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                <title>robotic surgery - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>robotic surgery RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>राजस्थान में रोबोटिक सर्जरी का नया रिकॉर्ड, जयपुर के CK बिरला हॉस्पिटल ने पूरी की 700 सफल सर्जरी</title>
                                    <description><![CDATA[सीके बिरला हॉस्पिटल्स (आरबीएच), जयपुर 700 रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी सफलता पूर्वक करने वाला राजस्थान का पहला प्राइवेट हॉस्पिटल बन गया है। दा विंची सर्जिकल सिस्टम की मदद से यूरोलॉजी, गायनेकोलॉजी और जनरल सर्जरी के जटिल ऑपरेशनों को मिनिमली इन्वेसिव तकनीक से अंजाम दिया गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/new-record-of-robotic-surgery-in-rajasthan-ck-birla-hospital/article-162785"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/1200-x-60-px)-(youtube-thumbnail)13.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। सीके बिरला हॉस्पिटल्स, (रुकमणि बिरला हॉस्पिटल), जयपुर राजस्थान में 700 रोबोटिक असिस्टेड सर्जरी करने वाला पहला प्राईवेट हॉस्पिटल बन गया है। यह उपलब्धि हॉस्पिटल में जनरल सर्जरी, ऑन्को-गायनेकोलॉजी, यूरोलॉजी और गैस्ट्रोइंटेस्टाईनल सर्जरी में पाँच प्रशिक्षित सर्जनों के साथ मल्टीडिसिप्लिनरी रोबोटिक सर्जरी टीम की मदद से मिली है, जिसमें डॉ. देवेंद्र शर्मा, डायरेक्टर, यूरोलॉजी एवं रीनल ट्रांसप्लांट, डॉ. सी.पी दधीच, डायरेक्टर, ऑब्सटेट्रिक्स एवं गायनेकोलॉजी और डॉ. राजेश शर्मा, डायरेक्टर, जनरल सर्जरी, मिनिमल एक्सेस और बेरियाट्रिक सर्जरी शामिल हैं।</p>
<p>इस हॉस्पिटल में अलग-अलग स्पेशियलिटीज में दा विंची सर्जिकल सिस्टम की मदद से रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी की जाती है, जिसमें किडनी कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर, गायनेकोलॉजिकल कैंसर, एंड-स्टेज रीनल डिजीज और कॉम्प्लेक्स एब्डॉमिनल वॉल डिसऑर्डर जैसी कई समस्याओं के लिए मिनिमली इन्वेजिव सर्जरी शामिल है। पिछले सालों में इस सिस्टम का काफी विकास हुआ है और इसकी मदद से जटिल से जटिल मामलों को संभालना भी संभव हुआ है। इस सिस्टम ने राजस्थान और पड़ोसी क्षेत्रों के मरीजों के लिए आधुनिक सर्जिकल केयर की उपलब्धता बढ़ाई है। </p>
<p>रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम के बढ़ते उपयोग के बारे में डॉ. सी.पी दधीच, डायरेक्टर, ऑब्सटेट्रिक्स एवं गायनेकोलॉजी, सीके बिरला हॉस्पिटल्स, जयपुर ने कहा, ‘‘रोबोटिक असिस्टेड सर्जरी जटिल ऑपरेशन करने का तरीका बदल रही है। अब अलग-अलग स्पेशियलिटीज में सर्जन को बेहतर विज्युअलाईजेशन, प्रेसिजन और कंट्रोल मिलता है। गायनेकोलॉजी के क्षेत्र में इसने जटिल समस्याओं के लिए मिनिमिली इन्वेजिव सर्जरी का विस्तार किया है, जिससे मरीजों को ज्यादा तेज रिकवरी और बेहतर नतीजे प्राप्त करने में मदद मिली है। 700 रोबोटिक असिस्टेड सर्जरी पूरी होने से आधुनिक सर्जिकल टेक्नोलॉजी और बेहतर नतीजे देने की इसकी क्षमता में क्लिनिशियन और मरीजों का बढ़ता विश्वास प्रदर्शित होता है। </p>
<p>यह उपलब्धि विभिन्न स्पेशियलिटीज, जैसे गायनेकोलॉजिकल ऑन्कोलॉजी, यूरोलॉजी, रीनल ट्रांसप्लांटेशन और एडवांस्ड एब्डॉमिनल वॉल रिकॉन्सट्रक्शन में रोबोटिक असिस्टेड सर्जरी का योगदान प्रदर्शित करती है। हाल ही में हॉस्पिटल ने राजस्थान का पहला रोबोटिक किडनी ट्रांसप्लांट और बायोरिजॉर्बेबल मेश की मदद से पहला रोबोटिक असिस्टेड ईटीईपी-आरएस (एक्सटेंडेड टोटली एक्स्ट्रापेरिटोनियल रेट्रोमस्कुलर सबले) हर्निया रिपेयर करके इस प्रोग्राम की बढ़ती क्लिनिकल क्षमताओं को उजागर किया है।</p>
