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                <title>bharat mala project - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>ऑस्ट्रेलियन मैथड से बन रही है दरा की टनल</title>
                                    <description><![CDATA[एक्सप्रेसवे पर वाहन चालकों के ठहरने के लिए रेस्ट एरिया भी बनाए जा रहे हैं जहां वाहन चालक आवश्यकतानुसार रुक सकेंगे। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/dara-tunnel-is-being-built-using-australian-method/article-67914"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/tunnel-delhi-mumbai-expressway.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। देश के सबसे बड़े भारत माला प्रोजेक्ट के तहत बन रहे दिल्ली मुम्बई एक्सप्रेस वे भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा कई सारी नई आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। जिनमें फिर दरा में निर्माणाधीन टनल को न्यू ऑस्ट्रेलियन मेथड से बनाना हो या लेनों की चौड़ाई को बढ़ाना। इन सबके अलावा एनएचआई एक्सप्रेसवे के डिवाइडरों पर मौजूद पौधों को पानी देने के लिए अब टैंकरों की जगह ड्रिप इरीगेशन का इस्तेमाल करेगा जिससे वाहनों के लिए एक्सप्रेस वे पर अनावश्यक रूप से किसी तरह की कोई बाधा नहीं आएगी। ऐसे कई सारी नई तकनीक और नई सुविधाओं से लैस होने जा रहा है दिल्ली मुम्बई एक्सप्रेस वे। </p>
<p><strong>ड्रिप इरीगेशन से होगी पौधों की सिंचाई</strong><br />कोटा युनिट के डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर योगेश बरार ने बताया कि दिल्ली मुम्बई एक्सप्रेसवे पर यू आकार में खाईनुमा डिवाइडर बनाए जा रहे हैं जिसमें लगे पौधों की सिंचाई के लिए प्राधिकरण द्वारा ड्रिप इरीगेशन तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इस तकनीक के इस्तेमाल से एक्सप्रेसवे पर पानी के टैंकरों का अनावश्यक रूप से आवागमन रुकेगा जिससे एक्सप्रेसवे पर दुर्घटना की संभावनाओं में कमी आएगी। इस तकनीक के लिए एक्सप्रेसवे पर हर 10 किलो मीटर पर टंकियों की व्यवस्था की जाएगी जहां से सिंचाई के लिए पानी स्टोर किया जाएगा।</p>
<p><strong>दरा टनल में नेटवर्क के लिए होगी पूरी सुविधा</strong><br />एक्सप्रेसवे के कोटा जिले के हिस्से में दरा में न्यू आॅस्ट्रेलियन मेथड से 5 किलामीटर की टनल बनाई जा रही है। इस टनल का एक हिस्सा उम्मेदपुरा की और तो दुसरा नयागांव जागीर की तरफ खुलेगा। टनल से गुजरने पर वाहनों को किसी प्रकार की समस्या ना हो इसके लिए टनल को दो अलग-अलग हिस्सों में बनाया जा रहा है जो दोनों आपस में इंटर कनेक्ट होंगे ताकी किसी अपातकालीन स्थिति में वाहनों को बाईपास किया जा सके। वहीं टनल को वाटरप्रुफ बनाने के साथ साथ इसके अंदर प्रेशर पंप भी बनाया जा रहा है जिससे बारीश के समय में टनल में पानी ना भरे। टनल के अंदर मोबाइल फोन नेटवर्क बिना किसी बाधा के चालू रहे इसके लिए भी प्राधिकरण द्वारा नेटवर्क बॉक्स लगाए जाएंगे। वहीं प्रदूषण कंट्रोल के लिए भी टनल में सेंसर लगाए जाएंगे जो प्रदूषण की मात्रा बढ़ने पर एक्टिव हो जाएंगे।</p>
<p><strong>सुरक्षा पर भी फोकस, यू आकार डिवाइडर से दुर्घटना में होगी कमी</strong><br />एक्सप्रेस वे पर दुर्घटना के समय में वाहनों को एक तरफ से दूसरी तरफ जाने से रोकने के लिए यू आकार के खाईनुमा डिवाइडर बनाए जा रहे हैं। डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर योगेश बरार ने बताया कि एक्सप्रेस वे पर हादसे के समय नुकसान में कमी लाने के लिए यू आकार के खाईनुमा डिवाइडर बनाए जा रहे हैं जिनमें बीमा बम्बू जो एक प्रकार का लचीला बांस है प्राकृतिक बाउंड्रीवाल की तरह कार्य करेगा। जो वाहन को दुर्घटनाग्रस्त होकर एक्सप्रेसवे के दुसरे हिस्से की और जाने से रोकेगा। वहीं आमतौर पर किसी हाइवे या एक्सप्रेसवे सड़क पर लेन की चौड़ाई 3.5 मीटर रखी जाती है लेकिन दिल्ली मुम्बई एक्सप्रेसवे पर इनकी चौड़ाई 0.25 मीटर बढ़ाकर 3.75 मीटर रखी गई है जिससे तेज गति में वाहनों को सम्भालने के लिए अतिरिक्त स्थान मिलेगा। लेन की चौड़ाई ज्यादा होने से वाहन चलाने में भी सरलता होगी। वहीं सड़क के दोनों ओर पूर्ण रूप से क्रेश बेरियर और फ्लश मीडियम होंगे जो ड्राइवर को लेन और सड़क के बारे में जानकारी देंगे। </p>
