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                <title>pending cases - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>pending cases RSS Feed</description>
                
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                <title>पालनहार योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन और खाद्य सुरक्षा योजना के प्रकरणों का निस्तारण होने पर ही लूंगा वेतन: अरुण कुमार </title>
                                    <description><![CDATA[कलक्टर अरुण हसीजा ने जिले में लंबित पेंशन और पालनहार योजनाओं के निस्तारण तक अपना वेतन रोकने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/rajsamand/arun-kumar-i-will-take-salary-only-after-the-cases/article-139965"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/arun.png" alt=""></a><br /><p>राजसमंद। अगर किसी को सुशासन, सेवा और सच्चे नेतृत्व का उदाहरण देखना हो, तो वो राजसमंद के कलक्टर अरुण कुमार हसीजा की ओर देख सकता है। उनका एक संकल्प आज प्रशासनिक हलके में चचार्ओं का विषय बना हुआ है। हसीजा ने अपनी जिम्मेदारी को इतना अहम माना कि उन्होंने यह घोषणा कर दी है कि जब तक जिले में पालनहार योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (एनएफएसए) के सभी लंबित प्रकरणों का शत-प्रतिशत निस्तारण नहीं हो जाता, तब तक वे खुद अपना वेतन नहीं लेंगे। </p>
<p><strong>कदम प्रशासनिक ईमानदारी का प्रतीक</strong></p>
<p>यह कदम न केवल प्रशासनिक ईमानदारी का प्रतीक है, बल्कि एक गहरी मानवीय संवेदनाओं से प्रेरित है। उन्होंने कहा, जब तक उस बच्चे को पालनहार योजना की राशि समय पर नहीं मिलती, जिसका पिता अब इस दुनिया में नहीं है, तब तक मैं खुद को एक जिम्मेदार अधिकारी नहीं मान सकता। इस कदम ने प्रशासनिक सेवा के सिद्धांतों को एक नए आयाम में ला खड़ा किया है, जहां अधिकारी सिर्फ कागजों पर नहीं, बल्कि दिल से भी जनता की सेवा में तत्पर रहते हैं। हसीजा ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने इस फैसले से सिर्फ नतीजों का ही नहीं, बल्कि कार्यशैली का भी महत्व समझाया है। </p>
<p><strong>पात्र लाभार्थियों को उनका हक दिलाने का संकल्प</strong></p>
<p>28 जनवरी तक पालनहार सत्यापन का काम पूरा करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं, साथ ही बुजुर्गों, दिव्यांगों और एकल नारियों के पेंशन सत्यापन के कार्य को भी प्राथमिकता दी गई है। साथ ही, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के पात्र लाभार्थियों को इस महीने ही उनका हक दिलाने का संकल्प लिया गया है।</p>
<p><strong>शत-प्रतिशत सत्यापन तक मत बनाना वेतन बिल</strong></p>
<p>कलक्टर ने अधिकारियों को प्रेरित करने के लिए दंडात्मक कार्रवाई का रास्ता छोड़कर एक नया तरीका अपनाया है। उन्होंने कलक्ट्रेट के लेखाधिकारी को आदेश दिए हैं कि जब तक जिले के सभी एसडीएम अपने क्षेत्रों में शत-प्रतिशत सत्यापन का प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं करते, तब तक जनवरी का वेतन बिल तैयार नहीं किया जाए। रविवार को अवकाश के बावजूद, जिले का पूरा प्रशासनिक अमला, तहसीलदार और विकास अधिकारी मैदान में उतरे और अपनी जिम्मेदारी निभाने में जुट गए। यह दृढ़ संकल्प न केवल प्रशासनिक दुनिया के लिए एक उदाहरण है, बल्कि हर उस व्यक्ति के लिए एक प्रेरणा भी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>राजसमंद</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 18 Jan 2026 17:35:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>धारा 55 एवं 57 के लम्बित प्रकरणों की जांच निर्धारित समय अवधि में करें पूरी, मंजू राजपाल ने अधिकारियों को दिए निर्देश </title>
                                    <description><![CDATA[ सहकारिता विभाग की प्रमुख शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां मंजू राजपाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/check-pending-cases-of-sections-55-and-57-within-the/article-117311"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/news-(3)17.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। सहकारिता विभाग की प्रमुख शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां मंजू राजपाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राजस्थान सहकारी सोसायटी अधिनियम-2001 की धारा 55 एवं 57 के तहत लम्बित प्रकरणों की जांच निर्धारित समय अवधि में पूरी कर जांच परिणाम जारी किए जाएं। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने लम्बित पुराने प्रकरणों के निस्तारण में देरी कर रहे अधिकारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। </p>
