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                <title>sewerage line - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>कोटा दक्षिण वार्ड 56 - जिनको जिम्मेदारी सौंपी वो निकले बेपरवाह</title>
                                    <description><![CDATA[रात के समय पर गलियों में श्वान के झुंड बैठे रहते हैं। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-south-ward-56---those-who-were-given-the-responsibility-turned-out-to-be-careless/article-122270"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne1ws-(1)1.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। <strong> दृश्य 1 -</strong> वार्डवासियों ने बताया कि वार्ड में सीवरेज की लाइन डालने के दौरान खोदी गई सड़कों की सही ढंग से मरम्मत नहीं हुई है। और सीवरेज के दौरान डाली गई लाइन के गड्डों को भी कवर नहीं किया।  </p>
<p><strong>दृश्य 2 -</strong> राजीव प्लाजा के दुकानदारों ने बताया कि हमारे प्लाजा में स्थित टॉयलेट की साफ-सफाई नहीं होने से दिनभर बदबू आती रहती है। कई बार जिम्मेदारों को अवगत भी करवाया है। </p>
<p>शहर के नगर निगम दक्षिण वार्ड 56 में सीवरेज लाइन के दौरान खोदी गई सड़क अब बरसात के दिनों में रहवासियों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। इस दौरान सड़कों की सही मरम्मत नहीं होने होने बारिश में उधड़ गई है। सीवरेज लाइन डालने के दौरान गड्ढों को भी सही ढंग से कवर नहीं किया है। जिसके कारण वाहन चालक व राहगीर के चोटिल होने की संभावना बनी रहती है। शहर की जनता वार्ड में विकास करने के लिए जनप्रतिनिधियों को चुनती है। वार्ड के विकास कार्यों की जिम्मेदारी सौंपने के बावजूद बदहाली आलम के चलते वार्डवासी परेशान है। वार्ड में स्थित सब्जी मंडी भी राजीव प्लाजा के दुकानदारों के लिए मुसीबत बनी हुई हैं। दुकानदारों ने बताया कि हमारे यहां पर रोजाना सफाई नहीं होती हैं। वहीं सब्जीमंडी के गेट के पास कचरा का ढेÞर लगा हुआ हैं, जिसके कारण संक्रमण फैलने का खतरा भी बना रहता है। वहां से गुजर रहे राहगीर तथा दुकानदारों के लिए मुसीबत बना हुआ हैं। वार्डवासियों के अनुसार वार्ड में ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह से फैल है। नालियों में कचरा जमा हो रखा है तथा निकासी व्यवस्था भी सही नहीं है। वार्ड की कॉलोनियों में सड़कों पर बने डिवाइडर से भी राहगीर परेशान है।</p>
<p><strong>वार्ड का एरिया</strong><br />विज्ञान नगर संपूर्ण सेक्टर 1, आंशिक सेक्टर 2, शांति प्रकाश पार्क, मुकेश गोयल पार्क, आरएसईबी  कार्यालय,  पीएचईडी कार्यालय, सरकारी डिस्पेंसरी,  राजीव प्लाजा,  सब्जीमंडी, झूले लाल मंदिर, नया पुलिस थाना, आर्य समाज मंदिर अशोका पार्क आदि क्षेत्र। </p>
<p><strong>खाली प्लाट में कचरा</strong><br />कल्पतरू बिल्डिंग के पीछे स्थित खाली प्लाट में रहवासी कचरा डालते हैं। कचरे के कारण उसमें पशु विचरण करते हैं जिसे कचरा इधर उधर फैला जाता हैं। वार्ड की कॉलोनियों की सिवरेज सिस्टम पूरी तरफ से फैल है।<br /><strong>- जितेंद्र कुमार </strong></p>
<p><strong>सडांध मारते टायलेट</strong><br />राजीव प्लाजा में स्थित टॉयलेट की साफ-सफाई रोजाना नहीं होने बदबू आती है। वहां से गुजरने वाले राहगीर के साथ वार्डवासी भी परेशान है। <br /><strong>- भारत कुमार </strong></p>
<p>रात के समय पर गलियों में श्वान के झुंड बैठे रहते हैं जिससे बाहर निकलने में भी परेशानी होती है। वाहन चालक के पीछे श्वान दौड़ते  हैं, जिससे चोटिल होने की भी आशंका बना रहती है।     <br /><strong>- गोवर्धन लाल</strong></p>
<p>सब्जीमंडी की वजह से दुकानदारों को परेशानी का सामना करना पड़ता हैं। कुछ दुकानदार मैन गेट के पास कचरा डाल देते हैं। दिनभर वहां पशुओं का जमावड़ा बना रहता है।<br /><strong>- जयकुमार</strong></p>
<p>राजीव प्लाजा में स्थित टॉयलेट की सफाई जल्दी करवा देंगे। आर्य समाज रोड पर एक निजी कंपनी की ओर से खोदा गया गड्ढो कवर करवा दिया जाएगा। <br /><strong>- विवेक मित्तल, वार्ड पार्षद 56 बीजेपी </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 01 Aug 2025 14:24:34 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>अव्यवस्था : सीजन बीता लेकिन प्लांटर में नहीं लगे पौधे</title>
