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                <title>अब छात्राओं व वर्किंग वूमन को कोटा में मुफ्त मिलेगा कमरा, बिजली और इंटरनेट</title>
                                    <description><![CDATA[छात्राओं को न केवल किराये बल्कि बिजली बिल व इंटरनेट के महंगे खर्चों से निजात मिल सकेगी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/now-girls-and-working-women-will-get-free-room--electricity-and-internet-in-kota/article-102512"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/78-(2)12.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। दूर दराज के गांव-कस्बों व हाड़ौती के अन्य जिलों से कोटा में कमरा लेकर पढ़ने वाली छात्राओं व कामकाजी महिलाओं के लिए खुश खबरी है। अब उन्हें शहर के बीचोंबीच रहने को कमरा, बिजली-पानी और इंटरनेट तक की सुविधा मुफ्त मिल सकेगी। वहीं, शाम के वक्त टहलने व खेलने के लिए ग्राउंड भी मिलेगा। इतना ही नहीं, महिलाओं व छात्राओं की सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। इससे छात्राओं को न केवल किराये बल्कि बिजली बिल व इंटरनेट के महंगे खर्चों से निजात मिल सकेगी।  दरअसल, कोटा संभाग के सबसे बड़े गर्ल्स कॉलेज  जेडीबी में शुरू होने जा रही है। पिछले 5 साल से बंद कन्या छात्रावास फिर से शुरू होने जा रहा है। जिसमें जेडीबी साइंस व आर्ट्स कॉलेज में अध्ययनरत छात्राओं को तो हॉस्टल में कमरा मिलेगा ही साथ ही शहर के अन्य शिक्षण संस्थाओं में अध्ययनरत छात्राएं भी हॉस्टल में रह सकेंगी। इसके अलावा कॉलेज प्रशासन द्वारा शहर में नौकरी-पेशा करने वाली महिलाओं को भी हॉस्टल में रहने को कमरा देगी। कॉलेज प्राचार्य प्रोफेसर अजय विक्रम सिंह चंदेल की यह अनूठी पहल बालिका शिक्षा में मील का पत्थर साबित होगी। </p>
<p><strong>छात्रावास में नि:शुल्क मिलेगा प्रवेश</strong><br />जेडीबी साइंस कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर अजय विक्रम सिंह चंदेल ने बताया कि दिसम्बर 2023 से ही गुगल फॉर्म के जरिए आवेदन आमंत्रित कर लिए गए थे। आॅनलाइन 30 से ज्यादा आवेदन आए थे। लेकिन,  भौतिक रूप से 10 छात्राएं ही आवेदन जमा करवाने कॉलेज आई हैं। ऐसे में संख्या कम होने और कमरे अधिक होने के चलते जेडीबी साइंस व आर्ट्स की छात्राओं के अलावा अन्य कॉलेज में अध्ययनरत छात्राओं को भी हॉस्टल में प्रवेश दिए जाएंगे। वहीं, वर्किंग वुमन को भी यह सुविधा दी जाएगी। उन्हें कमरा, बिजली-पानी व वाईफाई की सुविधा हॉस्टल में नि:शुल्क दी जाएगी।</p>
<p><strong>भोजन का खर्चा स्वयं को करना होगा वहन</strong><br />प्राचार्य अजय चंदेल ने बताया कि हॉस्टल में छात्राओं को कमरा, बिजली, पानी और वाईफाई इंटरनेट की सुविधा मुफ्त दी जाएगी। हालांकि, उन्हें भोजन, सिक्योरिटी गार्ड व हॉस्टल में रहने वाली मेट का मामूली खर्चा  स्वयं वहन करना होगा। छात्राओं की संख्या बढ़ने पर हॉस्टल में इवनिंग स्पोर्ट्स गेम्स भी करवाए जाएंगे।  इसके लिए बेडमिंटन व हैंडबॉल कोर्ट भी बनवाए जाएंगे। हॉस्टल में सौलर जनरेटर भी लगे हुए हैं। </p>
