<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/private-buses/tag-33862" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>private buses - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/33862/rss</link>
                <description>private buses RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>न्यास ने कम किया किराया फिर भी कोई नहीं आया</title>
                                    <description><![CDATA[बसें नहीं आने से संवेदक ने भी खड़े किए हाथ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-trust-reduced-the-fare-but-still-no-one-came/article-80334"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/t211rer-(3).png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर में सड़क किनारे खड़ी निजी बसों के कारण होने वाली समस्या के समाधान और प्राइवेट बस आॅपरेटरों की बरसों से चली आ रही मांग को  नगर विकास न्यास ने पूरा तो कर दिया लेकिन उसका लाभ न तो न्यास को हुआ और न ही शहर की जनता को। यह मामला है नगर विकास न्यास के प्राइवेट बस स्टैंड का। नगर विकास न्यास की ओर से एमबीएस मार्ग रंगबाड़ी में प्राइवेट बस स्टैंड का निर्माण करीब दो साल पहले किया। बस स्टैंड पर प्राइवेट बसों के खड़ा होने की जगह और बस चालक व परिचालकों के लिए सुविधाएं भी की गई। करोड़ों रुपए खर्च कर बस स्टैंड बनाया। लेकिन हालत यह है दो साल बाद भी वहां अभी तक प्राइवेट बसें खड़ी नहीं हो रही है। जिससे वह जगह तो बनने के बाद भी खाली है। वहीं शहर में अभी भी सड़क किनारे जगह-जगह पर बड़ी-बड़ी बसें खड़ी होने से समस्या जस की तस बनी हुई है। </p>
<p><strong>न्यास ने दिया ठेका, संवेदक ने खड़े किए हाथ</strong><br />बस स्टैंड पर बसों को व्यवस्थित खड़ा करने के लिए और उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए न्यास ने इसके लिए ठेका किया था। संवेदक ने ठेका तो ले लिया। लेकिन वहां बसें ही नहीं आ  रही है। जिससे संवेदक को कमाई ही नहीं हो रही। सवेदक  का कहना है कि उसने तो एक साल का ठेका लेकर न्यास में रकम जमा करवा दी। लेकिन उसकी कमाई नहीं हो रही है। ऐसे में वह अब यहां काम नहीं कर पाएगा। उसने न्यास में अधिकािरयों को इस संबंध में लिखित में भी पत्र दे दिया है।</p>
<p><strong>शहर में जगह-जगह खड़ी हैं प्राइवेट बसें</strong><br />जिस मकसद के लिए बस स्टैंड बनाया था वह पूरा नहीं हुआ है। ऐसे  में अभी भी लपराइवेट बसें बालाकुंड, सोवन वंडर्स रोड, डीसीएम रोड, सीबी गार्डन रोड समेत कई जगह पर खड़ी हो रही हैं। जिससे सड़क संकरी होने से यातायात में बाधक बनी हुई है। हालांकि कई बसें तो बड़ तिराहे पर बनाए गए बस स्टॉप पर खड़ी होने लगी हैं। </p>
<p><strong>किराया अधिक होने से शुरु हुआ विवाद</strong><br />जिला प्रशासन की ओर से प्राइवेट बस स्टैंड के लिए वर्ष 2007 में ही यह जगह आवंटित कर दी थी। लेकिन उसके बाद ध्यान नहीं दिया। पिछली कांग्रेस सरकार में नगर विकास न्यास ने उस बस स्टैंड का विकास कराया। प्राइवेट आॅपरेटरों को वहां बसें खड़ी करने के लिए कहा गया। जिसके लिए न्यास द्वारा बस आॅपरेटर से किराया वसूल किया जाना है। लेकिन बस आॅपरेटर किराया अधिक होना बताकर वहां बसें खड़ी नहीं की। कलक्टर व न्यास अधिकारियों व बस आॅपरेटरों के बीच हुई बातचीत के आधार पर बसों का किराया भी कम दिया। लेकिन अभी तक भी बस आॅपरेटर वहां बसें खड़ी करने पर सहमत नहीं हुए हैं।  </p>
<p><strong>इनका कहना</strong><br />प्रशासन ने बस स्टैंड के लिए जमीन दी है। इतने सालों बाद तो न्यास ने उसे विकसित किया। लेकिन पहले वहां बसें खड़ी करने का किराया अधिक मागा जा रहा था। संघर्ष के बाद किराया तो कम कर दिया लेकिन संवेदक का ठेका जुलाई तक है। ऐसे में अभी भी अधिकतर  आॅपरेटर बस स्टैंड पर बसें खड़ी करने पर सहमत नहीं हुए हैं। चुनाव बाद इस बारे में फिर चर्चा की जाएगी। <br /><strong>- सत्यनारायण साहू, पूर्व अध्यक्ष निजी बस मालिक संघ</strong></p>
<p>बस आॅपरेटर की डिमांड पर न्यास ने बसों का किराया तो कम दिया है लेकिन उसके बाद भी अभी तक बस आॅपरेटर बस स्टैंड पर बसें खड़ी नहीं कर रहे हैं। ऐसे में संवेदक ने ठेका निरस्त करने के लिए न्यास सचिव को पत्र दिया है। चुनाव बाद उस पर विचार कर निर्णय किया जाएगा। <br /><strong>- पवन शर्मा, एक्सईएन, नगर विकास न्यास </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-trust-reduced-the-fare-but-still-no-one-came/article-80334</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-trust-reduced-the-fare-but-still-no-one-came/article-80334</guid>
