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                <title>international womens day - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>हनुमानगढ़ में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस कार्यक्रम : भजनलाल शर्मा बोले- महिला सशक्तीकरण से ही देश का विकास</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हनुमानगढ़ के धान मंडी में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित करते कहा कि नारी शक्ति हम सबके लिए प्रेरणा स्रोत। देश की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान कर्नल सोफि या कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने देश का गौरव बढ़ाया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/hanumangarh/international-womens-day-program-in-hanumangarh-bhajanlal-sharma-said/article-145749"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/526.png" alt=""></a><br /><p>हनुमानगढ़। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को हनुमानगढ़ के धान मंडी में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित करते कहा कि नारी शक्ति हम सबके लिए प्रेरणा स्रोत है। देश की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान कर्नल सोफि या कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने देश का गौरव बढ़ाया है। वहीं पीवी सिंधु, स्मृति मंधाना, मीराबाई चानू, हरमनप्रीत कौर, मनु भाकर, अवनी लेखरा ने विश्वभर में खेल के क्षेत्र में देश का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं को केन्द्र में रखकर नीतियों का निर्माण किया है। सरकार आधी आबादी के सशक्तीकरण और उनकी सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है। राज्य में 16 लाख से अधिक लखपति दीदी बनाई गईं हैं। बालिकाओं के स्वास्थ्य एवं शिक्षा के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने में लाडो प्रोत्साहन योजना बड़ी भूमिका निभा रही है। योजना के अन्तर्गत सात किस्तों में डेढ़ लाख रुपये की राशि दी जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सभी अंचलों का विकास सुनिश्चित कर रही है।</p>
<p>वित्तीय वर्ष बजट 2026 में गेहूं की एमएसपी पर 150 रुपए के अतिरिक्त बोनस से गंगानगर-हनुमानगढ़ क्षेत्र के किसानों को विशेष लाभ होगा। हनुमानगढ़ में खालों के निर्माण के लिए 500 करोड़ रुपए भी दिए है। इस मौके पर उन्होंने हनुमानगढ़ में 1 हजार करोड़ रुपए  से अधिक के विकास कायोंर् का शिलान्यास और लोकार्पण कर लाडो प्रोत्साहन योजना पोर्टल लॉन्च किया। उन्होंने लाडो प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री मातृत्व पोषण योजना और बालिका दूरस्थ शिक्षा योजना के तहत लाभार्थियों को डीबीटी के माध्यम से राशि का अंतरण किया। साथ ही पीएम स्वनिधि योजना, मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना और स्वयं सहायता समूहों को ऋण वितरण के प्रतीकात्मक चेक भी सौंपे। साथिन मार्गदर्शिका का डिजिटल लॉन्च और पन्नाधाय सुरक्षा एवं सम्मान योजना के तहत पुरस्कार भी वितरित किए।</p>
<p><strong>डीबीटी से जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ हो रहा सुनिश्चित: दिया</strong><br />इस मौके पर उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार डीबीटी के माध्यम से विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ महिलाओं को सुनिश्चित कर रही है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, साथिनों और सहायिका के मानदेय में 10 प्रतिशत बढ़ोतरी से महिलाओं के सशक्तीकरण का मार्ग प्रशस्त होगा। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने पेट्रोल और डीज़ल के मूल्य में कमी कर श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों को बड़ी राहत दी है। वहीं, बिजली आपूर्ति के साथ.साथ नहरी पानी की उपलब्धता के लिए 5 हजार करोड़ रुपए की किसानों को बड़ी सौगात मिली। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>हनुमानगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Mar 2026 09:47:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
