9-9, आईआईटी जम्मू की 3, आईआईटी रूपड़ व धारवाड़ की 1-1 सीटें ऐसी रही जो आवंटित सीटों की तुलना में कुल सीटों से कम रही।</p>
<p><strong>इन ब्रांचों को दी प्राथमिकता, इनकी की उपेक्षा</strong></p>
<p>काउंसलिंग में शामिल कुल 38 हजार 296 विद्यार्थियों ने 47 लाख 33 लाख 894 च्वाइसेज को जोसा काउंसलिंग में भरा। इनमें से 22 हजार से ज्यादा विद्यार्थियों ने बॉम्बे, दिल्ली, कानपुर, रूडकी, खड़गपुर की कम्प्यूटर साइंस को प्राथमिकता दी। कॅरियर काउंसलिंग एक्सपर्ट अमित आहूजा ने बताया कि 20 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने हैदराबाद, मद्रास, गुवाहाटी की कम्प्यूटर साइंस ब्रांच को प्राथमिकता में रखा। इसके अतिरिक्त आईआईटी धारवाड़ की इन्ट्रा डिसिप्लीनरी साइंस, आईआईटी जोधपुर की फिजिक्स एण्ड कैमेस्ट्री स्पेशलाइजेशन, आईआईटी धनबाद की एप्लाई जूलॉजी एवं जीओ फिजिक्स, आईआईटी बीएचयू की बीफॉर्मा, आईआईटी मद्रास की बायालोजिकल साइंस सबसे उपेक्षित ब्रांचों में रही, जिनके लिए 5 हजार से भी कम विद्यार्थियों ने च्वाइस फिलिंग में प्राथमिकता में रखा।</p>]]>
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                <pubDate>Tue, 15 Nov 2022 12:13:09 +0530</pubDate>
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