<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan-high-court-decision/tag-3372" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>Rajasthan High Court Decision - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/3372/rss</link>
                <description>Rajasthan High Court Decision RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>उदयपुर की झीलों पर हाईकोर्ट सख्त, अतिक्रमण और प्रदूषण पर सरकार से मांगी रिपोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान हाईकोर्ट ने उदयपुर की ऐतिहासिक झीलों, तालाबों व जल निकायों के संरक्षण पर गंभीरता दिखा स्वत: संज्ञान से जनहित याचिका दर्ज। न्यायाधीश डॉ. पुष्पेन्द्रसिंह भाटी व न्यायाधीश रेखा बोराणा की अवकाशकालीन खंडपीठ ने कहा, उदयपुर की पहचान केवल एक पर्यटन शहर के रूप में नहीं, बल्कि उसकी झीलों, जलमार्गों और प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़ी हुई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jodhpur/high-court-seeks-report-from-government-on-strict-encroachment-and/article-156394"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/hammer.png" alt=""></a><br /><p>जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने उदयपुर की ऐतिहासिक झीलों, तालाबों व जल निकायों के संरक्षण पर गंभीरता दिखा स्वत: संज्ञान से जनहित याचिका दर्ज की है। न्यायाधीश डॉ. पुष्पेन्द्रसिंह भाटी व न्यायाधीश रेखा बोराणा की अवकाशकालीन खंडपीठ ने कहा, उदयपुर की पहचान केवल एक पर्यटन शहर के रूप में नहीं, बल्कि उसकी झीलों, जलमार्गों और प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़ी हुई है। यदि इन जल स्रोतों को संरक्षित नहीं किया तो पर्यावरणीय संतुलन, भूजल पुनर्भरण और भविष्य की जल सुरक्षा पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। कोर्ट की ओर से पारित आदेश में कहा कि समाचारों में रूपसागर तालाब की सीमाओं के निर्धारण में वर्षों से चली आ रही अनिश्चितता, मदार नहर की मरम्मत में कथित लापरवाही तथा फतहसागर झील के किनारे प्रस्तावित नाइट फूड हब जैसी गतिविधियों से पर्यावरण पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों को प्रमुखता से उठाया गया था।</p>
<p>हाईकोर्ट ने माना, कि ये मामले किसी एक स्थान तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उदयपुर की संपूर्ण झील प्रणाली, जल निकायों, कैचमेंट क्षेत्रों और जल प्रबंधन ढांचे से जुड़े व्यापक पर्यावरणीय प्रश्नों को उजागर करते हैं। अदालत ने कहा कि अतिक्रमण, अनियंत्रित विकास, प्रदूषण, सीवरेज का प्रवाह, प्राकृतिक जल निकासी मार्गों में हस्तक्षेप और अपर्याप्त रख रखाव देशभर के जल निकायों के सामने बड़ी चुनौती बन चुके हैं। कोर्ट ने विशेष रूप से पिछोला, फतहसागर, स्वरूपसागर, रंगसागर, रूपसागर, दूधतलाई, गोवर्धनसागर, बड़ी झील, उदयसागर, मदार झील, बड़ा मदार, छोटा मदार और कुम्हारिया तालाब सहित अन्य जुड़े हुए जल स्रोतों की स्थिति पर रिपोर्ट मांगी है। इसके साथ ही इनके कैचमेंट क्षेत्र , जल गुणवत्ता, जैव विविधता, अतिक्रमण, प्रदूषण और संरक्षण उपायों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। राज्य सरकार, पर्यावरण विभाग, नगरीय विकास विभाग, जल संसाधन विभाग, स्थानीय स्वशासन विभाग, राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल, जिला प्रशासन, उदयपुर विकास प्राधिकरण और अन्य संबंधित एजेंसियों को पक्षकार बना कोर्ट ने शपथपत्र और स्टेटस रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जोधपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jodhpur/high-court-seeks-report-from-government-on-strict-encroachment-and/article-156394</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jodhpur/high-court-seeks-report-from-government-on-strict-encroachment-and/article-156394</guid>
