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                <title>cyber thug - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>cyber thug RSS Feed</description>
                
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                <title>विधायक रवीन्द्र सिंह भाटी ने सदन में उठाया साइबर ठगी का मामला, कहा- 400 लोग प्रतिदिन साइबर ठगी के हो रहे शिकार, पुलिस के पास तकनीकी व्यवस्था नहीं</title>
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                        <![CDATA[राजस्थान विधानसभा में सोमवार को विधायकों ने कई अहम मुद्दे उठाए। विधायक रवीन्द्र सिंह भाटी ने सदन में साइबर ठगी का मामला उठाया। भाटी ने कहा कि राजस्थान साइबर ठगी में देश में नम्बर वन बन गया है। ठगी के शिकार को थाने में फुटबॉल की तरह बना दिया जाता। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/mla-ravindra-singh-bhati-raised-the-issue-of-cyber-fraud/article-143348"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/vidhan-sabha1.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान विधानसभा में सोमवार को विधायकों ने कई अहम मुद्दे उठाए। विधायक रवीन्द्र सिंह भाटी ने सदन में साइबर ठगी का मामला उठाया। भाटी ने कहा कि राजस्थान साइबर ठगी में देश में नम्बर वन बन गया है। ठगी के शिकार को थाने में फुटबॉल की तरह बना दिया जाता है। पुलिस के पास तकनीकी व्यवस्था नहीं है। 400 लोग प्रतिदिन साइबर ठगी के शिकार हो रहे हैं। विधायक इंदिरा मीना ने अतिवृष्टि का मामला उठाते हुए कहा कि दो साल में फसलों को काफी नुकसान हुआ है।</p>
<p>मुआवजा वितरण में भेदभाव किया जा रहा है। भाजपा विधायक वाले क्षेत्र में मुआवजा दिया गया। पास ही कांग्रेसी विधायक है तो मुआवजा नहीं दिया। सरकार में मुआवजा भी पार्टियो में बांट दिया। विधायक नौक्षम ने उठाया सदन में बृज चौरासी परिक्रमा मार्ग में सड़क निर्माण अधूरे रहने का मामला उठाते हुए अतिक्रमण हटाने की मांग की। नौक्षम ने कहा कि सड़क को पूरा किया जाए। कठूमर विधायक राकेश खींची ने क्षतिग्रस्त सड़कों को ठीक करने की मांग की। विधायक गणेशराज बंसल ने धार्मिक स्थलों के संचालन के लिए विशेष प्रावधान की मांग की।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Feb 2026 12:50:38 +0530</pubDate>
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                <title>पाकिस्तानी युवती के प्यार में बना साइबर ठग : ऑपरेशन सिंदूर के कारण नहीं मिला वीजा तो पाक जाने में हुआ नाकाम, आरोपी रिमांड पर </title>
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                        <![CDATA[साइबर थाना पुलिस ने साइबर ठगी के आरोपी हरदीप सिंह का पाकिस्तानी युवती से प्रेम कहानी का खुलासा किया है। प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि उसकी एक पाक युवती से बातचीत होती थी, वहीं से वह उससे जुड़े अन्य लोगों के संपर्क में आया, जो साइबर हैंडलर्स थे।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/hanumangarh/cyber-thug-in-love-with-pakistani-girl-did-not-get/article-141993"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/(1200-x-600-px)-(15).png" alt=""></a><br /><p>हनुमानगढ़। साइबर थाना पुलिस ने साइबर ठगी के आरोपी हरदीप सिंह का पाकिस्तानी युवती से प्रेम कहानी का खुलासा किया है। प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि उसकी एक पाक युवती से बातचीत होती थी, वहीं से वह उससे जुड़े अन्य लोगों के संपर्क में आया, जो साइबर हैंडलर्स थे। वह लड़की से शादी के लिए पाकिस्तान जाने की तैयारी में था, लेकिन ऑपरेशन सिंदूर के कारण वीजा नहीं मिलने से दिल्ली से बैरंग लौट आया। पुलिस आरोपी को दिल्ली लेकर गई है। साइबर थानाप्रभारी रघुवीर सिंह बीका ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि आरोपी हरदीप सिंह (29) निवासी वार्ड नंबर 12 डबली बास मौलवी ने बताया कि उसकी एक पाक लड़की से फोन पर बात होती थी। वह मई 2025 में प्रेमिका से शादी के लिए पाकिस्तान जाने की तैयारी में था और अपनी मां को साथ लेकर दिल्ली में पाकिस्तानी दूतावास भी गया था। उसी दौरान ऑपरेशन सिंदूर के तहत सर्जिकल स्ट्राइक होने से वीजा नहीं मिला। इससे उसका पाक में शादी का सपना साकार नहीं हुआ। पुलिस ने उसकी मां और बहन से भी पूछताछ की तो उन दोनों ने भी यही बात बताई। आरोपी को पूछताछ के लिए 6 फरवरी तक रिमांड पर लिया गया है। </p>
