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                <title>Defense Minister Rajnath Singh - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Defense Minister Rajnath Singh RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का जैसलमेर दौरा, कहा- पाकिस्तान को ऑपरेशन सिंदूर में ठीक-ठाक डोज दे दिया, अब वह कुछ भी करने से पहले 100 बार सोचेगा</title>
                                    <description><![CDATA[रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि अभी कुछ दिनों पहले ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को ठीक-ठाक डोज दे दिया गया है। अब कुछ भी मिस एडवेंचर करने से पहले वह 100 बार सोचेगा। अगर पाकिस्तान ने दोबारा कोई मिस एडवेंचर किया, तो उसका परिणाम क्या होगा। यह पाकिस्तान को भी बहुत अच्छे से पता है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaisalmer/defense-minister-rajnath-singhs-visit-to-jaisalmer-said-pakistan/article-130380"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/111-(5)6.png" alt=""></a><br /><p>जैसलमेर। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि अभी कुछ दिनों पहले ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को ठीक-ठाक डोज दे दिया गया है। अब कुछ भी मिस एडवेंचर करने से पहले वह 100 बार सोचेगा। अगर पाकिस्तान ने दोबारा कोई मिस एडवेंचर किया, तो उसका परिणाम क्या होगा। यह पाकिस्तान को भी बहुत अच्छे से पता है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है, उसे सिर्फ स्थगित किया गया है। लेकिन फिर भी मैं यह कहूंगा, कि हमें हर तरीके से, हमेशा अलर्ट रहने की आवश्यकता है। रक्षा मंत्री जैसलमेर क्षेत्र में शौर्य पार्क के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शाम को जैसलमेर पहुंचे। यहां उन्होंने शौर्य पार्क और कैक्टस पार्क का उद्घाटन किया। इन स्थलों में भारतीय सेना के इतिहास, युद्धों और वीर जवानों की गाथाएं प्रदर्शित की गई। रक्षा मंत्री सुबह तनोट और लोंगेवाला जाएंगे। वहां जवानों से मुलाकात करेंगे और शहीदों को श्रद्धांजलि देंगे। इसके बाद आर्मी कमांडर्स कॉन्फ्रेंस में शामिल होंगे। शाम को दिल्ली लौटेंगे।</p>
<p><strong>तीन दिन तक आर्मी कमांडर्स कॉन्फ्रेंस </strong><br />गौरतलब है कि 23 से 25 अक्टूबर, यानी तीन दिन तक आर्मी कमांडर्स कॉन्फ्रेंस जैसलमेर में हो रही है। जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सेना के अधिकारियों के साथ देश की सुरक्षा व्यवस्था और सैन्य तैयारियों को लेकर चर्चा करेंगे। यह सम्मेलन मई में हुए ऑपरेशन सिंदूर के बाद सेना कमांडरों की पहली बड़ी बैठक है। इससे पहले इसी माह दिल्ली में सम्मेलन का पहला चरण आयोजित किया गया था।</p>
<p><strong>अग्निवीरों की स्थाई सेवा बढ़ाने पर होगा मंथन</strong><br />थलसेना के उच्च अधिकारियों का वार्षिक आर्मी कमांडर्स सम्मेलन इस बार सीमांत जिले जैसलमेर में आयोजित किया जा रहा है। यह बैठक कई मायनों से विशेष मानी जा रही है, क्योंकि इसमें देश की सैन्य नीति से जुड़े कई अहम फैसले लिए जा सकते हैं। सबसे प्रमुख अग्निवीरों की स्थायी नियुक्ति 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 75 प्रतिशत तक करने का प्रस्ताव रखा जाएगा। अग्निवीर योजना की समीक्षा- सूत्रों के अनुसार, अग्निवीर योजना के तहत भर्ती हुए पहले बैच के जवान अगले वर्ष अपनी चार वर्षीय सेवा पूरी करेंगे। ऐसे में उनकी पुनर्नियुक्ति और भविष्य की योजना तय करने को लेकर यह बैठक निर्णायक साबित हो सकती है। सम्मेलन में बढ़ती वेटरन (पूर्व सैनिक) संख्या को देखते हुए उनके अनुभव के उपयोग के विकल्पों पर भी चर्चा होगी।  </p>
