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                <title>yamuna river - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>yamuna river RSS Feed</description>
                
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                <title>अपर यमुना रिवर बोर्ड की कल नोएडा में बैठक, जल प्रगति पर होगी अहम चर्चा</title>
                                    <description><![CDATA[यमुना जल बंटवारे और परियोजनाओं की प्रगति को लेकर अपर यमुना रिवर बोर्ड की महत्वपूर्ण बैठक गुरुवार को नोएडा में होगी। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल करेंगे। इस उच्चस्तरीय बैठक में यमुना नदी से जुड़े सभी राज्यों के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। राजस्थान और हरियाणा से शीर्ष स्तरीय अधिकारी बैठक में भाग लेंगे। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/upper-yamuna-river-board-meeting-tomorrow-in-noida-important-discussion/article-133690"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/11-(1200-x-600-px)-(18)1.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। यमुना जल बंटवारे और परियोजनाओं की प्रगति को लेकर अपर यमुना रिवर बोर्ड की महत्वपूर्ण बैठक गुरुवार को नोएडा में होगी। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल करेंगे। इस उच्चस्तरीय बैठक में यमुना नदी से जुड़े सभी राज्यों के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। राजस्थान और हरियाणा से शीर्ष स्तरीय अधिकारी बैठक में भाग लेंगे। राजस्थान की ओर से जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता भुवन भास्कर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहेंगे। बैठक में राजस्थान में यमुना जल उपयोग, परियोजनाओं की प्रगति और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।</p>
<p>बताया जा रहा है कि हथिनी कुंड से हासियावास तक यमुना जल परियोजना के अलाइंमेंट को अंतिम रूप दिया जा सकता है। राजस्थान इस अलाइंमेंट के तीन विकल्प पहले ही हरियाणा सरकार को सौंप चुका है, लेकिन हरियाणा की अंतिम सहमति का अभी इंतजार है। बैठक में दोनों राज्यों के बीच लंबित मुद्दों, तकनीकी बिंदुओं और जल आवंटन से संबंधित पहलुओं पर भी गंभीर चर्चा होने की उम्मीद है। उम्मीद है कि इस बैठक से परियोजना को तेजी देने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय सामने आ सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 26 Nov 2025 16:30:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से 1.5 मीटर ऊपर : निचले इलाके के घरों में घुसा पानी, दिल्ली में बने बाढ़ के हालात </title>
                                    <description><![CDATA[हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण बुधवार सुबह दिल्ली में यमुना खतरे के निशान से 1.50 मीटर ऊपर पहुंच गई। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/water-level-of-yamuna-entered-the-houses-of-the-lower/article-125704"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/(630-x-400-px)4.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण बुधवार सुबह दिल्ली में यमुना खतरे के निशान से 1.50 मीटर ऊपर पहुंच गई। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, पुराने रेलवे पुल पर आज सुबह 10 बजे यमुना का जलस्तर 206.89 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 1.56 मीटर ऊपर है। यहां खतरे का निशान 205.33 मीटर पर है।</p>
