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                <title>citizen feedback - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>सफाई व्यवस्था बताने में नहीं सिटीजन की रूचि</title>
                                    <description><![CDATA[सिटीजन फीडबैक के लिए लोगों से सम्पर्क करना व अधिक से अधिक लोगों को इस बारे में बता कर उनसे फीडबैक दिलवाने का काम नगर निगम का है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/citizen-is-not-interested-in-telling-about-cleanliness/article-53969"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/safayi-vyastha-btane-me-nhi-citizen-ki-ruchi...kota-news-07-08-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। केन्द्रीय शहरी विकास मंत्रालय की ओर से हर साल होने वाले स्वच्छता सर्वेक्षण में एक चौथाई अंक जिस सिटीजन फीडबैक के है। उस बारे में बताने की रूचि शहर वासियों में दिखाई नहीं दे रही है। जबकि इसके  लिए जयपुर से भी टीम कोटा आ चुकी है। स्वच्छता सर्वेक्षण 2023 के लिए केन्द्र सरकार के शहरी विकास मंत्रालय की ओर से सिटीजन फीडबैक का लिंक जारी किया गया है। जिसे मोबाइल पर डाउनलोड करना है। उसके आधार पर व्यक्ति को अपना पंजीयन कर शहर की सफाई व्यवस्था से संबंधित पूछे गए सवालों के जवाब देने हैं। एक मोबाइल से एक बार ही फीडबैक दिया जा सकेगा।  यह साइट एक माह के लिए खुली है। 15 अगस्त तक ही फीडबैक देना है। इसमें मात्र दस दिन का समय शेष है। लेकिन हालत यह है कि अभी तक तो नगर निगम कोटा दक्षिण में यह आंकड़ा एक हजार के भी पार नहीं कर सका है। नगर निगम कोटा उत्तर में भी कमोवेश यही स्थिति है। </p>
<p><strong>जयपुर से आई थी टीम</strong><br />सिटीजन फीडबैक के लिए लोगों से सम्पर्क करना व अधिक से अधिक लोगों को इस बारे में बता कर उनसे फीडबैक दिलवाने का काम नगर निगम का है। लेकिन निगम में इतना स्टाफ व संसाधन ही नहीं है कि वे इस काम को बड़े स्तर पर कर सके। यही कारण है कि कोटा शहर की रैकिंग में सुधार के लिए अधिक से अधिक लोग सिटीजन फीडबैक का हिस्सा बन सके। इसके लिए स्वायत्त शासन विभाग जयपुर से चार सदस्यीय टीम गत दिनों कोटा आई थी। दो दिन तक टीम ने शहर के विभिन्न कोचिंग संस्थानों में जाकर लोगों को जागरूक किया और उनके मोबाइल पर एप डाउन लोड कराया। लेकिन उसके बाद भी हालत यह है कि गिनती के ही लोग अभी तक इसका हिस्सा बन सके हैं। जबकि कोटा की आबादी दस लाख से अधिक है। हर व्यक्ति स्मार्ट व एनड्रायड फोन का उपयोग कर रहा है। वरन् हर घर में जितने व्यक्ति हैं उन सभी के पास मोबाइल है। जिसमें से करीब 50 हजार से एक लाख लोग फीडबैक दे सकते हैं। जबकि अभी तक तो यह संख्या एक हजार के पार भी नहीं पहुंची है। </p>
<p><strong>जानकारी का अभाव</strong><br />नगर निगम के पार्षदों व लोगों का कहना है कि स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए सिटीजन फीडबैक  लिया जा रहा है। इसकी जानकारी ही नहीं है। नगर निगम के अधिकारियों ने लोगों को इस बारे में जागरूक ही नहीं किया है। ऐसे में लोगों को जानकारी नहीं होने से सिटीजन फीडबैक कैसे दे पाएंगे। </p>
