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                <title>Pregnant Women - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Pregnant Women RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान का आयोजन : गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की हुई जांच, मिला उपचार</title>
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                        <![CDATA[प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अंतर्गत जिले में गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच। उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को चिन्हित कर उनका ईलाज करने के साथ पोषण युक्त आहार की जानकारी प्रदान। एनीमिया उपचार के लिए गर्भवती व धात्री महिलाओं को फेरिक कार्बोक्सी माल्टोज  लगाए इंजेक्शन। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/prime-ministers-safe-motherhood-campaign-organized-health-of-pregnant-women/article-144848"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/1200-x-60-px)-(16).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अंतर्गत जिले में शुक्रवार को गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच की गई। जिसमें उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को चिन्हित कर उनका ईलाज करने के साथ पोषण युक्त आहार की जानकारी प्रदान की गई। साथ ही एनीमिया उपचार के लिए गर्भवती व धात्री महिलाओं को फेरिक कार्बोक्सी माल्टोज इंजेक्शन लगाए गए। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जयपुर प्रथम डॉ. रवि शेखावत और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जयपुर द्वितीय डॉ. मनीष मित्तल ने बताया कि जिले के चिकित्सा संस्थानों पर मनाए गए प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान  के तहत विशेषज्ञ चिकिसकों द्वारा गर्भवती महिलाओं की जाच की गई और मां वाउचर योजना के तहत सोनोग्राफी कराने के लिए मा वाउचर प्रदान किए गए।</p>
<p>साथ ही एनीमिया उपचार के लिए गर्भवती व धात्री महिलाओं को फेरिक कार्बोक्सी माल्टोज इंजेक्शन लगाए गए। उन्होंने बताया कि अभियान में गर्भवती महिलाओं के रक्तचाप, शर्करा के स्तर, वजन, लंबाई, हीमोग्लोबिन, रक्त, एचआईवी जांच, हृदय स्पंदन आदि की जांच कर उनको गर्भ में पल रहे शिशु और स्वयं की देखभाल के विषय मे बताया गया और आई.एफ.ए. कैल्शियम तथा अन्य आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई गई। इस अवसर पर चिकित्साकर्मियों द्वारा उन्हें पौष्टिक आहार के महत्व को बताते हुए पोषणयुक्त आहार लेने के लिए जागरूक किया गया।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Feb 2026 16:20:59 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur PS]]>
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                            </item>
            <item>
                <title>नासिक में जाम में फंसी गर्भवती महिला : अमजद की इंसानियत बनी नई जिंदगी की वजह, हिम्मत और कोशिश से रिक्शे में गूंजी किलकारी</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[हाईवे पर भीषण जाम के बीच गर्भवती मजदूर मजीला आवेश वाडवे को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। रिक्शा चालक अमजद अत्तार और सामाजिक कार्यकर्ता रितेश पगारे ने अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन रास्ता बंद होने से महिला ने रिक्शा में ही बच्चे को जन्म दिया। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/the-humanity-of-amjad-a-pregnant-woman-stuck-in-a/article-143936"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/12200-x-600-px)-(14).png" alt=""></a><br /><p>नासिक। महाराष्ट्र के नासिक जिले में एक गर्भवती महिला का वाहन भारी ट्रैफिक में जाम में फंस गया, तब उसकी मदद एक रिक्शा वाले ने की, लेकिन वो महिला अस्पताल पहुंचती, उसके पहले ही रिक्शे में ही बच्चे का जन्म हो गया। महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले के केलीपानी की रहने वाली मजीला आवेश वाडवे नाम की यह श्रमिक महिला अन्य गन्ना मजदूरों के साथ यात्रा कर रही थी, तभी उनका वाहन मनमाड से गुजरने वाले हाईवे पर भीषण जाम में फंस गया। जब वाहन लंबी कतारों में खड़े थे, तभी महिला को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई।</p>