                <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 11:23:07 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-12/hammer.png"                         length="483323"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजस्थान हाईकोर्ट का बड़ा फैसला : नाबालिग की भूलें आजीविका में बाधा नहीं बनेंगी, कहा- किशोरावस्था की गलतियों को आजीवन कलंक की तरह नहीं देखा जाना चाहिए</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान हाईकोर्ट ने एक संवेदनशील फैसला देते हुए स्पष्ट किया है कि नाबालिग अवस्था में हुए मामूली अपराधों के आधार पर किसी व्यक्ति की नौकरी नहीं छीनी जा सकती। अदालत ने कहा कि किशोरावस्था की गलतियों को आजीवन कलंक की तरह नहीं देखा जाना चाहिए। खासकर तब जब उन अपराधों का पद की प्रकृति, नैतिक अधमता या सार्वजनिक सुरक्षा से कोई सीधा संबंध न हो। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jodhpur/big-decision-of-rajasthan-high-court-mistakes-of-minor-will/article-139729"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/hammer.png" alt=""></a><br /><p>जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने एक संवेदनशील फैसला देते हुए स्पष्ट किया है कि नाबालिग अवस्था में हुए मामूली अपराधों के आधार पर किसी व्यक्ति की नौकरी नहीं छीनी जा सकती। अदालत ने कहा कि किशोरावस्था की गलतियों को आजीवन कलंक की तरह नहीं देखा जाना चाहिए। खासकर तब जब उन अपराधों का पद की प्रकृति, नैतिक अधमता या सार्वजनिक सुरक्षा से कोई सीधा संबंध न हो। डॉ. जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी और जस्टिस संदीप शाह की खंडपीठ ने नगर पालिका रावतसर, जिला हनुमानगढ़ में सफाईकर्मी पद पर नियुक्त एक दिव्यांग युवक की सेवा समाप्ति को रद्द करते हुए उसकी नौकरी बहाल करने का आदेश दिया। साथ ही एकलपीठ के पूर्व आदेश को निरस्त कर दिया गया। अधिवक्ता दुर्गेश खत्री ने बताया कि हनुमानगढ़ निवासी श्रवण का चयन नगर पालिका रावतसर में सफाईकर्मी पद पर हुआ था। वह 70 प्रतिशत स्थायी बौनेपन से पीड़ित है। चयन के बाद 14 जुलाई, 2018 को उसे नियुक्ति आदेश जारी हुआ, जिसमें पुलिस सत्यापन संतोषजनक होने की शर्त थी। सत्यापन के दौरान सामने आया कि उसके खिलाफ पूर्व में चार आपराधिक मामले दर्ज रहे थे।</p>
<p>इनमें तीन मामलों में राजस्थान सार्वजनिक जुआ अधिनियम के तहत दोषसिद्धि और एक मामले में आबकारी अधिनियम के तहत बरी किया जाना शामिल था। इन्हीं आधारों पर 24 अगस्त 2018 को उसकी सेवाएं समाप्त कर दी गईं। याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि सभी मामले नाबालिग अवस्था के थे और अत्यंत तुच्छ प्रकृति के थे। जिनका नौकरी से कोई सीधा संबंध नहीं था। साथ ही सुप्रीम कोर्ट के अवतारसिंह बनाम भारत संघ (2016) के फैसले का हवाला देते हुए कहा गया कि मामूली अपराधों में तथ्यों के दमन मात्र से नियुक्ति स्वत: रद्द नहीं की जा सकती। अदालत ने रेखांकित किया कि अपीलकर्ता एक दिव्यांग व्यक्ति है और उसके लिए नौकरी सामाजिक सुरक्षा का महत्वपूर्ण साधन है। किशोर न्याय अधिनियम, 2000 की धारा 19 का उल्लेख करते हुए अदालत ने कहा कि नाबालिग द्वारा किए गए अपराध भविष्य में अयोग्यता का कारण नहीं बनने चाहिए। अदालत ने नियुक्ति बहाल करने का आदेश दिया।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जोधपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jodhpur/big-decision-of-rajasthan-high-court-mistakes-of-minor-will/article-139729</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jodhpur/big-decision-of-rajasthan-high-court-mistakes-of-minor-will/article-139729</guid>
                <pubDate>Fri, 16 Jan 2026 11:20:49 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-12/hammer.png"                         length="483323"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजस्थान में बढ़ते अवैध खनन को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट सख्त, प्रदेश में जारी सभी शॉर्ट टर्म माइनिंग परमिट तत्काल निलंबित </title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान में बढ़ते अवैध खनन को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपना पूरे प्रदेश में जारी सभी शॉर्ट टर्म माइनिंग परमिट तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए हैं। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय प्रकाश शर्मा और न्यायाधीश बलजिंदर सिंह संधू की खंडपीठ में आम जनता ग्राम आमला की ओर से दायर याचिका में आरोप लगाया गया था कि राज्य सरकार की ओर से विभिन्न कंपनियों को दिए गए शॉर्ट टर्म खनन परमिटों की अवधि समाप्त होने के बाद भी वे अवैध खनन जारी रखे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jodhpur/rajasthan-high-court-is-strict-regarding-the-increasing-illegal-mining/article-134619"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/hammer.png" alt=""></a><br /><p>जोधपुर। राजस्थान में बढ़ते अवैध खनन को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपना पूरे प्रदेश में जारी सभी शॉर्ट टर्म माइनिंग परमिट तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए हैं। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय प्रकाश शर्मा और न्यायाधीश बलजिंदर सिंह संधू की खंडपीठ में आम जनता ग्राम आमला की ओर से दायर याचिका में आरोप लगाया गया था कि राज्य सरकार की ओर से विभिन्न कंपनियों को दिए गए शॉर्ट टर्म खनन परमिटों की अवधि समाप्त होने के बाद भी वे अवैध खनन जारी रखे हैं। याचिकाकर्ताओं की ओर से बताया गया कि खनन विभाग इस पर कोई नियंत्रण नहीं रख पा रहा, जिससे पूरे क्षेत्र में अवैध खनन व्यापक और अनियंत्रित रूप से फैल गया है। सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता जी.आर. पूनिया और अधिवक्ता संजय रेवड़ ने अदालत को बताया कि अवैध खनन न केवल स्थानीय पर्यावरण और कृषि को नुकसान पहुंचा रहा हैए बल्कि राज्य को करोड़ों रुपए के राजस्व का भी भारी नुकसान हो रहा है।</p>
<p>वहीं राज्य सरकार की ओर से एडिशनल एडवोकेट जनरल महावीर बिश्नोई ने नोटिस स्वीकार किया और जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा। अदालत ने कहा कि पहली नजर में शॉर्ट टर्म परमिट जारी करने की प्रक्रिया ही संदिग्ध प्रतीत होती है। क्योंकि इनके समाप्त होने के बाद भी कंपनियों द्वारा खनन जारी रहता है और विभागीय निगरानी लगभग न के बराबर है। अदालत ने इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए कठोर कदम उठाए। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 10 दिसंबर को तय कर राज्य सरकार और खनन विभाग से विस्तृत जवाब मांगा है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जोधपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jodhpur/rajasthan-high-court-is-strict-regarding-the-increasing-illegal-mining/article-134619</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jodhpur/rajasthan-high-court-is-strict-regarding-the-increasing-illegal-mining/article-134619</guid>
                <pubDate>Thu, 04 Dec 2025 12:19:06 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-12/hammer.png"                         length="483323"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजस्थान होईकोर्ट का बड़ा फैसला : हाथ से लिखी पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर रोक, डिजिटल सॉफ्टवेयर लगाने के निर्देश जारी</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान हाईकोर्ट ने हाथ से लिखी मेडिको-लीगल व पोस्टमार्टम रिपोर्टों पर कड़ा रुख अपनाते हुए 1 फरवरी 2026 से इन्हें पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि ऐसे दस्तावेज न्याय प्रक्रिया में गंभीर बाधा हैं। आदेश के उल्लंघन पर जांच अधिकारी, थाना प्रभारी और जिला पुलिस अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार माना जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/big-decision-of-rajasthan-high-court-ban-on-hand-written/article-133170"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/rasasthan-high-court.png" alt=""></a><br /><p>जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने अपठनीय मेडिको-लीगल रिपोर्टों को न्याय प्रक्रिया में गंभीर बाधा बताते हुए सख्त कदम उठाया है और हाथ से लिखी पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर रोक लगा दी है। राजस्थान हाईकोर्ट ने अपने जारी आदेश में कहा है​ कि, 1 फरवरी 2026 के बाद से राज्य मे किसी भी परिस्थिति में पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मेडिको-लीगल रिपोर्ट और अन्य चिकित्सकीय कानूनी दस्तावेज हाथ लिखे नहीं होने चाहिए और यदि ऐसा होता है तो उसे कोर्ट में मान्य नहीं किया जाएगा।</p>