<p>उल्लेखनीय है कि साइबर थाना पुलिस ने पाकिस्तान से जुड़े साइबर ठगी गिरोह का हरदीप सिंह (29) लोगों को झांसा देकर उनके बैंक खाते किराए पर लेता था और उन खातों का उपयोग पाकिस्तान में बैठे साइबर ठग गिरोह द्वारा किया जाता था। एसपी हरी शंकर ने बताया कि पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 26 पासबुक, 8 चेकबुक, 18 एटीएम कार्ड, 8 सिम कार्ड, 3 मोबाइल फोन व पाकिस्तान के दस्तावेज बरामद किए हैं। <br />जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी के खातों से 14 राज्यों में दर्ज 36 साइबर ठगी मामलों का सीधा कनेक्शन है। आरोपी से सीआईडी कार्यालय जोन श्रीगंगानगर में जेआईसी करवाई जा चुकी है। उससे पाकिस्तानी संपर्कों और गिरोह के अन्य सदस्यों को लेकर गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की भी गिरफ्तारी होगी। </p>
<p><strong>यूं हुआ खुलासा </strong><br />खाता धारक ने करवाया केस ऑपरेशन साईबर क्लीन के तहत पुलिस को पता चला कि डबलीराठान रोही में एक व्यक्ति लोगों के बैंक खाते किराए पर ले रहा है और पाकिस्तान में बैठे लोगों के साथ मिलकर साइबर फ्रॉड कर रहा है। इस बीच एक बैंक खाताधारक राजपाल सिंह की रिपोर्ट पर आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया गया। ठगी की रकम भारतीय बैंक खातों में मंगवाकर उसे इलेक्ट्रॉनिक करेंसी में बदलकर पाकिस्तान भेज दिया जाता था। प्रारंभिक पूछताछ में उसने 150 लोगों के बैंक खाते किराए पर लेना बताया है जिसमें करीब 70 की डिटेल आ चुकी है जबकि शेष को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है। </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>हनुमानगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 05 Feb 2026 14:14:22 +0530</pubDate>
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                <title>सावधान- डिलीवरी एजेंट का एक फोन कॉल खाली कर सकता है आपका बैंक खाता : राजस्थान पुलिस ने जारी की USSD स्कैम एडवाइजरी</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम थ्रेट एनालिटिक्स यूनिट ने साइबर ठगी के एक बेहद खतरनाक और नए तरीके USSD आधारित कॉल फॉरवर्डिंग स्कैम का खुलासा किया है। महानिदेशक पुलिस, साइबर क्राइम के मार्गदर्शन में जारी इस एडवाइजरी में बताया गया है कि कैसे ठग डिलीवरी एजेंट बनकर आपकी कॉल फॉरवर्डिंग के जरिए आपकी डिजिटल पहचान और जमापूंजी पर डाका डाल रहे।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/be-careful-one-phone-call-from-delivery-agent-can-empty/article-138211"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px3.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम थ्रेट एनालिटिक्स यूनिट ने साइबर ठगी के एक बेहद खतरनाक और नए तरीके USSD आधारित कॉल फॉरवर्डिंग स्कैम का खुलासा किया है। महानिदेशक पुलिस, साइबर क्राइम के मार्गदर्शन में जारी इस एडवाइजरी में बताया गया है कि कैसे ठग डिलीवरी एजेंट बनकर आपकी कॉल फॉरवर्डिंग के जरिए आपकी डिजिटल पहचान और जमापूंजी पर डाका डाल रहे हैं।</p>
<p><strong>क्या है USSD स्कैम और कैसे जाल बिछाते हैं अपराधी</strong><br />उपमहानिरीक्षक पुलिस साइबर क्राइम विकास शर्मा ने बताया कि इस नए ट्रेंड में अपराधी कूरियर या डिलीवरी सर्विस एजेंट बनकर नागरिकों से संपर्क करते हैं। वे पार्सल की डिलीवरी कन्फर्म करने या उसे रीशेड्यूल करने का बहाना बनाकर पीड़ित को झांसे में लेते हैं। इसके बाद पीड़ित को एसएमएस के जरिए एक कोड भेजा जाता है जो अक्सर '21', '61' या '67' से शुरू होता है और उसके पीछे ठग का मोबाइल नंबर होता है। अपराधी इस कोड को डायल करने का दबाव बनाते हैं, जिसे USSD (अनस्ट्रक्चर्ड सप्लीमेंट्री सर्विस डेटा) कहा जाता है।</p>
<p><strong>कॉल फॉरवर्ड होते ही ठगों के पास पहुँच जाते हैं आपके बैंक ओटीपी</strong><br />जैसे ही पीड़ित अपने फोन से यह कोड डायल करता है, उसके मोबाइल की कॉल फॉरवर्डिंग सेवा अपने आप सक्रिय हो जाती है। इसके बाद पीड़ित के फोन पर आने वाले सभी महत्वपूर्ण कॉल, बैंक पेमेंट के ओटीपी वेरिफिकेशन कॉल, और यहाँ तक कि व्हाट्सएप या टेलीग्राम के ऑथेंटिकेशन कोड सीधे ठग के फोन पर चले जाते हैं। इसका परिणाम यह होता है कि अपराधी पीड़ित के बैंक खातों से अनधिकृत वित्तीय लेनदेन कर लेते हैं और उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स को भी हैक कर लेते हैं।</p>