                <pubDate>Mon, 03 Jun 2024 16:59:03 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-06/t211rer-%283%29.png"                         length="401836"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सिंधीकैंप बस स्टैंड से दूर हो निजी बसें तो बढ़े रोडवेज की आय</title>
                                    <description><![CDATA[जानकारी के अनुसार रोडवेज के अधिकृत बस स्टैंड के बाहर निजी बसेंखड़ी होने से रोडवेज को यात्रीभार के साथ राजस्व का नुकसान हो रहा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/if-private-buses-move-away-from-sindhicamp-bus-stand-the/article-78845"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/t21rer-(2)42.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान रोडवेज के अधिकृत बस स्टैंड और सिंधीकैंप बस स्टैंड के बाहर से निजी बसें हटाने से रोडवेज की इनकम बढ़ सकती है। परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग की ओर से निजी बसों को रोडवेज बस स्टैंड से दो से पांच किलोमीटर की दूरी पर करने को लेकर सभी कलक्टरों को पत्र लिखा था, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।</p>
<p>जानकारी के अनुसार रोडवेज के अधिकृत बस स्टैंड के बाहर निजी बसेंखड़ी होने से रोडवेज को यात्रीभार के साथ राजस्व का नुकसान हो रहा है। इसको लेकर रोडवेज प्रशासन ने परिवहन विभाग को पत्र लिखा था। जिस पर परिवहन विभाग ने 25 फरवरी, 2021 को सभी जिला कलक्टरों को पत्र लिखकर इन पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। लेकिन इन बसों को आज तक नही हटाया गया। इसके चलते रोडवेज को राजस्व का नुकसान हो रहा है। <br />दिनभर लगा <br />रहता है जाम<br />सिंधीकैंप बस स्टैंड के बाहर तत्कालीन जिला कलक्टर राजेश्वर सिंह ने सन् 2006 में नो पार्किंग जोन घोषित किया था। इसके बावजूद भी यहां दिनभर निजी बसें लगती हैं। इसके चलते यहां दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। कई बार तो यहां पर एंबुलेंस काफी देर तक फंसी रहती है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/if-private-buses-move-away-from-sindhicamp-bus-stand-the/article-78845</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/if-private-buses-move-away-from-sindhicamp-bus-stand-the/article-78845</guid>
                <pubDate>Wed, 22 May 2024 12:33:08 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-05/t21rer-%282%2942.png"                         length="572365"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>निजी बसें सड़कों पर खड़ी, बसने से पहले उजड़ा नया ठिकाना  </title>
                                    <description><![CDATA[करोड़ों की लागत से बना ये स्टैंड यूं ही खाली पड़ा हुआ है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/private-buses-parked-on-the-roads--new-place-destroyed-before-settling-in/article-68971"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-02/photo-(10).jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर में अव्यवस्थित तरीके से खड़ी होने वाली निजी बसों के लिए यूआईटी द्वारा अनंतपुरा के नजदीक महाराव भीम सिंह मार्ग पर करीब 250 बसों के लिए बस स्टैंड बनाया गया था जो बस मालिकों और यूआईटी के बीच चल रहे विवाद के कारण खाली पड़ा हुआ है। करोड़ों रुपए खर्च कर विकसित की गई ये जमीन बसों के खड़े करने की जगह पर आसपास रहने वाले लोगों के काम आ रही है। वहीं इसके चलते शहर में निजी बसों की पार्किंग के लिए अलग से स्थान होने के बावजूद अव्यवस्थित रूप से कहीं भी खड़ी हो रही हैं। जो आने जाने वाले राहगीरों के लिए परेशानी खड़ी कर रही दूसरी ओर जाम का भी कारण बन रही हैं। वहीं बसों को खड़ी नहीं करने पर बस मालिकों का कहना है कि यूआईटी द्वारा स्टैंड का किराया निर्धारित करते समय हमसे चर्चा तक नहीं की और मनमाने तरीके से किराया निश्चित कर दिया जो बहुत ज्यादा है। </p>
