<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/stray-cattle/tag-33755" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>stray cattle - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/33755/rss</link>
                <description>stray cattle RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>दुधारू गाय को खुला छोड़ना पड़ रहा भारी, एक बार में 56 सौ रुपए लग रहा जुमार्ना</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[निगम की ओर से अभियान चलाकर पकड़ना शुरू किया तो पशु पालक ही विरोध कर रहे है।
]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/leaving-milch-cows-running-loose-is-proving-costly--with-a-fine-of-5-600-rupees-per-visit/article-145822"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/200-x-60-px)-(1)15.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर में एक तरफ सड़कों पर निराश्रित हालत में घूम रहे मवेशी आमजन के लिए खतरा व हादसों का कारण बन रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ पशु पालक पालतू पशुओं को भी सड़कों पर खुला छोड़ रहे हैं। जबकि अब निगम की ओर से उन्हें पकड़ने का अभियान चलाया हुआ है। जिससे अब दुधारू गाय को खुला छोड़ना पशु पालकों के लिए भारी पड़ रहा है। शहर में मवेशियों के कारण हो रहे हादसों को देखते हुए नगर निगम की ओर से उन्हें अभियान चलाकर पकड़ा जा रहा है। नगर निगम के गौशाला अनुभाग व अतिक्रमण निरोधक दस्ते की टीम द्वारा शहर के विभिन्न क्षेत्रों से लगातार पशुओं को पकड़ा जा रहा है। जिससे पशु पालकों में हडकम्प मचा हुआ है।</p>
<p><strong>गत माह पकड़े 300 मवेशी</strong><br />नगर निगम के गौशाला अनुभाग की ओर से लगातार मवेशियों को पकड़ा जा रहा है। वहीं फरवरी में अभियान चलाकर शहर के सभी क्षेत्रों से मवेशी पकड़े गए। निगम की गौशाला से प्राप्त जानकारी के अनुसार फरवरी में करीब 300 मवेयिशों को पकड़ा गया है। उनमें से करीब 90 फीसदी पालतू और उनमें भी अधिकतर दुधारू गाय हैं।</p>
<p><strong>निगम टीम को करना पड़ रहा विरोध का सामना</strong><br />नगर निगम की ओर से एक तरफ तो आमजन को राहत देने के लिए सड़कों से निराश्रित पशुओं को पकड़ा जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ मवेशियों को पकड़ने के दौरान निगम टीम को लोगों के विरोध का सामना भी करना पड़ रहा है। गत दिनों सकतपुरा में गायों को पकड़ने के दौरान कुछ लोगों ने उन्हें सरकारी स्कूल में घुसा दिया था। जिससे बड़ा हादसा होने से बच गया। वहीं एक जगह पर पशु पालकों ने निगम के वाहन से ही पशुओं को छुड़ा लिया था।</p>
<p><strong>विरोध का कारण अधिक जुमार्ना</strong><br />नगर निगम सूत्रों के अनुसार शहर में सड़कों पर सांड को छोड़कर अधिकतर पालतू पशु हैं। जिन्हें पशु पालक दूध निकालने के बाद चरने के लिए खुला छोड़ देते हैं। ऐसे में एक बार पकड़े जाने के बाद उन पशुओं को छोड़ने पर 56 सौ रुपए जुमार्ना लगता है। साथ ही सौ रुपए प्रतिदिन के हिसाब से चारे-पानी का भी लगता है। एक बार में यदि किसी पशु पालक के दो-तीन पशु भी पकड़े गए तो उन्हें छुडवाना भारी पड़ता है। इस कारण से लोग उन्हें पकड़ने ही नहीं देते हैं।</p>
<p><strong>निगम गौशाला में क्षमता से अधिक मवेशी</strong><br />नगर निगम की बंधा धर्मपुरा स्थित गौशाला में वर्तमान में करीब 2 हजार से अधिक मवेशी हैं। जबकि इसकी क्षमता ही करीब 15 सौ की है। हालांकि यहां मवेशियों को रखने के लिए अलग-अलग बाड़े बनाए हुए हैं। लेकिन उनमें से कई तो बीमार, लावारिस व पॉलिथीन खाई हुई है। करीब 25 फीसदी सांड हैं। दुधारू गाय भी हैं।हालांकि केडीए की ओर से निगम की गौशाला विस्तार के लिए जमीन आवंटित कर दी है। उस पर चार दीवारी निर्माण का काम किया जा हरा है।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />शहर में सड़कों पर अधिकतर पालतू पशु हैं। पशु पालक जानबूझकर उन्हें छोड़ रहे हैं। अब निगम की ओर से अभियान चलाकर उन्हें पकड़ना शुरू किया तो पशु पालक ही विरोध करने आते हैं। इसका कारण एक तो गाय का दुधारू व महंगा होना है। साथ ही पकड़े जाने पर उसे छुड़वाना अधिक महगा पड़ रहा है। गाय के 56 सौ व बछड़े के 4 हजार रुपए लगते हैं। फरवरी में 300 पशु पकड़े जिनमें से करीब 90 फीसदी गाय हैं। हालांकि उनमें से 25 से 30 गायों को पशु पालकों ने छुडंवाया है। जिनसे निगम को करीब डेढ़ लाख रुपए से अधिक जुमार्ने के रूप में राजस्व प्राप्त हुआ है।<br /><strong>- महावीर सिंह सिसोदिया, प्रभारी गौशाला, नगर निगम कोटा</strong></p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/leaving-milch-cows-running-loose-is-proving-costly--with-a-fine-of-5-600-rupees-per-visit/article-145822</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/leaving-milch-cows-running-loose-is-proving-costly--with-a-fine-of-5-600-rupees-per-visit/article-145822</guid>
                <pubDate>Mon, 09 Mar 2026 14:59:38 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/200-x-60-px%29-%281%2915.png"                         length="1209135"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[kota]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शहर में सांडों का उत्पात, लड़ते हुए बाइक सवार पर चढ़े</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[पूर्व में भी सांड कई लोगों को घायल कर चुके हैं।
]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/bulls-creating-havoc-in-the-city--climbed-over-bike-riders-while-fighting/article-112755"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/rtrer-(4)4.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर की सड़कों पर लावारिस मवेशियों का जमघट तो लगा हुआ ही है। साथ ही सांडों का आतंक व उत्पात भी इतना अधिक है कि वे आए दिन लोगों को घायल कर रहे है। गुरुवार को भी सांड  लड़ते हुए आए और बाइक सवार पर चढ़ गए। जिससे वे घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि  गुरुवार  सुबह केशवपुरा में पंचमुखी हनुमान मंदिर  पर महिलाएं पूजन कर रही थी। उसी दौरान वहां 3 से 4 सांड आपस में लड़ते हुए आए। जैसे ही वहां से बाइक सवार गुजरा तो सांड ने उनके टक्कर मारी  जिससे वह नीचे गिर गया। उसके पीछे आ रहा दूसरा  बाइक सवार भी उससे टकराकर नीचे गिर गया। इसके बाद वे सांड उन बाइक सवार के ऊपर से होकर निकल  गए। जिससे वे बुरी तरह से चोटिल हो गए।  यह देख वहां मौजूद लोग दौड़े और सांडों को वहां से भगाया। साथ ही दोनों ने बाइक सवारों को उठाकर प्राथमिक उपचार के लिए भेजा। स्थानीय लोगों ने बताया कि इस क्षेत्र में कई सांड हैं जो आए दिन उत्पात मचाते रहते हैं। यह पहला मामला नहीं है। इस तरह से पूर्व में भी सांड कई लोगों को घायल कर चुके हैं।  </p>
<p><strong>पूनम कॉलोनी में भी किया था घायल</strong><br />शहर में सांडों का आतंक किसी एक एरिया में ही नहीं है। ये शहर में सभी क्षेत्रों में दिनभर घूमते हुए देखे जा सकते है। मेन रोड पर ही आपस में लड़ते  और दौड़ते रहते हैं। जिससे अचानक सामने से आ रहे बाइक सवार इनसे टकराकर घायल हो रहे हैं। गत दिनों रेलवे कॉलोनी इलाके की पूनम कॉलोनी में भी दो सांड ने एक बुजुर्ग महिला को उठाकर पटक दिया था। जिससे वे चोटिल हो गई थी। </p>