<p><strong>सुरक्षा के अचूक उपाय: ##002# करे डायल</strong><br />साइबर क्राइम शाखा ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान कॉलर के कहने पर कोई भी कोड डायल न करें। यदि आपको संदेह है कि आपकी कॉल फॉरवर्ड हो रही है, तो तुरंत ##002# डायल करें, जिससे सभी कॉल फॉरवर्डिंग सेवाएं तुरंत कैंसिल हो जाएंगी। इसके अलावा, किसी भी कूरियर की जानकारी हमेशा आधिकारिक वेबसाइट या कस्टमर केयर नंबर से ही वेरिफाई करें और एसएमएस या व्हाट्सएप पर आए संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें।</p>
<p><strong> धोखाधड़ी होने पर तुरंत यहाँ करें रिपोर्ट</strong><br />डीआईजी शर्मा ने स्पष्ट किया है कि बैंक द्वारा भेजे जाने वाले जागरूकता संदेशों को अनदेखा न करें। यदि किसी के साथ इस प्रकार की धोखाधड़ी होती है, तो उसे तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करना चाहिए। इसके अलावा www.cybercrime.gov.in पोर्टल पर या राजस्थान पुलिस के व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर 9256001930 और 9257510100 पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकती है.</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 03 Jan 2026 14:11:37 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur PS]]>
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                            </item>
            <item>
                <title>डिजीटल अरेस्ट के नाम पर 7.80 लाख की धोखाधड़ी : दिल्ली में बम ब्लास्ट एवं मनी लॉ्ड्रिरंग का डर दिखाकर की ठगी, 30 घंटे तक वॉट्सएप कॉल रखा चालु</title>
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                        <![CDATA[साईबर ठग ने दिल्ली में बम ब्लास्ट एवं मनी लॉ्ड्रिरंग का डर दिखाकर जिले के एक परिवार से 7 लाख 80 हजार रुपए की ठगी कर दी। इस संबंध में सत्यनारायण दोसी निवासी नरसिंह मंदिर पैलेस रोड ने साईबर पुलिस थाने में रिपोर्ट देते बताया उसके मोबाईल पर अज्ञात व्यक्ति ने वाट्सएप कॉल कर अपने आप को मुंबई का बड़ा पुलिस अधिकारी बता अपना नाम प्रेम कुमार बताया।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/banswara/fraud-of-rs-780-lakh-in-the-name-of-digital/article-133396"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/cyber-security.jpg" alt=""></a><br /><p>बांसवाड़ा। साईबर ठग ने दिल्ली में बम ब्लास्ट एवं मनी लॉ्ड्रिरंग का डर दिखाकर जिले के एक परिवार से 7 लाख 80 हजार रुपए की ठगी कर दी। इस संबंध में सत्यनारायण दोसी निवासी नरसिंह मंदिर पैलेस रोड ने साईबर पुलिस थाने में रिपोर्ट देते बताया कि 19 नवंबर को दोपहर 12 बजे उसके मोबाईल पर अज्ञात व्यक्ति ने वाट्सएप कॉल कर अपने आप को मुंबई का बड़ा पुलिस अधिकारी बता अपना नाम प्रेम कुमार बताया।</p>
<p>कुछ देर बाद प्रार्थी के वा्टसएप नंबर पर लगातार वीडियो कॉल कर बताया कि आपके खिलाफ दिल्ली में मनी लॉ्ड्रिरंग का केस हुआ है एवं दिल्ली बम ब्लास्ट में आपके मोबाईल नंबर का प्रयोग हुआ है। साईबर ठग ने 30 घंटे तक प्रार्थी व उसकी पत्नी के नंबरों पर वॉट्सएप कॉल चालु रखे और घर में ही डिजीटल अरेस्ट रखा।  इसके बाद 20 नवंबर को प्रार्थी व उसकी पत्नी को बैंक शाखा में जाने को बोला। जिस पर प्रार्थी अपनी पत्नी के साथ आजाद चौक स्थित बैंक शाखा में गये एवं एफडी तुड़वाकर राशि बचत बैंक खाते में जमा करवा दी।  </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बांसवाड़ा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 24 Nov 2025 14:04:31 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur PS]]>
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            <item>
                <title>साइबर अपराधियों पर कार्रवाई : ऑनलाइन गैमिंग में दस करोड़ की ठगी करने वाले नौ गिरफ्तार, भारी मात्रा में बैंक पास बुक चैक बुक और हिसाब के रजिस्टर बरामद </title>
