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                <title>shimla - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>भाजपा ने हिमाचल सरकार के बजट को बताया 'बैक गियर बजट': आवंटन में 4,000 करोड़ रुपये की कटौती का लगाया आरोप, जन-विरोधी बजट का जताया कड़ा विरोध </title>
                                    <description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राजीव बिंदल ने मुख्यमंत्री सुक्खू के 2026-27 बजट को दिशाहीन करार दिया है। उन्होंने ₹4,000 करोड़ की कटौती और 1500 रुपये महिला सम्मान राशि जैसे चुनावी वादे पूरे न करने पर सरकार को घेरा। भाजपा का आरोप है कि बजट में युवाओं और किसानों के लिए केवल खोखले आंकड़े हैं, जो विकास को पीछे धकेल देंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/bjp-called-himachal-governments-budget-a-back-gear-accused-it/article-147416"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/himachal-pradesh-budget-2026.png" alt=""></a><br /><p>शिमला। हिमाचल प्रदेश में विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शनिवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की ओर से पेश किए गये वित्त वर्ष 2026-2027 के बजट "बैक गियर बजट" करार दिया है और कहा है कि राज्य के विकास को पीछे धकेल देगा। शिमला में मीडिया को संबोधित करते हुए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल ने कहा कि इस बजट में दूरदर्शिता की कमी है और यह लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने में विफल रहा है। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने पिछले वर्ष की तुलना में बजट आवंटन में लगभग 4,000 करोड़ रुपये की कटौती की है, जिसका विभिन्न क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।</p>
<p>बिंदल ने कहा कि राज्य में बजट आवंटन में इतनी बड़ी कटौती शायद ही कभी देखने को मिली है। उन्होंने चेतावनी दी कि इससे बुनियादी ढांचे के विकास और कल्याणकारी कार्यक्रमों की गति धीमी पड़ सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि बजट में जिन कई योजनाओं को प्रमुखता से दिखाया गया है, वे असल में राज्य द्वारा शुरू किए गए नये कार्यक्रमों के बजाय, मत्स्य पालन, कृषि, बागवानी और पशुपालन से संबंधित केंद्र प्रायोजित योजनाओं का ही नया रूप हैं।</p>
<p>उन्होंने कांग्रेस सरकार पर राज्य की आर्थिक चुनौतियों के लिए बार-बार केंद्र सरकार को दोषी ठहराने का भी आरोप लगाया। उनके अनुसार, केंद्र प्रायोजित योजनाओं से राज्य को काफी फायदा होने के बावजूद, बजट दस्तावेज़ की शुरुआत श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की आलोचना से होती है। कांग्रेस पार्टी की 2022 के चुनावों की गारंटियों को निशाना बनाते हुए श्री बिंदल ने उन्हें "जनता के विश्वास के साथ धोखा" बताया। उन्होंने कहा कि पहली कैबिनेट बैठक में एक लाख सरकारी नौकरियाँ देने और पाँच लाख रोज़गार के अवसर पैदा करने जैसे वादे पूरे नहीं किए गये हैं। उन्होंने बताया कि 28 लाख महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये देने का वादा अभी तक लागू नहीं किया गया है।</p>
<p>बिंदल ने आगे आरोप लगाया कि 100 रुपये प्रति लीटर की दर से दूध खरीदने की प्रतिबद्धता को घटाकर 60 रुपये कर दिया गया है, जिसे उन्होंने किसानों और डेयरी उत्पादकों के लिए गुमराह करने वाला कदम बताया। अन्य मोर्चों पर सरकार की आलोचना करते हुए, उन्होंने दावा किया कि बजट में कानून-व्यवस्था, बढ़ती माफिया गतिविधियों, अस्पतालों में दवाओं की कमी और बंद पड़े संस्थानों को फिर से खोलने से संबंधित चिंताओं का ठीक से समाधान नहीं किया गया है। बजट को खोखले आँकड़ों का पुलिंदा बताते हुए, श्री बिंदल ने कहा कि इसमें युवाओं, किसानों और महिलाओं के लिए स्पष्ट दिशा और सार्थक राहत का अभाव है। उन्होंने कहा कि भाजपा इस जन-विरोधी बजट का कड़ा विरोध करेगी और हर मंच पर इस मुद्दे को उठाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 22 Mar 2026 14:03:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>पश्चिम बंगाल में ED की कार्रवाई से राजनीतिक गलियारें में हलचल तेज, हिमाचल राजस्व मंत्री ने ममता बनर्जी का किया समर्थन</title>