<p><strong>नियमित पकड़ रहे, गौशाला में 15 सौ सांड</strong><br />नगर निगम गौशाला समिति के अध्यक्ष जितेन्द्र सिंह ने बताया कि शहर में सांडों की संख्या काफी अधिक है। निगम की ओर से इन्हें पकड़ा जा रहा है। जहां से शिकायत आती है वहां प्राथमिकता से टीम व एम्बूलेंस भेजकर पकड़ा जा रहा है। गौशाला में वर्तमान में करीब 3 हजार गौवंश हैं। जिनमें से आधे करीब 15 सौ तो सांड व बैल ही हैं। </p>
<p><strong>निगम की जिम्मेदारी पकड़े गाय व सांड</strong><br />संतोषी नगर निवासी अरुणा शर्मा ने बताया कि घर से बाहर निकलते ही गायों व सांड का झुंड नजर आया है। जिस तरह से शहर में आए दिन गाय व सांड द्वारा लोगों पर हमले कर घायल करने की सूचनाएं मिल रही हैं उससे तो इन्हें देखकर ही डर लगने लगता है न जाने कब हमला कर दे। निगम की जिम्मेदारी हैं कि वे इन्हें पकड़े। </p>
<p><strong>सब्जीमंडी में जाना हुआ मुश्किल:</strong><br />केशवपुरा सेक्टर 7 निवासी कमलेश वर्मा का कहना है कि गली मौहल्लों में भी इतनी अधिक गाय व सांड हैं कि  वे बच्चों और महिलाओं को निशाना बना रहे है। सब्जीमंडी में तो गाय कम और सांड अषिक होने से वहां जाने में डर लगने लगा है। ये खाने की चीज देखकर महिलाओं के हाथ से थैली छीन लेते हैं। नहीं देने पर हमला कर कर रहे है। निगम अधिकारियों को चाहिए कि वे नियमित रूप से इन्हें पकड़े तभी तो शहर कैटल फ्री बनेगा। अभी तो सिर्फ नाम का कैटल फ्री है। </p>
<p>शहर में कचरा पॉइंट व मेन रोड पर जहां खाने-पीने की सामग्री अधिक रहती है। गाय व सांड का वहां जमावड़ा लगा रहता है। निगम की ओर से समय-समय पर घेरे डालकर गाय और सांड दोनों को पकड़ा जा रहा है। निगम की गौशाला में जगह कम होने के बाद भी लगातार पकड़ रहे हैं। यदि लोग सड़क पर खाद्य पदार्थ डालना बंद कर दें तो गाय व सांड नजर नहीं आएंगे। घास डालकर धर्म करना है तो गौशालाओं या मंदिरों में बनी गौशालाओं में कर सकते हैं। <br /><strong>- राजीव अग्रवाल, महापौर नगर निगम कोटा दक्षिण </strong></p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/bulls-creating-havoc-in-the-city--climbed-over-bike-riders-while-fighting/article-112755</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/bulls-creating-havoc-in-the-city--climbed-over-bike-riders-while-fighting/article-112755</guid>
                <pubDate>Fri, 02 May 2025 15:59:58 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-05/rtrer-%284%294.png"                         length="514673"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[kota]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लावारिस मवेशियों का कोई धणी धोरी नहीं </title>
                                    <description>
                        <![CDATA[कई बार वाहनों की टक्कर से गोवंश की मृत्यु तक हो जाती है। 
]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/there-is-no-one-to-take-care-of-stray-cattle/article-98204"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/257rtrer.jpg" alt=""></a><br /><p>सुल्तानपुर। नगर से गुजर रहे स्टेट हाईवे 70 पर जगह-जगह लावारिस जानवरों के जमावड़े के चलते यातायात प्रभावित होने के साथ ही आए दिन छोटी-मोटी दुर्घटनाएं होती रहती है जिसमें कभी तो जानवरों को चोटिल होना पड़ता है तो कभी बाइक सवारों को भी चोट लगती है। सड़कों पर जानवर बैठे रहने से जब बड़े वाहन सड़कों से गुजरते हैं तो जानवरों को भी आए दिन चोट लग जाती है जिससे जानवरों के पैरों से खून निकलता रहता है। इसके लिए न तो कोई जनप्रतिनिधि ध्यान दे रहे हैं। नहीं प्रशासन के द्वारा कोई ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। नगर सहित क्षेत्र में गोवंश की स्थिति दयनीय होती जा रही है। क्षेत्र की सड़कों पर बाजारों में सर्वाधिक स्थानों पर गोवंश का जमावड़ा लगा रहता है जिससे हादसों का अंदेशा बना रहता है। कई बार वाहनों की टक्कर से गोवंश की मृत्यु तक हो जाती है। अनेक बार गोवंश घायल हो जाते हैं। व्यापार महासंघ अध्यक्ष विष्णु गोस्वामी ने कहा कि गोवंश की इस दुर्दशा को सुधारने के लिए जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के द्वारा अभी तक कोई कदम नहीं उठाया गया है। गोवंश ऊपर दिया जाने वाला अनुदान जिसका लाभ गोवंश को पूर्णतया नहीं मिल पा रहा है जिससे दिनोंदिन गोवंश की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। यहां बाद घूमते बेसहारा गोवंश को स्थानीय स्तर पर भी कोई देखभाल व रखरखाव की व्यवस्था नहीं की जा रही है। इस संदर्भ में कई बार अवगत करा दिया गया है लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ है शीघ्र समस्या का समाधान नहीं हुआ तो युवाओं को उग्र आंदोलन करने पर मजबूर होना पड़ेगा।</p>
<p><strong>आसपास के गांव से जानवरों को छोड़ने से आ रही है समस्याएं</strong><br />नगर  में क्षेत्र के आसपास के गांवों के किसान व अन्य लोग अपने गांव व खेतों से जानवरों को निकाल कर के रात्रि के समय में कस्बे की सड़कों पर छोड़ जाते हैं जिससे अधिक समस्याएं बन रही है क्योंकि वर्तमान में गायों के लिए जो चारागाह की जमीन हैं। उन पर किसानों ने अतिक्रमण करके कब्जे कर लिए हैं। जानवरों के लिए चरने के लिए कोई जगह नहीं छोड़ी है जिससे जानवरों को भी समस्याएं आ रही हैं। इस मामले में भारतीय किसान संघ के जगदीश कलमंडा का कहना है कि मुख्य सड़कों पर लावारिस जानवरों के खड़े रहने से  वाहन चालकों को दूर से जानवर नजर नहीं आते जिसके कारण दुर्घटना होने का खतरा रहता है। व्यापारी नरेंद्र दाधीच का कहना है कि दुकानों के सामने आवारा जानवर खड़े रहने के कारण कई बार तो खरीदारों के वाहनों को भी नुकसान पहुंचाते हैं। साथ ही दुकानों के बाहर गंदगी कर देने से व्यापारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। किसान बाबूलाल शर्मा का कहना है कि सर्दी के मौसम  में भी रात भर फसलों की रखवाली करनी पड़ती है क्योंकि लावारिस  जानवर खेतों में घुस जाते हैं जिससे फसलों के नुकसान का खतरा रहता है।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />नगर पालिका के द्वारा नगर की गौशाला में करीब 200 गाय जो सुल्तानपुर नगर में बैठने वाली लावारिस गायों को भिजवा दिया है जिसके चलते गौशाला में क्षमता से अधिक गए हो गई हैं। गौशाला में 500 गाय रखने की क्षमता है जबकि वर्तमान में करीब 800 गाय गौशाला में हो गई है। अधिक गोवंश होने से गौशाला में रखरखाव की व्यवस्थाओं के साथ ही चारे की भी कमी होने की आशंका है।<br /><strong>- रमेश खंडेलवाल, महामंत्री, श्री गोपाल गौशाला </strong></p>