<p><strong>2007 में हुई थी जमीन आवंटित </strong><br />शहर के अंदर खड़ी होने वाली निजी बसों के लिए स्थाई रूप से स्टैण्ड बनाने के लिए यूआईटी ने साल 2007 में ट्रांसपोर्ट नगर के पास करीब 22800 वर्ग मीटर की 250 बसों की क्षमता वाली जमीन आंवटित की थी। उसके बाद साल 2022 में इस जमीन को यूआईटी द्वारा ही करोड़ों रूपयों की लागत से विकसित किया गया था। वहीं इस पर बस मालिक अशोक चांदना ने बताया कि उस समय आंवटित जमीन पर पत्थर की खान मौजूद थी जिसे कोटा स्टोन फैक्ट्रियों से निकली स्लरी से भरकर स्टैंड विकसित किया था। लेकिन स्टैंड विकसित करने के बाद यूआईटी ने स्वयं के स्तर पर ही बिना बस मालिकों से चर्चा किए स्टैंड के संचालन का ठेका और किराए की दरें निर्धारित कर दी।</p>
<p><strong>किराया ज्यादा और दूरी पर स्थित</strong><br />स्टैंड पर बसें खड़ी नहीं करने पर समस्या को लेकर बस मालिकों से बात की तो उन्होंने बताया कि स्टैंड पर बसें खड़ी तो कर दें लेकिन स्टैंड का किराया बहुत ज्यादा है एक बस को 24 घंटे खड़ी करने के लिए 1500 रुपए किराया देना पड़ता है। जबकी शहर के अंदर बस को आॅपरेट करने का टैक्स ही मात्र 1 हजार रुपए है। बस मालिकों ने कहा कि महाराव भीम सिंह मार्ग पर स्थित ये स्टैंड बसों के प्रस्थान से बहुत दूर है। किसी भी बस को खड़ी होने के लिए पहले 5 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है और वापस आना पड़ता है जिससे बस अतिरिक्त चलती है और डीजल भी ज्यादा खर्च होता है।</p>
<p><strong>बसों की जगह टपरियां खड़ी हुई</strong><br />महाराव भीम सिंह मार्ग पर मौजूद बस स्टैंड पर करीब 250 बसों के पार्किंग की व्यवस्था है। जो शहर के अंदर सड़कों पर खड़ी होने वाली बसों से निजात दिलाने में कारगर सबित होती, लेकिन बस मालिकों और यूआईटी के बीच चल रहे विवाद के कारण स्टैंड पर बसों की जगह टपरियां खड़ी हो रही हैं। इसके अलावा इस स्टैंड पर आस पास के लोग क्रिकेट खेलने के लिए इसका उपयोग कर रहे हैं। रात के समय में शराबी दीवार फांदकर इस स्टैंड को शराब पीने का ठीकाना बनाने लगे हैं। करोड़ों की लागत से बना ये स्टैंड यूं ही खाली पड़ा हुआ है।</p>
<p>यूआईटी ने स्टैंड तो विकसित कर दिया लेकिन किराया तय करते समय हमसे कोई रायशुमारी नहीं की गई। किसी भी बस को स्टैंड पर सिर्फ एक दिन के लिए खड़ी करने पर 1500 से 2000 का खर्चा आता है जो की बहुत ज्यादा है यूआईटी किराया कम करे तो बसें खड़ी करने में कोई समस्या नहीं है।<br /><strong>- सत्यनारायण साहू, प्रदेश अध्यक्ष, बस आॅपरेटर एसोसिएशन राजस्थान</strong></p>
<p>कुछ बसें तो स्टैंड पर खड़ी हो रही हैं, कुछ बस मालिक निजी कारणों के चलते बसों को शहर में यहां वहां खड़ी कर रहें हैं जिन्हें स्टैंड पर बसें खड़ी करने के लिए पाबंद करेंगे। <br /><strong>- मान सिंह मीणा, सचिव, यूआईटी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/private-buses-parked-on-the-roads--new-place-destroyed-before-settling-in/article-68971</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/private-buses-parked-on-the-roads--new-place-destroyed-before-settling-in/article-68971</guid>
                <pubDate>Fri, 02 Feb 2024 17:14:25 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-02/photo-%2810%29.jpg"                         length="157894"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पार्किंग में फंसा पैसे का पेच, हर कहीं खड़ी हो रही बसें</title>
                                    <description><![CDATA[करीब 5.50 करोड़ रुपए की लागत से तैयार इस पार्किंंग को बने हुए 4 माह का समय हो गया है, लेकिन अभी तक भी वहां निजी बसें खड़ी नहीं होने लगी है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/money-stuck-in-the-parking-lot--buses-are-parked-everywhere/article-50262"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-06/630-400-size-की-कॉपी-(6)7.