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                <title>food security scheme - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>food security scheme RSS Feed</description>
                
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                <title>खाद्य सुरक्षा योजना में हुई सर्जिकल स्ट्राइक: पौने दो लाख फर्जी लाभार्थियों पर बड़ा प्रहार: नाम कटे</title>
                                    <description><![CDATA[कोटा जिले में  करीब 1 लाख 70 हजार अपात्र लोगों के नाम सूची से हटाए ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/surgical-strike-on-food-security-scheme--major-crackdown-on-nearly-175-000-fraudulent-beneficiaries--names-struck-off/article-151176"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/111200-x-600-px)30.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। राज्य सरकार द्वारा खाद्य सुरक्षा योजना में पारदर्शिता लाने और वास्तविक जरूरतमंदों तक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से ई-केवाईसी को अनिवार्य किए जाने के बाद बड़े स्तर पर कार्रवाई सामने आई है। इस अभियान के तहत कोटा जिले में ही करीब 1 लाख 70 हजार अपात्र लोगों के नाम सूची से हटा दिए गए, जो लंबे समय से मुफ्त राशन का लाभ उठा रहे थे। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, जिन लोगों ने ई-केवाईसी नहीं करवाई या जो पात्रता की शर्तों पर खरे नहीं उतरे, उन्हें सूची से बाहर कर दिया गया। अकेले हालिया कार्रवाई में करीब 50 हजार लाभार्थियों के नाम हटाए गए, जबकि पिछले तीन वर्षों में कुल मिलाकर यह संख्या पौने दो लाख के करीब पहुंच गई है।</p>
<p><strong>ई-केवाईसी की अनिवार्यता से राह बनी आसान</strong><br />जानकारी के अनुसार राज्य स्तर पर भी यह अभियान व्यापक असर दिखा रहा है। प्रदेशभर में अब तक 26 लाख लाभार्थियों के नाम पात्रता सूची से हटाए जा चुके हैं। वहीं, पिछले तीन वर्षों में कुल 89 लाख से अधिक अपात्र व्यक्तियों को बाहर किया गया, जबकि इसके समानांतर 85 लाख से ज्यादा नए पात्र लाभार्थियों को जोड़ा भी गया है। इससे साफ है कि सरकार का फोकस अब केवल वास्तविक जरूरतमंदों तक ही योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर है। कोटा जिले में खाद्य विभाग की टीमों ने गांव-गांव और शहरी क्षेत्रों में सर्वे कर अपात्र लोगों की पहचान की। कई मामलों में ऐसे लोग भी सामने आए जो आर्थिक रूप से सक्षम होने के बावजूद योजना का लाभ ले रहे थे। ई-केवाईसी अनिवार्यता ने ऐसे मामलों पर प्रभावी रोक लगाने का काम किया है।</p>
<p><strong>इस तरह पकड़ में आए अपात्र</strong><br />खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा यह अभियान चरणबद्ध तरीके से चलाया गया है। इसके तहत राशन कार्ड धारकों की ई-केवाईसी अनिवार्य की गई और आधार से लिंकिंग और परिवार के सदस्यों का सत्यापन मृत, डुप्लीकेट और स्थानांतरित व्यक्तियों की पहचान आयकरदाता, सरकारी नौकरी वाले और आर्थिक रूप से सक्षम परिवारों की जांच की गई। इसके बाद तय मानकों पर खरे नहीं उतरने वालों को अपात्र घोषित कर सूची से बाहर किया गया। जांच के दौरान कई ऐसे मामले सामने आए कि कहीं पर एक ही व्यक्ति के नाम से दो-दो राशन कार्ड चल रहे थे और कहीं मृत व्यक्तियों के नाम पर वर्षों से राशन उठाया जा रहा था। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, यह गड़बड़ियां वर्षों से चली आ रही थीं, जिन्हें अब तकनीकी प्रणाली के जरिए चिन्हित किया गया।</p>
<p><strong>पात्रों को मिलेगा पूरा लाभ</strong><br />विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से अब वास्तविक गरीब और जरूरतमंद परिवारों को राशन का पूरा लाभ मिल सकेगा। पहले अपात्र लोगों के कारण वितरण प्रणाली पर दबाव रहता था, जिससे कई बार पात्रों को भी परेशानी होती थी। खाद्य विभाग ने साफ किया है कि आगे भी यह अभियान जारी रहेगा। जिन लोगों ने अभी तक ई-केवाईसी नहीं करवाई है, उन्हें जल्द प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं, अन्यथा उनके नाम भी सूची से हटाए जा सकते हैं। इसी अवधि में 85 लाख 65 हजार 190 नए पात्र लाभार्थियों को जोड़ा गया है। इससे यह स्पष्ट है कि सरकार एक ओर अपात्रों को बाहर कर रही है, वहीं दूसरी ओर वास्तविक जरूरतमंदों को जोड़ने पर भी उतना ही जोर है।</p>