<p>यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ने से नदी के किनारे निचले इलाके के घरों में पानी घुस गया है और बड़ी संख्या में लोग दूसरी जगहों पर जाने या राहत शिविरों में शरण लेने के लिए मजबूर हुए हैं।  हथिनीकुंड बैराज से लगातार लाखों क्यूसेक पानी छोड़े जाने से दिल्ली में बाढ़ के हालात बने हैं। सरकार ने लोगों को भरोसा दिलाया है कि प्रशासन किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। मौसम विभाग ने अगले छह दिन के लिए कोई चेतावनी जारी नहीं की है, हालांकि 7 सितंबर तक दिल्ली में बारिश की संभावना व्यक्त की गई है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Sep 2025 16:03:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>शेखावाटी को यमुना का पानी दिलाने के फैसले पर सरकार का आभार, सालों से था इंतजार : महरिया </title>
                                    <description><![CDATA[यमुना का पानी लाने के लिए सरकार ने हरियाणा से केंद्र सरकार की मध्यस्थता से समझौता किया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/mahariya-was-waiting-for-years-to-thank-the-government-for/article-100304"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/13.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद और शेखावाटी के किसान नेता सुभाष महरिया ने बयान जारी कर कहा कि शेखावाटी को सालों से यमुना के पानी का इंतजार था, लेकिन अब मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने उनकी इस मांग को पूरा करने के लिए कदम उठाया है। यमुना के पानी शेखावाटी में आने के बाद 85 लाख लोगों को इसका फायदा होगा। वहीं यमुना से 577 एमसीएम पानी जो की शेखावाटी के हिस्से का है उसे मिलेगा।  </p>
<p>उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने शेखावाटी के धोद विधानसभा क्षेत्र में इस समझौते की घोषणा की थी। यमुना का पानी लाने के लिए सरकार ने हरियाणा से केंद्र सरकार की मध्यस्थता से समझौता किया है। इसके लिए हम मुख्यमंत्री का आभार जताते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Jan 2025 15:31:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>राजस्थान को यमुना का 1917 क्यूसेक जल आवंटित, लेकिन 30 साल में पानी लाने का नहीं बन सका कैरियर सिस्टम</title>
                                    <description><![CDATA[भजनलाल सरकार ने फरवरी 2024 में सीकर, चूरू और झुंझुनूं को यमुना का पानी उपलब्ध कराने के लिए किया था एमओयू]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/1917-cusecs-of-yamuna-water-allotted-to-rajasthan-but-carrier/article-100079"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/5554-(4)7.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। यमुना जल पर मई 1994 में हुए संपादित समझौते के अनुसार राजस्थान को हरियाणा स्थित ताजेवाला हेड पर मानसून के दौरान 1917 क्यूसेक जल मिलना चाहिए, लेकिन राज्य को हरियाणा ने कभी पूरा पानी नहीं उपलब्ध कराया। वर्तमान में ताजेवाला हेड से राजस्थान को जल लाने के लिए केरियर सिस्टम उपलब्ध नहीं है। राज्य की ओर से वर्ष 2003 में हरियाणा की नहरों को रिमॉडलिंग कर राजस्थान में यह जल लाए जाने के लिए एवं पुन: वर्ष 2017 में भूमिगत प्रवाह प्रणाली के माध्यम से जल लाने के लिए हरियाणा सरकार को एमओयू भेजा गया, जिस पर हरियाणा राज्य की सहमति प्राप्त नहीं हो सकी थी। पिछले 30 वर्षों के दौरान राजस्थान की ओर से लगातार इस मुद्दे को अपर यमुना रिव्यू कमिटी और अन्य अंतराज्यीय बैठकों में निरंतर रखा गया।</p>
