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                <title>fire system - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>सेठी कॉम्पलेक्स अग्निकांड : बंद फायर सिस्टम के हाईड्रेंट में भरे मिले नींबू-मिर्ची</title>
                                    <description><![CDATA[पुरोहित जी का कटला स्थित सेठी कॉम्पलेक्स में आगजनी के दौरान फायर फाइटिंग सिस्टम की खामियां सामने आईं। हाइडेंट में नींबू-मिर्ची और कपलिंग गायब मिलने से आग बुझाने में सात घंटे लगे। अतिक्रमण के कारण दमकल वाहन भी मौके तक नहीं पहुंच सके। हादसे में 20 से अधिक दुकानों का सामान जला। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/sethi-complex-fire-stopped-lemon-and-chillies-found-filled-in/article-165987"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-09/111200-x-600-px)-(5)25.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। पुरोहित जी का कटला के पास स्थित सेठी काम्पलेक्स में हुए अग्निकांड में फायर फाईटिंग सिस्टम के हाईडेंट में नीबू एवं मिर्ची भरी मिली। इसके साथ ही मौके पर कपलिंग भी गायब मिलने से आगजनी की घटना को रोकने में दोगुना से अधिक समय लगा और करीब सात घंटे में आग पर काबू किया। इससे बीस से अधिक दुकानों में रखा सामान स्वाहा हो गया। राजस्थान राज्य मानवाधिकारी आयोग के अध्यक्ष जस्टिस जीआर मूलचंदानी ने भी घटनास्थल का दौरा किया और अव्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी जताई।</p>
<p>पुरोहित जी का कटला में लगे फायर फाईटिंग सिस्टम में हाईडेंट में कपलिंग तक खोल रखी थी जिसके चलते हॉज पाईप भी नहीं लग पाए। इसके साथ ही घाटगेट पर बनाए गए होज से पुरोहित जी का कटला तक अंडरग्राउंड लाईन डाली हुई है और वहां तीन पम्प हाउस बने हुए हैं। करीब डेढ़ किमी लंबी अंडरग्राउंड लाईन में कहीं न कहीं लीकेज होने की वजह से नोजल काम ही नहीं आए। इसके साथ ही बाजार में अतिक्रमणों के चलते फायर ब्रिगेड की गाडियां भी मौके पर नहीं पहुची और मुख्य सड़क से फाइप ले जाने में समय लगने से घटना बड़ी हो गई और बीस से अधिक दुकानों में रखा करोडों का सामान जल कर राख हो गया।</p>
<p><strong>अब प्रमुख बाजारों एवं बहुमंजिला बिल्डिंगों की होगी जांच :</strong></p>
<p>नगर निगम के मुख्य अग्निशमन अधिकारी देवेन्द्र मीणा ने बताया कि सेठी कॉम्पलेक्स में हुई आगजनी के बाद मौका निरीक्षण किया गया। भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावूति नहीं हो इसके लिए शहर के प्रमुख बाजारों के साथ ही बहुमंजिला बिल्डिंगों में फायर उपकरणों की जांच कराई जाएगी। जहां उपकरण खराब है और एनओसी नहीं ले रखी हे उनके खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p><strong>स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत बनाया गया था प्रोजेक्ट :</strong></p>
<p>पुरोहित जी का कटला की तंग गलियों एवं भीड़-भाड़ वाले इलाके में आगजनी की संभावित घटनाओं की रोकथाम के लिए स्मार्टसिटी परियोजना के तहत जनवरी 2021 में करीब चार करोड की लागत से यह प्रोजेक्ट को स्वीकृत किया गया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 19 Sep 2026 11:06:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पार्श्वनाथ अपार्टमेंट में 600 परिवारों की जान से किया जा रहा खिलवाड़, दिखावे के लिए लगा है फायर सिस्टम </title>