<p>पूरे प्रदेश में लाखों अपात्र लोगों के नाम सूची से हटा दिए गए, जो लंबे समय से मुफ्त राशन का लाभ उठा रहे थे। जिन लोगों ने ई-केवाईसी नहीं करवाई या जो पात्रता की शर्तों पर खरे नहीं उतरे, उन्हें सूची से बाहर कर दिया गया।<br /><strong>- पूनम, अतिरिक्त आयुक्त, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Apr 2026 14:25:55 +0530</pubDate>
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                <title>खाद्य सुरक्षा योजना : 1 लाख 81 हजार 485 नए पात्र लाभार्थियों को मिला हक</title>
                                    <description><![CDATA[रात्रि चौपाल, जन सुनवाई, ग्राम सभा सहित समस्त सार्वजनिक कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों सहित समाज के गणमान्य लोगों की ओर से सर्व साधारण को गिव अप के लिए प्रेरित किया जा रहा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/food-security-scheme-1-lakh-81-thousand-485-new-eligible/article-116804"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/rtroer-(4)9.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत लाभ प्राप्त करने वाले अपात्र व्यक्ति को स्वेच्छा से नाम हटवाने के लिए प्रेरित करने के लिए जयपुर जिले में गिवअप अभियान का सफल संचालन किया जा रहा है। योजना के तहत जयपुर जिले में सर्वाधिक 1 लाख 88 हजार 255 अपात्र व्यक्तियों ने गिव अप किया है। वहीं जयपुर जिले में 1 लाख 81 हजार 485 नए पात्र व्यक्तियों का नाम खाद्य सुरक्षा सूची में शामिल किया गया है। जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी खुद जिले में गिव अप अभियान के क्रियान्वयन एवं प्रगति की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। गिव अप अभियान के तहत अपात्र लाभार्थियों की ओर से गिव अप किए जाने मामलों में राज्य के 41 जिलों में जयपुर ने प्रथम स्थान पर है।<br />जिला रसद अधिकारी त्रिलोकचंद मीणा ने बताया कि जिला कलक्टर के निर्देश पर जयपुर में जिला मुख्यालय से ग्राम पंचायत स्तर तक मुहिम के तहत गिव अप अभियान का संचालन किया जा रहा है।</p>
<p>रात्रि चौपाल, जन सुनवाई, ग्राम सभा सहित समस्त सार्वजनिक कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों सहित समाज के गणमान्य लोगों की ओर से सर्व साधारण को गिव अप के लिए प्रेरित किया जा रहा है। कालवाड़ तहसील के बेगस गांव में आयोजित रात्रि चौपाल कार्यक्रम में भी जिला कलक्टर डॉ. सोनी के आह्वान पर मौके पर ही 128 ग्रामीणों ने गिव अप के लिए अपनी सहमति प्रदान की। जयपुर में योजना के 986 अपात्र व्यक्तियों को स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा सूची से अपना नाम हटवाने के लिए नोटिस जारी किया गया है। विभाग ने गिव अप अभियान को आगामी 30 जून तक संचालित करने का फैसला किया है। मीणा ने बताया कि स्वेच्छा से अपना नाम खाद्य सुरक्षा सूची से हटवाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की जाएगी। शास्ति की गणना 27 रुपए प्रति किलोग्राम के अनुसार खाद्य सुरक्षा सूची में नाम अंकित होने की तिथि से नाम हटाने की तिथि तक उप व्यक्ति द्वारा जितना खाद्यान्न प्राप्त किया गया है, उनसे मय ब्याज वसूली की जाएगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Jun 2025 12:20:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>असर खबर का - मुफ्त राशन का इंतजार होगा खत्म, मिलेगी राहत </title>
