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                <title>evm - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>कोलकाता में स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर टीएमसी का धरना : बैलट बॉक्स से छेड़खानी का आरोप, चुनाव आयोग ने दी सफाई </title>
                                    <description><![CDATA[कोलकाता में टीएमसी नेताओं ने ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर धरना शुरू कर दिया है। कुणाल घोष ने पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए बिना प्रतिनिधियों के काम करने का आरोप लगाया। हालांकि, चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि केवल पोस्टल बैलट की छंटनी हो रही थी और सभी ईवीएम पूरी तरह सुरक्षित और लॉक हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/tmcs-protest-outside-the-strong-room-in-kolkata-election-commission/article-152269"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-(4).png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस के नेता गुरुवार शाम से कोलकाता में ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर धरने पर बैठ गए। उनका आरोप है कि बैलट बॉक्स उनके प्रतिनिधियों की मौजूदगी के बिना खोले जा रहे हैं। पार्टी ने एक्स पर एक वीडियो भी पोस्ट किया। स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर धरने पर बैठे टीएमसी नेता कुणाल घोष ने कहा कि चुनाव आयोग के लाइवस्ट्रीम में अंदर कुछ लोग काम करते दिख रहे हैं, लेकिन टीएमसी के किसी प्रतिनिधि को अंदर नहीं जाने दिया जा रहा। पांजा ने कहा कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए और किसी भी तरह का मैनिपुलेशन नहीं होनी चाहिए। </p>
<p>चुनाव आयोग ने भी मामले पर सफाई दी है। आयोग ने कहा कि पोस्टल बैलट के लिए अलग स्ट्रॉन्ग रूम बनाया गया है, जहां बैलट की छंटनी की जा रही थी। इस प्रक्रिया की जानकारी पहले ही सभी राजनीतिक दलों को दे दी गई थी। ईवीएम पूरी तरह सुरक्षित और लॉक हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 01 May 2026 10:27:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बोले अखिलेश यादव - यूपी की 80 सीटें जीतने पर भी EVM पर भरोसा नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को लोकसभा में मतदाताओं को धन्यवाद देते हुये कहा कि उन्होंने ऐसा जनादेश दिया जिसने लोकतंत्र को एकतंत्र बनने से रोक दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/akhilesh-yadav-said-on-the-motion-of-thanks-on-the/article-83418"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/ak.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को लोकसभा में मतदाताओं को धन्यवाद देते हुये कहा कि उन्होंने ऐसा जनादेश दिया जिसने लोकतंत्र को एकतंत्र बनने से रोक दिया।</p>
<p>अखिलेश यादव ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हो रही चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि पिछले चुनावों में अवाम ने हुकूमत का गुरूर तोड़ दिया। आज केन्द्र में हारी हुई सरकार विराजमान है। उन्होंने कहा कि जनता कह रही है कि यह गिरने वाली सरकार है। इंडिया गठबंधन की नैतिक जीत हुई है। सकारात्मक राजनीति की जीत हुई है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि 15 अगस्त 1947 को देश को औपनिवेशिक शासन से मुक्ति मिली थी और चार जून 2024 को साम्प्रदायिक राजनीति से मुक्ति मिली है। सामुदायिक राजनीति की शुरुआत हुई है। साम्प्रदायिक राजनीति की हमेशा के लिये हार हुई है। धन, बल, छल की हार हुई है। उन्होंने कहा कि पिछले लोकसभा चुनावों में संविधान समर्थकों की जीत हुई है।</p>
<p>अखिलेश यादव ने कहा कि अब मनमर्जी नहीं, जनमर्जी चलेगी। उन्होंने परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक होने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में प्रत्येक परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक हो रहे हैं, वहां शिक्षा-परीक्षा माफिया का जन्म हुआ है। सरकार ने युवाओं के उम्मीदों को मार दिया है।उन्होंने कहा कि हजार साल के सपने दिखाने वाले अगले महीने पेपर लीक नहीं होंगे, इसकी गारंटी कब देंगे।</p>