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                        <![CDATA[10 करोड़ की साइबर ठगी करने वाले 9 आरोपियों को गिरफ्तार। वारदात में इस्तेमाल 56 एटीएम कार्ड, 32 मोबाइल, फर्जी कंपनी की सील और अन्य दस्तावेज बरामद। आरोपियों पर राजस्थान समेत कई राज्यों में 30 से ज्यादा शिकायतें दर्ज।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/nine-arrested-for-cheating-rs-10-crore-in-online-gaming/article-129151"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/copy-of-news-(5)15.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जयपुर दक्षिण के पत्रकार कॉलोनी और श्याम नगर थाना इलाके में पुलिस ने साइबर अपराधियों पर कार्रवाई करते हुए करीब 10 करोड़ की साइबर ठगी करने वाले नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर कब्जे से वारदात में प्रयुक्त 56 एटीएम कार्ड, 32 मोबाइल और सिमकार्ड, 11 बैंक पासबुक, पांच पेन कार्ड, लैपटॉप, फर्जी कम्पनी की सील मोहर, दो हिसाब-किताब के रजिस्टर और आठ चैक बुक बरामद किए हैं। गैंग से मिले बैंक खातों में राजस्थान, झारखण्ड़, उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, तमिलनाडु आदि राज्यों में साइबर पोर्टल पर करीब 30 से अधिक शिकायतें दर्ज है। एक साल में करीब 10 करोड़ की ठगी का खुलास हुआ है।</p>
<p><strong>बैंक खाते किराए पर लिए</strong><br />डीसीपी साउथ राजर्षि राज ने बताया कि पहली कार्रवाई में पत्रकार कॉलोनी थाना पुलिस ने रामस्वरूप उपाध्याय (30) गांव पांचू बीकानेर और कार्तिक जोशी उर्फ बिट्टू (21) गांव कालुवास डूंगरगढ़ बीकानेर को गिरफ्तार किया है। आरोपी ऑनलाइन सट्टा साइट पर गेम लगवाकर रैडी पैनल पर अज्ञात जनों से बैंक खाते किराए पर लेकर उनके नाम से मोबाइल सिम खरीदता है। जिनसे फ्रॉड की रकम को ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करता है। आरोपियों से वारदात में प्रयुक्त उपकरण और सामग्री बरामद कर ली है। जिस पर अनुसंधान जारी है। डीसीपी ने कहा कि दूसरी कार्रवाई श्यामनगर थाना इलाके में की गई।</p>
<p>जिसमें आरोपी शेख मोलाली (30) नाडियापल्ली टूटोन वैयत सर आंध्र प्रदेश, रायपुरी कुमारी (26) कुमरपल्ली एससी कॉलोनी वैयतसर, आंध्रप्रदेश, कुडडुमला पवन कुमार रैडडी (26) माडूगू जमाला बेयतसर आंध्रप्रदेश, एसएम घोष लाजम (37) दस्तीगीरपेट प्रदूदूर वैयतसर दूटेन आंध्रप्रदेश, करण सिंह (19) चतरपुरा शाहपुरा भीलवाडा हाल गांधी पथ वैशाली नगर, अमन कुमार (32) गोल्यावास मानसरोवर और संदीप उर्फ सीनू नारनोलिया (21) उदयपुरवाटी गुढागौड़जी झुन्झुनंू हाल साकेत कॉलोनी किरण पथ को गिरफ्तार किया है। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे शेयर मार्केट के नाम पर ठगी को अंजाम देते हैं। गैंग का मुख्य सरगना एसएम घोष गैंग को आन्ध्रप्रदेश से डील करता है। करीब दो करोड़ रुपए की ऑनलाइन ठगी करना कबूल किया है। इनसे वारदात में प्रयुक्त सामग्री को बरामद किया गया है।  </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Oct 2025 11:10:13 +0530</pubDate>
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                <title>साइबर अपराधियों के गिरोह का भंडाफोड़ : गैंग के सरगना समेत 6 आरोपी गिरफ्तार, 100 करोड़ से अधिक की ठगी को दे चुके है अंजाम </title>
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                        <![CDATA[इससे जहां करोड़ों रुपए की ठगी का खुलासा हुआ है, वहीं बैंकिंग सिस्टम का दुरुपयोग करने वाले बड़े नेटवर्क का भी पदार्फाश हुआ है। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/alwar/the-inter-state-gang-of-cyber-criminals-has-carried-out/article-127377"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/untitled-design-(3)7.png" alt=""></a><br /><p>रैणी (अलवर)। पुलिस ने ऑपरेशन साइबर संग्राम के तहत साइबर अपराधियों के एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह के सरगना संजय अरोड़ा समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि यह गैंग अब तक 100 करोड़ रुपए से अधिक की ठगी को अंजाम दे चुका है। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी अलवर के है, जिनमें संजय अरोड़ा, अंकित बंसल, गौरव सचदेवा, रामवीर, सतीश, प्रेम पांचाल को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी म्यूल अकाउंट और कॉपोर्रेट अकाउंट बनवाकर उन्हें कमीशन पर साइबर ठगों को उपलब्ध कराते थे। इन खातों का उपयोग करके लोगों को वर्चुअल ट्रेडिंग और क्रिप्टो करेंसी में निवेश का लालच दिया जाता और फिर उनसे करोड़ों रुपए की ठगी की जाती।</p>
