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                <title>Ladakh - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Ladakh RSS Feed</description>
                
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                <title>लद्दाख का विकास स्थानीय हितों के अनुरूप हो : राहुल गांधी का आरोप, बोले-लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने का हो रहा प्रयास </title>
                                    <description><![CDATA[विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने लद्दाख में लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन पर चिंता जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र को 'पुलिस राज' में बदल दिया गया है और उद्योगपतियों के लाभ के लिए नाजुक पर्यावरण से समझौता हो रहा है। उन्होंने गृह मंत्री से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और भूमि संरक्षण सुनिश्चित करने की अपील की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/development-of-ladakh-should-be-in-accordance-with-local-interests/article-152228"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/rahul-gandhii.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा है कि लद्दाख में लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने का प्रयास हो रहा है और वहां के लोगों की आवाज़ को दबाया जा रहा है। राहुल गांधी ने गुरुवार को सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि लद्दाख के युवाओं ने उन्हें बताया है कि किस तरह से उनके क्षेत्र को एक तरह के 'पुलिस राज' में बदल दिया गया है। वहां लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन हो रहा है और स्थानीय लोगों की आवाज़ को दबाया जा रहा है। उन्होंने यह भी लिखा कि लद्दाख की ज़मीन और नाज़ुक पर्यावरण को कथित रूप से बड़े उद्योगपतियों के हितों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ी है।</p>
<p>राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि लद्दाख के लोग विकास के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि वे ऐसा विकास चाहते हैं जो स्थानीय समुदाय को रोज़गार और आर्थिक लाभ पहुंचाए। उन्होंने उम्मीद जताई कि गृह मंत्री अमित शाह अपने प्रस्तावित दौरे में क्षेत्र की वास्तविक स्थिति को समझेंगे और वहां के लोगों की चिंताओं पर ध्यान देंगे। गौरतलब है कि लद्दाख में हाल के वर्षों में राजनीतिक अधिकारों, ज़मीन और विकास मॉडल को लेकर असंतोष बढ़ा है। जम्मू कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम 2019 के बाद केंद्र शासित प्रदेश बनने से वहां विधानसभा नहीं है, जिससे स्थानीय लोग अपने अधिकार सीमित होने की बात कहते हैं। इसके साथ ही वहां के लोग बाहरी निवेश और बड़े प्रोजेक्ट्स को लेकर ज़मीन, रोज़गार और नाज़ुक पर्यावरण पर इसके असर की आशंका भी जता रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 17:32:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>बॉर्डर से बुकशेल्फ़ तक: कश्मीर के आदिवासी इतिहास की खिड़की है डॉ. सुहील रसूल मीर की किताबें</title>
                                    <description><![CDATA[समाजशास्त्री डॉ. सुहील रसूल मीर जम्मू-कश्मीर और लद्दाख की जनजातियों की लुप्तप्राय संस्कृति को किताबों के माध्यम से सहेज रहे हैं। उनका शोध क्षेत्र के बदलते सामाजिक-सांस्कृतिक परिदृश्य को उजागर करता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/dr-suhail-rasool-mirs-books-are-the-window-to-the/article-143415"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/1200-x-600-px)-(21).png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। आदिवासी समुदाय के समृद्ध रीति-रिवाजों, संस्कृति और उनके जीवन के विभिन्न आयामों को नजदीकी से जानने वाले तथा कश्मीर में सीमा के पास पले-बढ़े लेखक और समाजशास्त्री डॉ. सुहील रसूल मीर का कहना है कि ऐसे समय में जब यह इलाका बदलाव के दौर से गुजर रहा है तो ऐसे में इस तरह का दस्तावेजीकरण बहुत जरूरी है।</p>
