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                <title>bharatmala project - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>bharatmala project RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>भारतमाला परियोजना के विरोध में किसानों की ट्रैक्टर रैली, सरकार को खुली बहस की चुनौती</title>
                                    <description><![CDATA[कोटपूतली-किशनगढ़ ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे और भरतपुर-ब्यावर भारतमाला परियोजना के विरोध में किसानों ने ट्रैक्टर रैली निकाली। किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट के नेतृत्व में निकले किसानों ने चौमूं में एसडीएम को ज्ञापन सौंपने की तैयारी की। किसानों ने परियोजनाएं निरस्त करने, प्रभावित परिवारों को सहायता देने और वार्ता नहीं होने पर जयपुर कूच की चेतावनी दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/farmers-tractor-rally-against-bharatmala-project-challenges-government-for-open/article-161070"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/111200-x-600-px)6.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। कोटपूतली-किशनगढ़ ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे और भरतपुर-ब्यावर भारतमाला परियोजना के विरोध में किसानों ने सोमवार को ट्रैक्टरों के साथ रैली निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया। किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट के नेतृत्व में निकली रैली ढोढसर से रवाना होकर चौमूं पहुंचेगी, जहां कर किसानों ने उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर दोनों परियोजनाओं को निरस्त करने की मांग की जाएगी। रामपाल जाट ने कहा कि सरकार इन परियोजनाओं को जनहितकारी बता रही है, जबकि किसानों के अनुसार ये किसान, गांव और पर्यावरण विरोधी हैं।</p>
<p>उन्होंने सरकार को परियोजनाओं के लाभ और उपयोगिता को लेकर किसानों के साथ खुली बहस की चुनौती भी दी। किसानों ने आरोप लगाया कि भरतपुर-ब्यावर परियोजना में भूमि अधिग्रहण से प्रभावित मसूदा क्षेत्र के एक किसान ने अवसाद में आत्महत्या कर ली। किसानों ने मृतक के आश्रित परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग उठाई। किसानों का कहना है कि यदि सक्षम अधिकारी वार्ता शुरू नहीं करते हैं तो आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए जयपुर कूच किया जाएगा। किसानों ने सरकार पर संवाद के बजाय दमन की नीति अपनाने का आरोप लगाया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Jul 2026 14:21:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत माला परियोजना में ईडी की बड़ी कार्रवाई, रायपुर-महासमुंद में नौ ठिकानों पर छापेमारी, कई अहम दस्तावेज जब्त</title>
                                    <description><![CDATA[प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोमवार को भारतमाला परियोजना भूमि अधिग्रहण घोटाले में बड़ी कार्रवाई की। रायपुर और महासमुंद के नौ ठिकानों पर छापेमारी की गई, जिसमें हरमीत सिंह खनूजा और जशबीर सिंह बग्गा के परिसर शामिल हैं। जांच का मुख्य केंद्र मुआवजे के भुगतान में हुई कथित वित्तीय अनियमितताएं और धनशोधन है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/eds-big-action-in-bharat-mala-project-raids-at-nine/article-137603"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/ed-raid1.png" alt=""></a><br /><p>रायपुर। प्रवर्तन निदेशालय के रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय ने भारतमाला परियोजना से जुड़े धनशोधन मामले में सोमवार को रायपुर और महासमुंद जिलों के नौ ठिकानों पर तलाशी एवं जब्ती कार्रवाई की जा रही है।</p>