<p>इसके साथ ही उस मामले के लिए संबंधित जांच अधिकारी, थाना प्रभारी, जिला पुलिस अधीक्षक तथा जयपुर व जोधपुर पुलिस आयुक्त को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार माना जाएगा। बता दें कि, न्यायाधीश रवि चिरानिया की एकल पीठ ने एक हत्या के मामले में इस तरह का फैसला सुनाया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>जोधपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/big-decision-of-rajasthan-high-court-ban-on-hand-written/article-133170</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/big-decision-of-rajasthan-high-court-ban-on-hand-written/article-133170</guid>
                <pubDate>Fri, 21 Nov 2025 13:22:06 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-11/rasasthan-high-court.png"                         length="342018"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रदेश में बढ़ते साइबर अपराधों लेकर राज्य सरकार को जारी किए दिशा निर्देश, कहा- साइबर अपराधों की पाक्षिक जांच रिपोर्ट एडीजी को भेजें, कोर्ट में भी पेश हों प्रशिक्षित पुलिसकर्मी</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रदेश में बढ़ते साइबर अपराधों लेकर राज्य सरकार को विभिन्न बिंदुओं पर दिशा निर्देश जारी किए हैं। इसके साथ ही अदालत ने साइबर अपराध के मामले में न्यायिक अभिरक्षा में चल रहे बीस वर्षीय युवक को सशर्त जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए हैं। जस्टिस समीर जैन की एकलपीठ ने यह आदेश मोहित की ओर से दायर जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rajasthan-high-court-issued-guidelines-to-the-state-government-regarding/article-132218"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/hogh-cort-chandigarh-court-hammer1457186614-82.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रदेश में बढ़ते साइबर अपराधों लेकर राज्य सरकार को विभिन्न बिंदुओं पर दिशा निर्देश जारी किए हैं। इसके साथ ही अदालत ने साइबर अपराध के मामले में न्यायिक अभिरक्षा में चल रहे बीस वर्षीय युवक को सशर्त जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए हैं। जस्टिस समीर जैन की एकलपीठ ने यह आदेश मोहित की ओर से दायर जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। अदालत ने कहा कि साइबर अपराध में आने वाली समस्त शिकायतों को दर्ज किया जाए और संबंधित साइबर थाना तुरंत जांच आरंभ कर हर पन्द्रह दिन में जांच की प्रगति रिपोर्ट एडीजी साइबर क्राइम को भेजें। अदालत ने कहा कि हाईकोर्ट में साइबर प्रकरणों को लेकर जमानत याचिकाएं बढ रही हैं।</p>
<p>ऐसे में सरकारी वकील और कोर्ट की सहायता के लिए प्रशिक्षित पुलिस अधिकारी हर सुनवाई पर कोर्ट में पेश हों। इसके अलावा अदालत ने साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए जन जागरूकता बढ़ाने के लिए हर माह के एक दिन को साइबर जागरूकता दिवस के रूप में मनाने को कहा है। अदालत ने आयकर विभाग, राजस्थान के निदेशक अनुसंधान को साइबर मामलों की जांच की प्रगति की निगरानी करने को कहा है। वहीं अदालत ने जरूरत पड़ने पर आदेश की कॉपी ईडी, जीएसटी, बैंकिंग सहित अन्य संबंधित एजेंसी को देने को कहा है। अदालत ने कहा कि राज्य सरकार इस संबंध में एसओपी जारी करें, ताकि कोर्ट के निर्देशों की पालना सुनिश्चित की जा सके। अदालत ने स्पष्ट किया है कि यह एसओपी अगस्त, 2021 की मौजूदा एसओपी के साथ काम करेगी।</p>
<p><strong>यह लगाई याचिकाकर्ता के आरोपी पर शर्त</strong><br />आरोपी एक ही बैंक खाते से लेनदेन करेगा। जिसकी जानकारी रिहाई से पूर्व जांच अधिकारी और संबंधित कोर्ट को देगा। एक से अधिक खाते होने पर उन्हें रिहाई से पूर्व बंद किया जाएगा।<br />ट्रायल पूरी होने तक आरोपी बैंक खाते का मासिक विवरण जांच अधिकारी और कोर्ट को देगा।<br />आरबीआई परिपत्र जारी कर आरोपी को नया बैंक खाता खोलने से रोकेगा।<br />आरोपी अब तक उपयोग होने वाले बैंक खाते और डिजिटल पेमेंट वॉलेट की जानकारी देगा।<br />आरोपी केवल एक नॉन स्मार्ट फोन और पोस्टपेड नंबर काम में लेगा।<br />आरोपी वीपीएन, प्रॉक्सी नेटवर्क, जीएसएस वाले लैपटॉप, टैबलेट और कंप्यूटर का उपयोग नहीं करेगा। इनका विवरण आईओ और कोर्ट को देगा।<br />एक तय अवधि या ट्रायल पूरी होने तक आरोपी सोशल मीडिया का उपयोग नहीं करेगा।<br />नियमित अंतराल में जांच अधिकारी के समक्ष पेश होगा।<br />सामुदायिक सेवा, साइबर एथिक्स और डिजीटल सुरक्षा संबंधित जन जागरूकता कार्यक्त्रमों में भाग लेगा।<br />यदि पैन कार्ड नहीं है तो आरोपी रिहाई से पहले लेगा और लेनदेन का खुलासा करते हुए आयकर रिटर्न भरेगा।