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                <title>health workers - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>लापरवाही : सड़कें, पानी, चिकित्सा व्यवस्था ठप्प </title>
                                    <description><![CDATA[प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में समय से नहीं आ रहे स्वास्थ्य कर्मी।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/negligence--roads--water--medical-system-is-stalled/article-112756"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/rtrer-(2)4.png" alt=""></a><br /><p>बूढ़ादीत। क्षेत्र की कोटाडा दीप सिंह ग्राम पंचायत में बन रही सड़क के निर्माण में देरी होने से ग्रामीणों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। पंचायत समिति सदस्य हेमंत शर्मा ने बताया कि कोटड़ा दीप सिंह में सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय से ग्राम सेवा सहकारी समिति तक सीसी रोड का निर्माण कार्य करवाया जा रहा है लेकिन ठेकेदार द्वारा काम को बीच में ही रोक दिया गया है जिससे गांव में पानी सप्लाई की लाइनें भी क्षतिग्रस्त हो गई है, जिससे गांव वालों को गर्मी के दिनों में मजबूरी में गंदा पानी पीना पड़ रहा है। जिसकी शिकायत जलदाय विभाग सुल्तानपुर को भी की गई है, लेकिन अधिकारियों की उदासीनता के कारण समस्या का कोई समाधान नहीं निकल पा रहा है।</p>
<p>निर्माण कार्य के लिए टीमें  पहुंच चुकी है एक-दो दिन में सड़क का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा, ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा।  <br /><strong>- अंकित बिंदल, अधिशासी अभियंता सार्वजनिक निर्माण विभाग</strong></p>
<p><strong>उजाड़ा में स्वास्थ्य व्यवस्था भगवान भरोसे</strong><br />बूढादीत। बूढादीत, में इन दिनों उजाड़ा क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था भगवान भरोसे से ही चल रही है। बड़ोद, कोटड़ा दीप सिंह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का पीपी मोड से हटाने के बाद से ही स्वास्थ्य व्यवस्थाएं चौपट हो गई है, इनमें ना तो पर्याप्त कर्मचारी है और जो कर्मचारी लगे हुए हैं वह भी समय पर नहीं आते। बिगड़ी हुई स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष है। क्षेत्र के कोटड़ा दीप सिंह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर कई दिनों से स्वास्थ्य कर्मियों के समय पर नहीं आने की शिकायतें मिल रही थी जिस पर पंचायत समिति सदस्य हेमंत शर्मा ने जाकर निरीक्षण किया तो सभी कर्मचारी नदारत मिले। इस बारे में जिला स्वास्थ्य अधिकारी नरेंद्र नागर से बात की तो उन्होंने बताया कि बडोद व कोटड़ा दीप सिंह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के पीपी मोड पर जाने के बाद से ही वहां पर पूरा स्टाफ हटा हुआ था, अब वापस वहां पर स्टॉप लगाया जा रहा है, इसको लेकर भी उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया हुआ है जल्द ही क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था करवा दी जाएगी। </p>