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                <title>अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर होगा महिलाओं का सम्मान, पिंक परिधानों में नजर आएगी नारी शक्ति</title>
                                    <description><![CDATA[विशेष अवसर पर महिलाओं की उपलब्धियों का जश्न मनाया जाएगा और समानता व जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए प्रेरणादायक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/women-will-be-seen-in-pink-costumes-on-international-womens/article-106271"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/6622-copy41.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान प्रदेश माली-सैनी महासभा (रजि.) और नृत्यम सोशल व कल्चरल ऑर्गेनाइजेशन के तत्वाधान में पहली बार अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं का सम्मान किया जा रहा है। इस विशेष अवसर पर महिलाओं की उपलब्धियों का जश्न मनाया जाएगा और समानता व जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए प्रेरणादायक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे।</p>
<p>कार्यक्रम आयोजक काजल सैनी ने बताया कि पहली बार अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस पर राजस्थान प्रदेश माली-सैनी महासभा रजि. और नृत्यम सोशल व कल्चरल आर्गनाइजेशन के तत्वाधान में समाज में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया जाएगा। इस कार्यक्रम का आयोजन 8 मार्च को पिंकसिटी प्रेस क्लब नारायण सिंह सर्किल जयपुर में एक बजे से किया जाएगा।</p>
<p>उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम की थीम पिंक रखी गई है, जिसके तहत सभी महिलाओं को पिंक रंग के परिधानों में आना आवश्यक होगा। कार्यक्रम का आगाज गणेश वंदना और सांस्कृतिक कार्यक्रम से होगा। इसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इसी प्रक्रिया में टीम की ओर से पोस्टर का विमोचन किया गया है।</p>
<p><strong>आयोजन का थीम “गुलाबी नगरी की तर्ज पर गुलाबी” रखा :</strong></p>
<p>कार्यक्रम से जुड़ी मीनाक्षी सैनी टीना सैनी ने बताया कि इस आयोजन का थीम “गुलाबी नगरी की तर्ज पर गुलाबी” रखा गया है, जो न केवल शहर की पहचान को दर्शाता है। बल्कि महिलाओं की शक्ति, सौंदर्य और आत्मविश्वास का प्रतीक भी है। कार्यक्रम में कई जानी मानी हस्तियाँ और विशिष्ट जन आमंत्रित हैं, जिनमें शहर सांसद  मंजू शर्मा ,भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड,जयपुर नगर निगम हेरिटेज महापौर कुसुम यादव, पद्मश्री गुलाबो सपेरा, पूर्व सचिव खेल बोर्ड एवं सहायक निदेशक शारीरिक शिक्षा राजस्थान विश्वविद्यालय जयपुर डॉ. प्रीति शर्मा सहित अन्य लोग शामिल है। जिससे यह कार्यक्रम और भी खास बन जाएगा।</p>
<p>कार्यक्रम से जुड़ी पूजा विनीत ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस समारोह में विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी। कला, संगीत, नृत्य और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से यह आयोजन महिलाओं के उत्साह, रचनात्मकता और सामाजिक योगदान को उजागर करेगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल महिलाओं के प्रति सम्मान और संवेदना व्यक्त करना है, बल्कि उन्हें सशक्त बनाकर समाज में उनकी भूमिका को और अधिक मजबूत करना भी है। जयपुर की गुलाबी छवि के अनुरूप इस आयोजन में सभी वर्गों की महिलाओं के लिए प्रेरणा का संदेश निहित है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 03 Mar 2025 17:49:23 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में खेल परिषद कराएगी प्रतियोगिताओं का आयोजन</title>