<br />आरोपी अपने परिजनों, नौकर और किरायेदारों के व्यक्तिगत विवरण, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और सोशल मीडिया आदि की जानकारी आईओ को देगा।<br />याचिका से जुडे अधिवक्ता एसबी गौतम ने बताया कि याचिकाकर्ता गत 9 जुलाई से न्यायिक अभिरक्षा में है। मामले में कोई पीडित शिकायतकर्ता नहीं है। पुलिस ने अपने स्तर पर ही रिपोर्ट दर्ज की है। प्रकरण में आरोप पत्र पेश हो चुका है। ऐसे में उसे जमानत पर रिहा किया जाए। याचिका का राज्य सरकार की ओर से एएजी राजेश चौधरी ने विरोध किया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rajasthan-high-court-issued-guidelines-to-the-state-government-regarding/article-132218</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rajasthan-high-court-issued-guidelines-to-the-state-government-regarding/article-132218</guid>
                <pubDate>Thu, 13 Nov 2025 11:13:06 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-10/hogh-cort-chandigarh-court-hammer1457186614-82.jpg"                         length="22355"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजस्थान हाईकोर्ट का बड़ा फैसला : एयरपोर्ट से हल्दी घाटी सर्किल तक सौ फीट रोड निर्माण का दिया आदेश, 2011 के सेक्टर प्लान अनुसार बनेगी सड़क</title>
                                    <description><![CDATA[एयरपोर्ट से प्रताप नगर के हल्दी घाटी सर्किल तक 100 फीट चौड़ी रोड के निर्माण का रास्ता साफ। जेडीए को 2011 के सेक्टर प्लान के तय अलाइनमेंट के अनुसार रोड निर्माण। सड़क का जो हिस्सा राजस्थान हाउसिंग बोर्ड व जयपुर नगर निगम के क्षेत्राधिकार में। निर्माण का खर्चा हाउसिंग बोर्ड व नगर निगम से वसूला जाए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/big-decision-of-rajasthan-high-court-ordered-construction-of-100/article-129608"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/court-hammer04.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने एयरपोर्ट से प्रताप नगर के हल्दी घाटी सर्किल तक 100 फीट चौड़ी रोड के निर्माण का रास्ता साफ कर दिया है। उसने जेडीए को 2011 के सेक्टर प्लान के तय अलाइनमेंट के अनुसार रोड निर्माण करने को कहा है। सड़क का जो हिस्सा राजस्थान हाउसिंग बोर्ड व जयपुर नगर निगम के क्षेत्राधिकार में है, उसके निर्माण का खर्चा हाउसिंग बोर्ड व नगर निगम से वसूला जाए। यदि उनसे खर्चा नहीं मिले तो राज्य सरकार अपने खर्चे पर ही सड़क का निर्माण करे। केवल खर्चे के आधार पर ही सड़क का निर्माण कार्य नहीं रोका जाए। वहीं राज्य सरकार इस रोड की मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी भी ले। एक्टिंग सीजे संजीव प्रकाश शर्मा व जस्टिस संजीत पुरोहित की खंडपीठ ने यह आदेश अजय मार्ग निर्माण संघर्ष समिति सहित अन्य की याचिकाओं पर दिया। खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि यदि इस रोड के संबंध में किसी भी कोर्ट में कोई स्टे चल रहा है तो वह इस आदेश में ही समाहित हो जाएगा।</p>
<p>वहीं इस रोड के निर्माण कार्य के संबंध में कोई भी ट्रिब्यूनल या कोर्ट किसी के दावे को मंजूर नहीं करे। इसके अलावा रोड के निर्माण के दौरान चाहें तो पुलिस की मदद भी ली जा सकती है। याचिका में कहा था कि सेक्टर प्लान में यह रोड 100 फीट की है, लेकिन कई सालों से इस सड़क का निर्माण नहीं हो पा रहा है। सरकारी जमीन पर अतिक्रमण के कारण ही हाउसिंग बोर्ड सेक्टर एक व दो को आज तक विकसित नहीं कर पाया है। वहीं 2018 के अलाइनमेंट बदलाव से हुए प्रभावित मकान मालिकों की ओर से अधिवक्ता प्रहलाद शर्मा ने कहा कि उन्होंने सोसायटी से भूखंड खरीदे थे और वे कई सालों से रह रहे हैं, लेकिन अलाइनमेंट बदलने के कारण उनके मकानों पर भी टूटने की तलवार लटक गई थी। गौरतलब है कि पूर्व में इस रोड को लेकर जेडीए व हाउसिंग बोर्ड के दो अलग-अलग मत होने पर हाईकोर्ट ने प्रमुख यूडीएच सचिव को पेश होकर यह बताने के लिए कहा था कि इस रोड के निर्माण के लिए उनकी क्या कार्य योजना है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/big-decision-of-rajasthan-high-court-ordered-construction-of-100/article-129608</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/big-decision-of-rajasthan-high-court-ordered-construction-of-100/article-129608</guid>