<p><strong>इस पर रहेगा फोकस</strong><br />सम्मेलन में थलसेना, नौसेना और वायुसेना के बीच तालमेल और एकजुटता बढ़ाने के उपायों पर विशेष जोर दिया जाएगा। इसमें साझा प्रशिक्षण, उपकरणों का मानकीकरण, लॉजिस्टिक व सप्लाई चेन सुधार, कर्मियों का आपसी स्थानांतरण और सामाजिक संवाद बढ़ाने जैसे कदमों पर चर्चा होगी। इन प्रयासों का उद्देश्य भविष्य में थिएटर कमांड्स की स्थापना के लिए मजबूत आधार तैयार करना है। जैसलमेर सम्मेलन में सेना की ऑपरेशनल तैयारियों की भी व्यापक समीक्षा होगी।   </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जैसलमेर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Oct 2025 10:51:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पाक से दोस्ताना संबंध होते तो भारत बड़ा राहत पैकेज देता: राजनाथ</title>
                                    <description><![CDATA[ मेरे पाकिस्तानी दोस्तों, हमारे बीच तनावपूर्ण संबंध क्यों हैं, हम पड़ोसी हैं। अगर हमारे बीच अच्छे संबंध होते, तो हम आईएमएफ से अधिक पैसे देते। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/had-india-had-friendly-relations-with-pakistan-rajnath-would-have/article-91957"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/4427rtrer-(9)3.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। एक दिन पहले ही उत्तर प्रदेश के सीएम और दिग्गज बीजेपी नेता योगी आदित्यनाथ ने पाकिस्तान को लेकर बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान जल्द ही तीन हिस्सों में बंट जाएगा। उनका ये बयान ऐसे समय में आया जब पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ को खुद पर हमले का डर सता रहा। उन्हें भारत की बढ़ती सैन्य क्षमता से खौफ पैदा हो गया है। ये बात उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में कही। अभी इस मुद्दे पर घमासान मचा ही था इसी बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अहम टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान के साथ दोस्ताना संबंध होते तो भारत उसे बड़ा राहत पैकेज देता।</p>
<p> </p>
<p><strong>राजनाथ ने पाकिस्तान को जमकर सुनाया</strong><br />जम्मू-कश्मीर में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि अगर पड़ोसी देश ने भारत के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध बनाए रखे होते तो भारत, पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से मांगे गए पैकेज से भी बड़ा राहत पैकेज देता। बांदीपुरा जिले के गुरेज विधानसभा क्षेत्र में केंद्रीय रक्षा मंत्री चुनावी रैली को संबोधित कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से 2014-15 में जम्मू-कश्मीर के लिए घोषित प्रधानमंत्री विकास पैकेज का जिक्र किया।</p>
<p><strong>हम दोस्त बदल सकते हैं, पड़ोसी नहीं बदल सकते</strong><br />बीजेपी के दिग्गज नेता राजनाथ सिंह ने कहा कि पीएम मोदी ने 2014-15 में जम्मू-कश्मीर के विकास के लिए विशेष पैकेज की घोषणा की थी। ये अब 90,000 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। यह पैकेज पाकिस्तान के आईएमएफ से मांगी गई राशि (राहत पैकेज के रूप में) से कहीं अधिक है। राजनाथ ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के चर्चित कमेंट का उल्लेख किया कि हम दोस्त बदल सकते हैं, लेकिन पड़ोसी नहीं बदल सकते।</p>