                                    <description><![CDATA[नाले व सड़क के बीच की जगह पर पौधे लगे होने से आस-पास के लोग वहां कचरा भी नहीं डाल सकेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/disorder--the-season-passed-but-the-plants-were-not-planted-in-the-planter/article-95663"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-11/avyavastha-season-beeta-lekin-planter-mein-nhi-lage-paudhe...kota-news-23.11.2024.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । नगर निगम को बरसात के सीजन में पौधारोपण करने का लक्ष्य मिला तो निगम की जमीन नहीं होने से अधिकतर पौधे वन विभाग की जमीन पर लगाने पड़े। जबकि साजीदेहड़ा नाले पर पौधे लगाने के लिए प्लांटर बनाने के बाद भी वहां सीजन बीतने के बाद तक पौधे नहीं लग सके। जिससे  वह कचरा घर बनकर रह गए।  नगर निगम कोटा दक्षिण की ओर से साजी देहड़ा नाले की जमीन का उपयोग करते हुए यहां नाले के सहारे हरियाली करने की योजना थी। जिससे नाले के सहारे छोटी नाली बनाई जाए और चार दीवारी के सहारे प्लांटर बनाकर पौधे लगाए जा सके। जिससे नाले की चौड़ाई कम होने से बरसात के समय निर्बाध रूप से नाले का पानी बह सके और पूरे साल नाले में पानी की आवक कम होने से छोटी नाली से पानी आसान से बह सके। साथ ही नाले के सहारे पौधे लगाने से वहां हरियाली रहेगी। नाले व सड़क के बीच की जगह पर पौधे लगे होने से आस-पास के लोग वहां कचरा भी नहीं डाल सकेंगे। उसी योजना के तहत नगर निगम की ओर से साजी देहड़ा नाले की चार दीवारी पर पहले तो लोहे की ऊंची रैलिंग लगाई। जिससे कचरे को नाले में डालने से रोका जा सके। उसके बाद उस चार दीवारी के सहारे अंदर की तरफ प्लांटर बनाया। उस प्लांटर में मिट्टी भरी गई। उसके बाद बरसात में उस प्लांटर में पौधे लगाने थे।लेकिन बरसात का पूरा सीजन निकल गया। वहांअभी तक पौधे नहीं लगे। वरन् उस प्लांटर में कचरा डाला जा रहा है। सूअर व अन्य मवेशियों का जमघट लगा हुआ है। जिससे  वहां हरियाली कीजगह उसकी दुर्दशा हो रही है। ऐसे में उस जगह से रोजाना दिनभर में निकलने वाले हजारों लोगों को गंदगी व दुर्गंध का सामना करना पड़ रहा है। </p>
<p><strong>सीवरेज लाइन डालने से रोका काम</strong><br />नगर निगम कोटा दक्षिण के अधिशाषी अभियंता ए.क्यू कुरैशी ने बताया कि नाले के सहारे प्लांटर बनाकर बरसात के समय में पौधे लगाने की योजना थी। लेकिन उसी समय केडीए द्वारा उस जगह से सीवरेज लाइन डालने की जानकारी दी गई। पम्पिंग स्टेशन से लाइन जोड़ने के लिए प्लांटर की करीब 20 फीट की दीवार को तोड़ दिया गया। उनका काम लम्बा चला। वह काम अब  पूरा हुआ है। ऐसे में यदि पहले पौधे लगाते तो सभीखराब हो जाते। अब काम पूरा होने पर चार दीवारी कोसही कर वहां फिर से प्लांटर सही कर शीघ्र ही पौधे लगाए जाएंगे। </p>
<p><strong>नाले के किनारे खाली जगह पर लगाएंगे पौधे</strong><br />नगर निगम कोटा दक्षिण के महापौर राजीव अग्रवाल ने बताया कि उनका प्रयास है कि आगामी समय में शहर की सफाई व्यवस्था को सुधारा जाएगा। साथ ही शहर में सड़क व नालों के किनारे खाली जमीन पर पौधा रोपण कर शहर को हरा  भरा बनाया जाएगा। ऐसा कोटा दक्षिण क्षेत्र में सभी बड़े नालों के सहारे किया जाएगा। साजी देहड़ा में सीवरेज का काम होने से समय लगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 23 Nov 2024 15:50:28 +0530</pubDate>
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                <title>सीवरेज संबंधी शिकायत की नहीं सुविधा, लोग हो रहे परेशान</title>