<p><strong>नगर निगम स्टाफ तक ही सीमित</strong><br />नगर निगम कोटा उत्तर व दक्षिण की ओर से सिटीजन फीडबैक का काम कराया जा रहा है। हालांकि निगम अधिकारियों ने इसकी शुरुआत निगम कार्यालय के कर्मचारियों व अधिकारियों से की है। सेक्टरों पर जमादारों व सफाई निरीक्षकों को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। सफाई कर्मचारियों से भी सिटीजन फीडबैक कराया जा रहा है। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />सिटीजन फीडबैक के लिए केन्द्र की ओर से लिंक जारी किया गया है। उसे सभी के मोबाइल पर डाउन लोड करवाकर अधिक से अधिक लोगों से फीडबैक दिलाया जा रहा है। नगरनिगम के अधिकारी व कर्मचारियों के साथ ही सभी सफाई कर्मचारियों से सेक्टरों पर यह काम कराया जा  रहा है। जयपुर से भी डीएलबी की कोटा ने दो दिन शहर के विभिन्न कोचिंग संस्थानों में फीडबैक कराया। निगम के स्तर पर प्रयास है कि सभी व्यापार संगठनों व बड़े समूहों में जाकर फीडबैक  दिलाया जाए। लेकिन बीच-बीच में साइट में कभी सर्वर डाउन हो जाता है तो कभी साइट ही नहीं चलती। इससे समस्या हो रही है। अभी 15 अगस्त तक का समय है। फीडबैक को बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। <br /><strong>- रिचा गौतम, स्वास्घ्य अधिकारी नगर निगम कोटा दक्षिण</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 07 Aug 2023 16:44:40 +0530</pubDate>
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                <title>अपने शहर के हालातों को शहरवासी देंगे खुद रैंक</title>
                                    <description><![CDATA[नगर निगम कोटा उत्तर व दक्षिण में सिटीजन फीैडबैक का लिंक आते ही उसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/city-dwellers-will-give-their-own-rank-to-the-condition-of-their-city/article-51852"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-07/apne-sheher-k-halato-ko-sheherwasi-denge-khud-rank...kota-news-15-07-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। अपने शहर के हालातों की रैंकिंग अब आप खुद कर सकेंगे।  स्वच्छ भारत मिशन के तहत इस साल होने वाले स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए सिटीजन फीडबैक का लिंक जारी कर दिया गया है। जिसमें शहरवासी 15 अगस्त तक शहर की सफाई के बारे में फीडबैक दे सकेंगे। हर साल होने वाले स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए केन्द्रीय शहरी विकास मंत्रालय की ओर से सिटीजन फीडबैक का लिंक जारी किया जाता है। वैसे यह हर साल जनवरी से मार्च के बीच जारी हो जाता है। लेकिन इस बार यह देरी से जारी किया गया है। नगर निगम कोटा उत्तर व दक्षिण में सिटीजन फीैडबैक का लिंक आते ही उसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। </p>
<p><strong>एक बार ही फीडबैक</strong><br />सिटीजन फीडबैक का जो लिंक जारी किया गया है। उसमें शहर का हर व्यक्ति अपने मोबाइल से आॅनलाइन फीडबैक दे सकता है। लेकिन एक मोबाइल नम्बर से एक बार ही फीैडबैक दिया जाएगा। एक मोबाइल में डबल सिम होने से दूसरे नम्बर से भी फीडबैक दिया जा सकता है।</p>