                                    <description><![CDATA[फायर सिस्टम दिखावे का, नहीं ले रखी फायर एनओसी।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/600-families-lives-are-being-played-with-in-parsvanath-apartment/article-101098"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/257rtrer-(2)19.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नांता स्थित पार्श्वनाथ अपार्टमेंट में रहने वाले 600 परिवारों की जान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। इस मल्टीस्टोरी में फायर सिस्टम दिखावे के लिए लगा हुआ है। पिछले कई सालों से यहां फायर एनओसी तक नहीं है। साथ ही आग लगने पर दमकलों के अंदर पहुंचने का पर्याप्त रास्ता तक नहीं है। इस 9 मंजिला आवासीय अपार्टमेंट में करीब 800 फ्लैट बने हुए हैं। जिनमें से वर्तमान में यहां करीब 600 फ्लैट में परिवार रह रहे है। बिल्डर प्रदीप दाधीच व प्रकाश जैन ने  इतनी बड़ी बिल्ड़िंग तो बना दी लेकिन उसमें रहने वालों की सुरक्षा पर कोई ध्यान नहीं दिया। लाखों रुपए में एक फ्लैट लेने वाले लोग यहां सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आए थे लेकिन हालत यह है कि यहां आग लगने की यदि कोई घटना हो जाती है तो उसे बुझाने के सिस्टम तक काम नहीं कर रहे है। सिस्टम लगे हुए तो है लेकिन उनका उपयोग तक करना लोगों को नहीं आता है। </p>
<p>दो दिन पहले रात के समय बिल्डिंग की छत पर रखे स्क्रेप में अचानक आग लग गई थी। आग इतनी अधिक भीषण थी कि उससे वहां रहने वाले लोगों में अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि जिस समय यह हादसा हुआ उस समय अधिकतर लोग अपने घरों पर जगे हुए थे। जिससे समय रहते सभी लोग घरों से बाहर निकलकर नीचे कम्पाउंड में आ गए थे। वहीं सूचना पर जब नगर निगम की दमकल मौके पर पहुंची तो उसे बिल्डिंग के अंदर जाने तक का रास्ता नहीं मिला। नगर निगम कोटा उत्तर की सहायक अग्निशमन अधिकारी सीता चौपदार रात को ही मौके पर पहुंची थी। उन्होंने बताया  कि छत पर करीब एक ट्रक से ज्यादा कबाड़ रखा हुआ था। वहां फायर सिस्टम तो लगा हुआ  था लेकिन संभवत: वह कार्यशील अवस्था में नहीं था। जिससे  बिल्ड़िंग में रहने वालों ने ही फायर सिस्टम के पाइप को फोड़कर पानी डाककर आग बुझाई। उन्होंने बताया कि यदि यह हादसा देर रात को या किसी फ्लैट में हो जाता तो बड़ा हादसा हो सकता  था। एएफओ चौपदार ने बताया कि जिस समय दमकल मौके पर पहुंची तो उस समय बिल्डिंग का गेट इतना संकरा था कि वहां से दमकल अंदर नहीं जा सकती थी। गेट के आधे हिस्से में वाहनों को रोकने के लिए बेरियर लगा हुआ था। साथ ही बिल्डिंग के मल्टी स्टोरी होने से वहां हाइड्रोलिक दमकल से ही आग बुझाई जा सकती है। लेकिन पर्याप्त सैटबैक तक नहीं होने से हाइड्रोलिक दमकल को ही अंदर घूमने तक में परेशानी होगी। </p>