<p>जो भी कर्मचारी वहां पर लगाए हुए हैं उनको नोटिस देकर सेंटर पर रहकर ही स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए पाबंद किया जाएगा।  <br /><strong>- राजेश सांभर, ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 02 May 2025 16:00:16 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>साढ़े तीन साल से अपने हक को तरस रहे कोरोना वॉरियर्स, नहीं मिली राशि</title>
                                    <description><![CDATA[ संकट के समय स्वास्थ्य कर्मियों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की थी।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/corona-warriors-have-been-yearning-for-their-rights-for-three-and-a-half-years--did-not-receive-the-amount/article-57020"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-09/saade-teen-saal-s-apne-haq-ko-taras-rhe-corona-warriors,-nhi-mili-rashi...kota-news-13-09-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोरोना वायरस के खौफ से जब पूरी दुनिया सहम गई थी, तब फ्रंट लाइन में खड़े रहकर जानलेवा वायरस से सामना स्वास्थ्य कर्मियों ने ही किया था। माहामारी के दौर में जब अपनों ने अपनों का साथ छोड़ दिया था, तब चिकित्सक, नर्सिंग सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी ही बेसहाराओं की ढाल बने थे। संक्रमण से लड़ रहे इन कर्मचारियों के लिए देशभर में ताली से थाली तक बजी। कोरोना योद्धा का सम्मान भी मिला। खुद की जान खतरे में डाल मानवीय धर्म निभाया। संकट के समय स्वास्थ्य कर्मियों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की थी। लेकिन, साढ़े तीन साल बाद भी कोरोना वॉरियर्स को अपना हक नहीं मिला। स्वास्थ्यकर्मी अपने हक के लिए उच्चाधिकारियों से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन उन्हें अभी तक प्रोत्साहन राशि नहीं मिली। </p>
<p><strong>पिछले साल निदेशालय को भिजवाया था डाटा</strong><br />कोरोना काल में काम करने वाले वॉरियर्स की हौसला अफजाई करने और आर्थिक रूप से सहारा देने के लिए सरकार द्वारा तय की गई प्रोत्साहन राशि और  पात्र  कोरोना वॉरियर्स की सूची जिला स्वास्थ्य एवं चिकित्साधिकारी व मेडिकल कॉलेज प्राचार्य की ओर से निदेशालय को भिजवाई गई थी। हालांकि, सीएमएचओ के अधीन आने वाले अस्पतालों के पात्र चिकित्सा एवं स्वास्थ्यकर्मियों को प्रोत्साहन राशि मिलने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। ऐसे में उन्हें जल्द ही पैसा मिल जाएगा। वहीं, मेडिकल कॉलेज में संभाग के सबसे बड़े सुपरस्पेशलिस्ट चिकित्सालय में बने कोविड सेंटर में कार्यरत चिकित्साकर्मियों को नहीं मिला। </p>
<p><strong>कलक्टर से सीएमएचओ तक लगाई गुहार</strong><br />राजस्थान नर्सेज एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष बेनीप्रसाद मीणा ने बताया कि कोविड के दौर में जब अपने अपनों का साथ छोड़ दिया था तब नर्सिंगकर्मी ही था जो उनका सहारा बना। रुटीन में 8 घंटे डयूटी करने वाले कर्मियों ने 12 से 15 घंटे बिना डरे आमजन की सेवा की। हालांकि, यह मानव धर्म था और उसी के मद्देनजर काम किया। सरकार ने वॉरियर्स को प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की थी। इसके लिए निदेशालय ने सीएमएचओ को जिले के सरकारी अस्पतालों में कार्यरत कोरोना वॉरियर्स की संख्या और कितना पैसा दिया जाना है, इसकी सूचना मांगी जा रही, जो निदेशालय को भिजवा दी गई। इसके बावजूद अभी तक सुपरस्पेशलिस्ट चिकित्सालय में बने कोविड सेंटर में कार्यरत चिकित्साकर्मियों को उनका हक नहीं मिला। </p>