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के विकास के साथ ही आवश्यकता को देखते हुए जहां दो पहिया व चार पहिया वाहनों के लिए पार्किंग बनाई गई है। वहीं निजी बसों को खड़ा करने के लिए भी न्यास ने पार्किंग बनाई है। लेकिन किराए के विवाद के चलते वह चार माह बद भी चालू नहीं हो सकेी है। जिससे निजी बसों को अभी भी सड़क किनारे ही खड़ा होना पड़ रहा है। शहर में करीब 350 से अधिक निजी बसें हैं। जो विभिन्न ट्रेवल्स व आॅपरेटरों के माध्यम से संचालित हो रही हैं। उनमें से अधिकतर बसों का रोजाना शहर से अन्य शहर के जाने का कार्यक्रम रहता है। लेकिन जब बसें कहीं नहीं जाती या बाहर से आने के बाद शहर में खड़ी होती हैं। ऐसे में उनके लिए कोई स्थान अभी तक निर्धारित नहीं था। जिससे निजी बसों को सड़क किनारे बीच राह में ही खड़ा किया जा रहा है। इससे ट्रैफिक में तो बाधा उत्पन्न हो ही रही है। साथ ही शहर की खूबसूरती भी बिगड़ रही है। इसे देखते हुए नगर विकास न्यास ने एमबीएस मार्ग सुभाष नगर में करीब 50 हजार वर्ग मीटर में निजी बसों के लिए पार्किंग बनाई है। जहां करीब 350 से 400 बसें एक साथ खड़ी हो सकती हैं। करीब 5.50 करोड़ रुपए की लागत से तैयार इस पार्किंंग को बने हुए 4 माह का समय हो गया है। लेकिन अभी तक भी वहां निजी बसें खड़ी नहीं होने लगी है। </p>
<p><strong>यहां हो रही निजी बसें खड़ी</strong><br />अभी भी अधिकतर निजी बसें शहर में सड़क किनारे ही खड़ी हो रही हैं।  सेवन वंडर्स रोड, छावनी चौराहा, न्यू क्लॉथ मार्केट रोड, नयापुरा सीबी गार्डन के सामने, स्टेडितम के पास , केशवपुरा बालापुरा और डीसीएम रोड पर पॉलिटेक् नीक कॉलेज से आईटीआई तक बसों को कतार से खड़े हुए देखा जा सकता है। </p>
<p><strong>2500 और 500 रुपए का विवाद</strong><br />न्यास ने निजी बसों के लिए पार्किंग बनाई। लेकिन वहां बसें खड़ी करने का बस आॅपरेटरों से किराया वसूल किया जा रहा है। वह किराया 2500 रुपए प्रति बस प्रति महीना तय किया गया है। जबकि बस आॅपरेटर इसे काफी अधिक बता रहे हैं। वे 500 रुपए से अधिक देने को तैयार नहीं हैं। इस किराए के विवाद के चलते अभी तक भी पाकिरंग में बसें खड़ी नहीं हो रही हैं। नतीजा करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद भी स्थिति जस की तह बनीे हुई है। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />निजी बसों के लिए पहले 80 फीट रोड पर जगह दी गई लेकिन वह कम होने से उसे सिटीबसों के लिए आवंटित कर दिया।  वर्ष 2007 में तत्कालीन जिला कलक्टर ने सुभाष नगर में निजी बसों के लिए जमीन आवंटित की थी। न्यास ने वहां अब जाकर पार्किंग बनाई है। लेकिन प्रति बस का किराया 2500 रुपए लिया जा रहा है। जिसे कोई भी बस आॅपरेटर देने को तैयार नहीं है। इस संबंध में जिला कलक्टर व न्यास अधिकारियों से कई बार वार्ता हो चुकी है। अभी तक कोई समाधान नहीं निकला है। <br /><strong>- सत्य नारायण साहू, अध्यक्ष, निजी बस मालिक संघ</strong></p>
<p>निजी बसों के लिए एमबीएस मार्ग पर पार्किंग तो बनकर तैयार हो गई है। उसके संचालन के लिए पूर्व में टेंडर किए गए थे। लेकिन किसी भी फर्म ने भाग नहीं लिया। अब उसकी दर संशोधित करते हुए दोबारा से टेंडर जारी किए हैं। साथ ही किराए को भी 2500 से घटाकर 1500 रुपए किया गया है। निजी बस मालिक संघ से वार्ता की जा रही है। शीघ्र ही इसका समाधान निकाल लिया जाएगा। <br /><strong>- सुमित चित्तौड़ा, एक्सईएन, नगर विकास न्यास</strong> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/money-stuck-in-the-parking-lot--buses-are-parked-everywhere/article-50262</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/money-stuck-in-the-parking-lot--buses-are-parked-everywhere/article-50262</guid>
                <pubDate>Wed, 28 Jun 2023 17:22:12 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-06/630-400-size-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%89%E0%A4%AA%E0%A5%80-%286%297.png"                         length="414424"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सरकारी सुविधा चौड़ी हो रही, रोडवेज सिकुड़ी</title>
