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                <title>niti aayog - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>niti aayog RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>NITI आयोग रिपोर्ट: देश में हर 10 में से 1 छात्र छोड़ रहा स्कूल, माध्यमिक शिक्षा पर बढ़ी चिंता</title>
                                    <description><![CDATA[नीति आयोग की मई 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 11.5% छात्र माध्यमिक शिक्षा बीच में छोड़ रहे हैं। चंडीगढ़ 2% के साथ सबसे बेहतर, जबकि गुजरात और एमपी में यह दर 16% से अधिक है। आर्थिक तंगी प्रमुख कारण है। हालांकि, राजस्थान ने अपनी दर 18.8% से घटाकर 7.7% कर सराहनीय सुधार दिखाया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/niti-commission-report-1-out-of-every-10-students-in/article-153283"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/rera2.pdf-(1200-x-600-px)-(1)2.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। नीति आयोग की मई 2026 में जारी रिपोर्ट ‘भारत में स्कूली शिक्षा प्रणाली’ ने माध्यमिक शिक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट के अनुसार, देश में हर दस में से एक छात्र सेकेंडरी स्तर पर पढ़ाई बीच में छोड़ रहा है। हालांकि पिछले एक दशक में स्थिति में सुधार हुआ है, लेकिन माध्यमिक स्तर अब भी सबसे ज्यादा ड्रॉप आउट वाला चरण बना हुआ है। रिपोर्ट बताती है कि वर्ष 2024-25 में माध्यमिक स्तर पर स्कूल छोड़ने की राष्ट्रीय औसत दर 11.5 प्रतिशत रही। आर्थिक तंगी, कम उम्र में कामकाज में लग जाना और संस्थागत सहयोग की कमी इसके प्रमुख कारण बताए गए हैं।</p>
<p>राज्यों के आंकड़ों में बड़ा अंतर देखने को मिला। चंडीगढ़ में ड्रॉप आउट दर सबसे कम 2 प्रतिशत रही, जबकि झारखंड 3.5 प्रतिशत, उत्तराखंड 4.6 प्रतिशत और केरल 4.8 प्रतिशत के साथ बेहतर स्थिति में रहे। दूसरी ओर गुजरात में 16.9 प्रतिशत, मध्य प्रदेश में 16.8 प्रतिशत और लद्दाख में 16.2 प्रतिशत छात्र माध्यमिक शिक्षा बीच में छोड़ रहे हैं। रिपोर्ट में ओडिशा, झारखंड, बिहार और राजस्थान जैसे राज्यों में सुधार को भी रेखांकित किया गया है। राजस्थान में ड्रॉप आउट दर 18.8 प्रतिशत से घटकर 7.7 प्रतिशत पहुंच गई है। नीति आयोग ने माना कि प्रगति के बावजूद माध्यमिक शिक्षा में छात्रों को स्कूल से जोड़े रखना अब भी बड़ी चुनौती बना हुआ है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 09 May 2026 18:36:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>एआई भारत के लिए अवसरों का द्वार : नीति आयोग की रिपोर्ट, 2035 तक 600 अरब डॉलर की जीडीपी वृद्धि का दावा</title>
                                    <description><![CDATA[आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) कोई खतरा नहीं है, बल्कि यह अवसरों का दरवाजा है, यदि भारत एआई को सही दिशा में अपनाता है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/ai-niti-aayog-reports-for-indias-opportunities-claim-to-increase/article-126995"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/11-(1)18.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) कोई खतरा नहीं है, बल्कि यह अवसरों का दरवाजा है, यदि भारत एआई को सही दिशा में अपनाता है, तो हम न केवल दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बन सकते हैं बल्कि अगले दशक में आठ फीसदी से अधिक की वार्षिक विकास दर भी हासिल कर सकते हैं। यह यह दावा भारत के नीति आयोग और टेक हब द्वारा जारी की गई एक नई रिपोर्ट में किया गया है। </p>