<p>इस बीच रिक्शा चालक अमजद अत्तार आगे आए और अस्पताल पहुँचाने की कोशिश में महिला और उसके परिवार को अपने वाहन में बिठा लिया। हालांकि, आगे का रास्ता पूरी तरह से बंद था। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए, सामाजिक कार्यकर्ता रितेश पगारे अपनी दोपहिया गाड़ी पर आगे बढ़े और ट्रैफिक हटाकर रास्ता बनाने की कोशिश की। उनके तमाम प्रयासों के बावजूद, अस्पताल पहुँचने से पहले ही महिला ने रिक्शा के अंदर बच्चे को जन्म दे दिया।</p>
<p>प्रसव के बाद माँ और नवजात शिशु को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। बताया जा रहा है कि दोनों की हालत स्थिर है और वे स्वस्थ हैं। इस घटना ने स्थानीय लोगों में आक्रोश उत्पन्न कर दिया है, जिन्होंने खराब ट्रैफिक प्रबंधन और हाईवे पर लगने वाले जाम को लेकर प्रशासन की आलोचना की है।</p>
<p> </p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Feb 2026 15:57:22 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur KD]]>
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            <item>
                <title>झालावाड़ के जनाना अस्पताल का मामला : ट्रॉली के इंतजार में तड़पती रही प्रसूता, गेट पर दिया बच्चे को जन्म</title>
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                        <![CDATA[मामले में जब जनाना अस्पताल के अधीक्षक संजय जैन से बात करने फोन लगाया गया तो उन्होंने अपना फोन रिसीव नहीं किया। ]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/the-case-of-zanana-hospital-in-jhalawar-was-suffering-in/article-125529"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/1ne1ws-(6)5.png" alt=""></a><br /><p>झालावाड़। झालावाड़ के हीरा कुंवर बा जनाना अस्पताल में एक गर्भवती महिला को अन्दर ले जाने के लिए ट्रॉली नहीं मिलने पर अस्पताल के गेट पर ही बच्चे को जन्म देना पड़ा। झरनिया गांव की रहने वाली रामपति बाई अपनी रिश्तेदार के प्रसव के लिए जनाना अस्पताल आई थी, जहां काफी देर गुजर जाने के बाद भी जब महिला को लेबर रूम में ले जाने के कोई ट्रॉली मेन नहीं मिला तो उसने अस्पताल के गेट पर ही बच्चे को जन्म दे दिया। प्रसूता के साथ आई उसकी परिजन ने बताया कि रिसेप्शन के पास वे लगभग 15 मिनट तक मदद की प्रतीक्षा करते रहे, लेकिन उन्हें कोई मदद नहीं मिली। इस दौरान कोई ट्रॉली वाला या कोई वार्ड बॉय मौजूद नहीं था, जो उन्हें लेबर रूम तक ले जा सके। तभी रामपति बाई को ब्लीडिंग शुरू हो गई और फर्श पर खून फैलने लगा। इसी दौरान उन्होंने अस्पताल के गेट परबच्चे को जन्म दे दिया। खून फैलने और बच्चे के जन्म के बाद अस्पताल का स्टाफ मौके पर पहुंचा। स्टाफ ने मां और बच्चे को लेबर रूम में शिफ्ट किया। वर्तमान में दोनों की स्थिति स्थिर है और उनका इलाज जारी है।</p>
<p><strong>नहीं उठाया अस्पताल अधीक्षक ने फोन</strong><br />मामले में जब जनाना अस्पताल के अधीक्षक संजय जैन से बात करने फोन लगाया गया तो उन्होंने अपना फोन रिसीव नहीं किया। अब ऐसे में बड़ा सवाल यह उठता है कि प्रसव जैसे गंभीर और संवेदनशील मामले में अस्पताल प्रशासन कितना लापरवाह है इसका अंदाजा साफ लगाया जा सकता है। वरना अस्पताल प्रशासन की लापरवाही से प्रसूता और उसके बच्चे की जान भी जा सकती थी। </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Sep 2025 14:20:18 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur PS]]>
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                            </item>
            <item>