<p><strong>दो मंजिला हॉस्टल, 40 से ज्यादा कमरे</strong><br />जेडीबी कॉलेज में गर्ल्स हॉस्टल दो मंजिला है। जिसमें 90 छात्राएं रह सकती हैं। हॉस्टल में करीब 40 से 45 कमरे हैं। इसमें कीचन, 2 बड़े हॉल व 1 कॉमन रूम है। इसके अलावा बड़ा आंगन हैं, जिसमें गेम्स खेल सकती हैं। कॉलेज प्रशासन ने अपने लेवल पर हॉस्टल की साफ-सफाई व मेंटिनेंस से संबंधित तैयारियां शुरू कर दी हैं। यह हॉस्टल 5 फरवरी से शुरू कर दिया जाएगा। छात्राओं के आवदेन भी आ चुके हैं। वहीं, सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। </p>
<p><strong>5 साल बाद फिर से खुल रहा</strong><br />जानकारी के अनुसार, कोविड से पहले तक कॉलेज कैम्पस में हॉस्टल संचालित होता था। जिसमें जेडीबी साइंस, कॉमर्स व आर्ट्स की छात्राएं रहती थीं। लेकिन, सितम्बर 2020 में कोरोना महामारी के बाद से हॉस्टल संचालन बंद कर दिया गया था। तब से अब तक छात्रावास पर ताले लगे हैं। जिसे फिर से शुरू करने के लिए कॉलेज आयुक्तालय से परमिशन मिल चुकी है। ऐसे में कॉलेज प्रशासन 5 फरवरी से हॉस्टल का संचालन किया जाएगा। </p>
<p><strong>मेंटिनेंस के लिए 31.31 लाख का बजट स्वीकृत</strong><br />जेडीबी महाविद्यालय में स्थित दो मंजिला कन्या छात्रावास  के मेंटिनेंस के लिए कॉलेज आयुक्तालय  द्वारा 31.31 लाख रुपए का बजट स्वीकृत कर दिया गया है। जिससे छत व टॉयलेट रिपेयरिंग, रंगाई पुताई,  वाटर कूलर, आरओ, बिजली वायरगिं, पंखे लगवाने व फ्लोरिंग सहित कई आवश्यक कार्य करवाएं जाने हैं।  </p>
<p>हॉस्टल, सभी कॉलेज छात्राओं के लिए खुला रहेगा।  हालांकि, प्राथमिकता जेडीबी साइंस व आर्ट्स की छात्राओं की है लेकिन, सीटें खाली होने से अन्य कॉलेजों में अध्ययनरत उन छात्राओं को भी एडमिशन दिए जाएंगे जो बाहर किराए पर कमरा लेकर रहती हैं। उनसे हॉस्टल में कोई किराया नहीं लिया जाएगा। बल्कि कमरा, बिजली-पानी और वाईफाई इंटरनेट की सुविधा भी नि:शुल्क दी जाएगी। लेकिन, छात्राओं को भोजन, सिक्योरिटी गार्ड व मेट का मामूली खर्चा स्वयं वहन करना होगा। वहीं, वर्किंग वुमन भी छात्रावास में रह सकेंगी। छात्राओं की संख्या बढ़ने पर हॉस्टल में इवनिंग गेम्स भी करवाए जाएंगे। शाम 6-7 बजे के बाद छात्राओं  का हॉस्टल से बाहर जाने पर रोक रहेगी। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। <br /><strong>- प्रो. अजय विक्रमसिंह चंदेल, प्राचार्य जेडीबी साइंस कॉलेज</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Jan 2025 15:52:04 +0530</pubDate>
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                <title>एक ही कॉलेज में बना डाले दो प्राचार्य, दोनों ही रहीं तनाव में</title>