<p><strong>अगर हमारे संबंध अच्छे होते तो...</strong><br />राजनाथ सिंह ने कहा कि मेरे पाकिस्तानी दोस्तों, हमारे बीच तनावपूर्ण संबंध क्यों हैं, हम पड़ोसी हैं। अगर हमारे बीच अच्छे संबंध होते, तो हम आईएमएफ से अधिक पैसे देते। उन्होंने आगे कहा कि केंद्र जम्मू-कश्मीर को विकास के लिए धन देता है जबकि पाकिस्तान लंबे समय से वित्तीय सहायता का दुरुपयोग कर रहा है। वह अपनी धरती पर आतंकवाद की फैक्ट्री चलाने के लिए दूसरे देशों से पैसे मांगता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 30 Sep 2024 13:11:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अग्निवीर योजना को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में बोला अर्द्धसत्य: कांग्रेस</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस ने कहा है कि सेना में भेदभाव हो रहा है और स्थायी सैनिकों की तुलना में अग्निवीरों को कम सम्मान, सुविधाएं मिलने के साथ ही शहादत की स्थिति में उन्हें शहीद का दर्जा भी नहीं मिल रहा है और उनके परिजनों को अपेक्षाकृत बहुत कम राशि दी जा रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/defense-minister-rajnath-singh-said-half-truth-in-parliament-regarding/article-83673"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/photo-size-(6)1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस ने कहा है कि सेना में भेदभाव हो रहा है और स्थायी सैनिकों की तुलना में अग्निवीरों को कम सम्मान, सुविधाएं मिलने के साथ ही शहादत की स्थिति में उन्हें शहीद का दर्जा भी नहीं मिल रहा है और उनके परिजनों को अपेक्षाकृत बहुत कम राशि दी जा रही है।</p>
<p>कांग्रेस के पूर्व सैनिक विभाग के प्रमुख कर्नल रोहित चौधरी तथा सेवानिवृत्त विंग कमांडर अनुमा विदिशा ने गुरुवार को यहां पार्टी मुख्यालय में संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा कि संसद में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अग्निवीरों को लेकर गलत बयानी की है, जिसके कारण भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है। रक्षा मंत्री की आधी-अधूरी जानकारी देने से संशय का माहौल बन गया है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्री ने कहा है कि अग्निवीरों के शहीद होने पर एक करोड़ रुपए उनके परिजनों को दिए जाते हैं लेकिन अब तक 13 अग्निवीर शहीद हुए हैं और सबके परिजनों को एक करोड़ रुपये की राशि नहीं दी गई है। उन्होंने इसे सेना के साथ भेदभाव बताया और कहा कि दो तरह के सैनिक नहीं हो सकते और ना ही सैनिक दो तरह से शहीद हो सकते हैं। स्थायी सैनिक और अग्निवीर सैनिक यदि शहीद होते हैं तो एक को शहीद का सम्मान मिलता है तो दूसरे को नहीं मिलता है। यह सिर्फ एक सैनिक का मामला नहीं है बल्कि शहीद हुए 13 अग्निवीरों, सेना में सेवारत अग्निवीरों और ट्रेनिंग ले रहे  अग्निवीरों तथा देश की सुरक्षा का मामला है इसलिए सरकार सेना की स्थिति पर श्वेत पत्र लाए ताकि हर चीज का बारीक विवरण उपलब्ध हो सके।</p>
<p>कर्नल चौधरी ने कहा कि रक्षा मंत्री ने अर्द्धसत्य संसद के पटल पर रखा है और कहा है कि अग्निवीर के परिजनों को एक करोड़ रुपये दिए जाते हैं। सच यह है कि स्थायी सैनिक के परिजनों को शहीद होने पर करीब सवा दो करोड़ रुपए मिलते हैं। अग्निवीर को शहीद का  दर्जा तक नहीं दिया जाता, जबकि स्थायी सैनिक को शहीद का दर्जा मिलता है। अब तक सिर्फ एक ही अग्निवीर शहीद के परिजनों को ही एक करोड़  रुपए दिये गये हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि अग्निवीर यदि पहले दिन ही शहीद  होता है तो उसके परिजनों को एक करोड़ रुपए दिए जाते हैं और चार साल तक वेतन मिलता है, लेकिन स्थायी सैनिक के परिजनों को 16 साल तक पूरी सेलरी  और ग्रेच्युटी दी जाती है। यह बहुत बड़ा भेदभाव है और इसको खत्म करने के लिए अग्निवीर योजना को समाप्त किया जाना चाहिए। उनका कहना था कि  यदि कांग्रेस सत्ता में आती है, तो इस योजना को खत्म किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे सैनिक कम हो रहे हैं और सीमाओं की  सुरक्षा के लिए जवानों की संख्या घट रही हे। इसी का परिणाम है कि अर्धसैनिक बलों से जवानों को लिया जा रहा है और सैनिकों की जगह उनसे काम कराया जा  रहा है।</p>