<p><strong>प्रथम चरण की संयुक्त डीपीआर</strong><br />मुख्यमंत्री भजनलाल सरकार ने सत्ता संभालने के बाद ताजेवाला हेड वर्क्स से राजस्थान के तीन जिलों को यमुना का पानी उपलब्ध कराने के लिए केन्द्र के सार्थक प्रयासों से प्रथम चरण की संयुक्त रूप से डीपीआर बनाने के लिए हरियाणा के त्रिपक्षीय एमओयू पर हस्ताक्षर किए। फरवरी 2024 में ताजेवाला हेड पर आवंटित जल के राजस्थान में पेयजल उपयोग के लिए नई दिल्ली में एमओयू हुआ। </p>
<p><strong>अधिकारियों की ज्वाइंट टास्क फोर्स बनेगी: सीएम</strong><br />हाल ही दिल्ली में केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री सी.आर.पाटिल के साथ हरियाणा सीएम की मौजूदगी में चर्चा के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि यमुना जल समझौता दोनों राज्यों के लिए यह बहुत अच्छा समझौता है। राजस्थान का शेखावाटी अंचल लंबे समय से यमुना जल का इंतजार कर रहा है। अब वो इंतजार खत्म होने जा रहा है और जल्द ही अधिकारियों की ज्वाइंट टास्क फोर्स डीपीआर का काम शुरू करेगी।</p>
<p><strong>290 किलोमीटर भूमिगत पाइपलाइन डलेगी</strong><br />प्रोजेक्ट के तहत करीब 290 किलोमीटर लंबी भूमिगत पाइपलाइनों के माध्यम से यमुना नदी का पानी राज्य के तीन जिलों सीकर, चूरू और झुंझुनूं को उपलब्ध कराया जाएगा। यह परियोजना दोनों राज्यों के लिए हितकारी साबित होगी। शेखावाटी के इन तीनों जिलों में पीने के पानी की खासकर ज्यादा समस्या रहती है। ऐसे में इस परियोजना के धरातल पर आने के बाद इन जिलों की पीने के पानी की समस्या का स्थाई समाधान हो सकेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Jan 2025 09:39:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>किसे है जहरीली यमुना नदी की चिंता</title>
                                    <description><![CDATA[ हरियाणा और दिल्ली की जीवनदायिनी यमुना की किसी को चिन्ता नहीं है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/who-is-worried-about-poisonous-yamuna-river/article-91399"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/yamuna.png" alt=""></a><br /><p>आज यमुना की चिंता किसी को नहीं है। न दिल्ली की सत्ता पर काबिज आम आदमी पार्टी की सरकार को और न केन्द्र की भाजपा सरकार को। न दिल्ली और केन्द्र की सत्ता से बाहर हो चुकी देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस को। आजकल दिल्ली व केन्द्र में सत्तासीन दोनों दलों के साथ कांग्रेस को हरियाणा चुनाव में कैसे सत्ता मिले, इसकी चिंता सताए जा रही है और इस के लिए हरसंभव जोड़-तोड़ में भी वे लगी हैं। लेकिन विडम्बना यह है कि हरियाणा और दिल्ली की जीवनदायिनी यमुना की किसी को चिन्ता नहीं है।</p>
<p>दुखदायी बात तो यह है कि किसी भी दल ने यमुना के प्रदूषण के बाबत चुनाव में आजतक एक भी टिप्पणी करना तो दूर एक शब्द तक नहीं बोला है। यह राजनीतिक दलों की यमुना के प्रति संवेदनहीनता का जीता जागता सबूत है। भले दिल्ली-हरियाणा की जीवनदायिनी यमुना मर रही हो, वह जहरीली हो गई हो, उसमें कॉपर, जिंक, निकेल, कैडमियम और क्रोमियम जैसे सेहत के लिए हानिकारक तत्व मौजूद हैं और तो और यमुना में रसायन के चलते झाग को रोकने के लिए समूचे सीवरेज के ट्रीटमेंट की जरूरत है, उसकी चिंता इस चुनाव में किसी को नहीं है। उनका येन-केन प्रयास केवल और केवल हरियाणा की सत्ता पर काबिज होना ही है और कुछ नहीं। जबकि निकट भविष्य में दिल्ली में सत्ता पर काबिज आप को पुन: सत्ता में वापसी के लिए विधान सभा चुनाव का सामना भी