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                <title>account holders - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>कोटा के बैंकों में पड़े 60 करोड़ का धणी धोरी नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[दस साल से बंद पड़े खातों का खंगाला जा रहा रिकॉर्ड, अब तक लौटाए 3 करोड़।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/60-crore-lying-in-kota-banks-has-no-claimant/article-150187"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/1200-x-600-px)23.png" alt=""></a><br /><p>कोटा।  शिक्षा नगरी के विभिन्न बैंकों में करीब 60 करोड़ रुपए की ऐसी जमा - राशि है, जिसका कोई दावेदार नहीं आया है। तकनीकी भाषा में इसे अनक्लेम्ड डिपॉजिट कहा जाता है। हालांकि, केंद्र के निदेर्शों के बाद अब बैंक इन पैसों को उनके असली हकदारों तक पहुंचाने के लिए मिशन मोड पर काम कर रहे हैं। इनमें से करीब मार्च माह तक विभिन्न बैंकों ने करीब 3 करोड़ से अधिक की राशि हकदारों को लौटा दी है।बाकी राशि के लिए बैंक खाताधारकों व असली वारिसों तक पहुंचने के लिए बैंकों में पुराने रिकॉर्ड खंगाले जो रहे हैं। लीड़ बैंक मैनेजर दिलीप कौर ने बताया कि इस दौरान कई रोचक और भावुक कर देने वाले किस्से सामने आ रहे हैं। शहर सहित आसपास के गांवों में निवास करने वाले कुछ ऐसे परिवार हैं जिनके माता-पिता के लाखों रुपए बैंकों जमा है लेकिन बच्चों को मालूम नहीं है। वे दुनिया को अलविदा कहने के पहले परिजन को बता नहीं सके। बैंक वाले घर पहुंचे तब उन्हें पता चला। वहीं करीब त्रैमासिक बैठक में भी खाताधारकों को खोजने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाते हैं। वहीं फिल्ड़ में कार्यरत स्टॉफ व बैंक बीसी के माध्यम से भी उनको खोजने के प्रयास किए जाते हैं।</p>
<p><strong>केस 1- परिवार की तो लॉटरी लग गई</strong><br /> हरिश कुमार ने बताया शहर की एक शाखा का स्थानांतरण दूसरे जगह हो गया मेरे पिता बैंक में लेन -देन करते थे, तो हमे कुछ भी पता नहीं था। पासबुक तो थी, पर उसमें एंट्री अधूरी थीं। खाते में 10 साल तक लेन-देन न होने पर बैंक ने नियमानुसार पैसा आरबीआई भेज दिया था। अभियान में जब बैंक कर्मी पुराने पते पर पहुंचे, तो परिवार आश्चर्य में पड़ गया। उन्हें पता चला कि उनके दिवंगत परिजन के खाते में 12 लाख रुपए जमा हैं। फिर हमने जरूरी दस्तावेज बैंक में जमा करवाये और बैंक ने खाते में ट्रांसफर किए।</p>
<p><strong>केस-2  रिश्तेदारों के माध्यम से खोजा </strong><br />बैंक में कार्यरत कर्मचारी ने बताया कि सुल्तानपुर के एक परिवार के बैंक खातों में करीब तीन लाख रुपये जमा थे। उनको पता नहीं था। हमे पता चलने के बाद हमनें उनको खोजना शुरू किया। जिसमें हमने सबसे पहले बैंक बीसी के माध्यम से सुल्तानपुर में खाताधारक को खोजने की शुरूआत की पर पता चला नहीं चला। उसके बाद उनके रिश्तेदारों के माध्यम से उनको खोजा फिर पता चला कि खाताधारक की मृत्यु हो गई। उसके बाद उनके पुत्रों को करीब उनकी राशि तीन लाख रुपये सौंपी गई।</p>
<p><strong>केस -3 खुशी का ठिकाना नहीं रहा</strong><br />वहीं शहर की नयापुरा स्थित बैंक शाखा के कर्मचारियों ने बताया कि एक खाताधारक के करीब तीन से चार लाख रुपये थे जो कि रखे हुए थे। खाताधारक की मृत्यु हो जाने पर उनके पुत्रों को पता नहीं था। हमने बीएलओं के माध्यम से उनसे संपर्क किया तो पता चला की वहां परिवार अब गुवाहाटी शिफ्ट हो गया। फिर उनसे संपर्क कर उनको बैंक बुलाया गया। उसके बाद उनकी राशि उनको ट्रांसफर की गई।</p>