                                    <description><![CDATA[एक ही कॉलेज में दो प्रिंसिंपल होने से कॉलेज शिक्षा में उथल-पुथल मच गई। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/two-principals-were-appointed-in-the-same-college--both-remained-in-tension/article-59097"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/ek-hi-college-me-bna-dale-2-pracharya,-dono-rhe-tanaav-me...kota-news-09-10-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। कॉलेज शिक्षा को लेकर आयुक्तालय कितना गंभीर है, इसका  ताजा उदारहण शुक्रवार रात जारी की गई प्राचार्यों की सूची में देखने को मिला। संभाग के सबसे बड़े राजकीय वाणिज्य महाविद्यालय में आर्ट्स कॉलेज की टैक्सटाइल डाई एंड पैंटिंग्स की प्रोफेसर को प्राचार्य बना दिया। वहीं, जेडीबी कॉमर्स कॉलेज के साथ मजाक कर डाला। यहां प्राचार्य के ऊपर एक और प्राचार्य थोप दिया। एक ही पद पर दो प्राचार्य से न केवल शिक्षक बल्कि विद्यार्थी भी असमंजस में पड़ गए। शिक्षाविद् भी आयुक्तालय के फैसले से हैरान रह गए। दरअसल, जेडीबी वाणिज्य में पहले से ही पूर्णकालिक प्रिंसिपल पदस्थापित हैं, उनके होते हुए गवर्नमेंट आर्ट्स कॉलेज की प्रोफेसर सीमा चौहान को भी प्रिंसिपल बना दिया। जबकि, वर्तमान पदस्थापित प्राचार्य का कहीं अन्य जगह ट्रांसफर नहीं किया गया है। एक ही कॉलेज में दो प्रिंसिंपल होने से कॉलेज शिक्षा में उथल-पुथल मच गई। वहीं, अव्यवहारिक निर्णय से आयुक्तालय की शिक्षा जगत में किरकिरी हो गई। </p>
<p><strong>गलती आयुक्तालय की, दोनों रहीं दुविधा में</strong><br />कॉलेज आयुक्तालय की लापरवाही ाका खामियाजा दोनों ही प्राचार्यों को अनावश्यक मानसिक तनाव के रूप में भुगतना पड़ा। इधर, गवर्नमेंट आर्ट्स कॉलेज की कार्यवाहक प्राचार्य ने आयुक्तालय के आदेश की पालना करते हुए शनिवार सुबह तत्काल प्रभाव से प्रो. सीमा चौहान को रिलीव कर दिया। इसके बाद वह जेडीबी कॉमर्स कॉलेज पदभार ग्रहण करने पहुंची लेकिन यहां पहले से ही पदस्थापित पूर्णकालिक प्राचार्य वंदना आहूजा के सामने असमंजस की स्थिति बन गई कि उनका न तो ट्रांसफर हुआ और न ही उन्हें प्राचार्य पद से हटाया गया फिर नवनियुक्त प्राचार्य चौहान को कैसे कार्यभार सौंपा जाए। ऐसे में वे बिना चार्ज लिए कॉलेज से चलीं गई। </p>
<p><strong>जेडीबी आर्ट्स में होना था ट्रांसफर</strong><br />सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार विधानसभा चुनाव को लेकर आचार संहिता लगने की हड़बड़ी में आयुक्तालय ने नवनियुक्त कॉलेज प्राचार्यों की सूची जारी कर दी। जबकि, सूची की ड्रफ्टिंग से लेकर प्राचार्यों व कॉलेजों के नाम की प्रूफ रीडिंग आयुक्तालय के आईएएस व आरएएस स्तर के अधिकारियों की निगरानी में होती है। जिसमें उच्च शिक्षाधिकारियों ने गंभीर लापरवाही बरते हुए खामियां छोड़ दी। गवर्नमेंट आर्ट्स कॉलेज  की प्रो. सीमा चौहान का जेडीबी कला कन्या महाविद्यालय में ट्रांसफर किया जाना था लेकिन आयुक्तालय की गलती की वजह चौहान का ट्रांसफर कॉमर्स में हो गया। </p>
<p><strong>दिनभर छात्राओं व शिक्षकों के बीच चला प्राचार्य कौन</strong><br />राजकीय वाणिज्य कन्या महाविद्यालय में प्राचार्य कौन... की चर्चा सुर्खियों में रही। कनफ्यूजन की स्थिति होने पर छात्राएं व शिक्षक आपस में एक-दूसरे से पूछते रहे कि  अब दोनों में से कौन प्राचार्य है। छात्रा उर्मिला ने बताया कि पहली बार एक ही महाविद्यालय में दो प्राचार्य देखने को मिले हैं। वहीं, दिव्यांशी का कहना था कि एक ही पद दो लोग प्राचार्य नहीं रह सकते। आयुक्तालय को जल्द से जल्द आदेश संशोधित कर कन्फूजन की स्थिति को दूर करनी चाहिए। </p>
