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                <title>National security - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>National security RSS Feed</description>
                
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                <title>ऑपरेशन सिंदूर ने दुनिया को आतंकवाद के खिलाफ देश की प्रतिबद्धता का दिया संदेश, भारत अब सिर्फ़ बयान जारी नहीं करता बल्कि आगे बढ़कर निर्णायक कार्रवाई भी करता है : राजनाथ सिंह</title>
                                    <description><![CDATA[रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि 'ऑपरेशन सिंदूर' ने भारत की बदलती मानसिकता का वैश्विक संदेश दिया है। अब भारत कूटनीतिक बयानों के बजाय निर्णायक सैन्य कार्रवाई में विश्वास रखता है। रक्षा निर्यात में 62% की रिकॉर्ड वृद्धि और एआई (AI) आधारित युद्धक प्रणालियाँ नए और सशक्त भारत की पहचान बन चुकी हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/operation-sindoor-gave-a-message-to-the-world-about-the/article-152209"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/rajnath-singh.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली । रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर ने दुनिया को स्पष्ट संदेश दिया है कि भारत अपने भूभाग पर आतंकवादी हमलों के बाद अब केवल कूटनीतिक बयान जारी करने की पुरानी मानसिकता तक सीमित नहीं है बल्कि आगे बढ़कर निर्णायक कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है। राजनाथ सिंह ने गुरुवार को यहां एक राष्ट्रीय सुरक्षा शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार ने स्पष्ट रुख अपनाया है कि किसी भी परिस्थिति में आतंकवाद का कोई भी कृत्य सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक, हवाई हमलों और ऑपरेशन सिंदूर को आतंकवाद के खिलाफ सरकार के दृढ़ संकल्प का प्रतीक बताया।</p>
<p>उन्होंने कहा, "आतंकवाद एक विकृत और विक्षिप्त मानसिकता से उत्पन्न होता है। यह मानवता पर एक काला धब्बा है। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई केवल राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला नहीं है, यह मूल रूप से मानवता के मूल्यों की रक्षा की लड़ाई है। यह एक बर्बर विचारधारा के खिलाफ संघर्ष है जो हर मानवीय मूल्य के सीधे विरोध में खड़ी है। हमने इस भारतीय दृष्टिकोण को देश के भीतर और विदेशों में स्पष्ट रूप से प्रस्तुत किया है।"</p>
<p>रक्षा मंत्री ने कहा कि जब तक आतंकवाद मौजूद रहेगा, यह सामूहिक शांति, विकास और समृद्धि को चुनौती देता रहेगा। उन्होंने कहा, "आतंकवाद को धार्मिक रंग देकर या इसे नक्सलवाद जैसी हिंसक विचारधारा से जोड़कर उचित ठहराने के प्रयास किए जाते हैं। यह अत्यंत खतरनाक है और एक प्रकार से आतंकवादियों को आड़ प्रदान करता है ताकि वे धीरे-धीरे अपने लक्ष्य की ओर बढ़ सकें। आतंकवाद केवल राष्ट्र-विरोधी कृत्य नहीं है, इसके कई आयाम हैं—संचालनात्मक, वैचारिक और राजनीतिक। इससे तभी निपटा जा सकता है जब हम इन सभी आयामों पर काम करें।"</p>
<p>पाकिस्तान द्वारा आतंकवाद को लगातार समर्थन दिए जाने पर श्री सिंह ने कहा, "भारत और पाकिस्तान दोनों ने एक ही समय पर स्वतंत्रता प्राप्त की थी। हालांकि आज भारत को विश्व स्तर पर सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) के लिए जाना जाता है, जबकि पाकिस्तान को एक अलग प्रकार के आईटी यानी 'अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद' का केंद्र माना जाता है।" रक्षा मंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर को भारतीय सशस्त्र बलों की एकजुटता और समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय थल सेना, भारतीय नौसेना और भारतीय वायु सेना ने एकजुट होकर और एकीकृत योजना के तहत कार्य किया, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि भारत की सैन्य शक्ति अब अलग-अलग हिस्सों में काम नहीं करती, बल्कि यह एक संयुक्त, एकीकृत और वैश्विक शक्ति के रूप में उभरी है।</p>
<p>राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत ने ऑपरेशन सिंदूर को अपनी शर्तों पर और अपने चुने हुए समय पर अंजाम दिया, और इसे पूरी तरह अपनी शर्तों पर ही रोका। उन्होंने कहा, "इस अभियान के दौरान हमने अत्यंत सटीकता के साथ केवल उन लोगों को निशाना बनाया जिन्होंने हमारे खिलाफ हमला किया था। हमने अभियान इसलिए नहीं रोका कि हमारी क्षमताएं समाप्त हो गई थीं या कम हो गई थीं। हमने इसे पूरी तरह अपनी शर्तों पर समाप्त किया। हम लंबे समय तक संघर्ष जारी रखने के लिए पूरी तरह तैयार थे। हमारे पास आवश्यक अतिरिक्त क्षमता और अचानक संकट के समय अपनी क्षमताओं को तेजी से बढ़ाने की अंतर्निहित शक्ति है।"</p>