                                    <description><![CDATA[ईडी कार्रवाई पर हिमाचल के मंत्री जगत सिंह नेगी ने ममता बनर्जी का समर्थन करते हुए केंद्र पर एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया, बंगाल चुनाव से पहले राजनीति गरमाई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/ed-action-in-west-bengal-creates-stir-in-political-circles/article-139456"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/ed.png" alt=""></a><br /><p>शिमला। पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की चल रही कार्रवाई ने राजनीतिक हलचल मचा दी है। हिमाचल प्रदेश की राजनीतिक गलियारों में इस पर प्रतिक्रिया देखी गयी, जहां राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने मंगलवार को खुले तौर पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का खुलकर समर्थन किया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने ममता बनर्जी की केंद्रीय एजेंसियों का सामना करने के तरीके की प्रशंसा करते हुए उन्हें शेरनी और रॉयल बंगाल बाघिन कहा। </p>
<p>जगत सिंह नेगी ने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो को देखकर उन्हें बहुत खुशी हुई, जिसमें मुख्यमंत्री बनर्जी ने ईडी की कार्रवाई पर कड़ा जवाब दिया है। केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए नेगी ने कहा कि चुनावों से पहले गैर-भाजपा शासित राज्यों को निशाना बनाने का एक स्पष्ट एवं सुनियोजित चलन दिखाई दे रहा है। उन्होंने छत्तीसगढ़ एवं झारखंड जैसे राज्यों का उदाहरण देते हुए दावा किया कि इस तरह की कार्रवाइयां चुनावों से ठीक पहले राजनीतिक अस्थिरता उत्पन्न करने और लोकप्रिय नेताओं को बदनाम करने के उद्देश्य से की जा रही हैं।</p>
<p>इसके आगे नेगी ने कहा, केंद्रीय एजेंसियों का उपयोग कर जिस प्रकार से लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है वह बहुत चिंताजनक है। ये एजेंसियां चुनाव से ठीक पहले अचानक सक्रिय हो जाती हैं और केंद्र सरकार को फायदा पहुंचाने के लिए एक झूठी कहानी गढऩे की कोशिश करती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ये एजेंसियां स्वतंत्र रूप से कार्य नहीं करतीं बल्कि केंद्र सरकार की कठपुतली बनकर काम करती हैं।</p>
<p>हिमाचल के राजस्व मंत्री ने कहा कि सरकार तृणमूल कांग्रेस के नेतृत्व को निशाना बनाकर पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी की प्रतिक्रिया साहस एवं राजनीतिक दृढ़ संकल्प का प्रतीक है और पूरे देश की लोकतांत्रिक ताकतों का समर्थन पाने की हकदार है। नेगी को एक प्रखर जनजातीय नेता के रूप में जाना जाता है और वह केंद्र सरकार, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के मुखर आलोचक रहे हैं। अतीत में उनके कई बयानों ने राजनीतिक बहस को जन्म दिया है और जनता का ध्यान आकर्षित किया है।</p>
<p>नेगी के बयान यह रेखांकित करते हैं कि जैसे-जैसे पश्चिम बंगाल के चुनाव नजदीक आ रहे हैं, विभिन्न राज्यों के विपक्षी नेताओं के बीच एकता बढ़ रही है, जिससे ईडी की कार्रवाई को एक व्यापक राष्ट्रीय राजनीतिक आयाम मिल गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 13 Jan 2026 17:19:34 +0530</pubDate>
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                <title>कांग्रेसराज में स्वास्थ्य व्यवस्था का हुआ पतन, मरीजों को डर के साये में करवाना पड़ रहा अपना इलाज, जानें पूरा मामला</title>
