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                <title>uniform civil code - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>uniform civil code RSS Feed</description>
                
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                <title>उत्तराखंड में लागू हुई यूसीसी, अनुसूचित जाति वर्ग को छोड़कर सभी को करना होगा पालन</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार ने सोमवार को एक नया इतिहास लिखते हुए राज्य में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू कर दी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/uniform-civil-code-will-be-implemented-in-uttarakhand-couples-living/article-102179"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/257rtrer-(1)38.png" alt=""></a><br /><p>देहरादून। उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार ने सोमवार को एक नया इतिहास लिखते हुए राज्य में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू कर दी। इसकी अधिसूचना भी जारी हो गई है। इससे पहले मुख्यमंत्री ने अपने सरकारी आवास स्थित मुख्य सेवक सदन सभागार में यूसीसी पोर्टल और नियमावली का लोकार्पण किया। इसके साथ ही उत्तराखंड देश में इसे लागू करने वाला पहला राज्य बन गया है।</p>
<p>इस अवसर पर धामी ने कहा कि यह हमारे प्रदेश का ही नहीं, बल्कि देश के लिए भी ऐतिहासिक दिन है। यह कानून आज से प्रदेश में लागू हो गया है। अब सभी को समान अधिकार मिल सकेंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में सरकार इस कानून को लागू करने में सफल हुई है। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि समिति ने कई सालों की मेहनत के बाद यूसीसी को तैयार किया है। यह हमारे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। समाज पर इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि पंजीकरण की प्रक्रिया को भी आसान किया गया है। यूसीसी समिति के अध्यक्ष, सेवानिवृत आइएएस, शत्रुघ्न सिंह ने कहा कि पंजीकरण को आसान बनाया गया है। आप एक बार हमारे पोर्टल पर आइए। फिर आप सिस्टम के पास नहीं, सिस्टम आपके पास आएगा। </p>
<p>उल्लेखनीय है कि यूसीसी के लिए 27 मई, 2022 को विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया था और लगभग ढाई वर्ष की कड़ी तैयारियों के बाद इसे आज लागू किया गया। विशेषज्ञ समिति ने अपनी रिपोर्ट 02 फरवरी, 2024 को सरकार को सौंपी। इसके बाद 08 मार्च, 2024 को विधानसभा में इसका विधेयक पारित किया गया। विधानसभा से पारित होने के बाद इसे राष्ट्रपति के अनुमोदन के लिए भेजा गया। यहां से 12 मार्च, 2024 को इस अधिनियम पर राष्ट्रपति का अनुमोदन मिल गया। इसके बाद यूसीसी के क्रियान्वयन के लिए तकनीक आधारित व्यवस्थाएं लागू की गईं। नागरिकों और अधिकारियों के लिए ऑनलाइन पोर्टल विकसित किए गए। बीती 20 जनवरी को यूसीसी की नियमावली को अंतिम रूप देकर कैबिनेट ने इसे पारित कर दिया। पिछले कई दिनों पोर्टल पर तत्संबंधी पंजीकरण के लिए विभिन्न स्तरों पर मॉक ड्रिल की गई। </p>
<p>ज्ञातव्य है कि यूसीसी की नियमावली बनाने के लिए गठित समिति ने सऊदी अरब, तुर्की, इंडोनेशिया, नेपाल, फ्रांस, अजरबैजान, जर्मनी, जापान और कनाडा जैसे देशों में लागू यूसीसी नियमावली का अध्ययन करने के बाद देश भर में उसके लिए आम जनमानस के विचार जानने के बाद इसका मसौदा तैयार किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Mon, 27 Jan 2025 15:53:03 +0530</pubDate>
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                <title>समान नागरिक संहिता तैयार करने को गठित समिति ने सीएम धामी को सौंपा ड्राफ्ट</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तराखंड में यूसीसी लागू करने का वादा कर, आम विधानसभा चुनाव जीतने वाली भाजपा के पुष्कर सिंह धामी के मुख्यमंत्रित्व वाली सरकार ने इस दिशा में महत्वपूर्ण दूसरा कदम बढ़ा दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/committee-formed-to-prepare-uniform-civil-code-handed-over-draft/article-68982"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-02/photo-(5)1.jpg" alt=""></a><br /><p>देहरादून। उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता(यूसीसी) लागू करने का वादा कर, आम विधानसभा चुनाव जीतने वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पुष्कर सिंह धामी के मुख्यमंत्रित्व वाली सरकार ने शुक्रवार को इस दिशा में महत्वपूर्ण दूसरा कदम बढ़ा दिया। यूसीसी की संस्तुतियों के लिए गठित सेवानिवृत न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में गठित पांच सदस्यीय विशेषज्ञ समिति ने शुक्रवार को अपनी सिफारिशों का ड्राफ्ट धामी को सौंप दिया।</p>