<p>रक्षा मंत्री ने जोर देकर कहा कि भारत का सैन्य-औद्योगिक ढांचा लगातार यह साबित करता रहा है कि वह न केवल शांति काल की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए तैयार है, बल्कि युद्ध के समय तेज आपूर्ति और रसद की मांगों को भी पूरा करने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि उस अवधि के दौरान भारत ने परमाणु हमले की धमकी या दबाव में आए बिना अपने निर्धारित उद्देश्यों को पूरा किया। उन्होंने कहा, "यह नई विश्व व्यवस्था है, यह नए वैश्विक युग का नया भारत है। यह वह भारत है जो आतंकवाद और उसे प्रायोजित करने वालों के बीच कोई अंतर नहीं करता। यह हमारे प्रधानमंत्री की स्पष्ट नीति है, जिसने बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत को रूपांतरित किया है।"</p>
<p>रक्षा मंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर को प्रतिरोधक क्षमता का प्रतीक बताते हुए कहा कि यद्यपि यह अभियान केवल 72 घंटों के भीतर समाप्त हो गया, लेकिन इसके पहले की तैयारी व्यापक और लंबी थी। उन्होंने बताया कि भारत की अतिरिक्त क्षमता, संसाधनों को तेजी से जुटाने की क्षमता, रणनीतिक भंडार और स्वदेशी रूप से विकसित हथियारों की सिद्ध विश्वसनीयता अब प्रतिरोधक नीति के अभिन्न अंग बन चुके हैं।राजनाथ सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के परिणामस्वरूप वैश्विक धारणा में उल्लेखनीय बदलाव और स्वदेशी हथियारों तथा रक्षा उत्पादों की विश्वसनीयता के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा ,"कई देशों ने भारत से हथियार और रक्षा उपकरण खरीदने में गहरी रुचि दिखाई है। </p>
<p>आंकड़े स्वयं इसकी पुष्टि करते हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में रक्षा निर्यात 38,424 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 62.66 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि है। हम इन मानकों को और आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।" जर्मनी की अपनी हाल की यात्रा पर रक्षा मंत्री ने कहा कि यूरोप की प्रमुख कंपनियां हमारे निजी रक्षा उद्योग और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के साथ सहयोग करने के लिए उत्सुक हैं, जो भारत की बढ़ती विश्वसनीयता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि विश्व में भारत की मजबूत स्थिति केवल उसकी सैन्य शक्ति से ही नहीं, बल्कि प्रतिरोधक क्षमता स्थापित करने की योग्यता से भी सुदृढ़ हुई है।</p>
<p>प्रतिरोधक क्षमता के स्वरूप में तेजी से हो रहे बदलाव को रेखांकित करते हुए श्री सिंह ने कहा कि साइबर क्षेत्र, अंतरिक्ष युद्ध और सूचना प्रौद्योगिकी इसके महत्वपूर्ण घटक बन गए हैं, और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) इस परिवर्तन के केंद्र में है। उन्होंने कहा, "ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उपयोग की गई ब्रह्मोस जैसी अत्याधुनिक मिसाइल प्रणालियों से लेकर विभिन्न निगरानी प्लेटफार्मों तक, एआई का व्यापक और प्रभावी उपयोग किया गया है। इससे हमारी सटीकता और प्रहार क्षमता में वृद्धि हुई है। जहां बड़ी कार्रवाइयों की जानकारी अक्सर सार्वजनिक हो जाती है, वहीं अनगिनत छोटे अभियान और प्रक्रियाएं पहले से सक्रिय होकर खतरों को उत्पन्न होने से पहले ही निष्प्रभावी कर देती हैं। ऐसे सभी मामलों में एआई का व्यापक उपयोग किया जाता है ।"</p>
<p>एआई के व्यावहारिक उपयोग पर जोर देते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि यह आतंकवादियों का पता लगाने और निर्णायक प्रतिक्रिया देने में महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, "एआई का एक अर्थ 'ऑगमेंटेड इन्फैंट्री' भी है। यह हमारे सैनिकों की क्षमताओं को काफी बढ़ा रहा है। आधुनिक युद्ध की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए हम अपनी सेना को तकनीक-आधारित, एकीकृत युद्ध मशीन में बदलने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। इस उद्देश्य से सेना ने 'रुद्र' ब्रिगेड, 'भैरव' बटालियन, 'शक्तिबाण' तोपखाना रेजिमेंट और 'दिव्यास्त्र' बैटरियों जैसे चुस्त और आत्मनिर्भर युद्धक इकाइयों की स्थापना की है, जो आधुनिक मिश्रित खतरों का तुरंत और सशक्त जवाब देने में सक्षम हैं।"<br />हालांकि, श्री सिंह ने इस बात पर भी जोर दिया कि एआई को केवल सकारात्मक दृष्टिकोण से नहीं देखा जा सकता, क्योंकि डीपफेक, साइबर युद्ध और स्वायत्त हथियार प्रणालियां नए और गंभीर खतरे उत्पन्न कर रही हैं। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह, रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव तथा डॉ. समीर वी. कामत और एकीकृत रक्षा स्टाफ के प्रमुख एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित भी इस कार्यक्रम में उपस्थित थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 14:43:33 +0530</pubDate>