<p><strong>किसे कितनी मिलनी है प्रोत्साहन राशि</strong><br />कोरोना वैश्विक महामारी में राज्य सरकार ने डॉक्टर्स के लिए 5 हजार और नर्सिंगकर्मी, एएनएम, एलएचवी, टैक्निशियन, वाहन चालक, वार्डबॉय, सफाईकर्मियों को एकमुश्त 2500 रुपए देना तय किया था। जिसका इंतजार हजारों कर्मचारियों को करना पड़ रहा है। </p>
<p>पिछले साल हमने पात्र कोरोना वॉरियर्स व उनके मिलने वाली राशि की सूची बनाकर निदेशालय से बजट की डिमांड की थी। जहां से बजट ट्रेजरी में आ गया। इस संबंध में संबंधित चिकित्साकर्मियों के बिल बनाकर ट्रैजरी में भेज दिए हैं। जल्द ही वॉरियर्स को प्रोत्साहन राशि मिल जाएगी। <br /><strong>- डॉ. जगदीश सोनी, सीएमएचओ कोटा</strong></p>
<p>मैं अभी कार्यक्रम में हूं, इस संबंध में जानकारी गुरुवार तक दे पाएंगे। <br /><strong>- डॉ. संगीता सक्सेना, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज कोटा</strong></p>
<p><strong>क्या कहते हैं नर्सिंगकर्मी  </strong><br />पूर्व में जिला कलक्टर, मेडिकल कॉलेज प्राचार्य और सीएमएचओ तक को ज्ञापन देकर अवगत करा चुके हैं। लेकिन, अभी तक वॉरियर्स को प्रोत्साहन राशि नहीं मिली।  जबकि, कोरोना काल के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा एक और घोषणा की थी, जिसके तहत आईसीयू में काम करने वाले चिकित्साकर्मियों को 200 रुपए प्रतिदिन एवं कोविड जनरल वार्ड सहित अन्य जगह ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों को 100 रुपए प्रतिदिन देने की घोषणा की थी। इसके बावजूद मेडिकल कॉलेज कोटा के कोविड वार्ड में कार्यरत कर्मचारियों को आज तक पैसा नहीं मिला। <strong>- बैनी प्रसाद मीणा, जिलाध्यक्ष राजस्थान नर्सेज एसोसिएशन कोटा  </strong></p>
<p>प्रोत्साहन राशि के इंतजार में साढ़े तीन साल बीत गए लेकिन अब तक हक नसीब नहीं हुआ। जब लोग घरों से बाहर निकलने में कतराते थे, उस दौर में हम संक्रमण के बीच अपना फर्ज निभाने से पीछे नहीं हटे। 24 घंटे काम करने वाले स्वास्थ्यकर्मी अपने हक के लिए तरस रहे हैं। पूर्व में उच्चाधिकारियों को लिखित में ज्ञापन देकर मांगों से अवगत कराया। इसके बावजूद मेडिकल कॉलेज में कार्यरत कोरोना वॉरियर्स को प्रोत्साहन राशि नहीं मिली। <br /><strong>-हनुमान मीणा, प्रदेश सह संयोजक, राजस्थान नर्सेज एसोसिएशन</strong></p>
<p>महामारी के दौर में नर्सिंग सहित अन्य चिकित्साकर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डाल मरीजों की सेवा की थी। सरकार ने प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की जो आज तक नहीं मिली। इससे कर्मचारियों में निराशा है। हमने हक के लिए  उच्चाधिकारियों को लिखित में पत्र देकर गुहार लगाई, आश्वासन मिले लेकिन हक का पैसा नहीं मिला। <br /><strong>- सीपी बैरवा, महासचिव, राजस्थान नर्सेज एसोसिएशन</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 Sep 2023 18:09:51 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>3 साल से कोरोना वॉरियर्स का हक दबाकर बैठे चिकित्सा अधिकारी</title>