<p><strong>9 प्रश्नों के देने होंगे जवाब</strong><br />सिटीजन फीैडबैक का जो लिंक जारी किया गया है। उसमें व्यक्ति अपना मोबाइल नम्बर डालेगा। उसके बाद ओटीपी आएगा। उसे डालने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होगी। उसमें शहर और सफाई से संबंधित 9 सवाल पूछे जा रहे हैं। जिनका हां या ना में जवाब देना है। जवाब पूरे होने पर उसे सबमिट करना है।ह्णसफाई कर्मचारियों व जमादारों से की शुरुआत नगर निगम कोटा उत्तर व कोटा दक्षिण ने शहर वासियों से फीडबैक लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। नगर निगम कोटा दक्षिण ने निगम के सफाई कर्मचारियों व जमादारों से स्वयं और अपने परिचित दस-दस लोगों से फीडबैक भरवाने का काम शुरु किया है। वहीं नगर निगम के कर्मचारियों से फीडबैक भरवाया जा रहा है।  </p>
<p><strong>केन्द्रीय टीम के आने  की बढ़ी संभावना</strong><br />स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत सिटीजन फीडबैक का लिंक जारी होने के साथ ही अब केन्द्रीय टीम के कोटा आने की संभावना बढ़ गई है। हालांकि टीम को काफी समय पहले ही आना था। लेकिन इस बार टीम के आने में देरी हुई है। केन्द्रीय टीम कभी भी कोटा आकर शहर की सफाई और लोगों से बातचीत कर भौतिक सत्यापन कर सकती है। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />सिटीजन फीडबैक का लिंक जारी हो गया है। जिसे नगर निगम के कर्मचारियों व सफाई कर्मचारियों से भरवाया जा रहा है। साथ ही सभी को दस से बीच अन्य लोगों से भरवाने का लक्ष्य दिया गया है। जिससे अधिक से अधिक लोग इसमें अपना योगदान दे सके। इसके अलावा शिक्षण संस्थाओं व सामाजिक संस्थाओं व व्यापार संघों के माध्यम से भी लोगों को जागरूक कर फीडबैक दिलाया जाएगा। जिससे कोटा की रैकिंग  में सुधार हो सके। शहर वासियों को 15 अगस्त तक फीडबैक देना है। सर्वेक्षण में सिटीजन फीडबैक के भी 600 अंक है। <br /><strong>- राजेश डागा, कार्यवाहक आयुक्त नगर निगम कोटा दक्षिण </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 15 Jul 2023 17:50:58 +0530</pubDate>
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                <title>अब तक नहीं शुरू हुआ सिटीजन फीडबैक लेना </title>
                                    <description><![CDATA[ इस सिटीजन  फीडबैक में नगर निगम द्वारा एप के माध्यम से शहर वासियों से आॅनलाइन सवाल पूछे जाते हैं। एप में करीब 12 से 15 सवाल होते हैं जो शहर की साफ सफाई और नगर निगम के कामकाज से संबंधित होते हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/taking-citizen-feedback-has-not-started-yet/article-40609"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-03/465465465-copy36.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। स्वच्छता सर्वेक्षण 2023 के भौतिक सत्यापन के लिए केन्द्रीय टीम का अप्रैल  में कोटा दौरा प्रस्तावित है। लेकिन अभी तक निगम अधिकारियों ने सिटीजन फीडैबक तक शुरू नहीं किया है। जबकि 95 सौ में से हर निगम को सर्वेक्षण में 2475 अंक सिटीजन फीडबैक के ही मिलेंगे। केन्द्रीय शहरी विकास मंत्रालय की ओर से हर साल होने वाला स्वच्छता सर्वेक्षण इस बार भी होने वाला है। इस बार यह सर्वेक्षण 75 सौ की जगह 95 सौ अंक का होगा। जिसमें से सिटीजन फीैडबैक