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                <title>कांग्रेस का गंभीर आरोप : अमेरिका को खुश करने के लिए केंद्र सरकार ने दी पाकिस्तान को 'क्लीन चिट', बयान को बताया राष्ट्रविरोधी</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने रक्षा मंत्री पर एससीओ बैठक में पाकिस्तान को 'क्लीन चिट' देने का आरोप लगाया है। उन्होंने इस रुख को शर्मनाक और राष्ट्रविरोधी बताते हुए कहा कि अमेरिका को खुश करने के लिए पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को नजरअंदाज किया जा रहा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/congresss-serious-allegation-that-to-please-america-the-central-government/article-152045"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-02/jairam.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि रक्षा मंत्री ने आतंकवाद के मामले में पाकिस्तान को 'क्लीन चिट' दे दी है और दावा किया कि ऐसा अमेरिका को खुश करने के लिए किया गया है। कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने बुधवार को सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि निश्चित रूप से रक्षा मंत्री ने केंद्र सरकार की स्वीकृति और निर्देश पर ही किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक में 'क्लीन चिट' दी है। उन्होंने इसे शर्मनाक बताया और सवाल किया कि सरकार को ये बताना चाहिए कि क्या पाकिस्तान आतंकवाद का केन्द्र नहीं है।</p>
<p>उन्होंने सवाल किया" क्या वहां भारत के खिलाफ आतंकी शिविर नहीं चल रहे हैं और क्या मुंबई तथा पहलगाम जैसे हमलों की साजिश पाकिस्तान से जुड़े आतंकियों ने नहीं रची थी।" जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान के प्रति सरकार का यह रुख अमेरिका को खुश करने और चीन के सामने संतुलन साधने की नीति का हिस्सा है। उन्होंने 19 जून 2020 को चीन को लेकर दिए गए बयान का हवाला देते हुए कहा कि रक्षा मंत्री का यह भी उसी तरह का चौंकाने वाला रुख है। उन्होंने रक्षा मंत्री के बयान को राष्ट्रविरोधी करार दिया। जयराम रमेश ने एससीओ की बैठक में रक्षा मंत्री के भाषण के वीडियाे का एक हिस्सा भी पाेस्ट किया है जिसमें उन्होंने कहा है कि आतंकवाद का न कोई देश होता है और न कोई धर्म।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Wed, 29 Apr 2026 18:40:14 +0530</pubDate>
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                <title>भारत-अमेरिका ने रक्षा संबंधों को मजबूत बनाने के लिए दोहराई प्रतिबद्धता, जनरल द्विवेदी ने कहा-दोनों सेनाओं के बीच रणनीतिक सहयोग को और सुदृढ़ करने पर सार्थक चर्चा हुई</title>
                                    <description><![CDATA[भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने पेंटागन का दौरा कर भारत-अमेरिका सैन्य संबंधों को नई ऊंचाई दी है। चर्चा के दौरान दोनों देशों ने रणनीतिक सहयोग, संयुक्त अभियानों और सैन्य प्रशिक्षण पर जोर दिया। इस यात्रा का उद्देश्य क्षेत्रीय स्थिरता सुनिश्चित करना और भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों के लिए आपसी तालमेल को और सुदृढ़ करना है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/india-america-reiterated-commitment-to-strengthen-defense-relations-general-dwivedi-said/article-152073"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/india-and-us.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारत और अमेरिका ने रक्षा संबंधों को और मजबूत करने तथा क्षेत्रीय स्थिरता, उन्नत क्षमता विकास और प्रगाढ़ सैन्य सहयोग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। सेना ने बुधवार को बताया कि भारत–अमेरिका सैन्य साझेदारी को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने पिछले सप्ताह अमेरिका के रक्षा विभाग पेंटागन का दौरा किया। चार दिन की यात्रा के दौरान दोनों पक्षों ने दोनों सेनाओं के बीच रणनीतिक सहयोग को और सुदृढ़ करने पर सार्थक चर्चा की।</p>
<p>जनरल द्विवेदी ने अमेरिका के सेना सचिव डेनियल पी. ड्रिस्कॉल के साथ बातचीत की। साथ ही उन्होंने अमेरिकी सेना के कार्यवाहक स्टाफ प्रमुख जनरल क्रिस्टोफर ला नेव से भी मुलाकात की। उनकी बातचीत द्विपक्षीय रक्षा सहयोग के विस्तार, सेना-से-सेना संबंधों को सुदृढ़ करने तथा प्रशिक्षण, क्षमता विकास और संयुक्त अभियानों में सहयोग के नये क्षेत्रों का पता लगाने पर केंद्रित रहीं। दोनों पक्षों ने उभरती सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में पारस्परिक संचालन क्षमता और संयुक्तता के महत्व पर जोर दिया।</p>
<p>जनरल द्विवेदी ने रक्षा नीति के अवर सचिव एल्ब्रिज कोल्बी और नेशनल गार्ड ब्यूरो के प्रमुख जनरल स्टीवन एस. नॉर्डहॉस के साथ भी बातचीत की। इन बैठकों ने रक्षा नीति समन्वय, संस्थागत संबंधों और भविष्य के सहयोग के क्षेत्रों को शामिल करते हुए एक व्यापक रणनीतिक आयाम जोड़ा। पेंटागन में हुई ये बैठकें इस यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा थीं, जो एक गतिशील वैश्विक सुरक्षा वातावरण के बीच दोनों देशों द्वारा रक्षा साझेदारी को दिये जा रहे बढ़ते महत्व को दर्शाती हैं। इन संवादों ने आपसी विश्वास को मजबूत करने में मदद की और प्रमुख रणनीतिक प्राथमिकताओं पर समानता को उजागर किया। जनरल द्विवेदी की यात्रा भारत-अमेरिका रक्षा संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक और कदम है, जिसमें दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय स्थिरता, उन्नत क्षमता विकास और गहरे सैन्य सहयोग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