<p>डॉ. मीर का कहना है मैं सीमा के पास एक शहर में रहता हूं, लेकिन आदिवासी समुदायों की खास संस्कृति, जीवनशैली और उनके जीवन के हालात ने मेरे लिखने के तरीके और दुनिया को देखने के नजरिए को बनाया है। उन्होंने बताया कि कैसे भूगोल और जिन्दगी के अनुभवों ने उनकी पढ़ाई की दिशा को प्रभावित किया। डॉ. मीर ने पिछले 12 सालों में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के आदिवासी इलाकों में एथनोग्राफिक फील्डवर्क में खुद को पूरी तरह से झोंक दिया है। उनके अध्ययन ने जनजातियों, सीमा के इलाकों और जातीयता के समाजशास्त्र के बीच एक खास जगह बनायी है। </p>
<p>उनके काम में वॉयसेज अक्रॉस द पीर पंजाल, द हैंडबुक ऑफ दर्द आर्यन्स, और कल्चरल इनसाइक्लोपीडिया ऑफ दर्द-ट्राइब जैसे महत्वपूर्ण एथनोग्राफिक योगदान शामिल हैं। ये किताबें जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में आदिवासी जनजातियों के इतिहास, संस्कृति और जीवित परंपराओं को कागज पर उतारने का काम करती हैं। </p>
<p>उन्होंने यूनी के साथ खास बातचीत में कहा, मेरे शोध ने मुझे आदिवासी समुदायों से जोड़ा, जिसने मुझे आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।  मेरे शोध के दौरान अनोखी आदिवासी संस्कृति के साथ लगातार जुड़ाव और अनुभव ने मेरी कहानी कहने की कला पर असर डाला। खासकर संवेदनशील या टकराव वाले विषयों पर काम करते समय समाजशास्त्रीय समझ मुझे भावनाओं और यथार्थवाद के बीच तालमेल बिठाने के लिए संतुलन देती है। </p>
<p>कश्मीर से एक लेखक के तौर पर अपनी जगह बनाने में मुश्किलें आईं, लेकिन डॉ. मीर ने हिम्मत नहीं हारी। वह बताते हैं, मुझे जरूर मुश्किलें आती हैं। अनुसंधान के प्रति मेरा जोश और लगन मुझे आगे बढऩे में मदद करता है। उन्होंने अपने विषय के प्रति झुकाव के बारे में कहा, इन आदिवासियों के लोक और अनदेखे सामाजिक-सांस्कृतिक अनुभवों से मेरा जुड़ाव मुझे इन विषयों की पड़ताल करने के लिए प्रेरित करता है। उनका मानना है कि ऐसे समय में जब यह इलाका बदलाव के दौर से गुजर रहा है, इस तरह का दस्तावेजीकरण बहुत जरूरी है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि उनके शोध का मकसद, सभी पढऩे वालों को जम्मू और लद्दाख की शानदार अलग-अलग तरह की चीजों को अपनाने का मौका देना है। उम्मीद है कि मेरी किताबें आने वाली पीढिय़ों के लिए जम्मू-कश्मीर और लद्दाख की देसी संस्कृतियों को दस्तावेजों में उतारने में मदद करेंगी, जिसका मकसद पुरानी सांस्कृतिक विरासत को बचाकर रखना और उसकी झलक दिखाना है।किसी लड़ाई-झगड़े वाले इलाके से लिखने के साथ अपनी जिम्मेदारियां जुड़ी होती है। एक शोधकर्ता के तौर पर, मैं अपने लोगों की असली हालत को समझने के लिए मजबूर महसूस करता हूं और अपनी लिखाई के जरिए, मैं सिर्फ उसे दिखाने की कोशिश कर रहा हूं। मेरे सारे शोध अनुभव और अध्ययन पर आधारित है। मैं सिर्फ वही बताता हूं जो अभी आदिवासी समाज में हो रहा है। इसके साथ ही अनुभव से जुड़ी कहानियां और तथ्य भी पेश करता हूं। </p>
<p>उन्होंने कहा, समाजशास्त्र विषय का शोधकर्ता होने के नाते मेरा पहला काम पूर्वाग्रहों को खत्म करना है। इतिहास इस बात का गवाह है कि साहित्य ने देशों और सभ्यता पर असर डाला है और यह सिर्फ लेखकों की ईमानदार कोशिशों की वजह से है कि सच को बचाने की विरासत अभी भी बनी हुई है। डॉ मीर अभी कश्मीर थ्रू विलेजेस : फ्रॉम पास्ट टू प्रेजेंट किताब पर काम कर रहे हैं, जो कश्मीरी गांवों की एक मानव जाति विज्ञान से संबंधित यात्रा है। उन्होंने बताया कि इस काम का मकसद कश्मीरी परंपराओं और अलग-अलग तरह के लोगों के माहौल और इतिहास की वृहदता और विविधता को दिखाना है।</p>
<p>उनके मुताबिक, कश्मीर के गांवों में, कश्मीर की असली झलक मिल सकती है और यह परियोजना सामाजिक-सांस्कृतिक और मानव विज्ञान नजरिए से सदियों पुरानी कश्मीरी विरासत को फिर से देखने की कोशिश करती है। डॉ. मीर नये प्रयोगों के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा, मैं अपने शोध में नए तरीके आजमाने की कोशिश करूंगा। अकादमिक क्षेत्र में नयापन अपेक्षित और सराहनीय है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Feb 2026 17:55:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>जितेन्द्र सिंह ने की विकसित भारत संवाद में हिस्सा लेने वाले जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के युवाओं से मुलाकात, इन मुद्दों पर हुई चर्चा</title>