<p>नगर में बाजार में जितनी भी गाय थी उन्हें गौशाला में भिजवा दिया गया था लेकिन आसपास के गांव से रात्रि में लोग नगर में गाय छोड़ जाते हैं जिससे समस्याएं अधिक बढ़ गई है सड़कों से गाय  हटाने के लिए शीघ्र ही कोई उपाय किया जाएगा।<br /><strong>- हेमलता शर्मा,  चेयरमैन नगर पालिका सुल्तानपुर</strong></p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/there-is-no-one-to-take-care-of-stray-cattle/article-98204</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/there-is-no-one-to-take-care-of-stray-cattle/article-98204</guid>
                <pubDate>Fri, 20 Dec 2024 16:17:03 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-12/257rtrer.jpg"                         length="54016"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[kota]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> सड़कों पर बैठी गौमाता का कौन है रखवाला? </title>
                                    <description>
                        <![CDATA[कस्बे की मुख्य सड़कों पर आवारा मवेशियों का कब्जा होने के पीछे बहुत हद तक पशुपालक भी जिम्मेदार है।
]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/who-is-the-caretaker-of-the-cows-sitting-on-the-roads/article-92506"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-10/630400-size-(2)6.png" alt=""></a><br /><p>कवाई। कस्बे की सड़कों पर गौ माताएं घूमती रहती है। जिससे कभी भी वह दुघर्टनाओं का शिकार हो जाती है। कहने में तो हम गाय को गौ माता कहते हैं परंतु जब उनकी सड़क दुर्घटना में मौत हो जाती है तो उस समय इनकी परवाह करने वाला कोई सामने नहीं आता। गौमाता घरों की जगह सड़कों पर घूमने को मजबूर हो रही है। अगर ग्रामीण अपनी-अपनी गौ माताओं पर ध्यान दे तो सड़कों पर बैठने से छुटकारा मिल सकता है। वहीं कई बार यह गौ माताएं सड़क किनारे खड़ी बाइक को गिरा देती है। जिससे बाइक में भी टूट फूट हो जाती है। कस्बे की सड़कों से यह डेरा कभी न खत्म होने वाली समस्या बन गई है। जिसे कभी भी देखा जा सकता है। वही सड़क पर बैठे रहने से वाहन चालकों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। </p>
<p><strong>पशुपालक अपने मतलब के लिए पाल रहे गौवंश</strong><br />कस्बे की मुख्य सड़कों पर आवारा मवेशियों का कब्जा होने के पीछे बहुत हद तक पशुपालक भी जिम्मेदार है। जो केवल अपनी गायों को तब तक रखते हैं। जब तक वह दूध देती है। जैसे ही गाय दूध देना बंद कर देती है तो पशुपालक इन गायों को सड़कों के आसपास छोड़ देते हैं। केवल अपने स्वार्थ की पूर्ति के लिए ही पशुपालक गौमाता की देखरेख करते है। जिससे सड़कों पर धीरे-धीरे इन गायों की संख्या बढ़ती जा रही है।  उन्हें सड़कों पर आवारा घूमने के लिए इस तरह छोड़ दिया जाता है जैसे मवेशी से उनका कोई नाता न हो और दुघर्टना में कई गौ माता घायल हो जाती है तो कई की मौत हो जाती है। </p>
<p><strong>आए दिन सड़कों पर लगा रहता जमावड़ा</strong><br />गौमाता के लिए सरकार समय-समय पर कई नियम लागू करती है परंतु कस्बे की सड़कों पर तो आज भी गौमाता का जमावड़ा लगा रहता है जो बड़े वाहनों की चपेट में आने से कई बार मौत के घाट उतार जाती है। सरकार को एक ऐसा नियम बनाना चाहिए ताकि सड़कों पर गौ माता नजर ना आए।  वहंी कस्बे में घूम रही गौमाता की सबसे पहली जिम्मेदारी तो गोपालक की है। जो इन्हें सड़कों पर छोड़ देते हैं। सड़कों पर घूम रही गौमाता को श्रीकृष्ण गौशाला लाकर गौशाला के जिम्मेदार उनकी सेवा भी करते है।  </p>
<p>जब पशुपालकों को पता चलता है की गौशाला में गायो को रख रखा है तो वह नाराजगी जाहिर करते हुए गौशाला में पहुंचकर गौमाता को ले जाने का प्रयास करते हैं। पशुपालकों से सड़कों पर गौवंश को नहीं छोड़ने की समझाइश की जाती है तो वहां पशुपालक लड़ाई झगड़े पर उतारू हो जाते है।  <br /><strong>- धनराज सुमन, कोषाध्यक्ष, श्रीकृष्ण गौशाला।         </strong></p>
<p>पशुपालकों को नस्ल सुधार पर भी तोड़ा ध्यान देना चाहिए ताकि अच्छी नस्ल के गौवंश जब उनके पास रहेगी तो अच्छा दूध देगी तो उन्हें सड़कों पर घूमने के लिए नहीं छोड़ेंगे।<br /><strong>- हरगोविंद  मेहता, मवासा निवासी।     </strong></p>
<p>कस्बे में घूम रही गौमाता को गौशाला में लाने के लिए काफी प्रयास किया जाता है परंतु कई लोग मालिकाना हक जमा कर गौशाला में आकर लड़ाई झगड़े पर उतर आते हैं। गौमाता को सड़कों पर छोड़ रहे हैं। उनकी पहचान कर  उसके मालिक को पाबंद कर उससे कहा जाए या तो गौशाला में छोड़े या फिर घर पर रखे तब ही सड़कों पर घूम रही गौमाता से निजात मिल सकती है। <br /><strong>- देवकीनंदन सुमन, गौशाला सदस्य, कवाई। </strong></p>
<p>कस्बे की सड़कों पर घूम रही गौमाता के गौभक्त तो बहुत है परंतु इनका एक दिन या दो दिन चारा खिला देने से इनकी सेवा नहीं होगी। अगर हर  गौभक्त एक गौ माता को अपने घर बांधकर उसकी सेवा करें तो सड़कों पर गाय दिखना ही बंद हो जाएगा।<br /><strong>-  पवन  चक्रधारी, वार्ड पंच, ग्राम पंचायत कवाई। </strong></p>
<p>गौपालक इन गौ माताओं को दूध देती है। वहां तक ही घर पर रखते हैं। जब यह दूध देना बंद कर देती है तो पशुपालक इन्हे सड़कों पर छोड़ देते हैं। इनको सड़कों पर नहीं छोड़कर गौशाला में छोड़कर आए या हमें सूचना दे तो हम गौशाला तक पहुंचाएंगे। अगर गौपालक गौमाता को ऐसे ही सड़कों पर छोड़ेंगे तो उच्च अधिकारियों को अवगत करवा देंगे फिर उनसे मिले आदेश के अनुसार कार्यवाही की जाएगी।<br /><strong>-  रामप्रताप सिंह, विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत कवाई। </strong></p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/who-is-the-caretaker-of-the-cows-sitting-on-the-roads/article-92506</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/who-is-the-caretaker-of-the-cows-sitting-on-the-roads/article-92506</guid>
                <pubDate>Mon, 07 Oct 2024 17:14:54 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-10/630400-size-%282%296.png"                         length="576462"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[kota]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुख्य सड़क पर मवेशियों के जमावड़े से लोग परेशान</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[दिनभर यातायात जाम की भी है समस्या । 
]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/people-are-troubled-by-the-gathering-of-cattle-on-the-main-road/article-91344"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/427rtrer-(1)6.png" alt=""></a><br /><p>रावतभाटा। रावतभाटा नगर पालिका की अव्यवस्था और अनदेखी के चलते कोटा बैरियर चौराहे से लेकर बप्पा रावल चौराहे तक करीब 5 किलोमीटर लंबे मुख्य मार्ग पर जगह-जगह आवारा मवेशियों के जमावड़े से आए दिन वाहन चालक दुर्घटनाओं का शिकार होते रहते हैं। साथ ही सड़क मार्ग पर दिन भर यातायात जाम की समस्या बनी रहती है। जानकारी के अनुसार बीच सड़क पर बैठे इन आवारा मवेशियों के कारण वाहन चालकों को एक साइड से होकर निकलना पड़ता है। जिससे दूसरी साइड से आ रहे वाहनों से टकराने का भय बना रहता है। वहीं रेंग-रेंग कर वाहन निकलने से चालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। पेट्रोल की अधिक खपत जेबों पर भारी पड़ रही है। वहीं उनको समय का भी नुकसान होता है। रात्रि में तो जमावड़े से कई लोग दुर्घटना का शिकार होकर होकर चोटिल भी हो चुके हैं। मुख्य सड़क पर आवारा सांड लड़ते रहते हैं। जिससे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के इनकी चपेट में आकर चोटिल होने का खतरा बना रहता है। पूर्व में एक बुजुर्ग गजानंद को सांड ने उठाकर फेंक दिया था। जिससे उसकी मौत हो गई थी। इस पर भी नगर में आवारा मवेशियों की समस्या दूर करने का कोई प्रयास नहीं किया गया। आज भी यह समस्या जस की तस बनी हुई है।</p>