के 2250 की जगह 2475 अंक निर्धारित किए गए हैं। इस सिटीजन  फीडबैक में नगर निगम द्वारा एप के माध्यम से शहर वासियों से आॅनलाइन सवाल पूछे जाते हैं। एप में करीब 12 से 15 सवाल होते हैं जो शहर की साफ सफाई और नगर निगम के कामकाज से संबंधित होते हैं। इसके लिए नगर निगम द्वारा जागरूकता अभियान चलाया जाता है। उस एप के बारे में अधिक से अधिक लोगों से जुड़कर उसमें अपनी राय देने के लिए जानकारी दी जाती है। जागरूकता के कार्यक्रम ऐसे स्थानों पर किए जाते हैं जहां अधिक से अधिक लोग इससे जुड़कर अपनी राय दे सकें।</p>
<p>नगर निगम द्वारा पूर्व के वर्षों में निगम कार्यालय से लेकर स्कूलों, कॉलेज, सरकारी व निजी  कार्यालयों और निजी कम्पनियों में जागरूकता के कार्यक्रम किए जाते हैं। इसके माध्यम से स्वच्छा सर्वेक्षण के सिटीजन फीडबैक एप की जानकारी देने और उसमें पूछे गए सवालों के जवाब किस तरह से देने  हैं उसके बारे में लोगों को जागरूकता किया जाता है। इस एप में एक मोबाइल से एक बार ही फीडबैक किया जाता है। एक व्यक्ति कई मोबाइल से फीडबैक दे सकता है। लेकिन वह अपने मोबाइल से एक बार ही फीडबैक दे सकता है। ऐसे में निगम अधिकारियों द्वारा उस जगह पर कार्यक्रम किए जाते हैं जहां अधिक से अधिक लोग अपने मोबाइल से न केवल फीडबैक दें वरन् सही जानकारी दें जिससे निगम को अंक भी अच्छे मिल सके।  शुरुआती सर्वेक्षण में कोटा नगर निगम को सिटीजन फ ीडबैक में ही अच्छे अंक मिले थे। लेकिन उसके बाद निगम अधिकारियों से लेकर पार्षदों तक ने उसमें रूचि उतनी नहीं दिखाई। जिससे इस श्रेणी में निगम को कम अंक मिलने से कोटा की रैकिंग उतनी अच्छी नहीं रह सकी। हालत यह है कि निगम ने अभी भी इस श्रेणी में अंक बढ़ाने का प्रयास ही शुरू नहीं किया है। गत वर्षों में जहां कुल सर्वेक्षण 75 सौ अंक का होता था उसे इस बार बढ़ाकर 95 सौ का कर दिया है। जिसमें सिटीजन फीडबैक के अंक भी 2250 से बढ़ाकर 2475 का कर दिया है। </p>
<p><strong>एप का लिंक ही नहीं मिला</strong><br />नगर निगम कोटा दक्षिण के उपायुक्त राजेश डागा ने बताया कि निगम ने सर्वेक्षण के लिए दस्तावेज को आॅनलाइन अपलोड करने और सफाई संबंधी कार्य तो तेज कर दिए हैं। लेकिन सिटीजन फीडबैक का काम अभी तक शुरु नहीं हो सका है। इसका कारण अभी तक सिटीजन फीडबैक वाले एप का लिंक ही नहीं मिला है। जिससे उसे जनता में शेयर किया जा सके। यह एप 15 से 20 दिन के लिए ही खुलता है। उस अवधि में ही लोगों में उसमें निर्धारित सवालों के जवाब हां या ना में देने होते हैं। </p>
<p><strong>कोटा उत्तर ने निजी कम्पनी को दिया यह काम</strong><br />नगर निगम कोटा उत्तर व कोटा दक्षिण बनने के बाद गत वर्ष पहली बार आई सर्वेक्षण रिपोर्ट में  कोटा दक्षिण की तुलना में कोटा उत्तर की रैकिंग काफी पिछड़ी थी। इसे देखते हुए इस बार कोटा उत्तर निगम ने तो निजी कम्पनी को हायर किया है। जिसमें दस्तावेज आॅनलाइन अपलोड करने के साथ ही सिटीजन फीडबैक का काम भी वही कम्पनी करेगी। लेकिन हालत यह है कि अभी तक दोनों ही निगमों में यह काम शुरू नहीं हो सका है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Thu, 23 Mar 2023 14:22:06 +0530</pubDate>
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