<p>उन्होंने कहा कि एक और जीत हुई है, वह है, अयोध्या की जीत। उन्होंने अयोध्या के परिपक्व मतदाताओं को धन्यवाद देते हुये रामचरित मानस की एक चौपाई कही. होई वही जो राम रचि राखा। उन्होंने कहा कि जो कहते थे कि हम राम को लाये हैं, वही आज किसी के सहारे के लिये लाचार हैं।</p>
<p>अखिलेश यादव ने कहा कि वह चुनावों में इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के इस्तेमाल के पहले भी विरोध में थे और जब तक इन्हें हटा नहीं दिया जाता, वह इनका विरोध करते रहेंगे। समाजवादियों को ईवीएम पर भरोसा नहीं है। उन्होंने पिछले लोकसभा चुनावों के दौरान चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए।</p>
<p>उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी के प्रधानमंत्री आदर्श गांव का जिक्र करते हुये कहा कि आज उसका कोई नाम भी नहीं जानता। उस गांव की हालत खराब है। उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री के निर्वाचन क्षेत्र के आदर्श गांव का बुरा हाल है तो अन्य आदर्श गांवों की क्या हालत होगी। </p>
<p>यादव ने जाति जनगणना कराने की मांग करते हुये कहा कि बगैर इसके सभी को उनका हक दिला पाना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि उपयुक्त अभ्यर्थी न पाये जाने का बहाना लेकिन आरक्षण के हकदारों का हक छीना जा रहा है। सरकारी नौकरियों के रिक्त पद इसलिये नहीं भरे जा रहे हैं क्योंकि आरक्षण देना पड़ेगा।      </p>
<p>उन्होंने अग्निवीर व्यवस्था को अनुचित बताया और कहा कि इंडिया गठबंधन के सत्ता में आने पर इसे खत्म किया जायेगा। </p>
<p>सपा अध्यक्ष ने कहा कि किसानों की हालत खराब है, किसानों की आय दुगुनी करने की बात कही गयी थी, लेकिन पिछले 10 वर्षों के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार के कार्यकाल में एक भी मंडी का निर्माण नहीं किया गया। न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी नहीं है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Jul 2024 15:44:38 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>निकायों और पंचायत चुनाव में इस बार ईवीएम के साथ बैलेट पेपर से भी गिरेंगे वोट </title>
                                    <description><![CDATA[ प्रदेश की 47 जिलों की छह जिला परिषद सदस्यों, 22 पंचायत समिति सदस्यों ,40 ग्राम पंचायत में सरपंच पदों पर चुनाव होंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/this-time-in-civic-and-panchayat-elections-votes-will-be/article-82943"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/election-symbol3.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान के आगामी दिसंबर माह में प्रस्तावित निकायों और पंचायत के चुनाव में ईवीएम मशीनों के साथ ही बैलेट पेपर से भी वोट डाले जाने का विकल्प राज्य निर्वाचन आयोग ने जिला कलेक्टरों को दिया है।</p>
<p>आयोग के अध्यक्ष मधुकर गुप्ता ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि कलेक्टरों को दोनों विकल्प दिए गए हैं । वे चाहे जिस विकल्प को चुन सकते हैं। उन्होंने कहा कि आयोग चुनाव में खर्चा कम करना चाहता है और क्योंकि निकायों और पंचायत में वोटर की संख्या काफी कम होती है। ऐसे में बैलेट पेपर से चुनाव भी आसानी से हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि देश में 50% राज्य ऐसे हैं जहां निकायो, पंचायत के चुनाव बैलेट पेपर से हो रहे है। प्रदेश में कुल 110000 निकाय पंचायतों पर प्रतिनिधि इन चुनाव के माध्यम से बनेंगे। जिसमें जिला प्रमुख सभापति और महापौर भी शामिल है ।</p>
<p>वही प्रदेश की 47 जिलों की छह जिला परिषद सदस्यों, 22 पंचायत समिति सदस्यों ,40 ग्राम पंचायत में सरपंच पदों एवं 37 ग्राम पंचायत में उपसरपंच, 325 वार्ड पंचों नगरीय निकायों में 11 जिलों के 15 नगरी निकायों के 11 वार्ड पार्षदों, दो अध्यक्ष, एक उपाध्यक्ष ,एक सभापति और एक उपसभापति के उप चुनाव जून जुलाई माह में कराए जाएंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 27 Jun 2024 20:11:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Loksabha Elections 2024 के दौरान वायु सेना के विमानों और हेलीकॉप्टरों ने भरी 1700 से अधिक उड़ान</title>