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                <pubDate>Wed, 29 Apr 2026 15:51:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद से निपटने के लिए एकजुट मोर्चा समय की जरूरत: राजनाथ सिंह</title>
                                    <description><![CDATA[रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बिश्केक में एससीओ बैठक को संबोधित करते हुए 'ऑपरेशन सिंदूर' को भारत के दृढ़ संकल्प का प्रतीक बताया। उन्होंने आतंकवाद के सुरक्षित ठिकानों को खत्म करने और सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया। राजनाथ सिंह ने स्पष्ट किया कि आतंकवाद के प्रति भारत की 'जीरो टॉलरेंस' नीति अडिग है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/united-front-to-deal-with-terrorism-separatism-and-extremism-is/article-151941"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/rajnath-singh-3.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर को आतंकवाद के खिलाफ भारत के दृढ़ संकल्प का प्रतीक बताते हुए आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद जैसी "बुराइयों" से निपटने के लिए आतंकवादियों के सुरक्षित ठिकानों को समाप्त करने और किसी भी राजनीतिक अपवाद को अस्वीकार करते हुए एकजुट मोर्चा बनाने की आवश्यकता पर बल दिया है। राजनाथ सिंह ने मंगलवार को किर्गिज़स्तान के बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के रक्षा मंत्रियों की बैठक को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर भारत के उस दृढ़ संकल्प का प्रतीक है कि आतंकवाद के गढ़ अब न्यायोचित दंड से अछूते नहीं रहेंगे।</p>
<p>उन्होंने आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद जैसी "बुराइयों" से निपटने के लिए सुरक्षित ठिकानों को समाप्त करने और किसी भी राजनीतिक अपवाद को अस्वीकार करते हुए एकजुट मोर्चा बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि देश द्वारा प्रायोजित सीमा-पार आतंकवाद, जो किसी राष्ट्र की संप्रभुता पर हमला करता है, उसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि दोहरे मापदंडों के लिए कोई स्थान नहीं है।</p>
<p>रक्षा मंत्री ने जोर देकर कहा कि एससीओ को उन लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने में हिचकिचाना नहीं चाहिए जो आतंकवादियों को सहायता, शरण और सुरक्षित ठिकाने प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा, "आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद का बिना किसी अपवाद के सामना करके, हम क्षेत्रीय सुरक्षा को एक चुनौती से शांति और समृद्धि के आधार स्तंभ में बदलते हैं।" आतंकवाद-रोधी प्रयासों को एससीओ का एक मूलभूत सिद्धांत बताते हुए, श्री सिंह ने कहा कि संगठन ने इस खतरे के खिलाफ साझा लड़ाई में ऐसे कृत्यों और विचारधाराओं की निंदा की है। उन्होंने पिछले वर्ष की तियानजिन घोषणा का उल्लेख किया, जिसने आतंकवाद के खिलाफ भारत के दृढ़ और सामूहिक रुख को दर्शाया, और इसे आतंकवाद तथा उसके समर्थकों के प्रति उसकी शून्य-सहिष्णुता नीति का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा, "सामूहिक विश्वसनीयता की वास्तविक परीक्षा निरंतरता में निहित है। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि आतंकवाद की कोई राष्ट्रीयता और कोई धर्म नहीं होता। देशों को आतंकवाद के खिलाफ दृढ़ और सामूहिक रुख अपनाना चाहिए।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Apr 2026 17:36:28 +0530</pubDate>
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                <title>ट्रंप की ईरान को चेतावनी : समय के साथ नाकेबंदी और भी बदतर होगी, बोले- युद्ध खत्म करने के लिए बेचैन</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर नकेल कसते हुए कहा कि अमेरिकी नाकेबंदी अब और सख्त होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी समझौता केवल अमेरिकी हितों के आधार पर होगा। ट्रंप ने ईरान की सैन्य शक्ति के पतन का दावा करते हुए कहा कि उनके पास दुनिया भर का समय है, लेकिन ईरान के पास नहीं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/trumps-warning-to-iran-that-the-blockade-will-get-worse/article-151534"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/iran2.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को एक बार फिर ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि घड़ी की सुई टिक-टिक कर रही है और यह नाकेबंदी तब तक और भी बदतर होती जाएगी, जब तक कि कोई ऐसा समझौता नहीं हो जाता जो अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए फायदेमंद हो। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कहा, "समय उनके पक्ष में नहीं है। यह नाकेबंदी पूरी तरह से अभेद्य और मज़बूत है और अब यहाँ से स्थिति और भी खराब होती जायेगी। कोई भी समझौता तभी किया जाएगा, जब वह अमेरिका, उसके सहयोगियों और बाकी दुनिया के लिए उचित और हितकारी होगा।"</p>