<p><strong>नहीं है फायर एनओसी</strong><br />नगर निगम कोटा उत्तर के फायर अनुभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार  पार्श्वनाथ अपार्टमेंट को फिलहाल एनओसी जारी नहीं की गई है।  यहां एनओसी के लिए अगस्त 2020 में आवेदन किया गया था। लेकिन एनओसी जारी नहीं की गई। नगर निगम कोटा उत्तर/दक्षिण के सीएफओ राकेश  व्यास ने बताया कि वे अवकाश पर है। शुक्रवार को कोटा आएंगे। उसके बाद देखकर ही बता पाएंगे। वैसे बिल्डिंग में फायर सिस्टम लगा हुआ है। शुरुआत में बिल्डर ने फायर एनओसी ली थी। लेकिन उसके बाद सोसायटी वालों ने एनओसी ली या नहीं  इसकी जानकारी नहीं है। </p>
<p><strong>सोसायटी में तीन गेट, दमकल जाने की जगह</strong><br />अपार्टमेंट में 799 फ्लैट बने हुए है।जिनमें से वर्तमान में करीब 600 फ्लैट में लोग रह रहे है। सोसायटी का पंजीयन 2019 में रजिस्ट्रार कार्यालय में कराया गया था। बिल्डिंग की छत पर स्क्रेप में आग लगने का कारण फिलहाल पता नहीं चल सका है। उसके लिए सीसीटीवी कैमरे देखे जाएंगे। साथ ही जिनका कबाड़ है उन्हें दोबारा से छत पर कबाड़ नहीं रखने के लिए पाबंद किया है। साथ ही बिल्डिंग में तीन गेट है। जहां से दमकल आसानी से जा सकती है। हो सकता है रात के समय दमकल जिस गेट की तरफ से आई हो वह बंद हो। लेकिन दमकल को अंदर जाने की पर्याप्त जगह है।  <br /><strong>- राजकुमार सोनी, अध्यक्ष, पार्श्वनाथ अपार्टमेंट वेलफेयर सोसायटी </strong></p>
<p><strong>बिल्डिंग 2019 में ही सोसायटी को हैंडओवर</strong><br />बिल्डिंग  बनाने के समय यहां पूरा फायर सिस्टम लगाया गया था। बिना फायर एनओसी के सरकारी प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकती है। बिल्डिंग के अधिकतर मकान बिकने के बाद इसे वर्ष 2019 में सोसायटी को हैंड ओवर कर दी थी। उसके बाद सोसायटी वालों ने फायर एनओसी ली या नहीं इसकी जानकारी मुझे नहीं है।  कुछ समय पहले जानकारी जरूर मिली थी कि फायर अनुभाग ने यहां फायर सिस्टम का भौतिक सत्यापन किया था। <br /><strong>- प्रदीप दाधीच, बिल्डर,पार्श्वनाथ अपार्टमेंट नांता</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Jan 2025 15:42:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>असर खबर का - फायर सिस्टम जांच में रेत की बाल्टी तक नहीं मिली </title>
                                    <description><![CDATA[ फायर उपकरण लगवाकर फायर एनओसी के लिए आवेदन करने के निर्देश दिए गए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-news---even-sand-bucket-was-not-found-in-fire-system-investigation/article-48657"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-06/asar-khabar-ka---fire-system-jaanch-me-ret-ki-balti-tak-nhi-mili...kota-news-13-06-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम कोटा दक्षिण की अग्निशमन अनुभाग टीम ने सोमवार को जवाहर नगर व इलेक्ट्रोनिक्स कॉम्पलेक्स में हॉस्टलों व मैस में आग से सुरक्षा के संसाधनों की जांच की। जांच में अधिकतर जगह पर फायर सिस्टम तो दूर रेत की बाल्टी तक नहीं मिली। इस पर टीम ने 15 हॉस्टलों व एक मैस संचालक को नोटिस जारी किए हैं। नगर निगम कोटा दक्षिण के सीएफओ राकेश व्यास के नेतृत्व में फायर टीम सबसे पहले विज्ञान नगर स्थित इलेक्ट्रोनिक्स कॉम्पलेक्स में निमित हॉस्टलों में पहुंची। एक के बाद एक करीब आधा दर्जन वाहनों में