<p><strong>सार्वजनिक स्थानों से लेकर समाजजन तक से करते है संपर्क</strong><br />बैंक में कार्यरत कर्मचारियों ने बताया कि हम सबसे पहले पासबुक पर अंकित पते पर जाकर उनके बारे में जानकारी जुटते हैं। उसके बाद कुछ इधर-उधर शिफ्ट हो जाते है तो आसपास के लोग से उनके बारे में जानकारी करते है साथ ही उनके रिश्तेदारों के भी नंबर लेकर उनसे संपर्क करते हैं। जिसके बाद उनसे बातचीत करके उनको मामला बताते हैं।</p>
<p><strong>बैंक खाते राशि करोड़ में</strong><br />बीओबी 11140 4 करोड़ 30 लाख<br />बीओआई 17406 3 करोड़ 22 लाख<br />सीबीआई 29111 5 करोड़ 43 लाख<br />एसबीआई 32033 16 करोड़ 83 लाख<br />आईसीआईसीआई 22502 9 करोड़ 44 लाख<br />पीएनबी 35872 9 करोड़ 18 लाख<br />केनरा बैंक 3346 90 लाख<br />एचडीएफसी 17617 71 लाख<br />आरजीबी 38946 4 करोड़ 92 लाख<br />बैंक आॅफ महाराष्टÑ 53 14 लाख<br />नोट: अन्य बैंकों में भी राशि जमा है जिनका विवरण यहाँ नहीं दिया गया है। दी गई खाता संख्या और राशि अनुमानित है।</p>
<p><strong>इनका कहना </strong><br />बैंक खाताधारकों को ढूढ़ने के लिए हर संभव प्रयास कर रही। खाताधारकों की मृत्यु हो जाने पर उनकी नॉमिनी को आवश्यक दस्तावेज देखकर व जांच परख कर पैसा लौटाया जा रहा हैं।<br /><strong>-दिलीप कौर, लीड़ बैंक मैनेजर कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 14:35:12 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>28 खसरे, 35 खातेदार, सहमति से खत्म हुआ 25 साल का इंतजार, राहत का दूसरा नाम साबित हो रहे पंडित दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय संबल शिविर</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की संवेदनशील पहल के तहत आयोजित हो रहे पंडित दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय संबल शिविर आमजन के लिए राहत का दूसरा नाम बन गए हैं]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/28-measles-35-account-holders-ended-with-consent-of-25/article-119608"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/news-(3)4.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की संवेदनशील पहल के तहत आयोजित हो रहे पंडित दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय संबल शिविर आमजन के लिए राहत का दूसरा नाम बन गए हैं। जहां ना केवल आमजन के काम हाथों हाथ हो रहे हैं बल्कि दशकों से राजस्व न्यायालयों में लंबित वाद भी सहमति एवं समझाइश के माध्यम से सुलझ रहे हैं।</p>
<p>ऐसा ही मामला चौमूं उपखंड के भूतेड़ा ग्राम पंचायत में सामने आया, जहां आयोजित पंडित दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय संबल शिविर में 25 सालों से 35 खातेदारों के बीच चले आ रहे 28 खसरों की 28 हेक्टेयर से अधिक भूमि विवाद का निस्तारण सभी पक्षकारों की आपसी सहमति से हुआ। जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी की मौजूदगी में पक्षकारों ने भूमि विभाजन पर सहमति प्रस्तुत की। बरसों पुराने राजस्व विवाद का सौहार्दपूर्ण माहौल में निस्तारण के लिए सभी पक्षकारों ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का भी आभार जताया, साथ ही प्रशासन की इस सकारात्मक पहल की भी सराहना की। इस अवसर पर उपखण्ड अधिकारी दिलीप सिंह राठौड़ सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।</p>