                                    <description><![CDATA[चैम्बर जाम होने से गंदा पानी घरों के आगे आ जाता है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/no-facility-for-complaints-regarding-sewerage--people-are-facing-problems/article-94721"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-11/6630400-sizee-(2)5.png" alt=""></a><br /><p>कोटा।  शहर में  पिछले कई सालों से चल रहा आरयूआईडीपी का सीवरेज लाइन डालने का  प्रोजेक्ट पूरा होते ही यहां से अधिकारियों को भी अन्य जगह भेज दिया है। लेकिन यहां सीवरेज संबंधी समस्या होने पर न तो उसकी शिकायत की व्यवस्था है और न ही समस्या समाधान की सुविधा। जिससे लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।  शहर में सीवरेज लाइनें पुरानी होने से आरयूआईडीपी द्वारा नई लाइनें डाली गई है। पिछले कई सालों से पूरे शहर में किए गए इस काम के चलते सड़कों व गलियों को खोदने से लोग बरसों तक परेशान होते रहे। जैसे-तैसे काम किया गया तो सड़कों को सही नहीं बनाने से बाद में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।  कुन्हाड़ी निवासी अजय मेहरा का कहना है कि उनके क्षेत्र में आरयूआईडीपी ने सीवरेज लाइन डाली थी। लेकिन वह लाइन आए दिन जाम हो जाती है।जिससे चैम्बर से पानी बाहर सड़क पर गली में फेल जाता है। जिससे कई-कईदिन तक दुर्गंध से परेशानी होती है।  लेकिन इस बारे में किसे और कहां शिकायत करें कोई सुनने वाला नहीं है। नगर निगम के एक इंजीनियर का कहना है कि कुन्हाड़ी में सीवरेज की समस्या काफी  अधिक है। वह जिस क्षेत्र में रहते हैं वहां भी आए दिन चैम्बर जाम होने से गंदा पानी घरों केआगे आ जाता है। लेकिन इस संबंध में आरयूआईडीपी में किस अधिकारी व कार्यालय में शिकायत करें कोई सुनने वाला ही नहीं है।  आरयूआईडीपी के अधीक्षण अभियंता राकेश गर्ग ने बताया कि वर्ष 2016 कीडीपीआर के हिसाब से विभाग को शहर में जो काम दिया गया था। वह पूरा कर लिया गया है। करीब 48 हजार घरों के कनेक् शन मुख्य लाइन से जोड़ने थे वह काम पूरा कर लिया गया है। विभाग का सीवरेज संबंधी कोई काम शेष नहीं है। </p>
<p><strong>72 एमएलडीके 4 एसटीपी</strong><br />गर्ग ने बताया कि विभाग ने शहर में मुख्य लाइन डालने केसाथ ही घरों के कनेक् शन कर दिए।साथ ही विभाग केशहर में 72 एमएलडी के 4 एसटीपी बनाए गए हैं। इनमें धाकड़खेड़ी में  40 एमएलडी का,बालिता और काला तालाब में 15-15 एमएलडी के  व आॅक्सीजोन में 2 एमएलडी का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाए गए है। घरों से निकलने वाला वेस्ट सीवरेज के माध्यम से इन एसटीपी में ट्रीट हो रहा है। </p>
<p><strong>अब निगम व केडीए का काम</strong><br />एसई गर्ग ने बताया कि विभाग का काम पूरा हो गया है। अब शहर में अमृत -दो योजना के तहत नगर निगम व  कोटा विकास प्राधिकरण का काम चल रहा है। हालांकि विभाग ने जो काम किया है वह शहर के कुल क्षेत्र का 70 फीसदी है। अभी भी करीब 30 फीसदीकाम बाकी है। </p>
<p><strong>टोल फ्री नम्बर पर कर सकते हैं शिकायत</strong><br />गर्ग ने बताया कि कोटा शहर मं आरयूआईडीपी का काम व प्रोजेक्ट पूरा हो गया है। उस प्रोजेक्ट की मॉनिटरिंग के लिए उन्हें लगाया गया था। लेकिन काम पूरा होने के बाद उन्हें भी अन्य जिले में जहां काम चल रहा है वहां भेज दिया है। कोटा शहर में आरयूआईडीपी के सीवरेजसंबंधी शिकायत के लिए टोल फ्री नम्बर पर शिकायत की जा  सकती है। जिससे संबंधित संवेदक द्वारा ओ एंड एम के तहत निर्धारित समय तक उसे ही साफ सफाई संबंधी काम करना है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 09 Nov 2024 15:59:25 +0530</pubDate>
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                <title>विभागों में समन्वय का अभाव, बार बार फूट रही पानी की लाइनें</title>
                                    <description><![CDATA[एक बार लाइन फूटने पर बह जाता है लाखों लीटर पानी, मरम्मत करने में कई घंटे लग जाते हैं । 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/lack-of-coordination-between-departments--water-lines-bursting-repeatedly/article-90044"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/1rtrer-(6)5.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के शक्ति नगर में शुक्रवार को ट्रैफिक पार्क के सामने सीवरेज लाइन के कार्य के दौरान पानी की पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। जिसके चलते लाखों लीटर पानी व्यर्थ हो गया, साथ ही लाइन के क्षतिग्रस्त हो जाने से कई इलाकों में जलापूर्ति बंद रही। वहीं कुछ माह पहले भी बालाकुंड क्षेत्र में भी सीवरेज लाइन का कार्य करते समय पानी की पाइल लाइन फूट गई थी। जिसके चलते कई दिनों तक इलाके में जलापूर्ति बाधित रही थी। इसी तरह हर साल शहर के कई इलाकों में पानी की लाइन फूटने की दर्जनों घटनाएं होती हैं। बावजूद इसके आज भी इस समस्या का कोई हल नहीं निकाला जा सका है। </p>