करना है। उस हालत में आप संयोजक दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल विधानसभा चुनाव से पहले कहते नहीं थकते थे कि यमुना शुद्ध होने पर सबसे पहले उसमें मैं खुद स्रान करूंगा। वह दावा कहें या वायदा थोथा ही साबित हुआ। विडम्बना यह कि आप सरकार के पांच साल पूरे होने के बाद भी यमुना आज पहले से ज्यादा मैली है। बीते दशकों का इतिहास इसका जीता-जागता गवाह है कि यमुना साल-दर-साल कितनी प्रदूषित हुई है। <br /> <br />दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति की ही मानें तो यमुना नदी के राष्टट्रीय राजधानी क्षेत्र में पड़ने वाले हिस्से में जल प्रवाह 23 घन मीटर प्रति सैकेण्ड क्यूमैक्स कम है। यह जल प्रवाह स्नान योग्य होने और नदी में पारिस्थितिकी बरकरार रखने के लिए भी पर्याप्त नहीं है। यहां यह जान लेना जरूरी है कि दिल्ली में पड़ने वाला नदी का हिस्सा इसके तकरीब 80 फीसदी प्रदूषण के लिए जिम्मेदार है। ई-फ्लो जल प्रवाह की न्यूनतम मात्रा है जो किसी भी नदी या जलाशय को अपनी पारिस्थितिकी बरकरार रखने और उसके स्नान योग्य होने के लिए जरूरी है। हकीकत यह है कि आमतौर पर हरियाणा के यमुना नगर स्थित हथिनी कुंड बैराज से मात्र 10 क्यूमैक्स पानी छोड़ा जाता है। जबकि 23 क्यूमैक्स पानी यानी 43.7 करोड़ गैलन रोजाना अक्टूबर से जून के महीने के दौरान नदी में छोड़ा जाना चाहिए। उस हालत में जबकि इसकी सिफारिश राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान रुड़की 2019 में ही कर चुका है। यह तो एक बानगी भर है। लोकसभा की स्थाई समिति द्वारा यमुना पर तैयार रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है कि यमुना के जल में भारी धातु के तत्वों की भरमार है जो जानलेवा बीमारियों के कारण हैं। समिति ने यमुना में झाग बनने से रोकने हेतु दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश से प्रवाहित होने वाले समूचे सीवरेज का ट्रीटमेंट किए जाने की जरूरत बताई है। इस झाग से त्वचा रोग और संक्रमण का खतरा बना रहता है। इसके साथ ही समिति ने जल संसाधन विभाग से ऐसे नियम, दिशा-निर्देश तैयार करने को कहा है कि जिसमें यमुना सहित देश की सभी नदियों में अपशिष्ट प्रवाहित किए जाने के खिलाफ दंडात्मक प्रावधान हो। </p>
<p>समिति ने पर्यावरण मंत्रालय की इस बात पर खिंचाई की कि उसने 2018 में की गई सिफारिश पर एक्शन टेकन नोट दाखिल करने में देरी क्यों की और इसका कारण क्या था। समिति ने जल संसाधन विभाग को सुझाव दिया है कि वह यमुना नदी के लिए भी स्वच्छ गंगा मिशन की तर्ज पर एक कोष की स्थापना करे ताकि नदी की सफाई से जुडे़ कामों में पैसे की कमी आडे़ न आए। यमुना की सफाई पर बीते दो दशकों से भी ज्यादा के दौरान अभी तक करोड़ों स्वाहा हो चुके है। उसके बाद भी यमुना में अमोनिया के बढ़ते स्तर पर कोई अंकुश नहीं लग सका है। हरिद्वार और वाराणसी की तर्ज पर उसके घाटों का सौंदर्यीकरण कर पर्यटक स्थल बना और वहां आरती का कार्यक्रम आयोजित करने से यमुना की बदहाली छिप जाएगी, यह जनता को धोखे में रखने के सिवाय कुछ नहीं। इस सच्चाई को झुठलाया नहीं जा सकता। </p>
<p><strong>-ज्ञानेन्द्र रावत</strong><br /><strong>(ये लेखक के अपने विचार हैं)</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 Sep 2024 10:43:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>यमुना नदी का पानी शेखावाटी में लाने का समझौता, राजेंद्र राठौड़ ने मुख्यमंत्री भजनलाल से मिलकर जताया आभार</title>