<p>अमेरिकी मीडिया पर एक बार फिर निशाना साधते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि न्यूयॉर्क टाइम्स और सीएनएन जैसे मीडिया संस्थानों को लगता है, "मैं ईरान के साथ युद्ध खत्म करने के लिए बेचैन हूँ।" उन्होंने कहा, "कृपया यह जान लें कि इस पद पर रहते हुए शायद मैं अब तक का सबसे कम दबाव महसूस करने वाला व्यक्ति हूँ। मेरे पास दुनिया भर का समय है, लेकिन ईरान के पास नहीं। घड़ी की सुई टिक-टिक कर रही है।" उन्होंने कहा कि ईरान की नौसेना समुद्र की रसातल में है, उनकी वायुसेना पूरी तरह से तबाह हो चुकी है, उनके विमान-रोधी और रडार हथियार नष्ट हो चुके हैं, और उनके नेता अब हमारे बीच नहीं रहे।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 15:15:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पीएम मोदी, शाह और अब्दुल्ला ने पहलगाम आतंकवादी हमले में मारे गये लोगों को किया याद, आतंकवाद के खिलाफ सरकार ने दोहराया दृढ़ संकल्प</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने पहलगाम हमले की पहली बरसी पर शहीदों को नमन किया। सरकार ने जीरो टॉलरेंस की नीति दोहराते हुए कहा कि भारत आतंकवाद के आगे कभी नहीं झुकेगा। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी हिंसा मुक्त जम्मू-कश्मीर के संकल्प के साथ पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/pm-modi-shah-and-omar-remember-those-killed-in-pahalgam/article-151273"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/modi15.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने पहलगाम आतंकवादी हमले की पहली बरसी पर उसमें प्राण गंवाने वाले लोगों को याद किया है और आतंकवाद के खिलाफ सरकार के दृढ़ संकल्प को दोहराया है। पीएम मोदी ने अपने संवेदना संदेश में मंगलवार को कहा," पिछले साल इसी दिन पहलगाम में हुए भयावह आतंकवादी हमले में जान गंवाने वाले निर्दोष लोगों को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा। इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं।" प्रधानमंत्री ने कहा, “ एक राष्ट्र के रूप में, हम शोक की घड़ी में एकजुट हैं और दृढ़ संकल्प हैं। भारत आतंकवाद के किसी भी रूप के आगे कभी नहीं झुकेगा। हम आतंकवादियों के घिनौने मंसूबे कभी कामयाब नहीं होंगे। ”</p>
<p>केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने पहलगाम आतंकवादी हमले की पहली बरसी पर इस हमले के पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि अपने लोगों को खोने का दुख और पीड़ा आज भी हर भारतीय के दिल में है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “आज के दिन हम पिछले वर्ष पहलगाम के भयावह आतंकवादी हमले में खो चुके मासूम लोगों को श्रद्धापूर्वक याद करते हैं। अपने लोगों को खोने का दुख और पीड़ा आज भी हर भारतीय के दिल में है।”</p>
<p>गृहमंत्री ने कहा कि आतंकवाद मानवता का सबसे बड़ा दुश्मन है, जिसके खिलाफ हमें एकजुट होकर लड़ना और उसे परास्त करना होगा। उन्होंने कहा," भारत आतंकवाद और उसे पनाह देने वालों के खिलाफ अपनी जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रखेगा।” जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पुलवामा आतंकवादी हमले बरसी पर कहा, “ हम आतंकवाद और हिंसा के खिलाफ एकजुट हैं। जम्मू-कश्मीर को पीड़ा और निर्दोषों की मौत से मुक्त कराने की हमारी इच्छा दृढ़ है। हम यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि ऐसा दोबारा कभी न हो। ” सीएम अब्दुल्ला ने कहा, “ हम उन परिवारों के साथ भी अपनी अटूट एकजुटता व्यक्त करते हैं जिन्होंने एक साल पहले उस कायरतापूर्ण हमले में अपने प्रियजनों को खो दिया।”</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 12:06:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>बातचीत के बावजूद ईरानी सशस्त्र बल पूरी तरह से युद्ध के लिए तैयार : संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर ग़ालिबफ़</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका के साथ शांति वार्ता के बावजूद, ईरान ने अपने सशस्त्र बलों को युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार रहने का आदेश दिया है। संसद अध्यक्ष मोहम्मद ग़ालिबफ़ ने 'दुश्मन' पर अविश्वास जताते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। इस्लामाबाद में अगले दौर की बातचीत प्रस्तावित है, लेकिन बंदरगाहों की नाकाबंदी से संघर्ष का खतरा बना हुआ है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/despite-talks-iranian-armed-forces-are-fully-prepared-for-war/article-150996"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/मोहम्मद-बगेर-ग़ालिबफ़.png" alt=""></a><br /><p>मॉस्को। ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर ग़ालिबफ़ ने कहा कि मध्य पूर्व में संघर्ष के समाधान के लिए वाशिंगटन और तेहरान के बीच जारी बातचीत के बावजूद, ईरान के सशस्त्र बल पूरी तरह से युद्ध के लिए तैयार हैं। प्रेस टीवी ने ग़ालिबफ़ के हवाले से कहा, "हमें दुश्मन पर भरोसा नहीं है। अभी भी, जब हम यहां बैठे हैं, युद्ध छिड़ सकता है। सशस्त्र बल ज़मीन पर पूरी तरह से युद्ध के लिए तैयार हैं।"</p>