                                    <description><![CDATA[शिमला के इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (IGMC) में एक डॉक्टर द्वारा मरीज से मारपीट का मामला सामने आया है। घटना रविवार की बताई जा रही है, जिसके बाद अस्पताल में मरीजों और परिजनों ने विरोध प्रदर्शन किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/health-system-has-collapsed-under-congress-rule-patients-have-to/article-136837"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/himachal-pradesh-news.png" alt=""></a><br /><p>हिमाचल प्रदेश। हिमालच प्रदेश की राजधानी शिमला के इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (IGMC) से एक डॉक्टर पर मरीज़ से मारपीट करने का मामला सामने आया है। बता दें कि इस घटना के सामने आने के बाद सरकारी अस्पताल में नाराज़गी फैल गई और मरीज तथा उनके परिजनों ने मिलकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। जानकारी के अनुसार, ये पूरी घटना रविवार की है। इस घटना को लेकर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनी राम शांडिल ने जानकारी देते हुए कहा कि मामले की पूरी जांच कराई जाएगी और यदि डॉक्टर दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। </p>
<p>जानकारी के अनुसार, शिमला के कुपवी से संबंध रखने वाले अर्जुन पंवार जो कि हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध इंस्टिट्यूट एस्पायर शिमला में एक शिक्षक के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। रविवार सुबह आईजीएमसी में उनकी एंडोस्कोपी के बाद बेड पर सोने को कहा, दूसरे डॉक्टर ने मना किया, तो डॉक्टर और मरीज दोनों में कहासुनी शुरू हो गई और देखते ही देखते डॉक्टर ने मरीज के साथ मारपीट शुरू कर दी इसके बाद मरीज ने भी डॉक्टर को लात घूसे मारें। बताया जा रहा है कि इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Dec 2025 17:22:22 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>शिमला संधि के निलंबन से भारत-पाक संबंधों में मुश्किलों का शुरू होगा नया दौर : ढकोसला है पाक का नया पैतरा, तीसरे पक्ष की दखलंदाजी कभी नहीं हुई थी खत्म </title>
                                    <description><![CDATA[पाकिस्तान की ओर से शिमला समझौते को निलंबित करना केवल पाकिस्तान का ढकोसला है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/the-suspension-of-the-shimla-treaty-will-begin-the-difficulties/article-112190"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/news-(3)25.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। पाकिस्तान की ओर से शिमला समझौते को निलंबित करना केवल पाकिस्तान का ढकोसला है। वास्तव में उसने कभी इस समझौते का सम्मान नहीं किया था। वह पहले भी कश्मीर पर विवाद का अंतर्राष्ट्रीयकरण करने का प्रयास करता रहा है। जबति इस समझौते का मुख्य क्लॉज यही था कि दोनों पक्ष आपसी विवदों में तीसरे पक्ष की भागदारी नहीं होने देंगे। उल्लेखनीय है कि भारत और पाकिस्तान द्वारा दो जुलाई 1972 को हस्ताक्षरित इस समझौते में गारंटी दी गई थी कि भारत और पाकिस्तान के </p>
<p>विवाद में तीसरे पक्ष की दखलंदाजी की कोई जगह नहीं होगी। जम्मू कश्मीर स्थित पहलगाम में 22 अप्रैल को बर्बर आतंकी हमले के बाद भारत और इस्लामाबाद के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। इस आतंकी हमले में 26 लोगों की जान गई थी, जिसके एक दिन बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ बड़े उठाए थे। इनमें सिंधु जल संधि को निलंबित करना, पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा निरस्त करना और राजनयिक संबंधों को कम करना अहम रूप से शामिल है। पाकिस्तान ने इसके जवाब में शिमला समझौते को निलंबित कर दिया। इसके साथ ही सभी व्यापार पर रोक के साथ ही भारतीय विमानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया। पाकिस्तान ने जो कदम उठाए हैं, उनमें सबसे अहम शिमला समझौता है। ऐसे में सवाल उठता है कि समझौते के रद्द होने के बाद क्या नियंत्रण रेखा यानी एलओसी अब खत्म हो जाएगी।</p>