<p><strong>हर साल होती हैं दर्जनों घटनाएं</strong><br />छावनी निवासी रामेश्वर दाधीच कहते हैं शहर में अलग अलग निर्माण कार्यों के दौरान हर साल करीब दर्जनों पाइप लाइन फूटने की घटना सामने आती हैं। जिनमें सबसे ज्यादा घटनाएं खुदाई के दौरान की होती हैं। जिसके चलते कई बार पानी तो व्यर्थ बहता ही है इसके साथ में निर्माण कार्य में भी देरी होती है और जलापूर्ति भी बाधित होती है। इतनी घटनाओं के बाद भी न जलदाय विभाग और अन्य विभाग इस समस्या का समाधान ढूंढ पाए हैं। कई बार ये भी देखने को मिलता है कि विभागों के अधिकारी ही मौके पर मौजूद नहीं रहते हैं। इसी गैर मौजूदगी में संवेदक फर्म द्वारा बिना नाप तोल के काम करने से ऐसी समस्याएं पैदा हो जाती हैं। ये घटनाएं हो चुकी पिछले कुछ सालों मेंल्ल    साल 2021 में घटोत्कच सर्कल के पास गैस की लाइन बिछाने के लिए खुदाई के दौरान 900 एमएम की पाइप लाइन फूट गई थी। जिसके चलते दादाबाड़ी चौकी के तहत आने वाली कई कॉलोनियों में जलापूर्ति बाधित रही थी। घटना की जांच में सामने आया था कि गैस लाइन डालने वाली कंपनी ने जलदाय विभाग से खुदाई के लिए परमशिन नहीं ली थी। </p>
<p>- साल 2022 में कोटड़ी इलाके में भी निर्माण कार्य के दौरान 6 इंच पाइप लाइन फूट गई थी जिससे हजारों लीटर पानी व्यर्थ बह गया था। इसके साथ ही नया नोहरा में भी गैस लाइन डालते समय 8 इंच की लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। दोनों ही घटनाओं में निर्माणकर्ता और जलदाय विभाग के बीच समन्वय की कमी देखी गई थी। <br />- साल 2023 में भी बालाकुंड क्षेत्र में भी सीवरेज लाइन डालने के दौरान 6 इंच की लाइन फूट गई थी जिसे ठीक करने में एक सप्ताह से भी अधिक का समय लग गया था। ऐसे में बालाकुंड क्षेत्र की करीब 50 हजार लोगों की आबादी को पानी के लिए टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ा था।<br />- ताजा मामला शक्ति नगर स्थित ट्रैफिक पार्क के सामने का है जहां सीवरेज का कार्य करते समय 1000 एमएम की लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। हालांकि कार्य के दौरान जलदाय विभाग के अधिकारी मौजूद थे लेकिन खुदाई के दौरान एक पत्थर टूटकर लाइन से लग गया जिस कारण लाइन क्षतिग्रस्त हो गई और दर्जन भर इलाकों में 12 घंटे तक जलापूर्ति बाधित रही।</p>
<p>खुदाई के दौरान निर्माण कर्ता को परमिशन लेनी होती है, उसके बाद खुदाई के दौरान जहां जहां पाइप लाइन होती उस स्थान की खुदाई के दौरान विभाग के अधिकारी होते हैं। जलदाय विभाग की ओर से पूरा कॉर्डिनेशन रखा जाता है। कई बार मशीन चालक की गलती के कारण भी लाइन फूट जाती है। जिसे तुरंत सही करा दिया जाता है।<br /><strong>- पीके बागला, अधीक्षण अभियंता, जलदाय विभाग, कोटा</strong></p>
<p>निर्माण कार्य के दौरान जलदाय विभाग के साथ पूरा कॉर्डिनेशन रखने के साथ खुदाई के लिए अवगत करा दिया जाता है। कई बार गलत मैपिंग और आंकलन के कारण गलत जगह खुदाई या मशीन चल जाती है जिसके कारण लाइन क्षतिग्रस्त हो जाती है। कोशिश पानी की लाइन को बचाने की रहती है।<br /><strong>- कुशल कोठारी, सचिव, केडीए</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Sep 2024 17:14:23 +0530</pubDate>
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                <title>कई बार शिकायत फिर भी हालात जस के तस</title>