<p>गौरतलब है कि राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय संबल पखवाड़े के तहत शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। जयपुर में शिविरों के सफल आयोजन के लिए जिला कलक्टर डॉ. सोनी स्वयं शिविरों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 06 Jul 2025 14:27:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>अब डाकघर से बैंक में ट्रांसफर हो सकेगा ब्याज</title>
                                    <description><![CDATA[एनइएफटी यानी नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर पेमेंट करने का एक और इलेक्ट्रॉनिक मोड है। यह सेवा साल के 365 दिन और 24 घंटे उपलब्ध है। इस सुविधा के माध्यम से डाकघर के उपभोक्ता आसानी से अपने पैसों को दूसरे अकाउंट में ट्रांसफर कर सकते हैं। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/now-interest-can-be-transferred-from-post-office-to-bank/article-35022"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-01/ab-daakghar-se-bank-mei-transfer-ho-sakega-byaaj..kota-news..16.1.2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। डाक विभाग की ओर से जिले में नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड्स ट्रांसफर (एनइएफटी)  की सेवा शुरू की जाएगी। इस सुविधा के माध्यम से  डाकघर की योजनाओं का ब्याज बैंक खातों में प्राप्त किया जा सकेगा। विभागीय अधिकारियों के अनुसार पूरे देश भर में डेढ़ लाख से ज्यादा डाकघर और करीब 50 करोड़ से ज्यादा बचत खाताधारक हैं। डाक विभाग ने बचत खाताधारकों के लिए एनइएफटी जैसी सुविधा शुरू करने का निर्णय किया है। हाल ही में डिपार्टमेंट आॅफ पोस्ट ने एक सर्कुलर जारी कर यह जानकारी दी है। इस सुविधा के माध्यम से बचत खाता धारकों को काफी फायदा होगा। वह आसानी से अपनी सुविधा के अनुसार ब्याज की रकम को स्वयं के बैंक खाते में ट्रांसफर कर सकेंगे।</p>
<p><strong>ऐसे लाभ उठा सकेंगे</strong><br />एनइएफटी से राशि ट्रांसफर करने के लिए पोस्ट आॅफिस में संपर्क करना होगा। वहां अपना मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी अपडेट करवानी होगी। इसके बाद नेट बैंकिंग का लोगइन आईडी-पासवर्ड मिलेगा। इससे नेट बैंकिंग के साथ ही मोबाइल एप से भी राशि बैंक के खाते में ट्रांसफर की जा सकेगी। पोस्ट आॅफिस की इस सुविधा का लाभ ग्राहक पूरे साल सुविधा ले सकेंगे। सुविधा मिलने से पोस्ट आॅफिस में भी बैंकों की तरह ही सुविधाएं विकसित हो रही है।</p>
<p><strong>क्या होता है एनइएफटी</strong><br />एनइएफटी यानी नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर पेमेंट करने का एक और इलेक्ट्रॉनिक मोड है। यह सेवा साल के 365 दिन और 24 घंटे उपलब्ध है। इस सुविधा के माध्यम से डाकघर के उपभोक्ता आसानी से अपने पैसों को दूसरे अकाउंट में ट्रांसफर कर सकते हैं। हालांकि पोस्ट आॅफिस की ब्रांच से एनइएफटी करने के लिए ग्राहक के पास एक्टिव पोस्ट आॅफिस सेविंग अकाउंट होना जरूरी है। पोस्ट आॅफिस सेविंग बैंक के ग्राहकों के लिए एक ही आईएफएससी कोड होगा, जो सभी ब्रांच और पोस्ट आॅफिस के लिए लागू होगा। पोस्ट आॅफिस को सभी सेविंग, पीपीएफ और एसएसए पासबुक के पहले पेज पर आईएफएससी कोड प्रिंट करना होगा।</p>
<p>अब डाकघर की योजनाओं का ब्याज बैंक अकाउंट में भी ट्रांसफर किया जा सकेगा। इसे लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई है। इसके लिए आईएफएससी कोड भी जारी किया जाएगा। जिले के ग्राहक इस नई सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।<br /><strong>- रामस्वरूप मीणा, डाकपाल, डाक विभाग</strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Jan 2023 15:31:26 +0530</pubDate>
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