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                <title>छतों पर लगे अवैध होर्डिंग्स व वॉलड्रॉप से दुर्घटनाओं का खतरा</title>
                                    <description><![CDATA[मौसम में बदलाव से आंधी के कारण बन रहे हादसों का कारण।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/illegal-hoardings-and-wall-drops-on-rooftops-pose-a-risk-of-accidents/article-153050"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/3.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा शहर में सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के कारण तेज हवा व आंधी से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली है। वहीं निजी भवनों की छतों पर लगे अवैध होर्डिंग्स व वॉल ड्रॉप लोगों के लिए खतरा भी बने हुए हैं। ये हादसों का कारण बन रहे हैं।विक्षोभ के असर से शहर में दो दिन पहले दोपहर बाद इतनी तेज आंधी व हवा के साथ बरसात हुई कि कई जगह पर होर्डिंग्स व बैनर और विज्ञापन बोर्ड छतों से उड़कर सड़क पर जा गिरे। जिससे राह चलते कई लोग चोटिल होते-होते बचे। वहीं कई जगह ऐसी हैं जहां इस तरह के विज्ञापन बोर्ड या तो आधे लटके हुए हैं या गिरने की स्थिति में हैं। जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।</p>
<p><strong>निगम ने की थी कार्रवाई</strong><br />शहर में पूर्व में अधिकतर निजी भवनों दुकानों, होटलों, मकानों पर बड़ी संख्या में अवैध रूप से होर्डिंग्स व विञ्जापन बोर्ड और भवनों की दीवारों पर वॉल ड्रॉप लगे हुए थे। जिन पर नगर निगम की ओर से कार्रवाई की गई थी। नगर निगम की तत्कालीन अधिकारी कीर्ति राठौड़ के समय में निगम के राजस्व अनुभाग के माध्यम से उन सभी अवैध होर्डिग्स व वॉल ड्रॉप को हटाया गया था। कई जगह तो गैस कटर से काटकर अवैध होर्डिग्स व बोर्ड को हटाना पड़ा था। उसके बाद तत्कालीन कांग्रेस सरकार के समय में नगर निगम ने निजी भवनों पर इस तरह से विज्ञापन बोर्ड, होर्डिग्स व वॉल ड्रॉप लगाने को अवैध घोषित कर दिया।</p>
<p><strong>हर जगह छतों पर मंडरा रहा खतरा</strong><br />हालत यह है कि वर्तमान में शहर में अधिकतर जगहों पर निजी व व्यसवायिक भवनों की छतों पर इस तरह के खतरे मंडरा रहे हैं। एरोड्राम चौराहे से छावनी चौराहे तक, सीएडी से गुमानपुरा तक, नयापुरा और नए कोटा समेत सभी जगह पर भवनों की छतों व दीवारों पर विज्ञापन बोर्ड टंगे हुए देखे जा सकते हैं। जिनसे भवन मालिक विज्ञापनों का किराया वसूल कर कमाई कर रहे हैं। वहीं ये आमजन के लिए दुर्घघटनाओं व हादसों का कारण बन रहे हैं। दो दिन पहले स्टेशन क्षेत्र में ऐसा ही एक मामला हुआ जब एक अवैध होर्डिंग्स हवा से गिर गया था। वहीं छावनी में नगर निगम के सार्वजनिक शौचालय का बोर्ड आधा लटका हुआ है। जिससे वह कभी की गिरकर हादसे का कारण बन सकता है। छावनी में ही एक भवन की छत पर तो केवल फ्रेम रह गया जबकि हवा के कारण उस पर लगा विज्ञापन फ्लेक्स फट गया।</p>