                                    <description><![CDATA[कॉलोनी के निवासी बदबू और गंदगी के बीच रहने को मजबूर हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/complained-many-times-but-still-the-situation-remains-the-same/article-65150"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-12/kayi-br-shikayt-fr-bhi-halat-jas-ki-tas...kota-news-26-12-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर को साफ व स्वच्छ रखने के लिए प्रशासन द्वारा कई अभियान चलाए जाते हैं। वहीं लोगों को स्वच्छाता के प्रति जागरूक करने और शहर की सफाई पर निगम द्वारा लाखों करोड़ों रुपए खर्च किए जाते हैं। शहर के प्रमुख इलाकों में तो इसका असर नजर आता है लेकिन शहर के छोर पर बसे इलाकों में सफाई का कोई पुख्ता बंदोबस्त नहीं है। इन इलाकों में कहीं भी कचरे के ढेर और सड़कों पर नालियों का पानी आता हुआ आसानी से मिल जाएगा। इस तरह के हालात बने हुए हैं शहर के औद्योगिक इलाके की प्रेमनगर आवासीय योजना में जहां कॉलानी के रहवासियों द्वारा निगम और प्रशासन को कई बार शिकायत करने के बावजूद भी हालत जस के तस बने हुए हैं। कॉलोनी में ना कचरा समय पर उठ रहा और ना सफाई हो रही है। कॉलोनी के निवासी बदबू और गंदगी के बीच रहने को मजबूर हैं। </p>
<p><strong>कई दिनों से नहीं हुई सफाई</strong><br />कॉलोनी में रहने वालों ने बताया कि यहां कई दिनों से ठीक से सफाई तक नहीं हुई है। कचरे की गाड़ी भी मेन रोड से निकल जाती है गलियों में आती तक नहीं है। कॉलोनी की नालियों भी पूरी तरीके से जाम हुई पड़ी हैं, जिनका पानी सड़कों पर फैल रहा है। वहीं कचरे की गाड़ी नहीं आने से लोग कॉलोनी से बाहर स्थित कचरा पॉइंट पर जाने को मजबूर हैं, क्योंकि जो कचरा पॉइंट कॉलोनी के अंदर हैं उनसे महीने में एक बार कचरा उठाया जाता है और जो रहता है उसे भी आवारा मवेशी फैला देते हैं। कॉलोनी वालों की माने तो स्थानीय पार्षद को कई समस्या के लिए बताया लेकिन पार्षद ने भी कर्मचारी ना होने पर हाथ खड़े कर दिए।</p>
<p><strong>सड़क बनी पर नालियों का पानी सड़क पर</strong><br />यूआईटी द्वारा यहां कुछ समय पहले सड़क तो बना दी गई लेकिन निगम प्रशासन की ओर से होने कामों की व्यवस्थाएं चर्मरायी हुई हैं। जहां कॉलोनी में ना तो सफाई हो रही है ना ही खुले पड़े सीवरेज चैम्बरों को बंद करने का कोई इंतजाम किया जा रहा है। खुले पड़े चैम्बरों के कारण नालियों का पानी सड़कों पर आ रहा है। जो आने जाने वालों के लिए परेशानी का कारण तो बना हुआ है ही साथ ही यहां रहने वालों को भी उससे होने वाली बदबू से परेशानी उठानी पड़ रही है। वहीं किसी जगह पर तो ये चैम्बर इस तरीके से खुले पड़े हैं जहां एक बार में दिखाई तक नहीं देते हैं। जिस कारण रात के समय में इन मार्गों से गुजरने वालों के इन गड्ढों में गिरने का खतरा बना रहता है। </p>
<p><strong>इनका कहना</strong><br />कॉलोनी की सफाई व्यवस्था के बारे में जानकारी है और कम स्टॉफ में भी काम करवाने की पूरी कोशिश करते हैं।नगर निगम से कई बार इस बारे में मांग भी की लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती है।<br /><strong>- सुशील त्रिपाठी, पार्षद वार्ड नं 15, कोटा उत्तर</strong></p>
<p>मेरे फ्लैट के नीचे मौजूद नाली की सफाई हुए महीनों हो गए हैं जिसके कारण गंदगी के साथ में हमेशा बदबू बनी रहती है। कई बार खुदसे पैसे देकर नालियां साफ करवाना पड़ता है।<br /><strong>- सोनू कुमार, ब्लॉक ए</strong></p>
<p>इस कॉलोनी के 3 हजार फ्लैट में लगभग 7 हजार लोग रहते हैं जिनके लिए सफाई की कोई पुख्ता व्यवस्था नहीं है। सफाई कर्मचारी भी हफ्ते में एक दो बार ही सफाई करने आते हैं।<br /><strong>- अमन नागर, सी ब्लॉक</strong></p>
<p>इस कॉलोनी में सफाई की बड़ी समस्या है पार्षद वार्ड बड़ा और सफाई कर्मचारी कम होने का बहाना बना देते हैं ना कोई टिपर की व्यवस्था है ना कचरे उठाने वालों की।<br /><strong>- प्रमोद पारेता, ब्लॉक डी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 26 Dec 2023 17:00:40 +0530</pubDate>
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                <title>अफोर्डेबल हाउस:10 साल में ही पड़ने लगी दरारें, दीवारों पर उग आए पेड</title>