<p><strong>देश की अर्थव्यवस्था के लिए निर्णायक शक्ति</strong><br />नीति आयोग की इस रिपोर्ट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को देश की अर्थव्यवस्था के लिए एक निर्णायक शक्ति बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, यदि एआई का सही तरीके से उपयोग किया गया, तो यह भारत को 2035 तक एक विकसित राष्टÑ की श्रेणी में ला सकता है और देश की जीडीपी में 500 से 600 अरब डॉलर तक की वृद्धि संभव है।  नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रह्मण्यम ने रिपोर्ट जारी करते हुए कहा कि एआई के आने से नौकरियां खत्म नहीं होंगी, बल्कि नए प्रकार की नौकरियों का निर्माण होगा, बशर्ते देश की कार्यशक्ति को समय रहते आवश्यक कौशल प्रदान किए जाएं। नीति आयोग ने एआई को लेकर तीन क्षेत्रों उद्योग क्षेत्र के लिए नीति, सरकारी कार्यों में एआई का समावेश और रोजगार और स्किल डेवलपमेंट में नई दिशा में रोडमैप तैयार करने की बात कही है।</p>
<p><strong>आठ फीसदी विकास दर का टारगेट </strong><br />सुब्रह्मण्यम ने बताया कि भारत एक तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बनी रहेगी, अगर प्रोडक्शन और इनोवेशन रेट बढ़ाने के लिए एआई का सही इस्तेमाल किया जाए तो यह निश्चित रूप से देश को आठ फीसदी से ज्यादा की वार्षिक विकास दर तक ले जाएगा। यह निश्चित रूप से भारत को हमारी मूल अपेक्षाओं से कहीं ज्यादा तेजी से एक विकसित अर्थव्यवस्था बना देगा।</p>
<p><strong>भारत की प्रतिष्ठा को मजबूत करेगा</strong><br />रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि टेक्नोलॉजी सर्विस में इनोवेशन, टेक्नोलॉजी सर्विस लीडर में अग्रणी के रूप में भारत की प्रतिष्ठा को मजबूत करेगा और एआई की वजह से वैश्विक बाजार में भारत की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी। हालांकि कुछ निम्न कौशल वाले क्षेत्रों के कामकाज जरूर प्रभावित होंगे, लेकिन एआई से कई नए रोजगार पैदा भी होंगे। रिपोर्ट कहती है कि वित्तीय सेवाओं और विनिर्माण के क्षेत्र पर एआई के इस्तेमाल का सबसे बड़ा असर देखने को मिल सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Sep 2025 13:19:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नीति आयोग की 10वीं शासी परिषद की बैठक 24 मई को, मुख्यमंत्री पेश करेंगे विकसित राजस्थान 2047&quot; का विज़न</title>
                                    <description><![CDATA[नीति आयोग की शासी परिषद की 10वीं बैठक प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में 24 मई 2025 को आयोजित होने जा रही है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/niti-aayogs-10th-governing-council-meeting-will-present-chief-minister/article-111653"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/news-(5)12.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। नीति आयोग की शासी परिषद की 10वीं बैठक प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में 24 मई 2025 को आयोजित होने जा रही है। इस बैठक में राजस्थान के  विकसित राजस्थान 2047" का विज़न  प्रस्तुत करेंगे। इसके लिए सभी विभागों से सूचनाएं मांगी है। आयोजना विभाग के अनुसार बैठक के एजेंडे में प्रमोटिंग एंटरप्रेन्योरशिप, एम्प्लॉयमेंट एंड स्किलिंग-लिवेरेगिंग द डेमोग्राफिक  डिविडेंड विषय के तहत छह उप-विषय शामिल किए गए हैं। इसमें निर्माण क्षेत्र, सेवाएं, ग्रामीण गैर-कृषि क्षेत्र, शहरी क्षेत्र, नवीकरणीय ऊर्जा, </p>
<p>परिपत्र अर्थव्यवस्था शामिल है। राज्य सरकार ने सभी विभागों को इन उप-विषयों पर उनकी प्रगति, नवाचार और क्रियान्वयन योजनाओं की जानकारी साझा करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, "विकसित राजस्थान 2047" के विज़न के अनुरूप मुख्यमंत्री के लिए उ‌द्बोधन और टॉकिंग पॉइंट्स तैयार करने को कहा गया है। सभी विभागों से अनुरोध किया गया है कि वे 30 अप्रैल 2025 तक अपनी रिपोर्ट और नोट्स हिंदी व अंग्रेजी में ईमेल द्वारा भेजें। इस संदर्भ में जल्द ही एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित होने की संभावना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 22 Apr 2025 18:19:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नीति आयोग बनाएगा फ्रंटियर टेक हब युवा हो सकेंगे थिंक टैंक में शामिल, युवाओं को मिलेगी बदलाव लाने में भागीदारी</title>