                                    <description><![CDATA[आवेदन पत्रों का काफी समय बाद भी निस्तारण नहीं होने के कारण पात्र होने के बावजूद कई आवेदकों को मुफ्त गेहूं नहीं मिल पा रहा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-news---the-wait-for-free-ration-will-end--relief-will-be-available/article-114831"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/news40.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। खाद्य सुरक्षा योजना के तहत आवेदन करने के बाद भी काफी समय से मुफ्त राशन का इंतजार कर रहे लोगों को अब राहत मिल सकेगी। जिला कलक्टर डॉ. रविन्द्र गोस्वामी की अध्यक्षता में मंगलवार को कलक्ट्रेट में आयोजित विभागीय अधिकारियों की बैठक में एनएफएसए के तहत प्राप्त आवेदनों की जांच कर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। कोटा जिले में 18 हजार से अधिक आवेदकों ने खाद्य सुरक्षा योजना में नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर रखा है। इन आवेदनों की अभी तक जांच ही चल रही है। आवेदन पत्रों का काफी समय बाद भी निस्तारण नहीं होने के कारण पात्र होने के बावजूद कई आवेदकों को मुफ्त गेहूं नहीं मिल पा रहा है। अब जिला कलक्टर ने इस सम्बंध में अधिकारियों को आवेदनों का जल्द से जल्द निस्तारण करने के निर्देश दिए है।</p>
<p><strong>फील्ड स्टाफ सीधे आवेदकों से करे संपर्क </strong><br />बैठक के दौरान डॉ. गोस्वामी ने खाद्य सुरक्षा के तहत नाम जुड़वाने से संबंधित लंबित आवेदनों की समीक्षा करते हुए सभी उपखंड अधिकारियों  को निर्देशित किया कि (वर्ष 2022 से 2025 तक) प्राप्त आवेदनों की त्वरित जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार जिन आवेदनों को दस्तावेजों की कमी के कारण वापस लौटाया गया है, उनका नियमित फॉलोअप किया जाए। इसके लिए पटवारियों एवं अन्य फील्ड स्टाफ को सीधे आवेदकों से संपर्क कर आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी उपलब्ध करवानी होगी, जिससे पात्र लाभार्थी योजना का लाभ सुगमता से प्राप्त कर सकें। आवेदनों में जो भी कमी पाई गई है उनका समय पर निस्तारण करना सुनिश्चित किया जाए ताकि आमजन को राहत मिल सके।</p>
<p><strong>नवज्योति ने प्रमुखता से उठाया था मामला</strong><br />खाद्य सुरक्षा योजना के तहत आवेदन करने के बाद भी नाम नहीं जुड़ने के सम्बंध में दैनिक नवज्योति में 18 अप्रैल को प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें बताया था कि राज्य सरकार ने पात्र लोगों को राहत देने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा में नाम जोड़ने के लिए पोर्टल खोला था। इस पर खाद्य सुरक्षा का लाभ लेने के लिए लाखों लोगों ने आवेदन कर दिया। अब इन आवेदनों का निस्तारण ही सरकार के लिए गलफांस बन गया है। इसका कारण यह है कि इतने अधिक आवेदन आ गए कि यदि नाम जोड़ लिए गए तो भारत सरकार की खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत तय सीलिंग सीमा पार हो जाएगी। इसके चलते आवेदन पत्रों को जांच के नाम पर ठण्डे बस्ते में डाल दिया है। अब उपभोक्ता चक्कर लगाने को विवश हैं। अब जिला कलक्टर ने बैठक में इस मामले को गम्भीरता से लेते हुए आवेदनों के त्वरित गति से निस्तारण करने के निर्देश दिए।</p>
<p><strong>अभी आवेदनों की जांच प्रक्रिया धीमी</strong><br />प्रदेश में खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत कुल 13,38,683 आवेदन लम्बित हैं। इस कारण नए आवेदनों की जांच की स्थिति नगण्य है। सरकार ने पोर्टल पर जो आवेदन पत्र मांगे थे, उनके निस्तारण के लिए 30 दिवस की समय सीमा निर्धारित है। 26 जनवरी से अब तक पोर्टल पर सात लाख से अधिक आवेदन पत्र आए हैं, जिसमें निस्तारण की स्थिति देखें तो उपखंड अधिकारी स्तर पर प्रदेश में केवल 2365 आवेदन पत्रों का ही निस्तारण हुआ है। प्रदेश के 21 जिलों में एक भी आवेदन पत्र का निस्तारण नहीं हुआ है, जबकि आवेदन पत्रों की जांच के लिए चार चरण तय किए हैं। कोटा जिले  की बात करें तो यहां पर 18952 आवेदनों की जांच चल रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 21 May 2025 15:03:15 +0530</pubDate>
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                <title>राहत की उम्मीद में भागदौड़ कर रहे लाभार्थी</title>