<p>प्रसारक के अनुसार, संसद अध्यक्ष ने इस बात से इनकार किया कि जारी बातचीत से राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति लापरवाही हो सकती है।  ग़ालिबफ़ ने कहा, "हमारा मानना है कि बातचीत के कारण सशस्त्र बल तैयार नहीं हैं। इसके विपरीत, सड़कों पर आम लोगों की तरह, हमारे सशस्त्र बल भी तैयार हैं।"</p>
<p>इससे पहले, पाकिस्तानी प्रसारक जियो टीवी ने बताया कि अमेरिका-ईरान वार्ता का दूसरा दौर इस्लामाबाद में अगले सप्ताह के अंत में होने की संभावना है। 28 फरवरी को अमेरिका और इज़रायल ने ईरान में ठिकानों पर हमले शुरू किए, जिनमें 3,000 से अधिक लोग मारे गए। 8 अप्रैल को वाशिंगटन और तेहरान ने दो सप्ताह के लिए युद्धविराम की घोषणा की। इस्लामाबाद में हुई बाद की बातचीत बेनतीजा रही। हालांकि शत्रुता फिर से शुरू करने की कोई घोषणा नहीं की गई, लेकिन अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी शुरू कर दी है। मध्यस्थ बातचीत का एक नया दौर आयोजित करने का प्रयास कर रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Apr 2026 15:39:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पंजाब में आईएसआई समर्थित आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ : चार हैंड ग्रेनेड, 2 विदेशी निर्मित पिस्तौल और भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद</title>
                                    <description><![CDATA[पंजाब पुलिस ने आईएसआई समर्थित सीमा-पार आतंकी नेटवर्क का भंडाफोड़ कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। अमृतसर और मोहाली इकाइयों ने संयुक्त ऑपरेशन में चार हैंड ग्रेनेड और विदेशी पिस्तौलें बरामद कीं। जांच में खुलासा हुआ कि पकड़े गए आतंकी का सीधा संबंध चंडीगढ़ ग्रेनेड हमले से है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/isi-supported-terrorist-module-busted-in-punjab-four-hand-grenades/article-150612"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/punjab.png" alt=""></a><br /><p>चंडीगढ़/अमृतसर। एक महत्वपूर्ण काउंटर-टेरर ऑपरेशन में, पंजाब पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस विंग ने पाकिस्तान की आईएसआई समर्थित सीमा-पार आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने गुरुवार को बताया कि खुफिया सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई करते हुए, स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (एसएसओसी) की अमृतसर और मोहाली इकाइयों ने संयुक्त ऑपरेशन चलाया, जिसमें एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया। ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने उसके कब्जे से चार हैंड ग्रेनेड, दो विदेशी निर्मित पिस्तौलें और बड़ी मात्रा में गोला-बारूद बरामद किया।</p>
<p>डीजीपी यादव ने कहा कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी विदेशी हैंडलरों के निर्देश पर काम कर रहा था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, उसका संबंध चंडीगढ़ में हाल ही में हुए ग्रेनेड हमले में शामिल एक आतंकी मॉड्यूल से भी है। इस मामले में अमृतसर स्थित एसएसओसी थाने में एफआईआर दर्ज की गई है और नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए आगे की जांच जारी है। अधिकारियों ने बताया कि मॉड्यूल के व्यापक नेटवर्क और अन्य सदस्यों का पता लगाने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। पंजाब पुलिस ने संगठित अपराध और आतंकवादी नेटवर्क को खत्म करने के अपने संकल्प को दोहराते हुए कहा कि सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे में डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/isi-supported-terrorist-module-busted-in-punjab-four-hand-grenades/article-150612</link>
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                <pubDate>Thu, 16 Apr 2026 14:02:20 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>दिल्ली पुलिस को बड़ी कामयाबी : ISI से जुडे़ जासूसी नेटवर्क का किया भंडाफोड़; 11 संदिग्ध गिरफ्तार, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता </title>