                                    <description><![CDATA[सुब्रमण्यम ने कहा कि इसके लिए हमें जमीन, श्रम और निवेश को ध्यान में रखते हुए कृषि, सेवा एवं मैन्यूफैक्चरिंग क्षेत्र का बेहतर उपयोग करना होगा। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/niti-aayog-will-make-the-frontier-tech-hub-youth-will/article-106602"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/257rtrer-(2)18.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। नेशनल इंस्टीट्युट फॉर ट्रांसफार्मिंग इंडिया (नीति) आयोग फ्रंटियर टेक हब बनाएगा। इसके जरिए केन्द्र सरकार युवाओं को थिंक टैंक में शामिल होने का अवसर देगी। ताकि 2047 तक विकसित भारत बनाया जा सके। असल में, नीति आयोग फ्रंटियर टेक्नोलॉजिज में कंसल्टेंट और युवा पेशेवरों के रूप में भूमिका निभाने के लिए उन्हें आमंत्रित किया है। ताकि देश के कुछ बेहतरीन दिमागों के साथ एक जीवंत, सहयोगी माहौल में काम करें और बदलाव लाने के लिए नवीन नीतियों को आकार दें। इसके लिए लिए नीति आयोग ने युवाओं को पंजीकरण के लिए अपने रिसोर्स फुल पोर्टल पर आमंत्रित किया है। </p>
<p><strong>प्रौद्योगिकी के जरिए हम देश की जीडीपी बढ़ा सकते हैं: सुब्रमण्यम </strong><br />देश निर्माण एवं नीतियों में बदलाव में युवाओं को आमंत्रित करते हुए नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रमण्यम ने कहा कि प्रौद्योगिकी के जरिए हम देश की जीडीपी में दो से चार फीसदी तक बढ़ोतरी कर सकते हैं। प्रौद्योगिकी का हम पूरा उपयोग भी करें। लेकिन हम लोग इसके गुलाम भी नहीं बने। </p>
<p><strong>दो साल में भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा </strong><br />उन्होंने दावा किया कि अगले दो साल में भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है। आज एआई, क्वांटम कम्प्यूटिंग और बॉयो टेक्नोलॉजी में खूब अवसर हैं। सुब्रमण्यम ने कहा कि इसके लिए हमें जमीन, श्रम और निवेश को ध्यान में रखते हुए कृषि, सेवा एवं मैन्यूफैक्चरिंग क्षेत्र का बेहतर उपयोग करना होगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 06 Mar 2025 12:41:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राष्ट्रीय बहुआयामी गरीबी सूचकांक : पांच वर्ष में 13.5 करोड़ भारतीय गरीबी से मुक्त</title>
                                    <description><![CDATA[पिछले पांच वर्ष में 13.5 करोड़ भारतीय गरीबी से मुक्त हुए है और वर्ष 2015-16 तथा  और 2019-21 के बीच गरीब व्यक्तियों की संख्या 24.85 प्रतिशत से गिरकर 14.96 प्रतिशत हो गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/national-multidimensional-poverty-index-135-crore-indians-freed-from-poverty/article-52041"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-07/1-(3)2.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। पिछले पांच वर्ष में 13.5 करोड़ भारतीय गरीबी से मुक्त हुए है और वर्ष 2015-16 तथा  और 2019-21 के बीच गरीब व्यक्तियों की संख्या 24.85 प्रतिशत से गिरकर 14.96 प्रतिशत हो गई है। नीति आयोग के उपाध्यक्ष सुमन बेरी ने राष्ट्रीय बहुआयामी गरीबी सूचकांक: एक प्रगति संबंधी समीक्षा 2023 जारी की। रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2015-16 से 2019-21 की अवधि के दौरान रिकॉर्ड 13.5 करोड़ लोग गरीबी से मुक्त हुए। इस अवसर पर नीति आयोग ने नीति आयोग के सदस्य डॉ. वी.के. पॉल, डॉ. अरविंद विरमानी और मुख्य कार्यकारी अधिकारी बी.वी.आर. सुब्रमण्यम भी उपस्थिति रहे। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी तीव्रतम गति से 32.59 प्रतिशत से गिरकर 19.28 प्रतिशत रह गयी है।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en" xml:lang="en"><a href="https://twitter.com/hashtag/NITIAayog?