<p><strong>बरसात में अधिक खतरनाक</strong><br />जानकारों के अनुसार छतों पर लगे ये विज्ञापन बोर्ड व वॉल ड्रॉप आने वाले दिनों में बरसात के सीजन में अधिक खतरनाक साबित हो सकते हैं। बरसात के सीजन में रोजाना आंधी तूफान और हवा के साथ तेज बरसात होती है। जिसमें इन बोर्ड के उड़कर बीच सड़क पर गिरने का खतरा बना हुआ है। जिससे कभी भी राहगीरों के लिए दुर्घटना का कारण बन सकते है।सूत्रों के अनुसार नगर निगम की ओर से गत दिनों करीब एक दर्जन बड़े मॉल व प्रतिष्ठानों को इस संबंध में नोटिस भी जारी किए गए हैं।</p>
<p><strong>बिजली का खम्बा हुआ टेड़ा</strong><br />दो दिन पहले की तेज आंधी व बारिश से जहां पुराने पेड़ व होर्डिंग्स टूटकर गिरे। वहीं डीसीएम रोड स्थित संजय नगर आरओबी पर लगे बिजली के खम्बों में से बीच का एक खम्बा भी टेढ़ा हो गया है। दो दिन से वह इस स्थिति में है कि कभी भी गिर सकता है। जिससे वहां से गुजरने वाले वाहन चालकों के लिए यह खतरा बन सकता है। इस खम्बे के साथ ही बिजली के तार भी टूटकर बीच राह में गिरने से करंट भी फेला सकते हैं।<br />इस बारे में कोटा विकास प्राधिकरण के अधिशाषी अभियंता(विद्युत) ललित कुमार मीणा ने बताया कि उनकी जानकारी में आया है कि किसी वाहन की टक्कर से यह खम्बा झुक गया है। उसे काटकर हटाने व उसके बाद नया खम्बा लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इसे सही करवा दिया जाएगा।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />निजी भवनों की छतों पर लगे विज्ञापन होर्डिग्स, साइनबोर्ड व वॉल ड्रॉप को नगर निगम ने अवैध व प्रतिबंधित घोषित किया हुआ है। इनसे दुर्घटना व जन हानि होने का खतरा है। शहर में कहीं भवनों की छतों पर व दीवारों पर इस तरह के विज्ञापन लगे हुए हैं तो उन्हें हटवाने व भवन मालिकों को नोटिस देने की कार्रवाई की जाएगी।<br /><strong>- ओम प्रकाश मेहरा, आयुक्तनगर निगम कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 07 May 2026 17:50:32 +0530</pubDate>
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                <title>नहीं थम रहा शहर की सुंदरता पर ग्रहण, निगम ने मुकदमा तक दर्ज कराया था</title>
                                    <description><![CDATA[शहर में अधिकतर सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर व फ्लैक्स लगाकर शहर की सुंदरता को बिगाड़ा जा रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-eclipse-on-the-beauty-of-the-city-is-not-stopping/article-121693"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/news-(3)38.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। एक तरफ तो कोटा शहर को स्मार्ट व स्वच्छ के साथ ही पर्यटन नगरी बनाने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ शहर की सुंदरता पर  ग्रहण लगना नहीं थम रहा है।  शहर में सार्वजनिक स्थानों पर बिना अनुमति किसी भी तरह का विज्ञापन पोस्टर व फ्लेक्स लगाना गैर कानूनी है। ऐसा करना सम्पति विरूपण अधिनियम के तहत आता है। लेकिन उसके बाद भी शहर में अधिकतर सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर व फ्लैक्स लगाकर शहर की सुंदरता को बिगाड़ा जा रहा है।  शहर में झालावाड़ रोड हाइवे स्थित गोबरिया बावड़ी अंडरपास पर विज्ञापन पोस्टर लगा हुआ है। जिससे एरोड्राम से अनंतपुरा की तरफ जाने वाले मार्ग पर लगे इस पोस्टर को देखकर  बाहर से आने वालों पर इसकी गलत छवि बन रही है।  