                <title>परिजनों का आरोप : गलत इंजेक्शन लगाने से हुई मौत, पुलिस ने 7 जनों को हिरासत में लिया</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[सूचना पर मौके पर पहुंची मथुरा गेट पुलिस ने मृतका के परिजनों को समझाया लेकिन जब परिजन पुलिस के खिलाफ भी नारेबाजी करने लगे तो पुलिस ने सात लोगों को हिरासत में ले लिया। ]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bharatpur/family-members-died-due-to-wrong-injection-police-detained-7/article-124264"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne1ws74.png" alt=""></a><br /><p>भरतपुर। शहर के जनाना अस्पताल में बालिका को जन्म देने के कुछ देर बाद प्रसूता की मौत होने से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। इस दौरान परिजनों ने चिकित्सा स्टाफ पर गलत इंजेक्शन से मौत होने का आरोप लगाया। वहीं हंगामा कर रहे सात लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। जानकारी के अनुसार मंगलवार को देर शाम महिला ने बच्ची को जन्म दिया था और देर रात्रि महिला की तबीयत अचानक खराब होने लगी जिसके बाद उसे इंजेक्शन लगाया गया। इंजेक्शन लगाने के बाद ही उसकी मौत हो गई। इसके बाद आक्रोशित महिला के परिजनों ने जनाना अस्पताल में हंगामा कर दिया। सूचना पर पहुंची मथुरा गेट थाना पुलिस ने हंगामा कर रहे सात लोगों को हिरासत में लिया।</p>
<p>महिला के पति आकाश ने बताया कि मंगलवार शाम उसने पत्नी 26 वर्षीय पिंकी को प्रसव के लिए जनाना अस्पताल में भर्ती कराया, शाम 7 बजे पिंकी ने बालिका को जन्म दिया, जिसके बाद उसे वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। रात करीब 12 बजे पिंकी को घबराहट हुई, नर्सिंगकर्मियों को बताने पर उन्होंने  पत्नी को इंजेक्शन लगाया। इंजेक्शन लगने के बाद रात करीब 1.30 बजे पिंकी की मौत हो गई। महिला के पति का कहना है कि गलत इंजेक्शन लगाने से मेरी पत्नी की मौत हुई है इसलिए अस्पताल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, जिसको लेकर परिजनों ने अस्पताल के बाहर बुधवार को सुबह धरना दिया। सूचना पर मौके पर पहुंची मथुरा गेट पुलिस ने मृतका केपरिजनों को समझाया लेकिन जब परिजन पुलिस के खिलाफ भी नारेबाजी करने लगे तो पुलिस ने सात लोगों को हिरासत में ले लिया। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />मामले में जनाना अस्पताल के प्रभारी शेरसिंह ने कहा कि रात को एक महिला का ऑपरेशन हुआ था। महिला का ऑपरेशन नार्मल हो गया था। रात को अचानक महिला की तबीयत खराब हुई जिस पर चिकित्सकों ने महिला को कवर कर लिया था, लेकिन उसके बाद भी तबीयत में सुधार नहीं हुआ तो अस्पताल के आईसीयू वार्ड में भेजा गया था, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। महिला के परिजन कोई शिकायत देते हैं तो जांच कार्रवाई की जाएगी। </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>भरतपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bharatpur/family-members-died-due-to-wrong-injection-police-detained-7/article-124264</link>
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                <pubDate>Thu, 21 Aug 2025 14:20:54 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur PS]]>
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                            </item>
            <item>
                <title>प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान में गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की हुई जांच, मिला उपचार</title>
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                        <![CDATA[प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अंतर्गत चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच की गई।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/treatment-received-in-health-of-pregnant-women-in-prime-ministers/article-107075"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/news-(7)2.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अंतर्गत चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच की गई, जिसमें उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को चिन्हित कर उनका ईलाज करने के साथ पोषण युक्त आहार की जानकारी प्रदान की गई। साथ ही जिले में चल रहे सवाईकल कैंसर जनजागरूकता विशेष अभियान के तहत सवाईकल कैंसर की स्क्रीनिंग करने के साथ ही मां वाउचर योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को सोनोग्राफी के लिए वाउचर प्रदान किए गए।</p>