<p>ठगी गई रकम को आरोपी बड़े अंतरराष्ट्रीय क्रिप्टो एक्सचेंज प्लेटफार्म के जरिये विदेशों तक पहुंचा रहे थे। पुलिस ने छापेमारी के दौरान आरोपियों के कब्जे से 7 चेकबुक, 19 एटीएम कार्ड, 20 बैंक पासबुक, 12 हस्ताक्षरित चेक, 20 मोबाइल फोन, 20 सिम कार्ड, आधार और पैन कार्ड, 3 आरसी, एक कार जब्त की है। पुलिस ने बताया कि इस कार्रवाई से साइबर अपराधियों के नेटवर्क की एक बड़ी कड़ी टूट गई है। उन्होंने कहा कि पुलिस लंबे समय से इस गिरोह की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी। ठगी का यह नेटवर्क न केवल राजस्थान बल्कि देशभर के पीड़ितों से जुड़ा हुआ है।</p>
<p>कार्रवाई साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी उपलब्धि है। इससे जहां करोड़ों रुपए की ठगी का खुलासा हुआ है, वहीं बैंकिंग सिस्टम का दुरुपयोग करने वाले बड़े नेटवर्क का भी पदार्फाश हुआ है।<br />-सुधीर चौधरी, पुलिस अधीक्षक।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>अलवर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 20 Sep 2025 11:44:50 +0530</pubDate>
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                <title>देशभर में साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम देने वाला म्युल खाता धारक गिरफ्तार, एक साल में 5.62 करोड़ की ठगी </title>
                                    <description>
                        <![CDATA[आरोपी ने कमीशन के बदले खाता दामाद चिराउद्दीन को किराए पर दिया, जिसे दामाद ने साईबर ठगों को बेच दिया। ]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/more-than-33-cyber-fraud-cases-arrested-for-the-incidents/article-127075"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/cyber-security.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। देश भर में साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम देने वाला म्युल खाता धारक मंगलवार को पुलिस के हत्थे चढ़ गया। विद्याधर नगर पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया है। आरोपी भट्टा बस्ती निवासी शकील अहमद (54) ने अक्टूबर 2023 में खाता खुलवाया, जिसमें एक साल के भीतर करीब 5.62 करोड़ की ठगी कर खाते से लेन-देन किया। डीसीपी नॉर्थ करण शर्मा ने बताया कि इसने एक अपने दामाद के साथ मिलकर एक फर्जी तरीके से फर्म रजिस्टर्ड कराई और एसबीआई बैंक सेन्ट्रल स्पाइन में खाता खुलवाया।</p>
<p>आरोपी ने कमीशन के बदले खाता दामाद चिराउद्दीन को किराए पर दिया, जिसे दामाद ने साईबर ठगों को बेच दिया। अन्य साइबर ठगी वारदातों की आशंका के चलते आरोपी से पूछताछ जारी है। </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Sep 2025 12:05:37 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>डिजिटल लिटरेसी : मोबाइल पर ओटीपी नम्बर मांग रहा है तो आप उस नम्बर शेयर मत कीजिए</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[ई-साक्षरता यू-ट्यूब चैनल पर विभाग की ओर से 73 वीडियो अपलोड किए हैं, जिसमें असाक्षर लोगों को वित्तीय, कानूनी, डिजिटल, आपदा, व्यावसायिक साक्षर करने की जानकारी दी जा रही हैं। ]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/if-digital-literacy-is-asking-for-otp-number-on-mobile/article-126593"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/0213.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। 'यदि कोई आपके पास मोबाइल पर ओटीपी नम्बर मांग रहा है तो आप नम्बर शेयर मत कीजिए...यदि आपके एटीएम कार्ड की कोई जानकारी चाह रहा है या डिजिटल अरेस्ट की धमकी देकर आपको डरा रहा है तो डरने के बजाय उसकी सूचना थाने में दीजिए...' कुछ ऐसी ही जानकारी राजस्थान साक्षरता एवं सतत शिक्षा विभाग की ओर से असाक्षर लोगों को साक्षर करने के लिए चलाए जा रहे यू-ट्यूब चैनल पर सिखाई और बताई जा रही है। दरअसल, विभाग की ओर से डिजिटल और साक्षर करने के लिए दो चैनल चलाए जा रहे हैं-ई-साक्षरता और उल्लास राजस्थान। ई-साक्षरता यू-ट्यूब चैनल पर विभाग की ओर से 73 वीडियो अपलोड किए हैं, जिसमें असाक्षर लोगों को वित्तीय, कानूनी, डिजिटल, आपदा, व्यावसायिक साक्षर करने की जानकारी दी जा रही हैं। </p>
