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                <title>central team - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>वेदांता पावर प्लांट हादसा : केंद्रीय जांच टीम पहुंची, 23 मौतों के तकनीकी कारणों की गहन पड़ताल शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[छत्तीसगढ़ के वेदांता प्लांट हादसे में मृतकों की संख्या 23 पहुंच गई है। प्रफुल चंद्र डोंगरे के नेतृत्व में 21 सदस्यीय केंद्रीय विशेषज्ञों की टीम तकनीकी खामियों की जांच कर रही है। पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए अनिल अग्रवाल समेत 19 लोगों पर केस दर्ज किया है। प्रशासन ने भविष्य में ऐसी बड़ी लापरवाही रोकने का संकल्प लिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/vedanta-power-plant-accident-central-investigation-team-reaches-in-depth-investigation/article-150993"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/vadanta.png" alt=""></a><br /><p>रायपुर। छत्तीसगढ़ में वेदांता पावर प्लांट हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 23 हो गई है। इस गंभीर घटना की जांच के लिए अब केंद्रीय स्तर की हेल्थ एंड सेफ्टी तथा बॉयलर सेफ्टी विभाग की टीम प्लांट पहुंच चुकी है। अधिकारिक जानकारी के अनुसार, 21 सदस्यीय जांच दल में विभिन्न विभागों के तकनीकी विशेषज्ञ शामिल हैं, जो घटनास्थल की बारीकी से जांच कर रहे हैं। टीम का नेतृत्व सेंट्रल पावर रिसर्च के ज्वाइंट डायरेक्टर प्रफुल चंद्र डोंगरे कर रहे हैं। उनके साथ आलोक लकरा (चीफ मैनेजमेंट, ओडीएम), डीपी अन्तपुरकार (जनरल मैनेजर, क्वालिटी एंड मैनेजमेंट, भेल) सहित अन्य विशेषज्ञ भी मौजूद हैं।</p>
<p>जांच टीम द्वारा माइक्रो लेवल पर निरीक्षण करते हुए सभी तकनीकी और ऑपरेशनल डाटा एकत्र किया जा रहा है, ताकि हादसे के मूल कारणों और संभावित तकनीकी खामियों का पता लगाया जा सके। सूत्रों के मुताबिक, जांच रिपोर्ट अगले कुछ दिनों में सामने आ सकती है। इधर, मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए वेदांता के निदेशक अनिल अग्रवाल सहित 19 लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। प्रशासन और जांच एजेंसियां इस घटना के हर पहलू की गंभीरता से जांच कर रही हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं को रोका जा सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Apr 2026 14:03:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>अधिकारी कर रहे स्वच्छता सर्वेक्षण में नम्बर बढ़ाने की कवायद : मुख्य मार्गों से सटी जगहों पर लगे कचरे के ढेर </title>
                                    <description><![CDATA[केन्द्रीय शहरी विकास मंत्रालय की ओर से हर साल होने वाले स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए केन्द्रीय टीम का मार्च से अप्रेल के बीच कोटा आने का कार्यक्रम है। ऐसे में टीम शहर में सफाई का निरीक्षण करेगी। जिसमें अधिकतर मुख्य मार्गों की सफाई ही देखी जाएगी। ऐसे में मुख्य मार्गों की सफाई पर ही अधिक फोकस किया जा रहा है। जबकि वार्ड और अंदरूनी सड़कों पर कचरे के अम्बार लगे हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/officials-are-trying-to-increase-the-number-in-the-cleanliness-survey--garbage-piles-at-places-adjacent-to-main-roads/article-38293"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-02/adhikari-kar-rahe-swachata-sarvekshan-mei-number-badhane-ki-kawayad,-mukhya-margo-se-sati-jagho-par-lage-kachre-ke-dher.kota-news.25.2.2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। दिल सच्चा और चेहरा झूठा, एक फिल्म के गीत को इन दिनों नगर निगम फलीभूत कर रहा है।  कुछ इसी तरह का हाल इन दिनों  शहर में सफाई व्यवस्था का हो रहा है। मुख्य मार्गों की सफाई पर तो फोकस किया जा रहा है। जबकि मुख्य मार्गों से सटी जगहों पर कचरे के ढेर लगे हुए हैं। कोटा में दो नगर निगम और वार्डों की संख्या 150 कर दी गई है। इसका मकसद शहर में सफाई व्यवस्था में सुधार करना है। लेकिन हकीकत इससे उलट ही नजर आ रही है। नगर निगम कोटा उत्तर व दक्षिण के महापौर द्वारा शहर की सफाई व्यवस्था में सुधार के लिए दिन रात प्रयास तो किए जा रहे हैं। स्थानीय पार्षद भी वार्डों में घूम रहे हैं। लेकिन हालत यह है कि उसके बाद भी शहर की सड़कें विशेष रूप से व्यस्त मार्गों पर कचरे के ढेर लगे हुए हैं। दोनों निगमों में बोर्ड का गठन होने के बाद से उत्तर व दक्षिण में अधिकतर कचरा पाइंट समाप्त कर दिए गए हैं। लेकिन उसके बाद भी उन पॉइंट पर कचरा डाला जा रहा है। जिससे सफाई नजर नहीं आ रही है। </p>