                                    <description><![CDATA[वर्तमान में कोटा आगार से बसों के मात्र 70 शिड्यूल भी नहीं चल रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/government-facilities-are-expanding--roadways-are-shrinking/article-47292"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-05/sarakari-suvidha-chaudi-ho-rahi-hai,-roadways-sikudi....kota-news-31-05-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। राज्य सरकार द्वारा एक तरफ तो यात्रियों को रोडवेज बसों में सुविधाएं दे रही है। वहीं दूसरी तरफ बसों की संख्या लगातार कम होने से  सुविधाओं का लाभ लेने वाले भी कम हो रहे हैं। रोडवज के कोटा आगार में ही बसों के शिड्यूल लगातार कम हो रहे हैं। नयापुरा स्थित रोडवेज का केन्द्रीय बस स्टैंड पुराना व छोटा होने से संजय नगर में नया बस स्टैंड बनाया गया है। यह नयापुरा से काफी बड़ा है। यहां अधिक बसों के खड़े होने की जगह है। साथ ही यहां वर्कशॉप भी बस स्टैंड परिसर में ही बनाया गया है। इस बस स्टैंड को बनाने का मकसद था कि यहां से यात्रियों को सुविधा अधिक दी जा सकेगी। लेकिन स्थिति विपरीेत हो रही है। यहां बसें कम आने से लोगों को सुविधा तो कम मिल रही है। साथ ही बसों की संख्या भी कम होने से यात्री कम सफर कर पा रहे हैं। </p>
<p>हाल ही में राज्य सरकार ने महिलाओं को सभी श्रेणी की रोडवेज बसों के किराए में 50 फीसदी की छूट का प्रावधान किया है। इस छूट का लाभ लेने के लिए अब महिलाएं पहले से अधिक रोडवेज बसों में यात्रा कर सकेंगी। विशेष रूप से सरकारी नौकरी में कोटा से आस-पास के शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में जाने वाली महिला कर्मचारी व शिक्षिकाओं को अधिक लाभ होगा। लेकिन हालत यह है कि कोटा आगार से बसों की संख्या पहले से काफी कम हो गई है। रोडवेज से प्राप्त जानकारी के अनुसार पहले कोटा से बसों के 120 शिड्यूल चलते थे। जिनमें लम्बे मार्ग से लेकर छोटे मार्ग तक शामिल थे। कुछ समय पहले यह संख्या घटकर 100 से कम रह गई। वहीं कोरोना काल से पहले यह संख्या 81 रह गई थी जो कोरोना काल के बाद और घट गई। वर्तमान में कोटा आगार से बसों के मात्र 70 शिड्यूल भी नहीं चल रहे हैं। उनमें भी ग्रामीण क्षेत्रों में रोडवेज बसों का संचालन पूरी तरह से बंद है। उन मार्गों पर सिर्फ प्राइवेट बसों का ही संचालन हो रहा है। हालत यह है कि रोडवेज के संजय नगर स्थित बस स्टैंड पर गर्मी के सीजन में भी बस स्टैंड खाली-खाली नजर आ रहा है। वहां गिनती की  बसों का आवागमन हो रहा है। </p>
<p><strong>सुविधा दी है तो बसें भी बढ़ानी होगी</strong><br />विज्ञान नगर निवासी शिक्षिका सायरा बानो का कहना है कि उन्हें सुल्तानपुर जाना होता है। रोडवेज बस समय पर नहीं मिलने से कभी जीप तो कभी अन्य साधन का उपयोग करना पड़ रहा है। सरकार ने महिलाओं को किराए में 50 फीसदी की छूट दी है यह अच्छा प्रयास है। लेकिन बसों की संख्या बढ़ानी होगी। साथ ही बसों को नए बस स्टैंड तक भी लाना होगा। </p>
<p><strong>रोडवेज कोटा आगार  बस स्टैंड पर दुकानें तक खाली</strong><br />वेंडर वंदना जादोन का कहना है कि  नए बस स्टैंड पर यात्रियों की सुविधा के लिए करीब एक दर्जन से अधिक दुकानें तो बना दी हैं। लेकिन उनमें से मात्र एक दो दुकानें ही चल रही हैं। जबकि अधिकतर दुकानें खाली पड़ी हैं। इसका कारण यहां पूृरी बसें ही नहीं आ रही हैं। जब बसें ही नहीं आ रही तो यात्री कहां से आएंगे। ऐसे में दुकानदारों की कमाई नहीं होने से वे दुकाने ही नहीं ले पा रहे हैं। जिससे ये खाली पड़ी हैं। </p>
<p><strong>नए बस स्टैंड तक नहीं आ रही सभी बसें</strong><br />लोगों का कहना है कि नए बस स्टैंड पर अधिकतर बसें आती ही नहीं हैं। बाहर से आने वाली ’यादातर बसें नयापुरा स्थित बस स्टैंड पर ही जाती हैं। नए कोटा में आने वाले लोगों को भी नयापुरा में उतारा जा रहा है। जबकि बसों को नए बस स्टैंड तक आने का प्रावधान है। ऐसे में रोडवेज की जगह निजी बस व अन्य साधन का उपयोग करना पड़ रहा है।  </p>
<p>कोटा आगार से बसों का शिड्यूल पहले से कम हुआ है। पहले 81 शिड्यूल चल रहे थे।  वर्तमान में यह 71 रह गया है। कई लम्बे मार्ग तो कई छोटे मार्ग पर बसों को कम किया गया है। जून में नई बसें आने पर शिड्यूृल बढ़ने की संभावना है। सरकार ने महिलाओं को किराए में  50 फीसदी की छूट दी है। इसका मुख्यालय से आदेश व टिकट मशीनों में सॉफटवेयर आने पर ही सुविधा दी जाएगी। बाहर से आने वाली बसों का कोटामें ठहराव समय कम होने से अधिकतर चालक-परिचालकों को खाना खाने तक का समय नहीं बचता। इस कारण से वे नए बस स्टैंड तक बसें नहीं लाकर नयापुरा में ही सवारी उतार रहे हैं। वैसे सभी चालकों को नए बस स्टैंड तक बसें लाने के लिए पाबंद किया हुआ है। दुकानें मॉल संचालक ने बनाई है। इस बारे में तो वही बता सकते हैं। <strong>- अजय कुमार मीणा, मुख्य प्रबंधक</strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/government-facilities-are-expanding--roadways-are-shrinking/article-47292</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/government-facilities-are-expanding--roadways-are-shrinking/article-47292</guid>