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#NITIAayog</a> released “National <a href="https://twitter.com/hashtag/MultidimensionalPovertyIndex?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#MultidimensionalPovertyIndex</a>: A Progress Review 2023” based on NFHS-5. The report states India’s headcount ratio of multidimensional poverty has ⬇️ from 24.85% in 2015-16 to 14.96% in 2019-21.<a href="https://twitter.com/hashtag/MPI?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#MPI</a> # PovertyReduction <a href="https://t.co/8IoD8wppg1">pic.twitter.com/8IoD8wppg1</a></p>
— NITI Aayog (@NITIAayog) <a href="https://twitter.com/NITIAayog/status/1680880342457274374?ref_src=twsrc%5Etfw">July 17, 2023</a></blockquote>
<p>

</p>
<p>यह रिपोर्ट राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण एनएफएचएस- चार और पांच (2015-16 और 2019-21) पर आधारित है। रिपोर्ट तैयार करने के लिए पोषण, बाल और किशोर मृत्यु दर, मातृ स्वास्थ्य, स्कूली शिक्षा के वर्ष, स्कूल में उपस्थिति, रसोई गैस, स्वच्छता, पेयजल, बिजली, आवास, परिसंपत्ति और बैंक खाते को शामिल किया गया है।</p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, भारत में गरीबों की संख्या वर्ष 2015-16 में 24.85 प्रतिशत थी और यह वर्ष 2019-2021 में 14.96 प्रतिशत हो गई जिसमें 9.89 प्रतिशत की उल्लेखनीय गिरावट देखी गई है। इस अवधि के दौरान शहरी क्षेत्रों में गरीबी 8.65 प्रतिशत से गिरकर 5.27 प्रतिशत हो गई। इसके मुकाबले ग्रामीण क्षेत्रों की गरीबी तीव्रतम गति से 32.59 प्रतिशत से घटकर 19.28 प्रतिशत हो गई है । उत्तर प्रदेश में 3.43 करोड़ लोग गरीबी से मुक्त हुए जो कि गरीबों की संख्या में सबसे बड़ी गिरावट है । </p>
<p>इसके अलावा 36 राज्यों और केंद्र शासित क्षेत्रों तथा 707 प्रशासनिक जिलों के लिए गरीबी संबंधी अनुमान प्रदान करने वाली रिपोर्ट से पता चलता है कि गरीबों के अनुपात में सबसे तीव्र कमी उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, ओडिशा और राजस्थान में हुई है।</p>
<p>रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारत वर्ष 2030 की निर्धारित समय सीमा से काफी पहले सहस्राब्दी विकास लक्ष्य एसडीजी को हासिल करने के पथ पर अग्रसर है। स्वच्छता, पोषण, रसोई गैस, वित्तीय समावेशन, पेयजल और बिजली तक पहुंच में सुधार पर सरकार के प्रयासों से प्रगति हुई है।  पोषण अभियान और एनीमिया मुक्त भारत जैसे प्रमुख कार्यक्रमों ने स्वास्थ्य में अभावों को कम करने में योगदान प्रदान किया है। स्वच्छ भारत मिशन (एसबीएम) और जल जीवन मिशन (जेजेएम) जैसी पहलों ने देशभर में स्वच्छता संबंधी सुधार किया है। प्रधानमंत्री उज्जवला योजना (पीएमयूवाई) के माध्यम से सब्सिडी वाले रसोई गैस के प्रावधान ने जीवन को सकारात्मक रूप से बदल दिया है। प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई), प्रधानमंत्री जनधन योजना (पीएमजेडीवाई) और समग्र शिक्षा जैसी पहलों ने भी गरीबी को कम करने में प्रमुख भूमिका निभाई है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 17 Jul 2023 15:57:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>नीति आयोग संचालन परिषद की आठवीं बैठक : मोदी करेंगे संबोधित,  विषय 'विकसित भारत-2047: टीम इंडिया की भूमिका' </title>
                                    <description><![CDATA[ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को नीति आयोग की संचालन परिषद की आठवीं बैठक को संबोधित करेंगे जिसका मुख्व विषय 'विकसित भारत-2047: टीम इंडिया की भूमिका' होगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/modi-will-address-the-governing-council-of-niti-aayog/article-46698"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-05/modi-(2).png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को नीति आयोग की संचालन परिषद की आठवीं बैठक को संबोधित करेंगे जिसका मुख्व विषय 'विकसित भारत-2047: टीम इंडिया की भूमिका' होगा।</p>