<p><strong>बृज टॉकीज के मेन गेट के बाहर तक कचरा</strong><br />शहर में कचरा अधिक होने व गंदगी का अम्बार सबसे अधिक ऐसी जगहों पर नजर आ रहा है जहां से आमजन का आवामन अधिक है। नयापुरा स्थित बृज टॉकीज परिसर से अस्थायी कचरा ट्रांसफर स्टेशन शिफ्ट कर दिया गया है। लेकिन उसके बाद भी वहां कचरा डाला जा रहा है। हालत यह है कि बाहर से तो टॉकीज की चार दीवारी को हैरीटेज लुक दिया गया है। जबकि अंदर कचरे के ढेर लगे हुए हैं। इतना ही नहीं नवल सर्किल के पास वाले टॉकीज के गेट के बाहर तक कचरा नजर आ रहा है। जिससे वहां से निकलने वाले लोग उसकी दशा देखकर मुंह चिढ़ा रहे हैं। वहीं दुर्ग़ंध भी लोगों को परेशान कर रही है। </p>
<p><strong>यहां भी है बुरी स्थिति</strong><br />शहर में केवल  एक दो ही नहीं कई जगह पर इसी तरह की बुरी स्थिति है जहां मेन रोड से सटे मार्गों पर कचरे के ढेर लगे हुए हैं। कोटा उत्तर व कोटा दक्षिण सभी क्षेत्रों की यही हालत है।  गुमानपुरा स्थित मल्टीपरपज स्कूल के वल्लभ नगर शिक्षा विभाग कार्यालय की तरफ वाले रास्ते पर इतना अधिक कचरा पड़ा हुआ है कि वहां से निकलने वाले स्कूल व शिक्षा विभाग के स्टाफ और आमजन को शर्मसार होना पड़ रहा है। आम रास्ता होने से यहां से दिनभर लोगों को आवागमन रहता है। उस जगह तक पर सही ढंग से सफाई नहीं होने से कचरे का अम्बार है।  इसी तरह से  स्टीलब्रिज से कोटड़ी चौराहे की तरफ जाने वाले रास्ते पर करनी नगर विकास समिति के मोड पर मुख्य सड़क कचरे से अटी हुई है। वहां दिनभर मवेशियों का जमावड़ा लगा होने से वह कचरा बीच रास्ते पर फेला हुआ है। नयापुरा में उम्मेद क्लब से चिड़ियाघर वाले रास्ते पर, तरणताल के पास से नर्सरी जाने वाले रास्ते पर, छावनी चौराहे पर एलआईसी कार्यालय के सामने समेत कई ऐसी जगह हैं जहां इस तरह के दृश्य देखे जा सकते हैं। </p>
<p><strong>सर्वेक्षण टीम देखेगी मुख्य मार्ग</strong><br />केन्द्रीय शहरी विकास मंत्रालय की ओर से हर साल होने वाले स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए केन्द्रीय टीम का मार्च से अप्रेल के बीच कोटा आने का कार्यक्रम है। ऐसे में टीम शहर में सफाई का निरीक्षण करेगी। जिसमें अधिकतर मुख्य मार्गों की सफाई ही देखी जाएगी। ऐसे में मुख्य मार्गों की सफाई पर ही अधिक फोकस किया जा रहा है। जबकि वार्ड और अंदरूनी सड़कों पर कचरे के अम्बार लगे हैं।  मेन रोड की सफाई नगर विकास न्यास द्वारा संवेदक के माध्यम से करवाई जा रही है। जबकि वार्डों व अंदरूनी इलाकों की सफाई नगर निगम करवा रहा है। सूत्रों के अनुसार ऐसे में दोनों विभाग एक दूसरे पर पल्ला झाड़ रहे हैं। मेन रोड की सफाई करने वाले संवेदक का कहना है कि निगम के सफाई कर्मी वार्डों का कचरा मेन रोड के नजदीक डाल रहे हैं। जबकि निगम अधिकारियों का कहना है कि मेन रोड यूआईटी साफ करवा  रहा है तो उनके संवेदक के कर्मचारी ही रात के समय कचरा डाल रहे हैं। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />मेन रोड की सफाई नगर विकास न्यास द्वारा संवेदक के माध्यम से करवाई जा रही है। वार्ड व अंदरुनी सड़कों की सफाई नगर निगम करवा रहा है। मेन रोड की सफाई होने के बाद संवेदक के कर्मचारियों द्वारा कचरा तुरंत नहीं उठाकर इधर उधर डालने की शिकायत मिली थी। इस पर संबंधित अधिकारी को बुलाकर निर्देश दिए हैं कि उनके द्वारा सफाई करने के बाद कचरे को पॉइंट पर नहीं डाला जाए। निगम ने अधिकतर पाइंट खत्म कर दिए हैं। वार्डों की सफाई को भी सुधारने का प्रयास किया जा रहा है। <br /><strong>-मंजू मेहरा, महापौर, नगर निगम कोटा उत्तर </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 25 Feb 2023 15:28:50 +0530</pubDate>
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