<p>राजपाल शुक्रवार को नेहरू सहकार भवन में वीसी के माध्यम से राजस्थान सहकारी सोसायटी अधिनियम-2001 की धारा 55, 57 (1) एवं 57 (2) के तहत लम्बित प्रकरणों की समीक्षा कर रही थीं। उन्होंने पुराने प्रकरणों के निस्तारण में हो रही देरी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि अधिकारी अपनी कार्यशैली में बदलाव लाकर प्रकरणों का शीघ्र निपटारा करें। स्पष्ट निर्देशों के बावजूद लापरवाही बरत रहे अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि केवल बार-बार नोटिस देकर प्रकरण को लम्बित नहीं रखा जाए। साथ ही, जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट तत्काल सबमिट की जाए। </p>
<p>प्रमुख शासन सचिव ने कहा कि सहकारी समितियों में अनियमितताओं के प्रकरणों से आमजन का सहकारिता में विश्वास कम होता है। इसलिए जांच अधिकारी ऐसे प्रकरणों में पूरी ईमानदारी से जांच कर अपनी रिपोर्ट दें। वरिष्ठ अधिकारी भी यह ध्यान रखें कि पर्यवेक्षणीय लापरवाही नहीं हो। राजपाल ने निर्देश दिए कि नए प्रकरणों का भी मुख्यालय से जारी परिपत्र के अनुसार तीन माह की अवधि में आवश्यक रूप से निस्तारण किया जाए। साथ ही, न्यायालय में विचाराधीन प्रकरणों का भी शीघ्र निस्तारण करवाने का प्रयास किया जाए। उन्होंने कहा कि अधिक लम्बित प्रकरणों वाले तीन खण्डों (जयपुर, जोधपुर एवं बीकानेर) की जुलाई माह में फिर से समीक्षा की जाएगी। </p>
<p>बैठक में एक वर्ष से कम, एक से 3 वर्ष, तीन से पांच वर्ष एवं पांच वर्ष से अधिक समय से लम्बित प्रकरणों की खण्डवार समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बैठक में अवगत कराया कि वर्ष 2024-25 में कुल 869 प्रकरणों का निस्तारण किया गया, जिनमें धारा 55 के 249, धारा 57 (1) के 342 एवं धारा 57 (2) के 278 प्रकरण शामिल हैं। इसी प्रकार, वर्ष 2025-26 में 31 मई तक 94 प्रकरणों का निस्तारण किया जा चुका है, जिनमें धारा 55 के 20, धारा 57 (1) के 42 एवं धारा 57 (2) के 32 प्रकरण शामिल हैं। उन्होंने बताया कि जयपुर, बीकानेर, जोधपुर एवं भरतपुर खण्ड में प्रकरणों के निस्तारण की प्रगति अच्छी रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Jun 2025 18:11:17 +0530</pubDate>
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                <title>देश की अदालतों में करीब पांच करोड़ मामले लंबित</title>
                                    <description><![CDATA[इसके लिए सरकार जिम्मेदार नहीं है। बल्कि सर्वोच्च न्यायालय के जरिए ही यह काम होता है। इसमें सरकार की कोई भूमिका नहीं होती है। गौरतलब है कि पिछले दिनों से कानून मंत्री अपने बयानों को लेकर चर्चा में हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/about-five-crore-cases-are-pending-in-the-courts-of/article-32479"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-12/q-65.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। केन्द्र सरकार ने एक बार फिर से राष्ट्रिय न्यायिक नियुक्ति आयोग (एनजेएसी) की जरुरत पर बल दिया है। सरकार का कहना है कि इसके अभाव में अदालतों में समय पर पर्याप्त जजों की नियुक्ति नहीं हो पा रही। जिससे देशभर की अदालतों में करीब पांच करोड़ मामले लंबित हैं। इससे अंतिम रुप में आम जनता ही परेशान होती है। असल में, संसद के उच्च सदन राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने अदालतों में लंबित मामलों को लेकर सवाल पूछा था। जिसके जवाब में कानून मत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि समय पर जजों की नियुक्ति नहीं हो पाती है।</p>
<p>इसके लिए सरकार जिम्मेदार नहीं है। बल्कि सर्वोच्च न्यायालय के जरिए ही यह काम होता है। इसमें सरकार की कोई भूमिका नहीं होती है। गौरतलब है कि पिछले दिनों से कानून मंत्री अपने बयानों को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने लगातार सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालयों में जजों की नियुक्ति संबंधी कोलेजियम सिस्टम पर सवाल उठाया है। जिस पर देश की सबसे बड़ी अदालत ने भी आपत्ति दर्ज करवाई है। कानून मंत्री ने उच्च सदन में कहा कि संसद के दोनों सदनों द्वारा सर्वसम्मति एवं देश के दो तिहाई राज्यों की सहमति के बावजूद एनजेएसी लागू नहीं हो सका। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। इसीलिए समय पर लंबित मामलों का निपटारा नहीं हो पा रहा। बल्कि यह आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 16 Dec 2022 11:10:25 +0530</pubDate>
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