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                <title>advertisements - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>भ्रामक विज्ञापनों के खिलाफ कार्रवाई, सीएलसी पर 5 लाख रुपए का जुर्माना</title>
                                    <description><![CDATA[केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने सीकर की करियर लाइन कोचिंग (CLC) पर भ्रामक विज्ञापनों के मामले में 5 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। आरोप है कि संस्थान ने IIT-JEE/NEET टॉपर्स की तस्वीरें व उपलब्धियां दिखाकर कोर्स संबंधी अहम जानकारी छिपाई और चयन के दावों को साबित करने के पर्याप्त सबूत नहीं दिए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/action-against-misleading-advertisements-fine-of-rs-5-lakh-on/article-154001"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/fine.png" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">नई दिल्ली। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने भ्रामक विज्ञापनों, अनुचित व्यापार प्रथाओं और उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत उपभोक्ता अधिकारों के उल्लंघन में लिप्त पाए जाने पर सीकर स्थित करियर लाइन कोचिंग (सीएलसी) के खिलाफ 5 लाख रुपए का जुर्माना लगाते हुए अंतिम आदेश पारित किया है। यह निर्णय उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा और उन्हें बढ़ावा देने तथा यह सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है कि उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के प्रावधानों के उल्लंघन में किसी भी वस्तु या सेवा के संबंध में कोई झूठा या भ्रामक विज्ञापन न दिया जाए।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">मुख्य आयुक्त निधि खरे और आयुक्त अनुपम मिश्र की अध्यक्षता वाले सीसीपीए ने<span>  </span>करियर लाइन कोचिंग (सीएलसी), सीकर के खिलाफ आदेश पारित किए हैं। प्राधिकरण ने पाया कि कोचिंग संस्थान ने आईआईटी-जेईई और नीईटी परीक्षाओं में सफल उम्मीदवारों के नाम, फोटो और उपलब्धियों का प्रमुखता से उपयोग करते हुए बड़े-बड़े दावे किए और इन उम्मीदवारों द्वारा चुने गए विशिष्ट पाठ्यक्रमों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी छिपाई।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">सीएलसी ने विज्ञापनों में महत्वपूर्ण जानकारियां छिपाई </span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">सीसीपीए ने सीकर स्थित करियर लाइन कोचिंग (सीएलसी) द्वारा अपनी आधिकारिक वेबसाइट और समाचार पत्रों में प्रकाशित भ्रामक विज्ञापनों का स्वत: संज्ञान लिया। सीसीपीए ने पाया कि संस्थान ने सफल उम्मीदवारों की तस्वीरें प्रमुखता से प्रदर्शित कीं और साथ ही विभिन्न कक्षा कार्यक्रमों का प्रचार किया, जबकि उम्मीदवारों द्वारा चुने गए वास्तविक पाठ्यक्रमों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी छिपाई। जांच में पता चला कि संस्थान ने बार-बार अवसर दिए जाने के बावजूद अपने दावों को साबित करने के लिए दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए।<span>  </span></span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">कई छात्र जिनके नाम और तस्वीरें विज्ञापनों में इस्तेमाल की गई थीं, वे केवल परीक्षा श्रृंखला पाठ्यक्रमों में नामांकित थे, जिसे विज्ञापनों में जानबूझकर छिपाया गया था।<span>  </span>संस्थान ने एमबीबीएस, आईआईटी और अन्य संस्थानों में 1650 से अधिक सीएलसी छात्रों के अपने दावे के संबंध में विरोधाभासी रुख अपनाया। अपने लिखित बयान में संस्थान ने कहा कि यह आंकड़ा 1996 से संचयी चयन का प्रतिनिधित्व करता है, जबकि सुनवाई के दौरान उसने दावा किया कि यह आंकड़ा केवल वर्ष 2024 से संबंधित है। प्राधिकरण ने माना कि इस तरह के विरोधाभासी बयानों ने दावे को निराधार और भ्रामक बना दिया है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 16 May 2026 11:50:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>शहर बदरंग हो रहा, निगम कार्रवाई का नहीं दिख रहा असर, सार्वजनिक स्थानों को बदरंग करने का बना हुआ है सिलसिला</title>
                                    <description><![CDATA[ सबसे अधिक फ्लाई ओवरों की दीवारों और स्पान पर  विज्ञापन देखे जा सकते है। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-city-is-becoming-discolored--municipal-action-is-showing-no-effect--and-the-defacement-of-public-spaces-continues/article-133447"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/1200-x-600-px-(2)1.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। पर्यटन नगरी के रूप में विकसित हो रहे कोटा शहर को बदरंग करने वाले अभी भी समझ नहीं पा रहे है। वहीं नगर निगम द्वारा ऐसे लोगों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई का असर भी नहीं हो रहा है।नगर निगम और कोटा विकास प्राधिकरण द्वारा शहर को एक तरफ तो स्वच्छ व सुंदर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। जिसके तहत सुबह और दिन के समय ही नहीं रात के समय भी शहर के मुख्य मार्गों की सफाई करवाई जा रही है।वहीं केडीए की ओर से डिवाइडरों के पौधों की छटनी करने के साथ ही फ्लाई ओवरों की रंगाई पुताई भी करवाई जा रही है। जिससे बाहर से आने वाले पर्यटकों को शहर सुंदर दिख सके। लेकिन हालत यह है कि निगम व केडीए के प्रयासों पर कुछ संस्थाएं व लोग पानी फेरने में लगे हुए है।</p>
<p><strong>निर्धारित स्थानों के अलावा लगा रहे विज्ञापन</strong><br />शहर में नगर निगम व केडीए की ओर से विज्ञापन लगाने के लिए स्थान निर्धारित किए हुए हैं। यूनिपोल की तय किए हुए हैं। उसके बाद भी निजी संस्थाओं के अलावा आमजन भी सार्वजनिक स्थानों पर बिना अनुमति विज्ञापन या पोस्टर, बैनर लगाकर शहर को बदरंग करने में जुटे हुए हैं।</p>
<p><strong>सबसे अधिक फ्लाई ओवरों पर विज्ञापन</strong><br />शहर में वैसे तो कई जगह पर पोस्टर, बैनर व फ्लेक्स लगे हुए देखे जा सकते है। लेकिन सबसे अधिक फ्लाई ओवरों की दीवारों पर स्पान पर इस तरह के विज्ञापन देखे जा सकते है। शहर के सभी फ्लाई ओवरों की हालत खराब कर रखी है।<br />झालावाड़ रोड स्थित विज्ञान नगर का फ्लाई ओवर हो या आॅक्सीजोन के सामने मिनी फ्लाई ओवर। सिटी मॉल के सामने का फ्लाई ओवर हो या गुमानपुरा का। छावनी का फ्लाई ओवर हो या एरोड्राम का अंडरपास। सभी जगह पर पोस्टर व विज्ञापन चाहे बधाई के हैं या प्रचार के लगे हुए है।<br />झालावाड़ रोड स्थित मिनी फ्लाई ओवर की दीवार पर तो बड़े-बड़े अक्षरों में जन्म दिन की बधाई समेत बहुत कुछ लिखा हुआ है। जबकि फ्लाई ओवर के नीचे कोचिंग संस्थानों के पोस्टर चस्पा किए हुए हैं।</p>