<p>कर्नल चौधरी ने कहा कि कांग्रेस जनता के प्रति जवाबदेह है और जनता से जुड़े जो सवाल वह सरकार से पूछ रही है, उनका सरकार को जवाब देना चाहिए। इन मुद्दों पर सवाल करना कांग्रेस का फर्ज है। इस फर्ज को पूरा करने के लिए कांग्रेस का जनता से वादा है कि वह सड़क से संसद तक जनता  के मुद्दों की लड़ाई लड़ेगी। विपक्ष के नेता राहुल गांधी का कहना है कि देश के सैनिकों, सेना और शहीदों के साथ  भेदभाव नहीं होना चाहिए। सेना में पुरानी भर्ती प्रक्रिया लागू की जानी चाहिए और सेना के लिए चयनित 1.5 लाख युवाओं का स्थायी प्रबंधन किया जाना चाहिए।</p>
<p>सेवानिवृत्त विंग कमांडर अनुमा विदीश ने कहा कि अग्निपथ योजना को लेकर मोदी सरकार लगातार गुमराह कर रही है।</p>
<p>यह योजना तुरंत खत्म होनी चाहिए, क्योंकि इस योजना को लेकर सेना से कोई बातचीत नहीं की गई थी। यदि किसी भी अग्निवीर से पूछा जाए कि क्या उसे स्थायी भर्ती चाहिए तो वह इस बात से इंकार नहीं करेगा। ऐसे में सरकार इस पर श्वेत पत्र जारी करे। सेवानिृत्त ङ्क्षवग कमांडर राजनाथ सिंह जी को भी स्पष्टीकरण देना चाहिए कि अग्रिपथ योजना लाने से पहले उन्होंने सेना से सलाह लेने की बजाए किन 158 एजेंसियों से बात की। पहले लगभग 35 लाख लोग सेनाओं में आते थे, लेकिन अब केवल 10 लाख लोग आते हैं। सरकार सैनिकों के साथ राजनीति बंद करे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 04 Jul 2024 18:31:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>देश में बने 45,000 करोड़ रुपये के विमान, अस्त्र-शस्त्र खरीदने के नौ प्रस्ताव मंजूर</title>
                                    <description><![CDATA[रक्षा मंत्रालय की एक विज्ञप्ति के मुताबिक रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में डीएसी की बैठक में सेनाओं के लिए 45,000 करोड़ रुपये के पूंजीगत पूंजीगत अधिग्रहण की आवश्यकता की स्वीकृति के नौ प्रस्तावों में को मंजूरी दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/nine-proposals-approved-to-buy-indigenously-made-aircraft-and-weapons/article-57229"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-09/defence-deal.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। सेनाओं के लिए अस्त्र-शस्त्र खरीदने के प्रस्तावों पर निर्णय करने वाली रक्षा खरीद परिषद (डीएसी) ने रक्षा आपूर्ति क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने वाले एक निर्णय के अंतर्गत वायु सेना के लिए 12 सुखोई-30 एमकेआई विमान और ध्रुवास्त्र प्रक्षेपास्त्र सहित सेना के तीनों अंगों के लिए कुल लगभग 45000 करोड़ रुपये की हथियार प्रणालियों की खरीद के प्रस्तावों को शुक्रवार को मंजूरी दी।</p>
<p>रक्षा मंत्रालय की एक विज्ञप्ति के मुताबिक रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में डीएसी की बैठक में सेनाओं के लिए 45,000 करोड़ रुपये के पूंजीगत पूंजीगत अधिग्रहण की आवश्यकता की स्वीकृति के नौ प्रस्तावों में को मंजूरी दी।</p>
<p>मंत्रालय ने कहा है कि यह सभी खरीद भारतीय आपूर्तिकर्ताओं से की जाएगी। ये सामान भारत में ही डिजाइन किए गए, देश में ही विकसित और विनिर्मित किए गए रक्षा साजो-सामान की खरीद की नीति के तहत की जाएगी। इससे रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 15 Sep 2023 19:03:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्वदेशी हल्का लड़ाकू हेलिकॉप्टर 'प्रचंड' वायु सेना के बेड़े में शामिल</title>
                                    <description><![CDATA[अभी तक वायु सेना विदेशी लड़ाकू हेलिकाप्टरों का इस्तेमाल करती आ रही थी। केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने गत मार्च में ही 15 एलसीएच की खरीद को मंजूरी दी थी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/indigenous-light-combat-helicopter-prachanda-inducted-into-air-force-s-fleet/article-25215"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-10/q-12.jpg" alt=""></a><br /><p>जोधपुर। देश में ही बना पहला बहुउद्देशीय हल्का लड़ाकू हेलिकॉप्टर (एलसीएच) सोमवार को रक्षा मंत्री राजनाथ ङ्क्षसह की मौजूदगी में वायु सेना के बेड़े में शामिल हो गया। </p>