<p><strong>...नहीं तो गलती सुधारने के लिए राज्यपाल से लेनी पड़ेगी परमिशन</strong><br />शिक्षाविदों का कहना है कि कॉलेज आयुक्तालय ने आचार संहिता की हड़बड़ी में प्राचार्यों के पदस्थापन में भारी गलती की है। जिसे जल्द से जल्द संशोधित आदेश जारी कर भूल सुधारनी चाहिए। क्योंकि, आचार संहिता लग जाने की स्थिति में आयुक्तालय को अपनी गलती सुधाने के लिए राज्यपाल से परमिशन लेनी पड़ेगी। जिसके बाद ही इस संबंध में कोई संशोधन हो सकेगा। </p>
<p><strong>8 माह बाद होना है रिटायरमेंट</strong><br />वर्तमान में जेडीबी कॉमर्स कॉलेज में पदस्थापित प्राचार्य वंदना आहूजा का रिटायरमेंट अगले वर्ष मई 2024 में होना है। जबकि, डीपीसी के तहत उनका प्राचार्य के पद पर प्रमोशन हुआ था। संभाग में पूर्णकालिक प्रिंसिपल के रूप में सबसे वरिष्ठ हैं। </p>
<p>जब तक की कोई इस संबंध में आदेश नहीं आ जाता तब तक वर्तमान में मैं ही पूर्णकालिक प्राचार्य के पद पर पदस्थापित हूं। <br /><strong>- वंदना आहूजा, प्राचार्य, जेडीबी कॉमर्स कॉलेज </strong></p>
<p>मुझे कार्यभार ग्रहण नहीं कराया गया, हालांकि यह त्रुटिपूर्ण आदेश था, जो संशोधित होकर आ रहा है। इसलिए मैंने ज्वाइन नहीं किया है। <br /><strong>- सीमा चौहान, नवनियुक्त प्राचार्य, जेडीबी कॉमर्स कॉलेज</strong></p>
<p>इस संबंध में शनिवार देर रात संशोधित आॅर्डर जारी होने वाले हैं। संभाग में जहां पद रिक्त हैं, वहां उच्चाधिकारियों द्वारा पोस्टिंग दी जाएगी। <br /><strong>- डॉ. रघुराज सिंह परिहार, क्षेत्रिय सहायक निदेशक, कॉलेज आयुक्तालय कोटा</strong></p>
<p><strong>संभाग का सबसे बड़ा वाणिज्य कॉलेज का मुखिया टैक्सटाइल प्रोफेसर</strong><br />जेडीबी आर्ट्स कॉलेज की ट्रेक्सटाइल प्रोफेसर प्रेरणा सक्सेना को संभाग के सबसे बड़े राजकीय वाणिज्य महाविद्यालय कोटा का प्राचार्य बनाया गया है। इससे उन्हें शुरुआती कुछ महीने वाणिज्य सिलेबस, नई स्ट्रीम व विद्यार्थियों की समस्याएं समझने में समय लगेगा। महाविद्यालय की आवश्यकताएं, कार्ययोजना तैयार करने सहित अन्य गतिविधियों से रुबरू होने के बीच सब्जेक्ट गौण रह जाते हैं। वहीं, प्राचार्य के खुद के 9 पीरियड भी विद्यार्थियों को पढ़ा नहीं सकते। जबकि, कॉमर्स में विषय अध्यापकों के पद रिक्त लंबे समय से रिक्त चल रहे हैं। ऐसे में अन्य विषय के शिक्षक प्रिंसिपल बनते हैं तो प्राचार्य के रूप में मिलने वाली सब्जेक्ट फैकल्टी की कटौती हो जाती है। ऐसे में आयुक्तालय को कॉमर्स में कॉमर्स वाले को ही प्राचार्य बनाया जाना चाहिए ताकि प्राचार्य के रूप में वह अपने 9 पीरियड बच्चों को पड़ा सके। </p>