                                    <description><![CDATA[ राजस्थान खेल परिषद के तत्वावधान में 10 से 25 मार्च तक विभिन्न खेल प्रतियोगिता का आयोजन सवाईमान सिंह स्टेडियम में किया जाएगा। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/sports-council-will-organize-competitions-on-the-occasion-of-international/article-39450"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-03/s-6.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में राजस्थान खेल परिषद के तत्वावधान में 10 से 25 मार्च तक विभिन्न खेल प्रतियोगिता का आयोजन सवाईमान सिंह स्टेडियम में किया जाएगा। हॉकी कोच नीलम चौधरी और जिम्नास्टिक कोच मीना शर्मा को प्रतियोगिता का संयोजक बनाया गया है। तीरदान्जी कोच गजेन्द्र शर्मा, बैडमिन्टन के यादवेन्द्र सिंह, बास्केटबॉल के अशोक ढ़ाका, वालीबॉल के भरपूर सिंह रंधावा व प्रवीण शर्मा, क्रिकेट के मनीष वर्मा, फुटबॉल के विनोद कुमार, हॉकी के प्रशांत सप्रे, कबड्डी के राजकुमार छाबड़ा, कुश्ती की आंची देवी, हैंडबॉल की मनीषा, भारोत्तोलन की रजनी उपाध्याय, सॉफ्टबॉल के राहुल तंवर, जूडो की समीक्षा शर्मा, साईक्लिंग के गणेश सैनी और टेबल टेनिस कोच श्रीकृष्ण को सह संयोजक बनाया गया है।  परिषद के सीएसओ वीरेन्द्र पूनिया ने बताया कि प्रतियोगिता में तीरन्दाजी, बैडमिंटन, बास्केटबॉल, साईक्लिंग, शूटिंग बॉल, खो-खो, सॉफ्टबॉल, क्रिकेट, फुटबॉल, हॉकी, कबड्डी, जूडो, टेबल टेनिस, कुश्ती व रस्सा कस्सी खेलों का आयोजन किया जाएगा। ये प्रतियोगिताएं क्षेत्रीय खेलकूद प्रशिक्षण केन्द्र के खेल अधिकारी श्यामवीर सिंह व चौगान स्टेडियम के प्रभारी राजनारायण शर्मा की देखरेख में सम्पन्न होंगी। </p>
<p>परिषद की अध्यक्ष डा. कृष्णा पूनिया ने कहा कि  महिलाओं  की सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक एवं राजनैतिक उपलब्धियों को चिन्हित करने के लिए प्रति वर्ष आठ मार्च को अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Mar 2023 10:56:42 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>सुपर वुमन की परिकल्पना स्त्री विरोधी : तसनीम खान</title>
                                    <description><![CDATA[विचारक मैना जैन ने कहा कि एक अध्यापिका होने के नाते मैंने देखा है कि बालिकाओं को शिक्षा में वह अवसर नहीं मिल रहे हैं, जिसकी वह हकदार हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/hypothesis-of-super-woman-anti-feminist-tasneem-khan/article-39428"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-03/s-5.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। सुपर वुमन की परिकल्पना स्त्री विरोधी है, क्योंकि वह महिला को झोंककर उसके निजी समय और थकन की अवहेलना करती है। यह बात लेखिका और पत्रकार तसनीम खान ने कही। वह इंटिग्रेटेड सोसायटी आव मीडिया प्रोफेशनल्स (आईएसएमपी) के वेबिनार में बोल रही थीं। वेबिनार आईएसएमपी के राजस्थान चैप्टर की अध्यक्ष डॉ. पूजा सिंह ने किया था। मुख्य वक्ता प्रियंका कटारिया रही। विचारक मैना जैन ने कहा कि एक अध्यापिका होने के नाते मैंने देखा है कि बालिकाओं को शिक्षा में वह अवसर नहीं मिल रहे हैं, जिसकी वह हकदार हैं। इंटिग्रेटेड सोसायटी आव मीडिया प्रोफेशनल्स के संस्थापक अध्यक्ष चंद्रशेखर ने कहा कि घरों में बच्चों की परवरिश में ही हमें बताना होगा कि कोई काम लैंगिक आधार पर नहीं बंटा हुआ है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय के डॉ. शाहिद अली और इंटिग्रेटेड सोसायटी आव मीडिया प्रोफेशनल्स के दक्षिण भारत चैप्टर के अध्यक्ष सुदीप आरपी सोनावने ने भी विचार व्यक्त किए। संचालन मीडिया शिक्षक डॉ. अखलाक उस्मानी ने किया।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Mar 2023 10:38:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>स्वस्थ महिला ही करती है स्वस्थ समाज का निर्माण</title>