<p>वायु सेना स्टेशन में आयोजित समारोह में हिन्दुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक ने रक्षा मंत्री को एलसीएच की पारंपरिक चाबी सौंपी जिसे बाद में रक्षा मंत्री ने वायु सेना प्रमुख वी आर चौधरी को प्रदान किया। इसके साथ यह हेलिकॉप्टर वायु सेना के हेलिकॉप्टर बेड़े में शामिल हो गया। इस मौके पर देश के दूसरे प्रमुख रक्षा अध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान (सेवानिवृत) भी मौजूद रहे। </p>
<p> एलसीएच को बेड़े में शामिल किये जाने से पहले एक सर्वधर्म प्रार्थना भी की गयी। एलसीएच को बेड़े में शामिल किये जाने के बाद रक्षा मंत्री ने इसका नामकरण करते हुए इसे 'प्रचंड' नाम दिया। अब से इस हेलिकॉप्टर को प्रचंड के नाम से जाना जायेगा। </p>
<p>प्रचंड को बेड़े में शामिल किए जाने के बाद पानी की बौछारों से इसे पारंपरिक सलामी दी गई। अत्याधुनिक मिसाइलों तथा राकेटों से लैस प्रचंड दुश्मन के छक्के छुड़ाने तथा उसे नेस्तानाबूद करने में पूरी तरह सक्षम है। इसे वायु सेना की 143 हेलिकॉप्टर यूनिट में शामिल किया गया है। <br /><br />अभी तक वायु सेना विदेशी लड़ाकू हेलिकाप्टरों का इस्तेमाल करती आ रही थी। केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने गत मार्च में ही 15 एलसीएच की खरीद को मंजूरी दी थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 03 Oct 2022 12:58:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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                <title>जापान की चार दिन की यात्रा पर जाएंगे राजनाथ सिंह और एस जयशंकर</title>
                                    <description><![CDATA[दोनों देशों के बीच यह दूसरी और फूमियो किशिदा के प्रधानमंत्री बनने के बाद पहली टू प्लस टू बैठक है। उल्लेखनीय है कि पहली बैठक 30 नवंबर 2019 को हुई थी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/rajnath-singh-and-s-jaishankar-to-go-on-a-four-day/article-21858"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-09/rajnath.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारत और जापान के बीच विदेश एवं रक्षा मंत्रियों की टू प्लस टू बैठक में भाग लेने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री एस जयशंकर बुधवार को जापान की चार दिन की यात्रा पर जाएंगे। सात से दस सितंबर तक इस यात्रा के दौरान सिंह और डॉ. जयशंकर जापान के रक्षा मंत्री यासुकाजू हामदा और विदेश मंत्री योशिमासा हायेशी के साथ दोनों देशों के बीच टू प्लस टू बैठक में सामरिक संवाद करेंगे। दोनों देशों के बीच यह दूसरी और फूमियो किशिदा के प्रधानमंत्री बनने के बाद पहली टू प्लस टू बैठक है। उल्लेखनीय है कि पहली बैठक 30 नवंबर 2019 को हुई थी जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भारतीय शिष्टमंडल का नेतृत्व किया था जबकि जापानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व वहां के तत्कालीन विदेश मंत्री तोशीमित्शु मोतेगी और रक्षा मंत्री तारो कोनो ने किया था।</p>
<p>भारत और जापान के बीच सामरिक एवं वैश्विक साझीदारी लोकतंत्र, स्वतंत्रता एवं कानून के प्रति सम्मान के साझा मूल्यों पर आधारित है। इस यात्रा के दौरान दोनों पक्ष इस साझीदारी को और सशक्त बनाने के लिए नये कदमों के बारे में विचार विमर्श करेंगे। भारत एवं जापान के बीच टू प्लस टू बैठक ऐसे समय में हो रही है जब हिन्द प्रशांत क्षेत्र में ताइवान को लेकर चीन की आक्रामकता एवं अमेरिका के जवाबी कदमों से भूराजनीतिक माहौल गर्म है।</p>