                <pubDate>Wed, 31 May 2023 14:46:31 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-05/sarakari-suvidha-chaudi-ho-rahi-hai%2C-roadways-sikudi....kota-news-31-05-2023.jpg"                         length="454091"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अब भी शहर में सड़क किनारे ही खड़ी हो रही निजी बसें</title>
                                    <description><![CDATA[न्यास प्रशासन द्वारा गत दिनों घोषणा की गई थी कि एक फरवरी से सभी निजी बसों को निर्धारित पार्किंग में ही खड़ा किया जाना था। लेकिन  न्यास प्रशासन द्वारा बसों को खड़ा करने का किराया वसूल करने का बस मालिक संघ ने विरोध जताया है। जिसके चलते पहले ही दिन किसी भी बस मालिक ने निर्धारित पार्किंग पर बसों को खड़ा नहीं किया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/private-buses-are-still-standing-on-the-roadside-in-the-city/article-36256"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-02/ab-bhi-shahar-mai-sadak-kinare-hi-khadi-ho-rahi-niji-buses..kota-news..2.2.2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर विकास न्यास द्वारा एमबीएस मार्ग पर निजी बसों के लिए आवंटित पार्किंग स्थल पर बुधवार से बसों को खड़ा होना था। लेकिन बस मालिक संघ द्वारा विरोध के चलते अभी भी निजी बसें सड़क किनारे ही जगह-जगह पर खड़ी हुई हैं। शहर में सड़क किनारे जगह-जगह खड़ी होने वाली निजी बसों के कारण हो रहे यातायात की बाधा को समाप्त करने के लिए निजी बसों को एमबीएस मार्ग पर पार्किंग की जगह दी है। न्यास प्रशासन द्वारा गत दिनों घोषणा की गई थी कि एक फरवरी से सभी निजी बसों को निर्धारित पार्किंग में ही खड़ा किया जाना था। लेकिन  न्यास प्रशासन द्वारा बसों को खड़ा करने का किराया वसूल करने का बस मालिक संघ ने विरोध जताया है। जिसके चलते पहले ही दिन किसी भी बस मालिक ने निर्धारित पार्किंग पर बसों को खड़ा नहीं किया। वरन् अधिकतर निजी बसें पहले से ही खड़े हो रहे स्थानों पर सड़क किनारे ही खड़ी रही। नयापुरा सीबी गार्डन रोड, गीता भवन रोड, सेवन वंडर्स रोड, न्यू क्यॉथ मार्कट के पास, डीसीएम रोड, केशवपुरा व बाला कुंड समेत अधिकतर जगहों पर बुधवार को भी बसों का जमावड़ा लगा रहा। इस संबंध में बस मालिक संघ के अध्यक्ष सत्य नारायण साहू का कहना है कि किसी भी बस मालिक ने नई जगह पर बसों को खड़ा नहीं किया है। </p>
<p><strong>बस मालिक संघ ने किया विरोध</strong><br />बस मालिक संघ ने यूआईटी  प्रशासन द्वारा निजी बसों के लिए बनाए गए नो पार्किंग जोन और बसों को खड़ी करने के लिए बनाए गए पार्किंग स्थल पर बसें खड़ी करने का किराया वसूलने का विरोध जताया है। बस मालिक संघ के अध्यक्ष सत्यनारायण साहू ने चेतावनी दी कि यदि यूआईटी और प्रशासन ने एक सप्ताह में उनकी मांगों को नहीं माना तो  संघ विरोध-प्रदर्शन व चक्काजाम करने को बाध्य होगा। साहू ने कहा कि यूआईटी द्वारा निजी बसों को शहर में कहीं भी निर्धारित स्थान का चयन कर जगह देनी चाहिए। उन्होंने एरोड्राम स्थित एयरपोटर्  की जमीन व पुरानी जेल की जमीन निर्धारित करने का सुझाव दिया। संघ के उपाध्यक्ष अशोक चांदना ने बताया कि नयापुरा से अनंतपुरा एमबीएस मार्ग की दूरी लगभग 15 किलोमीटर है। ऐसे में कोई बस जयपुर से कोटा आए और उसे आधा घंटे बाद दोबारा उसी निर्धारित जगह से रवाना होना है तो वह बस तय समय पर कैसे रवाना हो सकेगी। बस मालिक संघ की ओर से बुधवार को बैठक कर बसों को खड़ा करने के किराया वसूलने का विरोध किया है। बैठक में मुख्य से उपाध्यक्ष अशोक चांदना,नौशीन खान, महासचिव विनोद गुप्ता, संयुक्त सचिव बाबू भाई, कोषाध्यक्ष सुनील जैन,शैलेश अरोड़ा,मसूद खान,पवन जैन, महेश शर्मा,प्रमोद सिंह सिसोदिया सहित बड़ी संख्या में बस मालिक सदस्य मौजूद रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/private-buses-are-still-standing-on-the-roadside-in-the-city/article-36256</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/private-buses-are-still-standing-on-the-roadside-in-the-city/article-36256</guid>