<p>रोबोटिक किडनी ट्रांसप्लांट एक 33 साल के मरीज का किया गया, जिन्हें एडवांस्ड किडनी डिजीज थी, जिसके कारण उन्हें नियमित तौर से हेमोडायलिसिस कराना पड़ता था। उन्हें उनकी माँ ने अपनी किडनी दी। डोनर किडनी की एनाटोमिकल बनावट काफी मुश्किल थी, जिसमें कई सारी नसें और यूरेटर शामिल थे। इसलिए ट्रांसप्लांट के लिए बहुत सतर्क योजना और सर्जिकल प्रेसिजन की जरूरत थी। यह सर्जरी एक छोटा सा चीरा लगाकर बहुत सटीकता से की गई। मरीज के शरीर में ग्राफ्ट ने बहुत जल्दी काम करना शुरू कर दिया और उन्हें पाँच दिनों में ही हॉस्पिटल से छुट्टी दे दी गई।</p>
<p>डॉ. देवेंद्र शर्मा, डायरेक्टर - यूरोलॉजी एवं रीनल ट्रांसप्लांट, सीके बिरला हॉस्पिटल्स, जयपुर ने कहा, ‘‘किडनी ट्रांसप्लांट के हर मामले की अलग क्लिनिकल चुनौतियाँ होती हैं। इसलिए सबसे बेहतर नतीजे पाने के लिए सर्जरी का सबसे सही दृष्टिकोण चुनना बहुत जरूरी होता है। इस मरीज के मामले में डोनर किडनी की एनाटोमी में अंतर था। इसलिए बहुत सतर्क योजना और प्रेसिजन रखना बहुत जरूरी था। रोबोटिक प्लेटफॉर्म ने इस मुश्किल ट्रांसप्लांट के लिए जरूरी एक्युरेसी प्रदान की, जिससे मिनिमली इन्वेजिव प्रक्रिया संभव हो सकी। इस मामले से प्रदर्शित होता है कि मल्टीडिसिप्लिनरी टीम के सहयोग और एडवांस्ड सर्जिकल क्षमताओं द्वारा स्पेशियलाईज्ड ट्रांसप्लांट केयर की उपलब्धता बढ़ाई जा सकती है।’’</p>
<p>एक दूसरे मामले में सर्जिकल टीम ने राजस्थान का पहला रोबोटिक असिस्टेड ईटीईपी-आरएस हर्निया रिपेयर किया, जिसमें मरीज की एब्डॉमिनल वॉल के एक बड़े हिस्से के कमजोर हो जाने के कारण एक बायोरिजॉर्बेबल मेश का इस्तेमाल किया गया। इस तरीके की मदद से सर्जन बड़ा चीरा लगाए बिना ही एब्डॉमिनल वॉल को रिकॉन्स्ट्रक्ट करने और हर्निया रिपेयर करने में समर्थ बने। ऑपरेशन के बाद मरीज को बहुत कम दर्द हुआ और उन्होंने अच्छी रिकवरी की। सर्जरी के बाद 38 घंटों में ही उन्हें हॉस्पिटल से छुट्टी दे दी गई।</p>
<p>डॉ. राजेश शर्मा, डायरेक्टर, जनरल सर्जरी, मिनिमल एक्सेस एवं बेरियाट्रिक सर्जरी, सीके बिरला हॉस्पिटल्स, जयपुर ने कहा, ‘‘एब्डॉमिनल वॉल का बड़ा हिस्सा कमजोर होने पर केवल साधारण हर्निया रिपेयर काफी नहीं होता है। इस तरह के मामलों में हमारा उद्देश्य मरीजों पर सर्जरी का कम से कम प्रभाव डाले बिना उन्हें शक्ति, कार्यक्षमता और लंबे समय तक स्वास्थ्य प्रदान करना होता है। ईटीईपी-आरएस तकनीक एब्डॉमिनल वॉल का एनाटोमिकल रिकॉन्स्ट्रक्शन और ऑप्टिमल मेश प्लेसमेंट संभव बनाती है, जिससे बेहतर नतीजे प्राप्त करने में मदद मिलती है। मरीजों में बायोरिजॉर्बेबल मेश के इस्तेमाल से व्यक्तिगत सर्जिकल केयर में सुधार होता है।’’</p>
<p>अर्पित जैन, यूनिट हेड, सीके बिरला हॉस्पिटल्स, जयपुर ने कहा, ‘‘700 रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी पूरी होने से हमारी टीमों द्वारा विभिन्न स्पेशियलिटीज में सालों की मेहनत से हासिल की गई क्लिनिकल विशेषज्ञता, सहयोग और प्रतिबद्धता प्रदर्शित होती है। इससे राजस्थान में एडवांस्ड सर्जिकल केयर की उपलब्धता बढ़ी है, जिससे मरीजों को उनके घर के नजदीक ही स्पेशियलाईज्ड ट्रीटमेंट मिल पाया है। हम अपनी क्षमताओं को मजबूत बनाने और यह सुनिश्चित करने पर केंद्रित हैं कि बेहतर सर्जिकल नतीजों और रिकवरी का लाभ ज्यादा से ज्यादा मरीजों तक पहुँचे।’’