<p><strong>गोवंश बना समस्या</strong><br />नगर वासियों ने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से छोटे गोवंश की बिक्री या खरीद पर रोक लगाने के कारण छोटे गोवंश की बिक्री नहीं हो पाती। जिससे सड़क पर वाहनों से ज्यादा गोवंश हो गए हैं। ऐसे में दुर्घटना से गोवंश तो चोटिल होते ही हैं, वाहन चालक भी दुर्घटनाग्रस्त होकर घायल हो जाते हैं।</p>
<p><strong>चरागाह भूमि और हरे चारे का अभाव</strong><br />क्षेत्र में लगभग सभी चरागाह भूमि पर अतिक्रमियों ने कब्जे कर लिए हैं। जिससे गोवंश और गोपालकों को चारे के लिए परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में मवेशी जब तक दूध देते हैं तब तक तो गोपालक रखते हैं, उसके बाद उन्हें खुला छोड़ दिया जाता है। ऐसे में गोवंश सड़कों पर ही जमावड़ा करने के लिए मजबूर हो जाते हैं। </p>
<p><strong>इनका कहना हैं</strong><br />मेरे पिता गजानन को सांड ने उठाकर फेंक दिया था। जिससे उनकी मृत्यु हो गई। जिसकी मुझे कोई मुआवजा राशि तक नहीं दी गई है। <br /><strong>- रमेश, पीड़ित</strong></p>
<p>गोवंश को पालने में सबसे बड़ी समस्या पशु को खिलाने के लिए चारे की आती है। जहां चरागाह भूमि के अभाव के कारण गोवंश को पालना कठिन समस्या बन गया है।<br /><strong>- प्रकाश गर्ग, गोपालक</strong></p>
<p>गोवंश दिनभर मुख्य मार्ग पर ही जमावड़ा किए रहते हैं। नगर पालिका को इन सभी गोवंशों को गौशाला में ले जाकर छोड़ना चाहिए। जिससे दुर्घटनाएं घटित नहीं हों।<br /><strong>- नरेंद्र नाथ, शिक्षक</strong></p>
<p>अर्बन क्षेत्र में चरागाह भूमि है। गोपालक स्वयं अपने स्तर पर हरे चारे की व्यवस्था कर सकते हैं। यदि अभाव हो तो अकाल राहत के अंतर्गत चारा सरकार द्वारा मुहैया करवाया जाता है।<br /><strong>- विवेक गरासिया, तहसीलदार, रावतभाटा </strong></p>
<p>मवेशियों को जल्द पकड़कर गौशाला छोड़ा जाएगा।<br /><strong>- मुकेश नागर, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका, रावतभाटा </strong></p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/people-are-troubled-by-the-gathering-of-cattle-on-the-main-road/article-91344</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/people-are-troubled-by-the-gathering-of-cattle-on-the-main-road/article-91344</guid>
                <pubDate>Mon, 23 Sep 2024 16:52:59 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-09/427rtrer-%281%296.png"                         length="566107"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[kota]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लावारिश मवेशियों का नहीं कोई धणी धोरी </title>
                                    <description>
                        <![CDATA[कई बार वाहनों की टक्कर से गोवंश की मृत्यु तक हो जाती है अनेक बार गोवंश घायल हो जाते हैं। 
]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/no-one-cares-about-stray-cattle/article-89072"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/1rtrer-(3)2.png" alt=""></a><br /><p>सुल्तानपुर। नगर से गुजर रहे स्टेट हाईवे 70 पर जगह-जगह आवारा  मवेशियों के जमावड़े के चलते यातायात प्रभावित होने के साथ ही आए दिन छोटी-मोटी दुर्घटनाएं होती रहती है। जिसमें कभी तो मवेशियों को चोटिल होना पड़ता है तो कभी बाइक सवारों को भी चोट लगती है सड़कों पर मवेशी बैठे रहने से जब बड़े वाहन सड़कों से गुजरते हैं तो  मवेशियों को भी आए दिन चोट  लग जाती है। जिससे मवेशियों के पैरों से खून निकलता रहता है। इसके लिए न तो कोई जनप्रतिनिधि ध्यान दे रहे हैं नहीं प्रशासन के द्वारा कोई ठोस कदम उठाए जा रहे हैं नगर सहित क्षेत्र में गोवंश की स्थिति दयनीय होती जा रही है क्षेत्र की सड़कों पर बाजारों में सर्वाधिक स्थानों पर गोौवंश का जमावड़ा लगा रहता है जिससे हादसों का अंदेशा बना रहता है। कई बार वाहनों की टक्कर से गोवंश की मृत्यु तक हो जाती है अनेक बार गोवंश घायल हो जाते हैं। </p>
<p><strong>प्रशासन ने नहीं उठाया ठोस कदम</strong><br />व्यापार महासंघ अध्यक्ष विष्णु गोस्वामी ने कहा कि गौवंश की इस दुर्दशा को सुधारने के लिए जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के द्वारा अभी तक कोई कदम नहीं उठाया गया है गोवंश ऊपर दिया जाने वाला अनुदान जिसका लाभ गोवंश को पूर्णतया नहीं मिल पा रहा है जिससे दिनोंदिन गोवंश की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है यहां बाद घूमते बेसहारा गोवंश को स्थानीय स्तर पर भी कोई देखभाल व रखरखाव की व्यवस्था नहीं की जा रही है। इस संदर्भ में कई बार अवगत करा दिया गया है लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ है। शीघ्र समस्या का समाधान नहीं हुआ तो युवाओं को उग्र आंदोलन करने पर मजबूर होना पड़ेगा</p>
<p><strong>आवारा मवेशियों को छोड़ने से आ रही समस्याएं</strong><br />नगर में क्षेत्र के आसपास के गांवों के किसान व अन्य लोग अपने गांव व खेतों से आवारा मवेशियों को निकाल कर के रात्रि के समय में कस्बे की सड़कों पर छोड़ जाते हैं जिससे अधिक समस्याएं बन रही है क्योंकि वर्तमान में गायों के लिए जो चारागाह की जमीन हैं उन पर किसानों ने अतिक्रमण करके कब्जे कर लिए हैं जानवरों के लिए चरनेके लिए कोई जगह नहीं छोड़ी है जिससे जानवरों को भी समस्याएं आ रही हैं।</p>
<p>मुख्य सड़कों पर आवारा जानवरों के खड़े रहने से  वाहन चालकों को दूर से जानवर नजर नहीं आते जिसके कारण दुर्घटना होने का खतरा रहता है। <br /><strong>- जगदीश कलमंडा,  </strong></p>
<p>दुकानों के सामने आवारा जानवर खड़े रहने के कारण कई बार तो खरीदारों के वाहनों को भी नुकसान पहुंचाते हैं साथ ही दुकानों के बाहर गंदगी कर देने से व्यापारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।<br /><strong>- नरेंद्र दाधीच, व्यापारी। </strong></p>
<p>बारिश के मौसम  में भी रात भर फसलों की रखवाली करनी पड़ती है क्योंकि आवारा जानवर खेतों में घुस जाते हैं जिससे फसलों के नुकसान का खतरा रहता है।<br /><strong>- बाबूलाल शर्मा, किसान। </strong></p>
<p> नगर पालिका के द्वारा नगर की गौशाला में करीब 200 गाय जो सुल्तानपुर नगर में बैठने वाली  गायों को भिजवा दिया है जिसके चलते गौशाला में क्षमता से अधिक गए हो गई हैं गौशाला में 500 गाय रखने की क्षमता है जबकि वर्तमान में करीब 800 गाय गौशाला में हो गई है अधिक गोवंश होने से गौशाला में रखरखाव की व्यवस्थाओं के साथ ही चारे की भी कमी होने की आशंका है।<br /><strong>- रमेश खंडेलवाल, महामंत्री,  श्रीगोपाल गौशाला।</strong></p>