<p>अच्छा होता कि सब्जेक्ट का ही प्राचार्य लगाया होता। इससे उनके ज्ञान व कौशल का लाभ विद्यार्थियों को मिलता। साथ ही उनके द्वारा अपने विषय की क्लास लेने से शिक्षकों की कमी से राहत मिलती। हालांकि, प्राचार्य का पद एडमिनेस्ट्रेटिव होता है। वह महाविद्यालय का प्रशासन संभालते हैं। इससे ज्यादा फर्क नहीं पड़ता, समय के साथ वे कॉलेज की आवश्यकताओं से वाकिफ हो जाते हैं और बेहतर काम करते हैं।<br /><strong>- डॉ. गोपाल सिंह, शिक्षाविद्</strong></p>
<p>खुद का डिपार्टमेंट कॉलेज में न होना हर प्रिंसिपल के लिए चैलेंजिंग स्थिति होती है। प्रिंसिपल की पोस्ट अकेडमिक न होकर एडमिनेस्ट्रेटिव होती है। मल्टी फैकल्टी कॉलेजों में दिक्कत नहीं होती है लेकिन स्पेशलाइजेशन वाले महाविद्यालयों में परेशानी होती है।  कॉमर्स वाले प्रिंसिपल बनते हैं तो वे इस विषय के हर पहलू से वाकिफ होते हैं। व्यवस्थाओं को व्यवस्थित करना उनके लिए आसान होता है। हालांकि, अन्य विषय के   प्राचार्य भी बेहतर काम करते हैं। अपनी नॉलेज से विद्यार्थियों की स्कील बढ़ाते हैं।  <br /><strong>- डॉ. सीमा राठौर, पूर्व कार्यवाहक प्राचार्य, गवर्नमेंट कॉमर्स कॉलेज </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Mon, 09 Oct 2023 18:30:36 +0530</pubDate>
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                <title>स्थाई लोक अदालत ने  जेडीबी कॉलेज प्राचार्य से मांगा जवाब</title>
                                    <description><![CDATA[कॉलेज की स्थापना के समय से ही  पीजी कक्षाओं में अंग्रेजी, उर्दू  व भूगोल विषय संचालित नहीं  हो रहे हैं जिससे छात्राओं को परेशानी होती है । इस मामले में  न्यायालय ने सुनवाई करते हुए जेडीबी कॉलेज के प्रिंसिपल को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/permanent-lok-adalat-sought-answer-from-jdb-college-principal/article-37886"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-02/court-hammer.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । छात्राओं द्वारा छह सूत्री मांगों को लेकर न्यायालय ने राजकीय कन्या महाविद्यालय कोटा के प्रिंसिपल को नोटिस जारी करते हुए 15 मार्च 2023 तक जवाब तलब किया है ।  इस मामले में अधिवक्ता लोकेश कुमार सैनी ने जनहित याचिका दायर करते हुए न्यायालय में बताया कि राजकीय कला कन्या महाविद्यालय कोटा में पिछले कई माह से छात्राएं  छह सूत्री मांगों को लेकर संघर्षरत हैं लेकिन कॉलेज प्रशासन द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा  जिससे छात्राओं को जॉब के दौरान इंटरव्यू के  समय परेशानी का सामना करना पड़ता है । जिससे प्रतिभाशाली छात्राएं भी डिसक्वालिफाइड हो जाती हैं। कॉलेज में आए दिन छात्राओं के मोबाइल, पर्स सहित अन्य सामान चोरी हो रहे हैं।  कॉलेज में सीसीटीवी कैमरे , सेनेटरी पैड मशीन तथा कॉलेज परिसर में  कैंटीन भी नहीं है । कॉलेज की स्थापना के समय से ही  पीजी कक्षाओं में अंग्रेजी, उर्दू  व भूगोल विषय संचालित नहीं  हो रहे हैं जिससे छात्राओं को परेशानी होती है । इस मामले में  न्यायालय ने सुनवाई करते हुए जेडीबी कॉलेज के प्रिंसिपल को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Feb 2023 18:10:56 +0530</pubDate>
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