                                    <description><![CDATA[राठौड़ ने कहा कि मैंने सदन में कई बार साल 1994 में हुए यमुना जल बंटवारा समझौते को मूर्त रूप देते हुए राजस्थान के हिस्से का पानी शेखावाटी क्षेत्र को उपलब्ध कराये जाने की पुरजोर मांग उठाई थी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/agreement-to-bring-yamuna-river-water-to-shekhawati--rajendra-rathore-met-chief-minister-bhajan-lal-and-expressed-his-gratitude/article-70554"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-02/transfer-(2)12.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान विधानसभा में पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने सोमवार को जयपुर में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मुलाकात कर शेखावाटी क्षेत्र के चूरू,सीकर और झुंझुनूं जिले में ताजेवाला हेड-वर्क्स से यमुना नदी का पानी पहुंचाने के लिए केन्द्र सरकार, हरियाणा सरकार और राजस्थान सरकार के बीच संयुक्त डीपीआर बनाने हेतु एमओयू करने पर उनका आभार व्यक्त किया।</p>
<p>राठौड़ ने कहा कि मैंने सदन में कई बार साल 1994 में हुए यमुना जल बंटवारा समझौते को मूर्त रूप देते हुए राजस्थान के हिस्से का पानी शेखावाटी क्षेत्र को उपलब्ध कराये जाने की पुरजोर मांग उठाई थी। अब डबल इंजन की सरकार में मोदी जी की गारंटी साकार हो रही है जिस वजह से तीन दशक से लंबित बहुप्रतीक्षित यमुना नदी का पानी शीघ्र ही शेखावाटी क्षेत्र के किसानों व आमजन को मिलना संभव हो सकेगा। </p>
<p>राठौड़ ने कहा कि भाजपा सरकार के सत्ता में आते ही दशकों पुराने जल विवाद त्वरित गति से सुलझ रहे हैं। पीकेसी-ईआरसीपी के बाद अब यमुना जल बंटवारे के विवाद का समाधान होना शेखावाटी के लाखों किसानों के लिए संजीवनी साबित होगा। राठौड़ ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के कुशल मार्गदर्शन में भारतीय जनता पार्टी की डबल इंजन की सरकार ‘’ना भूतो ना भविष्यति’’ की तर्ज पर निरंतर जनहितैषी कदम उठा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 19 Feb 2024 19:27:14 +0530</pubDate>
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                <title>दिल्ली में यमुना नदी के कारण फिर गहराया बाढ़ का संकट</title>
                                    <description><![CDATA[ दिल्ली में एक बार फिर यमुना का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ के हालात बन गए हैं। प्रशासन ने यमुना किनारे 24 नाव और 50 गोताखोरों को तैनात किया है, ताकि आपात स्थिति में लोगों को निकाला जा सकें। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/due-to-the-yamuna-river-in-delhi--the-flood-crisis-deepened-again/article-52565"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-07/630-400-size-की-कॉपी-(4)1.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। दिल्ली में एक बार फिर यमुना का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ के हालात बन गए हैं। प्रशासन ने यमुना किनारे 24 नाव और 50 गोताखोरों को तैनात किया है, ताकि आपात स्थिति में लोगों को निकाला जा सकें। रविवार शाम को यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर 206.42 मीटर दर्ज किया गया। प्रशासन ने यमुना के घाटों के किनारे रहने वाले लोगों को खाली करवाया है। कुछ दिनों पहले यमुना का पानी रिहायशी इलाकों में घुस गया था। इस बार पानी इन इलाकों में नहीं घुसे, इसके लिए कुछ कदम उठाए गए हैं। बरसाती नालों को फिलहाल यमुना की तरफ से बंद कर दिया गया है। वहीं कश्मीरी गेट और सिविल लाइन इलाके में मिट्टी के बोरे भी लगाए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 24 Jul 2023 09:51:21 +0530</pubDate>