                                    <description><![CDATA[केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने विकसित भारत युवा नेता संवाद 2026 में शामिल जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के युवाओं से मुलाकात कर नवाचार, नेतृत्व और राष्ट्रनिर्माण में उनकी भूमिका पर जोर दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/jitendra-singh-met-the-youth-of-jammu-kashmir-and-ladakh/article-139266"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/jitendra-singh.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने विकसित भारत युवा नेता संवाद 2026 में भाग ले रहे जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के युवाओं के एक दल के साथ मुलाकात की है। यह मुलाकात डॉ. सिंह के आवास पर रविवार रात एक गर्मजोशी भरे और अनौपचारिक माहौल में हुई, जहाँ उन्होंने प्रतिभागियों के लिए एक विशेष रात्रिभोज का भी आयोजन किया। इस दल में जम्मू-कश्मीर के 52 और लद्दाख के 31 युवा शामिल हैं, जो युवा मामले और खेल मंत्रालय द्वारा आयोजित मेरा भारत राष्ट्रीय युवा महोत्सव 'विकसित भारत युवा नेता संवाद 2026' में भाग लेने के लिए नयी दिल्ली में हैं। </p>
<p>इस मुलाकात के दौरान डॉ. सिहं प्रतिभागियों से अलग-अलग मिले और उनकी पृष्ठभूमि, उम्मीदों और राष्ट्रीय स्तर के समारोह में उनकी गतिविधियों के बारे में जानकारी हासिल की। उन्होंने विकसित भारत चैलेंज ट्रैक के साथ-साथ सांस्कृतिक और नवाचार ट्रैक में उनकी भागीदारी पर चर्चा की और उन्हें राष्ट्रीय मंच का पूरा फायदा उठाने के लिए प्रोत्साहित किया। </p>
<p>डॉ. सिंह ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के युवाओं की ऊर्जा नए भारत की बदलती कहानी को दिखाती है। उन्होंने कहा कि पिछले दो दिनों में, स्कूल और कॉलेज के छात्रों के इस उत्साही ग्रुप ने अपनी रचनात्मकता और प्रतिभा से देश के दूसरे हिस्सों के अपने साथियों को मंत्रमुग्ध कर दिया है। जितेंद्र सिंह ने कहा, विकसित भारत का भविष्य उसके युवा नागरिकों की ऊर्जा, नवाचार और नेतृत्व पर निर्भर है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि विकसित भारत युवा नेता संवाद सिर्फ एक समारोह नहीं है, बल्कि यह एक राष्ट्र निर्माण मंच है जहां विचार, रचनात्मकता और नेतृत्व एक साथ आते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दृष्टिकोण का जिक्र करते हुए, डॉ. सिंह ने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री मोदी की कल्पना का एक नया प्रयोग है, जिसने युवाओं को भारत की विकास यात्रा में भागीदार बनाया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आज के युवा सिर्फ विकास के लाभार्थी नहीं हैं, बल्कि 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की भारत की यात्रा में सक्रिय हितधारक और सह-निर्माता हैं।</p>
<p>मंत्री ने राष्ट्रीय एकता और अखंडता के महत्व पर भी जोर देते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख जैसे क्षेत्रों के युवा देश के सामाजिक और सांस्कृतिक ताने-बाने को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने प्रतिभागियों को देश भर के अपने साथियों के साथ जुडऩे, भारत की विविधता की सराहना करने और नवाचार और शासन से लेकर संस्कृति और सामाजिक विकास तक के क्षेत्रों में युवाओं के नेतृत्व वाले समाधान पेश करने के लिए प्रोत्साहित किया। </p>
<p>उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय युवा महोत्सव भारत मंडपम में हो रहा है और 12 जनवरी को युवा प्रतिभागियों और प्रधानमंत्री मोदी के बीच बातचीत के साथ खत्म होगा। यह महोत्सव हर साल स्वामी विवेकानंद की जयंती मनाने के लिए आयोजित किया जाता है, जिसे राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। डॉ. सिंह ने विश्वास जताया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के युवा राष्ट्रीय मंच पर अपने क्षेत्रों का शानदार प्रतिनिधित्व करेंगे और सकारात्मक बदलाव के राजदूत बनकर लौटेंगे, जो एक भारत, श्रेष्ठ भारत की भावना और विकसित भारत के परिवर्तनकारी योजना को आगे बढ़ाएंगे।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 12 Jan 2026 18:55:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया बी आर ओ की पांच हजार करोड़ रूपये की 121 परियोजनाओं का उद्घाटन</title>