                <pubDate>Tue, 14 Oct 2025 13:28:35 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-04/court-hammer04.jpg"                         length="40961"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डिजिटल अरेस्ट और साइबर अपराधों को रोकने के लिए क्या कार्रवाई की : हाईकोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[अदालत ने कहा कि कुछ सोशल मीडिया कंपनियां उपभोक्ता के डेटा को बेचती है और साइबर अपराध करने में इसका दुरुपयोग करते हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/what-action-did-the-high-court-take-to-stop-digital/article-101777"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-09/court-hammer041.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने डिजिटल अरेस्ट और साइबर क्राइम की बढ़ती घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए कहा कि ये अपराध दुनियाभर में बढ़े हैं तथा भारत देश में भी लाखों लोग इनसे प्रभावित हुए हैं। इसके चलते हजारों निर्दोष लोगों ने ना केवल अपनी कमाई खो दी, बल्कि कई लोगों ने अपनी जान भी गंवाई है। डिजिटल अरेस्ट और साइबर क्राइम से हर क्षेत्र के लोग प्रभावित हो रहे हैं और ऐसे में इनसे हो रहे अपराधों से आमजन को बचाने तथा इनके खिलाफ ठोस कार्रवाई करने की जरूरत है। वहीं, अदालत ने इस मुद्दे पर स्वप्रेरित प्रसंज्ञान लेते हुए केन्द्र और राज्य सरकार, डीजीपी, आरबीआई एवं अन्य पक्षकारों से जवाब देने के लिए कहा है। अदालत ने पूछा है कि उन्होंने इससे जुडे अपराधों को रोकने के लिए क्या ठोस कार्रवाई की। जस्टिस अनूप कुमार ढंड ने यह आदेश स्वप्रेरित प्रसंज्ञान मामले में सुनवाई करते हुए दिए। अदालत ने कहा कि हालांकि राज्य सरकार ने इन अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए कदम उठाए हैं, लेकिन फिर भी इनकी रोकथाम के लिए ठोस कार्रवाई करने की जरूरत है। आरबीआई के स्तर पर भी गंभीर कदम उठाने की जरूरत है, ताकि ऐसे जालसाजी वाले लेन-देन के पैसे को ट्रांसफर ना किया जाए और धोखाधड़ी करने वाले लेन-देन पर अंकुश लगे। इसलिए आरबीआई व सरकार की शिकायत निवारण समिति को धोखाधड़ी से आमजन को बचाने के लिए भी एक सिस्टम डवलप करने की जरूरत है। अदालत ने एएसजी आरडी रस्तोगी, महाधिवक्ता राजेन्द्र प्रसाद व अधिवक्ता अनुराग कलावटिया को इस मामले में सहयोग करने के लिए कहा है। अदालत ने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, ओवर द टॉप प्लेटफॉर्म और डिजिटल समाचार पोर्टल की गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए सरकार द्वारा प्रौद्योगिकी नियम, 2021 बनाए गए हैं। अदालत ने कहा कि कुछ सोशल मीडिया कंपनियां उपभोक्ता के डेटा को बेचती है और साइबर अपराध करने में इसका दुरुपयोग करते हैं। </p>
<p><strong>पांचवीं कक्षा की छात्रा से अश्लीलता करने वाले स्कूल बस चालक को सजा</strong><br />जिले की पॉक्सो मामलों की विशेष अदालत ने पांचवीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा को स्कूल से घर छोड़ने के दौरान उससे अश्लीलता करने वाले बस चालक को सात साल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने अभियुक्त पर एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। पीठासीन अधिकारी कैलाश अटवासिया ने अपने आदेश में कहा कि 57 साल के अभियुक्त ने दस साल की पीड़िता के साथ उसकी लज्जा भंग करने के उद्देश्य से अश्लीलता की। ऐसे में उसके प्रति नरमी का रुख नहीं अपनाया जा सकता। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक विजया पारीक ने 5 मई, 2023 को पीड़िता के चाचा ने अमरसर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में कहा गया कि उसकी भतीजी निजी स्कूल में पांचवीं कक्षा में पढ़ती है। बीते दिन जब वह स्कूल से वापस आ रही थी तो सभी सवारियों के उतरने के बाद वह बस में अकेली रह गई। इस दौरान बस चालक ने उसे पानी की बोतल पकड़ाने के बहाने अपने पास बुलाया और उसके साथ अश्लीलता की। जब पीड़िता चिल्लाई तो अभियुक्त ने उसे छोड़ दिया। इस पर पीड़िता ने घर पहुंच कर परिजनों को घटना की जानकारी दी। रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने अभियुक्त को गिरफ्तार कर अदालत में आरोप पत्र पेश किया। वहीं अभियुक्त की ओर से कहा गया कि पूर्व की रंजिश होने के चलते उसके खिलाफ मामला दर्ज कराया गया है। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने अभियुक्त को सजा सुनाई है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/what-action-did-the-high-court-take-to-stop-digital/article-101777</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/what-action-did-the-high-court-take-to-stop-digital/article-101777</guid>