सवार होकर फायर अनुभाग के साथ ही निगम के अतिक्रमण अनुभाग की टीम वर्दी पहनकर जब वहां पहुंची तो उस क्षेत्र में हडकम्प मच गया। टीम ने वहां एक के बाद एक गर्ल्स व बॉयज करीब 14 हॉस्टलों की जांच की। जाच के दौरान अधिकतर हॉस्टलों में तो फायर सिस्टम ही नहीं मिले। सीएफओ राकेश व्यास ने बताया कि इस क्षेत्र में हॉस्टल तो 5 से 8 मंजिल तक के बने हुए हैं। जिनमें कोचिंग विद्यार्थियों की संख्या 100 से 200 के बीच है। लेकिन उनकी हालत यह है कि उनमें से अधिकतर में फायर सिस्टम ही लगे हुए नहीं हैं। जहां लगे हुए हैं तो वहां कार्यशील अवस्था में नहीं मिले। कहीं उपकरणों में जंग लगा हुआ था तो कहीं अवधि पार सिलेंडर मिले। हालत यह थी कि कई हॉस्टलों में तो इतने अधिक बच्चे होने के बावजूद आग लगने की घटना होने पर उसे बुझाने के लिए रेत से भरी एक बाल्टी तक नहीं मिली। टीम में आपदा प्रबंधक के अध्यक्ष योगेन्द्र शर्मा व एफओ अब्दुल मतीन मंसूरी भी रहे। इसके बाद टीम यहां से जवाहर नगर पहुंची। वहां एक हॉस्टल व एक मैस की जांच की गई। वहां भी आग से सुरक्षा के कोई संसाधन नहीं मिले। सुबह 11.30 से दोपहर 3 बजे तक की गई जांच के दौरान सभी हॉस्टलों में कमियां ही कमियां मिली। सीएफओ राकेश व्यास ने बताया कि जांच के दौरान फायर उपकरण नहीं मिलने वाले सभी 15 हॉस्टल व एक मैस संचालक को मौके पर ही नोटिस जारी किए गए। जिन्हें 7 दिन में फायर उपकरण लगवाकर फायर एनओसी के लिए आवेदन करने के निर्देश दिए गए।  व्यास ने बताया कि इलेक्ट्रोनिक्स कॉम्पलेक्स समेत अन्य स्थानों पर हॉस्टलों में आग से सुरक्षा उपकरणों की जांच का यह अभियान लगातार जारी रहेगा। </p>
<p><strong>नवज्योति ने प्रकाशित किया था मामला</strong><br />गौरतलब है कि इलेक्ट्रोनिक्स कॉम्पलेक्स व रीको इंडस्ट्रीयल एरिया समेत शहर के अधिकतर स्थानों पर अवैध रूप से हॉस्टल बनने व उनमें से अधिकतर में आग से सुरक्षा के संसाधन नहीं होने का मामला दैनिक नव’योति ने उठाया था। समाचार पत्र में 2 जून को पेज 2 पर ‘इंडस्ट्रीेयल एरिया में खड़ी हो गई आवासीय हॉस्टल की मंडी’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। इस मामले को निगम के फायर अनुभाग ने गम्भीरता से लेते हुए इन क्षेत्रों में हॉस्टलों की जांच का अभियान शुरू किया है। वहीं इस मामले में स्थायी लोक अदालत में जनहित याचिका भी पेश की गई थी। जिस पर अदालत ने नोटिस जारी कर जवाब तलब किया था। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 13 Jun 2023 14:28:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का - नगर निगम आयुक्त और मुख्य अग्निशमन अधिकारी को नोटिस जारी कर जवाब तलब </title>
                                    <description><![CDATA[दुकानदारों ने ना तो फायर सिस्टम लगा रखे हैं और नहीं नगर निगम कोटा आयुक्त द्वारा कई वर्षों से फायर सिस्टम की जांच की गई हैं। स्थिति ऐसी है कि आग लगने पर नगर निगम की छोटी दमकलें तक इन बाजारों में नहीं घुस सकती हैं उन्हें जाने तक का रास्ता तक नहीं है जिससे आम