                                    <description><![CDATA[जिसका कोई पुख्ता इंतजाम नहीं हो पा रहा है। इसके अलावा दीवारों में सीलन की भी समस्या कॉलोनी के निर्माण के समय से ही बनी हुई है। हर बारीश के मौसम में दीवारों में सीलन होती है जिससे बदबू भी बनी रहती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/affordable-house--cracks-started-appearing-within-10-years--trees-grew-on-the-walls/article-65052"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-12/affordable-house-10-saal-mein-he-tasveer-lage-toote,-devaron-par-uge-aye-ped...kota-news-25.12.2023-(2).jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। किसी परिवार के लिए एक घर उसकी सारी जिंदगी की कमाई होती है जिसे वो बड़े अरमानों के साथ सजाता और संवारता है। वहीं सरकार भी रियायती दामों पर आवासीय योजनाएं बनाकर ऐसे लोगों की मदद करती है जो खुद से मकान बनाने में अक्षम होते हैं। इसी तरह साल 2013 में नगर विकास न्यास द्वारा शहर के कंसुआ ईलाके में करीब 1 हजार फ्लैट की अर्फोडेबल आवसीय याजना बनाई ताकि मकान बनाने में अक्षम लोगों अपनी खुद की छत मिल सके। लेकिन इस आवासीय योजना की हालत अभी से खस्ता होने लगी है। मात्र 10 साल के बाद ही इस योजना में बनी बिल्डिंग की दीवारों में दरारें पड़ने के साथ ही प्लास्टर उखड़ने लगा है। इसके अलावा इसमें बनी सीवरेज लाइन का पानी भी सड़क पर आने लगा है। लोग हजारों लाखों रुपए खर्च करके अपने फ्लैटों की मरम्म करवा रहे हैं। वहीं इमारतों से हर समय प्लास्टर गिरने की संभावना बनी रहती है।</p>
<p><strong>इमारतों में उगे पेड़ बना रहे दरारें</strong><br />1 हजार से ज्यादा फ्लैटों की इस कॉलोनी की ईमारतों की तीसरी व चौथी मंजिलों पर पेड़ उग आए हैं। जो समय के साथ बड़े हो रहे हैं और इमारतों की दीवारों में दरारें पैदा कर रही हैं जो दीवारों के साथ साथ इमारत को भी कमजोर कर रही हैं। दीवारों में पेड़ उगने की घटना इमारत को बनाने में उपयोग की गई निर्माण सामग्री पर सवाल खड़ा करती है। वहीं इमारतों की दीवारों का प्लास्टर भी कमजोर होकर आए दिन गिरता है। कॉलोनी में रहने वालों का कहना है कि दीवारों पर पेड़ जब शुरू में उगने लगे तो हमने कटवा दिए लेकिन दीवार के अंदर पेड़ के बीज होने से ये फिर उग आते हैं। जिसका कोई पुख्ता इंतजाम नहीं हो पा रहा है। इसके अलावा दीवारों में सीलन की भी समस्या कॉलोनी के निर्माण के समय से ही बनी हुई है। हर बारीश के मौसम में दीवारों में सीलन होती है जिससे बदबू भी बनी रहती है।</p>
<p><strong>दीवारों का प्लास्टर भी उखड़ा</strong><br />कॉलोनी की दीवारों पर पेड़ के उगने की समस्या तो बनी ही है दूसरी तरफ इन दीवारों का प्लास्टर भी आए दिन गिरता रहता है। कई बार तो प्लास्टर कॉलानियों में रहने वालों के ऊपर ही गिर जाता है जिसके डर के कारण यहां रहने वालों ने बाहर बैठना तक बंद कर दिया है। कॉलोनी में रहने वाले अमन महावर ने बताया कि कुछ महीने पहले बी ब्लॉक में इमारत के छज्जे का प्लास्टर गिरकर नीचे गिर गया था गनीमत ये रही कि छज्ज के नीचे कोई नहीं बैठा हुआ था नहीं तो बड़ी दुर्घटना हो सकती थी। इसके अलावा कॉलोनी में सिवरेज पानी के निकास के लिए बनी लाइन से भी कई जगह पर पानी बाहर निकल रहा है, जिससे इलाके में बदबू बनी रहती है। </p>
<p><strong>कॉम्प्लेक्स बस बनकर खड़ा है</strong><br />इन सबके अलावा कॉलानी में एक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स भी बनाया गया था जिसकी बस इमारत बनकर खड़ी हुई कॉम्प्लेक्स कब चालू होगा किसी को पता नहीं है। इस कॉम्प्लेक्स में कॉलोनी में रहने वाले लोगों के लिए दुकाने लगनी थी जिनके लिए अभी तक किसी प्रकार की कोई व्यस्था नहीं की गई है। वहीं कॉलोनी के बीच स्थित सामुदायिक भवन पर भी आवारा मवेशियों व जानवरों ने डेरा डाला हुआ है। जिस पर भी किसी का ध्यान नहीं है। </p>
<p>कॉलोनी की इमारतों पर उगे पेड़ों को कई बार कटवा दिया लेकिन ये वापस उग आते हैं, इनकी जड़ों ने दीवारों में दरारें बनाना शुरू कर दिया है जो इमारत को ही कमजोर कर रही है। <br /><strong>- अमन महावर</strong></p>