                                    <description><![CDATA[रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लद्दाख में 5,000 करोड़ से अधिक लागत की 121 परियोजनाओं का उद्घाटन किया। सड़कों, पुलों और सुरंगों से सीमावर्ती क्षेत्रों में कनेक्टिविटी, सैन्य क्षमता, पर्यटन और विकास को नई मजबूती मिलेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/defense-minister-rajnath-singh-inaugurated-121-projects-of-bro-worth/article-135083"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/rajnath-singh-news.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण पांच हजार करोड़ रूपये से अधिक लागत वाली 121 ढांचागत परियोजनाओं का रविवार को लद्दाख में उद्घाटन किया। रक्षा मंत्रालय ने एक वक्तव्य जारी कर बताया कि पहली बार एक साथ इतनी ज्यादा परियोजनाओं का उद्घाटन हुआ है। इनमें से दो केंद्र शासित प्रदेशों - लद्दाख और जम्मू-कश्मीर - और  बाकी सात राज्यों - अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, पश्चिम बंगाल और मिजोरम में हैं। इनमें 28 सड़कें, 93 पुल और 04 अन्य परियोजनाएं हैं। सीमा सड़क संगठन के इतिहास में यह पहला मौका है जब इतनी परियोजनाओं का एक साथ उद्घाटन किया गया है।</p>
<p>इन परियोजनाओं से दूरदराज के गांवों और अग्रिम सैन्य चौकियों में अंतिम छोर तक पहुंच बनाने में काफी मदद मिलेगी। इससे ये क्षेत्र राष्ट्रीय मुख्यधारा के करीब आएंगे। रक्षा मंत्री ने कहा कि यह परियोजनाएं सरकार की विकसित भारत के विजन के अनुरूप सीमावर्ती बुनियादी ढांचे को लगातार मजबूत करने की अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण है ।</p>
<p>राजनाथ सिंह ने दौलत बेग ओल्डी रोड पर श्योक टनल पर आयोजित एक कार्यक्रम में ये उद्घाटन किए। उन्होंने कहा कि दुनिया के सबसे कठिन और चुनौतीपूर्ण इलाकों में से एक में बनी ये परियोजनाएं रणनीतिक क्षेत्र को हर मौसम में विश्वसनीय संपर्क सुनिश्चित करेंगी। उन्होंने कहा कि यह 920 मीटर लंबी कट एंड कवर टनल सुरक्षा, गतिशीलता और तेजी से तैनाती की क्षमताओं को काफी बढ़ाएगी।</p>
<p>रक्षा मंत्री ने सशस्त्र बलों के कर्मियों की अद्वितीय बहादुरी, प्रतिबद्धता और बलिदान का सम्मान करने के लिए अरुणाचल प्रदेश में गलवान युद्ध स्मारक का भी वर्चुअली उद्घाटन किया। रक्षा मंत्री ने सीमावर्ती क्षेत्रों को विकसित करने के सरकार के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि ये कनेक्टिविटी के साधन सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और आपदा प्रबंधन के लिए जीवन रेखा हैं। उन्होंने कहा, सीमावर्ती क्षेत्रों में मजबूत बुनियादी ढांचे के कई फायदे हैं। यह सैन्य गतिशीलता, रसद के सुचारू परिवहन, पर्यटन और रोजगार के अवसरों में वृद्धि और सबसे महत्वपूर्ण बात, विकास, लोकतंत्र और सरकार में मजबूत विश्वास सुनिश्चित करता है।</p>
<p>रक्षा मंत्री ने जोर देकर कहा कि जिस तेजी से भारत सड़कों, सुरंगों, स्मार्ट फेंसिंग, इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर और सर्विलांस सिस्टम से अपनी सीमाओं को मजबूत कर रहा है, वह इस बात का सबूत है कि कनेक्टिविटी सुरक्षा की रीढ़ है, न कि कोई अलग चीज। उन्होंने बी आर ओ की तारीफ़ करते हुए कहा कि उसने तेजी और कुशलता से और स्वदेशी समाधानों के जरिए मुश्किल परियोजनाओं को पूरा करके राष्ट्रीय विकास को काफी तेजी दी है। </p>
<p>ऑपरेशन सिंदूर पर रक्षा मंत्री ने कहा, हमारे सशस्त्र बलों ने पहलगाम में हुए भयानक आतंकवादी हमले के जवाब में यह ऑपरेशन शुरू किया था। सभी जानते हैं कि उन आतंकवादियों का क्या हुआ। हम और भी बहुत कुछ कर सकते थे, लेकिन हमारे बलों ने साहस और धैर्य दिखाते हुए सिर्फ वही किया जो जरूरी था। इतना बड़ा ऑपरेशन हमारी मजबूत कनेक्टिविटी की वजह से ही संभव हो पाया। सशस्त्र बलों को समय पर लॉजिस्टिक्स पहुँचाए गए। सीमावर्ती इलाकों के साथ हमारी कनेक्टिविटी बनी रही, जिससे यह ऑपरेशन एक ऐतिहासिक सफलता बन गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 07 Dec 2025 18:29:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>लेह हिंसा से लद्दाख का पर्यटन उद्योग बुरी तरह प्रभावित : बुकिंग रद्द कर रहे पर्यटक, आधी से अधिक आबादी की आजीविका का स्रोत है पर्यटन </title>
                                    <description><![CDATA[लद्दाख के लेह में पिछले हफ्ते हुई हिंसा के बाद केंद्रशासित प्रदेश का पर्यटन उद्योग बुरी तरह प्रभावित हुआ है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/tourists-are-the-source-of-livelihood-of-more-than-half/article-128545"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/111-(5).png" alt=""></a><br /><p>लेह। लद्दाख के लेह में पिछले हफ्ते हुई हिंसा के बाद केंद्रशासित प्रदेश का पर्यटन उद्योग बुरी तरह प्रभावित हुआ है। लेह हिंसा के दौरान चार लोगों की मौत हुई थी और 100 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।</p>