<p>नीति आयोग ने गुरुवार को यहां बताया कि इस बैठक में आठ प्रमुख विषयों विकसित भारत- 2047, एमएसएमई पर बल, बुनियादी ढांचा और निवेश, अनुपालन कम करना, महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य और पोषण,  कौशल विकास, और क्षेत्र विकास तथा  सामाजिक बुनियादी ढांचे के लिए गति शक्ति पर चर्चा की जाएगी। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में मुख्यमंत्रियों की भागीदारी होगी। सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के राज्यपाल, पदेन सदस्यों के रूप में केंद्रीय मंत्री और नीति आयोग के उपाध्यक्ष और सदस्य भी मौजूद रहेंगे।</p>
<p>नीति आयोग का कहना है कि दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और सबसे अधिक आबादी वाले देश के रूप में, भारत अपने आर्थिक विकास के पथ पर है जहां यह अगले 25 वर्षों में  तेज विकास का लक्ष्य हासिल कर सकता है। इसके लिए बैठक में प्रारुप तैयार करने का प्रयास होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 25 May 2023 17:59:46 +0530</pubDate>
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                <title>नीति आयोग की बैठक में शामिल होंगे गहलोत, प्रधानमंत्री के समक्ष राज्य के रखेंगे मुद्दे </title>
                                    <description><![CDATA[इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े साधनों में किस तरह से बढ़ोतरी की गई है और निवेश बढ़ाने के क्या-क्या उपाय किए गए हैं इसे लेकर राज्यों की ओर से प्रजेंटेशन संभव बनाने की कोशिश की गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/gehlot-will-attend-the-niti-aayog-meeting-will-present-the/article-46560"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-05/31.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत शनिवार को नीति आयोग की बैठक में शामिल होंगे। दिल्ली के प्रगति मैदान में पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाली आयोग की बैठक में गहलोत राज्य के मुद्दे रखेंगे। बैठक में भाग लेने के लिए गहलोत शुक्रवार को ही दिल्ली पहुंच जाएंगे।</p>
<p><strong>इन एजेंडों पर होगी चर्चा<br /></strong>विकसित भारत 2047 तक विकसित भारत के रूप में देश की क्या तस्वीरों से लेकर हर राज्य के प्रतिनिधि अपना विजन पेश करेंगे।<br />थ्रस्ट ऑफ MSME को प्रोत्साहित करने और निवेश बढ़ाने की राज्य की नीतियों को लेकर विचार-विमर्श होगा। खास तौर पर स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने को लेकर राज्यों ने क्या काम किए हैं उसका ब्योरा रखा जा सकता है। </p>
<p><strong>इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश</strong><br />इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े साधनों में किस तरह से बढ़ोतरी की गई है और निवेश बढ़ाने के क्या-क्या उपाय किए गए हैं इसे लेकर राज्यों की ओर से प्रजेंटेशन संभव बनाने की कोशिश की गई है।</p>
<p>क्षेत्रीय विकास और सामाजिक इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए गति शक्ति, इसमें सामाजिक क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और क्षेत्रीय विकास की योजनाओं के बारे में बताया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 24 May 2023 15:28:34 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>स्वस्थ्य, परिवहन, निर्माण क्षेत्र में बड़ी भूमिका होगी साइबर-भौतिकी की : सारस्वत</title>