                                    <description><![CDATA[दुर्गम क्षेत्रों में इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन और अन्य मशीनों तथा चुनावी सामग्री को पहुंचाने के लिए किया गया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/air-force-planes-and-helicopters-flew-more-than-1700-sorties/article-81304"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/indian-air-force-mi17.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। वायु सेना के विमान और हेलीकॉप्टर युद्ध में विभिन्न अभियान चलाने के साथ साथ शांतिकाल में भी राष्ट्र निर्माण की दिशा में अनेक महत्वपूर्ण अभियानों को अंजाम देते हैं और इसी कड़ी में हाल ही में संपन्न लोकसभा चुनावों में इन विमानों ने एक हजार घंटे के दौरान 1750 से अधिक उड़ान भरी। </p>
<p>वायु सेना ने बताया कि उसके एमआई-17 वेरिएंट, हल्के उपयोगी हेलीकॉप्टर (चेतक) और स्वदेशी उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर ध्रुव तथा मालवाहक विमानों ने चुनावकर्मियों से लेकर चुनावी सामग्री को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने के लिए एक हजार घंटे तक 1750 से अधिक उड़ान भरी। </p>
<p>इन हेलीकाप्टरों तथा विमानों का इस्तेमाल विशेष रूप से दूर दराज के दुर्गम क्षेत्रों में इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन और अन्य मशीनों तथा चुनावी सामग्री को पहुंचाने के लिए किया गया। </p>
<p>वायु सेना का यह अभियान इसलिए भी महत्वपूर्ण था क्योंकि मतदान अधिकारियों को चुनाव की तारीख से दो दिन पहले प्रत्येक दूरस्थ मतदान केंद्र पर सुरक्षित पहुंचाना था और फिर वहां से वापस लाना था। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 12 Jun 2024 16:23:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आठ साल तक ईवीएम की सुरक्षा में 24 घंटे तैनात रहा था पुलिस जाप्ता</title>
                                    <description><![CDATA[ राजस्थान की सबसे होट सीट मानी जाने वाली इस लोकसभा चुनाव में भाजपा की ओर से भाजपा के कर्नल करोड़ी सिंह बैंसला का मुकाबला कांग्रेस के नमोनारायण मीणा से था। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/police-was-deployed-24-hours-a-day-for-the-evm/article-78834"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/t21rer-(24)1.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। लोकसभा चुनावों की मतगणना को लेकर देशवासी काफी उत्सुक है। मतों की गिनती चार जून को होगी। लेकिन इस बीच राजस्थान के टोंक-सवाईमाधोपुर लोकसभा सीट को लेकर भी चर्चा हुए बिना नहीं रहती। इस सीट पर कथित गड़बड़ी को लेकर आठ साल तक ईवीएम की सुरक्षा में 24 घंटे पुलिस का जाप्ता तैनात रहा था। यह मामला 2009 में हुए 12वीं लोकसभा चुनावों से जुड़ा हुआ है। सन 2009 के लोकसभा चुनाव के बाद टोंक-सवाई माधोपुर लोकसभा चुनाव प्रक्रिया पर कई तरह के सवाल उठे थे। मामला अदालत तक पहुंचा और फैसले के इंतजार में 4709 ईवीएम मशीनें ताले में बंद रही। उनकी हिफाजत के लिए एक तीन का जाब्ता 24 घंटे तैनात रहा था। टोंक के सूचना एवं जनसंपर्क केंद्र के कार्यालय के जिस हाल में ये ईवीएम मशीनें रखी गई थी, वहां पर आमजन के लिए पुस्तकालय था। उस समय राजस्थान की सबसे होट सीट मानी जाने वाली इस लोकसभा चुनाव में भाजपा की ओर से भाजपा के कर्नल करोड़ी सिंह बैंसला का मुकाबला कांग्रेस के नमोनारायण मीणा से था। मीणा चुनाव जीतकर केन्द्र में राज्य मंत्री बन थे। </p>
<p><strong>यह था मामला</strong><br />उस समय एक ईवीएम में खराबी होने की वजह से टोंक सवाई माधोपुर लोकसभा क्षेत्र की 4709 ईवीएम पिछले करीब आठ साल तक ताले में बंद रही थी। इसका कारण यह था कि चुनावी प्रक्रिया को चुनौती देते हुए भाजपा के प्रत्याशी कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला ने अपनी रिट में निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता आदि पर सवाल उठाए थे। कर्नल बैसला ने रिट में निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाए कि सरकारी मशीनरी कांग्रेस प्रत्याशी नमोनारायण मीणा ने समर्थन में जुटी थी। बैसला अदालत गए थे। कोर्ट के निर्देश के बाद निर्वाचन विभाग ने ईवीएम सूचना केंद्र में सील बंद करवा दी थी।</p>
<p><strong>ईवीएम हुई थी खराब</strong><br />उस चुनाव में सवाई माधोपुर के खंडार विधानसभा क्षेत्र के बूथ 16 की एक ईवीएम खराब हुई इसमें 680 मत थे। मतगणना के दिन बैंगलोर से बुलवाए गए इंजीनियर ने इससे मैनुअल वोट निकालकर गणना की थी। किन्तु विवाद का आरोप खत्म नहीं हो सका था।</p>