<p>आधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई हरमीत सिंह खनूजा, उनके सहयोगियों, संबंधित सरकारी अधिकारियों तथा भूमि व्यवसाय से जुड़े लोगों के परिसरों पर केंद्रित है। ऐसा माना जा रहा है कि भारतमाला परियोजना के तहत रायपुर-विशाखापत्तनम आर्थिक कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण में मुआवजा भुगतान से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया है लेकिन कार्रवाई के उपरांत ही ईडी के अधिकारी सभी तथ्यों को उजागर करेंगे। जांच के तहत मुआवजा वितरण प्रक्रिया में वित्तीय गड़बड़यिों और नियमों के उल्लंघन की आशंका जताई जा रही है।</p>
<p>इसी क्रम में महासमुंद जिले में भी ईडी की टीम ने कार्रवाई करते हुए मेक बसंत कॉलोनी स्थित जशबीर सिंह बग्गा के आवास पर छापा मारा। जशबीर सिंह बग्गा महासमुंद में होंडा डीलरशिप शोरूम के संचालक बताए जा रहे हैं। ईडी की टीम सुबह दो वाहनों में पहुंची और मौके पर मौजूद दस्तावेजों एवं अन्य रिकॉर्ड की गहन जांच की जा रही है। </p>
<p>जशबीर सिंह बग्गा के ठिकाने पर की गई कार्रवाई के कारणों को लेकर हालांकि ईडी की ओर से अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। फिलहाल, जांच प्रक्रिया जारी है और आने वाले समय में मामले से जुड़े और तथ्यों के सामने आने की संभावना है। रायपुर-गौरतलब है कि विशाखापत्तनम आर्थिक गलियारा 465 किलोमीटर लंबा छह लेन का ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे है। इससे छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश के बीच यात्रा का समय 12 घंटे से घटकर पांच घंटे हो जाएगा। इस परियोजना के 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Dec 2025 12:58:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारतमाला परियोजना में 25 प्रोजेक्ट शामिल, राजस्थान को सर्वाधिक छह एक्सप्रेस-वे मिले</title>
                                    <description><![CDATA[ भारतमाला परियोजना का लगभग 50 फीसदी से अधिक काम पूरा हो चुका हैं। केन्द्र सरकार ने 2017 में परियोजना शुरू की थी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rajasthan-got-maximum-six-expressways-out-of-25-projects-included/article-76191"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/t21rer.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। भारतमाला परियोजना का लगभग 50 फीसदी से अधिक काम पूरा हो चुका हैं। केन्द्र सरकार ने 2017 में परियोजना शुरू की थी। परियोजना के तहत 25 एक्सप्रेस- वे भी बनाए जा रहे हैं, जिनमें से करीब आधा दर्जन एक्सप्रेस-वे आंशिक रूप से पूर्ण हो चुके हैं और उनका उपयोग शुरू हो चुका है। राजस्थान को सर्वाधिक 6 एक्सप्रेस-वे मिले हैं। इनमें से दो एक्सप्रेस-वे का काम आशिक पूरा होने के साथ उन पर वाहनों का आवागमन चल रहा है। परियोजना के तहत राजस्थान में 2503 लंबाई के 2360 कार्य मंजूर किए गए, जिनमें से 2152 कार्य पूरे हो चुके हैं। प्रोजेक्ट के प्रथम चरण के तहत 26 हजार 418 किलोमीटर सड़कों के काम शुरू किए गए थे और इसके लिए 8.53 हजार लाख करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। दिसंबर 2023 तक 15 हजार 549 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण पूरा हो चुका है और 4.23 लाख करोड़ रुपए खर्च हुए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Apr 2024 11:24:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>8 लेन निर्माण कम्पनी ने बिगाड़ी उजाड़ क्षेत्र की सड़कों की सूरत </title>