<p><strong>निगम कर रहा सफाई</strong><br />लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा गत दिनों निगम व केडीए समेत अन्य विभागों के अधिकारियों की बैठक ली गई थी। जिसमें शहर को साफ करने के साथ ही शहर को बदरंग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने तक के निर्देश दिए थे। हालांकि अभी नगर निगम की ओर से सार्वजनिक स्थानों पर लगी प्रचार सामग्री को हटाने व साफ करने का काम किया जा रहा है। सख्ती अभी तक नहीं की गई है।</p>
<p><strong>सख्ती भी की जाएगी</strong><br />नगर निगम कोटा के आयुक्त ओम प्रकाश मेहरा ने बताया कि अभी तो निगम के स्तर पर ही प्रचार सामग्री को हटााया जा रहा है। यदि हटाने के बाद फिर से कोई उसी जगह पर पोस्टर, बैनर या पम्पलेट चस्पा करता है तो उसके खिलाफ सम्पति विरूपण अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई भी की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 24 Nov 2025 17:22:59 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>दिशा भटका रहे दिशा सूचकों पर लगे विज्ञापन</title>
                                    <description><![CDATA[दिशा सूचकों पर विज्ञापन लगाने वालों पर संबंधित विभाग द्वारा कार्यवाही नहीं करने से उनके हौंसले बुलंद हो रहे हैं।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/advertisements-on-signboards-are-misleading-people/article-94836"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-11/6630400-sizee-(3)4.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। स्मार्ट सिटी कोटा शहर को एक तरफ तो पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए स्वच्छ व सुंदर बनाने के प्रयास किए जा रहे है। वहीं दूसरी तरफ बाहर से आने वालों को जगह की जानकारी वाले दिशा सूचकों पर चस्पा बधाई विज्ञापन उन लोगों को दिशा भटका रहे हैं। शिक्षा नगरी कोटा महानगरों की तर्ज पर विकसित हो रहा है। यहां देशभर से लोग पहले तो  मेडिकल व इंजीनियरिंग की कोचिंग के लिए आ रहे थे। वहीं अब विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल चम्बल रिवर फ्रंट व आॅक्सीजोन समेत अन्य स्थलों को देखने के लिए भीआ रहे है। शहर मेंपिछले सालों में जिस तरह से हजारों करोड़ रुपए से विकास व सौन्दर्यीकरण के कार्य करवाए गए। शहर में अंडरपास व फ्लाई ओवर बनाए गए। शहर को ट्रेफिक सिग् नल फ्री शहर बनाने की दिशा में विकास कार्य करवाए गए। उसे देखते हुए काफीसमय बाद बाहर से कोटा आने वाले लोगों को कई बार तो पता हीनहीं चलता कि वह कहां आ गए और उन्हें कहां जानाहै। ऐसे मं बाहर से आने वाले लोगों को शहर के स्थलों की जानकारी के लिए सभी मुख्य प्रवेश द्वार बारां रोड, बूंदी रोड व झालावाड़ रोड के अलावा शहर के मुख्य मार्गों पर जगह-जगह गेंट्री बोर्ड(दिशा सूचक) लगाए गए हैं। जिनसे शहर का कौन का क्षेत्र किस तरफ है और उसका रास्ता किस तरफ जा रहा है। यह संकेतक के माध्यम से बताया गया है। लेकिन हालत यह है कि वर्तमान में शहर केस भी मुख्य मार्गों के दिशा सूचक इन दिनों बधाई संदेशों के विज्ञापन फ्लेक्स से अटे पड़े हैं। हालांकि दिशा सूचकों के कुछ भाग पर ही विज्ञापन लगाने की अनुमति रहती है। वह भी क्षेत्रों केनामों को छोड़कर। लेकिन शहर में जितने भी गेंट्री बोर्ड हैं उनमें से अधिकतर में पूरा बोर्ड ही विञ्जापन से कवर किए हुए हैं।  जिससे बाहर से आने वालों को जगह की जानकारी ही नहीं मिल पा रही है। </p>