                                    <description><![CDATA[खुद की जान खतरे में डाल मानवीय धर्म निभाने वाले स्वास्थ्य कर्मियों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की थी। लेकिन, तीन साल बाद भी कोरोना वॉरियर्स को अपना हक नहीं मिला। चिकित्सा अधिकारी कुंडली मार प्रोत्साहन राशि को दबाए बैठे हंै। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/medical-officer-sitting-by-suppressing-the-rights-of-corona-warriors-for-3-years/article-40779"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-03/3-saal-se-corona-warriors-ka-hak-dabakar-baidhe-chikitsa-adhikari...kota-news..25.3.2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। जब कोरोना वायरस के खौफ से जब पूरी दुनिया सहम गई थी, तब फ्रंट लाइन में खड़े रहकर जानलेवा वायरस से सामना स्वास्थ्य कर्मियों ने ही किया था। माहामारी में अपनों ने अपनों का साथ छोड़ दिया था, तब नर्सिंगकर्मी ही बेसहाराओं की ढाल बने थे। संक्रमण से लड़ रहे इन कर्मचारियों के लिए देशभर में ताली से थाली तक बजी। कोरोना योद्धा का सम्मान भी मिला। खुद की जान खतरे में डाल मानवीय धर्म निभाने वाले स्वास्थ्य कर्मियों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की थी। लेकिन, तीन साल बाद भी कोरोना वॉरियर्स को अपना हक नहीं मिला। सरकार स्वास्थ्यकर्मियों को उनका हक देना चाहती लेकिन चिकित्सा अधिकारी कुंडली मार प्रोत्साहन राशि को दबाए बैठे हंै। </p>
<p><strong>अधिकारियों की मंशा पर संदेह</strong><br />कोरोना काल में काम करने वाले वॉरियर्स की हौसला अफजाई करने और आर्थिक रूप से सहारा देने के लिए सरकार द्वारा तय की गई प्रोत्साहन राशि अभी तक किसी भी कर्मचारी को नहीं दी गई है। ऐसे में काम करने वाले वॉरियर्स में हताशा है। जबकि, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य निदेशालय 24 मार्च 2020 से ही सूचना मांग रहा है। इसके बावजूद सीएमएचओ द्वारा जिले के सम्पूर्ण वॉरियर्स और प्रोत्साहन राशि का डाटा नहीं भेजा गया। जिसकी वजह से चिकित्सा कर्मियों को तीन साल से उनका हक नहीं मिल रहा। ऐसे में अधिकारियों की मंशा पर संदेह उठ रहा है। </p>
<p><strong>कलक्टर से सीएमएचओ तक लगाई गुहार</strong><br />राजस्थान नर्सेज एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष गजेंद्र सामरिया, जयेश मार्ग, हनुमान मीणा का कहना है, कोविड़ के दौर में जब अपने अपनों का साथ छोड़ दिया था तब नर्सिंगकर्मी ही था जो उनका सहारा बना। रुटीन में 8 घंटे डयूटी करने वाले कर्मियों ने 12 से 15 घंटे बिना डरे आमजन की सेवा की। हालांकि, यह मानव धर्म था और उसी के मद्देनजर काम किया। सरकार ने वॉरियर्स को प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की। इसके लिए निदेशालय वर्ष 2020 से अब तक सीएमएचओ के नाम 4 बार पत्र भेज जिले के सरकारी अस्पतालों में कार्यरत कोरोना वॉरियर्स की संख्या और कितना पैसा दिया जाना है, इसकी सूचना मांगी जा रही लेकिन वे सूचनाएं निदेशालय को नहीं भिजवा रहे। नतीजन, कोविड का समय निकले तीन साल हो गए, इसके बावजूद हमें हमारा हक नहीं मिल रहा।</p>