                                    <description><![CDATA[विश्व महिला दिवस पर सीके बिरला हॉस्पिटल की ओर से हुए जागरूकता कार्यक्रम में फीमेल डॉक्टर्स के साथ अन्य फीमेल प्रोफेशनल्स ने ये विचार व्यक्त किए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/only-healthy-woman-builds-a-healthy-society/article-39309"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-03/a-54.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। बेटियों व महिलाओं को अपने घर की जिम्मेदारियों के साथ खुद का भी ध्यान रखना चाहिए। इसके लिए उन्हें नियमित रूप से स्वास्थ्य जांच जरूर करानी चाहिए, क्योंकि स्वस्थ महिला ही स्वस्थ समाज का निर्माण कर सकती है। विश्व महिला दिवस पर सीके बिरला हॉस्पिटल की ओर से हुए जागरूकता कार्यक्रम में फीमेल डॉक्टर्स के साथ अन्य फीमेल प्रोफेशनल्स ने ये विचार व्यक्त किए। शहर के 22 गोदाम स्थित एक होटल में हुए इस कार्यक्रम में फोर्टी वीमेन विंग, प्रियंकाज बॉक्स आफ  ट्रेजर और सीए फाउंडेशन जयपुर के मेंबर्स ने भाग लिया। इस दौरान हॉस्पिटल की सीनियर गायनोकोलॉजिस्ट डॉ. विभा चतुर्वेदी शर्मा, डॉ. नम्रता गुप्ता, ब्रेस्ट एंड एंडोक्राइन सर्जन डॉ. अनुकृति सूद, पीडियाट्रिशियन डॉ. ललिता कनोजिया और साइकेट्रिस्ट डॉ. शिवी कटारिया ने महिलाओं में होने वाली स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं के प्रति जागरूक किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Mar 2023 10:34:28 +0530</pubDate>
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                <title>हर महिला की कहानी मेरी कहानी,महिलाओं की प्रगति में मेरी आस्था: मुर्मू</title>
                                    <description><![CDATA[उन्होंने कहा कि विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र की राष्ट्रपति के रूप में मेरा चुनाव, महिला सशक्तीकरण की गाथा का एक अंश है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p>नयी दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्म ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर कहा कि हर महिला की कहानी मेरी कहानी, महिलाओं की प्रगति में मेरी आस्था है। राष्ट्रपति मुर्मु ने आज भारतीय महिलाओं के अदम्य मनोबल पर आलेख में यह बात कही। उन्होंने कहा कि विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र की राष्ट्रपति के रूप में मेरा चुनाव, महिला सशक्तीकरण की गाथा का एक अंश है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि मैं बचपन से ही समाज में महिलाओं की स्थिति को लेकर व्याकुल रही हूं। एक ओर तो एक बच्ची को हर तरफ से ढेर सारा प्यार-दुलार मिलता है और शुभ अवसरों पर उसकी पूजा भी की जाती है, दूसरी ओर उसे जल्दी ही यह आभास हो जाता है कि उसकी उम्र के लड़कों की तुलना में, उसके जीवन में कम अवसर और संभावनाएं उपलब्ध हैं। एक ओर तो महिलाओं को उनकी सहज बुद्धिमत्ता के लिए आदर मिलता है, यहां तक कि पूरे कुटुंब में सब का ध्यान रखने वाली, परिवार की धुरी के रूप में उसकी सराहना भी की जाती है, लेकिन दूसरी ओर,परिवार से संबद्ध, यहां तक कि उसके ही जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों में, यदि उसकी कोई भूमिका होती भी है, तो अत्यंत सीमित होती है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि 21वीं सदी में, जब हमने हर क्षेत्र में कल्पनातीत प्रगति कर ली है, वहीं आज तक कई देशों में कोई महिला राष्ट्र अथवा शासन की प्रमुख नहीं बन सकी है। उन्होंने कहा कि अनगिनत महिलाएं अपने चुने हुए क्षेत्रों में कार्य करके राष्ट्र निर्माण में योगदान दे रही हैं। वे कॉरपोरेट इकाइयों का नेतृत्व कर रही हैं और यहां तक कि सशस्त्र बलों में भी अपनी सेवाएं दे रही हैं। अंतर केवल इतना है कि उन्हें एक साथ दो कार्यक्षेत्रों में अपनी योग्यता तथा उत्कृष्टता सिद्ध करनी पड़ती है - अपने करियर में भी और अपने घरों में भी। वे शिकायत भी नहीं करती हैं, लेकिन समाज से इतनी आशा तो जरूर करती हैं कि वह उन पर भरोसा करे।</p>