<p><strong>गलत करने वालों  पर हो सख्ती</strong><br />लोगों का कहना है कि दिशा सूचक लोगों की सुविधा के लिए लगाए गए हैं। विज्ञापनों के लिए नहीं। लेकिन यदि कोई गलत तरह से उन पर विज्ञापन लगा रहा है तो उनके खिलाफ कार्यवाही की जानी चाहिए। पाटनपोल निवासी अनवर अहमद का कहना है कि दिशा सूचक दिशा बताने के लिए हैं। विज्ञापन के लिए यूनिपोल बने हुए हैं। दिशा सूचकों पर विज्ञापन लगाने वालों पर संबंधित विभाग द्वारा कार्यवाही नहीं करने से उनके हौंसले बुलंद हो रहे हैं। यदि विभाग कार्यवाही करे तो ऐसा नहीं हो सकता। बोरखेड़ा निवासी प्रियंक जैन का कहना है कि शहर में जिस तरह से विकास कार्य करवाए गए हैं। अंडरपास व फ्लाईओवर  बनाए गए हैं। उनसे बाहर से आने वाले कई बार चक्कर घिन्नीहो जाते है। ऐसे में दिशा सूचक काफी उपयोगी रहते है। बड़े शहरों में किसी भी दिशा सूचक पर विज्ञापन लगे हुए नहीं रहतेहै। संबंधित विभाग यदि गलरत तरह से विज्ञापन लगाने वालों पर जुर्माना करेगा तो इस पर रोक लग सकती है। </p>
<p><strong>इनका कहना है </strong><br />शहर में गेंट्री बोर्ड केडीए के अधिकार क्षेत्र में है। इन पर विज्ञापन लगाने के लिए संबंधित विज्ञापन एजेंसी व संवेदक को अनुमति लेनी होती है। जिसके लिए निर्धारित शुल्क भीजमा किया जाता है। लेकिन वह विञ्जापन संकेतकों को छोड़कर आधे हिस्से में ही लगाए जाते है। लेकिन कई लोग पूरे बोर्ड पर ही विज्ञापन लगा देते हैं तो यह गलत है। उन्हें संबंधित एरिया के जेईएन के माध्यम से हटवाते रहते हैं। समय-समय पर इस संबंध में कार्रवाई भी करते रहते है। साथ ही जिनके विज्ञापन कीअवधि पूरी हो जातीहै उन्हें भीहटवाते रहते हैं। <br /><strong>- सुमित चित्तौड़ा, एक्ईएन, कोटा विकास प्राधिकरण</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 Nov 2024 16:30:11 +0530</pubDate>
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                <title>विज्ञापन चस्पा कर बिगाड़ रहे शहर की सूरत</title>
                                    <description><![CDATA[नगर निगम की नाक के नीचे ही दशहरा मैदान की चार दीवारी पर ही चारों तरफ सीएडी चौराहे से किशोरपुरा थाने के सामने होते हुए साजी देहड़ा तक पम्पलेट चस्पा किए गए हैं। जिससे पूरे मैदान की सूरत ही बिगाड़ दी गई है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/spoiling-the-face-of-the-city-by-pasting-advertisements/article-40777"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-03/vigyapan-chaspa-kar-bigaad-rahe-shahar-ki-surat......kota-news..25.3.2023.jpg" alt=""></a><br /><p><br />कोटा। एक तरफ नगर निगम शहर को स्वच्छ व सुंदर बनाने के प्रयास कर रहा है। वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग सार्वजनिक स्थानों पर विज्ञापन चस्पा कर शहर की सूरत बिगाड़ने में लगे हुए हैं। शहर में सार्वजनिक स्थानों पर बिना अनुमति विज्ञापन फ्लेक्स, पोस्टर व पम्पलेट चस्पा करना गैर कानूनी है। लेकिन इसके बाद भी विभिन्न  व्यवसायिक संगठनों और संस्थाओं की ओर से जगह-जगह पर पोस्टर व पम्पलेट चस्पा किए जा रहे हैं।  