<p>मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित एक सादा समारोह में देसाई ने समिति सदस्यों के साथ यह ड्राफ्ट धामी को सौंपा। </p>
<p>समिति ने राज्य के प्रथम गांव माना के रहवासियों से इसे लागू करने के संदर्भ में दो वर्ष पहले राय ली। इसके बाद 42 अन्य क्षेत्रों में जाकर जनसुनवाई के माध्यम से यूसीसी लागू किए जाने के बारे में विचार जाने।</p>
<p>अब यह ड्राफ्ट शनिवार को होने वाली मंत्रिमंडल बैठक में रखा जाएगा जिसमें समुचित विचारोपरांत, इसे आगामी विधानसभा सत्र में विधेयक के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। संभावना है कि पांच फरवरी से शुरू होने वाले सत्र में इसे प्रस्तुत किया जाएगा। इसके लागू होने पर उत्तराखंड देश का पहला राज्य होगा, जहां यह लागू होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Fri, 02 Feb 2024 19:41:31 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>समान नागरिक संहिता पर बोले प्रशांत किशोर- देश में लागू करना आसान नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[जन सुराज के संयोजक एवं प्रमुख चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने कहा है कि देश की वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए समान नागरिक संहिता कानून (यूसीसी) को लागू करना आसान नहीं है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/prashant-kishore-said-on-uniform-civil-code-%E2%80%93-it-is/article-50945"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-07/pk.jpg" alt=""></a><br /><p>समस्तीपुर। जन सुराज के संयोजक एवं प्रमुख चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने कहा है कि देश की वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए समान नागरिक संहिता कानून (यूसीसी) को लागू करना आसान नहीं है। किशोर ने समस्तीपुर जिले के पटोरी में कहा कि अनुच्छेद 370 कश्मीर से जुड़ा हुआ एक मामला था जो भारत के एक भू-भाग को प्रभावित करता था। इसी तरह राम मंदिर बन रहा है उससे भी पूरे देश की जनता प्रभावित नहीं हो रही है। क्योंकि राम मंदिर का मामला एक वर्ग की भावना से जुड़ा है।</p>
<p>रणनीतिकार ने कहा कि समान नागरिक संहिता (यूसीसी) ही एक ऐसा मुद्दा है जो देश के एक बड़े जनसंख्या को सीधे तौर पर प्रभावित करेगा। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति मे यूसीसी कानून देश में लागू करना ज्यादा कठिन है। यदि यह कानून लागू होता है तो इसके परिणाम एवं कुपरिणाम भी बड़े हो सकते है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 05 Jul 2023 17:07:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>प्रधानमंत्री मोदी से मिले धामी, समान नागरिक संहिता पर चर्चा </title>
                                    <description><![CDATA[ उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता को लागू किये जाने को लेकर चल रही कवायद के बीच राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/dhami-met-pm-modi-to-discuss-uniform-civil-code/article-50846"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-07/rj5.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता को लागू किये जाने को लेकर चल रही कवायद के बीच राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की। प्रधानमंत्री से मिलने के लिए उनके आवास पहुंचे धामी के साथ समान नागरिक संहिता की मसौदा समिति की अध्यक्ष न्यायमूर्ति रंजना देसाई भी थी।</p>
<p>दोनों नेताओं के बीच मुलाकात के दौरान किन किन मुद्दों पर बात हुई इस बारे में आधिकारिक तौर पर कोई जानकारी नहीं दी गयी है,हालांकि प्रधानमंत्री कार्यालय ने धामी की प्रधानमंत्री के साथ मुलाकात की तस्वीर ट्विटर पर जारी कर दोनों के बीच बातचीत की पुष्टि की है।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en" xml:lang="en">Chief Minister of Uttarakhand, Shri <a href="https://twitter.com/pushkardhami?ref_src=twsrc%5Etfw">@pushkardhami</a> met Prime Minister <a href="https://twitter.com/narendramodi?ref_src=twsrc%5Etfw">@narendramodi</a>. <a href="https://t.co/WszKPOJSV5">pic.twitter.com/WszKPOJSV5</a></p>
— PMO India (@PMOIndia) <a href="https://twitter.com/PMOIndia/status/1676144939045117952?ref_src=twsrc%5Etfw">July 4, 2023</a></blockquote>
<p>

</p>
<p>धामी अभी राजधानी में हैं और मोदी से मिलने से पहले सोमवार को उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भी मुलाकात की। सूत्रों के अनुसार धामी ने प्रधानमंत्री के साथ समान नागरिक संहिता के साथ साथ राज्य में विभिन्न विकास परियोजनाओं के बारे में चर्चा की। </p>
