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                <title>दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता ने कहा, प्रदूषण और जाम की समस्या के समाधान के लिए ठोस कदम उठा रही है सरकार </title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि डीयूएमटीए के गठन से सार्वजनिक परिवहन मजबूत होगा, अंतिम छोर कनेक्टिविटी सुधरेगी और निजी वाहनों पर निर्भरता घटने से जाम व प्रदूषण कम होगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/delhi-cm-rekha-gupta-said-that-the-government-is-taking/article-142195"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(13)5.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आज कहा कि दिल्ली यूनिफाइड मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (डीयूएमटीए) सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने, अंतिम बिंदु तक संपर्क सुविधा सुधारने और निजी वाहनों पर निर्भरता कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा जिससे सड़कों पर जाम में कमी आएगी।</p>
<p>दिल्ली सरकार ने दिल्ली यूनिफाइड मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (डीयूएमटीए) तथा एक समर्पित दिल्ली अर्बन ट्रांसपोर्ट फंड (डीयूटीएएफ) के गठन हेतु एक व्यापक विधेयक का मसौदा तैयार करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। प्रस्तावित कानून का उद्देश्य दिल्ली की वर्तमान में खंडित परिवहन व्यवस्था को एकीकृत, सुसंगत और समन्वित योजना एवं शासन ढांचे के अंतर्गत लाना है, ताकि राजधानी के लिए एक आधुनिक, कुशल, जन-केंद्रित और पर्यावरण की दृष्टि से सतत परिवहन प्रणाली विकसित की जा सके। यह पहल दिल्ली के शहरी परिवहन शासन में एक महत्वपूर्ण संस्थागत सुधार की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगी। प्रस्तावित कानून के शीघ्र और समावेशी मसौदे को सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया है। टास्क फोर्स को निर्देश दिए गए हैं कि वह निर्धारित समय-सीमा में विधेयक का मसौदा तैयार कर प्रस्तुत करे, जिससे सरकार की सुधारोन्मुख प्रतिबद्धता और तत्परता स्पष्ट होती है।</p>
<p>उन्होंने कहा, डीयूएमटीए दिल्ली की संपूर्ण शहरी गतिशीलता प्रणाली में समन्वय स्थापित करेगा। मेट्रो, बस, क्षेत्रीय रेल, रेलवे और फीडर सेवाओं जैसे सभी परिवहन साधनों को एकीकृत योजना क्षेत्राधिकार के अंतर्गत लाकर हम यह सुनिश्चित करेंगे कि परिवहन समाधान कुशल, समावेशी और नागरिक केंद्रित हों।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि डीयूएमटीए सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने, अंतिम बिंदु तक संपर्क सुविधा को सुधारने और निजी वाहनों पर निर्भरता कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जिससे सड़कों पर जाम में कमी आएगी। उन्होंने रेखांकित किया कि यह पहल वायु प्रदूषण से निपटने की सरकार की दीर्घकालिक रणनीति का एक अहम अंग है। वाहन उत्सर्जन प्रदूषण का एक प्रमुख स्थानीय स्रोत है और सुव्यवस्थित तथा विश्वसनीय सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क का विस्तार पर्यावरणीय लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए अनिवार्य है।</p>
<p>उन्होंने कहा, हमारी सरकार प्रदूषण से निपटने के लिए अल्प कालिक, मध्यम कालिक और दीर्घ कालिक समाधानों पर एक साथ काम कर रही है। यह समस्या पिछले वर्षों में संरचनात्मक सुधारों के अभाव में और गंभीर हुई है। डीयूएमटीए की स्थापना निजी वाहनों पर निर्भरता घटाने और दिल्ली के प्रत्येक नागरिक को स्वच्छ, सुरक्षित और कुशल गतिशीलता उपलब्ध कराने के लिए सबसे महत्वपूर्ण दीर्घकालिक हस्तक्षेपों में से एक होगी।</p>
<p>राष्ट्रीय शहरी परिवहन नीति के तहत बड़े शहरों में एकीकृत महानगरीय परिवहन प्राधिकरण (यूएमटीए) की परिकल्पना की गई है, ताकि शहरी परिवहन की रणनीतिक योजना और समन्वित क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके। दिल्ली एनसीआर में बढ़ती जनसंख्या, प्रदूषण, सड़कों पर दबाव और सुव्यवस्थित सार्वजनिक परिवहन की बढ़ती आवश्यकता  डीयूएमटीए की स्थापना को अत्यंत आवश्यक बनाती है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 06 Feb 2026 18:16:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>सिटी बसों की पहचान गायब, कोचिंग का कब्जा</title>