<p><strong>रेस्ट एरिया भी होगा</strong><br />एक्सप्रेसवे पर वाहन चालकों के ठहरने के लिए रेस्ट एरिया भी बनाए जा रहे हैं जहां वाहन चालक आवश्यकतानुसार रुक सकेंगे। रेस्ट एरीया में वाहन चालकों के लिए हॉटल, रेस्टोरेंट, ढाबे, पेट्रोल पंप, कैफे और चार्जिंग स्टेशन की भी सुविधा होगी। इसके अलावा इन रेस्ट एरीया में प्राधिकरण द्वारा ट्रोमा सेंटर भी बनाए जाने की संभावना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Jan 2024 16:53:44 +0530</pubDate>
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                <title>ओवरलोड वाहनों के चलते संपर्क सड़कें हुई जर्जर</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्य संपर्क सड़क इन दिनों पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है। बड़े-बड़े गड्ढों के कारण दोपहिया वाहन चालकों के साथ ही चार पहिया वाहन चालक हादसों का शिकार हो रहे है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/contact-roads-dilapidated-due-to-overloaded-vehicles/article-36370"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-02/overload-vaahano-k-chalte-sampark-sadke-hui-jarjar...sultanpur-news-kota-3.2.2023.jpg" alt=""></a><br /><p>सुल्तानपुर। क्षेत्र में भारत माला प्रोजेक्ट के तहत चल रहे 8 लाइन एक्सप्रेस वे के निर्माण कार्य के दौरान सुल्तानपुर नगर से झोटोली गांव में जा रही मुख्य संपर्क सड़क इन दिनों पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है। जिसके कारण इस मार्ग पर आए दिन लोगों को दुर्घटनाओं का शिकार होना पड़ रहा है। सड़क जगह-जगह से गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। जिसके कारण लोगों को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बड़े-बड़े गड्ढों के कारण दोपहिया वाहन चालकों के साथ ही चार पहिया वाहन चालक हादसों का शिकार हो रहे है। गड्ढों के कारण वाहन क्षतिग्रस्त होते रहते हैं। जिससे वाहन चालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। </p>
<p><strong>अंडरपास भी बना परेशानी का सबब</strong><br />राहगीरों ने बताया कि अंडरपास सड़क से नीचा होने के कारण उसमें बारिश के दिनों में पानी भर गया। जिससे राहगीरों व वाहन चालकों को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। पानी भरने से उसमें कीचड़ भी हो गया है। अंडरपास बनाते समय पानी की सुचारू निकासी नहीं होने के कारण उसमें से पानी नहीं निकल पा रहा है। पानी निकालने की खानापूर्ति के लिए अंडरपास के समय जेसीबी की सहायता से नालों का निर्माण किया गया था। लेकिन उन्हें सुचारू रूप से नहीं बना पाने के कारण पानी नहीं निकलने से अंडरपास में पानी भरा रहता है। जिसके चलते पैदल राहगीरों व बाइक सवारों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। </p>
<p><strong>श्रद्धालुओं को करना पड़ता है समस्या का सामना</strong><br />लोगों ने बताया कि इसी मार्ग से होकर हिंदू मुस्लिम एकता के प्रतीक बाबा मानशाह वली की दरगाह पर जाने वाले श्रद्धालुओं को भी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही इसी मार्ग से होकर नैनवां-दूदू-हाइवे भी जुड़ता है। </p>
<p><strong>अधिकारियों को कराया था अवगत</strong><br />झोटोली गांव के ग्रामीणों ने अंडरपास बनाते समय 8 लाइन के अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया था। लेकिन उन्होंने लोगों की एक नहीं सुनी और अंडरपास का निर्माण कर दिया। यह अंडरपास सड़क से करीब 2-3 फीट नीचे होने के कारण उसमें बारिश का पानी भरने लगा है। ग्रामीणों ने बताया कि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ तो गांव का संपर्क भी नगर पालिका से कट सकता है। जबकि नगर पालिका बनने के बाद से झोटोली गांव नगर पालिका क्षेत्र में ही आ रहा है। </p>