                                    <description><![CDATA[नीति आयोग में सदस्य (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी) डॉ. वी. के, सारस्वत ने कहा है कि साइबर भौतिक प्रणालियाँ (साइबर फिजिकल सिस्टम्स - सीपीएस) भविष्य में  चिकित्सा, परिवहन के और निर्माण जैसे क्षेत्रों में  प्रमुख भूमिका निभाएंगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/saraswat-of-cyber-physics-will-play-a-big-role-in-healthy/article-42173"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-04/sarswat.jpg" alt=""></a><br /><p> नई दिल्ली। नीति आयोग में सदस्य (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी) डॉ. वी. के, सारस्वत ने कहा है कि साइबर भौतिक प्रणालियाँ (साइबर फिजिकल सिस्टम्स - सीपीएस) भविष्य में  चिकित्सा, परिवहन के और निर्माण जैसे क्षेत्रों में  प्रमुख भूमिका निभाएंगी। सारस्वत का कहना है कि  इस तरह की भूमिका के लिए एआई  (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ) यानी  कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीम द्वारा मशीन को आनलाइन निर्देश देने वाली प्रौद्योगिकी इंटरनेट ऑफ दी थिंग्स ( आईओटी ) और रोबोटिक्स जैसी नई तकनीकों की शुरुआत के माध्यम से सीपीएस के प्रक्षेपण-मार्ग में ऐसे परिवर्तनों की आवश्यकता है जो सीपीएस के भविष्य के संचालक होंगे। डॉ सारस्वत  साइबर भौतिक प्रणालियों  में प्रौद्योगिकी नवाचार पर आयोजित दूसरी राष्ट्रीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।</p>
<p>विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय की शनिवार को जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार नीति आयोग के सदस्य ने 2018 में शुरू किए गए अंतर -विषयी साइबर भौतिक प्रणाली मिशन द्वारा बनाई गई अवसरों की खिड़कियों की पहचान किए जाने और विश्व स्तर पर बढ़ते साइबर भौतिकी प्रणाली (सीपीएस) बाजार में प्रतिभागी बनने के लिए भारत को तैयार करने के लिए किए गए मूल्यवर्धन की मात्रा का निर्धारण करने पर भी जोर दिया।</p>
<p>भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली में छह से आठ अप्रैल तक चली इस कार्यशाला में  देश में फैले प्रौद्योगिकी नवाचार केन्द्रों (टीआईएचएस) के माध्यम से प्रौद्योगिकी के अनुप्रयोग और उसके व्यावसायीकरण में तेजी लाने पर चार्चा की गयी। चर्चा के दौरान विशेषज्ञों ने साइबर भौतिक प्रणालियों (साइबर- फिजिकल सिस्टम्स) में प्रौद्योगिकी नवाचार (टीआईपीएस) पर आयोजित एक कार्यशाला में क्रांतिकारी तकनीकों, प्रभावी अनुप्रयोगों और प्रौद्योगिकियों के व्यावसायीकरण की सहायता से अंत: विषयी साइबर भौतिक प्रणालियों (इंटरडिसिप्लिनरी साइबर फिजिकल सिस्टम्स-एनएम-आईसीपीएस) पर राष्ट्रीय मिशन को सुदृढ़  करने के तरीकों पर विचार-विमर्श किया। सरकार ने अंत: विषयी साइबर भौतिक प्रणालियों पर राष्ट्रीय मिशन (इंटरडिसिप्लिनरी साइबर फिजिकल सिस्टम्स - एनएम - आईसीपीएस) को दिसंबर, 2018 में विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) द्वारा लागू किए जाने वाले पांच वर्षों की अवधि के लिए कुल 3660 करोड़ रुपये के परिव्यय पर अपनी स्वीकृति प्रदान की थी।</p>
<p>मिशन कार्यान्वयन के एक  हिस्से के रूप में, देश भर के प्रतिष्ठित संस्थानों में उन्नत तकनीकों में 25 प्रौद्योगिकी नवाचार केंद्र (टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब्स - टीआईएचएस) स्थापित किए गए हैं। प्रत्येक हब एक धारा- 8 कंपनी है, जो अपने गृह संस्थान के भीतर एक स्वतंत्र संस्था है, और इसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग; इंटरनेट ऑफ थिंग्स और इंटरनेट ऑफ एवरीथिंग के लिए प्रौद्योगिकियां; डेटा बैंक और डेटा सेवाएँ, डेटा विश्लेषण; रोबोटिक्स और स्वायत्त प्रणाली; भौतिक अवसंरचना के लिए साइबर सुरक्षा और साइबर सुरक्षा; क्वांटम प्रौद्योगिकियां, आदि जैसी उन्नत तकनीकों के क्षेत्रों में एक तकनीकी कार्यक्षेत्र सौंपा गया है। </p>
<p>कार्यक्रम में एक्सिलर वेंचर्स के अध्यक्ष बेंगलुरु और एनएम - आईसीपीएस के शासी निकाय अध्यक्ष डॉ. क्रिस गोपालकृष्णन ने में अनुसंधान और प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग में वृद्धि तथा उद्योग एवं अन्य स्रोतों से बढ़ी हुई धनराशि का उपयोग करने के लिए प्रणाली में क्षमता विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया।उन्होंने विभिन्न प्रकार के ऐसे सहयोग की आवश्यकता पर प्रकाश डाला, जिसके माध्यम से टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब (टीआईच) विभिन्न प्रौद्योगिकियों को उच्च टीआरएल स्तरों तक ले जाने में मदद कर सकते हैं।</p>