                <pubDate>Thu, 23 Jan 2025 11:44:56 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-09/court-hammer041.jpg"                         length="40961"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अनिश्चितकाल तक किसी व्यक्ति को हिरासत में नहीं रखा जा सकता: हाईकोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[आरोपी के अधिवक्ता ने पैरवी करतेअदालत को बताया, उसके खिलाफ कथित अपराधों के लिए कोई मामला नहीं बनता है और उसे कारावास की सजा नहीं दी जानी चाहिए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jodhpur/high-court-says-no-person-can-be-kept-in-custody/article-100904"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/court-hammer04.jpg" alt=""></a><br /><p>जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट के न्यायाधीश फरजंद अली ने एक जमानत याचिका पर सुनवाई करते कहा, अनिश्चितकाल तक किसी भी व्यक्ति को हिरासत में नहीं रखा जा सकता। जब तक कोर्ट किसी आरोपी को दोषी करार नहीं देता, तब तक वह निर्दोष ही माना जाएगा। दरअसल हत्या के आरोप में विचाराधीन अभियुक्त गजेंद्रसिंह ने अपनी अधिवक्ता दीपिका सोनी के जरिए हाईकोर्ट में जमानत याचिका प्रस्तुत की। जिसपर हाईकोर्ट ने आदेश पारित करते स्पष्ट लिखा कि अनिश्चित काल तक किसी व्यक्ति को हिरासत में नहीं रखा जा सकता। अदालत ने यह भी कहा, कि मुकदमे की धीमी गति से प्रगति को देखते हुए इसमें अभी और समय लगेगा। गजेंद्रसिंह पर हत्या का मामला दर्ज किया गया था। साल 2018 में ट्रायल शुरू किया लेकिन अभियोजन पक्ष के गवाह पूरे नहीं हो सके।</p>
<p>अभियोजन पक्ष के कुल 48 गवाहों में से केवल 16 गवाह की अब तक जांच हो सकी है। अदालत ने कहा,परीक्षण द्वारा इमानदारी से प्रयास नहीं किए गए हैं। न्यायालय की ओर से जब तक अभियुक्त को दोषी साबित न हो तब तक निर्दोष माना जाएगा। अदालत के इस फैसले से गजेंद्रसिंह को बड़ी राहत मिली है। आरोपी के अधिवक्ता ने पैरवी करतेअदालत को बताया, उसके खिलाफ कथित अपराधों के लिए कोई मामला नहीं बनता है और उसे कारावास की सजा नहीं दी जानी चाहिए।</p>
<p>  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जोधपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jodhpur/high-court-says-no-person-can-be-kept-in-custody/article-100904</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jodhpur/high-court-says-no-person-can-be-kept-in-custody/article-100904</guid>
                <pubDate>Thu, 16 Jan 2025 12:43:09 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-04/court-hammer04.jpg"                         length="40961"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महेश जोशी का गजेंद्र शेखावत पर निशाना, कहा- कल तक कह रहे थे हंगामा क्यों बरपा? आज खुद पुतला जलवा रहे</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्य सचेतक महेश जोशी ने केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत पर एक बार फिर से हमला बोला है। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में मीडिया से बातचीत के दौरान बीजेपी की ओर से उनके खिलाफ प्रदर्शन को लेकर मुख्य सचेतक महेश जोशी ने कहा कि कल तक खुद कह रहे थे कि हंगामा क्यों बरपा? और आज खुद पुतला जलवा रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A5%87%E0%A4%B6-%E0%A4%9C%E0%A5%8B%E0%A4%B6%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%97%E0%A4%9C%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%B0-%E0%A4%B6%E0%A5%87%E0%A4%96%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%A4-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%BE--%E0%A4%95%E0%A4%B9%E0%A4%BE--%E0%A4%95%E0%A4%B2-%E0%A4%A4%E0%A4%95-%E0%A4%95%E0%A4%B9-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A5%87-%E0%A4%A5%E0%A5%87-%E0%A4%B9%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AC%E0%A4%B0%E0%A4%AA%E0%A4%BE--%E0%A4%86%E0%A4%9C-%E0%A4%96%E0%A5%81%E0%A4%A6-%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%A4%E0%A4%B2%E0%A4%BE-%E0%A4%9C%E0%A4%B2%E0%A4%B5%E0%A4%BE-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A5%87/article-914"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-06/2021-06-26~mc4a7_nl1.