                                    <description><![CDATA[एलपीजी आईडी जन आधार से लिंक नहीं होने से बढ़ी परेशानी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/beneficiaries-running-around-in-the-hope-of-relief/article-96123"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-11/rahat-ki-ummid-mein-bhagadaud-kar-rahe-labharthi...kota-news-28.11.2024.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। खाद्य सुरक्षा योजना के लाभार्थियों को गैस कनेक्शन पर अनुदान देने को लेकर प्रदेश सरकार ने जनआधार से लिंक करवाने को लेकर आदेश जारी किए हैं, 30 नवंबर तक जनआधार से लिंक नहीं करवाने पर राशन डीलरों को योजना में लाभार्थियों को गेहूं आवंटित नहीं करने को लेकर निर्देश जारी किए हैं, लेकिन पूर्व में गैस एंजेसियों के गैस कनेक्शन देने के समय जरुरी सभी दस्तावेतों के प्राप्त किए आनन-फानन में इन्हें जारी करने से हजारों उपभोक्ताओं के सामने बड़ी परेशानी खड़ी हो गई है। संबंधित उपभोक्ताओं की एलपीजी आईडी जन आधार से लिंक नहीं होने से इन्हें बड़ी परेशानी उठानी पड़ रही है। अधिकांश उपभोक्ता अब रोजाना चक्कर लगा रहे हैं।</p>
<p><strong>राशन की दुकानों पर लगा रहे चक्कर</strong><br />खाद्य सुरक्षा योजना में सरकार लाभान्वित लोगों को नि:शुल्क गेहूं उपलब्ध करवाती है। गरीब व कमजोर इन परिवार को सस्ती दर पर गैस उपलब्ध करवाने को लेकर सरकार ने पूर्व में उज्जवला योजना में गैस कनेक्शन उपलब्ध करवाए थे। अब इन्हें इन कनेक्शनों पर अनुदान देने को लेकर सरकार ने खाद्य सुरक्षा योजना से गैस कनेक्शन सत्यापन करवाने को लेकर जन आधार से लिंक करवाने के आदेश जारी किए है। यह कार्य 30 नवंबर तक करवाना जरूरी है। इस निर्धारित अवधि तक संबंधित उपभोक्ताओं के जन आधार से लिंक नहीं करवाने पर राशन डीलरों को इन्हें गेहूं आवंटन नहीं करने के निर्देश दिए। इसलिए हर दिन बड़ी संख्या में उपभोक्ता जनआधार से लिंक करवाने को लेकर राशन की दुकानों पर पहुंच रहे हैं।</p>
<p><strong>फैक्ट फाइल</strong><br />- जिले में कुल लाभार्थी    9,07,495 <br />- जिले में बीपीएल लाभार्थी    245068<br />- जिले में नॉन बीपीएल लाभार्थी    633227<br />-  जिले में अंत्योदय लाभार्थी    29429 <br />- जिले में कुल राशनकार्ड    2,43,551 </p>
<p><strong>जल्दबाजी अब पड़ रही भारी</strong><br />जानकारों के अनुसार उज्जवला योजना में गैस कनेक्शन जारी करने को लेकर कई गैस एंजेसियों के कार्मिकों ने जल्दबारी बरती। संबंधित उपभोक्ताओं से आधार कार्ड, जन आधार कार्ड, राशन कार्ड सहित अन्य जरुरी दस्तावेज पूरे प्राप्त किए बगैर ही आनन-फानन में कनेक्शन जारी कर दिए। उपभोक्ताओं ने भी कनेक्शन लेने को लेकर इस ओर ध्यान नहीं दिया। आधे अधूरे दस्तावेजों पर अब उपभोक्ताओं के आवेदन करने पर जन आधार से लिंक नहीं हो रहा है। ऐसे में निर्धारित तिथि बीतने पर गेहूं आवंटित नहीं होने व योजना में गैस कनेक्शन अनुदान नहीं मिलने को लेकर उनकी रातों की नींद उड़ी हुई है।</p>
<p><strong>केस-1 </strong>गैस सब्सिडी योजना में अनुदान प्राप्त करने को लेकर मैं कई बार राशन दुकान पर जन आधार से लिंक करवाने को लेकर आवेदन कर चुका हूं, लेकिन कई बार प्रयास के बाद भी यह काम नहीं हो रहा है। इससे परेशान हूं। सरकार व विभाग इस समस्या का समाधान करें।<br /><strong>-मुकेश कुमार, लाभार्थी</strong></p>
<p><strong>केस-2</strong> खाद्य सुरक्षा योजना में मैं लाभार्थी हूं। गैस कनेक्शन पर अनुदान प्राप्त करने के लिए जनआधार से लिंक करवाने को लेकर कई बार राशन दुकान पर चक्कर लगा चुका हूं, लेकिन जन आधार से लिंक नहीं होने से बहुत परेशान हूं। इस संबंध में कहीं से कोई सही जानकारी नहीं मिल रही है।<br /><strong>-जगदीश सेन, लाभार्थी</strong></p>
<p>कुछ केटेगिरी के राशन उपभोक्ताओं को इस तरह दिक्कत आ रही है। इसके लिए डीलरों को एक फारमेट भेज रखा है। इस फारमेट में उपभोक्ता की परेशानी को उल्लेख करने के बाद से जयपुर भेजा रहा है। वहीं से उसकी समस्या का समाधान करवाया जा रहा है। <br /><strong>-कृष्ण कुमार, प्रवर्तन निरीक्षक, रसद विभाग</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 28 Nov 2024 14:19:42 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>खाद्य सुरक्षा योजना: अधरझूल में 24 हजार आवेदकों की उम्मीदें </title>