<p>मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जयपुर द्वितीय डॉ. हंसराज भदालिया ने बताया कि जिले के चिकित्सा संस्थानों पर मनाए गए प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा गर्भवती महिलाओं की जांच की गई।  </p>
<p>गर्भवती महिलाओं के रक्तचाप, शर्करा के स्तर, वजन, लंबाई, हीमोग्लोबिन, रक्त, एचआईवी जांच, हृदय स्पंदन आदि की जांच कर उनको गर्भ में पल रहे शिशु और स्वयं की देखभाल के विषय मे बताया गया और आई.एफ.ए. कैल्शियम तथा अन्य आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई गई। इस अवसर पर चिकित्साकर्मियों द्वारा उन्हें पौष्टिक आहार के महत्व को बताते हुए पोषणयुक्त आहार लेने  के लिए जागरूक किया गया।</p>
<p>13 मार्च से एक हल्के प्रभाव का पश्चिमी विक्षोभराजस्थान में एक्टिव होगा। इस सिस्टम का असर 13 और 14 मार्च को बीकानेर संभाग के जिलों में रहने की संभावना है।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 10 Mar 2025 17:34:43 +0530</pubDate>
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                <title>गर्भवती महिलाओं को दी बच्चों के पालन पोषण की जानकारी</title>
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                        <![CDATA[गर्भवती महिलाओं को सीखाने, समझाने और हर कंफ्यूजन को लेकर उसका उत्तर देने के लिए डॉक्टर्स उपस्थित रहे। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/information-about-the-upbringing-of-children-given-to-pregnant-women/article-105430"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/21.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। गर्भवती महिलाओं में बाल पालन पोषण के लिए संपूर्ण जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से जयपुर के एक अस्पताल में विशेष बेबी शॉवर कार्यक्रम हुआ, इसमें गर्भवती महिलाओं को सीखाने, समझाने और हर कंफ्यूजन को लेकर उसका उत्तर देने के लिए डॉक्टर्स उपस्थित रहे। </p>
<p>इस दौरान हॉस्पिटल की सीनियर कंसल्टेंट डॉ. हिमानी शर्मा ने महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान पोषण, सामान्य समस्याएं, सुरक्षित व्यायाम और मानसिक स्वास्थ्य के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। डॉ.शर्मा ने कहा कि गर्भ में पल रहा बच्चा बाहरी उत्तेजनाओं का जवाब देता है। मधुर संगीत, जोर से पढ़ना और तनाव-मुक्त वातावरण भ्रूण के विकास पर शांत प्रभाव डाल सकता है। ध्यान और माइंडफुलनेस भी मां की भावनाओं को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 25 Feb 2025 12:11:47 +0530</pubDate>
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                <title> जीका वायरस: चिकित्सा महकमा अलर्ट मोड पर</title>
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                        <![CDATA[ संक्रमित पाई जाने वाली महिलाओं के भ्रूण के विकास की निगरानी करने के निर्देश।
]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/zika-virus--medical-department-on-alert-mode/article-83739"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/12.