इसी तरह से छावनी स्थित फ्लाई ओवर के नीचे सभी पिलरों पर विज्ञापन पोस्टर व फ्लैक्स चस्पा कर रखे है।  इतना ही नहीं दादाबाड़ी से केडवपुरा फ्लाई ओवर,  गुमानपुरा फ्लाई ओवर और गुमानपुरा स्थित बुर्ज की दीवार समेत कई जगह पर विज्ञापन पोस्टरों को लगाकर शहर की सुंदरता को बिगाड़ा जा रहा है।  वहीं शहर के मुख्य मार्गों पर लगे गेंट्री बोर्ड पर भी जनप्रतिनिधियों के जन्म दिवस की बधाई के विज्ञापन फ्लैक्स लगे हुए हैं। डीसीएम रोड से लेकर जवाहर नगर तक समेत शहर के अधिकतर क्षेत्रों में इस तरह के दृश्य देखे जा सकते हैं।</p>
<p><strong> निगम ने मुकदमा तक दर्ज कराया था</strong><br />शहर की सुंदरता पर ग्रहण लगाने वालों के खिलाफ पूर्व में नगर निगम कोटा दक्षिण की ओर से कार्रवाई भी की गई थी। निजी अस्पताल समेत अन्य संस्थाओं द्वारा बिना अनुमति विज्ञापन लगाने वालों के खिलाफ दादाबाड़ी थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया था। साथ ही कई लोगों के  खिलाफ अदालत में परिवाद भी पेश किया था। वहीं छावनी से कोटड़ी चौराहे तक तो कई बार विज्ञापन हटाए जा चुके है। उसके बाद भी शहर में बिना अनुमति सार्वजनिक स्थानों पर विज्ञापन लगाने वाले नहीं मान रहे हैं। </p>
<p><strong>शहर की सुंदरता सभी का दायित्व</strong><br />शहर को स्वच्छ व सुंदर बनाना सभी का दायित्व है। यह कहना है कि शहर वासियों का। कोटड़ी निवासी तबरेज पठान ने बताया कि शहर को साफ रखने की जिम्मेदारी केवल सरकारी एजेंसियों की नहीं है। लोगों को भी अपने शहर के प्रति जिम्मेदारी व दायित्व को समझना होगा। निगम द्वारा बार-बार कार्रवाई करने के बाद भी यदि लोग नहीं मान रहे हैं तो ऐसा करने वालों पर जुर्माना व कठोर कार्रवाई की जाए। छावनी निवासी महेन्द्र सिंह का कहना है कि नगर निगम व केडीए की ओर से विज्ञापनों के लिए स्थान  निर्धारित किए हुए हैं।  यूनिपोल पर विज्ञापन लगाने का किराया देना पड़ता है। उससे बचने के लिए विज्ञापन एजेंसियां मनमर्जी से विज्ञापन चस्पा कर शहर की सुंदरता को खराब कर रही है। ऐसा करने वालों पर सख्ती जरूरी है।  इधर नगर निगम कोटा दक्षिण के राजस्व अनुभाग अधिकारियों का कहना है कि निगम की ओर से समय-समय पर सम्पति विरूपण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। कई बार निगम के स्तर पर भी विज्ञापन हटवाए गए हैं। फिर भी शहर में ऐसा हो रहा है तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 26 Jul 2025 17:56:22 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>शहर की सुंदरता पर काला दाग, गेंट्री बोर्ड से लेकर सार्वजनिक स्थानों पर चस्पा हो रहे हैं पोस्टर</title>
                                    <description><![CDATA[स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए केन्द्रीय टीम भी कोटा आने वाली है। ऐसे में टीम को भी जब शहर बदरंग नजर आएगा तो कोटा की रैकिंग में सुधार होने के स्थान पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/black-stain-on-the-beauty-of-the-city/article-105749"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/257rtrer-(3)48.png" alt=""></a><br /><p>कोटा । शहर को एक तरफ तो पर्यटन नगरी के रूप में विकसित करने के लिए स्वच्छ व सुंदर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ विज्ञापनों के माध्यम से गेंट्री बोर्ड व सार्वजनिक स्थानों को बदरंग किया जा रहा है। जिससे बाहर से आने वालों पर शहर की छवि धूमिल हो रही  है। शहर को बदरंग करने वालों पर सख्ती नहीं होने का असर है कि वर्तमान में शहर का कोना-कोना बदरंग हो रहा है।  