<p><strong>वर्ष 2011 में 1.78 करोड़ असाक्षर, सभी को किया जाएगा डिजिटल साक्षर</strong><br />वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार राजस्थान में 66.11 प्रतिशत साक्षरता थी, जिसमें 52.16 प्रतिशत महिलाएं और 79.19 पुरूष शामिल थे। बाद में केन्द्र सरकार की ओर से चलाए गए 'पढ़ना-लिखना अभियान', 'उल्लास साक्षरता कार्यक्रमों' से प्रदेश में धीरे-धीरे साक्षरता दर बढ़ने लगी। वर्ष 2026-2027 में सभी को साक्षर करने के साथ ही डिजिटल रूप से सक्षम बनाया जाएगा। </p>
<p><strong>कैसे चलता है साक्षर अभियान</strong><br />विभाग की ओर से स्वयंसेवी शिक्षकों और असाक्षर (15 वर्ष से ऊपर के व्यक्ति) को साक्षर करने के लिए स्वयंसेवी शिक्षक का चयन कर उसे असाक्षर लोगाेें की सूची दी जाती है, जिसे वह निर्धारित पाठ्यक्रम और डिजिटल रूप से सिखाता है। उसके बाद उसका एक टेस्ट होता है। स्कूलों में संचालित सामाजिक चेतना लेब का उपयोग भी असाक्षर लोगाें को डिजिटल रूप से सक्षम बनाने के लिए किया जाता है। </p>
<p><strong>कुछ इस तरीके से सिखाया जाता है </strong><br />स्वयंसेवी शिक्षक मोबाइल, लेपटॉप पर ई-साक्षरता से अनार, आम या अमरूद निकालकर यह सिखाता है कि यह चित्र अनार का है, लेकिन अनार कैसे लिखते हैं? वह यह भी बताता है कि आम में आ की मात्रा कैसे लगाई जाती है? इस विधि से असाक्षर लोगांे को साक्षर किया जा रहा है।</p>
<p>विभाग दो यू-ट्यूब चैनल के माध्यम से असाक्षर लोगों को साक्षर और डिजिटल रूप से सक्षम बनाने के कार्य में जुटा है। विभाग ने 73 वीडियो अपलोड किए हैं,जिसमें सामान्य दिनचर्या और जीवन से जुड़ी अनेक छोटी-छोटी जानकारी वीडियो में दी गई हैं। आने वाले समय में सभी को डिजिटल रूप से सक्रिय किया जाएगा।<br />-स्नेहलता हारीत, अतिरिक्त निदेशक, साक्षरता एवं <br />सतत शिक्षा विभाग,जयपुरु </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 12 Sep 2025 09:30:18 +0530</pubDate>
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                <title>डिजिटल ठगों के जाल में राजस्थान : पांच साल में 19 हजार से अधिक लोग बने शिकार, देश में पांचवें स्थान पर</title>
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                        <![CDATA[राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो और साइबर क्राइम पोर्टल के अनुसार पिछले पूरे देश में 1.45 लाख से यादा डिजिटल फ्रॉड के मामले दर्ज हुए।]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rajasthan-became-more-than-19-thousand-people-in-five-years/article-125524"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/1ne1ws-(4)3.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। डिजिटल युग ने जहां आम आदमी की जिंदगी आसान बनाई है, वहीं ऑनलाइन धोखाधड़ी ने बड़ी चिंता खड़ी कर दी है। राजस्थान अब साइबर ठगों का नया टारगेट बनता जा रहा है। पिछले पांच वषार्ें में राज्य में 19 हजार से ज्यादा डिजिटल फ्रॉड के केस दर्ज हुए। केन्द्रीय वित्त मंत्रालय के अनुसार वित्त वर्ष 2024-25 में ही 5981 मामले सामने आए, जिससे राजस्थान देशभर में डिजिटल धोखाधड़ी के मामलों में पांचवें स्थान पर पहुंच गया है।</p>
<p><strong>ठगी के नए तरीके</strong><br />राजस्थान में ठग अब परिष्कृत तकनीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। सबसे ज्यादा मामले ओटीपी शेयर कराने, फर्जी केवाईसी अपडेट, नकली कस्टमर केयर नंबर, सोशल मीडिया लिंक और फर्जी मोबाइल एप्स से जुड़े हैं। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोग शिकार बन रहे हैं।</p>
<p><strong>सरकार और पुलिस की पहल</strong><br />राजस्थान पुलिस ने साइबर फ्रेंड्स और डिजिटल सुरक्षा अभियान शुरू किया है, जिसके तहत स्कूल-कॉलेजों में वर्कशॉप आयोजित हो रही हैं। साथ ही हेल्पलाइन नंबर और पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज करने की सुविधा है। बैंक और यूपीआई कंपनियां भी ग्राहकों को समय-समय पर अलर्ट संदेश भेज रही हैं।</p>
<p><strong>क्यों बढ़ रही है राजस्थान में डिजिटल ठगी</strong><br />मोबाइल इंटरनेट का तेजी से फैलाव:- गांव-गांव तक सस्ता इंटरनेट, लेकिन साइबर सुरक्षा की जानकारी सीमित।<br />जागरूकता की कमी:- ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में डिजिटल सावधानी कम।<br />बड़ी आबादी:- भौगोलिक आकार और जनसंख्या अधिक होने से ठगों के लिए आसान निशाना।<br />सीमित साइबर सुरक्षा तंत्र:- जिलों में पर्याप्त साइबर सेल और प्रशिक्षित स्टाफ का अभाव।</p>