<p>सूत्रों के अनुसार इस यात्रा के दौरान जापान के दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत जापान संबंधों को नयी ऊंचाइयों पर ले जाने वाले शिंजो आबे के अंतिम संस्कार के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जापान दौरे के बारे में भी बातचीत हो सकती है। जापानी मीडिया में इस आशय के समाचार प्रकाशित हुए हैं कि मोदी दिवंगत नेता के अंतिम संस्कार में भाग लेने आएंगे हालांकि आधिकारिक रूप से इस बारे में कुछ भी नहीं कहा गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 06 Sep 2022 12:06:02 +0530</pubDate>
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                <title>जोधपुर पहुंचे केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह </title>
                                    <description><![CDATA[ केंद्रीय रक्षाा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज सुबह सालवां कलां में वीर शिरोमणि वीर दुर्गादास राठौड़ की 385वीं जयंती के अवसर पर उनकी अश्वारूढ़ मूर्ति का अनावरण किया। बारिश के बीच  मूर्ति का अनावरण देखने क ई ग्रामीण भी पहुंचे। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jodhpur/jodhpur-union-defense-minister-rajnath-singh-reached-jodhpur/article-18979"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-08/raj.jpg" alt=""></a><br /><p>जोधपुर। केंद्रीय रक्षाा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज सुबह सालवां कलां में वीर शिरोमणि वीर दुर्गादास राठौड़ की 385वीं जयंती के अवसर पर उनकी अश्वारूढ़ मूर्ति का अनावरण किया। बारिश के बीच  मूर्ति का अनावरण देखने क ई ग्रामीण भी पहुंचे। उनके साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि भी शामिल रहे।</p>
<p><br />रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शनिवार को जोधपुर आए। उन्होंने सालवा कलां गांव में वीर दुर्गादास की प्रतिमा का अनावरण किया। इसके अलावा वे एयरफोर्स के अधिकारियों के साथ सीमा से जुड़े मसलों पर चर्चा की। साथ ही तिरंगा यात्रा का शुभारंभ किया।</p>
<p><br /><strong>दुर्गादास का पैतृतक गांव सालवांकलां :</strong><br />मारवाड़ के इतिहास में सालवा कलां निवासी वीर दुर्गादास की अहम भूमिका मानी जाती है। उनके पैतृक गांव में आदमकद प्रतिमा स्थापित की गई। इस प्रतिमा का अनावरण करने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जोधपुर आए। वे सुबह 10.40 पर जोधपुर एयरबेस पर उतरें। यहां एयरफोर्स के अधिकारियों के साथ थोड़ी देर चर्चा की। इसके बाद वे पिलार बालाजी से बनाड़ तक की तिरंगा यात्रा को रवाना किया। सुबह 11.45 बजे वे सालवा कलां पहुंची।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जोधपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 13 Aug 2022 15:36:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[jodhpur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>भारत को किसी का आंख दिखाना मंजूर नहीं, सेना में हर चुनौती का मुंहतोड़ जवाब देने की क्षमता: राजनाथ</title>
                                    <description><![CDATA[रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को चीन का नाम लिए बिना कहा कि भारत शांति का पक्षधर है और कभी किसी पर आक्रमण नहीं करता, लेकिन उसे किसी का आंख दिखाना मंजूर नहीं है और उसकी सेना हर तरह की चुनौती का मुंहतोड़ जवाब देने की क्षमता