<p><strong>कर्नल बैंसला ने की थी मांग</strong><br />भाजपा प्रत्याशी बैंसला ने सभी बूथों पर रीकाउंटिंग की मांग की थी, लेकिन उन्होंने कुछ विशेष नंबरों वाले पोलिंग बूथों की पुनर्मतगणना के लिए भी लिखा था। इसे देखते हुए सभी बूथों की बजाए सिर्फ  स्पेसिफिक नंबरों वाले 10 बूथों की ही रीकाउटिंग की गई। एक ईवीएम सवाई माधोपुर के टापूर बूथ की थी। इसमें डिस्पले नहीं हो रहा था। इंजीनियर ने वोटों के प्रिंट निकाले, ईवीएम में मौजूद वोटों का रिकार्ड जीत हार के अंतर से कहीं ज्यादा था। यह सोचकर ईवीएम को पूरी तरह सही नहीं करवाया गया तथा परिणाम घोषित कर दिया गया। </p>
<p><strong>कर्नल बैंसला हारे थे</strong><br />16 मई 2009 को मतगणना में नमोनारायण को तीन लाख 75 हजार 572 वोट और बैंसला को तीन लाख 75 हजार 255 वोट मिले थे, बैंसला 317 वोटों से हारे थे।</p>
<p><strong>कर्नल ये लगाए थे आरोप</strong><br />भाजपा प्रत्याशी कर्नल ने आरोप लगाए थे कि 114 ईवीएम पर सील नहीं थी। बूथ नंबर 63 पर कुल 365 वोट थे जबकि 370 वोट डाले गए। बूथ नंबर 165 पर 489 वोट थे, जबकि 574 वोट डाले गए ऐसा ही 10 बूथों पर हुआ। कोर्ट के निर्देश के बाद निर्वाचन विभाग ने ईवीएम सूचना केंद्र में सील बंद करवा दी थी। </p>
<p>करीब आठ साल बाद कर्नल किरोड़ी सिंह बैसला की रिट कोर्ट ने खारिज कर दी थी। उसके बाद सभी ईवीएम मशीनों को सील बंद कमरे से बाहर निकाला गया था। <br /><strong>- नमोनारायण मीणा, पूर्व केन्द्रीय राज्य मंत्री और 2009 में कांग्रेस के प्रत्याशी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 May 2024 12:08:16 +0530</pubDate>
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                <title>ईवीएम के वोट वीवीपैट की पर्चियों से मिलान, मतपत्रों से मतदान की याचिका खारिज</title>
                                    <description><![CDATA[च्चतम न्यायालय ने ईवीएम के जरिए पड़े मतों के साथ वीवीपैट की पर्चियों की गिनती (मिलान)100 फीसदी तक बढ़ाने या मतपत्रों की पुरानी व्यवस्था बहाल करने की मांग वाली याचिकाएं पर सर्वसम्मति से खारिज कर दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/petition-for-matching-ballot-papers-with-evm-votes-and-vvpat/article-75983"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/evm.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के जरिए पड़े मतों के साथ वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट (वीवीपैट) की पर्चियों की गिनती (मिलान)100 फीसदी तक बढ़ाने या मतपत्रों की पुरानी व्यवस्था बहाल करने की मांग वाली याचिकाएं पर शुक्रवार को सर्वसम्मति से खारिज कर दी।</p>
<p>न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता की पीठ एनजीओ'एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स और अन्य की ओर से दायर याचिकाओं पर अलग-अलग, लेकिन सहमति वाली फैसला सुनाया।</p>
<p>पीठ ने कहा कि ईवीएम-वीवीपैट प्रणाली पर आंख मूंदकर अविश्वास करने से अनुचित संदेह पैदा होगा।</p>
<p>शीर्ष अदालत ने हालांकि दो निर्देश जारी किए कि चुनाव चिन्ह लोङ्क्षडग यूनिट ले जाने वाले कंटेनरों को मतदान एजेंटों और उम्मीदवारों की उपस्थिति में सील कर दिया जाना चाहिए और 45 दिनों की अवधि के लिए सुरक्षित रखा जाना चाहिए।</p>
<p>पीठ ने कहा कि ईवीएम नियंत्रण इकाई, मतपत्र इकाई और वीवीपीएटी को मतगणना के परिणाम घोषित होने के 07 दिनों के भीतर (माइक्रोकंट्रोलर ईवीएम में नष्ट हुई मेमोरी की जांच) उम्मीदवार के लिखित अनुरोध पर विनिर्माण कंपनियों के इंजीनियरों एक टीम द्वारा सत्यापित किया जाना चाहिए।</p>
<p>पीठ ने कहा कि इस प्रक्रिया में आने वाले खर्च अनुरोध करने वाले संबंधित उम्मीदवारों द्वारा वहन किया जाएगा। इसके विपरित यदि ईवीएम के साथ छेड़छाड़ पाई जाती है तो अनुरोध करने वाले उम्मीदवार/उम्मीदवारों को खर्च वापस किया जाना चाहिए।</p>
<p>पीठ ने कहा कि उसने ईवीएम और वीवीपैट प्रोटोकॉल का अध्ययन करने के बाद निर्देश पारित किये।</p>
<p>न्यायमूर्ति दत्ता ने लोकतंत्र विश्वासों में सामंजस्य स्थापित करने पर जोर दिया कि है।  उन्होंने उम्मीद जताई कि यह प्रणाली लोगों की उम्मीदों पर खरी उतरेगी।</p>