<p>नगर में बाजार में जितनी भी गाय थी। उन्हें गौशाला में भिजवा दिया गया था लेकिन आसपास के गांव से रात्रि में लोग नगर में गाय छोड़ जाते हैं। जिससे समस्याएं अधिक बढ़ गई है। सड़कों से गाय  हटाने के लिए शीघ्र ही कोई उपाय किया जाएगा।<br /><strong>- हेमलता शर्मा, नगर पालिका चेयरमैन। </strong></p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/no-one-cares-about-stray-cattle/article-89072</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/no-one-cares-about-stray-cattle/article-89072</guid>
                <pubDate>Fri, 30 Aug 2024 18:08:52 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-08/1rtrer-%283%292.png"                         length="482514"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[kota]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का - निगम ने सड़कों से पकड़े 34 लावारिस मवेशी</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[नवज्योति में समाचार प्रकाशित होने के बाद निगम प्रशासन हरकत में आया। 
]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-news---corporation-caught-34-stray-cattle-from-the-roads/article-87716"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/1rer-(9).png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम कोटा उत्तर व दक्षिण की ओर से शहर की सड़कों से मंगलवार को 34 मवेशी पकड़कर कायन हाउस में बंद किए गए। बरसात के समय में शहर की सड़कों पर जगह-जगह मवेशियों के झुंड नजर आ रहे हैं। चौराहों से लेकर मेन रोड तक और गली मोहल्लों से लेकर वीआईपी क्षेत्रों तक में जहां देखो वहां मवेशियों के ही झुंड दिख रहे हैं। जिससे यातायात बाधित होने के साथ ही हादसों का भी खतरा बना हुआ है। जिसे देखते हुए नगर निगम कोटा उत्तर व दक्षिण कीओर से मंगलवार को मवेशियों को पकड़ा गया। निगम अधिकारियों के अनुसार कोटा उत्तर निगम क्षेत्र से एक बार में 19 व दूसरी बार में 6 मवेशी पकड़े गए। जबकि दक्षिण क्षेत्र से एक बार में 5 और दूसरी बार में 4 मवेशी पकड़े गए। इस तरह मंगलवार को दोनों निगम क्षेत्रों से कुल 34 मवेशी पकड़कर कायन हाउस में बंद किए गए। नगर निगम कोटा दक्षिण गौशाला समिति के अध्यक्ष जितेन्द्र सिंह ने बताया कि बरसात में सड़कों पर मवेशियों की संख्या अधिक होने पर निगम की ओर से उन मवेशियों को पकड़कर बंद करने का सिलसिला लगातार जारी रहेगा।</p>
<p><strong>नवज्योति ने उठाया था मुद्दा</strong><br />गौरतलब है कि शहर की सड़कों पर बड़ी संख्या में मवेशी होने का मामला दैनिक नवज्योति ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। समाचार पत्र में 13 अगस्त के अंक में पेज 6 पर ‘शहर की सड़कों पर हो रहा मवेशी राज’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। समाचार प्रकाशित होने के बाद निगम प्रशासन हरकत में आया। उसके बाद कोटा उत्त व दक्षिण निगम क्षेत्रों से मवेशी पकड़कर निगम की किशोरपुरा स्थित कायन हाउस में बंद किए गए। </p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-news---corporation-caught-34-stray-cattle-from-the-roads/article-87716</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-news---corporation-caught-34-stray-cattle-from-the-roads/article-87716</guid>
                <pubDate>Wed, 14 Aug 2024 14:51:45 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-08/1rer-%289%29.png"                         length="452296"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[kota]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बेजुबानों के भी बनें तारणहार, सड़कों पर डाल रखा डेरा</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[जिम्मेदार इस ओर ध्यान देवें, तो इन आवारा मवेशियों को भी बसेरा मिल जाएं।
]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/become-savior-of-the-mute-animals-too--camping-on-the-roads/article-87395"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/4111u1rer-(16)1.png" alt=""></a><br /><p>भण्डेड़ा। भण्डेड़ा क्षेत्र में लगभग आधा दर्जन ग्राम पंचायतों के अधीन गांवों में गौशाला की दरकार होने से यहां इन कस्बों, ग्रामीण अंचलों सहित ढाणियों में हजारों की संख्या में आवारा मवेशी इधर उधर डमडोला खाते हुए नजर आते है। इन्हें गांव व कस्बों में बैठने की ठोर के अभाव में यह पशु आबादी की मुख्य सड़कों के चौराहे, सड़कें व बाजारों में चौक पर सीसी सड़कों पर ढेरा जमा लेते है। अचानक पशु आपस में भीड़ जाते है, जो यहां से गुजरने वाले राहगीरों को भी चोटिल कर देते है। जिम्मेदारों की अनदेखी से यह बेजुबान आवारा पशुओं को दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर होना पड़ रहा है। आखिरकार पशु भी करें तो क्या करें। इन मुख्य सड़कों के किनारे किसानों की जमीन में फसलें होने से आसपास पशु नजर आते ही उनको दूर भगा देते है। अपनी फसल को बचाने के लिए इसी तरह दूसरी तरफ जाते ही दूसरे किसान भी इसी तरह करने से यह पशु इधरउधर टहलकर मुख्य सड़कों व चौराहों को ही अपना सहारा मानकर सड़कों पर बैठ जाते है। इसी दौरान राह से गुजरने वाले राहगीर के समय अचानक पशु आपस में झगड़ते है। उनको चपेट में लेकर राहगीरों सहित वाहनों को क्षति पहुंचा देते हैं। कभी-कभार तो राहगीरों को भी घायल कर देते है। पर जिम्मेदार आमजन की इस समस्या को दरकिनार कर रहे है। क्षेत्र की आधा दर्जन ग्राम पंचायतों में बेजुबान मवेशी इधर उधर भटक रहे है। इनके लिए कोई तारणहार नहीं बन रहा है। इनकी संख्या में दिनोंदिन इजाफा हो रहा है। पर उचित ठोर के अभाव में इनको परेशानियां झेलनी पड़ रही है। जिम्मेदार इस ओर ध्यान देवें, तो इन आवारा मवेशियों को भी बसेरा मिल जाएं। एवं सड़कों पर इनकी वजह से होने वाली दुर्घटनाओं से भी बचा जा सकता है।</p>
<p>खेतों व कुओं से जो भी ग्रामीण व किसान वर्ग गांव में आते समय रास्ते में व खेतों के आसपास में नजर आनेवाले आवारा पशुओं को घेरते हुए गांव में ले आते है। कुछ समय इधरउधर भटकते हुए पेट भरने के लिए फिर दूसरी तरफ घूमते हुए पेट भरने के लिए खेतो की तारबंदी तक तोड़कर फसलों को नुकसान पहुंचा देते है।  फिर गांव की तरफ भगाने का प्रयास किया जाता हैं।<br /><strong>- जयलाल गुर्जर, निवासी गुजरियाखेड़ा</strong></p>
<p>आवारा पशुओं के लिए गौशाला के नहीं होने से यहाँ पर आसपास के गांवों में हजारों की संख्या में आवारा पशु नजर आते है, जो दिनरात इधरउधर भटकते रहते हैं। बरसात के समय आवारा पशु मुख्य सड़कों को अपना सहारा मानकर ढेरा ढालने को मजबूर होना पडता है। बरसात के बंद होने पर सड़कों पर ही बैठ जाते है।           <br /><strong>- किशनगोपाल शर्मा, निवासी भण्डेड़ा</strong></p>
<p>क्षेत्र में आसपास में गौशाला के नहीं होने से यह आवारा पशु सड़कों पर जमा हो जाते है। यहाँ से दोपहिया वाहनों के राहगीर गुजरते समय यह पशु आपस में अचानक झगड़ा करने से राह पर चलने वाले राहगीर चोटिल हो जाते है। पशुओं से आमजनों की समस्या को देखते हुए क्षेत्र में एक बडी गौशाला बने तो आमजन को भी राहत मिले। <br /><strong>- सुमेर गुर्जर, निवासी रामगंज</strong></p>