रखती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%86%E0%A4%82%E0%A4%96-%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%96%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%9C%E0%A5%82%E0%A4%B0-%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%82--%E0%A4%B8%E0%A5%87%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B9%E0%A4%B0-%E0%A4%9A%E0%A5%81%E0%A4%A8%E0%A5%8C%E0%A4%A4%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%82%E0%A4%B9%E0%A4%A4%E0%A5%8B%E0%A4%A1%E0%A4%BC-%E0%A4%9C%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%AC-%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%AE%E0%A4%A4%E0%A4%BE--%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%A5/article-919"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-06/e49lbm2voaie8wb.jpg" alt=""></a><br /><p>लेह। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को चीन का नाम लिए बिना कहा कि भारत शांति का पक्षधर है और कभी किसी पर आक्रमण नहीं करता, लेकिन उसे किसी का आंख दिखाना मंजूर नहीं है और उसकी सेना हर तरह की चुनौती का मुंहतोड़ जवाब देने की क्षमता रखती है। सेना प्रमुख मनोज मुकुंद नरवणे के साथ लेह और लद्दाख के 3 दिन के दौरे पर गए सिंह ने सोमवार को लद्दाख के कारू सैन्य स्टेशन में सेना की 14वीं कोर के अधिकारियों और जवानों से बात की। बाद में उन्हें संबोधित करते हुए उन्होंने पिछले वर्ष चीनी सैनिकों के साथ हिंसक झड़प में शहीद हुए देश के जांबाज सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि मैं सबसे पहले उन सभी जवानों की स्मृतियों को नमन करता हूं, जिन्होंने जून 2020 में गलवान घाटी में देश के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। मैं यह भी कहना चाहता हूं कि यह देश उनके बलिदान को कभी नहीं भूलेगा उन्होंने सेना द्वारा इस दौरान दिखाए गए शौर्य की सराहना की और कहा कि देश को उस पर गर्व है।<br /> <br /> रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत पड़ोसी देशों के साथ बातचीत के जरिए समस्याओं का समाधान निकालने की इच्छा रखता है लेकिन देश की सुरक्षा के साथ किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हम विश्वशांति के पुजारी हैं। हम शस्त्र भी धारण करते हैं तो शांति की स्थापना के लिए। भारत ने आज तक किसी भी देश पर न तो आक्रमण किया है न ही किसी भी देश की एक इंच जमीन पर कब्जा किया है। पड़ोसी देशों के साथ बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश की जानी चाहिए। मंशा साफ होनी चाहिए। हम न तो किसी को आंख दिखाना चाहते हैं, न किसी का आंख दिखाना मंज़ूर है। हमारी सेना में हर चुनौती का मुंहतोड़ जवाब देने की क्षमता है। सशस्त्र सेनाओं को सरकार की ओर से हरसंभव समर्थन का आश्वासन देते हुए उन्होंने कहा कि सरकार का विजन है कि सेना का मजबूत होना जरूरी है जिससे कि वह किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए हमेशा तैयार रह सके। <br /> <br /> सिंह ने कहा कि 14वीं कोर की तीसरी डिवीजन की स्थापना 1962 में भारत-चीन युद्ध के दरमियान हुई थी। स्थापना के कुछ वर्षों में ही 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में उसने निर्णायक भूमिका निभाई। कारगिल युद्ध में भी उसके वीरता के कारनामों ने देशवासियों का सिर ऊंचा किया। 14वीं कोर के सैनिकों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि आपके वीरतापूर्ण कारनामों की वजह से ही आपको त्रिशूल डिविजन के नाम से अलंकित किया गया है। आज आप भगवान शंकर के त्रिशुल के समान प्रचंड होकर देश की उत्तरी सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं और मुझे पूरा विश्वास है कि सीमा पर उभरती किसी भी परिस्थिति का सामना करने में आप सक्षम हैं। इस मौके पर उत्तरी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल वाई के जोशी और 14वीं कोर के जनरल ऑफिसर इन कमान लेफ्टिनेंट जनरल पी जी के मेनन तथा कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 28 Jun 2021 17:54:16 +0530</pubDate>
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