रोबोटिक असिस्टेड सर्जरी का जैसे-जैसे विकास हो रहा है, वैसे-वैसे सीके बिरला हॉस्पिटल क्लिनिकल विशेषज्ञता बढ़ाने, सर्जन के प्रशिक्षण में निवेश करने और मल्टीडिसिप्लिनरी सहयोग का विस्तार करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि एडवांस्ड मिनिमली इन्वेजिव केयर क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा मरीजों तक पहुँच सके।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 12 Aug 2026 14:45:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>एसएमएस अस्पताल में रोबोटिक तकनीक से किया जटिल ऑपरेशन : डॉ. अमित गोयल के मार्गदर्शन में मिली सफलता, सांस लेने में तकलीफ से ग्रसित था मरीज</title>
                                    <description><![CDATA[एसएमएस अस्पताल में 57 वर्षीय व्यक्ति की रोबोटिक सर्जरी। 3 माह से सांस लेने में तकलीफ थी। लगातार आ रही थी खांसी। जांचें में उन्हें डायाफ्रामेटिक इवेंट्रेशन की समस्या मिली। मरीज का वजन 110 किलोग्राम होने के कारण ओपन विधि या सामान्य लेप्रोस्कोपिक तकनीक से सर्जरी करना था चुनौतीपूर्ण।  डॉ. प्रभा ओम के मार्गदर्शन में सर्जन डॉ. अमित गोयल द्वारा रोबोटिक तकनीक से किया ऑपरेशन। 

]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/complex-operation-done-using-robotic-technology-in-sms-hospital-success/article-144405"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/sms-hospital.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। सवाई मानसिंह (एसएमएस) अस्पताल में रोबोटिक सर्जरी की सहायता से एक जटिल ऑपरेशन को सफलतापूर्वक संपन्न किया गया। 57 वर्षीय जयपुर निवासी, जो स्वयं नर्सिंग सुपरिटेंडेंट हैं, पिछले तीन माह से सांस लेने में तकलीफ से ग्रसित थे। उन्हें लगातार खांसी की शिकायत रहती थी और थोड़ी दूरी चलने पर भी सांस फूलने लगती थी। मरीज ने एसएमएस अस्पताल के सर्जरी विभाग में प्रोफेसर डॉ. अमित गोयल से परामर्श लिया। भर्ती कर आवश्यक जांचें की गईं, जिनमें पाया गया कि उन्हें डायाफ्रामेटिक इवेंट्रेशन की समस्या है, जिसके लिए ऑपरेशन आवश्यक था।</p>
<p>मरीज का वजन अत्यधिक (110 किलोग्राम) होने के कारण पारंपरिक (ओपन) विधि या सामान्य लेप्रोस्कोपिक तकनीक से सर्जरी करना चुनौतीपूर्ण था। इसलिए यूनिट प्रभारी डॉ. प्रभा ओम के मार्गदर्शन में सर्जन डॉ. अमित गोयल द्वारा रोबोटिक तकनीक से ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के दौरान मरीज को न्यून रक्तस्राव हुआ। सर्जरी के बाद दर्द भी अपेक्षाकृत कम रहा तथा रिकवरी शीघ्र हुई। इस प्रकार नई रोबोटिक तकनीक की सहायता से एक जटिल ऑपरेशन को सफलतापूर्वक संपन्न किया गया।</p>
<p>इस ऑपरेशन में डॉ. अमित गोयल, डॉ. प्रवीण जोशी, रेजिडेंट डॉ. गानवी, डॉ. रजत, डॉ. कविता, डॉ. गरिमा, डॉ. जय एवं डॉ. सिद्धार्थ का सहयोग रहा। एनेस्थीसिया विभाग से प्रोफेसर डॉ. सुशील भाटी, डॉ. इंदु वर्मा एवं डॉ. सुनील चौहान ने सहयोग दिया। नर्सिंग स्टाफ में सुनील सहित अन्य कर्मियों का विशेष योगदान रहा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 Feb 2026 17:14:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>रोबोटिक सर्जरी व एआई तकनीक पर किया मंथन, देश-विदेश के यूरोलॉजिस्ट जयपुर में जुटे</title>