                                    <description><![CDATA[नाम नहीं जुड़ने से आवेदक हो रहे परेशान। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/food-security-scheme--hopes-of-24-thousand-applicants-in-limbo/article-95262"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-11/27rtrer-(16).png" alt=""></a><br /><p>कोटा। खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ लेने के लिए दो साल पहले आवेदन करने हजारों आवेदकों को अभी तक राहत नहीं मिल पाई है। पिछले दो साल से आवेदनों के सत्यापन की प्रक्रिया ही चल रही है। ऐसे में आवेदकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दो साल पहले विभिन्न श्रेणियों में करीब 48 हजार से अधिक आवेदकों ने खाद्य सुरक्षा योजना में नाम जुड़वाने के लिए आवेदन किया था। इनमें से करीब 24 हजार आवेदकों के नाम तो जुड़ गए हैं, लेकिन शेष आवेदकों को अभी तक इंतजार करना पड़ रहा है। इसके लिए आए दिन में आवेदक रसद विभाग, पंचायत समितियों और ई-मित्र केन्द्रों पर चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। अप्रेल 2022 में प्राप्त आवेदनों में पात्र लोगों का नाम जोड़ने के लिए अभी तक सत्यापन किया जा रहा है।</p>
<p><strong>फैक्ट फाइल</strong><br />- कुल आवेदन        -48912<br />- आवेदन लंबित        -24759<br />- आवेदन स्वीकृत        -24153<br />- कुल राशन कार्ड        -594182<br />- बीपीएल राशन कार्ड    -243304<br />- नॉन बीपीएल राशन कार्ड    -350878<br />- अंत्योदय राशन कार्ड    -9178</p>
<p><strong>आधे आवेदकों के ही जुड़े नाम</strong><br />कोटा जिले की बात करें तो यहां पर 48912 आवेदन आए थे। इसके बाद पोर्टल को बंद कर दिया गया था। फिर मामला उठने पर सरकार ने सितंबर 2024 में पोर्टल खोलकर स्टेट लिमिट के अनुसार नाम जोड़ने का काम शुरू किया। इसमें चार अक्टूबर 2024 तक करीब 24 हजार आवेदन लंबित होने की सूचना है। इसके उपरांत पोर्टल में तकनीकी दिक्कतें आने लगी हैं। पूरे प्रदेश की बात करें तो 1959253 आवेदनों में अक्टूबर 2024 तक 982300 आवेदन लंबित पड़े थे। जाहिर है कि सरकार गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले लोगों के लिए कितनी गंभीर है। अभी तक शेष आवेदक सरकारी राशन का इंतजार कर रहे हैं।</p>
<p><strong>यह आ रही परेशानी</strong><br />कोरोनाकाल के दौरान राशन कार्ड में परिवार के नए सदस्यों के नाम जोड़ने की प्रक्रिया बंद हो गई थी। इससे क्षेत्र के कई लोग सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हैं। जिले में कई परिवार ऐसे हैं जिनके सदस्यों की शादी को तीन साल बीत चुके हैं, लेकिन दुल्हन और उनके बच्चों के नाम अभी तक राशन कार्ड में नहीं जुड़ पाए है। राज्य सरकार ने खाद्य सामग्री में नए नाम शामिल करने के लिए पिछले वर्ष पोर्टल खोला था। उस दौरान कई नए राशन कार्ड खाद्य सामग्री योजना में शामिल हो गए थे, लेकिन पुराने राशनकार्ड में  नए सदस्यों के नाम नहीं जुड़ पाए थे।</p>
<p><strong>इस कैटगिरी में किए आवेदन</strong><br />सरकार ने प्रथम चरण में 11 कैटगिरी के आवेदन लिए हैं। इसमें शहरी क्षेत्र में अंत्योदय परिवार, बीपीएल, एकल महिलाएं, कचरा बीनने वाले परिवार, कुष्ठ रोगी, आस्था कार्डधारी, सिलकोसिस बीमारी से पीड़ित, विकलांग एवं मंदबुद्धि, पालनहार योजना में चयनित परिवार, निस्तान दंपत्ती तथा वृद्ध दंपत्ती जिनके विकलांग संतान हैं। इनके नाम को प्राथमिकता से जोड़ने का निर्देश है। इसके बावजूद अभी तक इनमें नाम नहीं जुड़ पाए। नाम नहीं जुड़ने से कई सरकारी योजनाओं का आवेदकों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। </p>
<p>दो साल पहले खाद्य सुरक्षा योजना में नाम जुड़वाने के लिए ई-मित्र संचालकों के लिए माध्यम से आॅनलाइन आवेदन किया था। उसके आवेदन की जांच के बाद कुछ दस्तावेज मांगे थे, जो जमा करवा दिए थे। इसके बाद भी योजना में नाम नहीं जुड़ पाया है।<br /><strong>- लीला बाई, आवेदक</strong></p>
<p>वर्ष 2022 में खाद्य सुरक्षा योजना का पोर्टल खोलकर नए नाम जोड़ने के लिए आवेदन मांगे गए थे। इन आवेदनों का एसडीएम कार्यालय और पंचायत समितियों में सत्यापन किया जा रहा है। बीच में पोर्टल बंद होने से नाम नहीं जुड़ पाए थे। अब जल्द ही सभी के नाम जुड़ जाएंगे।<br /><strong>- संध्या सिन्हा, प्रवर्तन निरीक्षक, रसद विभाग कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 Nov 2024 16:15:52 +0530</pubDate>
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                <title>खाद्य सुरक्षा में e-KYC नही कराई तो 1 नवम्बर से नहीं मिलेगा राशन: गोदारा</title>