<p> कॉलोनी में निर्माण के दौरान की गई लापारवाही का नतीजा आज हमें भुगतना पड़ रहा है क्योंकि प्लास्टर और सीलन के कारण बार दीवारों पर काम करवाना पड़ता है जिससे हजारों रुपए बेवजह खर्च होते हैं।<br /><strong>- बबलू कसाना</strong></p>
<p>कॉलोनी का शॉपिंग कॉम्प्लेक्स आज तक चालू नहीं हुआ है पहले इसकी इमारत बनती रही अब उसमें दुकानों के लगने का इंतजार है।<br /><strong>- राकेश व्यास</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 25 Dec 2023 21:12:09 +0530</pubDate>
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                <title>एक खत्म तो दूसरे हाथ समस्या दे दी दूसरी </title>
                                    <description><![CDATA[सड़क पर गढ्ढे और कीचड़ का मेल एक खतरनाक संजोग बना रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/one-ended-and-the-problem-was-handed-over-to-the-other/article-59770"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/ek-khtm-to-dusre-hath-samasya-de-di-dusri...kota-news-17-10-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। कैसा लगेगा आपको जब विकास कार्य करने के बाद भी समस्या खत्म होकर दूसरी समस्या पैदा हो जाए तो, जी हां हम ये सवाल इस लिए पूछ रहे हैं क्योंकि शहर के प्रमुख बाजारों में से एक गुमानपुरा में स्थित सिंधी स्कूल के पीछे ठेकेदार द्वारा सड़क तो बनाई जा रही है लेकिन सड़क के बनाने के साथ साथ सीवरेज लाइन के मेन होलों को खुला ही छोड़ दिया है। जिससे दुकानदारों को तो परेशानी हो ही रही है साथ ही आने जाने वालों को कई धिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। </p>
<p><strong>सीवरेज के गढ्डेछोड़ दिए</strong><br />ठेकेदार द्वारा यहां करीब 1 महीने पहले काम शुरू किया था तब पूरे रस्ते में ये सीसी रोड बनाना प्रस्तावित था पर रोड तो बना दिया लेकिन मेन होल कि जगह को वैसा का वैसा ही छोड़ दिया जिनकी चौड़ाई करीब 3 फुट व गहराई 5 इंच है। इन गढ्ढों में बाइक तो क्या किसी ट्रक का पहिया भी आराम से समा जाए। जिससे रात के समय में कोई भी राहगीर आसानी से इन गढ्ढों गिर सकता है और उसे गहरी चोट लग सकती है। शहर में गढ्ढों के कारण आए दिन हादसे देखने को मिलते हैं और लोग चोटिल भी होते रहते हैं फिर भी इन हादसों से सबक नहीं लेते हुए नई सड़क पर भी गढ्ढे छोड़े जा रहे हैं।</p>
<p><strong>गढ्डे और कीचड़ का खतरनाक मेल</strong><br />सड़क बनाने के पूर्व इस रस्ते पर मौजूद पूराने सीसी रोड को तोड़ा गया था जिसमें नालियां भी टूट गई थी बाद में सड़क तो बना दी लेकिन नालियां ज्यों कि त्यों ही बनी हुई है। जिस कारण इनका पानी भी सड़क पर आ रहा है और सड़क पर चारों तरफ कीचड़ का कारण बन रहा है। वहीं सीसी रोड पर की जाने वाली पानी कि तीराई भी इस समस्या को ओर बढ़ा रही है। गढ्ढे तो लागों के गिरने का कारण बन ही रहे हैं साथ ही कीचड़ कि वजह से वाहनों के फिसलने का भी डर बना रहता है। सड़क पर गढ्ढे और कीचड़ का मेल एक खतरनाक संजोग बना रहा है।</p>
<p><strong>दिन भर होती है परेशानी</strong><br />सड़क पर कीचड़ कि वजह से दिन भर परेशानी होती है पूरे पैर कीचड़ से सन जाते है और ये सारा कीचड़ जूते चप्पलों के साथ घर व दुकानों दोनों जगह जा रहे हैं। सड़क पर छूटे गढ्ढों में हर दिन व्यक्ति गिर रहे हैं। ठेकेदार से इसे ठीक करने को बोला तो उसने इसका काम अपने पास नहीं होने को बोल दिया।<br /><strong>- प्रभाकर जैन, दुकानदार </strong></p>
<p>सड़क बन रही है तो अच्छी बात है लेकिन सड़क के बनने के साथ और बड़ी समस्या आ गई है जो गंभीर नुकसान भी कर सकती है इन छूटे हुए गढ्ढों में रोज कोई ना कोई गिर रहा है और चोटिल हो रहा है रात के समय तो ये गढ्ढे बिल्कुल भी दिखाई नहीं देते।<br /><strong>- रश्मि लखवानी, निवासी</strong></p>
<p>मेरा तो यहां सामान खरीदने के लिए आना जाना रहता है पहली बार जब रोड बनने के बाद में इस सड़क पर आया तो मुझे भी पता नहीं था जिस कारण में भी गिरते गिरते बचा था। अधिकारीयों को ठेकेदार के सड़क बनाने से पहले बताना चाहिए था कि इन सिवरेज के मेनहोल को कैसे भरेंगे।<br /><strong>- राहुल सिंह, रामपुरा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Oct 2023 20:37:08 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का - एमबीएस व जेकेलोन में शुरू हुआ नाली निर्माण कार्य</title>