                                    <description><![CDATA[सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज और वटीकुट्टी फाउंडेशन की ओर से आयोजित इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में देश-विदेश के यूरोलॉजिस्ट जयपुर में एकजुट हुए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/robotic-surgery-and-ai-technology-churned-on-urologist-jaipur-in/article-104312"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/pze-(3).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज और वटीकुट्टी फाउंडेशन की ओर से आयोजित इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में देश-विदेश के यूरोलॉजिस्ट जयपुर में एकजुट हुए। इस सेमिनार में एडवांस रोबोटिक और आर्टिफिशियल तकनीक पर चर्चा हुई। कार्यक्रम का आयोजन राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में हुआ। यहां 250 से अधिक डेलिगेट्स हिस्सा लेने पहुंचे। </p>
<p>कार्यक्रम का उद्घाटन डिप्टी सीएम दीया कुमारी ने किया। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक सर्जरी चिकित्सा क्षेत्र में काफी महत्वपूर्ण साबित हो रही है और इलाज में काफी कारगर दिखाई दे रही हैं। सेमिनार में इटली, फ्रांस, यूके व अमेरिका से आए कई विशेषज्ञ शामिल हुए। यहां रोबोटिक सर्जरी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। यह भी बताया गया कि किस तरह से हेल्थ सेक्टर में रोबोटिक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग फायदेमंद साबित हो रहा है। एसएमएस मेडिकल कॉलेज के यूरोलॉजी विभाग के एचओडी और आयोजनकर्ता डॉ. शिवम प्रियदर्शी ने बताया कि सवाई मानसिंह अस्पताल में पिछले कुछ सालों से अस्पताल में भी रोबोटिक सर्जरी का उपयोग किया जा रहा है। अभी तक 100 से अधिक रोबोटिक सर्जरी की जा चुकी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 15 Feb 2025 10:19:15 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>महात्मा गांधी अस्पताल में रोबोट से किया बैरिएट्रिक ऑपरेशन</title>
                                    <description><![CDATA[यह उपलब्धि मेटाबॉलिक सर्जरी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है जो उन्नत चिकित्सा तकनीकी स्तर को बयां करती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/bariatric-operation-done-with-robot-in-mahatma-gandhi-hospital/article-92476"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-10/630400-size-(13)1.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। सीतापुरा स्थित महात्मा गांधी अस्पताल में अब मोटापा सर्जरी भी रोबोटिक तकनीक से की जा रही है। हाल ही में गैस्ट्रो सर्जन डॉ विनय महला ने 141 किलो वजनी महिला को जिसका बीएमआई 60 से अधिक था बैरिएट्रिक सर्जरी कर राहत दिलाई है।</p>
<p>डॉ महला के ने बताया कि यह सर्जरी 35 वर्षीय महिला  को अधिक बीएमआई के कारण डायबिटीजए हृदय रोग और स्लीप एपनिया जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। रोबोटिक तकनीक के उपयोग से सर्जरी में अधिक सटीकता और कम जटिलताएं सुनिश्चित हुई जिससे मरीज की तेजी से रिकवरी संभव हो सकी। सामान्य सर्जरी की तुलना में रोबोटिक सर्जरी में कम जोखिम होता है और परिणाम बेहतर होते हैं।</p>
<p>यह उपलब्धि मेटाबॉलिक सर्जरी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है जो उन्नत चिकित्सा तकनीकी स्तर को बयां करती है। डॉ महला ने बताया कि मेटाबॉलिक सर्जरी मोटापे और उससे जुड़े विकारों जैसे टाइप 2 डायबिटीज, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग और स्लीप एपनिया के इलाज में बेहद महत्वपूर्ण है। यह सिर्फ वजन घटाने तक सीमित नहीं है बल्कि मेटाबॉलिक संतुलन को बहाल करने में भी मदद करती है जिससे मरीजों की जीवन गुणवत्ता में सुधार होता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 07 Oct 2024 12:43:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>Robotic की मदद से की गयी जटिल Gallbladder surgery </title>