हालत यह है कि ऐसा करने वालों के खिलाफ नगर निगम कार्रवाई कर रहा है। उस नगर निगम की नाक के नीचे ही दशहरा मैदान की चार दीवारी पर ही चारों तरफ सीएडी चौराहे से किशोरपुरा थाने के सामने होते हुए साजी देहड़ा तक पम्पलेट चस्पा किए गए हैं। जिससे पूरे मैदान की सूरत ही बिगाड़ दी गई है।  इतना  ही नहीं विज्ञान नगर फ्लाई ओवर के पिलरों पर भी शुरुआत से अंत तक अप्रेल में होने वाले आयोजन संबंधी पम्पलेट चस्पा किए हुए हैं। इस तरह के विज्ञापन शहर में कई जगह पर चस्पा किए गए हैं। जिनमें कोटा दक्षिण का ही क्षेत्र नहीं, कोटा उत्तर क्षेत्र में ही कई जगह पर विज्ञापन लगाए हुए हैं। </p>
<p><strong>कोटा दक्षिण ने की थी कार्रवाई</strong><br />नगर निगम कोटा दक्षिण की ओर से गत दिनों सम्पति विरूपण अभिनियम के तहत शहर की सूृरत बिगाड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। निगम के राजस्व अनुभाग की टीम ने एरोड्राम से छावनी होते हुए कोटड़ी चौराहे तक   मकानों और सार्वजनिक स्थानों पर लगे अवैध रूप से विज्ञापनों के खिलाफ नोटिस देने व जुर्माना वसूल करने तक की कार्रवाई की गई थी। उसके बाद भी लोग समझने को तैयार नहीं हैं। </p>
<p><strong>केन्द्रीय टीम का अगले माह कोटा दौरा प्रस्तावित</strong><br />इधर स्वच्छ भारत मिशन के तहत हर साल होने वाले स्वच्छता सर्वेक्षण के भौतिक सत्यापन के लिए केन्द्रीय टीम का अगले महीने 15 अप्रैल के बाद कोटा दौरा प्रस्तावित है। ऐसे में टीम शहर की साफ सफाई के साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर लगे विज्ञापनों को भी देखेगी। </p>
<p><strong>जगह-जगह विज्ञापन चस्पा करना गलत</strong><br />शहर में जगह-जगह विज्ञापन के पोस्टर व पम्पलेट चस्पा कर शहर की सूरत बिगाड़ने को शहर वासियों ने गलत बताया है। खेड़ली फाटक निवासी उमाशंकर लोधा का कहना है कि शहर हमारा है। इसे साफ रखने की जिम्मेदारी भी सभी की होनी चाहिए। शहर को गंदा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।  वल्लभ नगर निवासी आरती गर्ग का कहना है कि  विज्ञापन लगाने के लिए स्थान निर्धारित किए हुए हैं। महानगरों की तरह ही कोटा में भी निर्धारित स्थान पर ही विज्ञापन लगाए जाएं। सार्वजनिक स्थानों पर विज्ञापन लगाकर शहर को गंदा करने वालों के खिलाफ नगर निगम को कार्रवाई करनी चाहिए।  गुलाबबाड़ी निवासी योगेश जैन का कहना है कि जगह-जगह विज्ञापन चस्पा करने से शहर भट्दा नजर आता है। नगर निगम शहर को साफ रखने का प्रयास कर रहा है तो व्यवसायिक संगठनों की भी जिम्मेदारी है कि शहर को साफ रखें। </p>
<p><strong>नोटिस व जुर्माने की लगातार कार्रवाई जारी</strong><br />नगर निगम कोटा दक्षिण के उपायुक्त राजेश डागा ने बताया कि सार्वजनिक स्थानों पर विज्ञापन लगाकर शहर की सूरत बिगाड़ने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। जिसमें ऐसा करने वालों को नोटिस तो दिए ही जा रहे हैं। साथ ही उन पर जुर्माने भी किए जा रहे हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 25 Mar 2023 14:52:23 +0530</pubDate>
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