                                    <description><![CDATA[नवज्योति ने 24 जनवरी के अंक में प्रसूताओं पर भारी पड़ रही अव्यवस्थाओं की मार शीर्षक से खबर प्रकाशित करने के बाद प्रशासन आनन फानन में हरकत में आया और सड़क निर्माण कार्य कराया। लेकिन नालियां नहीं बनाई । 15 मार्च के अंक खबर प्रकाशित होने के बाद अब काम शुरू हुआ। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/-asar-khabar-ka---drain-construction-work-started-in-mbs-and-jkloan/article-40022"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-03/asar-khabar-ka--mbs-va-jk-lon-mei-shuru-hua-naali-nirman-karya...kota-news..16.3.2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। संभाग के सबसे बड़े एमबीएस व जेकेलोन अस्पताल में आखिरकार टूटी नालियों की सूध ले ही ली। पिछले  छह माह से टूटी नालियों का गंदा पानी रोड पर जमा हो रहा था जिससे मरीजों को परेशानी हो रही थी। सबसे ज्यादा परेशानी सेंटर लेब के सामने टूटी नाली से हो रही थी। मरीजों को गंदे पानी से होकर लेब में जांच के लिए  जाना पड़ रहा था। इस परेशानी को दैनिक नवज्योति 15 मार्च के अंक में अस्पताल की गंदगी बीमारियों का दे रही ढेर शीषर्क खबर प्रकाशित करने के बाद अस्पताल प्रशासन हरकत में आया और ठेकेदार को तुरंत टूटी नालियों के निर्माण शुरू करने के लिए कहा। बुधवार को सेंटर लेब के बाहर टूटे नाले की खुदाई करकें उससे फैल रहे पानी को रोकने के लिए सिवरेज लाइन डालने का कार्य शुरू किया। </p>
<p>उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व टूटी सड़को की परेशानी को भी नवज्योति ने प्रमुखता से उठाया था उसके बाद सड़को का निर्माण तो कर दिया लेकिन नालिया और सीवरेज का कार्य शुरू नहीं किया जिससे टूटी नालियों का गंदा पानी परिसर में जमा हो रहा था। इंदिरा रसोई के पास में नालियां नहीं होने गंदा पानी जमा हो रहा जिसमें मच्छर पनप रहे है। बुधवार को जेकेलोन व एमबीएस अस्पताल में नालों की मरम्मत का कार्य शुरू होने से लोगों ने राहत की सांस ली।  संभाग का बड़ा अस्पताल होने से कोटा, बूंदी, झालावाड़, बारां से रेफर होकर मरीज यहां इलाज के लिए आते लेकिन यहां की अव्यवस्थाओं को देखकर मरीज अपने को ठगा-ठगा सा महसूस करता है।  छह माह पहले सड़के और नालियों के बनाने के आदेश की पालना नवंबर में तो तामिल हुई वो भी आधी अधूरी। पीडब्ल्यूडी ने परिसर की खुदाई कर उसमें बड़ी गिट्टी डालकर रोलर घुमाकर छोड़ दिया। नवज्योति ने 24 जनवरी के अंक में प्रसूताओं पर भारी पड़ रही अव्यवस्थाओं की मार शीर्षक से खबर प्रकाशित करने के बाद प्रशासन आनन फानन में हरकत में आया और सड़क निर्माण कार्य कराया। लेकिन नालियां नहीं बनाई । 15 मार्च के अंक खबर प्रकाशित होने के बाद अब काम शुरू हुआ। </p>
<p><strong>लैब के बाहर जमा पानी की समस्या से मिलेगी निजात</strong><br />पिछले एक साल से सेंटर लैब के बाहर टूटी नालियों से जमा हो रहे पानी को रोकने की कवायद बुधवार को शुरू हुई। ठेकेदार ने सबसे पहले नालियों की खुदाई कर टूटे पाइप लाइन को निकाला अब यहां नई सिवरेज लाइन के पाइप डाले जाएंगे जिससे सेंटर लेब के बाहर गंदा पानी जमा नहीं होगा। पास ही बने प्याऊ और टायलेट का कनेक्शन भी सीवरेज से किया जाएगा। जिससे लोगों बदबू से दोचार नहीं होना पड़ेगा। </p>
<p><strong>नालियों के पानी से अब भी  नहीं मिली निजात</strong><br />सड़क निर्माण तो पूरा हो चुका है, लेकिन संभाग के दोनों बडेÞ अस्पातालों की गंदी नालियों और किचड़ अव्यवस्थाओं की पोल रहा है चहुंओर कीचड़ फैलने से मरीजों को अस्पताल पहुंचने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।  एमबीएस के सेंटर लेब के बाहर हर समय पानी जमा रहता है। जिससे मरीजों को गंदे पानी में होकर लेब में जांच के लिए जाना पड़ता है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Mar 2023 15:03:53 +0530</pubDate>
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