                <pubDate>Thu, 02 Feb 2023 15:17:56 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-02/ab-bhi-shahar-mai-sadak-kinare-hi-khadi-ho-rahi-niji-buses..kota-news..2.2.2023.jpg"                         length="253193"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्राइवेट बसों से सिकुड़ी सड़कें </title>
                                    <description><![CDATA[नयापुरा महाराव उम्मेद सिंह स्टेडियम से लेकर उम्मेद क्लब तक की सड़क को गत दिनों चौड़ा किया गया है । इस चौड़ी सड़क पर स्टेडियम की तरफ और सीवी गार्डन की तरफ दोनों और प्राइवेट बसों को आड़ा तिरछा खड़ा किया जा रहा है जिससे सड़के सिकुड़ रही है और आवागमन का रास्ता बाधित हो रहा है ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/roads-shrunk-by-private-buses/article-32753"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-12/website-photo-630400-(2)14.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर को एक तरफ स्मार्ट सिटी बनाने के लिए सड़कों को चौड़ा किया जा रहा है वहीं दूसरी तरफ प्राइवेट बसों को खड़े रहने का स्टैंड नहीं होने से उन्हें चौड़ी सड़कों पर  आड़ा तिरछा खड़ा किया जा रहा है जिससे सड़क  सिकुड़ रही हैं । ट्रैफिक भी बाधित हो रहा है । स्मार्ट सिटी कोटा शहर में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट व नगर विकास न्यास द्वारा करीब 3000 करोड से अधिक रुपए के विकास कार्य करवाए जा रहे हैं। जिसके तहत सड़कों को भी चौड़ा किया गया है। </p>
<p>नयापुरा महाराव उम्मेद सिंह स्टेडियम से लेकर उम्मेद क्लब तक की सड़क को गत दिनों चौड़ा किया गया है । इसके बीच के डिवाइडर को हटाया गया है और इस स्टेडियम की तरफ बनी चारदीवारी को हटाकर नई चारदीवारी बनाई गई है। जिससे यह सड़क काफी चौड़ी हो गई । इस चौड़ी सड़क पर स्टेडियम की तरफ और सीवी गार्डन की तरफ दोनों और प्राइवेट बसों को आड़ा तिरछा खड़ा किया जा रहा है जिससे सड़के सिकुड़ रही है और आवागमन का रास्ता बाधित हो रहा है । ट्रैफिक में भी व्यवधान उत्पन्न हो रहा है । लेकिन न तो ट्रैफिक पुलिस का और न ही जिला प्रशासन का इस ओर ध्यान है । यह स्थिति केवल नयापुरा स्टेडियम रोड पर ही नहीं सरोवर टॉकीज रोड पर गीता भवन के सामने सेवन वंडर्स के सामने जवाहर नगर ,बालाकुंड, डीसीएम रोड समेत कई जगह पर इसी तरह की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है । </p>
<p>प्राइवेट बस मालिक संघ के अध्यक्ष सत्यनारायण साहू का कहना है कि प्राइवेट बसों के आॅपरेटरों द्वारा सरकार को हर महीने करोड़ों रुपए टैक्स दिया जा रहा है ।उसके बावजूद भी प्राइवेट बसों को खड़ा करने के लिए ना हीस्टैंड बनाया गया और ना ही पार्किंग की सुविधा।  ऐसे में करीब 300 से अधिक प्राइवेट बसें कोटा शहर में संचालित हो रही हैं जिन्हें इधर उधर ही खड़ा करना पड़ रहा है । उन्होंने कहा कि यदि यूआईटी और प्रशासन द्वारा प्राइवेट बसों को खड़ा करने की एक निर्धारित जगह आवंटित कर दी जाए तो इस समस्या का समाधान हो सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/roads-shrunk-by-private-buses/article-32753</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/roads-shrunk-by-private-buses/article-32753</guid>
                <pubDate>Mon, 19 Dec 2022 17:39:34 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-12/website-photo-630400-%282%2914.jpg"                         length="167960"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चौड़ी सड़कों पर निजी बसों का डेरा</title>