<p>होटल व्यवसायियों ने बताया कि लेह में अशांति के कारण कई लोगों ने अपनी यात्राएं रद्द कर दी हैं, जिससे क्षेत्र का फलता-फूलता पर्यटन सीजन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। ङ्क्षहसा और राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की हिरासत के बाद अधिकारियों ने पूरे लेह में कफ्र्यू लगा दिया था। हालांकि 30 सितंबर के बाद कर्फ्यू में थोड़ी ढील दी गई है, लेकिन पुलिस, सीआरपीएफ सड़कों पर लगातार गश्त कर रहे हैं।</p>
<p>ऑल लद्दाख टूर ऑपरेटर एसोसिएशन (एएलटीओए) के अध्यक्ष दोरजे स्टम्पा ने पुष्टि की कि उन्होंने कुछ बुङ्क्षकग रद्द होते देखी हैं। टूर ऑपरेटर को बुङ्क्षकग रद्द करने के लिये ग्राहकों के फोन आ रहे हैं ।लद्दाख में पर्यटन राजस्व का मुख्य स्रोत है, जो इस क्षेत्र की 60 प्रतिशत से अधिक आय का जरिया है और यह आधी से अधिक आबादी की आजीविका का स्रोत है। अकेले लेह जिले में ही 2,100 से अधिक आतिथ्य इकाइयाँ हैं, जिनमें होटल, गेस्टहाउस और होमस्टे शामिल हैं।</p>
<p>आमतौर पर लेह में विभिन्न होटलों को शीत ऋतु के मद्देनजर पहले ही बंद कर दिया जाता है एक होटल व्यवसायी ने बताया कि उसने मौजूदा स्थिति के कारण शीतकालीन बंदी से दस दिन पहले ही अपना होटल बंद कर दिया है, जिससे पर्यटन का चरम सीजन छोटा हो गया है, जो आमतौर पर अक्टूबर के मध्य तक रहता है।</p>
<p>पर्यटकों का आना पूरी तरह रुका नहीं है लेकिन कई पर्यटक बुकिंग अवधि से कम रुक रहे हैं और कुछ मध्य लेह जाने वाले मार्गों से बच रहे हैं। कोलकाता से आये एक पर्यटक ने कहा कि हम लेह रुकने के बजाय नुब्रा की ओर जा रहे हैं।</p>
<p>अधिकारियों और होटल मालिकों का मानना है कि प्रदर्शन और बंद की खबरें जब भी देश में फैलती है तो पर्यटक अपनी सुरक्षा के लिहाज से अपनी बुङ्क्षकग रद्द कर देते हैं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Oct 2025 17:10:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
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                <title>लद्दाख में नए जिले बना रही भाजपा, राजस्थान में कम करने में लगी : जूली</title>
                                    <description><![CDATA[जूली ने कहा कि राजस्थान की भाजपा सरकार कहती है कि छोटे जिले बनाये गए जिससे नुकसान हो रहा है जबकि प्रतापगढ़ जैसा छोटा जिला भाजपा की सरकार के कार्यकाल में ही बना था। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/bjp-is-creating-new-districts-in-ladakh-julie-is-busy/article-88791"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/tikaram.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भाजपा की नए जिले बनाने को लेकर नीति और नीयत पर सवाल उठाए हैं। लद्दाख में 5 नए जिले बनाने और राजस्थान में बने जिलों को कम करने की नीति पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने आमजन की सुविधा के लिए नए जिले बनाकर ऐतिहासिक कार्य किया था, वहीं भाजपा की भजनलाल सरकार इन्हे राजनीतिक पूर्वाग्रह के कारण ख़त्म करना चाह रही है। जूली ने कहा कि दूसरी ओर चुनावी लाभ लेने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आचार संहिता के दौरान केंद्रीय शासित प्रदेश लद्दाख में 5 नए जिले बनाने के फैसले करने की जानकारी दे रहें है। जो तर्क लद्दाख में जिले बनाने के दिए जा रहे हैं वैसे ही कारण कमोबेश राजस्थान के लिए भी लागू होते हैं। मैं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से पूछना चाहूंगा कि लद्दाख में अभी केवल 2 जिले हैं जिन्हें बढ़ाकर केंद्र सरकार 7 करने का फैसला लिया है, यानी जिलों की संख्या 5 गुणा हो जाएगी। वहीं राजस्थान जो देश का सबसे बड़ा राज्य है, पूर्ववर्ती गहलोत साहब की सरकार ने यहाँ की जनता के लिए कम दूरी पर प्रशासनिक कार्य उपलब्ध करवाने के लिए नए जिले बनाये थे। जिनको भाजपा की भजनलाल सरकार समीक्षा के नाम पर ख़त्म करना चाहती है या फिर अटकाये, लटकाये रखना चाहती है।</p>