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। महाराष्ट्र में जीका वायरस के  मामले सामने आने के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को सभी राज्यों को परामर्श जारी कर स्थिति की निरंतर निगरानी रखने का निर्देश दिया। राज्यों से कहा गया है कि वे गर्भवती महिलाओं की जीका वायरस जांच कराएं। संक्रमित पाई जाने वाली महिलाओं के भ्रूण के विकास की निगरानी करें। स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक डॉ. अतुल गोयल द्वारा जारी परामर्श के अलावा, मंत्रालय ने स्वास्थ्य संस्थानों को एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने का भी निर्देश दिया, जो परिसरों के एडीज मच्छरों के संक्रमण से मुक्त रखने की निगरानी और कार्रवाई करेंगे। कोटा में जीका वायरस को लेकर सभी अधिकारियों को अलर्ट रहने को कहा गया है। अब तक आठ मामले आ चुके महाराष्टÑ में:  इस साल 2 जुलाई तक पुणे में जीका के 6 और कोल्हापुर व संगमनेर में 1-1 मामला सामने आ चुका है। देशमें 2016 में गुजरात से पहला जीका मामला सामने आया था। महाराष्ट्र में बढ़ते जीका वायरस के मामलों को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को राज्यों को एक एडवाइजरी जारी की है। साथ ही राज्यों से गर्भवती महिलाओं में वायरस की जांच के जरिए निरंतर निगरानी बनाए रखने का आग्रह किया। राज्यों को यह भी सलाह दी गई है कि वे गर्भवती महिलाओं में संक्रमण की जांच करके और जीका के लिए सकारात्मक परीक्षण करने वाली गर्भवती महिलाओं के भ्रूण के विकास की निगरानी करके निरंतर निगरानी बनाए रखें।</p>
<p><strong>एडीज मच्छर से फैलता है जीका वायरस</strong><br />सीएमएचओ डॉ. जगदीश सोनी ने बताया कि जीका वायरस संक्रमण एडीज मच्छर के काटने से फैलता है। इस मच्छर से डेंगू और चिकनगुनिया भी होता है।  हालांकि, जीका संक्रमण से मौत नहीं होती है, लेकिन इसमें संक्रमित गर्भवती महिला के शिशु में माइक्रोसेफेली की समस्या हो सकती है, जिसमें उसके सिर का आकार अपेक्षाकृत बहुत छोटा हो जाता है।  परामर्श में कहा गया है कि चूंकि जीका वायरस से संक्रमित गर्भवती महिलाओं के भ्रूण में 'माइक्रोसेफेली' और तंत्रिका संबंधी समस्याएं हो सकती हैं, इसलिए राज्यों को सलाह दी गई है कि वे चिकित्सकों को इसकी करीबी निगरानी करने के लिए कहें। राज्यों से आग्रह किया गया है कि वे प्रभावित क्षेत्रों में स्थित स्वास्थ्य संस्थानों या संक्रमित मरीजों की देखभाल करने वाली संस्थाओं को निर्देश दें कि वे गर्भवती महिलाओं की जीका जांच करें। </p>
<p><strong>स्वास्थ्य और कल्याण मंत्रालय की एडवाइजरी में यह कहा</strong><br />- जीका प्रभावित गर्भवती महिलाओं को लेकर राज्यों को सलाह दी गई है कि वे चिकित्सकों को नजदीकी निगरानी के लिए सचेत करें।<br />- राज्यों से आग्रह किया गया है कि वे प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं या प्रभावित क्षेत्रों से आने वाले मामलों को संभालने वाले लोगों को निर्देश दें।<br />- जीका वायरस के संक्रमण के लिए गर्भवती महिलाओं की जांच करें।<br />- जीका के लिए सकारात्मक परीक्षण करने वाली गर्भवती माताओं के भ्रूण के विकास की निगरानी करें। एडवाइजरी में राज्यों से यह भी आग्रह किया गया है कि वे समुदाय के बीच भय को कम करने के लिए सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफार्मों पर एहतियाती आईईसी संदेशों के माध्यम से जागरूकता को बढ़ावा दें।</p>
<p><strong>क्या है जीका वायरस?</strong><br />सीएमएचओ डॉ. जगदीश सोनी ने बताया कि जीका डेंगू और चिकनगुनिया की तरह एडीज मच्छर जनित वायरल बीमारी है। हालांकि, जीका से प्रभावित गर्भवती महिलाओं से पैदा होने वाले शिशुओं में माइक्रोसेफली (सिर का आकार कम होना) खतरा रहता है। देश में 2016 में गुजरात से पहला जीका मामला सामने आया था। तब से, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, राजस्थान, केरल, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और कर्नाटक सहित कई अन्य राज्यों में इसके मामले सामने आए हैं।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />अभी जीका वायरस को लेकर एडवाइजरी नहीं प्राप्त हुई है। लेकिन सभी चिकित्सा प्रभारियों को इसको लेकर अलर्ट कर दिया है। साथ ही सीएचसी व पीएचसी पर आने वाली गर्भवती महिलाओं की जीका की जांच कराने के लिए भी कहा गया है।<br /><strong>- डॉ. जगदीश कुमार सोनी, सीएमएचओ कोटा </strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 05 Jul 2024 15:41:43 +0530</pubDate>