                                    <description><![CDATA[स्टेडियम की चार दीवारी के सहारे निज बस संचालकों ने आढ़ी बसें लगा रखी हैं। सीबी गार्डन के गेट के सामने भी बसें खड़ी हुई हैं। ऐसे में दोनों तरफ  निजी बसों के खड़े होने से सड़क की चौड़ाई कम हो रही है। जिससे वहां  ट्रैफिक की समस्या अभी भी पहले जैसे ही बनी हुई है।  ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/private-buses-camp-on-wide-roads/article-32418"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-12/chauri-sadako-par-niji-baso-ka-dera...kota-news..15.12.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। एक तरफ तो शहर को स्मार्ट सिटी बनाया जा रहा है। जिसमें सड़कों को चौड़ा कर डिवाइडरों  पर टाइल्स लगाकर उन्हें चमकाया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ सड़कें चौड़ी होने के बाद भी उनका लाभ न तो आमजन को मिल पा रहा है और न ही ट्रैफिक में सुविधा हो रही है। इसका कारण मेन रोड पर निजी बसों का डेरा है। शहर में कोई जगह ऐसी नहीं है जहां निजी बसें मेन रोड पर खड़ी नहीं हो रही हैं। नयापुरा में सीबी गार्डन के गेट के पास से लेकर अग्रसेन चौराहे तक, नयापुरा बाग स्कूल रोड से लेकर स्टेडियम के सामने तक, छावनी चौराहे से लेकर सेवन वंडर्स रोड पर, गीता भवन के सामने से लेकर जवाहर नगर में फ्लाई ओवर के नीचे तक, डीसीएम रोड पर आईटीआई के सामने से पॉलिटेक्नीक कॉलेज के पास तक, केशवपुरा में बाला कुंड से लेकर नयापुरा स्थित चम्बल टूरिस्ट के सामने तक। </p>
<p>हालत यह है कि जहां देखो वहां निजी बसें ही खड़ी नजर आएंगी। दिन हो या रात हर समय मेन रोड पर बसें खड़ी रहती हैं। हाल ही में नयापुरा में अग्रसेन चौराहे से उम्मेद क्लब के सामने होते हुए स्टेडियम के सामने से मेन रोड की सड़क को चौड़ा किया गया है। यहां इंडौर स्टेडियम बनाने के लिए स्टेडियम की पहले बनी चार दीवारी को तोड़ दिया गया। सड़क के बीच के डिवाइडर को हटा दिया गया। जिससे यह रोड चौड़ी हो जाएगी। ऐसे में यहां से ट्रैफिक आसानी से निकल सकेगा। लेकिन हालत यह है कि यहां स्टेडियम की चार दीवारी के सहारे निज बस संचालकों ने आढ़ी बसें लगा रखी हैं। सीबी गार्डन के गेट के सामने भी बसें खड़ी हुई हैं। ऐसे में दोनों तरफ  निजी बसों के खड़े होने से सड़क की चौड़ाई कम हो रही है। जिससे वहां  ट्रैफिक की समस्या अभी भी पहले जैसे ही बनी हुई है।  </p>
<p>सीबी गार्डन से लेकर बाग स्कूल के पास तक चारों तरफ निजी बसों का ही डेरा जमा हुआ है। जिससे आमजन को सड़क चौड़ी होने का कोई लाभ नहीं मिला है।  यही हालत गीता भवन के सामने  मेन रोड और सेवन वंडर्स के सामने वाली सड़क का है। हर जगह पर चौड़ी सड़क बनाने के बाद भी वह संकरी होती जा रही है। जानकारों के अनुसार ऐसा लग रहा है जैसे प्रशासन द्वारा आमजन के लिए नहीं निजी बसों के लिए सड़को को चौड़ा कर उन्हें खड़े करने की जगह दी जा रही है। </p>
<p><strong>करोड़ों टैक्स देने के बाद भी पार्किंग नहीं</strong><br />निजी बस संचालकों के अध्यक्ष सत्य नारायण साहू का कहना है कि सरकार द्वारा निजी बसों के लिए कोई सुविधा नहीं दी जा रही है। कोटा में वर्तमान में करीब 400 निजी बसें हैं। ये बसें पूरे देश में जाती हैं। रोड टैक्स समेत करोड़ों रुपए सालना टैक्स निजी बस संचालकों से बसूल किया जा रहा है। लेकिन सुविधा के नाम पर एक पार्किंग व स्टैंड तक नहीं बनाया जा सका। जबकि रोडवेज बसों के लिए सरकार करोड़ों रुपए बस स्टैंड के रखरखाव के नाम पर ही खर्च कर रही है। साहू ने बताया कि सरकार व प्रशासन से कई सालों से पार्किंग की मांग कर रहे हैं। पार्किंग की जगह नहीं होने से आॅपरेटर कहीं तो बस खड़ी करेगा। रात के समय बाहर से आने  पर ड्राइवर को जहां जगह मिलती हैै वहां बस खड़ी कर देते हैं। उन्होंने कहा कि जब तक पार्किंेग व स्टैंड की सुविधा नहीं दी जाएग़ी तब तक इस तरह की समस्या बनी रहेगी। उसका कोई स्थायी समाधान नहीं है। प्रशासन द्वारा कभी यहां से तो कभी वहां से बसों को हटाया जाता है। लेकिन उन्हें खड़ी करने की जगह तक नहीं बता पा रहा है। पूर्व में 80 फीट रोड पर जगह दी थी। लेकिन वह जगह भी सिटी बसों के लिए आवंटित कर दी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/private-buses-camp-on-wide-roads/article-32418</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/private-buses-camp-on-wide-roads/article-32418</guid>
                <pubDate>Thu, 15 Dec 2022 15:34:51 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-12/chauri-sadako-par-niji-baso-ka-dera...kota-news..15.12.2022.jpg"                         length="182796"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        