<p>जूली ने कहा कि राजस्थान की भाजपा सरकार कहती है कि छोटे जिले बनाये गए जिससे नुकसान हो रहा है जबकि प्रतापगढ़ जैसा छोटा जिला भाजपा की सरकार के कार्यकाल में ही बना था। केंद्र की भाजपा कह रही है कि लद्दाख में छोटे जिले बनाने से विकसित और समृद्ध लद्दाख बनेगा। मैं प्रदेश के भाजपा के मुख्यमंत्री और भाजपा से कुछ सवाल पूछना चाहता हूं कि क्या भाजपा राजस्थान को विकसित और समृद्ध राजस्थान नहीं बनाना चाहती? क्या भाजपा की नीति-रीति में विरोधाभास है? क्या देश के सबसे बड़े राज्य के जिले कम करना चाहती है? क्या भाजपा में आपसी तालमेल का आभाव है? क्या लद्दाख की भांति राजस्थान की जनता को और जिले बनाकर सौगात देने की मंशा रखते है?, या फिर चुनावी लाभ लेना मात्र उद्देश्य है। ध्यान रखें राजस्थान में भी 6 विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव होने हैं और जनता सब देख रही है। प्रदेश की जनता भाजपा की पर्ची सरकार को सबक सिखाने के लिए तैयार हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 27 Aug 2024 18:49:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गृह मंत्रालय ने दी लद्दाख में पांच नए जिलों के गठन को मंजूरी</title>
                                    <description><![CDATA[गृह मंत्रालय ने विकसित और समृद्ध लद्दाख के निर्माण के विजन को साकार करने की दिशा में केंद्र शासित प्रदेश में पांच नए जिलों के गठन को मंजूरी दे दी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/home-ministry-approves-formation-of-five-new-districts-in-ladakh/article-88682"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-07/home_ministry.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। गृह मंत्रालय ने विकसित और समृद्ध लद्दाख के निर्माण के विजन को साकार करने की दिशा में केंद्र शासित प्रदेश में पांच नए जिलों के गठन को मंजूरी दे दी है।</p>
<p>केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में इस ऐतिहासिक निर्णय की जानकारी देते हुए कहा कि इस निर्णय से पांच नये जिलों - जंस्कार, द्रास, शाम, नुब्रा और चांगथांग- में प्रशासन के सुदृढ़ होने से स्थानीय लोगों को उनके द्वार पर सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा। इन पांच जिलों के गठन के बाद अब लद्दाख में, लेह और कारगिल को मिलाकर, कुल सात जिले हो जाएंगे।</p>
<p>लद्दाख क्षेत्रफल के हिसाब से एक बहुत बड़ा केंद्र शासित क्षेत्र है। अभी लद्दाख में दो जिले हैं- लेह और कारगिल। यह भारत के सबसे कम जनसंख्या वाले भूभागों में से एक है। अत्यंत कठिन और दुर्गम होने के कारण, वर्तमान में जिला प्रशासन को जमीनी स्तर तक पहुँचने में कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। इन जिलों के गठन के बाद अब केन्द्र सरकार और लद्दाख प्रशासन की सभी जनहित योजनाएं लोगों तक आसानी से पहुँच सकेंगी और अधिक से अधिक लोग उनका लाभ उठा सकेंगे। गृह मंत्रालय का यह महत्वपूर्ण निर्णय लद्दाख के सर्वांगीण विकास में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा।</p>
<p>पांच नए जिलों के गठन की सैद्धांतिक स्वीकृति देने के साथ ही गृह मंत्रालय ने लद्दाख प्रशासन को नए जिलों के गठन से संबंधित विभिन्न पहलुओं, जैसे, मुख्यालय, सीमाएं, संरचना, पदों के सृजन, जिला निर्माण से सम्बंधित कोई अन्य पहलू आदि के आंकलन के लिए एक समिति बनाने और उसे तीन महीने के अन्दर रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा है। उक्त समिति की रिपोर्ट प्राप्ति के बाद, संघ राज्य क्षेत्र लद्दाख इस रिपोर्ट के आधार पर नए जिलों के निर्माण के सम्बन्ध में अंतिम प्रस्ताव गृह मंत्रालय को आगे की कार्यवाही के लिए भेजेगा।</p>
<p>केन्द्र  सरकार लद्दाख के लोगों के लिए अपार संभावनाओं का सृजन करने के प्रति पूरी तरह कटिबद्ध है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 26 Aug 2024 16:55:38 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>BJP सरकार ने लद्दाख की जनता का भरोसा तोड़ा: प्रियंका गांधी</title>
                                    <description><![CDATA[प्रियंका ने कहा कि भाजपा ने लद्दाख की जनता से पूर्ण राज्य का दर्जा देने का वादा किया था लेकिन पूरा नहीं किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/bjp-government-broke-the-trust-of-the-people-of-ladakh-priyanka-gandhi/article-72610"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/priyanka-gandhi.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की शिक्षाविद एवं पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की मांग को जायज  ठहराते हुए बुधवार को कहा कि सरकार को लद्दाख ताकि संवेदनशीलता को देखते हुए वा•िाव मांग को पूरा करना चाहिए।</p>