                                    <description><![CDATA[उन्होंने बताया कि महिला का इलाज समय पर इलाज न किया जाता तो गालब्लैडर आसपास के अंगों से और चिपक सकता था। उनके गॉलब्लैडर की दीवार भी सख्त हो गयी थी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/complex-robotic-assisted-gallbladder-surgery/article-53597"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/robot.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली दिल्ली के एक निजी अस्पताल के चिकित्सकों ने रोबोट की मदद से एक जटिल गाल ब्लैडर सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है।    फोर्टिस अस्पताल शालीमार के रोबोटिक- लैप जीआई ओंकोलॉजी, बेरियाट्रिक एंड मिनीमल इन्वेसिव सर्जरी के प्रधान निदेशक एवं विभागाध्यक्ष डॉ प्रदीप जैन ने संवाददाताओं को बताया कि 36 वर्षीय महिला का गॉल ब्लैडर आसपास फैली छोटी आंत एवं बड़ी आंत में बुरी तरह से फंसा हुआ था और बाइल डक्ट भी फंसी थी।</p>
<p>डॉ जैन ने बताया कि पीड़ित महिला का सीटी स्कैन और पेट स्कैन किया गया और रोबोट की मदद से उनका गालब्लैडर निकालने का फैसला किया गया। उन्होंने बताया कि महिला का इलाज समय पर इलाज न किया जाता तो गालब्लैडर आसपास के अंगों से और चिपक सकता था। उनके गॉलब्लैडर की दीवार भी सख्त हो गयी थी।</p>
<p>उन्होंने कहा कि हमने सफलतापूर्वक उनकी रोबोटिक सर्जरी की। रोबोटिक-असिस्टेंस से की जाने वाली सर्जरी खासतौर से इस प्रकार की जटिल और चुनौतीपूर्ण प्रक्रियाओं में काफी संभावनाओं से भरपूर है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि पारंपरिक सर्जरी की तुलना में रोबोटिक सर्जरी काफी फायदेमंद होती है। इसके प्रयोग के लिए लचीले उपकरणों के साथ-साथ बाइल डक्ट को ठीक प्रकार से देखने के लिए विशेषज्ञ तकनीकों का भी लाभ मिलता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 03 Aug 2023 19:42:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जनरल सर्जरी विभाग के चिकित्सकों ने की पहली बार रोबोटिक सर्जरी</title>
                                    <description><![CDATA[यह सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र मांडिया, डॉ. आरजी खंडेलवाल, डॉ. शालू गुप्ता और उनकी टीम ने की है। इससे पहले हाल ही में यूरोलॉजी विभाग में भी रोबोटिक सर्जरी की जा चुकी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/doctors-of-general-surgery-department-performed-robotic-surgery-for-the/article-39770"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-03/a-76.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। एसएमएस अस्पताल के इतिहास में सोमवार को एक और उपलब्धि जुड़ गई है। अस्पताल के जनरल सर्जरी विभाग के चिकित्सकों ने रोबोटिक सर्जरी कर नया कीर्तिमान रचा है। विभाग ने गॉल ब्लेडर और हर्निया की एक-एक सर्जरी रोबोटिक तकनीक से की है। यह सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र मांडिया, डॉ. आरजी खंडेलवाल, डॉ. शालू गुप्ता और उनकी टीम ने की है। इससे पहले हाल ही में यूरोलॉजी विभाग में भी रोबोटिक सर्जरी की जा चुकी है।</p>