<p><strong>राष्ट्रीय परिदृश्य</strong><br />राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो और साइबर क्राइम पोर्टल के अनुसार पिछले पूरे देश में 1.45 लाख से यादा डिजिटल फ्रॉड के मामले दर्ज हुए।</p>
<p><strong>विशेषज्ञों की राय</strong><br />विशेषज्ञ मानते हैं कि केवल पुलिस कार्रवाई से स्थिति नहीं सुधरेगी। डिजिटल इंडिया के साथ साइबर सुरक्षा और डिजिटल साक्षरता को प्राथमिकता देना जरूरी है। जागरूकता और सतर्कता ही इस ठगी से बचाव का सबसे बड़ा हथियार है। </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Sep 2025 12:03:59 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur PS]]>
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                <title>निवेशकों के लिए चेतावनी : सेबी ने जारी की एडवाइजरी फर्जी एप्स और नोटिस से बचने के लिए दिए निर्देश</title>
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                        <![CDATA[सेबी के अधिकारियों के आधिकारिक ईमेल पते, सेबी वेबसाइट में जाकर उनके नाम, ईमेल आईडी और फोन नंबर की जांच कर सकते हैं।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/warning-for-investors-sebi-issued-advisory-fake-apps-and-instructions/article-122898"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne1ws-(5)6.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। साइबर ठग निवेशकों को निशाना बनाने के नए-नए तरीके अपना रहे हैं। सोशल मीडिया प्लेटफार्म फर्जी मोबाइल एप्स और नकली यूपीआई हैंडल्स का उपयोग करके ये जालसाज सेबी (भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड) के नाम पर फर्जी नोटिस और आकर्षक रिटर्न का लालच दे रहे हैं। इसी खतरे को देखते हुए सेबी और राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने मिलकर एडवाइजरी जारी की है, जिसमें निवेशकों को साइबर धोखाधड़ी से बचने के लिए कई सुझाव दिए हैं।</p>
<p><strong>ऐसे पहचानें फर्जीवाड़ा</strong><br />सेबी के अनुसार अगर सेबी से कोई नोटिस या दस्तावेज मिलता है तो उसे सीधे सच न मानें। उसकी प्रामाणिकता की जांच करें। <br />- सेबी द्वारा जारी किए गए हर रिकवरी सर्टिफिकेट को आप उनकी वेबसाइट पर सेक्शन में जाकर सत्यापित कर सकते हैं। <br />- सेबी के हर आदेश में एक अद्वितीय दस्तावेज पहचान संख्या (यूडीआईएन) होती है। इसकी पुष्टि आप सेबी की वेबसाइट पर जाकर कर सकते हैं।<br />- सेबी के अधिकारियों के आधिकारिक ईमेल पते, सेबी वेबसाइट में जाकर उनके नाम, ईमेल आईडी और फोन नंबर की जांच कर सकते हैं।</p>
<p><strong>बचने के उपाय</strong><br />-निवेश के लिए केवल रजिस्टर्ड बैंकों से जुड़े यूपीआई हैंडल, का ही उपयोग करें।<br />-केवल उन्हीं ब्रोकर ऐप्स का उपयोग करें जो सेबी द्वारा स्टॉक एक्सचेंज पर प्रकाशित की सूची में शामिल हैं।<br />-सेबी केवल अपने रजिस्टर्ड एक्स हैंडल पर ही आधिकारिक जानकारी और सलाह देता है। अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर संदिग्ध विज्ञापनों से दूर रहें। </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 07 Aug 2025 10:20:23 +0530</pubDate>
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                <title>राजस्थान पुलिस की साइबर स्लेवरी पर बड़ी चेतावनी : विदेश में नौकरी के नाम पर बन सकते हैं साइबर ठगी का शिकार</title>
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                        <![CDATA[एमईए की आधिकारिक वेबसाइट पर पंजीकृत एजेंटों की सूची देखकर तय करें कि आपको नौकरी का आश्वासन देने वाला एजेंट वैद्य है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rajasthan-polices-big-warning-on-cyber-slavery-can-become-a/article-122251"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/cyber-fraud.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी के एक बेहद खतरनाक ट्रेंड साइबर स्लेवरी (साइबर गुलामी) को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। पढ़े-लिखे और तकनीकी रूप से सक्षम युवाओं को विदेश में आकर्षक नौकरियों का लालच देकर दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों में फंसाया जा रहा है, जहां उन्हें बंधक बनाकर जबरन साइबर धोखाधड़ी करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। एसपी साइबर क्राइम शान्तनु कुमार सिंह ने बताया कि साइबर अपराधी युवाओं को लाओस, म्यांमार और कम्बोडिया देशों में आईटी सेक्टर में सुनहरे अवसर का झांसा देते हैं। एक बार जब ये युवा वहां पहुंच जाते हैं तो उनके पासपोर्ट और अन्य पहचान पत्र छीन लिए जाते हैं और उन्हें बंधक बनाकर साइबर गुलाम बना दिया जाता है। इसके बाद उनसे साइबर धोखाधड़ी करवाई जाती है। </p>