स्मार्ट सिटी के तहत शहर का विकास व सौन्दर्यीकरण किया गया। करोड़ों की लागत से यहां विकास कार्य करवाए गए। वहीं अब शहर को पर्यटन नगरी के रूप में विकसित कर विदेशी पर्यटकों को यहां आकर्षित करने का दावा तो किया जा रहा है। लेकिन बाहर से आने वालों पर शहर की छवि अच्छी बनने की जगह बदसूरती की बन रही है।  हालत यह है कि बाहर से आने वालों को शहर में दिशा बताने वाले दिशा सूचक व संकेतक(गेंट्री बोर्ड) पर बड़े-बड़े विज्ञापन फ्लेक्स लगाए हुए  है। जिससे दिशा सूचक बोर्ड पर दिशा बताना तो दूर दिशा भटकाने का काम कर रहे है। जबकि बड़े-बड़े शहरों में कहीं भी ऐसा देखने को नहीं मिलता।  शहर के सभी प्रमुख मार्गों व प्रवेश मार्गों पर केडीए के गेंट्री बोर्ड लगे हुए हैं। जिन पर शहर  के रास्तों व इलाकों की जानकारी संकेतक व दिशा सूचकों के माध्यम से दे तो रखी है लेकिन वह नजर नहीं आ रही है। उस पर विञ्जापन चस्पा कर छिपा दिया गया है। ऐसा किसी एक दो जगह नहीं पूरे शहर में हो रहा है। सीएडी चौराहा हो या दादाबाड़े से केशवपुरा रोड। डीसीएम रोड हो या बारां रोड। जवाहर नगर का क्षेत्र हो या तलवंडी का हर जगह पर यही स्थिति है। सभी जगह पर राजनीतिक दलों के नेताओं व कार्यकर्ताओं के जन्म दिन व पदाधिकारी बनाए जाने पर बधाई संदेश के विज्ञापन फ्लेक्स लगे हुए हैं। </p>
<p><strong>निगम ने कुछ दिन की सख्ती कर की इतिश्री</strong><br />नगर निगम कोटा दक्षिण द्वारा सार्वजनिक स्थानों को बदरंग करने वालों के खिलाफ कुछ दिन तक कार्रवाई की। नोटिस व जुर्माने के अलावा कुछ लोगों के खिलाफ दादाबाड़ी थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया था। लेकिन उसके बाद उन्होंने भी कोई कार्रवाई नहीं की। वाहीं कोटा उत्तर में इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की गई। </p>
<p><strong>फ्लाई ओवर व फोर्ट वाल तक बदरंग</strong><br />इधर शहर में अधिकतर सार्वजनिक स्थानों को भी विज्ञापनों से बदरंग किया हुआ है। नियमानुसार किसी भी सार्वजनिक स्थान पर  बिना अनुमति के विज्ञापन सामग्री नहीं लगाई जा सकती। लेकिन हालत यह है कि अधिकारियों की अनदेखी और विज्ञापन दाताओं व एजेंसियों को बुलंद हौंसले सार्वजनिक स्थानों के बदरंग के रूप में नजर आ रहे है। यहां तक कि फ्लाई ओवर व फोर्ट वाल तक को नहीं बक् शा गया।  सूरजपोल दरवाजे के पास हो या कैथीनीपोल में, लाड़पुरा दरवाजे के पास हो पाटनपोल में सभी जगह पर फोर्ट वाल तक पर विज्ञापन लगाए हुए हैं। इसी तरह से शहर में करोड़ों रुपए खर्च कर बनाए गए फ्लाई ओवर की दीवारों तक पर विज्ञापन लगाए हुए हैं। फिर चाहे व छावनी फ्लाई ओवर हो या गुमानपुरा का। दादाबाड़ी का फ्लाई ओवर हो या झालावाड़ रोड का। बारां रोड का हो या रंगपुर रोड का। इनकी दीवार और पिलर तक को विज्ञापनों से इतना अधिक बदरंग किया हुआ है जिससे लगता है मानो ये विज्ञापन के लिए ही अधिकृत किए हुए हैं।  वहीं स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए केन्द्रीय टीम भी कोटा आने वाली है। ऐसे में टीम को भी जब शहर बदरंग नजर आएगा तो कोटा की रैकिंग में सुधार होने के स्थान पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। </p>