                                    <description><![CDATA[गोदारा ने बताया कि ई केवाईसी के साथ ही हम चौपहिया वाहन मालिकों और आयकर रिटर्न दाखिल करने वालों को भी सूची से हटाएंगे। इसके लिए परिवहन विभाग और आयकर विभाग से सूचना मांगी है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/if-e-kyc-is-not-done-in-food-security-then-ration/article-90169"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/pze-(5)7.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। खाद्य सुरक्षा योजना में ई केवाईसी नहीं कराने पर लाभार्थियों को एक नवम्बर से राशन नहीं मिलेगा और खाद्य सुरक्षा सूची से नाम हटा दिया जाएगा। खाद्य मंत्री सुमित गोदारा ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश और भारत सरकार के निर्देश पर हमें 15 अगस्त तक प्रदेश भर के लाभार्थियों की ई-केवाईसी करानी थी, लेकिन हमने इसे एक महीने बढ़ाकर 15 सितंबर कर दिया है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि बिना ई केवाईसी के अब राशन मिलना मुश्किल हो जाएगा। फिलहाल सितंबर में राशन दिया जा रहा है। अगले महीने 1 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक ई केवाईसी कराने पर ही राशन मिल पायेगा। इसके बाद अगले महीने 1 नवम्बर से बिना ई-केवाईसी वालों को राशन नहीं दिया जाएगा और उनके नाम पात्रता सूची से हटा दिए जाएंगे। लाभार्थी को वापस जुड़ने के लिए शुरू से प्रक्रिया अपनानी पड़ेगी।</p>
<p>गोदारा ने बताया कि ई केवाईसी के साथ ही हम चौपहिया वाहन मालिकों और आयकर रिटर्न दाखिल करने वालों को भी सूची से हटाएंगे। इसके लिए परिवहन विभाग और आयकर विभाग से सूचना मांगी है। चौपहिया वाहन में ट्रैक्टर और कॉमर्शियल वाहन शामिल नहीं किए गए हैं। हमारी मंशा यही है कि असली जरूरत वाले गरीब परिवार के लोगों को इसका लाभ मिले।</p>
<p>गोदारा ने बताया कि अभी तक विभाग 4.46 करोड़ लाभार्थियों की सूची में से अभी तक 3.60 करोड़ लाभार्थियों की ई केवाईसी की जा चुकी है। ई केवाईसी के माध्यम से अपात्र लोगों की छंटनी मामले में कहा कि सभी पक्ष विपक्ष की विधायकों को धन्यवाद देना चाहता हूं कि सबने विधानसभा में इस मुद्दे पर हमको सहमति दी है।  सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों से वसूली मामले में गोदारा ने कहा कि बड़ी संख्या में वसूली की जा चुकी है। शेष से भी जल्दी वसूली कर ली जाएगी। रिकवरी वाले कार्मिकों में केंद्रीय विभागों के कर्मचारी भी शामिल हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Sep 2024 20:10:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मोबाइल ओटीपी से राशन लेने का खेल होगा खत्म</title>
                                    <description><![CDATA[खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने जारी किया सर्कुलर।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-game-of-getting-ration-through-mobile-otp-will-end/article-82026"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/mobile-otp-s-rashan-lene-ka-khel-hoga-khtm...kota-news-19-06-2024.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। खाद्य सुरक्षा योजना के लाभार्थियों को अब गेहंू या राशन मोबाइल पर ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) के जरिए लेना आसान नहीं होगा। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने ओटीपी के खेल को खत्म करने के लिए एक सर्कुलर जारी किया हैं। अब ओटीपी पर कंट्रोलिंग करते हुए हर राशन डीलर को एक दिन में अधिकतम 3 ही ट्रांजेक्शन करने की लिमिट निर्धारित की है। अब तक बायोमेट्रिक थंब इंप्रेशन नहीं होने पर ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) के जरिए खाद्य सुरक्षा योजना के लाभार्थियों को गेहूं मिलने की सुविधा दी जा रही थी, लेकिन अब खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने इस पर कंट्रोलिंग करते हुए हर राशन डीलर को एक दिन में अधिकतम 3 ही ट्रांजेक्शन करने की लिमिट निर्धारित कर दी हैं। हर एक ट्रांजेक्शन पर के बीच करीब 30 मिनट या उससे ज्यादा का अंतर होना चाहिए। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के उपायुक्त आशीष कुमार की ओर से जारी सर्कुलर में बताया कि कुछ समय से लगातार शिकायतें मिल रही थी कि जनआधार या आधार कार्ड में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी के जरिए राशन वितरण में गड़बड़ी हो रही है। राशन डीलर के यहां जो व्यक्ति एनएफएसए में रजिस्टर्ड है और वे नियमित गेहंू नहीं लेते है। उन लाभार्थियों से उनके फोन पर आए ओटीपी को पूछकर राशन डीलर गेहूं का स्टॉक उठा लेते है और बाजार में बेच देते है। इसे देखते हुए विभाग ने अब ओटीपी के जरिए राशन की प्रक्रिया को सीमित करने और अधिकतम एक दिन में 3 ही लाभार्थियों को ही ओटीपी के जरिए राशन देने का निर्णय किया है।</p>