<p>प्रियंका ने कहा कि शिक्षाविद एवं पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पिछले आठ दिन से भूख हड़ताल पर हैं और जिस जगह उनका अनशन चल रहा है वहां तापमान शून्य से 15 डिग्री नीचे है। उनका कहना था कि सरकार को लद्दाख की जनता के साथ धोखा किए बिना क्षेत्र में बढ़ रही चीनी गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए तत्काल उनकी मांग पूरी करनी चाहिए।</p>
<p>प्रियंका ने कहा कि भाजपा ने लद्दाख की जनता से पूर्ण राज्य का दर्जा देने का वादा किया था लेकिन पूरा नहीं किया। एक तरफ बढ़ता चीनी कब्जा और दूसरी तरफ भाजपा सरकार की चुप्पी, वादाखिलाफी और धोखा-लद्दाख की जनता का विश्वास टूट रहा है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि बार-बार प्रदर्शनों के बीच लद्दाख के शिक्षाविद एवं पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक जी दर्जनों लोगों के साथ माइनस 15 डिग्री तापमान में आठ दिन से अनशन कर रहे हैं। आज लद्दाख की जनता पूर्ण राज्य का दर्जा और 6 वीं अनुसूची के तहत सुरक्षा की मांग कर रही है जिसे पूरा करना सरकार का कर्तव्य है। सरकार को हठधर्मिता छोड़कर लद्दाख की जनता की आवाज सुननी चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 Mar 2024 20:05:47 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>China New Map:  पीएम मोदी की जमीन न गवांने की बात झूठी, लद्दाख जानता है हमारी जमीन छीनी गई है: राहुल गांधी</title>
                                    <description><![CDATA[ 28 अगस्त चीन ने अपना स्टैंडर्ड मैप जारी किया था जिसमें भारत के अरुणाचल प्रदेश और अक्साई उसने अपना इलाका बताया है। चीन ने अपने नक्शे में दक्षिणी चीन सागर और ताइवान समेत कई इलाकों को दर्शाया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/pm-modi-talk-of-not-losing-land-is-false-ladakh-knows-our-land-has-been-snatched-rahul-gandhi-on-china-new-map-hindi-news/article-55858"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/rahul-gandhi2.png" alt=""></a><br /><p>चीन के नए स्टैंडर्ड मैप पर राहुल गांधी ने पीएम मोदी को आड़े हाथों लिया। राहुल ने कहा कि मैं सालों से कहता आ रहा हूं कि प्रधानमंत्री ने लद्दाख में एक इंच भी जमीन नहीं गवांने की जो बात कही है वो बिलकुल झूठ है। उन्होंने कहा कि ये पूरा लद्दाख जानता है कि चीन ने हमारी जमीन छीन ली है। चीन के नए नक्शे की बात बहुत गंभीर है। इस बारें में पीएम मोदी को कुछ बोलना चाहिए।</p>
<p><strong>चीन के नए नक्शे पर ये है विवाद</strong><br />28 अगस्त चीन ने अपना स्टैंडर्ड मैप जारी किया था जिसमें भारत के अरुणाचल प्रदेश और अक्साई उसने अपना इलाका बताया है। चीन ने अपने नक्शे में दक्षिणी चीन सागर और ताइवान समेत कई इलाकों को दर्शाया है। जाहिर है कि भारत ने चीन के इस कदम का विरोध किया और चीन के दावों को खारिज किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 30 Aug 2023 12:05:14 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>देश में नफरत फैला रहे हैं BJP-RSS :राहुल गांधी</title>
                                    <description><![CDATA[ राहुल गांधी ने कहा कि लद्दाख के लोगों से झूठे वादे किए गए है। यहां बेरोजगारी चरम पर है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/bjp-rss-spreading-hatred-in-the-country-says-rahul-gandhi-in-ladakh-hindi-news/article-55413"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/rahul-gandhi-ladakh.png" alt=""></a><br /><p>राहुल गांधी ने लद्दाख में जनसभा को संबोधित करते हुए बीजेपी और आरएसएस को जमकर निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि बीजेपी और आरएसएस देश में नफरत फैला रहे हैं। लद्दाख के लोगों की आवाज दबाई जा रही है। चीन ने हमसे हजारों किलोमीटर की जमीन छीन ली है जबकि पीएम मोदी ने कहा कि चीन ने एक इंच भी जमीन नहीं ली है। पीएम एलएसी पर सच नहीं बोल रहे हैं।<br /><br /><strong>लद्दाख के डीएनए में गांधी जी की विचारधारा: राहुल</strong><br />राहुल गांधी ने कहा कि लद्दाख के लोगों से झूठे वादे किए गए है। यहां बेरोजगारी चरम पर है। राहुल ने कहा कि हमने नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान खोली है। देश में भाईचारा फैलाने की कोशिश की है। कांग्रेस लद्दाख के लोगों के साथ खड़ी है। लद्दाख के डीएनए में गांधी जी की विचारधारा है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 25 Aug 2023 11:51:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>कुत्ते को सैर करवाना पड़ा भारी, IAS ऑफिसर-पत्नी का तबादला लदाख</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। दिल्ली के त्यागराज स्टेडियम में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसमें आईएएस ऑफिसर को स्टेडियम में कुत्ता घूमना महंगा पड़ गया। खामियाजे के रूप में आईएएस ऑफिसर और उनकी पत्नी का ट्रांसफर हो गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%B0/article-10590"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/dog.