<p><strong>सख्ती से ही लगेगी रोक</strong><br />नगर निगम कोटा दक्षिण के उप महापौर व सफाई समिति के अध्यक्ष पवन मीणा का कहना है कि शहर के विकास व सौन्दर्यीकरण पर करोडों रुपए खर्च किए गए हैं। जिसे शहर सुंदर दिखे लेकिन कुछ लोगों के कारण शहर बदरंग हो रहा है। आजकर बधाई देने का ऐसा रोग लगा है कि जहां जगह मिले वहां फ्लेक्स लगाए जा रहे हैं। जबकि विज्ञापन के लिए नगर निगम द्वारा बोर्ड व स्थान चिन्हित किए हुए हैं। उन्हीं स्थानों पर अनुमति लेकर विज्ञापन लगाए जा सकते है। सार्वजनिक स्थानों पर विज्ञापन लगाने वालों के खिलाफ नगर निगम सम्पति विरूपण अधिनियम के तहत कार्रवाई कर सकता है। निगम व केडीए के सख्ती से ही इन पर रोक लगाई जा सकती है। </p>
<p><strong>लगातार कार्रवाईकी जा रही</strong><br />इधर नगर निगम कोटा दक्षिण के राजस्व अनुभाग के अधिकारियों का कहना है कि शहर को बदरंग  करने वालों के खिलाफ पूर्व  में भी कई बार सम्पति विरुपण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। नोटिस दिए गए और जुर्माना तक किया गया।  इस तरह की कार्रवाई समय-समय पर की जाती है। उसके बाद भी कुछ लोग नहीं मानते। उनके खिलाफ फिर से कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p> हमने पहले भी कार्रवाई की थी। अब फिर से अभियान चला कर कार्रवाई करेंगे। <br /><strong>- राजीव अग्रवाल महापौर दक्षिण </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 27 Feb 2025 16:37:38 +0530</pubDate>
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                <title>विज्ञापन को लेकर मस्क और एप्पल आमने-सामने</title>
                                    <description><![CDATA[मस्क ने कहा है कि ट्विटर के राजस्व में भारी गिरावट आई है। उन्होंने विज्ञापनदाताओं पर दबाव डालने के लिए कंपनियों को दोषी ठहराया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/musk-and-apple-face-to-face-regarding-advertising/article-31105"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-11/apple.jpg" alt=""></a><br /><p>लॉस एंजिलिस। ट्विटर के मालिक एलन मस्क ने कहा है, कि एप्पल ने ट्विटर पर अपने अधिकांश विज्ञापन बंद कर दिये हैं और कंपनी ने अपने ऐप स्टोर से प्लेटफॉर्म को हटाने की धमकी की है। माइक्रो ब्लॉगिंग साइट के लिए मस्क की सामग्री मॉडरेशन योजनाओं के बारे में चिंताओं के बीच कई कंपनियों ने ट्विटर पर अपने विज्ञापन बंद कर दिये हैं। एप्पल ने इस बारे में कोई जवाब नहीं दिया है।</p>
<p>मस्क ने कहा है कि ट्विटर के राजस्व में भारी गिरावट आई है। उन्होंने विज्ञापनदाताओं पर दबाव डालने के लिए कंपनियों को दोषी ठहराया है। उन्होंने  सिलसिलेवार ट्वीट में एप्पल पर 'सेंसरशिप' का आरोप लगाया और उसकी नीतियों की आलोचना की, जिसमें उसके ऐप स्टोर पर की गई खरीदारी पर शुल्क भी शामिल है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 29 Nov 2022 19:05:08 +0530</pubDate>
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