<p>उन्होंने कहा कि हमारे यहां, जमीनी स्तर पर निर्णय लेने वाली संस्थाओं में महिलाओं का अच्छा प्रतिनिधित्व है। लेकिन जैसे-जैसे हम ऊपर की ओर बढ़ते हैं, महिलाओं  की संख्या क्रमश: घटती जाती है। यह तथ्य राजनीतिक संस्थाओं के संदर्भ में उतना ही सच है जितना ब्यूरोक्रेसी, न्यायपालिका और कॉपोर्रेट जगत के लिए। उन्होंने कहा कि मेरा ²ढ़ विश्वास है कि समाज में व्याप्त मानसिकता को बदलने की जरूरत है। एक शांतिपूर्ण और समृद्ध समाज के निर्माण के लिए, महिला-पुरुष असमानता पर आधारित जड़ीभूत पूर्वाग्रहों को समझना तथा उनसे मुक्त होना जरूरी है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि मैंने देखा है कि यदि महिलाओं को अवसर मिलता है, तो वे शिक्षा के क्षेत्र में पुरुषों से प्राय: आगे निकल जाती हैं। भारतीय महिलाओं तथा हमारे समाज की इसी अदम्य भावना के बल पर मुझे विश्वास होता है कि भारत, महिला-पुरुष के बीच न्याय के मार्ग पर विश्व-समुदाय का पथ-प्रदर्शक बनेगा। उन्होंने कहा कि यदि महिलाओं को निर्णय लेने शामिल किया जाता है तो न केवल आर्थिक प्रगति में, बल्कि जलवायु से जुड़ी कार्रवाई में तेजी आयेगी। उन्होंने कहा मुझे विश्वास है कि यदि मानवता की प्रगति में बराबरी का भागीदार बनाया जाए तो हमारी दुनिया अधिक खुशहाल होगी।</p>
<p>उन्होंने कहा कि महिलाओं की मुक्ति की कहानी धीमी गति से, प्राय: दुखदाई शिथिलता के साथ आगे बढ़ी है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा केवल सीधी दिशा में ही आगे बढ़ रही है, कभी भी उल्टी दिशा में नहीं लौटी इस लिए यह बात मेरे विश्वास को मजबूत बनाती है और मैं अक्सर कहती भी हूं कि भारत की स्वाधीनता की शताब्दी तक का 'अमृत काल' युवा महिलाओं का समय है। उन्होंने कहा कि विगत वर्षों के दौरान घर के बाहर के वातावरण में, पहले एक छात्रा, उसके बाद एक अध्यापिका और बाद में एक समाज-सेविका के रूप में, मैं इस तरह के विरोधाभासपूर्ण रवैये से हैरान हुए बिना नहीं रह सकी हूं। कभी-कभी मैंने महसूस किया कि व्यक्तिगत स्तर पर हममें से अधिकांश लोग, पुरुषों और महिलाओं की समानता को स्वीकार करते हैं। लेकिन, सामूहिक स्तर पर वही लोग हमारी आधी आबादी को सीमाओं में बांधना चाहते हैं। अपने अब तक के जीवन-काल के दौरान मैंने अधिकांश व्यक्तियों को समानता की प्रगतिशील अवधारणा की ओर बढ़ते देखा है। हालांकि, सामाजिक स्तर पर, पुराने रीति-रिवाज और परंपराएं, पुरानी आदतों की तरह, हमारा पीछा नहीं छोड़ रही हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि यही, विश्व की सभी महिलाओं की व्यथा-कथा है। धरती-माता की हर दूसरी संतान यानी महिला, अपना जीवन बाधाओं के बीच शुरू करती है। इक्कीसवीं सदी में जहां हमने हर क्षेत्र में कल्पनातीत प्रगति कर ली है, वहीं आज तक कई देशों में कोई महिला राष्ट्र या शासन की प्रमुख नहीं बन सकी है। दूसरे सीमांत पर, दुर्भाग्यवश, दुनिया में ऐसे स्थान भी हैं जहां आज तक महिलाओं को मानवता का निम्नतर हिस्सा माना जाता है; और स्कूल जाना भी एक लड़की के लिए ङ्क्षजदगी और मौत का सवाल बन जाता है। उन्होंने कहा कि आज मैं आप सबसे, प्रत्येक व्यक्ति से अपने परिवार, आस-पड़ोस अथवा कार्यस्थल में एक बदलाव लाने के लिए स्वयं को समर्पित करने का आग्रह करना चाहती हूं। ऐसा कोई भी बदलाव जो किसी बच्ची के चेहरे पर मुस्कान बिखेरे, ऐसा बदलाव जो उसके लिए जीवन में आगे बढऩे के अवसरों में वृद्धि करे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Mar 2023 10:14:45 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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