<p>शीर्ष अदालत ने कहा, ''हमारे ²ष्टिकोण को साक्ष्य और कारणों द्वारा निर्देशित किया जाना चाहिए ताकि विश्वास और सहयोग की संस्कृति को बढ़ावा देकर सार्थक सुधार के लिए जगह मिल सके। इसके द्वारा हम अपने लोकतंत्र की नींव को मजबूत कर सकते हैं। यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि सभी नागरिकों की आवाज और पसंद को महत्व दिया जाए और उनका सम्मान किया जाए।</p>
<p>पीठ ने इस मामले में 18 अप्रैल और फिर 24 अप्रैल को चुनाव आयोग के कई स्पष्टीकरणों से अवगत होने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। पीठ ने उप चुनाव आयुक्त, चुनाव आयोग की ओर से पेश अधिवक्ता वरिष्ठ वकील मङ्क्षनदर ङ्क्षसह और याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश अधिवक्ताओं - प्रशांत भूषण, संतोष पॉल, संजय हेगड़े और अन्य की दलीलें सुनने विस्तार से सुनी थीं।</p>
<p>शीर्ष अदालत ने सुनवाई के दौरान कहा था कि वह चुनाव को नियंत्रित नहीं कर सकता या किसी अन्य संवैधानिक निकाय और न ही चुनाव आयोग का नियंत्रक प्राधिकारी नहीं बन सकता। वह केवल संदेह के आधार पर कार्य नहीं कर सकता है, क्योंकि ईवीएम और वीवीपैट के बीच बेमेल का एक भी मामला नहीं दिखाया गया है।  </p>
<p>शीर्ष अदालत ने सुनवाई करते हुए यह भी दर्ज किया था कि अब तक हैङ्क्षकग (ईवीएम) की कोई घटना सामने नहीं आई और यदि कोई घटना होती तो वह कानून बताता है कि क्या किया जाना चाहिए। अदालत ने यह भी कहा कि चुनाव में कोई भी उम्मीदवार यह दिखा सकता है कि गिने गए पांच फीसदी मत का वीवीपैट से कोई बेमेल था या नहीं।</p>
<p>पीठ के समक्ष याचिकाकर्ताओं ने अपनी ओर से दलील दी थी कि संविधान के अनुच्छेद 19 और 21 के तहत मतदाता को यह अधिकार है कि वह सुब्रमण्यम स्वामी मामले (2013) में इस न्यायालय के निर्देशों के उद्देश्य और उद्देश्य के अनुसार अपने द्वारा डाले गए वोट को सत्यापित कर सके और वीवीपीएटी के कागजी वोट से मिलान किया जा सके।  </p>
<p>याचिकाकर्ताओं की ओर से यह भी दलील दी गई थी कि सभी वीवीपैट पर्चियों का (क्रॉस-सत्यापन)  ईवीएम में पड़े मतों से मिलान (गिनती) लोकतंत्र के हित और इस सिद्धांत के लिए आवश्यक है कि चुनाव न केवल स्वतंत्र और निष्पक्ष होने चाहिए, बल्कि स्वतंत्र दिखना भी चाहिए।</p>
<p>याचिकाकर्ताओं ने यह भी कहा था कि सरकार ने लगभग 24 लाख वीवीपैट की खरीद पर लगभग 5000 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। वर्तमान में केवल लगभग 20,000 वीवीपैट पर्चियों का मिलान किया गया है।</p>
<p>गौरतलब है कि शीर्ष अदालत ने 2019 में एक विधानसभा क्षेत्र में वीवीपैट की पर्चियों की गिनती को एक से बढ़ाकर पांच ( रैंडम  रूप से चयनित) मशीनों तक करने का निर्देश दिया था। यह व्यवस्था अभी बनी हुई है।</p>
<p>ईवीएम-वीवीपैट से जुड़े विवाद पर शीर्ष अदालत का फैसला आज  (26 अप्रैल) दूसरे चरण में 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की  88 लोकसभा सीटों पर मतदान हो रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 26 Apr 2024 13:01:24 +0530</pubDate>
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                <title>EVM के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस के कई नेता गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह और डॉ उदित राज सहित सैकड़ों कार्यकर्ताओं को शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने के दौरान पुलिस ने हिरासत में लेकर पार्लियामेंट थाने में रखा गया जबकि विधायक और पूर्व मंत्री दिल्ली सरकार राजेंद्र पाल गौतम को इन्द्रपुरी थाने में रखा गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/many-congress-leaders-protesting-against-evm-arrested/article-70878"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-02/transfer-(6)11.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) की खामियों के खिलाफ राष्ट्रीय राजधानी में गुरुवार को ईवीएम हटाओ मोर्चा और अन्य संगठनों के प्रदर्शन में शामिल हुए कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह और अन्य कई नेताओं को हिरासत में लिया गया।</p>
<p>ईवीएम हटाओ मोर्चा की तरफ से दी गयी जानकारी के अनुसार ईवीएम के खिलाफ जंतर मंतर पर सभा आयोजित की जा रही थी और इसकी इजाजत भी मिल चुकी थी, लेकिन दिल्ली पुलिस ने आखिरी वक्त में इजाजत को रद्द किया जिसके कारण यह आयोजन युवा कांग्रेस कार्यालय रायसीना रोड पर करना पड़ा।</p>