<p><strong>अधिकारियों की लापरवाही पर निदेशालय ने जताया खेद</strong><br />निदेशालय द्वारा लगातार सूचनाएं मांगने के बावजूद अधिकारियों द्वारा जानकारी उपलब्ध नहीं करवाए जाने पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं जयपुर के निदेशक ने 8 मार्च 2023 को सीएमएचओ के नाम अति आवश्यक स्मरण पत्र जारी किया। जिसमें कहा गया कि 18 मई 2022 को प्रोत्साहन राशि के संबंध में सूचना मांगी थी, जिसे पांच दिन बाद यानी 23 मई को भेजी जानी थी। लेकिन, अफसोस की बात है कि बार-बार लिखे जाने के बाद भी सीएमएचओ द्वारा सूचनाएं नहीं दी जा रही। इसके बाद वर्तमान सीएमएचओ जगदीश सोनी ने 8 मार्च को न्यू मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा कर्मियों को छोड़कर अन्य अस्पतालों के वॉरियर्स की सूचना और 28 लाख की डिमांड भेज दी। उनका कहना था कि मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य से सूचना देने को कहा था लेकिन उन्होंने नहीं दी।   </p>
<p><strong>इन्हें मिलनी है प्रोत्साहन राशि</strong><br />कोरोना वैश्विक महामारी में राज्य सरकार ने डॉक्टर्स के लिए 5 हजार और नर्सिंगकर्मी, एएनएम, एलएचवी, टैक्निशियन, वाहन चालक, वार्डबॉय, सफाईकर्मियों को एकमुश्त 2500 रुपए देना तय किया था।</p>
<p><strong>अधिकारियों के बयानों में विरोधाभास</strong><br /><strong>मेडिकल कॉलेज प्राचार्य ने नहीं भेजी उनकी सूचना</strong><br />हाल ही में 8 मार्च को निदेशालय से वॉरियर्स की संख्या और उन्हें मिलने वाली प्रोत्साहन राशि का डाटा के संबंध में पत्र मिला था। हमारे पास हमारा  डेटा था लेकिन न्यू मेडिकल कॉलेज के स्वास्थ्यकर्मियों की कोई जानकारी नहीं थी।  ऐसे में हमने मेडिकल कॉलेज को छोड़कर हमारे पास उपलब्ध कोरोना वॉरियर्स का डेटा निदेशालय को भिजवा दिया। हमने 28 लाख की डिमांड भेजी है। <br /><strong>- डॉ. जगदीश सोनी, सीएमएचओ कोटा</strong></p>
<p><strong>हम सीएमएचओ को सूचना भेज चुके</strong><br />हमने कोरोना माहामारी में तैनात मेडिकल कॉलेज के 375 स्वास्थ्य कर्मियों की सूची और उनको मिलने वाली प्रोत्साहन राशि की सूचना सीएमएचओ को भिजवा दी है। पहले भी सूचना भेजी गई थी अब दोबारा भी भेज दी गई है। वैसे, इसके बारे में मुझे ज्यादा जानकारी नहीं है। <br /><strong>- डॉ. संगीता सक्सेना, प्राचार्य न्यू मेडिकल कॉलेज कोटा</strong></p>
<p><strong>सूचना भेजी या नहीं कन्फर्म नहीं</strong><br />कोरोना वॉरियर्स को लेकर सीएमएचओ और प्राचार्य द्वारा सूचना तो मांगी गई थी लेकिन भेजी गई है या नहीं, यह कन्फर्म सोमवार को आॅफिस खुलने पर सिस्टम में देखकर ही बता पाऊंगा। <br /><strong>-डॉ. रामप्रसाद मीणा, अधीक्षक नवीन चिकित्सालय मेडिकल कॉलेज कोटा</strong></p>
<p><strong>कलक्टर से सीएमएचओ तक गुहार, किसी ने नहीं सुनी</strong><br />इस संबंध में जिला कलक्टर, मेडिकल कॉलेज प्राचार्य और सीएमएचओ तक को ज्ञापन देकर अवगत करा चुके हैं। लेकिन, अभी तक वॉरियर्स की सूचना निदेशालय को नहीं भेजी जा रही है। जबकि, निदेशालय 24 मार्च 2020 से ही कोरोना वॉरियर्स की सूचना मांग रहा है। अब तक सीएमएचओ के नाम 4 बार पत्र जारी हो चुके हैं। चिकित्सा अधिकारी अपनी जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डोल रहे हैं। एडीएम सिटी ने भी सीएमएचओ को फोन कर निर्देशित कर दिया था। वहीं, दो बार सीएमएचओ को ज्ञापन दे चुके हैं, इसके बावजूद संज्ञान नही लेना दुर्भाग्यपूर्ण है। कोरोना योद्धाओं को अतिशीघ्र प्रोत्साहन राशि का वितरण करवाना चाहिए।<br /><strong>- बैनी प्रसाद मीणा, जिलाध्यक्ष राजस्थान नर्सेज एसोसिएशन कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 25 Mar 2023 14:52:50 +0530</pubDate>
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