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                <title>प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना: चार माह से खातों में नहीं आ रहा ऑनलाइन भुगतान</title>
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                        <![CDATA[प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना  के तहत गर्भवती महिलाओं के सीधे खाते में राशि आती है। इस योजना में महिलाओं को तीन किस्तों में 5000 हजार रुपए का भुगतान किया जाता है। शेष 1 हजार रुपए जननी सुरक्षा योजना के तहत प्रसव के बाद दिया जाता है। औसतन एक महिला के खाते 5000 रुपए आते हैं। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/pradhan-mantri-matru-vandana-yojana-online-payment-is-not-coming-in-accounts-for-four-months/article-22911"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-09/pradhanmantri-matra-vandana-yojana-ka-nahi-koi-dhani-dhori...kota-news-15.9.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। गर्भवती व स्तनपान करानी वाली महिलाओं के कल्याण के लिए चलाई गई प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का कोटा में कोई घणी-घोरी नहीं है। चार माह से बजट नहीं आने से गर्भवती महिलाओं के खातों में ऑनलाइन भुगतान अटका हुआ है। वहीं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से महिला एवं बाल विकास विभाग के उपनिदेशक कार्यालय दो से तीन माह में एक साथ लिए जा रहे है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का कहना है कि आॅनलाइन फार्म चढ़ने के बाद भी महिलाओं के खातों में भुगतान नहीं आ रहा है। गर्भवती महिलाएं केंद्र पर चक्कर लगाती है। उल्लेखनीय है कि गर्भवती व स्तनपान करानी वाली महिलाओं के कल्याण के लिए 2017 में देशभर में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की शुरूआत की गई थी। राज्य में भाजपा सरकार थी तब तक तो केंद्र की इस महत्वाकांक्षी योजना अच्छे से क्रियान्वित होती रही। लेकिन योजना की गति धीमी पड़ चुकी है। आलम यह है कि चार माह से भुगतान तक अटके पड़े है। केंद्र प्रायोजित इस योजना को महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा संचालित किया जा रहा है। इस योजना के तहत गर्भवती महिलाओं के सीधे खाते में राशि आती है। इस योजना में महिलाओं को तीन किस्तों में 5000 हजार रुपए का भुगतान किया जाता है। शेष 1 हजार रुपए जननी सुरक्षा योजना के तहत प्रसव के बाद दिया जाता है। औसतन एक महिला के खाते 5000 रुपए आते हैं। योजना शुरू होने से लेकर 3 जुलाई 2020 तक 9 करोड़ 8 लाख 69 हजार रुपए का भुगतान किया जा चुका है। जहां कोविड काल में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में जुलाई 2020 तक 24 हजार 108 गर्भवती व स्तनपान करानी वाली महिलाएं लाभान्वित हो चुकी थी वहीं इस वर्ष अप्रैल से 9 सितंबर 2022 तक 1274 प्रसूताओं 40 हजार 768 फार्म ए वाली महिलाए लांभावित हो चुकी है। </p>
<p><strong>प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना ये है उद्देश्य</strong><br />प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का मुख्य उद्देश्य काम करने वाली महिलाओं की मजदूरी के नुकसान की भरपाई करने के लिए मुआवजा देना और उनके उचित आराम और पोषण को सुनिश्चित करना। गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के स्वास्थ्य में सुधार और नकदी प्रोत्साहन के माध्यम से अधीन-पोषण के प्रभाव को कम करना।</p>
<p><strong> इन श्रेणी की गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को नहीं मिलता लाभ</strong><br />- जो केंद्रीय या राज्य सरकार या किसी सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम के साथ नियमित रोजगार में हैं।<br />- जो किसी अन्य योजना या कानून के तहत समान लाभ प्राप्तकर्ता हैं। सीडीपीओ नोमिनेशन ऑर्डर के अनुसार फार्म 1 ए, फार्म 1 बी, फार्म 1 सी के आधार पर भुगतान किया जाएगा। </p>