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। दिल्ली के त्यागराज स्टेडियम में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसमें आईएएस ऑफिसर को स्टेडियम में कुत्ता घूमना महंगा पड़ गया। खामियाजे के रूप में आईएएस ऑफिसर और उनकी पत्नी का ट्रांसफर हो गया।</p>
<p>दरअसल दिल्ली में आईएएस संजीव खिरवार और उनकी पत्नी अपने कुत्ते को आराम से सैर करवाने के लिए पूरा स्टेडियम खाली करवा देते हैं, जिससें वहां अभ्यास कर रहे खिलाड़ियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जिसकी शिकायत पर कार्रवाई देखने को मिली और आईएएस संजीव खिरवार बैच 1994 जो कि दिल्ली के रिवेन्यू कमिशनर पद पर तैनात थे उनका तबादला लदाख कर दिया गया और उनकी पत्नी का अरूनाचल प्रदेश ट्रांसफर कर दिया गया है।</p>
<p><br />आधिकारिक सूत्रों के अनुसार गृह मंत्रालय ने दिल्ली के प्रमुख्र शासन सचिव से इस मामले में रिर्पाट मांगी है । दिल्ली के सीएम अरविंद केजरिवाल ने कहा कि जब ये बात उनके सामने आई की खिलाड़ियों को गरमी का सामना करना पड़ा। साथ ही स्टेडियम शाम 6 से 7 बजे तक बन्द रहा तो उन्होने स्पोर्टस व्यवस्था रात 10 बजे तक जारी करने के आदेश दिये हैं ताकी खिलाड़ी उनका इस्तेमाल कर सके और अपने खेल को बेहतर कर सकेँ।  <br /><br /><br /><br /><br /><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 May 2022 15:55:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पति ने देश सेवा में प्राण न्यौछावर किए, अब चीजों को यादों के रूप में पास रखते हैं</title>
                                    <description><![CDATA[गैलेण्ट्री अवार्ड समारोह जयपुर मिलिट्री स्टेशन के 61 केवेलरी ग्राउण्ड पर शनिवार को हुआ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/husband-laid-down-his-life-in-the-service-of-the-country--now-keeps-things-close-as-memories/article-6768"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/untitled-design1.png" alt=""></a><br /><p> जयपुर। लद्दाख में ड्यूटी के दौरान दुश्मन से लोहा लेकर मातृभूमि की रक्षा में प्राण न्यौछावर करने वाले नायब सूबेदार (एआईजी) मनदीप सिंह और नायब सूबेदार (डीएमटी) सतनाम सिंह को मरणोपरांत सेना मैडल दिया गया। गैलेण्ट्री अवार्ड समारोह जयपुर मिलिट्री स्टेशन के 61 केवेलरी ग्राउण्ड पर शनिवार को हुआ।<br /><br /><strong>मिठाई के थे शौकीन मनदीप</strong><br />नायब सूबेदार मनदीप सिंह की धर्मपत्नी गुरदीप कौर ने बताया कि देश सेवा का जज्बा उनमें जबरदस्त था। फैमिली के बारे में कम और फौज के बारे में ज्यादा सोचते थे। एक बेटी है जो 12वीं कक्षा में है। अभी बोर्ड एग्जाम की तैयारी कर रही और बेटा 7वीं कक्षा में है। गुरुद्वारा साहिब जाने का शौक था। मन करने पर खुद गर्मागर्मा रोटियां बनाकर हमें खिलाते थे। शादी की सालगिरह पर मेरे लिए केक लाते थे। मिठाई में हलवा, सेवइयां और लड्डू खाने के शौकीन थे। परिवार का खयाल रखते थे। उनके जाने पर कमी महसूस होती है।<br /><br /><strong>कार से घूमाने ले जाते थे सतनाम</strong><br />नायब सूबेदार सतनाम सिंह की धर्मपत्नी जसविंदर कौर ने बताया कि घर में एक रूम के अंदर उनकी चीजों को यादें बनाकर साथ रखते हैं। उनके बैच, बैल्ट, ड्रेस, फोटो, मोटर साइकिल वगैरह सभी साथ रखते हैं। भीगी हुई पलकों से याद करते हुए जसविंदर ने कहा कि वे लाइफ में हरदम एडजस्ट करके चलते थे। कार चलाने का शौक था उन्हें तो पहले हमने सैकंड हैंड कार ली उससे घूमने जाया करते थे। बाद में नई कार लेने की खुशी अलग थी। बच्चे पिता की हर चीज को सहेज कर रखते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/husband-laid-down-his-life-in-the-service-of-the-country--now-keeps-things-close-as-memories/article-6768</link>
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                <pubDate>Sat, 26 Mar 2022 14:14:10 +0530</pubDate>
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