लोगों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/--asar-khabar-ka---issued-notice-to-municipal-commissioner-and-chief-fire-officer-and-summoned-reply/article-43136"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-04/asar-khabar-ka---nagar-ayukt-aur-mukhy-agnishaman-adhikari-ko-notice-jari-kar-javab-talab-kiya-hai...kota-news-18-04-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। स्थाई लोक अदालत ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कोटा शहर में बनी दुकानों पर फायर सिस्टम नहीं होने के मामले में आयुक्त नगर निगम कोटा उत्तर, दक्षिण  तथा मुख्य अग्निशमन अधिकारी को नोटिस जारी कर 26 अप्रैल तक जवाब तलब किया है। इस मामले को लेकर दैनिक नवज्योति ने समाचार प्रकाशित किया था। इसके बाद  एडवोकेट लोकेश कुमार सैनी ने न्यायालय में एक जनहित याचिका पेश की थी।  जिसमें बताया गया के पुराने कोटा शहर में अधिकतर मार्केट बहुत सकड़े हैं, जहां पर दुकानें  पास-पास में बनी हुई हैं और फायर सिस्टम तक नहीं लगे हैं। जहां लगे हुए हैं वह कार्यरत  भी नहीं है।  कहीं पानी का अभाव है तो कहीं और होलरील पाइप ही  नहीं हंै,  ऐसे में आग लगने की घटना होती है तो बड़ा नुकसान होने की पूरी संभावना है । याचिका में बताया गया कि  कोटा में भी सब्जी मंडी स्थित न्यू क्लॉथ मार्केट में सभी दुकानें कपड़े की हैं जो भी पास पास और काफी संख्या में है जहां पर आग से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम तक नहीं है।, किसी भी दुकान में फायर सिस्टम तक नहीं लगा हुआ है पानी का हाइड्रेंट भी नहीं है जहां पर रोजाना हजारों खासकर महिलाओं की भीड़ रहती है।  ऐसे में आग की घटना होने व भगदड़ मचने और लोगों  की जान को खतरा बना रहता है। इससे कुछ दूर इंद्रा मार्केट जो भी काफी सकड़ी है यहां की गलियां इतनी तंग है कि वहां दिन के समय ग्राहक अधिक होने से दोपहिया वाहन आसानी से नहीं निकल पाते हैं। उक्त मार्केट में भी अधिकतर कपड़े और महिलाओं से संबंधित सामानों की दुकानें अधिक है, यहां भी आग की सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं है। इसी प्रकार बजाज खाना पूरा कपड़ा मार्केट है।  यहां मकानों दुकानों में कटले बने हुए हैं, जो एक के अंदर एक हैं, वह भी काफी सकड़ी जगह पर हैं कई लोगों ने वहां कपड़ों और साड़ियों के गोदाम बना रखे हैं अधिकतर दुकानों में फायर  सिस्टम तक नहीं है ऐसे में यहां आग की  घटना होने पर करोड़ों का नुकसान होने निश्चित है।  साथ ही तंग गलियों होने से दमकल तक पहुंचने में जगह तक नहीं है घंटाघर, शास्त्री मार्केट ,ठठेरा गली एवं बर्तन बाजार सहित कई अन्य बाजार भी इसी तरह से बने हुए हैं दुकानदारों ने ना तो फायर सिस्टम लगा रखे हैं और नहीं नगर निगम कोटा आयुक्त द्वारा कई वर्षों से फायर सिस्टम की जांच की गई हैं। स्थिति ऐसी है कि आग लगने पर नगर निगम की छोटी दमकलें तक इन बाजारों में नहीं घुस सकती हैं उन्हें जाने तक का रास्ता तक नहीं है जिससे आम लोगों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है।  इस मामले में अदालत ने गंभीरता से लेते हुए नगर निगम आयुक्त व सीएफओ को नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब किया है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 18 Apr 2023 14:30:09 +0530</pubDate>
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