<p><strong>इसलिए नए आदेश करने पड़े जारी</strong><br />खाद्य सुरक्षा योजना के तहत प्रदेश में लाखों ऐसे लाभार्थी हैं, जिनके हाथ की रेखाएं या अंगूठे के निशान घिस गए हैं और पोस मशीन पर बायोमेट्रिक सत्यापन (अंगूठा लगाकर) में भारी परेशानी आ रही थी। अब तक विभाग ने राशन डीलर को लाभार्थी परिवार के किसी भी एक सदस्य का बायोमेट्रिक सत्यापन (अंगूठा लगाकर) करने के बाद ही गेहूं देने की फैसिलीटी तय कर रखी थी। अगर किसी लाभार्थी परिवार का बायोमेट्रिक सत्यापन होने में तकनीकी समस्या आती है तो उसे ओटीपी के जरिए राशन दे सकता था, लेकिन इसका बहुत ज्यादा गलत इस्तेमाल होने लग गया जिसके बाद अब विभाग ने निर्णय लिया हैं कि एक राशन डीलर एक दिन में अधिकतम 3 ही लाभार्थी को ओटीपी के जरिए राशन का गेहूं दे सकेगा। हर एक लाभार्थी को ओटीपी के जरिए राशन देने के 30 मिनट बाद दूसरे लाभार्थी को राशन दिया जा सकेगा।</p>
<p><strong>फैक्ट फाइल</strong><br />कोटा जिले में लाभान्वित परिवार-2.50 लाख<br />कोटा जिले में राशन की दुकानें-522<br />प्रत्येक यूनिट को मिलता है गेहूं-5 किलो</p>
<p><strong>राशन के लिए अन्य विकल्प भी मौजूद</strong><br />रसद विभाग के अधिकारियों के अनुसार अब राशन की दुकानों पर वेइंग मशीन विद आइरिस स्कैनर भी लगा दिए गए हैं। यदि किसी का बायोमेट्रिक सत्यापन (अंगूठा लगाकर) सत्यापन नहीं होता है तो ऐसे लाभार्थियों का वेइंग मशीन विद आइरिस स्कैनर से आंखों की पुतली से सत्यापन किया जा सकेगा। ऐसे लाभार्थी जिनके बायोमेट्रिक हाजिरी या मोबाइल पर ओटीपी की तकनीकी समस्या रहती है। उन लाभार्थियों को विभाग के प्रवर्तन अधिकारी एक आॅथोराइज्ड सर्टिफिकेट जारी कर सकते हैं। इस सर्टिफिकेट के जरिए निर्धारित स्थान पर राशन डीलर लाभार्थी को राशन उपलब्ध करा सकते हैं। इस प्रक्रिया को बाइपास सिस्टम कहते है। </p>
<p>मोबाइल ओटीपी के माध्यम से बुजुर्ग और दिव्यांगों को घर बैठे राशन की सुविधा मिल रही थी। अब इस सुविधा की लिमिट तय करने से जरूरतमंद लाभार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। सरकार को सुविधा का दायरा बढ़ाना चाहिए।<br /><strong>- जानकी बाई, बुजुर्ग लाभार्थी</strong></p>
<p>अब तक बायोमेट्रिक थंब इंप्रेशन नहीं होने पर ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) के जरिए खाद्य सुरक्षा योजना के लाभार्थियों को गेहूं मिलने की सुविधा दी जा रही थी, लेकिन अब खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने इस पर कंट्रोलिंग करते हुए हर राशन डीलर को एक दिन में अधिकतम 3 ही ट्रांजेक्शन करने की लिमिट निर्धारित कर दी हैं।<br /><strong>- गजानंद कुमार, राशन डीलर</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 19 Jun 2024 14:30:22 +0530</pubDate>
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                <title>48000 में से 2500 लाभार्थियों की ही चमकी किस्मत</title>
                                    <description><![CDATA[विभाग के अनुसार इस समय खाद्य विभाग की वेबसाइट पर आॅनलाइन डाटा अपडेट करने की प्रक्रिया चल रही है। जिन लोगों के आवेदन स्वीकृत किए गए हैं, उन्हें खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ मिलने का इंतजार है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/out-of-48000-only-2500-beneficiaries-got-lucky/article-35019"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-01/48000-mei-se-2500-laabharthiyo-ki-hi-chamki-kismat...kota-news..16.1.2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। जिले में खाद्य सुरक्षा योजना के तहत लाभार्थियों को राशन मिलने का इंतजार