<p>आबादी के मकान मालिकों का कहना है कि आवारा पशुओं के लिए गौशाला नहीं होने से यह पशु गांव में निवास करते है। बरसात के समय मकानों के बरामदे में जमा हो जाते है, जो बरामदे के आंगन में गोबर करने से दीवारों तक छीटे लग जाते है। बडी मुश्किल से हररोज हटाना पडता है। आवारा पशुओं के लिए गौशाला का निर्माण हो तो राहत मिल पाए। <br /><strong>- बाबूलाल सैन, निवासी रामगंज</strong></p>
<p>बाजारों में रात के समय दुकानदार अपनी दुकानें बंद कर घर जाते समय बरामदे के रस्सी बांधकर जाते है कि आवारा पशु अंदर नही आए व गंदगी नही करें, पर पशु बरसात से खुद को बचाने के लिए रस्सी को भी तोड़ देते है व दुकानों के शट्टरों के पास पहुंचकर बैठ जाते है। रातभर गंदगी करते रहते हैं। सुबह दुकान मालिक पहुंचने पर पहले पशुओं को हटाना पडता है, फिर गन्दगी को दूर करने के लिए पानी लाकर सफाई करने के बाद दुकानों में पहुंच पातें है। <br /><strong>- नीरूशंकर शर्मा, निवासी बांसी</strong></p>
<p>क्षेत्र में गौशाला के नहीं होने से आवारा पशुओं को अपना पेट भरने के लिए लोगों के डंडे भी खाने पडते है। आवारा पशुओं को बहुत भारी पीडा सहनी पड़ती है। गौशाला हो तो इन पशुओं को भी राहत मिले साथ में राहगीरों को सड़क पर आवाजाही के दौरान इनसे खतरा नहीं हो। <br /><strong>- राजवीर गुर्जर, निवासी फलास्थूनी</strong></p>
<p>गौशाला का निर्माण हर ग्राम पंचायत मे बहुत आवश्यक हो गया है। आवारा पशुओं का खतरनाक आंतक हो रहा है। दुकानदार सबसे ज्यादा परेशान है। साथ ही आवारा पशुओं के कारण रोज दुर्घटना हो रही है। सरकार जल्द ही इस नवाचार के लिए कदम उठाएं तो आमजन को राहत मिले।<br /><strong>- अवधेश कुमार जैन, दुकानदार बांसी</strong></p>
<p>क्षेत्र में तीन से चार ग्राम पंचायतों की सटी हुई सीमा में एक उच्च क्षमता की गौशाला का निर्माण हो तो आवारा गौवंश इधर उधर नहीं भटकते फिरेंगे एवं सड़कों पर आवागमन करनेवाले राहगीरों को भी इससे निजात मिले। गौवंश की इस समस्या को जिम्मेदार गंभीरता से देखें। इस समस्या का समाधान भी जल्द करें। मंहगें दामों में किसान खाद बीज लगाते है। आवारा पशु एक बार फसल में पहुंचते ही चौपट कर देते है। किसान देखकर हैरान हो जाते है। <br /><strong>- अर्चना कंवर हाडा, सदस्य  पंचायत समिति हिण्डोली</strong></p>
<p>गौशाला के अभाव में क्षेत्र के सभी वर्ग परेशान है। लगभग तीन-चार ग्राम पंचायत में अच्छी-सी जगह देखकर सरकार द्वारा गौशाला के लिए लगभग चार-पांच हजार आवारा पशुओं को रखने की क्षमता के आधार पर जगह आंवटन करना चाहिए व फिलहाल जब तक चारदीवारी नहीं हो, तब तक तारबंदी हो जाए। आवारा पशुओं के लिए आशियाना उपलब्ध हो तो किसानों व सड़कों पर पशुओं से होने वाली दुर्घटनाओं से निजात मिल सकें। हम ग्राम पंचायत की तरफ से जिला कलेक्टर से भी इस संबंध में मांग करेंगे। <br /><strong>- बीना बाई मीणा, सरपंच  ग्राम पंचायत मरां</strong></p>
<p>जनप्रतिनिधि ने बताया कि सरकार चार से पांच ग्राम पंचायत की सीमा में अच्छी जगह देखकर लगभग पचास बीघा भूमि गौवंश के लिए आवंटित करें, तो आवारा पशुओं से किसान वर्ग, एवं सड़क पर आवागमन के समय राहगीर व आबादी में निवासरत आमजनों को भी राहत मिले। <br /><strong>- सत्यप्रकाश शर्मा (भाया), सरपंच  ग्राम पंचायत बांसी</strong></p>
<p> </p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/become-savior-of-the-mute-animals-too--camping-on-the-roads/article-87395</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/become-savior-of-the-mute-animals-too--camping-on-the-roads/article-87395</guid>
                <pubDate>Sat, 10 Aug 2024 17:49:18 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-08/4111u1rer-%2816%291.png"                         length="605374"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[kota]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रेमनगर में हर जगह फैली गंदगी</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[ निगम द्वारा वो कचरा भी समय पर नहीं उठाया जाता है और आवारा मवेशी और जानवर उसे पूरे रास्ते पर फैला देते हैं। 
]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/dirt-spread-everywhere-in-premnagar/article-84056"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/111.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा के औद्योगिक क्षेत्र के प्रेमनगर में स्थित अफोर्डेबल आवासीय योजना के हालात इन दिनों बिल्कुल खराब हो चुके हैं। कॉलोनी में जगह जगह पर कचरे ढेÞर और पानी भरा हुआ है, जिससे रहवासियों का जीना दुर्भर हो रहा है। मानसून के शुरुआती दिनों में ही कॉलोनी में कई स्थानों पर तालाब बन चुके हैं। केडीए की ओर से बनाई गई कॉलोनी में 15 से 20 हजार लोगों की आबादी रहती है लेकिन इन लोगों को अभी भी आवश्यक सुविधाओं के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। इन सब के अलावा कॉलोनी में पानी की समस्या भी शुरू से बनी हुई जिसका आज तक भी कोई समाधान नहीं हो सका है।</p>
<p><strong>कॉलोनी में चारों और कचरा ही कचरा</strong><br />कॉलोनी में नियमित सफाई नहीं होने से चहुंओर गंदगी फैली है। कॉलोनी में चार ब्लॉक हैं और चारों ही ब्लॉक में जगह जगह कचरे के ढेर हो रहे हैं। स्थानीय निवासियों ने बताया कि कॉलोनी में कचरे की गाड़ी ही नहीं आती है। जब आती भी है तो केवल एक चक्कर ही लगाकर जाती है, जिससे लोगों को कॉलोनी में बने कचरा पॉइंट पर कचरा डालना पड़ता है। निगम द्वारा वो कचरा भी समय पर नहीं उठाया जाता है और आवारा मवेशी और जानवर उसे पूरे रास्ते पर फैला देते हैं। जिससे सड़कों पर गंदगी बनी रहती है। साथ ही कॉलोनी में कई स्थानों पर नालियां ओवर फ्लो हो चुकी हैं। जिनका पानी सड़कों पर फैल रहा है और बदबू का कारण बन रहा है। स्थानीयों का कहना है कि कॉलोनी में कई सालों से नालियों की ठीक से सफाई नहीं हुई जिसके चलते नालियां जाम है। बारिश में ये समस्या और बढ़ जाती है।</p>
<p><strong>पार्क के लिए छोडी भूमि में भरा पानी</strong><br />कॉलोनी के ए ब्लॉक में पार्क बनाने के लिए जो जमीन आवंटित है वहां अब कचरा पॉइंट है। इस जमीन पर पार्क की जगह कचरा और पानी भरा हुआ है। ब्लॉक में रहने वालों ने बताया कि इस जमीन पर पार्क बनाने के लिए चार दीवारी कर गेट लगा दिया लेकिन आज तक पार्क विकसित नहीं हुआ है। इस ब्लॉक में यही एक पार्क है जिसकी जमीन पर भी हर समय पानी भरा रहता है।</p>
<p><strong>महीनों से नहीं हुई नालियों की सफाई</strong><br />कॉलोनी में सफाई हफ्ते में एक बार होती है, नालियों की ठीक से सफाई हुए तो कई महीनों हो चुके हैं। बारिश के दौरान पूरा पानी सड़कों पर आ जाता है जिससे गंदगी तो होती ही है साथ ही बदबू भी फैली रहती है।<br /><strong>- प्रमोद परेता, डी ब्लॉक</strong></p>
<p><strong>कचरा पॉइट से समय नहीं उठता कचरा</strong><br />कॉलानी में कचरा पॉइंट से हफ्तों तक कचरा नहीं उठता जो सड़क पर फैल जाता है। अभी भी पूरी सड़क पर कचरा फैला हुआ है। नगर निगम के गिने चुने कर्मचारी सफाई करने आते हैं वो भी नाममात्र की सफाई करके चले जाते हैं।<br /><strong>- गोविंद सुमन, सी ब्लॉक</strong></p>