<p><strong>योजना में ये मिलते लाभ </strong><br />इस योजना से गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को पहले जीवित बच्चे के जन्म के दौरान फायदा होगा। योजना की लाभ राशि ऑनलाइन के माध्यम से लाभार्थी के बैंक खाते में सीधे भेज दी जाएगी। किश्तों में राशि का भुगतान करेगी। पहली किस्त 1000 रुपए गर्भावस्था के पंजीकरण के समय, दूसरी किस्त: 2000 रुपए,यदि लाभार्थी छह महीने की गर्भावस्था के बाद कम से कम एक प्रसवपूर्व जांच कर लेते हैं । तीसरी किस्त: 2000 रुपए, जब बच्चे का जन्म पंजीकृत हो जाता है और बच्चे को बीसीजी, ओपीवी, डीपीटी और हेपेटाइटिस-ई सहित पहले टीके का चक्र शुरू होता है।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लाभार्थियों के फार्म दो से तीन माह से विभाग वाले नहीं ले रहे है। जिससे कई लाभार्थियों की आवेदन की तिथियां निकलने से योजना का लाभ नहीं मिल सका। वहीं महिलाओं के फार्म जमा होने बाद भी दो से तीन माह से अभी तक भुगतान नहीं हुआ है। जिससे गर्भवती महिलाओं को योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। इस योजना का कोई धणी धोरी नहीं है। <br /><strong>- शाहिदा खान, प्रदेशाध्यक्ष राजस्थान आंगनबाड़ी महिला कर्मचारी  संघ</strong></p>
<p>कोटा जिले प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में अप्रैल से 9 सितंबर तक लांभावितप्रधानमंत्री मातृ वंदना की प्रभावी मॉनीटरिंग की जा रही है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व आशा सहयोगी से फार्म मासिक बैठक में एक साथ लिए जाते है। मातृ वंदना की लाभार्थी गर्भवती व स्तनपान करने  महिलाओं के फार्म नियमित भरे जा रहे है। उनके खातों में भुगतान भी आ रहा है। किसी महिला का आधार या अन्य दस्तावेज अपडेट नहीं होने पर ही भुगतान देरी से होता है।<br /><strong>- आलोक शर्मा, उपनिदेशक महिला एवं बाल विकास विभाग कोटा </strong></p>
<p> </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 15 Sep 2022 17:13:47 +0530</pubDate>
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                <title>अब गर्भवती महिलाओं को भी लगेगा कोरोना टीका, स्वास्थ्य मंत्रालय ने NITAG की सिफारिशों को दी मंजूरी</title>
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                        <![CDATA[गर्भवती महिलाएं भी अब कोरोना वैक्सीन लगवा सकती हैं। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने नेशनल टेक्नीकल एडवाइजरी ग्रुप ऑन इम्यूनाइजेशन की सिफारिशों को मंजूर प्रदान की है। मंत्रालय ने कहा कि गर्भवती महिलाएं कोविड-19 वैक्सीनेशन के लिए पात्र हैं। गर्भवती महिलाएं कोविन ऐप पर पंजीकरण करा सकती हैं या टीका लगवाने के लिए सीधे कोविड टीकाकरण केंद्र जा सकती हैं।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%85%E0%A4%AC-%E0%A4%97%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AD%E0%A4%B5%E0%A4%A4%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%93%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%AD%E0%A5%80-%E0%A4%B2%E0%A4%97%E0%A5%87%E0%A4%97%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%9F%E0%A5%80%E0%A4%95%E0%A4%BE--%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A5%8D%E0%A4%AF-%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%AF-%E0%A4%A8%E0%A5%87-nitag-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%AB%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%B6%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%9C%E0%A5%82%E0%A4%B0%E0%A5%80/article-981"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-06/1010.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। गर्भवती महिलाएं भी अब कोरोना वैक्सीन लगवा सकती हैं। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने नेशनल टेक्नीकल एडवाइजरी ग्रुप ऑन इम्यूनाइजेशन की सिफारिशों को मंजूर प्रदान की है। मंत्रालय ने कहा कि गर्भवती महिलाएं कोविड-19 वैक्सीनेशन के लिए पात्र हैं। गर्भवती महिलाएं कोविन ऐप पर पंजीकरण करा सकती हैं या टीका लगवाने के लिए सीधे कोविड टीकाकरण केंद्र जा सकती हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि सभी राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों को इस निर्णय की सूचना उसे वर्तमान राष्ट्रीय कोविड टीकाकरण कार्यक्रम के तहत लागू करने के लिए दे दी गयी है।