<p>आईआईटी मद्रास से प्रो. अशोक झुनझुनवाला ने उन कदमों के बारे में विस्तार से बताया जो हब नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने और नवप्रवर्तकों को सफल बनाने के लिए उठाए जा  सकते हैं, जबकि आईआईटी दिल्ली के पूर्व निदेशक प्रो. वी. रामगोपाल राव ने इस बात पर ध्यान केंद्रित किया कि कैसे नवाचार केंद्र उत्पाद के साथ अकादमिक अनुसंधान और विकास के बीच अंतर को पाट सकते हैं।</p>
<p>विज्ञान और इंजीनियङरिंग अनुसन्धान बोर्ड (एसईआरबी) के सचिव एवं विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के वरिष्ठ सलाहकार डॉ. अखिलेश गुप्ता ने बताया कि प्रौद्योगिकी के अनुवाद और व्यावसायीकरण के लिए उद्योग के साथ समन्वयन में शासी निकाय और वैज्ञानिक सलाहकार समिति के साथ हब कैसे काम करेंगे।</p>
<p>आईआईटी दिल्ली के निदेशक प्रोफेसर रंगन बैनर्जी ने दिल्ली में केंद्र (हब) की कुछ उपलब्धियों को रेखांकित किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 08 Apr 2023 17:32:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जिला शिक्षा अधिकारी व  कलेक्टर को नोटिस जारी </title>
                                    <description><![CDATA[अटल इनोवेशन मिशन  के तहत राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयों में एक भी अटल लैब की स्थापना नहीं हो पाई है। कोटा जिले में उच्च माध्यमिक विद्यालय के आधीन कक्षा 1 से 12 तक के अध्ययन के लिए करीब 326 विद्यालय हैं जिनमें 113489 विद्यार्थियों का नामांकन है । ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/notice-issued-to-district-education-officer-and-collector/article-37336"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-02/png_20230214_195325_0000.png" alt=""></a><br /><p> कोटा । शहर की स्थाई लोक अदालत ने नीति आयोग की ओर से चलाई जा रही अटल इनोवेशन मिशन (एआईएम) के तहत राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयों में स्थापना की जाने वाली अटल लैब की स्थापना नहीं होने के मामले में जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक शिक्षा कोटा तथा जिला कलेक्टर को नोटिस जारी करते हुए 28 फरवरी 2023 को जवाब तलब किया है।  इस मामले में एडवोकेट लोकेश कुमार सैनी ने न्यायालय में पेश एक जनहित याचिका में बताया कि कोटा जिले में केंद्र सरकार की अनुशंसा पर नीति आयोग की ओर से चलाई गई अटल इन्नोवेशन मिशन  के तहत राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयों में एक भी अटल लैब की स्थापना नहीं हो पाई है। कोटा जिले में उच्च माध्यमिक विद्यालय के आधीन कक्षा 1 से 12 तक के अध्ययन के लिए करीब 326 विद्यालय हैं जिनमें 113489 विद्यार्थियों का नामांकन है । याचिका में बताया  कि विद्यालयों में एटीएल की स्थापना कर बच्चों को प्रायोगिक की नवाचार से परिचित कराया जाता है।  यह लैब देश के 87 जिलों और 110 आकांक्षी जिलों में स्थापित की गई है जिससे देश में 5000 लैब की स्थापना हुई है । लेकिन जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक शिक्षा कोटा व  जिला कलेक्टर की अनदेखी के कारण यह समस्या उत्पन्न हो रही है। इस मामले में न्यायालय ने सुनवाई करते हुए जिला कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक शिक्षा कोटा को नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/notice-issued-to-district-education-officer-and-collector/article-37336</link>
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                <pubDate>Tue, 14 Feb 2023 17:44:39 +0530</pubDate>
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