<p>गौरतलब है कि अस्पताल में 25-25 करोड़ रुपए से दो रोबोटिक मशीनें लगाई गई है। इन मशीनों से सर्जरी करने के लिए पहले दोनों विभागों के मुखियाओं को ट्रेनिंग दी गई और अब ट्रेनिंग के बाद यहां सफल रोबोटिक सर्जरी की गई है। प्रदेश में सरकारी स्तर के किसी भी मेडिकल कॉलेज से जुड़े अस्पताल में पहली बार रोबोटिक सर्जरी की गई है। वैसे इससे पहले यूरोलॉजी विभाग में ये रोबोटिक सर्जरी हो चुकी है। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Mar 2023 10:05:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रोबोटिक सर्जरी के लिए एसएमएस अस्पताल में डॉक्टर्स की ट्रेनिंग शुरू, अगले माह से मरीजों को मिलेगा फायदा</title>
                                    <description><![CDATA[ जनरल सर्जरी के प्रोफेसर डॉ. जीवन कांकरिया ने बताया कि फिलहाल दो सीनियर डॉक्टर्स को सिम्यूलेटर मशीनों पर ट्रेनिंग दी जा रही है। यह ट्रेनिंग 60 से 90 घंटे की होगी। इन डॉक्टर्स को मार्च के पहले सप्ताह या दूसरे सप्ताह में एक दिन की प्रेक्टिकल ट्रेनिंग के लिए कोच्ची भेजा जाएगा। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/training-of-doctors-started-in-sms-hospital-for-robotic-surgery/article-38750"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-03/robotic-surjery.jpg" alt=""></a><br /><p>ब्यूरो/नवज्योति, जयपुर। एसएमएस अस्पताल में अप्रेल माह के पहले सप्ताह से रोबोटिक सर्जरी शुरू हो जाएगी। अस्पताल प्रशासन ने इसके लिए पूरी तैयारी कर ली है और डॉक्टर्स की ट्रेनिंग भी शुरू हो चुकी है। फिलहाल एसएमएस अस्पताल के दो सीनियर जनरल सर्जन्स डॉ. राजेन्द्र मांडिया और डॉ. सुमिता जैन को ही इन सिम्यूलेटर मशीनों पर मशीन बनाने वाली कंपनी के प्रतिनिधियों द्वारा ट्रेनिंग दी जा रही है। इसके बाद जूनियर डॉक्टर्स और संबंधित स्टाफ को भी ट्रेनिंग देकर ट्रेंड किया जाएगा। गौरतलब है कि अस्पताल में करीब 50 करोड़ की लागत से दो रोबोटिक मशीनें करीब 15 दिन पहले आ चुकी हैं और इन मशीनों को जनरल सर्जरी और यूरोलॉजी विभाग के ओटी में लगा दिया गया है। <br /><br /><strong>ये सर्जरी होंगी</strong><br />मशीनों से कैंसर ट्यूमर, कोलोरेक्टल सर्जरी, बेरिएट्रिक सर्जरी, हर्निया, एक्लेजिया कार्डिया समेत अन्य बीमारियों की सर्जरी की जाएगी। रोबोटिक सर्जरी में सर्जरी आसानी से होगी और समय भी कम लगेगा। अगर डॉक्टर ट्रेनिंग के बाद इस सर्जरी को करने में एक्सपर्ट हो जाते हैं तो इसके रिजल्ट लेप्रोस्कोपी सर्जरी और सामान्य हाथ से की जाने वाली सर्जरी से भी ज्यादा अच्छे होंगे। इस मशीन से मरीज के शरीर में बहुत ही छोटे-छोटे छेद करके बड़ी से बड़ी सर्जरी की जाती है। इससे मरीज को दर्द कम होता है और ब्लड भी कम बहता है। <br /><br /><strong>60 से 90 घंटे की होगी ट्रेनिंग</strong><br />जनरल सर्जरी के प्रोफेसर डॉ. जीवन कांकरिया ने बताया कि फिलहाल दो सीनियर डॉक्टर्स को सिम्यूलेटर मशीनों पर ट्रेनिंग दी जा रही है। यह ट्रेनिंग 60 से 90 घंटे की होगी। इन डॉक्टर्स को मार्च के पहले सप्ताह या दूसरे सप्ताह में एक दिन की प्रेक्टिकल ट्रेनिंग के लिए कोच्ची भेजा जाएगा। इस प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में हॉस्पिटल के अंदर मरीजों की सर्जरी करना सिखाया जाएगा। अलग-अलग बैच में डॉक्टरों को ट्रेनिंग करवाई जाएगी। ये सभी प्रक्रिया पूरी होने के बाद जूनियर डॉक्टर्स और अन्य स्टाफ की भी ट्रेनिंग होगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Mar 2023 09:59:37 +0530</pubDate>
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