<p>बाद में धामी ने कहा कि राज्य में समान नागरिक संहिता लागू की जायेगी लेकिन कोई भी काम हड़बड़ी में नहीं होगा। उन्होंने कहा कि अभी सरकार को इसका मसौदा पूरी तरह से नहीं मिला है और इसके मिलने पर आगे की कार्रवाई की  जायेगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Tue, 04 Jul 2023 15:42:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>समान नागरिक संहिता मुसलमानों को स्वीकार्य नहीं: मदनी</title>
                                    <description><![CDATA[मौलाना मदनी ने कहा कि भारत एक सेक्यूलर देश है। जहां सभी धर्मावंलबियों को धार्मिक स्वतंत्रता है। इसलिए समान नागरिक संहिता को लागू किया जाना देशहित में नहीं होगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/uniform-civil-code-not-acceptable-to-muslims/article-49497"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-06/630-400-size-(5)12.png" alt=""></a><br /><p>सहारनपुर। दारूल उलूम देवबंद के सदर मुदर्रिस एवं जमीयत उलमा ए हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने मंगलवार को बयान जारी कर कहा कि मुसलमान समान नागरिक संहिता लागू किए जाने को बिल्कुल भी स्वीकार नहीं करेंगे क्योंकि यह मौलिक अधिकारों के विरूद्ध है। </p>
<p>मौलाना मदनी ने कहा कि भारत एक सेक्यूलर देश है। जहां सभी धर्मावंलबियों को धार्मिक स्वतंत्रता है। इसलिए समान नागरिक संहिता को लागू किया जाना देशहित में नहीं होगा।</p>
<p>उन्होंने कहा कि जमीयत उलमा ए हिंद धार्मिक मामलों में सरकार के दखल को स्वीकार नहीं करेगी लेकिन हम इसका विरोध सड़कों पर उतरकर नहीं बल्कि संविधान के दायरे में करें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Tue, 20 Jun 2023 17:31:38 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>किरोड़ीलाल मीणा ने राज्यसभा में पेश किया समान नागरिक संहिता विधेयक</title>
                                    <description><![CDATA[अपने निजी विधेयक के जरिए डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने देश में समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए एक राष्ट्रिय निरीक्षण एवं जांच आयोग गठित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह सबसे जरूरी है कि देश में सभी के लिए कानून समान हो। लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हो पाया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/kirodilal-meena-introduced-uniform-civil-code-bill-in-rajya-sabha/article-31930"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-12/q-18.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भाजपा सांसद डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने शुक्रवार को संसद के उच्च सदन राज्यसभा में समान नागरिक संहिता लागू करने से जुड़ा निजी विधेयक पेश किया। जिस पर विपक्ष की ओर से भारी हंगामा किया गया। इसके बाद विधेयक को पेश करने के लिए सदन में मतदान हुआ। जिसके पक्ष में 63 वोट पड़े। जबकि विपक्ष में 23 वोट डाले गए।अपने निजी विधेयक के जरिए डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने देश में समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए एक राष्ट्रिय निरीक्षण एवं जांच आयोग गठित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह सबसे जरूरी है कि देश में सभी के लिए कानून समान हो। लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हो पाया है। </p>
<p><strong>विपक्षी सांसदों ने किया हंगामा</strong></p>
<p>भाजपा सांसद किरोड़ी लाल मीणा ने राज्यसभा में निजी <br />विधेयक ‘भारत में एक समान नागरिक संहिता विधेयक- 2020’ का प्रस्ताव रखा। विपक्षी सांसदों ने जमकर इस विधेयक का विरोध किया। लेकिन शोर शराबे और मत-विभाजन के बाद यह विधेयक राज्यसभा में पेश हो गया।</p>
<p><strong>लम्बे समय से चल रही है बहस</strong></p>
<p>देश में इस मुद्दे पर काफी लंबे समय से राजनीतिक बहस चलती रही है। अब शीतकालीन सत्र में समान नागरिक संहिता पर निजी विधेयक पेश किया गया है।<br />किसी भी सदस्य को विधेयक पेश करने का हक। राज्यसभा में नेता सदन पीयूष गोयल ने हंगामे होने पर कहा कि किसी भी सदस्य को विधेयक पेश करने और अपने क्षेत्र के मुद्दे उठाने का अधिकार है। इसके लिए सदन में बहस होनी चाहिए। इसे लेकर सरकार पर आक्षेप लगाना और विधेयक की आलोचना करने की कोशिश करना अनुचित है। </p>
<p><strong>सभी धर्मों की </strong><strong>अलग-अलग परंपरा</strong></p>
<p>विधेयक का विरोध करते हुए आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने कहा कि इसका असर आदिवासी समुदाय पर भी पड़ सकता है। जबकि सपा सांसद रामगोपाल यादव ने मुस्लिम समाज में शादी का जिक्र करते हुए कहा कि सभी धर्मों की अलग-अलग परंपरा है। ऐसे में सभी का ध्यान रखा जाना चाहिए। </p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Sat, 10 Dec 2022 11:29:41 +0530</pubDate>
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