भारत के कोविड टीकारण कार्यक्रम में वैक्सीनेशन, जनस्वास्थ्य, रोग नियंत्रण और सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्रों के शीर्ष विशेषज्ञों की सिफारिशें शमिल हैं।<br /> <br /> <strong>90 फीसदी महिलाएं घर पर ठीक हो जाती है</strong><br /> मंत्रालय ने कहा कि वैज्ञानिक एवं महामारी विज्ञान सबूतों पर आधारित यह कार्यक्रम हेल्थ स्पेशिस्ट, स्वास्थ्य एवं फ्रंट लाइन वॉरियर और समाज के सबसे ज्यादा संभावित जोखिम वाले वर्गों को सुरक्षित करके देश की स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करने पर बल देता है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक गर्भवती महिलाएं गर्भावस्था के किसी भी स्टेज पर वैक्सीन ले सकती हैं। एक स्टडी में यह सामने आया था कि कोरोना इंफेक्शन से गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य पर बुरा असर हो रहा था और उनमें कई गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ने के साथ ही भ्रूण पर भी असर पड़ने की आशंका थी। <br /> <br /> स्टडी में ये भी सामने आया कि दूसरी महिलाओं की तुलना में गर्भवती महिलाओं में कोरोना वायरस से गंभीर संक्रमण का खतरा है, अध्ययन में कोविड संक्रमित गर्भवती महिलाओं में प्री मेच्योर बर्थ के खतरा का अंदेशा भी जताया गया था। स्टडी में बताया गया था कि 90 फीसदी से अधिक संक्रमित गर्भवती महिलाएं घर पर ही ठीक हो जाती हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने की आवश्यकता नहीं पड़ती, लेकिन कुछ महिलाओं के स्वास्थ्य में तेजी से गिरावट आ सकती है और इससे भ्रूण भी प्रभावित हो सकता है। इसलिए यह सलाह दी जाती है कि एक गर्भवती महिला को कोविड-19 टीका लगवाना चाहिए।<br /> <br /> <strong>सरकार ने चेताया- अभी कोरोना की दूसरी लहर खत्म नहीं हुई</strong><br /> कोरोना की दूसरी लहर में मामले जरूरी कम हो रहे हैं, लेकिन इसका खतरा अभी भी टला नहीं है। केंद्र सरकार ने टीकाकरण और कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करने पर शुक्रवार को जोर देते हुए कहा कि महामारी की दूसरी लहर अभी खत्म नहीं हुई है, इसलिए लापरवाही नहीं बरतें।  सकते और न ही करना चाहिए। <br /> <br /> <strong>केंद्र ने छत्तीसगढ़, केरल समेत छह प्रभावित राज्यों में टीमें भेजीं</strong><br /> छह राज्यों में कोरोना के केस बढ़ने पर केंद्र सरकार सतर्क हो गई है। केंद्र ने इन राज्यों में हाईलेवल टीमें भेजी हैं। ये राज्य केरल, अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और मणिपुर हैं। केंद्र की टीमें यहां कोरोना को कंट्रोल करने और कंटेनमेंट में मदद करेंगी। इन टीमों में एक-एक क्लीनिशियन और एक-एक पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट शामिल हैं। सरकार का कहना है कि केंद्रीय हेल्थ टीमें शुरूआती तौर पर ये देखेंगी कि इन राज्यों को क्या दिक्कतें आ रही हैं। </p>]]>
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                <pubDate>Sat, 03 Jul 2021 12:21:43 +0530</pubDate>
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                <title>गर्भवती महिलाओं के लिए भी सुरक्षित है कोरोना की वैक्सीन, स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी की नई गाइडलाइंस</title>
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                        <![CDATA[स्वास्थ्य मंत्रालय ने गर्भवती महिलाओं को कोरोना वैक्सीन लगाने के लिए गाईडलाइन जारी की है। मंत्रालय ने कहा कि अधिकतर गर्भवती महिलाएं ऐसिम्प्टमैटिक होगी या उन्हें हल्की बीमारी होगी।]]>
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                <pubDate>Tue, 29 Jun 2021 16:12:31 +0530</pubDate>
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