                                    <description><![CDATA[दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आईएसआई के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ कर 11 जासूसों को गिरफ्तार किया है। आरोपी सैन्य प्रतिष्ठानों की निगरानी के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे लगा रहे थे। गाजियाबाद के बाद उत्तर भारत में सक्रिय इस खतरनाक मॉड्यूल के पकड़े जाने से एक बड़ी आतंकी साजिश नाकाम हुई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-success-for-delhi-police-isi-linked-espionage-network-busted/article-149861"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/delhi-police.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के एक बड़े जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए इससे जुड़े 11 व्यक्तियों को गिरफ्तार करके अहम कामयाबी हासिल की है। सूत्रों ने बताया कि आरोपी कठुआ से लेकर उत्तर भारत के अन्य हिस्सों तक सेना से जुड़े प्रतिष्ठानों सहित कई संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगा रहे थे। देशभर में कुल नौ स्थानों पर ऐसे कैमरे लगाए जाने की पुष्टि हुई है।</p>
<p>गौरतलब है कि इसी तरह के एक नेटवर्क का पहले गाजियाबाद में भी भंडाफोड़ किया गया था। जांच में सामने आया है कि यह मॉड्यूल किसी आतंकी नेटवर्क के पैटर्न पर काम कर रहा था, जिससे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो गई हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Apr 2026 14:35:08 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>बहरीन ने ईरान के लिए जासूसी करने के आरोप में दो लोगों को लिया हिरासत में, अब तक 250 लोग गिरफ़्तार</title>
                                    <description><![CDATA[बहरीन पुलिस ने IRGC और ईरानी खुफिया एजेंसियों के लिए जासूसी करने के आरोप में दो संदिग्धों को हिरासत में लिया है। इन पर देश के संवेदनशील ठिकानों की निगरानी और जानकारी साझा करने का आरोप है। हाल ही में एक हिरासत में हुई मौत के बाद बढ़ते विरोध प्रदर्शनों के बीच बहरीन अब तक 250 से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर चुका है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/bahrain-detained-two-people-on-charges-of-spying-for-iran/article-149369"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/bahreen.png" alt=""></a><br /><p>दोहा। बहरीन के लोक अभियोजक कार्यालय ने कहा कि ईरान के लिए जासूसी करने की कथित योजना में दो संदिग्धों को बहरीन के कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने हिरासत में लिया है। बहरीन में अभियोजक कार्यालय ने सोमवार को एक बयान में कहा, "जासूसी करने और खुफिया सेवाओं तथा आतंकवादी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) के लिए काम करने के आरोप में दो संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है।" बयान में आगे कहा गया कि आरोपियों पर देश में संवेदनशील ठिकानों की निगरानी करने, उनके बारे में जानकारी एकत्रित करने और उसे ईरान को हस्तांतरित करने का संदेह है।</p>
<p>पिछले सप्ताह बहरीन में ईरान के लिए जासूसी के आरोप में हिरासत में लिए गए 32 वर्षीय व्यक्ति की पुलिस हिरासत में मौत के बाद विरोध प्रदर्शन हुए। उनके परिवार ने पुलिस पर जांच के दौरान यातना देने का आरोप लगाया लेकिन बहरीन के अधिकारियों ने इससे इनकार कर दिया। स्थानीय मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के अनुसार, ईरान में संघर्ष शुरू होने के बाद से बहरीन के अधिकारियों ने कम से कम 250 लोगों को हिरासत में लिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Apr 2026 13:24:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>ईरानी सरकार ने दी चेतावनी : अमेरिका-इज़रायल के साथ युद्ध कई सालों तक चलेगा तो भी नहीं होगी मिसाइलों की कमी, दुनिया की सबसे शक्तिशाली सेना है हमारे पास</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान ने अमेरिका और इज़रायल को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि उसके पास रणनीतिक मिसाइलों का अटूट भंडार है। सांसद अलाएद्दीन बोरूजेर्दी के अनुसार, संघर्ष वर्षों तक खिंचने पर भी ईरान को हथियारों की कमी नहीं होगी। तेहरान ने अपनी रक्षा क्षमताओं को दुनिया की शक्तिशाली सेनाओं के समकक्ष बताते हुए जवाबी कार्रवाई जारी रखने का संकल्प जताया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/iranian-government-warned-that-even-if-the-war-with-america-israel/article-149219"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/iran1.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरान ने कहा है कि अगर अमेरिका और इज़रायल के साथ सैन्य संघर्ष कई सालों तक चलता है, तब भी उसके पास मिसाइलों की कोई कमी नहीं होगी। यह बात ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा एवं विदेश नीति पर संसदीय आयोग के सदस्य अलाएद्दीन बोरूजेर्दी ने रविवार को कही। ईरानी संसद की एजेंसी 'खाने-ए-मल्लत' ने बोरूजेर्दी के हवाले से कहा, "अगर यह युद्ध महीनों या सालों तक भी चलता है, तब भी ईरान को मिसाइल और रणनीतिक भंडारों के मामले में कोई समस्या नहीं होगी।"</p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने अमेरिका और इज़रायल के साथ सैन्य कार्रवाइयों के दौरान पूरी दुनिया के सामने कई क्षेत्रों में अपनी रक्षा क्षमताओं का प्रदर्शन किया है, जिससे यह साबित होता है कि उसकी सेना दुनिया की सबसे शक्तिशाली सेनाओं में से एक है। गौरतलब है कि अमेरिका और इज़रायल ने 28 फरवरी को ईरान में कई ठिकानों पर हमले किए, जिसमें तेहरान भी शामिल था। इससे काफी नुकसान हुआ और आम नागरिकों की जान भी गई। ईरान ने इसके जवाब में इज़रायली क्षेत्र और पश्चिम एशिया में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किये।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Apr 2026 11:23:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>संसद में केंद्र का जवाब: मोदी की इज़रायल यात्रा के दौरान ईरान पर सैन्य कार्रवाई पर नहीं हुई चर्चा, इन संवादों का उद्देश्य बातचीत और कूटनीति के माध्यम से तनाव कम करना</title>