<p><strong>पार्क भूमि जमा पानी से पनप रहे मच्छर</strong><br />ए ब्लॉक में पार्क के लिए एक ही जगह थी, जो भी अब कचरा पॉइंट बन चुकी है। बारिश के दौरान ये समस्या और बढ़ जाती है क्योंकि पार्क की जमीन पर पानी भर जाता है जिसके बाद वो किसी काम का नहीं रह जाता है। पानी भरा रहने से यहा मच्छर पनप रहे है।<br /><strong>- सोनेश कुमार, ए ब्लॉक</strong></p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />कॉलोनी में सफाई के लिए कर्मचारी दिए हुए हैं, सफाई नहीं होने की शिकायत है तो सेक्टर अधिकारी से बोलकर सफाई सुनिश्चित कराएंगे। पार्क को विकसित करने के लिए योजना बनाएंगे।<br /><strong>- अनुराग भार्गव, आयुक्त नगर निगम उत्तर</strong></p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/dirt-spread-everywhere-in-premnagar/article-84056</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/dirt-spread-everywhere-in-premnagar/article-84056</guid>
                <pubDate>Mon, 08 Jul 2024 15:48:36 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-07/111.png"                         length="547239"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[kota]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गणेशशंकर विद्यार्थी हरितिमा पट्टी फिर अतिक्रमण की चपेट में</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[ दुपहिया वाहन चलाने वाली महिलाओं व छात्राओं को दुर्घटना का भय सताता रहता है।
]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/ganesh-shankar-vidyarthi-haritima-patti-again-in-the-grip-of-encroachment/article-83025"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/ganeshshankar-vidhyarthi-haritima-patti-fr-atikraman-ki-chapet-me....kota-news-28-06-2024.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर में घटोतकच्छ सर्किल से गोबरिया बावड़ी जाने वाले मार्ग पर वर्ष 1990 में विकसित की गई गणेशशंकर विद्यार्थी हरितिमा पट्टी इन दिनों आवारा मवेशियों के जमावड़े के कारण दुर्दशा की शिकार हो रही है। यहां 120 फीट चौड़े मुख्य मार्ग पर लगे हरे-भरे पेड़ों की सुरक्षा को लेकर कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। वहीं पावर हाउस के सामने नवनिर्मित फुटपाथ पर पुराने फर्नीचर बेचने वालों ने कब्जा कर रखा है। घटोतकच्छ सर्किल से महावीर नगर प्रथम तक जाने वाले मुख्य मार्ग पर वर्ष 1990 में तत्कालीन चेयरमैन हरिकृष्ण जोशी ने ग्रीन बेल्ट विकसित की थी। इसका नामकरण गणेश शंकर विद्यार्थी हरितिमा पट्टी रखकर यहां बड़ी संख्या में पेड़ लगाए गए थे। बाद में देखभाल के अभाव में यहां से बोर्ड हटा दिया गया और चारदरवारी को भी सुरक्षित नहीं रखा गया। वर्तमान में जहां एक ओर आवारा मवेशियां का जमावड़ा रहता है। वहीं दूसरी ओर पुराना फर्नीचर बेचने वालों ने अपना बाजार विकसित कर लिया है। हालांकि नगर निगम दक्षिण के अतिक्रमण हटाओ दस्ते ने इनको कई बार हटाया, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं होने से ये लोग मुख्य मार्ग पर फिर से कब्जा कर बैठ गए हैं।</p>
<p><strong>अनदेखी से आवारा मवेशियों का जमावड़ा</strong><br />यूआईटी ने यहां पर एक किमी लंबी इस ग्रीन बेल्ट में बाहर पांच फीट ऊंची पक्की चारदीवारी करवाई थी। जिसे तोड़कर मात्र 2 फीट कर दिया गया। इतना ही नहीं कंटीली जाली नहीं लगाने से आवारा मवेशियों ने इसमें गंदगी फैला रहे हैं। इतना ही नहीं चारा डालने वालों ने भी कब्जा कर पौधरोपण नहीं होने दे रहे हैं। क्षेत्र के खुले मार्गों पर सांडों की लड़ाई से आवागमन भी बाधित हो रहा है। दुपहिया वाहन चलाने वाली महिलाओं व छात्राओं को दुर्घटना का भय सताता रहता है।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />यहां महावीर नगर तृतीय के सेक्टर नंबर 5,6 व 7 में रहने वाले सीएल वर्मा, राजेंद्र सिंह, जीएस हाड़ा, सुरेंद्र शर्मा, एके गर्ग, मनोज माहेश्वरी सहित अन्य लोगों ने बताया कि इस 120 फीट चौड़े मुख्य मार्ग पर ग्रीन बेल्ट की चारदीवारी को लेकर हमने तत्कालीन नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल को ज्ञापन दिया था। जिसके बाद उन्होंने न्यास के अधिकारियों को इसे विकसित करने के लिए टेंडर निकालने के निर्देश दिए थे। किंतु नियमित निगरानी नहीं होने के कारण यहां पर चारदीवारी तो तोड़ ही दी गई है। साथ ही आवारा मवेशियों का दिनभर जमावड़ा रहता है। इतना ही नहीं अब तो पुराने फर्नीचर बेचने वालों ने भी फुटपाथ पर कब्जा जमा रखा है। जिससे सर्किल का सौंदर्यीकरण तो बिगड़ रहा है। साथ ही यहां से गुजरने में महिलाओं व छात्राओं में डर का माहौल है। अब एक बार फिर से शिक्षा मंत्री मदन दिलावर और विधायक संदीप शर्मा से मिलकर इसे विकसित करने को लेकर ज्ञापन देंगे। ताकि हरितिमा पट्टी की उचित देखभाल हो सके।</p>
<p><strong>हॉर्टिकल्चर विभाग को दिया था तीन साल का ठेका</strong><br />करीब एक किमी लंबी ग्रीन बेल्ट में दो दशक पुराने सैकड़ों हरे-भरे पेड़ लगे हुए हैं। इनकी सुरक्षा में कंटीली चारदीवारी नहीं होने के कारण आवारा मवेशियों की गंदगी और पशुपालकों अतिक्रमण कर रहे हैं। यदि समय रहते इसकी सार-संभाल नहीं ली गई तो यहां लगे छायादार पेड़ सुरक्षित नहीं रह सकेंगे। इसके लिए हॉर्टिकल्चर विभाग को तीन साल का ठेका दिया गया उस बजट से इसे पूरी तरह विकसित किया सकता है।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/ganesh-shankar-vidyarthi-haritima-patti-again-in-the-grip-of-encroachment/article-83025</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/ganesh-shankar-vidyarthi-haritima-patti-again-in-the-grip-of-encroachment/article-83025</guid>
                <pubDate>Fri, 28 Jun 2024 14:56:43 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-06/ganeshshankar-vidhyarthi-haritima-patti-fr-atikraman-ki-chapet-me....kota-news-28-06-2024.jpg"                         length="609378"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[kota]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का: बेजुबानों के पेयजल के लिए कराया खेळ निर्माण </title>
                                    <description>