<p>मोर्चा के प्रमुख उदित राज के हवाले से मिली खबरों में बताया गया है कि विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह और डॉ उदित राज सहित सैकड़ों कार्यकर्ताओं को शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने के दौरान पुलिस ने हिरासत में लेकर पार्लियामेंट थाने में रखा गया जबकि विधायक और पूर्व मंत्री दिल्ली सरकार राजेंद्र पाल गौतम को इन्द्रपुरी थाने में रखा गया।</p>
<p>विरोध प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दीपक बावरिया, दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरविंद सिंह लवली, पूर्व सांसद उदित राज और अन्य ने कहा कि देश इस समय अघोषित आपातकाल का दौर चल रहा है और आंदोलित किसानों का दमन कर जनतंत्र का गला घोंटा जा रहा है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ऐसा इसलिए कर रही है कि ताकि भ्रष्टाचार, महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ आवाज न उठे और किसानों के आंदोलन को दबाया जा सके।</p>
<p>मोर्चा के नेताओं ने कहा कि सरकार ने जानबूझकर 12 मार्च तक जंतर मंतर में प्रदर्शन पर रोक लगाई है। सरकार का अनुमान है कि तब आचार संहिता लग जाएगी और दिल्ली में आंदोलन को भी रोका जा सकेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 22 Feb 2024 19:23:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>लोकसभा चुनाव : ईवीएम की प्रथम स्तरीय जांच पूरी</title>
                                    <description><![CDATA[ मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रवीण गुप्ता ने बताया कि प्रदेशभर में ईवीएम की प्रथम स्तरीय जांच (एफएलसी) का कार्य पूरा हो गया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/first-level-investigation-of-lok-sabha-election-evm-completed/article-70497"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-11/election-31.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर । मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रवीण गुप्ता ने बताया कि प्रदेशभर में ईवीएम की प्रथम स्तरीय जांच (एफएलसी) का कार्य पूरा हो गया है। गुप्ता ने बताया कि लोकसभा आम चुनाव के लिए ईवीएम या वीवीपेट मशीनों की प्रथम स्तरीय जांच का कार्य भारत इलेक्ट्रॉनिक लिमिटेड बेंगलुरू के इंजीनियर्स ने 27 जनवरी से सभी जिलों में शुरू किया था जो 17 फरवरी तक पूरा कर लिया गया।</p>
<p><strong>रिटर्निंग अफसरों का ट्रेनिंग प्रोग्रम आज से शुरू : </strong>गुप्ता ने बताया कि सोमवार से इंदिरा गांधी पंचायती राज संस्थान जयपुर में लोकसभा चुनाव 2024 के लिए राज्य के सभी संसदीय क्षेत्रों के सहायक रिटर्निंग</p>
<p>अधिकारियों का 19 से 23 फरवरी तक प्रथम चरण का पांच दिवसीय प्रशिक्षण सह सर्टिफिकेशन कार्यक्रम होगा। द्वितीय चरण का कार्यक्रम 26 फरवरी से एक मार्च के बीच होगा। कार्यक्रम में भारत निर्वाचन आयोग के राष्ट्रीय स्तर के मास्टर प्रशिक्षक सभी अधिकारियों को लोकसभा चुनाव के एआरओ के दायित्वों से जुड़े सभी जरूरी बिंदुओं पर विशेष रूप से प्रशिक्षण देंगे। कार्यक्रम में ईडीसी, ईटीपीबीएस से जुड़ी तकनीकी जानकारी के साथ साथ डाक मतपत्र की मदद से मताधिकार का प्रयोग करने वाले सभी श्रेणी के मतदाताओं के लिए निर्धारित प्रक्रिया, ईवीएम और वीवीपेट जागरूकता आदि के संबंध में नेशनल लेवल मास्टर ट्रेनर्स व्याख्यान देंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 19 Feb 2024 10:54:33 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>CM को अपने मंत्री बनाने तक का अधिकार नहीं, दिल्ली से बनकर आती है लिस्ट: जीतू पटवारी</title>
                                    <description><![CDATA[उन्होंने कहा कि भाजपा में मुख्यमंत्री को अपने मंत्रिमंडल के सदस्य चुनने तक का अधिकार नहीं है। मंत्रिमंडल में किसे कौन सा विभाग मिलेगा, इसकी भी सूची दिल्ली से बनकर आती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/jitu-patwari-attacks-on-bjp-said-madhya-pradesh-cm-mohan-yadav-does-not-even-have-the-right-to-appoint-his-own-ministers/article-66548"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/jitu-patwari.jpg" alt=""></a><br /><p>भिंड। मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भारतीय जनता पार्टी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश में मुख्यमंत्री को अपने मंत्रिमंडल के सदस्य चुनने तक का अधिकार नहीं है और सारे फैसले दिल्ली से ही होते हैं।</p>