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                <title>धीरे-धीरे कम हो रहा है यमुना का जलस्तर : केजरीवाल</title>
                                    <description><![CDATA[केजरीवाल ने अपने ट्वीट में कहा, ''यमुना नदी का जल स्तर धीरे-धीरे कम हो रहा है। अगर दोबारा तेज बारिश नहीं हुई तो जल्द ही स्थिति सामान्य हो जायेगी।"]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/yamuna-s-water-level-is-decreasing-gradually--kejriwal/article-51857"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-07/arvind_kejriwal_22may1.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को कहा कि यमुना नदी का जलस्तर धीरे-धीरे कम हो रहा है और स्थिति जल्द ही सामान्य हो जायेगी।</p>
<p>केजरीवाल ने अपने ट्वीट में कहा, ''यमुना नदी का जल स्तर धीरे-धीरे कम हो रहा है। अगर दोबारा तेज बारिश नहीं हुई तो जल्द ही स्थिति सामान्य हो जायेगी। चंद्रावल और वजीराबाद जल शोधन संयंत्रों से पानी निकालना शुरू कर दिया गया है। इसके बाद मशीनें सूख जायेंगी और दोनों प्लांट कल तक चालू हो जायेंगे। कृपया अपना ख्याल रखें और एक-दूसरे की मदद करें।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 15 Jul 2023 14:31:37 +0530</pubDate>
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                <title>आखिर कब साफ होगी यमुना नदी</title>
                                    <description><![CDATA[यदि इलाके वार इसका जायजा लें तो पाते हैं कि यमुना के पानी में फीकल कोलिफार्म की मौजूदगी बजीराबाद में अधिकतम स्वीकृत संख्या से 6.8 गुणा ज्यादा है, आई टी ओ पुल के पास यह बढ़कर 80 गुणा से ज्यादा हो गया है और ओखला बैराज तक आते-आते यह 132 गुणा हो गया है, जो असगरपुर पहुंचने पर 272 गुणा का आंकड़ा पार कर गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/when-will-yamuna-river-be-clean/article-33457"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-12/q-1113.jpg" alt=""></a><br /><p>दिल्ली सरकार बीते बरसों से यमुना को 2025 तक साफ करके नहाने लायक बनाने का लगातार दावा करती रही है। इस दिशा में वह समय-समय पर लाख कवायद करने का दावा भी करती रही है, लेकिन हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। असलियत यह है कि बीते पांच साल में यमुना नदी पहले से और ज्यादा प्रदूषित हो गई है। नहाने की बात तो दीगर है, उसका पानी आचमन लायक तक नहीं रहा है। वह जानलेवा बीमारियों का सबब बन चुका है। इसकी पुष्टि तो पर्यावरण विभाग तक कर चुका है। यदि दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की मानें तो हालत इतनी खराब है कि यमुना के पानी में फीकल कोलिफार्म की मौजूदगी 272 गुणा से भी ज्यादा है। जो अधिकतम स्वीकृत मानक से 6.8 से भी बहुत अधिक है। विडम्बना यह है कि इनकी तादाद दिनोंदिन तेजी से बढ़ रही है, जो खतरनाक संकेत है। यदि इलाके वार इसका जायजा लें तो पाते हैं कि यमुना के पानी में फीकल कोलिफार्म की मौजूदगी बजीराबाद में अधिकतम स्वीकृत संख्या से 6.8 गुणा ज्यादा है, आई टी ओ पुल के पास यह बढ़कर 80 गुणा से ज्यादा हो गया है और ओखला बैराज तक आते-आते यह 132 गुणा हो गया है, जो असगरपुर पहुंचने पर 272 गुणा का आंकड़ा पार कर गया है। सबसे ज्यादा चिंता का सबब यह है कि वह चाहे आईएसबीटी हो, निजामुद्दीन पुल का एरिया हो,ओखला बैराज हो या फिर दिल्ली क्षेत्र का कोई भी इलाका, यमुना के पानी में आॅक्सीजन की मात्रा शून्य पाई गई है। प्रदूषण बोर्ड तक इसकी पुष्टि कर चुका है।