<p>शिमला समझौता 2 जुलाई 1972 को भारत की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और पाकिस्तान के राष्ट्रपति जुल्फिकार अली भुट्टो के बीच हस्ताक्षरित हुआ था। इस समझौते का मुख्य उद्येश्य उन सिद्धांतों को निर्धारित करना था, जो दोनों देशों के भविष्य को निर्धारित करेंगे। इसमें कहा गया कि दोनों देश बिना किसी तीसरे पक्ष को शामिल किए अपने विवादों का शांतिपूर्ण तरीके से निपटारा करेंगे। इसमें कश्मीर विवाद प्रमुखता से शामिल है। लेकिन पाकिस्तान मामले को विश्व मंच पर उठाता ही रहा।</p>
<p><strong>युद्धविराम रेखा बनी थी नियंत्रण रेखा </strong><br />इस समझौते के तहत ही युद्धविराम रेखा को नियंत्रण रेखा के रूप में मान्यता मिली। दोनों देशों ने सहमति जताई कि कोई भी एकतरफा तरीके से स्थिति को नहीं बदलेगा। इसमें कहा गया, कोई भी पक्ष आपसी मतभेदों और कानूनी व्याख्याओं के बावजूद इसे एकतरफा रूप से बदलने की कोशिश नहीं करेगा। दोनों पक्ष इस रेखा के उल्लंघन में धमकी या बल के प्रयोग से परहेज करने का वचन देते हैं।</p>
<p><strong>करगिल घुसपैठ से समझौता तोड़ा था</strong><br />अब पाकिस्तान ने शिमला समझौते को स्थगित कर दिया है, तो सवाल उठ रहा है इसका क्या असर होगा। हालांकि, पाकिस्तान पहले भी शिमला समझौते का उल्लंघन करता रहा है। एलओसी के स्पष्ट रूप से बताए जाने के बावजूद पाकिस्तान ने 1999 में करगिल में घुसपैठ की और बड़े जमीन पर कब्जा कर लिया, जो राष्ट्रीय राजमार्ग-1 की तरफ जाती थी। भारत ने कारगिल में बड़ा सैन्य अभियान चलाया और जमीन को पाकिस्तान के कब्जे से मुक्त कराया।</p>
<p><strong>सियाचिन पर कब्जे की लगातार कोशिश करता रहा पाक</strong><br />इसके पहले पाकिस्तान ने सियाचिन ग्लेशियर पर भी कब्जा करने की कोशिश की, जो शिमला समझौते का उल्लंघन था। पाकिस्तान की इस हरकत के खिलाफ 1984 में भारत ने ऑपरेशन मेघदूत शुरू किया और इस तरह ग्लेशियर पर पूरा नियंत्रण हासिल कर लिया। कारगिल युद्ध के चार साल बाद 2003 में भारत और पाकिस्तान के बीच नियंत्रण रेखा पर फिर से युद्धविराम को लेकर सहमति बनी। हालांकि, 2006 से पाकिस्तान ने कई बार समझौते का उल्लंघन किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 27 Apr 2025 15:02:52 +0530</pubDate>
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                <title>महीनों तक शुष्क मौसम रहने के बाद हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी और बारिश</title>
                                    <description><![CDATA[अधिकारियों ने अत्यधिक ठंड और सड़कों पर फिसलन बढऩे से उत्पन्न होने वाली चुनौतियों के प्रति आगाह किया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/snowfall-and-rain-in-himachal-pradesh-after-several-months-of/article-97101"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/257rtrer-(3)9.png" alt=""></a><br /><p>शिमला। हिमाचल प्रदेश में कई महीनों तक मौसम शुष्क रहने के बाद राज्य के विभिन्न हिस्सों में बर्फबारी और बारिश हुई। शिमला के रिज मैदान, कुफरी और सिरमौर के चूड़धार जैसे लोकप्रिय स्थलों में मौसम की पहली हल्की बर्फबारी हुई। रोहतांग दर्रा, बारालाचा और लाहौल-स्पीति में कुंजुम दर्रा सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ताजा हिमपात हुआ, जिससे प्राकृतिक आकर्षण बढ़ गया। राज्य में शीतलहर का प्रकोप जारी है, जिससे तापमान में तेजी से गिरावट आई है। हिमाचल में अधिकतम तापमान में पांच से छह डिग्री की गिरावट दर्ज की गई, जबकि सात स्थानों पर न्यूनतम तापमान शून्य के करीब पहुंच गया। लाहौल-स्पीति के ताबो में मौसम का सबसे कम तापमान -13.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। नारकंडा, मनाली और सोलन सहित अन्य क्षेत्रों में पारा शून्य के आसपास पहुंच गया। कुल्लू और बिलासपुर के कुछ हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी हुई, जिससे सर्दी बढ़ गई। बर्फबारी के कारण कुछ इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा।</p>