<p>पटवारी कल देर रात भिंड प्रवास के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि भाजपा में मुख्यमंत्री को अपने मंत्रिमंडल के सदस्य चुनने तक का अधिकार नहीं है। मंत्रिमंडल में किसे कौन सा विभाग मिलेगा, इसकी भी सूची दिल्ली से बनकर आती है। भाजपा लोकतंत्र को खत्म करना चाहती है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कांग्रेस को ईवीएम पर शंका है।</p>
<p>पटवारी ने कहा कि कांग्रेस को विपक्ष में बैठने का मौका दिया गया है। अब पार्टी की जिम्मेदारी है कि भाजपा के वचनपत्र में जनता से जो-जो वादे किए गए, उन्हें पूरा कराया जाए। उन्होंने भाजपा पर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को दरकिनार करने का भी आरोप लगाया। इस दौरान उन्होंने जिले के कांग्रेस कार्यकर्ताओं का मनोबल भी बढ़ाया। उन्होंने कहा कि वे पार्टी के हर पद पर रहे हैं और कार्यकर्ताओं का दर्द समझते हैं। जब कोई प्रत्याशी चुनाव हार जाता है तो बूथ स्तर के कार्यकर्ता को कितना दर्द होता है। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कार्यकर्ताओं का जहां पसीना गिरेगा, वहां हम खून बहा देंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Jan 2024 18:43:58 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>दिग्विजय सिंह ने फिर ईवीएम पर सवाल उठाए </title>
                                    <description><![CDATA[राज्यसभा सांसद सिंह ने सोशल मीडिया एक्स पर अपनी पोस्ट में लिखा है, माननीय चुनाव आयोग जी आप से एक ही गुजारिश है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/digvijay-singh-again-raised-questions-on-evm/article-60329"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/digvijaya-singh.png" alt=""></a><br /><p>भोपाल। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने देश के पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के बीच फिर इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा किया। राज्यसभा सांसद सिंह ने सोशल मीडिया एक्स पर अपनी पोस्ट में लिखा है, माननीय चुनाव आयोग जी आप से एक ही गुजारिश है। </p>
<p>वीवीपीएटी स्लिप हमें हाथ में दे दो जिसे हम अलग से रखे मतपेटी में डाल दें। मतगणना के पहले किसी भी 10 मतपेटी के वोट गिन लो और काउंटिंग यूनिट के नतीजों से मेल कर लो। यदि दोनों का नतीजा एक जैसा है तो काउंटिंग यूनिट के नतीजों से रिजल्ट डिक्लेअर कर दो। इसमें चुनाव आयोग को क्या दिक्कत है? माननीय सुप्रीम कोर्ट से यही प्रार्थना है। इसे गंभीरता से लें देश में लोकतंत्र बचाइए। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 Oct 2023 10:55:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>EVM सोर्स कोड ऑडिट की याचिका सुप्रीम कोर्ट ने की खारिज</title>
                                    <description><![CDATA[उच्चतम न्यायालय ने चुनाव के दौरान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों EVM में इस्तेमाल किए गए सोर्स कोड के ऑडिट की मांग वाली एक जनहित याचिका शुक्रवार को खारिज कर दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/supreme-court-rejects-petition-for-evm-source-code-audit/article-57781"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-09/supreme-court--21.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने सुनील अह्या की याचिका खारिज करते हुए कहा कि सॉफ्टवेयर के स्रोत कोड को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता, क्योंकि इससे EVM के हैक होने का खतरा बढ़ जाएगा।</p>
<p>पीठ ने कहा, ''हम ऐसे नीतिगत मुद्दे पर याचिकाकर्ता द्वारा मांगे गए निर्देश जारी करने के इच्छुक नहीं हैं।  इस अदालत के समक्ष यह संकेत देने के लिए कोई तथ्य नहीं है कि चुनाव आयोग अपने आदेश को पूरा करने के लिए उचित कदम नहीं उठा रहा है।"</p>
<p>याचिकाकर्ता ने कहा कि यह सिर्फ EVM के सोर्स कोड के ऑडिट से संबंधित याचिका है। पीठ ने याचिकाकर्ता से सवाल पूछा कि इस पर संदेह करने के लिए क्या तथ्य है?</p>