                                    <description><![CDATA[संसद में सरकार ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की इजरायल यात्रा के दौरान ईरान पर सैन्य कार्रवाई को लेकर कोई बात नहीं हुई। इस दौरे में AI और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण समझौते हुए। विदेश मंत्रालय के अनुसार, संघर्ष के बीच अब तक 4.75 लाख भारतीयों को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/centres-reply-in-parliament-there-was-no-discussion-about-military/article-148997"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/parliament1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। सरकार ने गुरुवार को संसद को बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पिछली इजरायल यात्रा के दौरान दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों के बीच ईरान पर उसके दो दिन बाद हुई सैन्य कार्रवाई के बारे में कोई चर्चा नहीं हुई थी। सरकार ने राज्यसभा में एक अतारांकित प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी है। इसमें बताया गया है कि श्री मोदी की फरवरी के अंत में हुई इजरायल की आधिकारिक यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच कई समझौते और समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किये गये, लेकिन ईरान पर बाद में हुए सैन्य हमले को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई।</p>
<p>सांसद अब्दुल वहाब के प्रश्न के लिखित उत्तर में विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री ने 25–26 फरवरी 2026 को अपने इजरायली समकक्ष के निमंत्रण पर यह दौरा किया था। दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं के साथ-साथ प्रमुख क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर व्यापक चर्चा की। उत्तर में कहा गया है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबर सुरक्षा, कृषि, मत्स्य पालन और जलीय कृषि, शिक्षा, वित्तीय सेवाएं, डिजिटल भुगतान और श्रमिकों की आवाजाही सहित कई क्षेत्रों में अनेक समझौते, समझौता ज्ञापन, प्रोटोकॉल और आशय पत्रों पर हस्ताक्षर हुए।</p>
<p>दौरे के दो दिन बाद ईरान पर सैन्य हमले को लेकर जतायी गयी चिंताओं के बारे में मंत्री ने कहा कि उच्च स्तरीय बैठकों के दौरान इस मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं हुई। पश्चिम एशिया में बदलती स्थिति पर भारत की प्रतिक्रिया के बारे में सरकार ने कहा कि वह घटनाक्रम पर करीबी नजर बनाये हुए हुए है और क्षेत्रीय हितधारकों के साथ सक्रिय रूप से जुड़ी हुई है। प्रधानमंत्री ने इजरायल, ईरान, सऊदी अरब, बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, संयुक्त अरब अमीरात, जॉर्डन और अमेरिका सहित कई देशों के नेताओं से बातचीत की है। विदेश मंत्री ने भी इजरायल, ईरान, अमेरिका और खाड़ी सहयोग परिषद के देशों में अपने समकक्षों के साथ परामर्श किया है।</p>
<p>सरकार ने बताया कि इन संवादों का उद्देश्य बातचीत और कूटनीति के माध्यम से तनाव कम करना रहा है। इस दौरान आम नागरिकों की सुरक्षा पर विशेष फोकस किया गया है। क्षेत्रीय नेताओं से भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर आश्वासन भी प्राप्त हुए हैं। उत्तर में बताया गया है कि विदेश मंत्रालय ने संघर्ष प्रभावित क्षेत्र में भारतीय समुदाय की सुरक्षा के लिए सक्रिय रूप से कदम उठाये हैं। भारतीय दूतावास और मिशन नियमित परामर्श जारी कर रहे हैं, चौबीसों घंटे सेवा देने वाले नियंत्रण कक्ष स्थापित किये गये हैं और आपातकालीन सहायता प्रदान की जा रही है।</p>
<p>मंत्री ने कहा, "इन प्रयासों के परिणामस्वरूप, संघर्ष की शुरुआत से अब तक 4.75 लाख से अधिक भारतीय सुरक्षित रूप से देश लौट चुके हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि भारत ऊर्जा, उर्वरक और अन्य आवश्यक आपूर्ति के स्रोतों में विविधता लाने पर काम कर रहा है, और सामरिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य से रसोई गैस लाने वाले जहाजों तथा अन्य पोतों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की गयी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Apr 2026 17:25:20 +0530</pubDate>
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