                                    <description><![CDATA[जब से क्षेत्र में भारतमाला परियोजना का काम शुरू हुआ है, तब से गांव की सड़कों की स्थिति खराब हो गई है। आए दिन वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। बरसात में तो वाहनों का निकलना तक दूभर हो गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/8-lane-construction-company-spoiled-the-appearance-of-the-roads-in-the-desolate-area/article-39268"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-03/8-lane-nirman-company-nei-bigaaadi-ujjad-shetr-ki-sadko-ki-surat..barod-news-kota-8.3.2023.jpg" alt=""></a><br /><p>बड़ौद। उजाड़ क्षेत्र में झाड़गांव से नीमली तक भारतमाला परियोजना के तहत जारी 8 लेन सड़क निर्माण कार्य से गांव की सड़कें पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। सड़कों पर अनियंत्रित गति से 8 लेन निर्माण कम्पनियों के भारी वाहनों के चलने से सड़कों पर धूल के गुबार उठते हैं। ग्रामीणों का इस सड़क र्माग से आवागमन करना दूभर हो गया है। ग्रामीणों ने बताया कि जब से क्षेत्र में भारतमाला परियोजना का काम शुरू हुआ है, तब से गांव की सड़कों की स्थिति खराब हो गई है। आए दिन वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। बरसात में तो वाहनों का निकलना तक दूभर हो गया है। ग्रामीणों ने कई बार प्रशासन व भारतमाला परियोजना के ठेकेदारों, अधिकारियों को सड़क निर्माण करने के संबंध में निवेदन किया। लेकिन भारतमाला परियोजना निर्माण कंपनी के अधिकारियों द्वारा टालम टोल किया गया। आज तक इस सड़क के संबंध में निर्माण करने के लिए कोई कार्य नहीं किया गया। क्षतिग्रस्त सड़क से उजाड़ क्षेत्र की जनता को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।</p>
<p><strong>जर्जर सड़क को लेकर ग्रामीणों ने दिया था धरना </strong><br />क्षेत्र में बरसात के समय सड़क की दशा बिगड़ने के कारण पंचायत समिति प्रधान कृष्णा शर्मा के नेतृत्व में ग्रामीणों द्वारा मंडावरा नाले पर धरना देकर 8 लेन निर्माण कम्पनियों के वाहनों को रोका गया था। प्रशासन द्वारा समझाइश करने पर भारतमाला परियोजना विनिर्माण कंपनियों के अधिकारियों के बरसात के बाद उक्त सड़क को बनाने के आश्वासन पर धरना समाप्त किया गया था। लेकिन आज तक निर्माण कंपनियों द्वारा सड़क निर्माण का कोई कार्य नहीं किया है।</p>
<p>क्षेत्र की जनता की समस्याओं को देखते हुए मंडावरा नाले पर भारी वाहनों को रोक प्रदर्शन किया गया था। सड़क निर्माण की मांग की गई थी। जिसका आश्वासन निर्माण कंपनी के अधिकारियों व प्रशासन द्वारा दिया गया था। लेकिन आज तक सड़क निर्माण नहीं करवाया गया है। जिससे ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।<br /><strong>-कृष्णा शर्मा, प्रधान, पंचायत समिति, सुल्तानपुर</strong></p>
<p>नीमली से झाड़गांव, मंडावरा सड़क की दशा खराब होने से आमजन परेशान है। रोज आवागमन करने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।<br /><strong>-रवि स्वामी, ग्रामीण</strong></p>
<p>हमारे द्वारा एनएचआई से कई बार पत्राचार किया गया है। प्रशासन में उपखंड अधिकारी व जिला कलक्टर को एनएचआई से सड़क निर्माण बाबत लिख दिया गया है।<br /><strong>-लक्ष्मीनारायण मीणा, एईएन, पीडब्लूडी </strong></p>
<p>सड़क की स्थिति से अवगत हैं। मानसून से पहले सड़क निर्माण का कार्य करवा दिया जाएगा। <br /><strong>-सचिन सक्सेना, लीगल एन्ड लाइजिंग मैनेजर, जीआई इंफ्राप्रोजेक्ट लिमिटेड </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Mar 2023 14:54:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुकुन्दरा टनल से वेस्ट मटेरियल का नहीं सुलझा मामला</title>