<p><strong>सतर्क रहने की अपील</strong><br /> केवल विदेश मंत्रालय में पंजीकृत भर्ती एजेंटों द्वारा प्रसारित नौकरियों के लिए ही आवेदन करें।<br />किसी भी अवैध एजेंट या अपंजीकृत व्यक्ति की ओर से दिए जा रहे नौकरी के वादे या प्रलोभन से दूर रहें।<br />एमईए की आधिकारिक वेबसाइट पर पंजीकृत एजेंटों की सूची देखकर तय करें कि आपको नौकरी का आश्वासन देने वाला एजेंट वैद्य है।</p>
<p><strong>संदिग्ध लगने पर तुरंत करें रिपोर्ट</strong><br />यदि आपको ईमेल, व्हाट्सएप, टेलीग्राम, इंस्टाग्राम या फेसबुक पर कोई भी फर्जी लिंक, संदिग्ध नौकरी का ऑफर या असामान्य गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930, 9256001930, 9257510100, राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोटिंर्ग पोर्टल या अपने निकटतम पुलिस स्टेशन साइबर पुलिस स्टेशन में शिकायत करें। </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 01 Aug 2025 10:41:59 +0530</pubDate>
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                <title>राजस्थान पुलिस साइबर क्राइम शाखा : साइबर ठग प्रोफाइल फोटो का इस्तेमाल कर मांग रहे हैं रुपए</title>
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                        <![CDATA[वे प्रोजेक्ट से संबंधित खर्च, आपातकालीन स्थिति या सरकारी खर्च का बहाना बनाकर आमजन, कनिष्ठ अधिकारियों या कर्मचारियों को फोन/ वीडियो कॉल करते हैं और यूपीआई के माध्यम से तुरंत रुपए भेजने का निर्देश देते हैं। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rajasthan-police-cybercrime-branch-is-asking-for-money-using-cyber/article-120994"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/52634.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने आमजन को साइबर अपराधों की बढ़ती और बदलती प्रकृति के प्रति आगाह करते हुए एक नई तरह की धोखाधड़ी के संबंध में चेतावनी जारी की है जिसमें साइबर अपराधी सोशल मीडिया प्रोफाइल पर नामचीन व्यक्तियों, परिचितों, या किसी फर्म और कंपनी के मालिक की फोटो लगाकर लोगों को ठग रहे हैं। एसपी साइबर क्राइम शांतनु कुमार सिंह ने बताया कि साइबर ठगों ने नया तरीका अपनाया है। वे किसी कम्पनी, विभागों के प्रमुख, प्रतिष्ठत लोगों और किसी कंपनी के चेयरमैन/मालिक की प्रोफाइल फोटो का इस्तेमाल करते हैं और खुद को फोटो वाला व्यक्ति बताकर या  खुद को उनके अधीन काम करने वाला बताकर अपने मोबाइल नंबर से मैसेज और कॉल करते हैं।</p>
<p>ठग उस व्यक्ति को किसी बैठक में व्यस्त या आपात स्थिति में होने की बातें कर तुरंत रुपयों मांग करते हैं। वे प्रोजेक्ट से संबंधित खर्च, आपातकालीन स्थिति या सरकारी खर्च का बहाना बनाकर आमजन, कनिष्ठ अधिकारियों या कर्मचारियों को फोन/ वीडियो कॉल करते हैं और यूपीआई के माध्यम से तुरंत रुपए भेजने का निर्देश देते हैं। कई बार लोग इन निर्देशों को वास्तविक मानकर या डर के मारे ट्रांजेक्शन कर देते हैं। जब बाद में असली व्यक्तिसे संपर्क  करते है, तब तक साइबर अपराधी राशि निकाल चुके होते हैं।</p>
<p><strong>पुलिस की साइबर अपराध से बचने की सलाह</strong><br />प्रोफाइल तस्वीर देखकर झांसे में न आएं। तस्वीर को ही सत्यता का प्रमाण न मानें, अनजान के रुपए की मांग करने पर जल्दबाजी में टांस्फर नहीं करें पूरी पडताल के बाद ही कदम उठाएं, साइबर ठग अक्सर मेडिकल आपात स्थिति या समय की कमी का झांसा देकर जल्दी रुपए देने का दबाव बनाते हैं। ऐसी स्थिति में ज्यादा सतर्क रहें। ठगी का शिकार होने पर अपने नजदीकी पुलिस थाने में कार्यरत साइबर हेल्पडेस्क से संपर्क करें, पुलिस मुख्यालय की हेल्पडेस्क नंबर 9256001930, 9257510100 पर भी संपर्क किया जा सकता है। </p>]]>
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                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 19 Jul 2025 11:20:09 +0530</pubDate>
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