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्य सचेतक महेश जोशी ने केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत पर एक बार फिर से हमला बोला है। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में मीडिया से बातचीत के दौरान बीजेपी की ओर से उनके खिलाफ प्रदर्शन को लेकर मुख्य सचेतक महेश जोशी ने कहा कि कल तक खुद कह रहे थे कि हंगामा क्यों बरपा? और आज खुद पुतला जलवा रहे हैं। जोशी ने कहा कि पुतले तो हम भी जलवा सकते हैं, लेकिन कोरोना और पर्यावरण की शुद्धि के लिए बचना चाहिए।<br /> <br /> जोशी ने कहा कि सच्चाई यह है गजेंद्र सिंह को राजस्थान बीजेपी के नेता नहीं चाहते। पुतले जलवा कर गजेंद्र सिंह शेखावत मेरी बातों को मान्यता दे रहे हैं। उनकी अपरिपक्वता और नादानी के कारण उनके साथ कोई नहीं है। दिवाली जैसे त्यौहार पर पटाखे नहीं चलाने की अपील सीएम ने की। प्रधानमंत्री कोरोना खत्म करने की अपील कर रहे हैं और बीजेपी नेता पुतले जलवा कर कोरोना को बढ़ा रहे हैं। मेरे जीवन का इतिहास रहा है कि कभी एफआईआर में नाम नहीं आया। जिस तरह से मुझे नोटिस दिलवाया गया। वह पूरी तरह से गलत है।<br /> <br /> <strong>हमारा फैसला तर्क संगत था</strong><br /> जयपुर ग्रेटर नगर निगम की निलंबित मेयर सौम्या गुर्जर की याचिका पर हाईकोर्ट के फैसले को लेकर मुख्य सचेतक महेश जोशी ने कहा कि सरकार ने पूरी तरह से न्याय संगत, तर्कसंगत फैसला किया था। यह फैसला इस बात का भी परिचायक था कि राजस्थान में किसी भी तरह के अनैतिक कार्य, अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं होगी। जो जैसा करेगा वैसा फल भुगतेगा। भारतीय जनता पार्टी का ऐसा इतिहास रहा है। अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार करते रहे हैं, लेकिन प्रदेश सरकार में ऐसा कभी बर्दाश्त नहीं होगा। इस फैसले से एक संदेश प्रदेश भर में जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A5%87%E0%A4%B6-%E0%A4%9C%E0%A5%8B%E0%A4%B6%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%97%E0%A4%9C%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%B0-%E0%A4%B6%E0%A5%87%E0%A4%96%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%A4-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%BE--%E0%A4%95%E0%A4%B9%E0%A4%BE--%E0%A4%95%E0%A4%B2-%E0%A4%A4%E0%A4%95-%E0%A4%95%E0%A4%B9-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A5%87-%E0%A4%A5%E0%A5%87-%E0%A4%B9%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AC%E0%A4%B0%E0%A4%AA%E0%A4%BE--%E0%A4%86%E0%A4%9C-%E0%A4%96%E0%A5%81%E0%A4%A6-%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%A4%E0%A4%B2%E0%A4%BE-%E0%A4%9C%E0%A4%B2%E0%A4%B5%E0%A4%BE-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A5%87/article-914</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A5%87%E0%A4%B6-%E0%A4%9C%E0%A5%8B%E0%A4%B6%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%97%E0%A4%9C%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%B0-%E0%A4%B6%E0%A5%87%E0%A4%96%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%A4-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%BE--%E0%A4%95%E0%A4%B9%E0%A4%BE--%E0%A4%95%E0%A4%B2-%E0%A4%A4%E0%A4%95-%E0%A4%95%E0%A4%B9-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A5%87-%E0%A4%A5%E0%A5%87-%E0%A4%B9%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AC%E0%A4%B0%E0%A4%AA%E0%A4%BE--%E0%A4%86%E0%A4%9C-%E0%A4%96%E0%A5%81%E0%A4%A6-%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%A4%E0%A4%B2%E0%A4%BE-%E0%A4%9C%E0%A4%B2%E0%A4%B5%E0%A4%BE-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A5%87/article-914</guid>
                <pubDate>Mon, 28 Jun 2021 17:50:24 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2021-06/2021-06-26~mc4a7_nl1.jpg"                         length="82352"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        