<p>अटल सुरंग और सिस्सू मार्ग फिसलन वाला हो गया, जिससे ट्रैफिक जाम हो गया और लगभग 100 पर्यटक फंस गए। बाद में उन्हें सुरक्षित बचा लिया गया। लाहौल-स्पीति के पुलिस अधीक्षक मयंक चौधरी सहित विभिन्न अधिकारियों ने यात्रियों से अपनी यात्रा की योजना बनाने से पहले मौसम की स्थिति के बारे में अपडेट रहने का आग्रह किया है। चंबा के आदिवासी क्षेत्रों में काफी बर्फबारी हुई, जिसमें साचे जोत में 30 सेंटीमीटर तक बर्फ पड़ी। आसपास के इलाकों जैसे हुदान भटोरी और सुराल भटोरी में 15 सेंटीमीटर बर्फबारी दर्ज की गई, जबकि भरमौर के कुगति और मणि महेश में छह सेंटीमीटर बर्फबारी हुई। मौसम में परिवर्तन होने से निवासियों और पर्यटकों को राहत मिली है, सुरम्य बर्फबारी ने क्षेत्र की सुंदरता को फिर से जीवंत कर दिया है। अधिकारियों ने अत्यधिक ठंड और सड़कों पर फिसलन बढऩे से उत्पन्न होने वाली चुनौतियों के प्रति आगाह किया है। </p>
<p>मौसम विभाग ने दोपहर बाद हल्की से मध्यम बारिश और हिमपात का अनुमान लगाया है। आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे, लेकिन शाम तक मौसम सामान्य हो जाएगा। धूल और कोहरे के साफ होने के बाद राज्य में वायु गुणवत्ता में सुधार होने की संभावना है; हालांकि, बारिश और बर्फबारी की मात्रा किसानों और सेब उत्पादकों को राहत प्रदान करने के लिए पर्याप्त नहीं है, क्योंकि लंबे समय तक सूखे के कारण मिट्टी में नमी का स्तर पर्याप्त नहीं है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Dec 2024 15:09:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>हिमाचल प्रदेश में पिछले 24 घंटों में ओलावृष्टि, आंधी-तूफान और बारिश</title>
                                    <description><![CDATA[मौसम विभाग के अनुसार, जुब्बड़हट्टी में 17.5 मिमी, शिमला में 15.6 मिमी, सुंदरनगर (मंडी) में 14 मिमी, बिलासपुर में 12.2 मिमी, कुफरी में 5.7 मिमी, नारकंडा में 4.0 मिमी, धर्मशाला और मंडी में 3.0 मिमी बारिश दर्ज की गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/hailstorm-thunderstorm-rain-in-himachal-pradesh-in-last-24-hours/article-39387"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-03/site-photo-size-(8)1.jpg" alt=""></a><br /><p>शिमला। हिमाचल प्रदेश में पिछले 24 घंटों में ओलावृष्टि, आंधी-तूफान और हल्की बारिश होने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई जबकि गुरुवार को धूप खिली रही।</p>
<p>मौसम विभाग के अनुसार, जुब्बड़हट्टी में 17.5 मिमी, शिमला में 15.6 मिमी, सुंदरनगर (मंडी) में 14 मिमी, बिलासपुर में 12.2 मिमी, कुफरी में 5.7 मिमी, नारकंडा में 4.0 मिमी, धर्मशाला और मंडी में 3.0 मिमी बारिश दर्ज की गई।</p>
<p>शिमला का न्यूनतम तापमान कम होकर 5.8 डिग्री हो गया जो कल के तापमान की तुलना में तीन डिग्री कम है। भुंतर हवाई अड्डा का तापमान 7.2, धर्मशाला का 11.4, ऊना का 10.8, नाहन का 15.1, केलांग का शुन्य से 4.0 डिग्री कम, पालमपुर का 9.5, सोलन का 6.6 मनाली का 3.8, कांगड़ा का 10.7, मंडी का 9.6, बिलासपुर का 10, हमीरपुर का 9.0, चंबा का 9.5, डलहौजी का 7.3, एयरपोर्ट जुब्बड़हट्टी का 8.4, कुफरी का 3.0 और नरकंडा का 0.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मनाली लेह राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-003) दारचा तक और पांगी किलाड़ राजमार्ग (एसएच-26) सभी स्थानीय वाहनों के लिए खुला है। दारचा शिंकुला रोड और काजा रोड (एनएच-505) ग्राफू से काजा तक बंद है और सुमदो से लोसर मार्ग सभी वाहनों के लिए खुला हुआ है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में राज्य का मौसम शुष्क रहने का अनुमान लगाया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Mar 2023 15:14:59 +0530</pubDate>
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