<p>इस पर सुनील ने कहा कि चुनाव आयोग ने किसी विशेष मानक का पालन नहीं किया है। उसने किसी भी मानक का खुलासा नहीं किया है। कोई भी ऑडिट मान्यता प्राप्त मानक के अनुसार होना चाहिए। </p>
<p>उन्होंने दलील दी कि स्रोत EVM का दिमाग है और यह मामला लोकतंत्र के अस्तित्व से जुड़ा है।</p>
<p>पीठ ने कहा कि उसे पता है कि सोर्स कोड क्या होता है, क्योंकि जब कोई आवेदन शीर्ष अदालत की वेबसाइट पर डाला जाता है तो उसे सुरक्षा ऑडिट से गुजरना पड़ता है।</p>
<p>जनहित याचिका में एक विशेष मानक IEEE 1028 को लागू करते हुए EVM के स्रोत कोड के स्वतंत्र ऑडिट की मांग की गई है। साथ ही मांग की कि स्रोत का स्वतंत्र रूप से ऑडिट किया जाना चाहिए और ऑडिट रिपोर्ट को सार्वजनिक किया  जाना  चाहिए।</p>
<p>पीठ ने आगे कहा कि याचिका 2019 के आम चुनाव से पहले और फिर अप्रैल 2019 में दायर की गई थी।</p>
<p>शीर्ष अदालत ने तब कहा था कि वह आम चुनाव की पृष्ठभूमि के खिलाफ जनहित याचिका में उठाए गए मुद्दों पर विचार नहीं कर सकती है। अदालत ने याचिकाकर्ता को स्वतंत्रता दी गई थी कि वह नये सिरे से आवेदन करें।</p>
<p>इसके बाद  सुनील ने 2020 में शीर्ष अदालत के समक्ष एक और जनहित याचिका दायर Sकी थी। इसके बाद उन्हें चुनाव आयोग के समक्ष प्रतिनिधित्व करने की अनुमति दी गई।</p>
<p>याचिकाकर्ता ने शीर्ष अदालत से कहा कि चूंकि चुनाव आयोग ने उनके तीन अभ्यावेदनों का जवाब नहीं दिया, इसलिए उन्हें फिर से अदालत का दरवाजा खटखटाने के लिए मजबूर होना पड़ा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 22 Sep 2023 18:58:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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                <title>मेघालय में आकर्षक, हल्की ईवीएम का इस्तेमाल</title>
                                    <description><![CDATA[ईवीएम के सभी घटकों जैसे बीयू, कंट्रोल यूनिट (सीयू) और वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपीएटी) के बीच आपसी प्रमाणीकरण को विभिन्न उन्नत सुरक्षा प्रोटोकॉल के उपयोग से मजबूत किया गया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/attractive-lightweight-evms-used-in-meghalaya/article-38443"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-02/s-81.png" alt=""></a><br /><p>शिलांग। मेघालय विधानसभा के लिए मतदान में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के एम3 मॉडल का इस्तेमाल किया जा रहा है। मेघालय के मुख्य निर्वाचन अधिकारी फ्रेडरिक रॉय खारकोंगोर ने सोमवार को यूनी(एजेंसी) को बताया कि चुनाव के लिए लगभग पांच हजार ईवीएम को काम में लिया जा रहा है। ईवीएम का नया मॉडल एम 3 वजन में हल्का और स्लिक है लिहाजा इसकों एक स्थान दूसरे स्थान पर ले जाना और जगह बदलना आसान होता है। ईवीएम के एम3 मॉडल में इसके सभी घटकों के बीच आपस में प्रमाणीकरण मजबूत क्षमता है। ईवीएम के सभी घटकों जैसे बीयू, कंट्रोल यूनिट (सीयू) और वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपीएटी) के बीच आपसी प्रमाणीकरण को विभिन्न उन्नत सुरक्षा प्रोटोकॉल के उपयोग से मजबूत किया गया है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि एम2 ईवीएम की तुलना में जिसमें केवल 4 बैलेट यूनिट को एक साथ जोड़ा जा सकता था, एम3 ईवीएम में 24 बैलेट यूनिट को एक साथ जोड़ा जा सकता है। प्रत्येक बीयू 16 उम्मीदवारों (नोटा सहित) को संभालने में सक्षम है, यह सुविधा एम3 ईवीएम का उपयोग करके प्रति निर्वाचन क्षेत्र में 384 उम्मीदवारों को संभालने की संभावना को सक्षम बनाती है। इसलिए, एम3 ईवीएम अपने संचालन में अत्यधिक मापनीय हैं। </p>
<p> मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि नई वोङ्क्षटग मशीन की एक और अनूठी विशेषता अनधिकृत एक्सेस डिटेक्शन मॉड्यूल (यूएडीएम) है, जो एम3ईवीएम में एम्बेडेड एक सुरक्षात्मक सर्किट/फीचर है। खारकोंगोर ने कहा कि माइक्रोकंट्रोलर या ईवीएम की मेमोरी तक पहुँचने के किसी भी अनधिकृत प्रयास के मामले में, यूएडीएम स्वचालित रूप से मशीन को फ़ैक्टरी मोड में डाल देता है जिससे यह पूरी तरह से निष्क्रिय हो जाती है। इसके बाद मशीन को केवल कारखानों में ही ठीक किया जा सकता था। यह फीचर इस ईवीएम को किसी भी तरह की छेड़छाड़ से रहित बनाता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Feb 2023 12:26:57 +0530</pubDate>
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