<p><strong>दोबारा एस्टीमेट बनाकर कराएंगेअच्छा काम</strong><br />इस मामले में पीडब्ल्यूडी के एईएन कमल मीणा ने कहा कि सड़क के पूर्व में टेंडर भी कराए जा चुके थे। लेकिन बड़े वाहनों के कारण रोड पूरी तरह से खत्म हो चुकी है। इस कारण ठेकेदार द्वारा पुरानी दर पर काम नहीं किया जा रहा है। इसके लिए विभाग द्वारा दोबारा एस्टीमेट बनाकर अच्छा काम कराया जाएगा। इसके लिए उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong></p>
<p>भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत चल रहे आठ लाइन निर्माण कार्य के दौरान गांव को जोड़ने के लिए अंडरपास बनाया गया था। अंडरपास बनाते समय उसमें सुचारू पानी की निकासी नहीं होने से लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। जिस समय अंडरपास का निर्माण कार्य शुरू हुआ था, उस समय भी लोगों ने आंदोलन करते हुए पानी भरने की समस्या बताई थी। लेकिन उस समय लोगों को पानी निकासी की सुचारू व्यवस्था करने का आश्वासन दिया गया था। साथ ही गांव को सुल्तानपुर नगर से जोड़ने वाली सड़क पर भी जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे होने के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। लेकिन इस ओर किसी का ध्यान नहीं है। जगह-जगह पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। जिससे बड़े हादसे होने की आशंका है।<br /><strong>-राजू गुर्जर, निवासी, झोटोली </strong></p>
<p>पैदल यात्रियों को आवागमन में सबसे अधिक समस्या का सामना करना पड़ रहा है। राहगीरों को गड्ढों में हो कर गुजरना पड़ता है। साथ ही गड्ढों में जब पानी भरा होता है तो उन्हें अपने कपड़े गंदे होने का भी डर रहता है।<br /><strong>-रवि शर्मा, श्रद्धालु  </strong></p>
<p>बाबा मान शाह वली दरगाह हिंदू मुस्लिम एकता का प्रतीक है। जहां पर गुरुवार को श्रद्धालुओं का जमावड़ा रहता है। यहां पर हिंदू मुस्लिम सभी लोग दर्शन करने के लिए आते हैं। ऐसे में आस्था की डगर मुश्किल हो गई है। वाहन चालकों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। यहां तक कि कई वाहन चालकों के वाहन तो खराब भी हो चुके हैं। वाहन गड्ढे में गिरने से उन्हें आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा है। <br /><strong>-अब्दुल जाकिर, सुरेश बैरवा, श्रद्धालु</strong></p>
<p>दरगाह पर प्रत्येक गुरुवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु पैदल एवं अपने वाहनों से आते हैं। पानी एवं कीचड़ भरा होने के कारण अंडरपास से गुजरते हुए लोगों के कपड़े गंदे हो जाते हैं। जिससे उन्हें परेशानियां होती हैं। हिंदू मुस्लिम एकता की प्रतीक दरगाह पर पहुंचने के लिए इसी मार्ग से होकर गुजरना पड़ता है। साथ ही दरगाह तक जाने वाला मार्ग काफी दुर्गम हो चुका है। जगह-जगह गड्ढे होने के कारण पैदल चलने में भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।<br /><strong>-मांगीलाल उर्फ मांगू अली, सदर, बाबा मानशाह वली दरगाह </strong></p>
<p>एनएचआई द्वारा 8 लाइन का कार्य कराया जा रहा है। जिसके साथ ही अंडरपास बनाया गया था। उसका कार्य भी एनएचआई द्वारा ही कराया जाएगा।<br /><strong>-कमल मीणा, एईएन, पीडब्ल्यूडी</strong></p>
<p>इस मामले में एनएचआई डिपार्टमेंट को कई बार अवगत करा दिया गया है कि भारत माला प्रोजेक्ट के तहत बड़े वाहनों के कारण सड़क क्षतिग्रस्त हुई है। उसकी मरम्मत कराई जाए। क्योंकि सड़क की स्वीकृति हो चुकी है। सड़क की मरम्मत करने के बाद उसे दुरुस्त करा दिया जाएगा।<br /><strong>-हुकुमचंद मीणा, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी </strong> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Feb 2023 14:47:32 +0530</pubDate>
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