                                    <description><![CDATA[कोटा राज्य का एक मात्र वो जिला है जहां सर्वाधिक एन्ट्री व एक्जिट पॉइंट होंगे। जिले से होकर गुजरने वाली सड़क में 6 इंटरचेंज होंगे। इन छह स्थानों से हाई-वे पर प्रवेश किया जा सकेगा और निकासी भी हो सकेगी। उल्लेखनीय है कि दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस-वे भारत सरकार की एक दूरदर्शी परियोजना है। यह दिल्ली और मुम्बई को जोड़ेगा। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-issue-of-waste-material-from-mukundara-tunnel-is-not-resolved/article-35844"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-01/mukandra-tunnel-se-waste-material-ka-nahi-suljha-maamla..kota-news..27.1.2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। भारतमाला प्रोजेक्ट परियोजना के पहले चरण के हिस्से के रूप में बनाए जा रहे दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस-वे में कोटा जिले में सड़क निर्माण का कार्य एग्रीमेंंंट के अनुसार जनवरी 2024 तक होने की संभावना है। जिले के मुकुन्दरा क्षेत्र में करीब 4 किलोमीटर टनल में हाईवे बनाया जा रहा है लेकिन फिलहाल वेस्ट मटेरियल के निस्तारण का मामला नहीं सुलझा है। मुकुन्दरा टनल में लगभग 20 प्रतिशत सड़क ही बन पाई है। ज्ञातव्य है कि कोटा जिले में होने वाले 106 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य में से 33.5 किलोमीटर के हिस्से में मुकुन्दरा टनल और चेचट तथा रामगंजमंडी के इलाकें आते है तो 72.5 किलोमीटर में दीगोद, लाडपुरा और कनवास तहसील के 47 गांव आते हैं। इनमे से 33.5 किलोमीटर हिस्से में से एक मुकुन्दरा टनल में लगभग 17 प्रतिशत सड़क ही बन पाई है तो दूसरे हिस्से में लगभग 65 प्रतिशत सड़क बन चुकी है। सड़क के निर्माण कार्य का खर्चा लगभग 30 करोड़ रूपए प्रति किलोमीटर है। </p>
<p>कोटा राज्य का एक मात्र वो जिला है जहां सर्वाधिक एन्ट्री व एक्जिट पॉइंट होंगे। जिले से होकर गुजरने वाली सड़क में 6 इंटरचेंज होंगे। इन छह स्थानों से हाई-वे पर प्रवेश किया जा सकेगा और निकासी भी हो सकेगी। उल्लेखनीय है कि दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस-वे भारत सरकार की एक दूरदर्शी परियोजना है। यह दिल्ली और मुम्बई को जोड़ेगा। आठ लेन का ये एक्सप्रेस-वे विश्व का पहला सबसे लम्बा एक्सप्रेस वे है जिसे बारहलेन तक बढ़ाया जा सकता है। वर्तमान में दिल्ली से मुम्बई की दूरी सड़क मार्ग से करीब 1510 किलोमीटर है। एक्सप्रेस वे बनने के बाद इसकी दूरी 1350 किलोमीटर रह जाएगी। </p>
<p><strong>यह रहेंगे कोटा में एन्ट्री और एक्जिट के पॉइंट</strong><br />जिले में मंंंंंंंंडावरा, जालिमपुरा, कराड़िया, बालापुरा, गोपालपुरा तथा चेचट पर एन्ट्री/एग्जिट की सुविधा दी जाएगी।चेचट तथा रामगंज मंडी इलाके में सड़क निर्माण में अभी 8 माह का समय लगेगा तो मुकुन्दरा टनल के हिस्से की सड़क पूरा करने में 15 माह से अधिक का समय लगने की संभावना है। </p>
<p><strong>ग्रीन ओवरपास की सुविधा </strong><br />यह एशिया का पहला ऐसा हाईवे है जिसके निर्माण में वन्यजीवों के लिए ग्रीन ओवरपास की सुविधा दी जाएगी। इस एक्सप्रेस-वे पर हैलीपैड भी बनाने की योजना है। दोनो ओर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बनाने की भी योजना है। निर्माण पूरा होने पर जयपुर, किशनगढ़, अजमेर, कोटा, चित्तोड़गढ़, उदयपुर, भोपाल, उज्जेन, इंदौर, इहमदाबाद तथा वडोदरा जैसे आर्थिक केन्द्रों से कनेक्टिविटी में सुधार होगा। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />एग्रीमेेंंट के अनुसार अगले साल जनवरी तक काम पूरा होने की संभावना है। मुकुन्दरा टनल में वेस्ट का मामला अटका हुआ है। वाइल्ड लाइफ वालों के साथ बात चल रही है। <br /><strong>- बूजेन्द्र सिंह मीणा, तकनीकी प्रबन्धक, राष्टÑीय राजमार्ग प्राधिकरण, कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Jan 2023 15:22:06 +0530</pubDate>
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