                        <![CDATA[दैनिक नवज्योति में खबर प्रकाशित होने के बाद खेळ का निर्माण करवाया ।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/impact-of-the-news--pond-constructed-for-drinking-water-for-mute-animals/article-82406"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/6633-copy71.jpg" alt=""></a><br /><p>अरनेठा। कस्बे में मौजूद लावारिस गोंवश के लिए गणेशपुरा बस्ती में ग्राम पंचायत ने खेळ का निर्माण करवाया है । जिससे गणेशपुर बस्ती क्षेत्र में भ्रमण करने वाले आवारा पशुओं को शुद्ध पेयजल मिल पाएगा । गौरतलब में दैनिक नवज्योति ने अपने 27 मई के अंक में पानी को तरस रहे लावारिस बेजुबान शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। जिसके बाद ग्राम पंचायत की संयुक्त टीम पशु चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर कोशल गुप्ता ,ग्राम विकास अधिकारी रामप्रकाश गोचर, सरपंच बजरंग लाल मेघवाल ने कस्बे में भ्रमण कर दो जगह  चिन्हित की थी फलस्वरुप गणेशपुर बस्ती नई पेयजल टंकी के पास खेल निर्माण कंप्लीट हो गया है । उधर इस मामले पर सरपंच बजरंग लाल मेघवाल से जानकारी लेने पर बताया एक जगह खेळ कंप्लीट हो गई है । शेष दूसरी जगह बची है । उसको भी जल्द बनवा दिया जाएगा । कुछ जगह नालियां ओवरलोड होने की जानकारी भी प्राप्त हुई है। जिनका ग्राम पंचायत में प्रस्ताव लेकर नालियां सफाई सफाई करवाई जाएगी। </p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/impact-of-the-news--pond-constructed-for-drinking-water-for-mute-animals/article-82406</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/impact-of-the-news--pond-constructed-for-drinking-water-for-mute-animals/article-82406</guid>
                <pubDate>Sat, 22 Jun 2024 17:56:59 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-06/6633-copy71.jpg"                         length="59703"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[kota]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सड़कों पर बेलगाम दौड़ रहे आवारा मवेशी</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[शिकायतों के बावजूद निगम के जिम्मेदार अफसर आंखें मूंदे बैठे हैं। ]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/stray-cattle-running-wild-on-the-roads/article-61160"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-11/sadako-p-belagaam-duad-rhe-awara-maveshi...kota-news-02-11-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। सरकार के पांच साल पूरे हो गए लेकिन स्मार्ट सिटी कोटा अब तक कैटल फ्री नहीं हो सका। वहीं, विधानसभा चुनाव की रणभूमि भी सज चुकी, प्रत्याक्षी एक बार फिर जनता के बीच आ गए। हालांकि, इन पांच सालों में शहर की सूरत तो बदली लेकिन सड़कें आवारा मवेशियों के शिकंजे से मुक्त नहीं हो सकी। कैटल फ्री का सपना देख रही शिक्षा नगरी आज भी आवारा मवेशियों का दंश झेल रही है। हालात यह हैं, शहर के व्यस्तम चौराहों से लेकर वार्डों की सड़कों तक मवेशियों का जमघट लगा रहता है। शिकायतों के बावजूद निगम के जिम्मेदार अफसर आंखें मूंदे बैठे हैं। </p>
<p><strong>स्कूल से घर लौट रहे बालक को किया जख्मी</strong><br />विज्ञान नगर स्थित नूरी जामा मस्जिद चौराहे पर पिछले माह स्कूल से घर लौट रहे कक्षा 8वीं के छात्र को सांड ने टक्कर मारकर जख्मी कर दिया।   वहीं, छत्रपुरा तालाब मुख्य मार्ग पर चार स्कूल, अस्पताल और दो धार्मिक स्थल हैं। यहां स्कूल की छुट्टी होने के साथ ही अभिभावक व शाला स्टाफ की धड़कनें बढ़ जाती है। इसकी मोहल्लेवासियों ने वार्ड पार्षदों से लेकर निगम अधिकारियों  तक को शिकायत की लेकिन सुनवाई नहीं हुई। </p>
<p><strong>जिले में 15 गौशाला, फिर भी सड़कों पर जमावड़ा</strong><br />कोटा जिले में 15 गौशाला संचालित हो रही हैं। इनमें नगर निगम की 1 और 14 प्राइवेट हैं। जिन्हें गायों को रखने व रखरखाव के लिए सरकार की ओर से अनुदान भी मिलता है। इसके बावजूद सड़कों पर मवेशियों का जमावड़ा लगा रहता है। बंधा धर्मपुरा में स्थित निगम गौशाला की क्षमता 4 हजार मवेशियों की है। पूर्व में यहां मवेशियों की संख्या अधिक होने पर 100-100 मवेशियों को प्राइवेट गौशालाओं में शिफ्ट की गई थी। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />वार्ड में आवारा मवेशियों की समस्या है, शिकायत मिलने पर मवेशियों को पकड़ने के लिए गाड़ी बुलवाते हैं। सांड पकड़ने के दौरान वह इधर-उधर भागता है, जिससे सड़क किनारे खड़े वाहनों को नुकसान पहुंचने पर लोगों का विरोध झेलना पड़ता है और कार्यवाही में बाधा डालते हैं। ऐसे में जब तक महापौर व आयुक्त  को टीम के साथ पुलिस जाब्ता उपलब्ध करवाना चाहिए, जो नहीं करवा रहे।<br /><strong>- मनोज गुप्ता, पार्षद, वार्ड 39 विज्ञान नगर</strong></p>
<p>नगर निगम द्वारा आवारा मवेशियों को पकड़ने के लिए लगातार टीमें भेजी जा रही है। प्रतिदिन शहर की प्रमुख सड़कों से मशेवियों को पकड़ गौशाला पहुंचा रहे हैं। फिर भी कहीं से कोई शिकायत मिलती है तो तुरंत गाड़ी भेज समाधान किया जाएगा। <br /><strong>- दिनेश शर्मा, गौशाला प्रभारी, नगर निगम दक्षिण</strong></p>
<p>छत्रपुरा तालाब मुख्य सड़क पर दो दर्जन से अधिक मवेशियों का जमावड़ा लगा रहता है, जो दिनभर धमाचौकड़ी मचाते हैं। यहां से गुजरने के दौरान कई वाहन चालक मवेशियों से टकराकर चोटिल हो चुके हैं। वहीं, बच्चोें के स्कूल से घर लौटते समय हादसे का डर रहता है। पूर्व में मवेशियों की टक्कर से कई बच्चे जख्मी हो चुके हैं।  <br /><strong>- शोयब खान, छत्रपुरा तालाब</strong></p>
<p>छत्रपुरा तालाब मुख्य मार्ग पर आवारा मवेशी ज्वलंत समस्या है। दिनरात सड़कों पर दौड़ते-लड़ते रहते हैं। कई बार विद्यार्थी जख्मी हो चुके हैं। स्कूल व घरों के बाहर खड़े वाहनों को टक्कर मारकर क्षतिग्रस्त कर दिया। सड़क के आमने-सामने के वार्ड 41 व 57 दोनों पार्षदों से शिकायत की लेकिन उन्होंने निगम अधिकारियों द्वारा सुनवाई न करने का हवाला देकर लाचारी दिखाते हैं।  <br /><strong>- अजिम पठान, स्कूल संचालक, विज्ञान नगर</strong></p>
<p>बोरखेड़ा क्षेत्र में मवेशियों का समस्या है। घरों के बाहर खड़े वाहनों को गिरा देते हैं। कुछ माह पहले ही नयापुरा से घर लौटते वक्त बोरखेड़ा मुख्य मार्ग पर सांड ने पीछे से टक्कर मार दी। जिससे पैर में गंभीर चोट लगी। पांच सालों से कैटल फ्री सुनते हुए आए लेकिन शहर अब तक कैटल फ्री नहीं हुआ। <br /><strong>- अजय कुशवाह, व्यवसायी बोरखेड़ा</strong></p>
<p>बजरंग नगर मुख्य मार्ग पर मवेशी बैठे रहते हैं, कई बार जाम की स्थिति बन जाती है। वहीं, आपस में लड़ने से राहगीर चोटिल हो चुके हैं। जबकि, यह व्यस्तम मार्ग है, आवागमन के दौरान दुर्घटना का खतरा बना रहता है। <br /><strong>- मनोज शर्मा, बजरंग नगर</strong></p>
<p>कुन्हाड़ी क्षेत्र में आए दिन मवेशियों के कारण वाहन चालक हादसे का शिकार हो रहे हैं। देव नारायण आवासीय योजना बनाने के बावजूद सड़कें कैटल फ्री नहीं हो पा रही। पार्षद व महापौर से शिकायत का भी  असर नहीं हो रहा।<br /><strong>- रामावतार शर्मा, सींता बालिता कुन्हाड़ी </strong></p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/stray-cattle-running-wild-on-the-roads/article-61160</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/stray-cattle-running-wild-on-the-roads/article-61160</guid>
                <pubDate>Thu, 02 Nov 2023 18:56:47 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-11/sadako-p-belagaam-duad-rhe-awara-maveshi...kota-news-02-11-2023.jpg"                         length="479171"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[kota]]>
                    </dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        