पूरा नहीं हो पा रहा है। योजना के तहत जिले में अब तक 45500 से अधिक आवेदन लंबित है। इनमें से महज 2500 ही आवेदन स्वीकृत हो पाए है। जिनके आवेदन स्वीकृत हो चुके हैँ, उनको भी राशन का लाभ मिलना शुरू नहीं हुआ है। जिले में योजना के तहत अप्रेल व मई 2022 में आॅनलाइन फॉर्म भरवाए गए थे। इनमें संबंधित विभाग को 48 हजार से अधिक आवेदन मिले थे। इनमें से अब तक केवल 2500 आवेदन ही स्वीकृति हो पाए। जबकि 75 फीसदी अभी काम बाकी है। इनमें 45500 आवेदन लम्बित चल रहे हैं। उधर, विभाग के अनुसार इस समय खाद्य विभाग की वेबसाइट पर आॅनलाइन डाटा अपडेट करने की प्रक्रिया चल रही है। जिन लोगों के आवेदन स्वीकृत किए गए हैं, उन्हें खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ मिलने का इंतजार है। </p>
<p><strong>अब मिलता है मुफ्त गेहंू</strong><br />सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (एनएफएसए) के लाभार्थियों को नए साल में मुफ्त गेहूं की सौगात दी है। पूर्व में राशनकार्ड धारकों को दो रुपए से हिसाब से गेहूं मिलता था। अब सरकार द्वारा प्रत्येक लाभार्थी को मुफ्त में गेहूं उपलब्ध करवाया जा रहा है। प्रदेश में राज्य सरकार की ओर से राष्टÑीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत लाभार्थियों को दो रुपए किलो प्रति व्यक्ति के हिसाब से गेहूं उपलब्ध करवाया जाता था। राशनकार्ड के आधार पर प्रत्येक व्यक्ति को पांच किलो मिलता है। अब नए साल से गेहूं का वितरण पूरी तरह से नि:शुल्क कर दिया गया है। सभी लाभार्थियों को मुफ्त में गेहूं उपलब्ध करवाया जा रहा है।</p>
<p><strong>पहले मिलता था दोगुना गेहूं</strong><br />प्रदेश के राशनकार्ड धारकों को पूर्व में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (एनएफएसए) और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (पीएमजीकेवाई) के तहत प्रत्येक यूनिट के हिसाब से दस किलो गेहूं दिया जा रहा था। इनमें राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत दो रुपए किलो की दर से गेहंू मिलता था, जबकि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत गेहूं नि:शुल्क उपलब्ध कराया जाता था। कोविड-19 के दौरान अप्रैल 2020 में केंद्र सरकार ने पीएमजीकेवाई शुरू की थी, जिसके अंतर्गत प्रत्येक व्यक्ति को एनएफएसए आवंटन के अतिरिक्त प्रति माह 5 किलो गेहूं मुफ्त वितरण शुरू किया गया। कोविड-19 की प्रथम लहर खत्म होने के साथ नवंबर 2020 में यह योजना बंद कर दी गई, लेकिन कोरोना की दूसरी लहर के कारण फिर से मई 2021 में यह योजना शुरू की गई थी। केन्द्र सरकार ने वर्ष 2022 के दिसंबर माह में उक्त योजना को बंद कर दिया था।</p>
<p><strong>पारदर्शिता के लिए घर-घर सर्वे जरूरी</strong><br />सामाजिक कार्यकर्ता अशोक कुमार का कहना है कि योजना में नए नाम जोडऩे के लिए घर-घर जाकर सर्वे किया जाना जरूरी है, ताकि काम में पारदर्शिता लाई जा सकें। संबंधित विभाग पहले तो योजना में नाम जोड़ लेता है, बाद में कोई मामला सामने आने पर गलत चयन होने का आरोप लगाते हुए संबंधित उपभोक्ता से रिकवरी करता है। इससे उपभोक्ता को नुकसान होता है। इसलिए सर्वे किया जाना चाहिए।</p>
<p><strong>ये बोले लोग</strong></p>
<p>करीब नौ महीने पहले खाद्य सुरक्षा योजना में आवेदन किया था। अभी तक प्रोसेस में ही चल रहा है, लेकिन अभी नाम नहीं जोड़ा गया है। खाद्य सामग्री नहीं मिलने से आर्थिक परेशानी हो रही है।<br /><strong>-बलवत्र शर्मा, ग्रामीण</strong></p>
<p>योजना के अंतर्गत विधवा या बेसहारा लोगों को खाद्य सुरक्षा में प्राथमिकता के आधार पर जोड़े जाने का प्रावधान है लेकिन बार-बार ई-मित्र या नगरपरिषद के चक्कर काटने पड़ रहे है।<br /><strong>-निरमा गुर्जर, गृहिणी</strong></p>
<p>खाद्य सुरक्षा योजना के तहत जिन लोगों के फॉर्म अप्रुव्ड हो चुके हैं, उनके खाद्य विभाग की वेबसाइट पर आॅनलाइन डाटा अपडेट किए जाएंगे। डाटा अपडेट होते ही बायो मेट्रिक सत्यापन पर स्वत: ही पोष मशीन से खाद्य़ सामग्री जारी कर दी जाएगी। इसकी प्रक्रिया चल रही है।<br /><strong>-पुष्पा हिरवानी, जिला रसद अधिकारी कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Jan 2023 15:29:28 +0530</pubDate>
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