<br /><br />गौरतलब है कि बजीराबाद से लेकर ओखला के बीच घरेलू अपशिष्ट जल और रसायन युक्त औद्योगिक अपशिष्ट को ले जाने वाले 22 बड़े नाले सीधे-सीधे यमुना में गिरते हैं। ध्यान देने वाली बात यह भी है कि यमुना की कुल लम्बाई का मात्र 22 किलोमीटर का इलाका दिल्ली में पड़ता है, लेकिन सबसे बड़ी हकीकत यह है कि यही 22 किलोमीटर का इलाका यमुना को सबसे ज्यादा प्रदूषित करता है। आंकड़ों की माने तो नदी के 80 फीसदी प्रदूषण के लिए यही 22 किलोमीटर का इलाका सबसे ज्यादा जिम्मेदार है। सच्चाई यह है कि पूरी यमुना में जो गंदगी है,  उसमें 80 फीसदी तो दिल्ली की ही गंदगी है। यमुनोत्री से प्रयागराज तक बहने वाली यमुना का मात्र दो फीसदी हिस्सा ही दिल्ली में बहता है। लेकिन उसी में वह 80 फीसदी प्रदूषित हो जाती है। मात्र 20 किलोमीटर के दायरे में हर दो किलोमीटर पर दो नाले यमुना को प्रदूषित कर रहे हैं। नाले गिरते ही यमुना का पानी नाले के पानी समान काला हो जाता है, उसमें झाग बनना शुरू हो जाता है। नतीजतन उसमें अमोनिया का स्तर बढ़ने लगता है और वह दुर्गंधमय हो जाता है। योजना अनुसार हर नाले पर एसटीपी लगाई जानी थीं, वह काम भी आज तक नहीं हो सका है। पर्यावरण विभाग द्वारा राष्टÑीय राजधानी क्षेत्र के पांच इलाकों से लिए गए यमुना के पानी की जांच रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है कि राजधानी के प्रत्येक इलाके के यमुना के पानी में पिछले पांच साल के दौरान बीओडी का सालाना औसत स्तर लगातार बढ़ रहा है, जो चिंतनीय है।<br /><br />गौरतलब यह है और यह गर्व करने वाली बात है कि दिल्ली में दो सरकारें हैं। केन्द्र में भाजपा की सरकार और राष्टÑीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में आप की सरकार है। लेकिन यमुना साफ  कर पाने में दोनों दलों की सरकारें नाकाम रही हैं। जबकि यमुना सफाई अभियान को शुरू हुए दो दशक से भी अधिक का समय बीत चुका है। लेकिन हालात जस के तस हैं। यमुना को टेम्स बनाने का सपना तो सपना ही बनकर रह गया है। यमुना की हालत देखकर तो यही लगता है कि यमुना टेम्स बन पाएगी, इस सदी में तो उसकी आशा करना ही बेमानी है। उस दशा में जबकि केन्द्र सरकार यमुना की सफाई के लिए 1500 करोड़ और दिल्ली की सरकार एक बार 2074 करोड़ और दूसरी बार 200 करोड़ से ज्यादा राशि खर्च कर चुकी है, लेकिन यह समझ से परे है कि इस राशि का हुआ क्या? इस सबके बावजूद नतीजा आज भी शून्य है। जबकि 2015 के अपने घोषणा पत्र में आप पार्टी ने कहा था कि यमुना दिल्ली का लम्बे समय से हिस्सा रही है, लेकिन अब दिल्ली की जीवन रेखा यमुना मर रही है। हम दिल्ली के 100 फीसदी सीवेज का ट्रीटमेंट सुनिश्चित करेंगे और औद्योगिक गंदगी को यमुना में बहाए जाने से सख्ती से रोका जाएगा। अब दिल्ली के मुख्यमंत्री को ही लें, उनका कहना था कि यमुना की सफाई मेरी जिम्मेदारी है।  यमुना साफ  होगी और अगले चुनाव से पहले मैं इसमें स्रान करूंगा। अगर इसमें मैं फेल हो जाऊं तो मुझे वोट मत देना। पांच साल में यमुना की सफाई मेरी प्राथमिकता होगी। यह तो रही दावों की बात। यही नहीं नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत यमुना की सफाई के लिए केन्द्र ने 4000 करोड़ से अधिक राशि के 13 प्रोजेक्ट स्वीकृत किए, लेकिन खेद है कि अभी तक केवल दो ही पूरे हो सके हैं।<br /><br />(ये लेखक के अपने विचार हैं)</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 27 Dec 2022 10:49:28 +0530</pubDate>
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