                                    <description><![CDATA[सिटी बसों पर पहले जहां सामने से लेकर साइड में और पीछे की तरफ कोटा नगरीय बस सेवा लिखा हुआ था। वह अब बहुत छोटे अक्षरों में लिखा हुआ है। सिटी बसों पर कोचिंग सस्थान का नाम लिखा हुआ है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/identity-of-city-buses-missing--possession-of-coaching/article-33492"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-12/city-bus-es-ki-pehchan-gaayab-,-coaching-ka-kabja...kota-news,...27.12.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । शहर वासियों को सस्ती, सुलभ व सुधिवा जनक नगरीय परिवहन सेवा उपलब्ध करवाने के लिए प्रशासन द्वारा सिटी बसों का संचालन किया जा रहा है। लेकिन वर्तमान में एक कोचिंग संस्थान के विज्ञापनों की अधिकता के कारण सिटी बसों की पहचान की गायब हो गई है। ये सिटी बसें एक कोचिंग संस्थान की बसें बनकर रह गई हैं। कोटा में 34 सिटी बसें हैं। जिनमें से वर्तमान में मात्र 24 बसों का ही संचालन हो रहा है। इन बसों का संचालन कोटा बस सर्विस लिमिटेड के माध्यम से पुणे की निजी फर्म द्वारा किया जा रहा है। सिटी बसों पर पहले जहां सामने से लेकर साइड में और पीछे की तरफ कोटा नगरीय बस सेवा लिखा हुआ था। जिससे उनके सड़कों पर चलने से दूर से ही लोगों को नजर आ जाती थी। लोग उनका लाभ ले रहे थे। लेकिन वर्तमान में सिटी बसों की पहचान की गायब हो गई है।  सिटी बसों पर पहले जहां कोटा नगरीय परिवहन सेवा बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा हुआ था वह अब बहुत छोटे अक्षरों में लिखा हुआ है। जिससे लोगों को सिटी बस के होने का पता ही नहीं चल पा रहा है। </p>
<p><strong>रंग से लेकर पहचान तक बदली</strong><br />सिटी बसों में पहले एक कोचिंग संस्थान के विज्ञापन लगे हुए थे। वे काफी समय तक रहे।  लेकिन वर्तमान में दूसरे कोचिंग संस्थान के विज्ञापन बसों पर लगे हुए हैं। हालत यह है इन विज्ञापनों के कारण सिटी बसों का रंग से लेकर पहचान तक सभी बदल गए हैं। ऐसे में अब सड़कों पर इन बसों के चलने के बावजूद लोग असमंजक की स्थिति में हैं।  नयापुरा निवासी राजेश विजय ने बताया कि वे अक्सर सिटी बस से ही शहर में आने-जाने का काम करते हैं। लेकिन इन दिनों सिटी बस में जाने पर बस सामने आने के बाद भी पता नहीं चल पाता कि वह सिटी बस है या कोचिंग संस्थान की। जिस तरह से निजी स्कूल व कॉलेजों की बसों पर उनका नाम लिखा रहता है। उसी तरह से इन दिनों सिटी बसों पर एक ही कोचिंग सस्थान का नाम लिखा हुआ है। दादाबाड़ी निवासी विजय लक्ष्मी ने बताया कि वे कई बार बस सामने आने के बाद भी उसे छोड़ देती हैं। उन्हें लगता है कि यह कोचिंग संस्थान की बस होगी। उन्होंने बताया कि  रोडवेज बसों पर भी सरकारी विज्ञापन लगे हुए हैं लेकिन फिर भी वे रोडवेज की बस दिखती हैं। लेकिन सिटी बसों की तो पहचान ही गायब हो गई है। </p>
<p>शहर में सिटी बसों का संचालन किया जा रहा है कि न कि किसी कोचिंग संस्थान की बस का। वर्तमान में जिस तरह से सिटी बसों पर कोचिंग संस्थान के विज्ञापन लगाए गए हैं उससे तो ये बसें सिटी बस कम और कोचिंग की बसें अधिक नजर आ रही हैं। इनमें विज्ञापन का कोई मापदंड तय नहीं है। इसकी जानकारी की जाएगी। <br /><strong>- विवेक राजवंशी, नेता प्रतिपक्ष, नगर निगम कोटा दक्षिण </strong></p>
<p> सिटी बसों का काम पहले जो एक्सईएन देख रहे हैं उनके हटने के बाद कुछ समय पहले ही यह काम दिया है। सिटी बसों के बारे में जानकारी ले रहा हूं। विज्ञापनों के मापदंड का पता करते हैं। यदि निर्धारित से अधिक विज्ञापन लगे हैं या सिटी बसों की पहचान खत्म की गई है तो उसी सही करवाया जाएगा। <br /><strong>- पी.पी. गर्ग, अधिशाषी अभियंता, नगर निगम कोटा उत्तर </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 27 Dec 2022 16:32:53 +0530</pubDate>
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